दंतेवाड़ा में दिनदहाड़े SDOP पर जानलेवा हमला, बैंक के सामने चाकूबाजी से मचा हड़कंप
दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में दिनदहाड़े हुई चाकूबाजी की एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया। शहर के व्यस्त इलाके में स्थित एचडीएफसी बैंक के सामने उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब बैंक से पैसा निकालकर बाहर निकल रहे सुकमा के SDOP तोमेश वर्मा पर अज्ञात हमलावर ने चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। हमले में SDOP तोमेश वर्मा घायल हो गए, जिन्हें तुरंत दंतेवाड़ा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। यह वारदात TVS शोरूम के पास सरेआम अंजाम दी गई, जिससे वहां मौजूद लोग दहशत में आ गए। दिन के उजाले में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पर हमला होने से कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक यह हमला पूरी तरह पूर्व नियोजित बताया जा रहा है। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए एक युवक और एक महिला को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी की पहचान रविशंकर साहू, निवासी दुर्ग के रूप में हुई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी सुकमा से ही SDOP का पीछा कर रहा था और उसी योजना के तहत दंतेवाड़ा पहुंचा। फिलहाल हमले के पीछे की असल वजह क्या थी, इसको लेकर पुलिस हर एंगल से जांच में जुटी हुई है। घटना के बाद इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। वहीं, जिला अस्पताल में SDOP तोमेश वर्मा का इलाज जारी है। इस सनसनीखेज वारदात ने न सिर्फ पुलिस महकमे बल्कि आम नागरिकों के बीच भी भय और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।
रायपुर में कोकीन तस्करी का भंडाफोड़, 80 लाख की नशे की खेप के साथ युवक गिरफ्तार
रायपुर। राजधानी रायपुर में अवैध नशे के खिलाफ पुलिस की सख्त मुहिम लगातार जारी है। इसी कड़ी में रायपुर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। गंज थाना पुलिस ने अंतरराज्यीय नशा तस्करी के एक मामले का खुलासा करते हुए एक युवक को करीब 80 लाख रुपए मूल्य की कोकीन के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान हर्ष नरेश पांडे के रूप में हुई है, जो महाराष्ट्र के गोंदिया जिले का निवासी बताया जा रहा है। आरोपी रायपुर में कोकीन की खेप खपाने की फिराक में था। गंज थाना पुलिस ने एक्सप्रेस-वे के पास घेराबंदी कर आरोपी को धर दबोचा। तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से 16 ग्राम कोकीन बरामद की गई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 80 लाख रुपए बताई जा रही है। पुलिस ने मादक पदार्थ को जब्त कर आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि आरोपी किसी बड़े नशा तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कोकीन कहां से लाई गई थी और इसे रायपुर में किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और आगे भी इस तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
भिलाई में लिव-इन पार्टनर बना कातिल: मामूली विवाद में महिला की हत्या, बोरे में भरकर नाले में फेंका शव
भिलाई। सुपेला थाना क्षेत्र के चंद्रा–मौर्या अंडर ब्रिज के पास 12 दिसंबर को नाले से बोरे में बंद मिले सड़े-गले महिला के शव की गुत्थी आखिरकार सुलझ गई है। पुलिस ने खुलासा किया है कि महिला की हत्या उसके लिव-इन पार्टनर तुलाराम बंजारे ने की थी। वारदात के बाद शव को ठिकाने लगाने में उसके भाई और एक दोस्त ने मदद की। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस के मुताबिक मृतका तुलाराम के साथ नगपुरा क्षेत्र में रहती थी। 11 दिसंबर की देर शाम दोनों ने साथ बैठकर शराब पी। इसी दौरान किसी बात को लेकर मामूली विवाद हुआ, जिसमें महिला ने तुलाराम को थप्पड़ मार दिया। इससे बौखलाए तुलाराम ने महिला का सिर दीवार पर जोर से पटक दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद तुलाराम ने अपने भाई और दोस्त को बुलाया। तीनों ने मिलकर शव को बोरे में बंद किया और चंद्रा–मौर्या अंडर ब्रिज के पास नाले में फेंक दिया। वारदात छिपाने के लिए तुलाराम ने यह झूठी कहानी गढ़ी कि महिला नगपुरा चली गई है। करीब सात दिन बाद नाले से शव बरामद हुआ। शव की पहचान मृतका की भाभी ने शरीर पर बने टैटू के आधार पर की। इसके बाद सुपेला पुलिस ने संदेह के घेरे में आए तुलाराम और उसके साथियों को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, जहां तीनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। सीएसपी क्राइम ने प्रेस को बताया कि यह मामला घरेलू विवाद से उपजी क्रूर हत्या का है, जिसमें सबूत मिटाने की कोशिश भी की गई। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
🟥 जनहित में चेतावनी: क्या Star Health मेडिकल इंश्योरेंस पर भरोसा करना अब जोखिम भरा?
✍️ भागीरथी यादव पिछले कुछ समय से Star Health and Allied Insurance को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोकसदन से संपर्क करने वाले अनेक पीड़ित उपभोक्ताओं ने बताया कि जेनुइन (वास्तविक) मेडिकल क्लेम होने के बावजूद उनके दावे खारिज कर दिए गए। इससे आम बीमाधारकों में रोष और असुरक्षा का माहौल बन रहा है। ⸻ ❗ “बीमा है, फिर भी इलाज के समय निराशा” पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने समय पर प्रीमियम भरा, पॉलिसी की सभी शर्तें पूरी कीं, फिर भी: • अस्पताल में भर्ती होने पर क्लेम रिजेक्ट कर दिया गया • कभी छोटी शर्तों का हवाला, कभी डॉक्यूमेंट्स की कमी बताकर मामला लटकाया गया • कई मामलों में कैशलेस सुविधा भी नहीं मिली यह सब उस समय हुआ, जब मरीज और परिवार पहले से मानसिक व आर्थिक दबाव में थे। ⸻ 📉 भरोसा टूट रहा, लोग पॉलिसी छोड़ रहे लोकसदन को मिली जानकारी के अनुसार: • कई उपभोक्ता Star Health की पॉलिसी रिन्यू नहीं कर रहे • कुछ लोग दूसरी कंपनियों में पोर्टेबिलिटी करा रहे हैं • सोशल मीडिया और उपभोक्ता मंचों पर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं बीमा का मकसद संकट में सहारा देना होता है, लेकिन जब वही संकट बढ़ा दे तो सवाल उठना स्वाभाविक है। ⸻ ⚠️ आम लोगों के लिए चेतावनी यदि आप या आपके परिवार का कोई सदस्य Star Health की पॉलिसी लेने की सोच रहा है, तो: • पॉलिसी की बारीक शर्तें अच्छी तरह पढ़ें • क्लेम से जुड़े अनुभव पहले जान लें • अस्पताल नेटवर्क और कैशलेस रिकॉर्ड की जांच करें सिर्फ विज्ञापन और बड़े नाम देखकर फैसला करना भारी पड़ सकता है। ⸻ 🗣️ लोकसदन की अपील लोकसदन उन सभी पीड़ितों की आवाज बनेगा जिनके साथ अन्याय हुआ है। यदि आपका भी जेनुइन क्लेम रिजेक्ट हुआ है, तो अपनी आपबीती हमारे साथ साझा करें। यह सिर्फ एक कंपनी का मुद्दा नहीं, जनहित और जनविश्वास का सवाल है।
**NTPC कोरबा की STP परियोजना पर गंभीर सवाल
✍️ भागीरथी यादव सिविल O&M विभाग अनजान या फिर अंदरूनी मिलीभगत?** कोरबा। एनटीपीसी कोरबा में CISF कॉलोनी स्थित 150 KLD क्षमता की STP (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) परियोजना को लेकर लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं। यह परियोजना Greenagers Enviro Solutions & Services Pvt. Ltd. द्वारा MBER टेक्नोलॉजी पर संचालित की जा रही है। एनटीपीसी परिसर में कार्यरत कर्मचारियों से मिली जानकारी के अनुसार, परियोजना से जुड़े बिल, केमिकल सप्लाई और भुगतान प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि क्या एनटीपीसी कोरबा का सिविल O&M विभाग इन तथ्यों से अनजान है, या फिर अधिकारियों की जानकारी में यह प्रक्रिया चल रही है? सूत्रों के अनुसार STP प्लांट में उपयोग होने वाले सोडियम हाइपोक्लोराइड के नाम पर लगातार भारत केमिकल, कोरबा के नाम से बिल दर्शाए गए। जब इस संबंध में भारत केमिकल से संपर्क किया गया, तो वहां से यह जानकारी सामने आई कि उल्लिखित तिथि, बिल नंबर और दर्शाई गई मात्रा में किसी भी प्रकार का केमिकल उनकी ओर से सप्लाई नहीं किया गया। इस खुलासे के बाद बिलों की सत्यता और भुगतान प्रक्रिया पर गंभीर संदेह उत्पन्न हो गया है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि केमिकल खरीद से जुड़े बिल, स्टॉक रजिस्टर, उपयोग लॉग, मापन पुस्तिका (MB) और भुगतान फाइलों का मिलान कराया जाए, तो स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकती है। जानकारों का मानना है कि बिना सिविल O&M विभाग की जानकारी या लापरवाही के इस तरह की प्रक्रिया लंबे समय तक चल पाना संभव नहीं लगता। इसी कारण अब यह सवाल चर्चा में है कि यह महज प्रशासनिक चूक है या फिर अंदरूनी समन्वय का परिणाम। फिलहाल इस पूरे मामले में Greenagers Enviro Solutions & Services Pvt. Ltd., भारत केमिकल, तथा एनटीपीसी प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि कर्मचारियों से मिली जानकारी के बाद प्रशासनिक और तकनीकी स्तर पर हलचल तेज हो गई है और मामले की आंतरिक जांच व तकनीकी ऑडिट की मांग जोर पकड़ रही है।
NH-49 पर सनसनीखेज लूट का खुलासा, स्कोर्पियो सवार तीन बदमाश गिरफ्तार
जांजगीर-चाम्पा। अकलतरा पुलिस ने नेशनल हाइवे-49 पर ट्रक चालक से हुई 85 हजार रुपये की लूट की वारदात का पर्दाफाश करते हुए स्कोर्पियो सवार तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की कड़ी मेहनत और तकनीकी जांच के बाद आरोपियों को दबोचा गया, जिन्हें मेडिकल जांच, पूछताछ और बयान के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमन साहू, आसिफ उर्फ छोटू खान और प्रियांशु गांगुली के रूप में हुई है। तीनों आरोपी बिलासपुर जिले के सीपत थाना क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से 10 हजार रुपये नगद, एक चाकू, लोहे की रॉड और वारदात में इस्तेमाल स्कोर्पियो वाहन को जब्त किया है। 150 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले, तब जाकर खुला राज इस लूटकांड की गुत्थी सुलझाने में पुलिस को भारी मशक्कत करनी पड़ी। आरोपियों की पहचान और मूवमेंट ट्रैक करने के लिए 150 से अधिक CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले गए। लगातार तकनीकी विश्लेषण और फील्ड इनपुट के आधार पर आखिरकार पुलिस ने बदमाशों तक पहुंच बनाई। राजस्थान के ट्रक ड्राइवर को बनाया था निशाना पीड़ित ट्रक चालक रतन नायक (राजस्थान निवासी) ने पुलिस को बताया कि वह चाम्पा से माल लोड कर गुजरात जा रहा था। ट्रक के टूल बॉक्स में टाइल्स-पत्थर की डिलीवरी के किराए के 85 हजार रुपये रखे हुए थे। जैसे ही ट्रक NH-49 ओवरब्रिज पर पहुंचा, स्कोर्पियो सवार बदमाशों ने रास्ता रोककर उसे धमकाया और नगदी लूटकर फरार हो गए। BNS की धाराओं में मामला दर्ज अकलतरा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 309(4), 296, 115(2) और 3(5) के तहत कार्रवाई की है। पुलिस का कहना है कि इस त्वरित कार्रवाई से हाईवे पर अपराध करने वाले असामाजिक तत्वों को सख्त संदेश दिया गया है। 👉 पुलिस की सतर्कता और तकनीकी जांच से एक बार फिर साबित हुआ कि अपराधी कितने भी शातिर क्यों न हों, कानून के शिकंजे से बच नहीं सकते।
सूरजपुर में बाघ की करंट से हत्या: महिला सरपंच समेत 6 गिरफ्तार, टाइगर रिजर्व से सटे जंगल में सनसनी
✍️ भागीरथी यादव सूरजपुर। गुरु घासीदास–तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व से सटे सूरजपुर जिले के घुई वन परिक्षेत्र अंतर्गत रेवटी जंगल में नर बाघ की करंट लगने से हुई मौत के मामले में वन विभाग ने कड़ा एक्शन लेते हुए बड़ी कार्रवाई की है। इस सनसनीखेज वन्यजीव अपराध में ग्राम पंचायत परसडीहा (विकासखंड वाड्रफनगर, जिला बलरामपुर) की महिला सरपंच सिसका कुजूर समेत कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। वन विभाग की जांच में सामने आया कि बाघ की मौत करंट प्रवाहित तार बिछाकर की गई। आरोपियों के कब्जे से बाघ के नाखून, बाल, करंट देने में उपयोग किया गया तार और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है। गुरुवार को सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। सरपंच की संलिप्तता से हड़कंप जांच के दौरान ग्राम पंचायत परसडीहा की सरपंच सिसका कुजूर की भूमिका सामने आने के बाद प्रशासनिक और ग्रामीण स्तर पर हड़कंप मच गया। पूछताछ में उसकी निशानदेही पर उसके घर से बाघ के नाखून और बाल बरामद किए गए, जिन्हें परीक्षण के लिए सुरक्षित रखा गया है। बरामदगी के तुरंत बाद सरपंच को गिरफ्तार कर लिया गया। साजिश में शामिल अन्य आरोपी भी बेनकाब पूछताछ में करंट प्रवाहित तार बिछाने और पूरे घटनाक्रम में सहयोग करने वाले अन्य आरोपियों के नाम भी सामने आए, जिसके बाद सभी को दबोच लिया गया। गिरफ्तार आरोपी सिसका कुजूर (35) – सरपंच, ग्राम पंचायत परसडीहा दिनेश कुजूर (31) पिता सहल कुजूर, निवासी ग्राम भैंसामुंडा अभिषेक रोशन (25) पिता बिरसू बड़ा मिथलेश सिंह (24) पिता बिफन सिंह, निवासी ग्राम कैलाशपुर रामनाथ सिंह (25) पिता जय सिंह भोला प्रसाद (46) पिता पहलू राम वन विभाग का सख्त संदेश वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों के खिलाफ अपराध किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। मामले की गहन जांच जारी है और आगे भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई न केवल वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक मजबूत संदेश है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कानून से ऊपर कोई नहीं, चाहे वह जनप्रतिनिधि ही क्यों न हो।
बिलासपुर की सड़कों पर ई-रिक्शा का कहर, नियमों की अनदेखी से बढ़ा हादसों का खतरा
✍️ भागीरथी यादव बिलासपुर। न्यायधानी बिलासपुर में ई-रिक्शा जहां आम लोगों के लिए सस्ता और सुविधाजनक परिवहन साधन बनकर उभरा है, वहीं इनका बेलगाम संचालन अब शहर की यातायात व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। सड़कों पर ई-रिक्शा चालकों की मनमानी इस हद तक बढ़ चुकी है कि ट्रैफिक नियम केवल कागजों तक सिमटते नजर आ रहे हैं। शहर के व्यस्त इलाकों—गोल बाजार, पुराना बस स्टैंड, नेहरू चौक, सत्यम टॉकीज क्षेत्र, व्यापार विहार, सिरगिट्टी रोड और रेलवे स्टेशन—में दिनभर ई-रिक्शा का अव्यवस्थित जमावड़ा लगा रहता है। बिना संकेत अचानक मोड़ लेना, सड़क के बीचों-बीच ब्रेक लगाना और जहां-तहां सवारी चढ़ाना-उतारना आम बात हो गई है। इससे न केवल यातायात बाधित होता है, बल्कि पीछे चल रहे वाहनों के लिए दुर्घटना का खतरा भी बढ़ जाता है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि कई चौराहों पर ई-रिक्शा चालकों ने सड़क को ही अपना निजी स्टैंड बना लिया है। अवैध पार्किंग से सड़कें संकरी हो गई हैं, नतीजतन पीक आवर्स में लंबा जाम लगना आम हो गया है। इन जामों में स्कूली बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और यहां तक कि एंबुलेंस भी फंस जाती हैं, जिससे आम नागरिकों में भारी नाराजगी है। नियमों की अनदेखी, सुरक्षा से खिलवाड़ चिंता की बात यह है कि बड़ी संख्या में ई-रिक्शा चालक न तो प्रशिक्षित हैं और न ही उन्हें यातायात संकेतों की सही जानकारी है। कई चालक बिना वैध लाइसेंस और परमिट के वाहन चला रहे हैं। मुनाफे की होड़ में निर्धारित क्षमता से अधिक सवारियां बैठाई जा रही हैं—बच्चों को गोद में, बुजुर्गों और महिलाओं को असुरक्षित हालात में सफर कराया जा रहा है, जो किसी बड़े हादसे को दावत दे रहा है। यातायात पुलिस पर भी सवाल शहरवासियों का आरोप है कि यातायात पुलिस की ढिलाई ने ही ई-रिक्शा चालकों के हौसले बढ़ा दिए हैं। शिकायतों के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं होने से नियमों का उल्लंघन लगातार जारी है। कई चौराहों पर पुलिस की मौजूदगी के बावजूद नियम तोड़ते ई-रिक्शा साफ देखे जा सकते हैं। प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग अब शहरवासी मांग कर रहे हैं कि ई-रिक्शा संचालन के लिए निर्धारित रूट, स्टैंड और समय का सख्ती से पालन कराया जाए। बिना लाइसेंस और परमिट वाले वाहनों को जब्त किया जाए, नियम तोड़ने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाए और बार-बार उल्लंघन करने वालों के लाइसेंस निरस्त किए जाएं। साथ ही सभी ई-रिक्शा चालकों को अनिवार्य यातायात प्रशिक्षण देने की भी जरूरत बताई जा रही है। यदि समय रहते प्रशासन ने सख्त कदम नहीं उठाए, तो ई-रिक्शा की यह अव्यवस्था आने वाले दिनों में किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। न्यायधानी की सड़कों को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए अब सिर्फ चेतावनी नहीं, बल्कि ठोस और कठोर कार्रवाई की जरूरत है।
नारायणपुर से बड़ी खबर
अबूझमाड़ के होरादी कैंप में तैनात BSF कांस्टेबल ने की आत्महत्या नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है। अबूझमाड़ क्षेत्र के होरादी कैंप में तैनात बीएसएफ के कांस्टेबल सचिन कुमारत ने अपनी सर्विस राइफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद सुरक्षा बलों में शोक की लहर फैल गई है। मृतक कांस्टेबल सचिन कुमारत उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के सिंगोली गांव का निवासी बताया जा रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। नारायणपुर के एसपी रॉबिंसन गुड़िया ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। घटना के बाद कैंप में मातम का माहौल है। कांस्टेबल के परिजनों को सूचना दे दी गई है। पोस्टमार्टम और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आत्महत्या के कारण स्पष्ट हो सकेंगे।
दुर्ग में तेज रफ्तार का कहर, साइकिल सवार युवक की दर्दनाक मौत
✍️ भागीरथी यादव लापरवाह मेटाडोर चालक गिरफ्तार, घायल साथी का इलाज जारी दुर्ग। शहर की सड़कों पर बेलगाम रफ्तार एक बार फिर जानलेवा साबित हुई। थाना पुलगांव क्षेत्र अंतर्गत जलाराम वाटिका के सामने मेन रोड पर हुए भीषण सड़क हादसे में एक साइकिल सवार युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लापरवाह वाहन चालक को गिरफ्तार कर लिया है। पीछे से आई मौत बनकर तेज रफ्तार गाड़ी घटना 16 दिसंबर की शाम करीब 7:30 बजे की है। पुलगांव निवासी टोपेंद्र कुमार साहू (21 वर्ष) अपने मित्र चंद्रशेखर यादव के साथ निजी काम से साइकिल पर दुर्ग की ओर जा रहे थे। चंद्रशेखर साइकिल चला रहा था, जबकि टोपेंद्र पीछे बैठा हुआ था। जैसे ही दोनों जलाराम वाटिका के सामने पहुंचे, पीछे से आ रहे अशोक लीलैंड मेटाडोर (सीजी 07 सीडब्ल्यू 1128) के चालक ने तेज और लापरवाह तरीके से वाहन चलाते हुए साइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। भीड़भाड़ वाले मार्ग पर नहीं लगाया ब्रेक प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के वक्त सड़क पर भारी आवाजाही थी। इसके बावजूद चालक ने न तो रफ्तार कम की और न ही ब्रेक लगाने की कोशिश की। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन साइकिल सवारों को 10 से 15 मीटर तक घसीटता चला गया। एक की मौत, एक जिंदगी मौत से लड़ी हादसे में चंद्रशेखर यादव के सिर में गंभीर चोट आई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं टोपेंद्र साहू को आंखों के पास, दोनों कोहनियों और कलाई में गंभीर चोटें आईं। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को एम्बुलेंस से जिला अस्पताल दुर्ग पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने चंद्रशेखर को मृत घोषित कर दिया। टोपेंद्र का इलाज जारी है। हादसे के बाद फरार हुआ चालक, पुलिस ने दबोचा घटना के बाद आरोपी चालक वाहन लेकर दुर्ग की ओर फरार हो गया था। सूचना मिलते ही थाना पुलगांव में पदस्थ सउनि सुभाष कुमार साहू मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। घायल टोपेंद्र के बयान और प्रत्यक्षदर्शियों के साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने 17 दिसंबर को आरोपी चालक श्यामलाल कोसरे (26 वर्ष) निवासी खमरिया भाटा जुनवानी, चौकी स्मृति नगर थाना सुपेला को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर केंद्रीय जेल दुर्ग भेज दिया गया। 👉 यह हादसा एक बार फिर साबित करता है कि तेज रफ्तार और लापरवाही सड़कों पर सबसे बड़ा खतरा बन चुकी है, जिसकी कीमत निर्दोष लोगों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ रही है।
















