
✍️ सुशील जायसवाल
📍 कोरबा, कोरबी-चोटिया
कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा जनपद क्षेत्र में जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) मद से होने वाले विकास कार्यों के आवंटन को लेकर जनप्रतिनिधियों में नाराजगी खुलकर सामने आई है। जनपद पंचायत सदस्यों ने आरोप लगाया है कि कार्यों के वितरण में भेदभाव किया जा रहा है और उन्हें लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।
इसी मुद्दे को लेकर जनपद उपाध्यक्ष प्रकाश चंद जांगड़े के नेतृत्व में सदस्यों ने कलेक्टर के नाम अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए अपने-अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों की स्वीकृति की मांग की।
❗ “जनता को क्या जवाब दें?”
ज्ञापन में सदस्यों ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा जिला पंचायत और उच्च पदाधिकारियों के माध्यम से कार्य स्वीकृत किए जा रहे हैं, जबकि जनपद सदस्य—जो सीधे गांवों से जुड़े जनप्रतिनिधि हैं—उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि एक जनपद सदस्य औसतन 5 से 6 ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी संभालता है, जहां की जनता अपनी मूलभूत समस्याओं को लेकर सीधे उनके पास पहुंचती है। लेकिन बजट और कार्य स्वीकृति के अभाव में वे खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं।
⚖️ समान अधिकार की मांग
जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि DMF मद के कार्यों के आवंटन में उन्हें भी समान प्राथमिकता दी जाए, ताकि वे अपने क्षेत्रों में विकास कार्य कर सकें और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतर सकें।
🤝 एकजुट हुए जनप्रतिनिधि
इस विरोध में जनपद पंचायत अध्यक्ष मधुरी सिंह, उपाध्यक्ष प्रकाश चंद जांगड़े सहित आयुष तंवर, विजय दुबे, दुर्गेश डिक्सेना, शिवमशोर लकरा, ममता पुठुप, आनंद आयाम, संतोष मरावी, पवन पोया, जवाहर बिंझवार, छतर पाटले, फूलकुंवर पावले, कमला पेंड्रो, श्यामा पेंड्रो, भरत सिदार, तिवारी मरावी, साहेब लाल और रघुराज सिंह समेत कई सदस्य शामिल रहे।
⚠️ दी चेतावनी
जनपद सदस्यों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उन्हें विकास कार्यों में उचित भागीदारी नहीं दी गई, तो वे क्षेत्र की जनता के हित में आगे की रणनीति बनाने को बाध्य होंगे।
