
✍️ भागीरथी यादव
सुकमा।
नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में सुरक्षाबलों ने माओवादियों के खिलाफ बड़ी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए उनकी अवैध ऑर्डिनेंस फैक्ट्री को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया है। घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ियों की आड़ में संचालित यह फैक्ट्री नक्सल हिंसा की रीढ़ मानी जा रही थी, जहां से हथियार और विस्फोटक बनाकर नक्सली दस्तों तक पहुंचाए जा रहे थे।
यह बड़ी सफलता 21 दिसंबर 2025 को सुकमा जिले में चलाए जा रहे एंटी-नक्सल ऑपरेशन के तहत मिली। G/F कंपनी 150वीं बटालियन सीआरपीएफ और जिला पुलिस बल सुकमा की संयुक्त टीम ने पुख्ता खुफिया सूचना के आधार पर ग्राम मीनागट्टा क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। अभियान के दौरान जंगल के भीतर पहाड़ी इलाके में छिपाकर बनाई गई नक्सलियों की हथियार निर्माण फैक्ट्री का खुलासा हुआ। सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी कर फैक्ट्री को पूरी तरह निष्क्रिय कर दिया।
हथियारों और विस्फोटकों का बड़ा जखीरा बरामद
ऑर्डिनेंस फैक्ट्री से सुरक्षा बलों को भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक और निर्माण उपकरण मिले हैं, जिनमें—
8 सिंगल शॉट राइफल
12 बोर के 15 कारतूस
5 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर
30 मीटर कॉर्डेक्स वायर
30 मीटर सेफ्टी फ्यूज
2 किलोग्राम पीईके विस्फोटक
1 किलोग्राम एएनएफओ विस्फोटक
10 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट
8 वायरलेस वीएचएफ सेट
हथियार बनाने की मशीनें, गन पार्ट्स
नक्सली वर्दी व वर्दी निर्माण सामग्री
मल्टीमीटर, वेल्डिंग मशीन, कटर मशीन
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस फैक्ट्री से क्षेत्र में सक्रिय नक्सली दस्तों को लगातार हथियार और विस्फोटक सप्लाई किए जा रहे थे, ताकि सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाया जा सके और इलाके में दहशत कायम रखी जा सके।
एसपी किरण चव्हाण बोले— शांति और विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं
सुकमा पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने इस कार्रवाई को नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा—
“सुकमा पुलिस और सुरक्षा बल बस्तर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। नक्सलियों की हिंसक विचारधारा और उनके सप्लाई नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेंगे।”
आंकड़े बताते हैं— दबाव में नक्सली संगठन
पुलिस आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024 से अब तक सुकमा जिले में
599 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं,
460 माओवादी गिरफ्तार किए गए हैं,
जबकि 71 माओवादी मुठभेड़ों में मारे गए हैं।
ये आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि सुरक्षाबलों की सख्त कार्रवाई से नक्सली संगठन कमजोर पड़ता जा रहा है।
हिंसा छोड़ें, मुख्यधारा से जुड़ें— एसपी की अपील
एसपी किरण चव्हाण ने नक्सलियों से अपील की है कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति और विकास का मार्ग अपनाएं तथा ‘पूना मार्गेम पुनर्वास से पुनर्जीवन’ अभियान के तहत आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटें।
सुकमा में ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के ध्वस्त होने से माओवादियों की कमर टूटती नजर आ रही है और बस्तर में स्थायी शांति की दिशा में यह कार्रवाई एक मजबूत कदम मानी जा रही है।






