गुरु घासीदास जयंती पर आस्था का महासंकल्प, पाली में तीन अरब तैंतीस करोड़ राम नाम लेखन का विराट महायज्ञ
✍️ पाली (कोरबा) से ज्ञान शंकर तिवारी की रिपोर्ट मनखे–मनखे एक समान का अमर संदेश देने वाले महान संत, समाज सुधारक एवं सतनाम पंथ के प्रवर्तक गुरु बाबा घासीदास जी की जयंती के पावन अवसर पर कोरबा जिले के पाली क्षेत्र में आस्था, श्रद्धा और समरसता का अनुपम दृश्य साकार होने जा रहा है। सनातन हिन्दू समाज के तत्वावधान में भव्य राम नाम लेखन महायज्ञ का शुभारंभ किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत तीन अरब तैंतीस करोड़ राम नाम लेखन का विराट और ऐतिहासिक लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस आध्यात्मिक महासंकल्प को जन–जन तक पहुंचाने के लिए पाली विकासखंड को 14 मंडलों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक मंडल की जिम्मेदारी समाज के पदाधिकारियों और समर्पित सामाजिक कार्यकर्ताओं को सौंपी गई है, जो पूरे समन्वय और अनुशासन के साथ आयोजन को गति दे रहे हैं। महायज्ञ को लेकर गांव–गांव में जनसंपर्क अभियान तेज हो चुका है। घर-घर राम नाम लेखन की पुस्तिकाएं पहुंचाई जा रही हैं। महिलाएं, पुरुष, युवा और बुजुर्ग—सभी वर्गों में अद्भुत उत्साह देखने को मिल रहा है। जैसे-जैसे राम नाम लेखन प्रारंभ हो रहा है, वैसे-वैसे क्षेत्र में भक्ति, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार महसूस किया जा रहा है। यह राम नाम लेखन महायज्ञ गुरु घासीदास जी के जन्मदिवस से प्रारंभ होकर 24 दिसम्बर तक निरंतर चलेगा। इस अवधि में श्रद्धालु सामूहिक एवं व्यक्तिगत रूप से राम नाम लेखन कर आध्यात्मिक साधना करेंगे। 25 दिसम्बर को महायज्ञ का भव्य समापन राम नाम संकीर्तन, भजन-कीर्तन एवं राम खिचड़ी प्रसाद वितरण के साथ किया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, भाईचारे और नैतिक चेतना को मजबूत करने का अभियान है। राम नाम लेखन के माध्यम से समाज को एक सूत्र में बांधने, सद्भाव और मानवता के मूल्यों को सुदृढ़ करने का संदेश दिया जा रहा है। पूरे पाली अंचल में इस महायज्ञ को लेकर भक्तिमय वातावरण बन चुका है और हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता से यह आयोजन आस्था, एकता और संस्कारों का ऐतिहासिक अध्याय रचने की ओर अग्रसर है।
नक्शा पास कराने के नाम पर रिश्वतखोरी का भंडाफोड़, बोदरी नगर पालिका की CMO और क्लर्क ACB के शिकंजे में
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नगर पालिका बोदरी की मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) और एक क्लर्क को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई तब की गई, जब दोनों अधिकारी मकान का नक्शा पास कराने के बदले 12 हजार रुपए की रिश्वत ले रहे थे। जानकारी के अनुसार, सरकंडा के नूतन चौक निवासी वेदराम निर्मलकर ने ACB में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि बोदरी क्षेत्र में स्थित उसकी जमीन पर मकान निर्माण के लिए नगर पालिका से नक्शा पास कराना था। इसके लिए कार्यालय में निर्धारित शुल्क के तहत 20 हजार रुपए का डिमांड ड्राफ्ट और 47 हजार 257 रुपए की अन्य फीस जमा करने की बात कही गई। इसके बावजूद नगर पालिका के बाबू सुरेश सिहोरे ने अलग से 15 हजार रुपए रिश्वत की मांग की। पीड़ित की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए ACB ने पहले पूरे मामले का सत्यापन कराया। बातचीत के दौरान रिश्वत की रकम 12 हजार रुपए में तय हुई। इसके बाद ACB की टीम ने ट्रैप की योजना बनाई। योजना के मुताबिक, CMO भारती साहू ने पीड़ित को अपने कार्यालय बुलाया। जैसे ही पीड़ित रिश्वत की रकम लेकर पहुंचा, CMO ने उसे अपने प्राइवेट असिस्टेंट सुरेश सिहोरे को पैसे देने के निर्देश दिए। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठी ACB की टीम ने मौके पर दबिश देकर दोनों को रिश्वत की रकम के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया। इस कार्रवाई से नगर पालिका में व्याप्त भ्रष्टाचार उजागर हुआ है और आम जनता के बीच यह संदेश गया है कि सरकारी कामों में रिश्वत मांगने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल ACB दोनों आरोपियों से पूछताछ कर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।
बूढ़ा तालाब के पास ड्रग्स और हथियारों के साथ युवक गिरफ्तार, कोतवाली पुलिस की बड़ी कार्रवाई
रायपुर। राजधानी रायपुर में मादक पदार्थों और अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कोतवाली पुलिस को बड़ी और चौंकाने वाली सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने बूढ़ा तालाब क्षेत्र के पास घेराबंदी कर एक युवक को एमडीएमए ड्रग्स, पिस्टल और जिंदा कारतूस के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से शहर में नशे और अपराध के गठजोड़ पर एक बार फिर से करारा प्रहार हुआ है। पुलिस को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि एक युवक चारपहिया वाहन में मादक पदार्थ लेकर बिक्री की नीयत से इलाके में घूम रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर थाना कोतवाली पुलिस की विशेष टीम गठित की गई। टीम ने बताए गए स्थान पर घेराबंदी कर संदिग्ध स्कॉर्पियो वाहन को रोका। वाहन में सवार युवक ने पूछताछ के दौरान अपना नाम राहुल ठाकुर बताया। तलाशी लेने पर पुलिस ने उसके कब्जे से एमडीएमए ड्रग्स, एक पिस्टल और चार जिंदा कारतूस बरामद किए। पूछताछ के दौरान आरोपी लगातार पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करता रहा, लेकिन सख्ती से की गई पूछताछ में सच्चाई सामने आ गई। पुलिस ने आरोपी के पास से एमडीएमए ड्रग्स, पिस्टल, चार जिंदा कारतूस, स्कॉर्पियो वाहन, नगद रकम और एक आईफोन जब्त किया है। इस मामले में थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 348/25 के तहत नारकोटिक एक्ट की धारा 21(ए) एवं आर्म्स एक्ट की धारा 25 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी का आपराधिक इतिहास रहा है। राहुल ठाकुर वर्ष 2015 में हत्या के प्रयास के मामले में थाना पुरानी बस्ती से तथा वर्ष 2019 में मारपीट के प्रकरण में थाना कोतवाली से जेल जा चुका है। इसके बावजूद वह दोबारा अपराध की दुनिया में सक्रिय हो गया था। गिरफ्तार आरोपी राहुल ठाकुर, पिता योगेंद्र ठाकुर, उम्र 29 वर्ष, निवासी खोखोपारा, पंकज गार्डन के पास, थाना पुरानी बस्ती, रायपुर को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया जारी है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी को मादक पदार्थ और हथियार कहां से मिले और इसके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। कोतवाली पुलिस की इस कार्रवाई को राजधानी में नशे और अवैध हथियारों के खिलाफ चल रही मुहिम में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
अवैध धान परिवहन पर प्रशासन का कड़ा पहरा, कलेक्टर खुद मैदान में — चेक पोस्ट से खरीदी केंद्र तक सघन निरीक्षण
✍️ भागीरथी यादव बलरामपुर, 17 दिसम्बर 2025। जिले में अवैध धान परिवहन पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए प्रशासन अब एक्शन मोड में नजर आ रहा है। कलेक्टर श्री राजेंद्र कटारा स्वयं रात्रिकालीन और प्रातःकालीन समय में चेक पोस्टों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की हकीकत परख रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने चुना पाथर चेक पोस्ट का अचानक निरीक्षण कर सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था का गहन जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने चेक पोस्ट पर लगे सीसीटीवी कैमरों की स्थिति, रजिस्टर संधारण, विभिन्न पंजीयों की जांच के साथ वाहनों की जांच प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि चेक पोस्टों पर 24 घंटे सख्त निगरानी अनिवार्य है, संदिग्ध वाहनों पर विशेष नजर रखी जाए और अवैध धान परिवहन में संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। धान खरीदी केंद्र पहुंचकर किसानों से सीधा संवाद धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री कटारा ने विकासखंड रामचंद्रपुर के दोलंगी धान खरीदी केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र में बारदाना की उपलब्धता, धान उठाव की स्थिति और खरीदी प्रक्रिया की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने धान विक्रय हेतु पहुंचे किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। कलेक्टर ने किसानों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि तौल में पूर्ण पारदर्शिता, समय पर भुगतान और सुचारू उठाव शासन-प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के अनुरूप वास्तविक किसानों से ही धान खरीदी की जाएगी और किसी भी किसान को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि धान खरीदी और परिवहन से जुड़ी हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता को समय रहते रोका जा सके।
कबीरधाम में बायसन शिकार का सनसनीखेज खुलासा, दो शिकारी गिरफ्तार, लापरवाही पर बीट गार्ड निलंबित
✍️ भागीरथी यादव कबीरधाम। जिले में वन्य जीव संरक्षण पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मंगलवार को सामने आए दो बायसन के शिकार के मामले में वन विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, वहीं विभागीय लापरवाही मानते हुए संबंधित क्षेत्र के बीट गार्ड को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पूरे मामले का खुलासा वन मंडल अधिकारी निखिल अग्रवाल ने डिवीजन कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया। डीएफओ निखिल अग्रवाल ने बताया कि मंगलवार को कवर्धा वन परिक्षेत्र के बोकरखार जंगल अंतर्गत बीट क्रमांक 47 में दो बायसन की संदिग्ध मौत की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, जहां प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि दोनों बायसन की मौत करंट की चपेट में आने से हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत आरोपियों की तलाश शुरू की गई। आरोपियों की धरपकड़ के लिए अचानकमार टाइगर रिजर्व से डॉग स्क्वायड की मदद ली गई। सघन जांच और तलाशी अभियान के बाद दो जीजा-साला—दसरु और कुंवर सिंह—को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से करंट लगाने में प्रयुक्त जीआई तार, कुल्हाड़ी, पूर्व में शिकार किए गए जंगली सूअर का मांस, दांत तथा मोर के पैर बरामद किए गए हैं। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है। वन मंडल अधिकारी ने इस मामले में विभागीय जिम्मेदारी तय करते हुए संबंधित क्षेत्र के बीट गार्ड अनिल राजपूत को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वन्य प्राणियों की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि इससे पहले 21 नवंबर को चिल्फी वन परिक्षेत्र के बाहनाखोदरा बीट क्रमांक 333 में भी एक सप्ताह के भीतर दो बायसन का शिकार किया गया था। उस मामले में वन विभाग ने साल्हेवारा के पांच लोगों को गिरफ्तार किया था, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश अभी जारी है। साथ ही चिल्फी रेंजर को कारण बताओ नोटिस जारी कर विभागीय जांच भी शुरू की गई है। करीब 1582 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र वाले कबीरधाम जिले में बाघ, तेंदुआ, भालू, हिरण सहित कई दुर्लभ वन्य प्राणी पाए जाते हैं। इसके बावजूद लगातार सामने आ रहे शिकार के मामलों ने वन्य जीव सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है और प्रशासन के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।
रायपुर : पेशी पर पहुंचे कवासी लखमा बोले— “बस्तर की आवाज उठाने की सजा भुगत रहा हूं”
रायपुर। शराब घोटाले मामले में जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री एवं कोंटा विधायक कवासी लखमा को बुधवार को पेशी के लिए कोर्ट लाया गया। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने अपनी पीड़ा खुलकर रखी। लखमा ने कहा कि जनवरी में जेल जाने के बाद आज पहली बार बाहर आया हूं। कई बार बोलने के बावजूद आज यह मौका मिला। उन्होंने अपनी सेहत को लेकर चिंता जताते हुए बताया कि वे हार्ट की बीमारी से पीड़ित हैं, साथ ही उन्हें शुगर और आंखों से संबंधित समस्याएं भी हैं। बावजूद इसके, उन्हें लंबे समय से जेल में रखा गया है। विधानसभा की कार्यवाही में शामिल न हो पाने को लेकर पूछे गए सवाल पर कवासी लखमा ने भावुक अंदाज में कहा कि उन्होंने विधानसभा में बस्तर की समस्याओं और मुद्दों को मजबूती से उठाया था, और इसी की कीमत उन्हें चुकानी पड़ रही है। “बस्तर की बात उठाई, इसलिए ही मुझे जेल में रखा गया है,” उन्होंने कहा। लखमा ने बताया कि विधानसभा की कार्यवाही में शामिल होने के लिए उन्होंने राज्यपाल और विधानसभा अध्यक्ष को पत्र भी लिखा था। उन्होंने राजकुमार कॉलेज में आयोजित विधानसभा के पहले सत्र में भाग लिया था, लेकिन पुराने विधानसभा भवन में हुए सत्र में शामिल नहीं हो पाने का उन्हें गहरा अफसोस है। उन्होंने कहा कि विधानसभा में बस्तर के मुद्दे नहीं उठा पाने का दर्द उन्हें लगातार परेशान करता है। पूर्व मंत्री के इन बयानों ने एक बार फिर प्रदेश की सियासत को गरमा दिया है और शराब घोटाले मामले के साथ-साथ बस्तर के सवालों को भी चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
कोरबा में दो दिनों तक मांस विक्रय पर पूर्ण प्रतिबंध, नगर निगम का आदेश जारी
कोरबा। नगर पालिक निगम कोरबा ने धार्मिक आस्था और परंपराओं को ध्यान में रखते हुए शहर में दो दिनों तक मांस विक्रय पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है। निगम के आदेश के अनुसार 18 दिसंबर 2025 (गुरु घासीदास जयंती) एवं 19 दिसंबर 2025 (संत गुरु घासीदास/संत तारण तारन जयंती) के अवसर पर नगर निगम सीमा क्षेत्र अंतर्गत संचालित समस्त पशुवध गृह एवं मांस विक्रय की दुकानें बंद रहेंगी। नगर निगम द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि उक्त तिथियों में किसी भी प्रकार का पशुवध पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही मांस विक्रय करने वाली सभी दुकानों को अनिवार्य रूप से बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। नियमों का पालन न करने पर मांस जब्त कर संबंधित के विरुद्ध विधिसम्मत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम प्रशासन ने इस आदेश के पालन हेतु संबंधित जोन प्रभारियों, पशु चिकित्सा विभाग, थाना प्रभारियों एवं निगम अमले को सतर्क रहने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही आम नागरिकों एवं व्यापारियों से सहयोग की अपील की गई है ताकि शांति, सौहार्द और धार्मिक भावनाओं का सम्मान सुनिश्चित किया जा सके। नगर निगम का यह आदेश शहर के सभी प्रमुख क्षेत्रों—कोरबा, परिवहन नगर, कोसाबाड़ी, बालको, दर्री, सर्वमंगला नगर सहित अन्य जोन क्षेत्रों में प्रभावशील रहेगा।
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: CMO की पूर्व उप सचिव सौम्या चौरसिया गिरफ्तार, ईडी की बड़ी कार्रवाई
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की पूर्व उप सचिव सौम्या चौरसिया को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी मंगलवार देर शाम की गई। ईडी ने बताया कि सौम्या चौरसिया को बुधवार को विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। ईडी के अधिवक्ता सौरभ कुमार पांडे ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि सौम्या चौरसिया पहले से ही कोयला लेवी घोटाले में आरोपी हैं। उल्लेखनीय है कि उन्हें 2022 में कोयला लेवी घोटाले में गिरफ्तार किया गया था और इस साल मई में उच्चतम न्यायालय से अंतरिम जमानत मिलने के बाद वे जेल से बाहर आई थीं। शराब घोटाले की कड़ी में नई गिरफ्तारी प्रवर्तन निदेशालय का कहना है कि शराब घोटाला वर्ष 2019 से 2022 के बीच तत्कालीन भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में अंजाम दिया गया। इस घोटाले से राज्य सरकार के खजाने को 2,500 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ, जबकि शराब सिंडिकेट से जुड़े लोगों ने अवैध रूप से भारी मुनाफा कमाया। इस मामले में ईडी पहले ही कई बड़ी गिरफ्तारियां कर चुकी है। 15 जनवरी को कांग्रेस विधायक और पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को गिरफ्तार किया गया। 18 जुलाई को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को भी ईडी ने हिरासत में लिया। ईडी के गंभीर आरोप ईडी ने आरोप लगाया है कि कवासी लखमा अपराध की कमाई के मुख्य लाभार्थी थे और आबकारी मंत्री रहते हुए उन्हें बड़ी मात्रा में नकद राशि मिली। चैतन्य बघेल शराब घोटाले के सिंडिकेट के कथित मुखिया थे और उन्होंने लगभग 1,000 करोड़ रुपये की अवैध कमाई का व्यक्तिगत रूप से प्रबंधन किया। CMO तक पहुंचा मामला सौम्या चौरसिया की गिरफ्तारी के बाद यह मामला सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचता नजर आ रहा है। वे भूपेश बघेल के मुख्यमंत्री रहते हुए CMO में उप सचिव के पद पर कार्यरत थीं। उनकी भूमिका को लेकर अब जांच और तेज होने के संकेत हैं। ईडी की ताजा कार्रवाई ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर हलचल मचा दी है। आने वाले दिनों में इस घोटाले में और बड़े नाम सामने आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा।
पटना में जमीन खरीदना अब मिडिल क्लास के लिए सपना! सर्किल रेट में 4 गुना तक बढ़ोतरी की तैयारी, आसमान छुएंगे दाम
✍️ भागीरथी यादव पटना। बिहार की राजधानी पटना में जमीन खरीदकर घर बनाने का सपना अब मिडिल क्लास के लिए लगभग नामुमकिन होता नजर आ रहा है। राज्य के दूसरे जिलों से आकर पटना में बसने की चाह रखने वाले मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए यह सपना अब “दूर के चांद” जैसा बनता जा रहा है। इसकी वजह है—पटना में जमीन की सरकारी कीमत यानी सर्किल रेट में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की तैयारी। सूत्रों के अनुसार पटना में जमीन की कीमतें अब तीन गुना नहीं, बल्कि चार गुना तक बढ़ाई जा सकती हैं। खासकर अटल पथ, गोला रोड और नहर रोड के किनारे स्थित व्यावसायिक जमीनों की सर्किल दर चार गुनी तक बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इतना ही नहीं, शहर की पुरानी और प्रमुख व्यावसायिक सड़कों पर जमीन की सरकारी दर बाजार मूल्य के अनुरूप 410 प्रतिशत तक बढ़ाने की योजना है। जिला निबंधन कार्यालय ने इस संबंध में निबंधन विभाग को प्रस्ताव भेज दिया है। किस इलाके में कितनी बढ़ोतरी संभव प्रस्ताव के अनुसार— व्यावसायिक मुख्य सड़क के पास: 380% तक व्यावसायिक सहायक सड़क के पास: 350% तक आवासीय मुख्य सड़क के पास: 265% तक आवासीय सहायक सड़क के पास: 200% तक बढ़ोतरी हो सकती है विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सभी जिलों से इसी तरह के प्रस्ताव मंगाए गए हैं। समीक्षा के बाद अंतिम मसौदा तैयार होगा, जिस पर राज्य मंत्रिमंडल (कैबिनेट) अंतिम फैसला लेगा। इन इलाकों में सबसे ज्यादा उछाल पटना की कई प्रमुख व्यावसायिक सड़कों पर सर्किल दर में भारी बढ़ोतरी तय मानी जा रही है— 400% तक: राजाबाजार, खाजपुरा, मीठापुर, फ्रेजर रोड, जमाल रोड, एग्जीबिशन रोड, कंकड़बाग, खेतान मार्केट, पटना मार्केट, हनुमान नगर, बोरिंग रोड, गांधी मैदान, बेली रोड 390%: शेखपुरा 350%: अनीसाबाद, न्यू पाटलिपुत्र, पाटलिपुत्र कॉलोनी, लोदीपुर, राजेंद्रनगर गुमटी, काजीपुर, खगौल रोड, न्यू बाइपास रोड 320%: बंगाली टोला, कदमकुआं, सादिकपुर योगी 300%: जक्कनपुर 9 साल बाद सर्किल दर में बड़ा बदलाव गौरतलब है कि पटना में करीब 9 साल पहले तय की गई सर्किल दर के आधार पर ही अब तक जमीन की रजिस्ट्री हो रही है। जमीन की खरीद-बिक्री पर 10 प्रतिशत रजिस्ट्री शुल्क लगता है, ऐसे में सर्किल रेट बढ़ने से राज्य सरकार के राजस्व में भी भारी इजाफा होने की उम्मीद है। 15 साल का उदाहरण: बोरिंग रोड बोरिंग रोड (व्यावसायिक मुख्य सड़क) पर सर्किल दर का इतिहास भी चौंकाने वाला है— 2010: 5 लाख रुपये 2011: 10 लाख (100% बढ़ोतरी) 2012: 12.20 लाख (22%) 2013: 23.40 लाख (92%) 2014: 21.06 लाख 2016: 40 लाख रुपये इसके बाद वर्षों तक कोई बदलाव नहीं हुआ। अब नए प्रस्ताव लागू होते ही पटना में जमीन के सरकारी मूल्य में अब तक की सबसे बड़ी छलांग लगने की पूरी संभावना है। मिडिल क्लास पर सीधा असर विशेषज्ञों का मानना है कि सर्किल रेट में इतनी बड़ी बढ़ोतरी से पटना में जमीन खरीदना आम लोगों की पहुंच से बाहर हो जाएगा। घर बनाने का सपना देख रहे मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए राजधानी में बसना अब और भी मुश्किल हो सकता है। कुल मिलाकर, पटना में जमीन अब निवेशकों और बड़े कारोबारियों की प्राथमिकता बनती दिख रही है, जबकि मिडिल क्लास के लिए यह सपना धीरे-धीरे दूर होता जा रहा है।
बालोद में 1 करोड़ से ज्यादा का अवैध धान जब्त, प्रशासन की कड़ी निगरानी
✍️ भागीरथी यादव बालोद। राज्य शासन के निर्देश पर समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था को पूरी तरह चाक-चौबंद रखने के लिए प्रशासन ने अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त मोर्चा खोल दिया है। धान खरीदी में गड़बड़ी, अवैध परिवहन, भंडारण और बिक्री करने वालों पर नकेल कसने के लिए प्रदेशभर में लगातार जांच-पड़ताल और कार्रवाई का अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में बालोद जिले में प्रशासन की सख्त निगरानी देखने को मिल रही है। कृषि उपज मंडी, राजस्व, खाद्य विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के संयुक्त दल द्वारा जिले के विभिन्न क्षेत्रों और सीमावर्ती इलाकों में लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। टीमों ने धान के अवैध कारोबार पर नजर रखते हुए ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान अब तक बालोद जिले में कुल 5,431.48 क्विंटल से अधिक अवैध धान जब्त किया जा चुका है। जब्त धान की अनुमानित कीमत 1 करोड़ 7 लाख 50 हजार 840 रुपये बताई जा रही है। इतनी बड़ी मात्रा में अवैध धान पकड़े जाने से धान माफियाओं में हड़कंप मच गया है। जिला प्रशासन का कहना है कि किसानों के हितों की रक्षा और समर्थन मूल्य प्रणाली की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। अवैध धान कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से स्पष्ट है कि धान खरीदी व्यवस्था में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ अब जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है।
















