
कोरबा/कटघोरा, 30 अक्टूबर 2025:
छत्तीसगढ़ में जोहार छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढ़ी क्रांति सेना के प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल के विवादित बयान ने सामाजिक और राजनीतिक हलकों में तूफान खड़ा कर दिया है। उनके बयान से अग्रवाल और सिंधी समाज में भारी नाराजगी देखी जा रही है। दोनों समाजों ने इसे अपमानजनक और असंवेदनशील करार देते हुए बघेल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और FIR दर्ज करने की मांग की है।
बताया जा रहा है कि हाल ही में छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति खंडन की घटना के बाद जोहार छत्तीसगढ़ और क्रांति सेना के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान अपनी प्रतिक्रिया देते हुए अमित बघेल ने अग्रवाल और सिंधी समाज को लेकर विवादित टिप्पणी कर दी, जिसमें उन्होंने समाज के आराध्य देवता के प्रति भी अभद्र शब्दों का प्रयोग किया।
इस टिप्पणी के बाद दोनों समाजों में गहरा आक्रोश फैल गया।

कटघोरा में उबाल — थाने तक पहुंचा विरोध
कटघोरा में आज सुबह अग्रवाल और सिंधी समाज के सैकड़ों लोग अग्रसेन भवन में एकत्र हुए। यहां से दोनों समाजों ने आक्रोश रैली निकालते हुए मुख्य मार्ग से होते हुए कटघोरा थाना पहुंचे।
रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की और थाना प्रभारी धर्मनारायण तिवारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि अमित बघेल के खिलाफ FIR दर्ज की जाए और उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि “किसी भी समाज के भगवान या आराध्य के प्रति अपमानजनक टिप्पणी कदापि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।”
प्रमुख समाजजन रहे शामिल
आक्रोश रैली में अग्रवाल समाज से —
पवन अग्रवाल (अध्यक्ष), अभिषेक गर्ग (सचिव), रामनाथ अग्रवाल (संरक्षक), सागरमल धनोदिया (संयोजक), रतन मित्तल, राकेश अग्रवाल (कोषाध्यक्ष), हितेश अग्रवाल (मीडिया प्रभारी), अजय धनोदिया, कृष्ण गोपाल मित्तल, जयभगवान जिंदल, रमेश गर्ग, बजरंग अग्रवाल, लक्ष्मी गर्ग सहित कई सदस्य शामिल रहे।
वहीं सिंधी समाज से —
रमेश वाटवानी (अध्यक्ष), सुनील दुहलानी, नानक राम पंजवानी, रॉकी जगवानी, मनीश दुहलानी, तुलसी राजपूत, दिल्लू सचदेव, अनिल असनानी, जीतू बहरानी, पंकज रत्नानी, अनिल आलवानी, लक्की दुहलानी, मूलचंद, अशोक मलानी, लक्की आलवानी, भरत सचदेवा, पंकज दुहलानी, महेश वाधवानी, पप्पू वाधवानी समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
प्रशासन सतर्क — शांति की अपील
कटघोरा पुलिस प्रशासन ने स्थिति पर करीबी नजर रखी हुई है। थाना प्रभारी ने लोगों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की है। हालांकि, अब तक पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
इस विवाद ने प्रदेश में सामाजिक सौहार्द और राजनीतिक समीकरणों पर गहरा असर डाला है। अब सबकी नजर प्रशासन की कार्रवाई और अमित बघेल के अगले कदम पर टिकी है।






