भदरापारा–बालकों मार्ग की बदहाल सड़क पर युवा कांग्रेस का हल्ला बोल, एक दिवसीय धरना प्रदर्शन
✍️ भागीरथी यादव कोरबा। कोरबा विधानसभा क्षेत्र के भदरापारा से बालकों जाने वाली सड़क की दयनीय स्थिति को लेकर मंगलवार को जिला युवा कांग्रेस कोरबा (शहर) ने पीसीसी सचिव विकास सिंह के नेतृत्व में जोरदार धरना–प्रदर्शन किया। बड़े-बड़े गड्ढों से भरी यह सड़क स्थानीय निवासियों के लिए रोजाना जोखिम का कारण बनी हुई है, बावजूद इसके जिला एवं निगम प्रशासन अब तक सुधर कार्य शुरू नहीं कर पाया है। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में युवा कांग्रेस कार्यकर्ता व स्थानीय निवासी जुटे और प्रशासन की उदासीनता के खिलाफ जमकर नारेबाजी की “राजस्व देने में आगे, सड़क सुधार में पीछे कोरबा”— विकास सिंह मीडिया से बात करते हुए पीसीसी सचिव विकास सिंह ने कहा कि “कोरबा प्रदेश का सबसे अधिक राजस्व देने वाला जिला है, लेकिन यहां की सड़कों की हालत सबसे खराब है। हर दिन दुर्घटना का खतरा बना रहता है, फिर भी प्रशासन आंख बंद किए बैठा है। युवा कांग्रेस जनता की इस लड़ाई को जारी रखेगी।” पांचवें चरण का प्रदर्शन – नाथूलाल यादव डीसीसी अध्यक्ष नाथूलाल यादव ने बताया कि यह धरना प्रदर्शन सड़क सुधार की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन का पाँचवां चरण है। इससे पहले गौ माता चौक, बलगीख़ार, दादर और रिश्दी चौक में भी धरना दिया जा चुका है। उन्होंने कहा, “कोरबा के अधिकांश वार्डों की सड़कों की हालत जर्जर है, लेकिन निगम प्रशासन अब भी सोया हुआ है।” “आवश्यक हुआ तो आमरण अनशन और चक्काजाम”— कृपाराम साहू नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहू ने चेतावनी दी कि यदि सड़क मरम्मत की मांग को गंभीरता से नहीं लिया गया तो युवा कांग्रेस आमरण अनशन, चक्काजाम और मंत्री–महापौर का घेराव करने बाध्य होगी। हर ब्लॉक में धरना, पर सुनवाई नहीं— राकेश पंकज युवा कांग्रेस अध्यक्ष राकेश पंकज ने कहा कि पिछले एक सप्ताह से हर ब्लॉक में सांकेतिक धरना दिया जा रहा है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला। “यदि मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो उग्र आंदोलन होगा,” उन्होंने कहा। धरना में बड़ी संख्या में लोग शामिल धरना प्रदर्शन में मुख्य रूप से डीसीसी अध्यक्ष नाथूलाल यादव, नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहू, पार्षद बद्री किरण, दुष्यंत शर्मा, जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष राकेश पंकज, देवीदयाल सोनी, पवन विश्वकर्मा, पंचराम आदित्य, राजू बर्मन, अजीत बर्मन, मधुर दास महंत, विवेक श्रीवास, कमलेश गर्ग, बाबिल मिरि, अमित सिंह, नारायण यादव, चिराग अग्रवाल, निर्मल राज, प्रहलाद साहू, पुष्पा पात्रे, सोनू सिंह सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, जिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस और महिला कांग्रेस के पदाधिकारी मौजूद रहे।
कोरबा में टूटी सड़कों पर उबाल — रिस्दी चौक में युवा कांग्रेस का जोरदार धरना, प्रशासन को घेरा
✍️ भागीरथी यादव कोरबा। कोरबा विधानसभा क्षेत्र के रिस्दी चौक में पीसीसी सचिव विकास सिंह के मार्गदर्शन और जिला युवा कांग्रेस कोरबा (शहर) के नेतृत्व में गुरुवार को सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर एक दिवसीय धरना–प्रदर्शन आयोजित किया गया। बालकों तक जाने वाली मुख्य सड़क लंबे समय से जर्जर है, जिसमें बड़े-बड़े गड्ढों के कारण प्रतिदिन दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। स्थानीय निवासी कई बार जिला प्रशासन और नगर निगम को अपनी समस्या से अवगत करा चुके हैं, लेकिन अब तक मरम्मत का कोई कार्य शुरू नहीं किया गया है। युवाओं के नेतृत्व में आयोजित इस आंदोलन में जिला प्रशासन और निगम प्रशासन को “नींद से जगाने” के लिए जोरदार नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सड़क की बदहाली अब जनता की सहनशक्ति से बाहर हो चुकी है। मीडिया से चर्चा के दौरान पीसीसी सचिव विकास सिंह ने कहा— “कोरबा की अधिकतर सड़कें जर्जर हो चुकी हैं। जनता की परेशानी ना प्रशासन को दिख रही है और ना ही निगम जाग रहा है। लेकिन युवा कांग्रेस सड़कों की लड़ाई लगातार लड़ती रहेगी। जनता की समस्या को अनदेखा नहीं होने देंगे।” वहीं डीसीसी अध्यक्ष नाथूलाल यादव ने बताया कि यह आंदोलन सड़क सुधार की मांग का चौथा चरण है। उन्होंने कहा— “हम पहले गौ माता चौक, बलगीख़ार, और दादर क्षेत्र सहित कई जगहों पर आवाज़ उठा चुके हैं, लेकिन प्रशासन और निगम ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। जब तक सड़कें ठीक नहीं होंगी, हमारा संघर्ष जारी रहेगा।” धरना प्रदर्शन में डीसीसी अध्यक्ष नाथूलाल यादव, नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहू, राजेंद्र सिंह ठाकुर, प्रदीप जायसवाल, पवन विश्वकर्मा, युवा कांग्रेस अध्यक्ष राकेश पंकज, विवेक श्रीवास, अजीत बर्मन, सुनील निर्मलकर, अमित सिंह, अशोक सोनवानी, नीलांबर कंवर, आकाश प्रजापति, नितेश यादव, मिनकेतन गंभेल, पिंटू जांगड़े, साहिल कुरैशी, नारायण यादव, सोनू सिंह सहित बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी, जिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस और महिला कांग्रेस के पदाधिकारी उपस्थित रहे। स्थानीय जनता की मांग है कि जिला प्रशासन और नगर निगम तत्काल जर्जर सड़क की मरम्मत शुरू करे, अन्यथा आंदोलन और उग्र रूप ले सकता
मुज़फ़्फरपुर में संदिग्ध हालात में चौकीदार की मौत, परिजनों ने हत्या का लगाया आरोप
सूत्रों के मुताबिक कई अहम सुराग पुलिस के हाथ लगे मुज़फ़्फरपुर जिले के गायघाट थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक चौकीदार का शव संदिग्ध परिस्थिति में बरामद होने से सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान बेनीबाद थाना अंतर्गत सुस्ता चट्टी में तैनात चौकीदार रमेश सिंह के रूप में हुई है। उनका शव घर के बरामदे में पड़ा मिला, जबकि गले में रस्सी बंधी हुई थी। चेहरे का रंग काला पड़ चुका था और जीभ बाहर निकली हुई थी, जिससे परिवार के लोग हत्या की आशंका जता रहे हैं। ◼ पत्नी कर रही थी कॉल, नहीं मिला जवाब सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रमेश सिंह की पत्नी नीतू कुमारी दो दिनों से उन्हें फोन कर रही थीं, लेकिन रिस्पॉन्स न मिलने पर उन्हें शक हुआ। वह मायके में बच्चों के साथ थीं और रमेश सिंह घर पर अकेले रह रहे थे। जब फोन नहीं उठा तो इसकी सूचना पुलिस को दी गई। ◼ रविवार को दिखे थे जिंदा, मौत दो दिन पहले होने की आशंका स्थानीय लोगों के मुताबिक रविवार को रमेश सिंह को घर के बाहर टहलते हुए देखा गया था। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि उनकी मौत दो दिन पहले हुई होगी। परिजनों का कहना है कि जिस स्थिति में शव मिला, वह आत्महत्या की ओर इशारा नहीं करता। ◼ एफएसएल टीम मौके पर, कई अहम सुराग बरामद गायघाट पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। एफएसएल की टीम ने भी घटना स्थल से कई महत्वपूर्ण नमूने और सुराग एकत्रित किए हैं, जिनके आधार पर मौत की वजह स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए एसकेएमसीएच भेज दिया है। ◼ पिता की मौत के बाद अनुकंपा पर मिली थी नौकरी रमेश सिंह अपने पिता की मृत्यु के बाद अनुकंपा के आधार पर बहाल हुए थे। परिवार पहले ही दुखों से जूझ रहा था। एक साल पहले उनकी मां का भी निधन हो चुका था। ◼ पुलिस ने कहा—“सभी कोणों से जांच जारी” गायघाट थाना पुलिस का कहना है कि घटना के हर पहलू की जांच की जा रही है। परिजनों के आरोपों और एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना से पूरे क्षेत्र में शोक और दहशत फैल गई है। परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं, जबकि पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मौके से मिले सुरागों के आधार पर अगले कदम तय करेगी।
आईआईटी दिल्ली में देश का पहला Gen Z थीम आधारित डाकघर शुरू
✍️ भागीरथी यादव भारतीय डाक का अभिनव कदम, छात्रों के सहयोग से बना आधुनिक ‘स्मार्ट पोस्ट ऑफिस’ नई दिल्ली। भारतीय डाक ने युवाओं की जरूरतों और नई पीढ़ी की कार्यशैली को ध्यान में रखते हुए देश का पहला जेन-जी थीम आधारित डाकघर आईआईटी दिल्ली परिसर में शुरू किया है। बुधवार को संचार मंत्रालय द्वारा जारी बयान में बताया गया कि यह डाकघर पूरी तरह छात्रों के सहयोग से डिजाइन किया गया है और इसे एक जीवंत, तकनीक-सक्षम व आधुनिक केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। डाकघर में वाई-फाई जोन, आईआईटी फाइन आर्ट्स सोसाइटी की आकर्षक ग्रैफिटी और कलाकृतियां, आधुनिक सौंदर्यशास्त्र, स्मार्ट सर्विस टचपॉइंट्स, क्यूआर आधारित पार्सल बुकिंग, तथा छात्रों के लिए विशेष स्पीड पोस्ट डिस्काउंट जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की पहल पर भारतीय डाक शैक्षणिक परिसरों के पोस्ट ऑफिस को युवा–केंद्रित नवाचार केंद्रों के रूप में विकसित कर रहा है। इसी क्रम में 15 दिसंबर 2025 तक देशभर के 46 कैंपस डाकघरों को नए स्वरूप में प्रस्तुत किया जाएगा। इस मॉडल की खासियत है छात्रों की सक्रिय भागीदारी। यहां विद्यार्थी ब्रांड एम्बेसडर, पोस्ट ऑफिस डिजाइन पार्टनर और सोशल मीडिया आउटरीच टीम के रूप में काम कर रहे हैं। पहली बार देश में स्टूडेंट फ्रैंचाइज़ मॉडल भी आईआईटी दिल्ली में लॉन्च किया गया है, जिसके तहत छात्रों को डाक संचालन का वास्तविक अनुभव मिलेगा और उनमें उद्यमिता को प्रोत्साहन मिलेगा। छात्रों के लिए विशेष ब्रांडेड पार्सल पैकिंग सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे वे तकनीक-आधारित तेज और सरल पार्सल सेवा का लाभ उठा सकेंगे। यह नया डाकघर न सिर्फ पारंपरिक डाक सेवाओं का आधुनिक रूप है, बल्कि शैक्षणिक परिसरों में युवाओं के साथ डाक विभाग के नए युग की शुरुआत भी करता है।
देश में दवा सुरक्षा पर कड़ी निगरानी: अक्टूबर 2025 में 211 दवा नमूने फेल, बिहार–दिल्ली से स्प्यूरियस दवाएं बरामद
✍️ भागीरथी यादव नई दिल्ली। देश में दवाओं की गुणवत्ता को लेकर केंद्रीय और राज्य औषधि नियामक संस्थान सख्त रुख अपनाए हुए हैं। इसी क्रम में केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने अक्टूबर 2025 की गुणवत्ता रिपोर्ट जारी की है, जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय औषधि प्रयोगशालाओं ने 63 दवा नमूनों को मानक के अनुरूप न पाने की पुष्टि की है। वहीं राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं ने 148 नमूनों को NSQ (Not of Standard Quality) श्रेणी में रखा है। यानी कुल 211 दवा नमूने गुणवत्ता जांच में फेल पाए गए। CDSCO ने स्पष्ट किया है कि किसी दवा का NSQ पाया जाना केवल उसके एक विशेष बैच तक सीमित होता है। इससे उसी दवा के अन्य बैचों या ब्रांडों की गुणवत्ता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। नियामक संस्थान नियमित रूप से बैच-वार सैंपल लेकर जांच करता है, ताकि बाजार में सुरक्षित दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। रिपोर्ट का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि बिहार से तीन और दिल्ली से दो दवा नमूने स्प्यूरियस (नकली/संदिग्ध) पाए गए हैं। जांच में सामने आया कि ये दवाएं अनधिकृत निर्माताओं द्वारा तैयार की गई थीं, जिन्होंने नामी कंपनियों के ब्रांड नाम का दुरुपयोग किया। मामला गंभीर होने के कारण इसे उच्च-स्तरीय जांच के लिए भेज दिया गया है तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी है। नियामकों ने कहा कि देशभर में औषधि निरीक्षण को और कठोर किया जा रहा है, ताकि बाजार से निम्न गुणवत्ता और नकली दवाओं को तुरंत हटाया जा सके। यह कदम जनता के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने और दवा आपूर्ति श्रृंखला में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में बड़ा प्रयास है। CDSCO और राज्यों की सक्रियता यह संकेत देती है कि देश की औषधि नियामक प्रणाली लगातार मजबूत हो रही है और सरकार गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं करने के लिए प्रतिबद्ध है।
OTP धोखाधड़ी से बचने के लिए निर्वाचन आयोग की बड़ी अपील
✍️ भागीरथी यादव मतदाता सूची पुनरीक्षण के बीच बढ़ा साइबर फ्रॉड का खतरा रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान नागरिकों को साइबर ठगी से सचेत करते हुए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा परामर्श जारी किया है। हाल के दिनों में ‘SIR फॉर्म’ के नाम पर ऑनलाइन धोखाधड़ी के प्रयास बढ़े हैं, जिनमें साइबर अपराधी मोबाइल पर आए OTP हासिल कर ठगी करने की कोशिश कर रहे हैं। SIR फॉर्म भरना पूरी तरह सुरक्षित, लेकिन सतर्क रहें निर्वाचन कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि SIR फॉर्म में मोबाइल नंबर दर्ज करना सुरक्षित है। बावजूद इसके, अपराधी इसी बहाने लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) द्वारा SIR फॉर्म भरवाने की प्रक्रिया में किसी भी तरह के OTP की आवश्यकता नहीं होती। कोई भी अधिकारी, कर्मचारी या BLO कभी OTP नहीं मांगता। धोखाधड़ी ऐसे होती है—जानें और सतर्क रहें साइबर अपराधी कॉल कर यह कहते हैं कि “आपके SIR फॉर्म से जुड़े मोबाइल पर एक OTP आया होगा, कृपया हमें बता दें।” निर्वाचन विभाग ने ऐसी किसी भी कॉल को फौरन अस्वीकार करने की अपील की है। क्या करें? निर्वाचन विभाग का स्पष्ट निर्देश OTP किसी को न दें — बिल्कुल भी नहीं। OTP साझा करना आपकी डिजिटल सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा जोखिम है। संदिग्ध कॉल आने पर तुरंत मना करें। कॉल करने वाले को सीधे कहें— “मैं BLO या कार्यालय से ही संपर्क करूँगा/करूँगी।” दबाव, धमकी या जोर-जबरदस्ती हो तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। यह साइबर अपराध की श्रेणी में आता है। अन्य राज्यों की पुलिस भी कर रही चेतावनी कई राज्यों की पुलिस ने भी इसी तरह की ठगी के मामलों में लोगों को सावधान करते हुए अपील की है कि मोबाइल पर आए किसी भी प्रकार के OTP को अज्ञात व्यक्तियों के साथ साझा न करें। साइबर अपराधी इस जानकारी का उपयोग खातों तक पहुंचने और वित्तीय नुकसान पहुँचाने के लिए कर सकते हैं। आपकी जागरूकता ही आपकी सुरक्षा निर्वाचन विभाग ने कहा है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित है। लेकिन धोखाधड़ी से बचने के लिए नागरिकों की सतर्कता बेहद आवश्यक है। याद रखें—OTP सिर्फ आपके लिए है, किसी भी बहाने दूसरों के साथ साझा करना खतरनाक हो सकता है। —
मेडिकल कॉलेज डिमरापाल में स्वशासी समिति की बैठक सम्पन्न, मरीज सुविधाओं में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय
✍️ भागीरथी यादव जगदलपुर। स्वर्गीय श्री बलीराम कश्यप स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय डिमरापाल में गुरुवार को कमिश्नर एवं पदेन अध्यक्ष श्री डोमन सिंह की अध्यक्षता में स्वशासी प्रबंधकारिणी समिति की बैठक आयोजित की गई। मेडिकल कॉलेज के सभाकक्ष में हुई इस बैठक में कई महत्वपूर्ण एजेंडा पर चर्चा करते हुए विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन को गति देने के निर्देश दिए गए। बैठक में कमिश्नर ने किलकारी योजनांतर्गत मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में अतिशीघ्र झूला घर शुरू करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही नेशनल इमरजेंसी लाइव सपोर्ट प्रोजेक्ट के तहत बस्तर अंचल के सभी चिकित्सालयों के डॉक्टरों और स्टाफ को प्राइमरी लाइव सपोर्ट की ट्रेनिंग देने का निर्णय लिया गया, जिससे आपदा प्रबंधन के दौरान त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा सके। वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए आयुष्मान वय वंदन योजना के अंतर्गत 70 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के नागरिकों को 24 घंटे के भीतर आयुष्मान वय वंदन कार्ड जारी किए जा रहे हैं। बैठक में इसे और प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया। कमिश्नर श्री डोमन सिंह ने अस्पताल में मरीजों को बेहतर उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने पर बल देते हुए कहा कि बस्तर अंचल की जरूरतों को देखते हुए चिकित्सा सेवाओं में और संवेदनशीलता लाई जाए। मोतियाबिंद ऑपरेशन के उपयुक्त समय को ध्यान में रखते हुए सुकमा, दंतेवाड़ा, नारायणपुर व कोंडागांव जिले के चिन्हित मरीजों का त्वरित ऑपरेशन कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने विशेष रूप से दोनों आंखों में मोतियाबिंद से पीड़ित मरीजों को प्राथमिकता देने को कहा। ठोस कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाने हेतु नगर पालिक निगम की सहायता से बायोमेडिकल वेस्ट छोड़कर अन्य ठोस अपशिष्ट के निपटान की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर श्री हरिस एस ने संस्थागत प्रसव से जन्मे शिशुओं का सम्पूर्ण टीकाकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया। साथ ही फिजियोथेरेपी कॉलेज के लिए उपलब्ध वैकल्पिक भवन की आवश्यक मरम्मत छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन के माध्यम से शीघ्र कराने को कहा। उन्होंने मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए निर्धारित रोस्टर के अनुसार मरीजों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए। बैठक में लिए गए अन्य महत्वपूर्ण निर्णयों में शामिल हैं— नई ट्रांजिट हॉस्टल में शीघ्र बिजली व्यवस्था कॉलेज के कॉन्फ्रेंस हॉल एवं सेमिनार हॉल का नवीनीकरण तोकापाल और मेडिकल कॉलेज परिसर स्थित छात्रावासों की मरम्मत ई-ऑफिस संचालन के लिए हाई स्पीड लीज लाइन कनेक्शन जेम पोर्टल से डायलिसिस मशीन एवं प्रोब क्रय गेस्ट हाउस के कैंटीन संचालन हेतु टेंडर जारी करने की स्वीकृति बैठक में आयुक्त नगर पालिक निगम श्री प्रवीण वर्मा, अधिष्ठाता एवं सदस्य सचिव डॉ. प्रदीप बेक तथा समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
नेशनल लोक अदालत 13 दिसंबर को पूरे छत्तीसगढ़ में आयोजित होगी, व्यापक प्रचार-प्रसार जारी
✍️ भागीरथी यादव राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) नई दिल्ली के निर्देशानुसार वर्ष 2025 के अंतर्गत आयोजित की जा रही नेशनल लोक अदालत का अंतिम सत्र आगामी 13 दिसंबर 2025 को पूरे छत्तीसगढ़ में आयोजित होगा। इसके लिए छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के मार्गदर्शन में तालुका न्यायालयों से लेकर उच्च न्यायालय स्तर तक सभी न्यायालयों में एक साथ लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। लोक अदालत में ऐसे सभी राजीनामा योग्य प्रकरणों का निराकरण पक्षकारों की आपसी सहमति एवं सुलह-सम्मति के आधार पर किया जाएगा। अधिकतम मामलों के निपटारे के उद्देश्य से इस स्थापना अंतर्गत विभिन्न थानों में पदस्थ पैरा लीगल वॉलंटियर्स अपने-अपने क्षेत्रों में गांवों, कस्बों, नगरों तथा दूरस्थ अंचलों तक जाकर नेशनल लोक अदालत के लाभों की जानकारी दे रहे हैं। इसके साथ ही लीगल एड मोबाइल वाहन तथा विभिन्न विभागों के भ्रमणशील वाहनों के माध्यम से भी व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इन प्रकार के मामलों का होगा निराकरण नेशनल लोक अदालत में निम्न प्रकार के प्रकरणों को राजीनामा के आधार पर निराकरण हेतु नियत किया गया है— दाण्डिक राजीनामा योग्य प्रकरण चेक बाउन्स (धारा 138) के मामले बैंक रिकवरी एवं प्री-लिटिगेशन प्रकरण मोटरयान अधिनियम से संबंधित मामले भरण-पोषण (धारा 125) के प्रकरण परिवार न्यायालय संबंधित विवाद श्रमिक प्रकरण भूमि विवाद विद्युत संबंधी प्रकरण जलकर, संपत्ति कर व टेलीफोन संबंधी विवाद राजस्व प्रकरण इन सभी मामलों में लोक अदालत के माध्यम से वैकल्पिक विवाद समाधान (ADR) अपनाते हुए पक्षकारों के बीच आपसी सहमति की संभावनाएं तलाश की जाएंगी। इसके लिए न्यायालयों द्वारा अधिक से अधिक प्रकरणों का चिन्हांकन कर उन्हें लोक अदालत में रखा जा रहा है। अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें नेशनल लोक अदालत से संबंधित विस्तृत जानकारी हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कबीरधाम के कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है। इच्छुक नागरिक 07741-299950 पर भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
डोंगरगढ़ के अरुण गौली पर कलेक्टर की बड़ी कार्रवाई, तीन माह के लिए जिला बदर
✍️ भागीरथी यादव राजनांदगांव। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी जितेन्द्र यादव ने पुलिस विभाग की विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर खाण्डुपारा वार्ड क्रमांक 12, डोंगरगढ़ निवासी अरुण गौली के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उसे आगामी 3 महीनों के लिए जिला बदर कर दिया है। रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया था कि अरुण गौली की लगातार बढ़ रही आपराधिक गतिविधियों को सामान्य कानूनी उपायों से रोकना संभव नहीं हो पा रहा है, जिससे जिले की शांति व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ने की आशंका थी। जारी आदेश के अनुसार, अरुण गौली को राजनांदगांव, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, दुर्ग, बालोद, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी सहित महाराष्ट्र के गोंदिया और बालाघाट जिलों की राजस्व सीमा से तत्काल प्रभाव से बाहर किया गया है। उसे निर्देश दिया गया है कि एक सप्ताह के भीतर सभी संबंधित जिलों की सीमाओं को छोड़ दे तथा 13 फरवरी 2026 से पहले इन सीमाओं में प्रवेश न करे। आदेश का उल्लंघन करने की स्थिति में उसे बलपूर्वक क्षेत्र से बाहर निकाला जाएगा, और इसके बाद भी अवज्ञा करने पर छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम 1980 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर द्वारा की गई यह सख्त कार्रवाई जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन की जीरो टॉलरेंस नीति का स्पष्ट संदेश देती है।
अंतर्राष्ट्रीय पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में कोरबा के मेहुल, प्रयांश, नितेश, करण और अमित ने भूटान में लहराया तिरंगा, जीते स्वर्ण-रजत पदक
✍️ भागीरथी यादव भूटान की राजधानी थिंफू में 14 से 17 नवंबर तक आयोजित संयुक्त भारतीय खेल फाउंडेशन (SBKF) इंटरनेशनल गेम्स-2025 में कोरबा जिले के खिलाड़ियों ने अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए पावरलिफ्टिंग में स्वर्ण और रजत पदक अपने नाम किए। 22 खेलों के इस महाकुंभ की मेजबानी इन्दु श्री ऑर्गेनाइजेशन ने की, जिसे नेशनल स्पोर्ट्स काउंसिल भूटान का समर्थन प्राप्त था। कोरबा से चयनित पाँच पावरलिफ्टरों ने भारतीय दल का प्रतिनिधित्व किया और सभी ने दमदार प्रदर्शन से अंतरराष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ का परचम बुलंद किया— 🏅 खिलाड़ी एवं उपलब्धियां मेहुल प्रधान (U/19, 62 किग्रा) — कुल 370 किग्रा भार उठाकर स्वर्ण पदक प्रयांश सिंह कंवर (U/23, 60 किग्रा) — कुल 435 किग्रा भार के साथ स्वर्ण पदक अमित कुमार गुप्ता (सीनियर, 49 किग्रा) — कुल 340 किग्रा उठाकर स्वर्ण पदक नितेश कुमार बरेठ (U/23, 69 किग्रा) — कुल 475 किग्रा उठाकर रजत पदक करण कुमार यादव (U/23, 63 किग्रा) — कुल 380 किग्रा भार के साथ स्वर्ण पदक इन सभी खिलाड़ियों ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद संघर्ष, इच्छाशक्ति और समर्पण की मिसाल पेश की। आर्थिक चुनौतियों के बीच चमकी मेहनत खिलाड़ियों की उपलब्धियां इसलिए भी प्रेरणादायक हैं क्योंकि इनमें से कई बेहद साधारण आर्थिक पृष्ठभूमि से आते हैं— नितेश बरेठ—पिता ठेके में मजदूरी करते हैं। मित्रों से उधार लेकर बेटे को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुँचाया। अमित कुमार गुप्ता (समोसा वाले)—खुद छोटे-मोटे काम करते हुए और परिवार की मदद से अपनी खेल यात्रा जारी रखी। मेहुल प्रधान, जो मिस्टर छत्तीसगढ़ 2024 (मॉडलिंग) भी रह चुके हैं, ने पढ़ाई के साथ पार्ट-टाइम काम कर अपनी खेल आकांक्षाओं को जिंदा रखा। ये सभी खिलाड़ी राष्ट्रीय, राज्य स्तरीय और अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक के बाद एक मेडल जीतकर जिले का गौरव बढ़ा रहे हैं। भारत का दबदबा इस प्रतियोगिता में भारत के अलावा नेपाल, भूटान, श्रीलंका, पाकिस्तान, म्यांमार और अफगानिस्तान के खिलाड़ी शामिल हुए थे। आयरन गेम्स की पावरलिफ्टिंग स्पर्धाओं में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने अपना मजबूत दबदबा बनाए रखा। टीम और कोचों ने दी बधाई (SBKF) के संस्थापक एवं अध्यक्ष श्री पंकज गावले, भारतीय टीम के कोच श्री हरिनाथ, श्री दीपक सिदार, श्रीमती हेमलता, श्री दिनेश साहू, श्री रोहन, श्री समीर, श्री विनोद कुमार, श्री संजय, श्री बसंत, कुमारी मोनिका, श्री निशांत, श्री धर्मेश, श्री अमित शर्मा, श्री संदीप महतो तथा गिव फिटनेस टीम ने सभी खिलाड़ियों को हार्दिक बधाई और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। — कोरबा के इन होनहार पावरलिफ्टरों ने न केवल पदक जीते, बल्कि यह साबित किया कि हौसलों की उड़ान किसी संसाधन की मोहताज नहीं होती।
















