धमतरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: इंडोर स्टेडियम के पास चिट्टा बेचते आरोपी गिरफ्तार, कार-नकदी सहित लाखों का सामान जब्त
✍️ भागीरथी यादव धमतरी। नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत धमतरी पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। इंडोर स्टेडियम के समीप हेरोइन (चिट्टा) की अवैध बिक्री करते हुए पुलिस ने एक आरोपी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से चिट्टा, नकदी, मोबाइल फोन और एक कार सहित करीब एक लाख रुपये से अधिक का सामान जब्त किया गया है। पुलिस अधीक्षक सूरज परिहार के निर्देश पर जिले में अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध सख्त और निरंतर कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में थाना सिटी कोतवाली पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि इंडोर स्टेडियम के पास एक व्यक्ति हेरोइन (चिट्टा) की बिक्री कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बताए गए स्थान पर घेराबंदी की और आरोपी को पकड़ा। गिरफ्तार आरोपी की पहचान रवि सोनी (39 वर्ष), पिता मोतीलाल, निवासी शीतला मंदिर के पास, जोधापुर वार्ड, धमतरी के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से 02 ग्राम 920 मिलीग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद की गई, जिसकी अनुमानित कीमत 58,400 रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा पुलिस ने एक मोबाइल फोन, एक मारुति कार और 39,000 रुपये नकद भी जब्त किए हैं। आरोपी के विरुद्ध थाना सिटी कोतवाली धमतरी में अपराध पंजीबद्ध कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। इस कार्रवाई को लेकर एसपी सूरज परिहार ने कहा कि जिले में नशे के अवैध कारोबार से जुड़े सप्लाई नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए पुलिस निरंतर और सुनियोजित प्रयास कर रही है। साथ ही नशीले पदार्थों का सेवन करने वालों की सूची तैयार की जा रही है, ताकि उन पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके और समय रहते वैधानिक व सुधारात्मक कार्रवाई की जा सके। धमतरी पुलिस की यह कार्रवाई नशे के खिलाफ चल रही मुहिम में एक मजबूत संदेश मानी जा रही है।
तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से CRPF जवान की मौत, साथी गंभीर घायल
✍️ भागीरथी यादव बिलासपुर में तड़के हुए सड़क हादसे ने एक परिवार का सहारा छीन लिया। तोरवा थाना क्षेत्र के लालखदान ओवरब्रिज के पास तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने बाइक सवार दो युवकों को टक्कर मार दी। हादसे में छुट्टी पर घर आए CRPF जवान मनीष कुमार आदिले की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनका दोस्त उदय पाल गंभीर रूप से घायल हो गया। मूल रूप से कोरबा जिले के हरदीबाजार निवासी मनीष आदिले CRPF में पदस्थ थे और उनकी पोस्टिंग श्रीनगर में थी। वे गुरु घासीदास जयंती समारोह मनाकर बिलासपुर लौट रहे थे, तभी यह दर्दनाक हादसा हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, शव को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। घायल युवक का इलाज जारी है। पुलिस अज्ञात वाहन और फरार चालक की तलाश में जुटी हुई है। यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के खतरनाक अंजाम की याद दिलाता है।
जशपुर में डेम से मिले दो शवों का सनसनीखेज खुलासा, करंट बिछाकर जंगली सूअर के शिकार में गई दो निर्दोषों की जान
✍️ भागीरथी यादव जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के तुमला थाना क्षेत्र अंतर्गत कोल्हेनझरिया चौकी इलाके में डेम से मिले दो शवों के रहस्य से पुलिस ने पर्दा उठा दिया है। यह मामला अवैध रूप से जंगल में बिछाए गए बिजली करंट से जुड़ा निकला, जिसमें चिड़िया पकड़ने निकले दो ग्रामीणों की दर्दनाक मौत हो गई। पुलिस जांच में सामने आया कि सेरमा टोली निवासी दिलीप राम और विलियम कुजूर 12 दिसंबर को जंगल में चिड़िया पकड़ने गए थे। देर शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने तलाश शुरू की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो पुलिस को सूचना दी गई। मामले में गुमशुदगी दर्ज कर पुलिस ने खोजबीन शुरू की। जांच के दौरान डेम क्षेत्र के आसपास संदिग्ध हालात में घूम रहे आयटु लोहार को हिरासत में लिया गया। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने सनसनीखेज खुलासा किया। आरोपी ने स्वीकार किया कि वह अपने चार अन्य साथियों के साथ मिलकर जंगली सूअर पकड़ने के लिए जंगल में अवैध रूप से बिजली करंट बिछाए था। इसी करंट की चपेट में आकर दोनों ग्रामीणों की मौके पर ही मौत हो गई। इतना ही नहीं, आरोपियों ने अपराध छिपाने के लिए दोनों शवों को बोरे में भरकर डेम की झाड़ियों में फेंक दिया था। पुलिस ने आरोपी आयटु लोहार को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है, जबकि उसके चार अन्य साथी फिलहाल फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। यह घटना न केवल अवैध शिकार के खतरनाक तरीकों को उजागर करती है, बल्कि जंगलों में बिछाए जा रहे करंट के कारण आम लोगों की जान पर मंडराते खतरे की गंभीर चेतावनी भी देती है।
कोरबा में कानून व्यवस्था को खुली चुनौती
आबकारी टीम पर जानलेवा हमला, अधिकारी ढाई घंटे तक बंधकसरकारी वाहन क्षतिग्रस्त, पुलिस के पहुंचने पर छूटे अफसर कोरबा, 20 दिसंबर। जिले के उरगा थाना क्षेत्र अंतर्गत भैसमा गांव के पहरीपारा में शुक्रवार को उस वक्त सनसनी फैल गई, जब अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची आबकारी विभाग की टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। हालात इतने बिगड़ गए कि टीम का नेतृत्व कर रहे आबकारी अधिकारी नारायण सिंह कंवर को करीब ढाई घंटे तक बंधक बना लिया गया। मारपीट, तोड़फोड़ और बंधक बनाने की वारदात प्राप्त जानकारी के अनुसार आबकारी टीम में दो वर्दीधारी जवान, एक मुखबिर और स्कॉर्पियो वाहन चालक शामिल थे। कार्रवाई के दौरान विवाद बढ़ा और अचानक ग्रामीणों ने उग्र रूप धारण कर लिया। आरोप है कि मुखबिर प्रमोद देवांगन और वाहन चालक के साथ जमकर मारपीट की गई, वहीं सरकारी वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। जान बचाकर भागे टीम के सदस्य घटना के दौरान टीम के अन्य सदस्य किसी तरह मौके से निकलकर अपनी जान बचाने में सफल रहे और तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। 112 की टीम लौटी खाली हाथ, बाद में पुलिस ने छुड़ाया अधिकारी सूचना मिलने पर 112 की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन ग्रामीणों के आक्रोश के चलते उसे वापस लौटना पड़ा। इसके बाद उरगा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में करते हुए बंधक बनाए गए अधिकारी को सुरक्षित बाहर निकाला। ग्रामीणों का गंभीर आरोप, जांच के आदेश ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मुखबिर द्वारा अवैध वसूली की जा रही थी, जिससे नाराजगी बढ़ी और यह घटना हुई। आबकारी अधिकारी आशा सिंह ने बताया कि मामले में तत्काल पुलिस शिकायत दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं कोरबा सीएसपी भूषण एक्का ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि मारपीट की शिकायत मिली है, जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्थिति नियंत्रण में, पुलिस तैनात फिलहाल इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात है और पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। यह घटना न केवल प्रशासन की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है, बल्कि सरकारी अधिकारियों पर बढ़ते हमलों की चिंताजनक तस्वीर भी पेश करती है।
धान खरीदी में सेंध की कोशिश नाकाम, प्रशासन की सख्ती से बिचौलियों पर करारा प्रहार
✍️ भागीरथी यादव नानगुर/सिंगसारी। धान खरीदी के सीजन में पड़ोसी राज्यों से अवैध धान खपाने की बिचौलियों की कोशिशों पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए एक के बाद एक बड़ी कार्रवाई की है। राजस्व और मंडी विभाग की सतर्कता के चलते शुक्रवार को सीमावर्ती इलाकों में अवैध धान परिवहन के दो मामलों का पर्दाफाश हुआ, जिसमें ट्रक और पिकअप वाहन सहित भारी मात्रा में धान जब्त किया गया। ओडिशा से आ रहा था अवैध धान, मिनी ट्रक पकड़ा शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे तहसील नानगुर में प्रशासन को सूचना मिली कि सीमावर्ती रास्ते से अवैध धान की खेप लाई जा रही है। सूचना मिलते ही जांच दल ने नाकेबंदी कर मिनी ट्रक क्रमांक सीजी 06 एम 0155 को रोका। तलाशी के दौरान वाहन में लगभग 100 बोरी धान पाया गया। चालक से वैध दस्तावेज मांगे जाने पर वह कोई कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका। जांच में स्पष्ट हुआ कि धान ओडिशा के चांदली से अवैध रूप से लाया गया था। इसके बाद मंडी अधिनियम के तहत धान और वाहन को जब्त कर नानगुर थाना के सुपुर्द कर दिया गया। इस कार्रवाई में नायब तहसीलदार लखीराम पांडे, रोहन कुमार बीसी, डोमन लाल, मंडी निरीक्षक बीके दिल्लीवार तथा पटवारी शंकर बैद, सोमेश नागेश और दिनेश सिंह की सक्रिय भूमिका रही। सिंगसारी में 27 क्विंटल धान के साथ पिकअप जब्त दूसरी बड़ी कार्रवाई सिंगसारी क्षेत्र में की गई। एसडीएम मनीष वर्मा ने बताया कि ग्रामीणों से मिली सटीक सूचना के आधार पर बंगला डोंगरी के पास नाकेबंदी की गई। इस दौरान पिकअप वाहन क्रमांक ओआर 24 ए 7629 को रोका गया। वाहन चालक सिंगसारी निवासी नित्यानंद चौधरी के पास धान परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं मिले। जांच में वाहन से 27 क्विंटल अवैध धान बरामद हुआ। प्रशासन ने मौके पर ही धान सहित पिकअप वाहन को जब्त कर अग्रिम कानूनी कार्रवाई के लिए करपावंड थाना में सुरक्षित रखवाया। प्रशासन का सख्त संदेश प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी व्यवस्था की पारदर्शिता बनाए रखने और किसानों के हितों की रक्षा के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी और सख्ती आगे भी लगातार जारी रहेगी। अवैध धान परिवहन और बिचौलियों के खिलाफ किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।
पोड़ी उपरोड़ा के सरहदी वनांचल में शिक्षा की नई सुबह
सुशील जायसवाल | सिरमिना (कोरबा) कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के दुरस्त और सरहदी वनांचल क्षेत्रों में अब शिक्षा की तस्वीर बदलती नजर आ रही है। जिला मुख्यालय से करीब 120 किलोमीटर दूर स्थित इन ग्रामीण अंचलों में प्राथमिक शिक्षा को नई दिशा देने का कार्य नवपदस्थ शिक्षकों द्वारा किया जा रहा है। युक्तियुक्तकरण 2025 के तहत संकुल केंद्र सिमगा के विभिन्न विद्यालयों में पदस्थ हुए शिक्षकों ने सीमित संसाधनों के बावजूद नवाचारी शिक्षण पद्धतियों से शिक्षा का अलख जगा दिया है। खास तौर पर प्राथमिक शाला सरनापारा में पदस्थ सहायक शिक्षक तेजराम चंद्रा द्वारा किए जा रहे प्रयास क्षेत्र में चर्चा का विषय बने हुए हैं। तेजराम चंद्रा ने पालकों और ग्रामीणों को शिक्षा से जोड़ते हुए शिक्षक–पालक–विद्यार्थी के बीच सतत संपर्क स्थापित किया। बच्चों को स्वयं से सीखने के लिए प्रेरित करने, रुचिकर गतिविधियों के माध्यम से अध्यापन को प्रभावी बनाने और पढ़ाई के प्रति सकारात्मक माहौल तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया गया। इन प्रयासों का असर यह हुआ कि जहां कभी बच्चों की उपस्थिति चिंता का विषय थी, वहीं अब विद्यालय में शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की जा रही है। छोटे-छोटे बच्चों में सीखने की ललक और आत्मविश्वास बढ़ा है, जिससे उनका सर्वांगीण विकास संभव हो रहा है। दुरस्त वनांचल क्षेत्र में शिक्षा के प्रति यह जागरूकता न केवल भविष्य की मजबूत नींव रख रही है, बल्कि यह साबित कर रही है कि यदि शिक्षक में समर्पण और नवाचार हो, तो सबसे दूरस्थ इलाकों में भी शिक्षा की रोशनी पहुंचाई जा सकती है।
बिलासपुर में ऑटो ठगी का पर्दाफाश, तीन शातिर महिला चोर गिरफ्तार
✍️ भागीरथी यादव बिलासपुर। शहर में ऑटो में सवारी बनकर महिलाओं को निशाना बनाने वाली शातिर महिला चोरों का सिविल लाइन पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया है। महिलाओं का ध्यान भटकाकर मंगलसूत्र और नकदी चोरी करने वाली तीन महिला आरोपियों को पुलिस ने चंद घंटों में गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से एक मंगलसूत्र और नकद समेत करीब 30 हजार रुपये का सामान बरामद किया गया है। मिली जानकारी के अनुसार, 16 दिसंबर को सकरी थाना क्षेत्र की रहने वाली मनीषा सोनी ने सिविल लाइन थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि ऑटो में सफर के दौरान कुछ महिलाएं उनसे बातचीत में उलझाती रहीं और इसी बीच उसलापुर ओवरब्रिज के पास मौका पाकर उनका मंगलसूत्र और नगदी चोरी कर ली गई। शिकायत मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस हरकत में आई और अपराध दर्ज कर त्वरित जांच शुरू की। पुलिस की सक्रियता का नतीजा यह रहा कि कुछ ही घंटों में तीनों महिला आरोपियों को दबोच लिया गया। पूछताछ में उन्होंने वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया, जिसके बाद चोरी गया सामान बरामद कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपी महिलाएं— रचना गिरी गोस्वामी (25 वर्ष), निवासी महेशपुरमुरा, थाना जयनगर, जिला सूरजपुर कौशिल्या गिरी गोस्वामी (30 वर्ष), निवासी पोडीपोडा, थाना बांगो, जिला कोरबा रजन गिरी गोस्वामी (32 वर्ष), निवासी महेशपुरमुरा, थाना जयनगर, जिला सूरजपुर पुलिस ने आम नागरिकों, खासकर महिलाओं से अपील की है कि सार्वजनिक परिवहन में सफर के दौरान अनजान लोगों से सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें। इस त्वरित कार्रवाई से शहर में सक्रिय ऑटो ठगी गिरोह पर बड़ी चोट मानी जा रही है।
🟥 कोरबी में दहशत: दतैल हाथी का आतंक, कच्चा मकान तोड़ा — वृद्धा बाल-बाल बची, युवक घायल
सुशील जायसवाल कोरबी (चोटिया)। कटघोरा वन मंडल के केंदई रेंज अंतर्गत ग्राम फुलसर कोरबी में शुक्रवार तड़के एक बार फिर दतैल हाथी के अचानक गांव में घुस आने से हड़कंप मच गया। करीब सुबह 4:30 बजे हाथी ने ग्रामीण रविंद्रा सिंह नेटी के कच्चे मकान की दीवार तोड़ दी। दीवार गिरने से घर में सो रहे 21 वर्षीय अमन कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि पास में सो रहीं 75 वर्षीय वृद्धा राजकुंवर बाल-बाल बच गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दीवार गिरते ही तेज आवाज हुई। मकान मालिक रविंद्रा सिंह ने शोर मचाया, तब आसपास के लोग जुटे और काफी मशक्कत के बाद हाथी जंगल की ओर लौट गया। घटना के बाद परिवार और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। घायल अमन कुमार को तत्काल कोरबी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। हमले में घर के भीतर रखा कंप्यूटर सेट, डबल बेड और अन्य कीमती सामान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। ग्रामीणों का आरोप है कि गजराज दल द्वारा किसी प्रकार की मुनादी या पूर्व सूचना नहीं दी गई, जिससे लोग पूरी तरह असावधान थे। घटना की सूचना स्थानीय वन विभाग को दे दी गई है, लेकिन अब तक ठोस राहत या मुआवजा नहीं मिल पाया है। ग्रामीणों का आक्रोश—वन विभाग पर गंभीर सवाल हाथी प्रभावित क्षेत्रों में समय पर गजराज दल नहीं पहुंचता वन विभाग के वाहन कंडम हालत में हाथी से सुरक्षा के स्थायी इंतजाम नदारद नुकसान का उचित मुआवजा आज तक नहीं जिम्मेदार उच्च अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचते लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में भय और आक्रोश है। उनका कहना है कि हाथी प्रभावित इलाकों में तत्काल चेतावनी प्रणाली, गश्त और मुआवजा व्यवस्था लागू नहीं की गई तो किसी बड़ी जनहानि से इनका इंकार नहीं किया जा सकता।
बीजापुर में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता, 5 लाख का इनामी माओवादी ढेर
✍️ भागीरथी यादव बीजापुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। थाना भैरमगढ़ अंतर्गत इन्द्रावती क्षेत्र के आदवाड़ा–कोटमेटा जंगलों में हुई मुठभेड़ में एक इनामी माओवादी को मार गिराया गया है। मुठभेड़ स्थल से माओवादी का शव बरामद हुआ है, जिसकी शिनाख्त एसीएम फगनू माड़वी के रूप में हुई है। उस पर 5 लाख रुपये का इनाम घोषित था। बीजापुर पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव ने बताया कि इलाके में माओवादियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना के बाद डीआरजी बीजापुर की टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इसी दौरान शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे से डीआरजी और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर फायरिंग होती रही। सर्च ऑपरेशन अब भी जारी है। मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों ने मौके से 303 रायफल, 9 एमएम पिस्टल, भारी मात्रा में कारतूस, विस्फोटक सामग्री, स्कैनर सेट, रेडियो, मेडिकल किट और माओवादी साहित्य बरामद किया है। मारे गए माओवादी का विवरण नाम: फगनू माड़वी पद: एसीएम, भैरमगढ़ एरिया कमेटी उम्र: 35 वर्ष निवासी: गोरना थाना क्षेत्र, बीजापुर इनाम: 5 लाख रुपये बरामद हथियार व सामग्री 303 रायफल (01 मैग्जीन, 03 राउंड) 9mm पिस्टल (01 मैग्जीन, 09 राउंड) 02 स्कैनर सेट रेडियो, मेडिकल किट, कार्डेक्स वायर माओवादी पिट्ठू, पिस्टल पाउच, माओवादी पर्चे आईजी की अपील बस्तर रेंज के आईजी सुन्दरराज पी ने कहा कि वर्ष 2025 में सुरक्षाबलों की लगातार प्रभावी कार्रवाई से माओवादी संगठन की कमर टूट चुकी है। अब उनकी हिंसा और दहशत फैलाने की कोशिशें बेअसर हो गई हैं। उन्होंने सक्रिय माओवादियों से हिंसा का रास्ता छोड़कर सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति अपनाने की अपील की है। यह मुठभेड़ बस्तर क्षेत्र में नक्सल उन्मूलन की दिशा में सुरक्षाबलों की एक और बड़ी सफलता मानी जा रही है।
छत्तीसगढ़ में शिक्षकों व विद्यार्थियों की उपस्थिति अब ‘विद्या समीक्षा केंद्र’ ऐप से होगी दर्ज
✍️ भागीरथी यादव नवा रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति को लेकर बड़ा और अहम निर्णय लिया है। राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में अब शिक्षकों और छात्रों की दैनिक उपस्थिति ‘विद्या समीक्षा केंद्र’ मोबाइल ऐप के माध्यम से दर्ज की जाएगी। स्कूल शिक्षा विभाग, मंत्रालय नवा रायपुर द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह मोबाइल ऐप पहले चरण में राज्य के 7 जिलों में लागू किया गया था, जहां शिक्षक नियमित रूप से अपनी उपस्थिति ऐप में दर्ज कर रहे हैं। अब राज्य शासन ने इसे छत्तीसगढ़ के शेष सभी 26 जिलों में लागू करने का निर्णय लिया है। जारी निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि सभी संभागीय संयुक्त संचालक एवं जिला शिक्षा अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में यह सुनिश्चित करेंगे कि शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति ‘विद्या समीक्षा केंद्र’ ऐप में अनिवार्य रूप से दर्ज हो। शासन ने यह भी बताया कि भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप शिक्षकों और विद्यार्थियों की प्रतिदिन की उपस्थिति की जानकारी शिक्षा मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय विद्या समीक्षा केंद्र को भेजी जाती है, जहां इसकी नियमित समीक्षा की जाती है। इस व्यवस्था से स्कूलों में पारदर्शिता बढ़ेगी, शिक्षण व्यवस्था पर बेहतर निगरानी संभव होगी और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आने की उम्मीद जताई जा रही है। यह आदेश स्कूल शिक्षा विभाग के अवर सचिव आर.पी. वर्मा द्वारा जारी किया गया है और तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
















