दर्री प्रेस क्लब में धूमधाम के साथ मनाया गया गणतंत्र दिवस
✍️ भागीरथी यादव दर्री : 26 जनवरी, गणतंत्र दिवस के अवसर पर दर्री प्रेस क्लब में ध्वजारोहण समारोह आयोजित किया गया। समारोह में क्लब के अध्यक्ष अनिल द्विवेदी, संरक्षक सुधीर जैन, उपाध्यक्ष भागवत दीवान, सचिव संतोष गुप्ता तथा समस्त सदस्य उपस्थित रहे। ध्वजारोहण के साथ ही राष्ट्रगान गाया गया और स्वतंत्रता संग्राम के नायकों एवं संविधान निर्माताओं को याद करते हुए उनके योगदान को सम्मानित किया गया। प्रेस क्लब के अध्यक्ष अनिल द्विवेदी ने इस अवसर पर कहा कि गणतंत्र दिवस हमें संविधान और लोकतंत्र की मूल भावना को समझने और उसका पालन करने की प्रेरणा देता है। सदस्यों ने देशभक्ति के गीतों और विचार विमर्श के माध्यम से इस अवसर को यादगार बनाया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी सदस्यों ने देश की एकता, अखंडता और लोकतंत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। समारोह का समापन सभी उपस्थित लोगों द्वारा तिरंगे को सम्मान देने और राष्ट्रीय चेतना को सशक्त बनाने के संकल्प के साथ किया गया।
डोंगरगढ़: मड़ई मेले में खूनी संघर्ष, आयोजन समिति के सदस्य पर जानलेवा हमला; ‘आदिवासी नेता’ समेत 7 गिरफ्तार
बोरतलाव | 25 जनवरी, 2026 डोंगरगढ़ के बोरतलाव थाना क्षेत्र में पारंपरिक ‘मड़ई मेले‘ का उल्लास उस वक्त मातम और दहशत में बदल गया, जब एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान आयोजन समिति के सदस्य पर धारदार हथियार से प्राणघातक हमला कर दिया गया। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी और कथित आदिवासी नेता उदय नेताम समेत 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। विवाद की जड़: मंच पर हुल्लड़बाजी और समझाइश घटना रविवार रात की है। ग्राम बोरतलाव में वार्षिक मड़ई के उपलक्ष्य में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां चल रही थीं। चश्मदीदों के मुताबिक, ग्राम बुढ़ानछापर निवासी उदय नेताम अपने पुत्र के साथ मंच पर चढ़कर शोर-शराबा करने लगा। जब आयोजन समिति के सदस्य बशीर मोहम्मद और अन्य साथियों ने उसे अनुशासन बनाए रखने और मंच से उतरने की समझाइश दी, तो विवाद बढ़ गया। स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप के बाद उदय वहां से चला तो गया, लेकिन यह शांति महज एक बड़े तूफान से पहले की खामोशी थी। योजनाबद्ध हमला और अफरा-तफरी कुछ ही देर बाद उदय नेताम अपने बेटे मनीष और अन्य साथियों (पंकज साहू, योगेश कोर्राम, बंटी साहू, जाफर खान, विकास गोंडाने और हर्षित निषाद) के साथ वैगनआर कार में सवार होकर वापस लौटा। आरोप है कि इन सभी ने एकजुट होकर बशीर मोहम्मद को घेर लिया और जान से मारने की नीयत से उनके पेट पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले के बाद लहूलुहान बशीर को गिरते देख मेले में भगदड़ मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे और उत्सव का माहौल चीख-पुकार में बदल गया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई: सभी आरोपी सलाखों के पीछे मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर बोरतलाव पुलिस ने तत्काल घेराबंदी की। पुलिस ने दबिश देकर सभी सातों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जब्ती: पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई वैगनआर कार, धारदार हथियार और 6 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। धाराएं: आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) सहित अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। चिंता का विषय: मुख्य आरोपी उदय नेताम की पहचान क्षेत्र में एक सक्रिय आदिवासी नेता के रूप में है। एक सार्वजनिक मंच और सांस्कृतिक आयोजन में एक ‘नेता’ की इस तरह की हिंसक संलिप्तता ने सामाजिक और राजनीतिक हलकों में गहरी चिंता पैदा कर दी है। सुरक्षा पर सवाल मड़ई जैसे बड़े आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी ने स्थिति को और बिगड़ने से रोक लिया, लेकिन इस घटना ने पारंपरिक उत्सवों में बढ़ती गुंडागर्दी और हथियारों के बढ़ते चलन की ओर इशारा किया है।
कोरबा में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, मकान से 5 युवतियां और 3 युवक गिरफ्तार, मकान मालकिन भी हिरासत में
कोरबा। जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में पुलिस ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कथित सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया है। शिकायत के आधार पर की गई छापेमारी में एक मकान से 5 युवतियां और 3 युवक आपत्तिजनक हालत में मिले। मौके से मकान मालकिन सहित कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, डिंगापुर और रामपुर के बीच स्थित एक बस्ती में रहने वाली सुरती पटेल के मकान में लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियां चल रही थीं। मोहल्ले वालों का आरोप है कि यहां आए दिन बाहरी युवक-युवतियों का आना-जाना लगा रहता था, जिससे क्षेत्र का माहौल खराब हो रहा था। स्थानीय लोगों ने कई बार इसका विरोध किया, लेकिन आरोप है कि मकान मालकिन सुरती पटेल विरोध करने पर मोहल्लेवासियों से गाली-गलौज करती और उन्हें धमकी देती थी। इससे परेशान होकर वार्डवासियों ने शुक्रवार को सिविल लाइन थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने शनिवार को मकान पर दबिश दी। पुलिस को देखकर घर में मौजूद युवक-युवतियां भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन चारों ओर से घेराबंदी कर सभी को पकड़ लिया गया। पुलिस ने मौके से हरदी बाजार निवासी ईश्वर कुमार, नील कुमार यादव, बैगिनडबार निवासी राज दास महंत, मकान मालकिन सुरती पटेल और चार युवतियों को गिरफ्तार किया है। सभी के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में मामला दर्ज कर विधिवत गिरफ्तारी की गई है। अन्य आरोपियों से पूछताछ जारी है। इधर, वार्ड नंबर 36 के पार्षद अजय गोड सहित बड़ी संख्या में वार्डवासी सिविल लाइन थाना पहुंचे और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। पार्षद ने कहा कि लंबे समय से इलाके में चल रही अवैध गतिविधियों से बच्चों और स्थानीय लोगों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
चिरमिरी में कानून तोड़ने वालों पर सख्ती, थाना प्रभारी विजय सिंह की पैनी निगरानी
✍️ भागीरथी यादव ‘ड्रंक एंड ड्राइव’ पर पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन, 23 दिनों में 50 हजार का जुर्माना एमसीबी/चिरमिरी। चिरमिरी शहर में अब कानून से खिलवाड़ करना आसान नहीं रहा। थाना प्रभारी विजय सिंह ने साफ शब्दों में संदेश दे दिया है कि पुलिस की कार्रवाई महज़ औपचारिकता नहीं, बल्कि ज़मीन पर दिखने वाला सख्त अभियान है। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर पुलिस की टीमें ब्रेथ एनालाइज़र के साथ लगातार तैनात हैं और हर संदिग्ध वाहन चालक पर कड़ी नजर रखी जा रही है। थाना प्रभारी विजय सिंह ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यक्ति अवैध गतिविधियों में लिप्त पाया गया या नशे की हालत में वाहन चलाते पकड़ा गया, तो उसे कानून के शिकंजे से कोई नहीं बचा सकता। शराब पीकर स्टेयरिंग संभालने वालों को सीधे कोर्ट का रास्ता दिखाया जाएगा, जहां सजा के साथ भारी जुर्माना भी तय है। इन दिनों चिरमिरी पुलिस नशे के सौदागरों और नशे में धुत होकर सड़कों पर दूसरों की जान खतरे में डालने वालों के खिलाफ पूरी तरह “फुल फॉर्म” में नजर आ रही है। पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह (IPS) के सख्त निर्देशों और सीएसपी चिरमिरी के कुशल मार्गदर्शन में चलाए जा रहे इस अभियान ने शराबियों में हड़कंप मचा दिया है। 23 दिनों में 5 केस, 50 हजार रुपए का जुर्माना थाना प्रभारी विजय सिंह के नेतृत्व में 1 जनवरी से शुरू किए गए विशेष अभियान के तहत अब तक मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के अंतर्गत 5 बड़े प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इन मामलों को जब न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, तो कोर्ट ने भी सख्त रुख अपनाते हुए आरोपियों पर कुल 50,000 रुपए का जुर्माना लगाया। चिरमिरी पुलिस की इस कार्रवाई से साफ है कि अब शहर में पहले जैसा नहीं चलेगा। सड़क सुरक्षा नियमों को नजरअंदाज करने वालों को यह समझ लेना चाहिए कि कानून सबके लिए बराबर है। चिरमिरी में इन दिनों “सिंघम” अंदाज़ में पुलिस प्रशासन गद्दी संभाले हुए है और हर नागरिक को कानून के दायरे में रहना ही होगा।
वर्ष 2026 की शुरुआत में ही चोरों का आतंक, 24 जनवरी को दर्री थाना क्षेत्र में तीन स्थानों पर चोरी
✍️ भागीरथी यादव दर्री। वर्ष 2026 की शुरुआत होते ही अपराधियों ने अपनी मौजूदगी दर्ज करानी शुरू कर दी है। साल के पहले ही महीने में, दिनांक 24/01/2026 को दर्री थाना अंतर्गत एक ही दिन में तीन अलग-अलग स्थानों पर चोरी की घटनाएँ सामने आई हैं, जिससे क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है। चोरों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि वे अब एनटीपीसी मेन रोड जैसे व्यस्त इलाकों को भी नहीं छोड़ रहे। इसी क्रम में युवराज हेयर कटिंग सैलून में चोरी की कोशिश की गई। हालांकि सैलून मालिक की समझदारी ने बड़ी चोरी को होने से रोक लिया। सैलून मालिक रोज़ाना की तरह दुकान में रखे कीमती सामानों को पहले ही घर ले गया था, जिससे उसे भारी नुकसान नहीं हुआ। लेकिन चोरों ने सैलून में लगे सेट/टीम से जुड़े उपकरणों को काट दिया, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि चोर पूरी तैयारी और औज़ारों के साथ वारदात को अंजाम देने पहुंचे थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब मेन रोड पर इस तरह की घटनाएँ हो रही हैं, तो बस्तियों और रिहायशी इलाकों की स्थिति का अंदाज़ा लगाया जा सकता है। लगातार हो रही चोरी की वारदातों से व्यापारियों और आम नागरिकों में डर व्याप्त है। क्षेत्रवासियों ने दर्री पुलिस से रात्रि गश्त बढ़ाने, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और चोरों को जल्द से जल्द पकड़ने की मांग की है। वर्ष की शुरुआत में ही बढ़ते अपराध ने पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दर्री एनटीपीसी मेन रोड पर चोरी, टीन शेड काटकर उड़ा ले गए गल्ला
✍️ भागीरथी यादव दर्री। एनटीपीसी मेन रोड क्षेत्र में चोरों के हौसले एक बार फिर बुलंद नजर आए। सड़क किनारे स्थित एक चिकन सेंटर में देर रात चोरी की वारदात को अंजाम देकर अज्ञात चोर फरार हो गए। जानकारी के अनुसार चोरों ने टीन के सेट से बनी दुकान को काटकर अंदर प्रवेश किया और दुकान में रखा गल्ला ही उठाकर ले गए। दुकान मालिक बंटी ने बताया कि वह रोज़ की तरह रात में दुकान बंद कर घर चले गए थे। सुबह जब दुकान खोलने पहुंचे तो अंदर का नज़ारा देख उनके होश उड़ गए। दुकान के भीतर सारा सामान बिखरा पड़ा था और गल्ले में रखे करीब 5,000 रुपये नगद गायब थे। इस घटना से दुकान मालिक को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा है। घटना की जानकारी स्थानीय लोगों को लगते ही क्षेत्र में सनसनी फैल गई। लगातार हो रही चोरी की घटनाओं के बाद आसपास के दुकानदारों में भय का माहौल बन गया है। व्यापारी अपनी दुकानों की सुरक्षा को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं और रात के समय गश्त बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
अयोध्यापुरी दुर्गा चौक से बाइक चोरी, CCTV में कैद हुई वारदात देखे वीडियो
✍️ भागीरथी यादव दर्री। अयोध्यापुरी दुर्गा चौक क्षेत्र में बीती रात अज्ञात चोरों ने एक दोपहिया वाहन पर हाथ साफ कर दिया। चोरी की यह पूरी वारदात पास के मकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार वाहन मालिक राहुल यादव ने बताया कि वह रोज़ की तरह अपनी हीरो सीडी डीलक्स मोटरसाइकिल (क्रमांक CG 12 BB 2463) को घर के सामने खड़ी कर रात में सोने चले गए थे। सुबह उठने पर जब उन्होंने बाहर देखा तो उनकी मोटरसाइकिल गायब थी। घबराए वाहन मालिक ने आसपास के लोगों से पूछताछ की, लेकिन किसी को भी वाहन के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने अपने घर के सामने स्थित एक मकान में लगे सीसीटीवी कैमरे की जांच की, जिसमें एक अज्ञात व्यक्ति को रात्रि करीब 12:30 बजे मोटरसाइकिल चोरी कर ले जाते हुए देखा गया। घटना की जानकारी मिलते ही राहुल यादव ने बिना देरी किए दर्री थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। सूचना मिलते ही दर्री पुलिस सक्रिय हुई और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान करने में जुटी हुई है। क्षेत्र में बढ़ती चोरी की घटनाओं से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है और उन्होंने रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग की है।
कोरबा में जंगली सुअर के अवैध शिकार का भंडाफोड़, पांच ग्रामीण जेल भेजे गए
कोरबा। जिले के कटघोरा वन मंडल अंतर्गत जंगली सुअर के अवैध शिकार और उसके मांस को पकाकर खाने के मामले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच ग्रामीणों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। मिली जानकारी के अनुसार ग्राम लीमपानी (भदरापारा), ग्राम पंचायत बारीउमराव के एक ग्रामीण से जंगली सुअर के अवैध शिकार की सूचना वन विभाग को मिली थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए वन मंडलाधिकारी कटघोरा कुमार निशांत के निर्देश पर तथा उपवन मंडलाधिकारी पाली हितेश कुमार ठाकुर के मार्गदर्शन में वन परिक्षेत्र अधिकारी चैतमा दिनेश कुमार कुर्रे के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम गठित की गई। जांच टीम ने ग्राम लीमपानी पहुंचकर गांव के पंचों की उपस्थिति में इंद्रपाल पिता रामप्रसाद धनवार के घर दबिश दी। तलाशी के दौरान जंगली सुअर का करीब 5 किलोग्राम कच्चा मांस, जंगली सुअर का पुराना जबड़ा (02 नग), पैर (03 नग), शिकार में प्रयुक्त कुल्हाड़ी (02 नग), परसुल (01 नग), हंसिया (02 नग), सेटिंग तार के 04 बंडल तथा मांस काटने में उपयोग की गई लकड़ी का गुटका जब्त किया गया। पूछताछ में इंद्रपाल ने स्वीकार किया कि उसने पलमा पहाड़ में फंदा लगाकर जंगली सुअर का शिकार किया था। सुअर के फंदे में फंसकर मरने के बाद उसने गांव के ही मंतराम धनवार, मिलन धनवार एवं जयलाल धनवार के साथ मिलकर जंगल में ही सुअर को काटा और मांस आपस में बांट लिया, जिसमें से कुछ मांस पकाकर खा लिया गया। इस कार्रवाई में परस राम पटेल (परिसर सहायक, घुईचुवा), यशमन कुमार आडिल (परिसर सहायक, चैतमा), कीर्ति कुमार तंवर (परिसर सहायक, राहा) सहित भीम पटेल, लक्ष्मी प्रसाद यादव एवं सुखमन कुमार पाटले शामिल रहे। वन विभाग ने सभी आरोपियों के विरुद्ध वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की धारा 09, 39, 44, 48(क), 51 एवं 52 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी पाली के न्यायालय में प्रस्तुत किया। सुनवाई के बाद न्यायालय ने सभी आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के आदेश दिए।
गरियाबंद में दर्दनाक हादसा: खुले कुएं में गिरने से तेंदुए की मौत, वन विभाग जांच में जुटा
✍️ भागीरथी यादव छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से एक बेहद संवेदनशील और चिंताजनक मामला सामने आया है। पांडुका वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम टोनहीडबरी में एक तेंदुए की लाश मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद शव को कुएं से बाहर निकाला। जानकारी के अनुसार, गांव से लगे खेत में बने एक खुले कुएं में ग्रामीणों ने तेंदुए को पड़ा देखा। पास जाकर देखने पर उसकी मौत की पुष्टि हुई। आशंका जताई जा रही है कि तेंदुआ रात के समय शिकार की तलाश में आबादी की ओर आया होगा और अंधेरे में संतुलन बिगड़ने या शिकार का पीछा करते हुए खुले कुएं में गिर गया। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत सक्रिय हो गए। गरियाबंद के वन मंडलाधिकारी (DFO) शासिगानंदन स्वयं अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और पूरी स्थिति का जायजा लिया। उनकी निगरानी में ही तेंदुए के शव को सुरक्षित तरीके से कुएं से बाहर निकाला गया। वन विभाग ने तेंदुए की मौत के वास्तविक कारणों की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल प्राथमिक तौर पर इसे दुर्घटना माना जा रहा है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजह की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कहीं इलाके में शिकारियों द्वारा कोई जाल तो नहीं बिछाया गया था। इस घटना ने एक बार फिर वन्यजीवों की सुरक्षा और ग्रामीण क्षेत्रों में खुले कुओं से होने वाले खतरों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
















