
पाली/कोरबा, प्रतिनिधि—ज्ञान शंकर तिवारी
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) इकाई पाली द्वारा वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई जयंती को स्त्री शक्ति दिवस के रूप में उत्साहपूर्वक मनाया गया। नगर में नारी शक्ति, बहनों एवं कार्यकर्ताओं ने ओजस्वी जयघोष के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली, जिसने पूरे क्षेत्र में मातृशक्ति के सम्मान का संदेश दिया।

आयोजन के अंतर्गत मंचीय कार्यक्रम का भी भव्य आयोजन किया गया, जिसमें संगोष्ठी, वेशभूषा प्रतियोगिता और भाषण प्रतियोगिता शामिल रहे। कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रतिभागियों को प्रतीक चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम की मुख्य वक्ता अभाविप विभाग छात्रा प्रमुख रायगढ़ हेमपुष्पा भगत रहीं। उन्होंने रानी लक्ष्मीबाई के साहस, त्याग और नेतृत्व क्षमता पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए कहा कि लक्ष्मीबाई का जीवन चरित्र नारी शक्ति का सर्वोच्च प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हर बालिका और नारी को उनके संघर्ष और पराक्रम से प्रेरणा लेनी चाहिए।
मुख्य अतिथि पार्षद एवं पीआईसी सदस्य श्रीमती दीप्ति दीपक शर्मा ने कहा कि आज की नारी अब अबला नहीं, बल्कि पूर्णतः सशक्त है। शिक्षा, खेल, राजनीति और सामाजिक गतिविधियों में महिलाएँ श्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए बड़े दायित्वों का निर्वहन कर रही हैं।
विशिष्ट अतिथि पार्षद एवं पीआईसी सदस्य श्रीमती ज्योति ऊईके ने स्त्री शक्ति के महत्व पर बोलते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण आत्मनिर्भरता, निर्णय क्षमता और समाज के विकास में सक्रिय योगदान का प्रतीक है।
विद्यार्थी विस्तारक प्रदीप साहू ने छात्र हित और समाज सेवा में अभाविप द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से पूर्व अभाविप कार्यकर्ता दीपक शर्मा, नगर मंत्री विकास मानिकपुरी, सहमंत्री आयुष जायसवाल, तथा जमुना, प्रतीक, दुर्गा, नेहा ग्रेवाल, हेमा डिक्सेना, काजल ग्रेवाल, सलोनी डिक्सेना, मनीषा, दीपांशु डिक्सेना, समीर, मोनिशा चौबे सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
अभाविप द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम नारी शक्ति, राष्ट्रभक्ति और युवाओं में प्रेरणा का संदेश देने में सफल रहा।






