छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन को मिला नया नेतृत्व अनिल द्विवेदी बने प्रांतीय अध्यक्ष, कर्मचारियों में उत्साह

    रायपुर – छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन के प्रांतीय कार्यकारिणी चुनाव में अनिल द्विवेदी को सर्वसम्मति से प्रांतीय अध्यक्ष चुना गया है। उनके चयन के साथ ही प्रदेशभर के विद्युत कर्मचारियों में हर्ष और उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। प्रांतीय अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालते हुए अनिल द्विवेदी ने साथियों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह पद उनके लिए केवल सम्मान नहीं, बल्कि कर्मचारियों की आशाओं, संघर्षों और अधिकारों की बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे पूरे मन, पूर्ण ईमानदारी और अटूट संकल्प के साथ प्रत्येक कर्मचारी के हक़, सम्मान और सुरक्षित भविष्य के लिए निरंतर संघर्ष करते रहेंगे। उन्होंने आगे कहा कि साथियों द्वारा मिला विश्वास और स्नेह ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है, और इसी ताकत के बल पर वे संगठन को और अधिक सशक्त बनाने, कर्मचारियों की समस्याओं को मजबूती से उठाने तथा अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर आवाज़ बुलंद करेंगे। अनिल द्विवेदी के प्रांतीय अध्यक्ष चुने जाने को संगठन के लिए एक नई ऊर्जा और नई दिशा के रूप में देखा जा रहा है। कर्मचारियों को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में यूनियन और अधिक मजबूती से कर्मचारियों के हितों की लड़ाई

जनता की आवाज बने पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, उनके हस्तक्षेप से खुला स्याहीमुड़ी–रामनगर मार्ग

✍️ भागीरथी यादव     सीएसईबी इरेक्टर हॉस्टल में हुई बैठक, 6 फीट सड़क खोलने का निर्णय कोरबा (दर्री)। कोरबा जिले के दर्री क्षेत्र अंतर्गत स्याहीमुड़ी–रामनगर से सीएसईबी कॉलोनी जाने वाला महत्वपूर्ण मार्ग सीएसईबी प्रबंधन द्वारा मलबा डालकर बंद कर दिया गया था। इस मनमाने निर्णय से सैकड़ों स्थानीय नागरिकों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया था। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और आपातकालीन सेवाओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। सीएसईबी प्रबंधन की उदासीनता से निराश स्थानीय निवासियों ने पूर्व राजस्व मंत्री एवं वरिष्ठ जननेता श्री जयसिंह अग्रवाल पर भरोसा जताते हुए अपनी पीड़ा उनके समक्ष रखी। सूचना मिलते ही जयसिंह अग्रवाल ने बिना किसी देरी के मोर्चा संभाला और सीएसईबी के उच्च अधिकारियों से सीधे बातचीत कर जनहित का पक्ष मजबूती से रखा। पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल के हस्तक्षेप के बाद सीएसईबी इरेक्टर हॉस्टल में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें मुख्य अभियंता, अतिरिक्त मुख्य अभियंता, आरसीएफ सहित सीएसईबी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में जनहित से जुड़े सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के उपरांत आपसी सहमति से यह निर्णय लिया गया कि स्याहीमुड़ी–रामनगर से सीएसईबी कॉलोनी की ओर न्यूनतम 6 फीट चौड़ी सड़क तत्काल खोली जाएगी, ताकि स्थानीय लोगों की आवाजाही पुनः सुचारू रूप से बहाल हो सके। महज औपचारिकता तक सीमित न रहकर पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल स्वयं मौके पर पहुंचे, स्थानीय नागरिकों के साथ खड़े होकर स्थिति का जायजा लिया  निर्णय को जमीन पर उतरवाया। उनके इस जमीनी, संवेदनशील और निर्भीक नेतृत्व से क्षेत्रवासियों में नया विश्वास जगा है। स्थानीय लोगों ने एक स्वर में कहा कि जयसिंह अग्रवाल सत्ता में न होते हुए भी जनता के लिए ढाल बनकर खड़े रहते हैं। उन्होंने यह साबित कर दिया कि सच्चा जननेता वही होता है, जो हर परिस्थिति में आम आदमी के साथ खड़ा हो। क्षेत्रवासियों ने पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल का आभार व्यक्त करते हुए सीएसईबी प्रबंधन से भविष्य में बिना वैकल्पिक व्यवस्था दिए किसी भी जनमार्ग को अवरुद्ध न करने की मांग भी की है।

तखतपुर : कर्तव्य की राह में बुझ गया एक समर्पित प्रहरी, थाना प्रभारी नंदलाल पैकरा का सड़क हादसे में निधन

  तखतपुर। पुलिस विभाग से एक बेहद हृदयविदारक खबर सामने आई है। जरहागांव थाना प्रभारी नंदलाल पैकरा का शासकीय कर्तव्य निभाते हुए सड़क दुर्घटना में असामयिक निधन हो गया। वे एक गुमशुदा व्यक्ति की तलाश के सिलसिले में राजस्थान गए हुए थे, तभी यह दर्दनाक हादसा घटित हुआ। इस अचानक घटना ने उनके परिवार, पुलिस महकमे और पूरे क्षेत्र को गहरे शोक में डुबो दिया है। कर्तव्य के प्रति निष्ठा और जिम्मेदारी की मिसाल रहे नंदलाल पैकरा, अपने पीछे आंसुओं, यादों और अधूरे सपनों का सैलाब छोड़ गए। जिस वर्दी को उन्होंने ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ जिया, उसी वर्दी की सेवा करते हुए उनका जीवन थम गया। एक अधिकारी नहीं, इंसान थे पैकरा नंदलाल पैकरा को केवल एक थाना प्रभारी के रूप में नहीं, बल्कि एक संवेदनशील, मिलनसार और जनसेवा के लिए हमेशा तत्पर अधिकारी के रूप में जाना जाता था। आमजन की समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुनना, पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए अथक प्रयास करना और अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ परिवार जैसा व्यवहार करना उनकी पहचान थी। पुलिस विभाग को अपूरणीय क्षति उनके निधन से पुलिस विभाग ने एक अनुभवी, ईमानदार और जमीनी अधिकारी को खो दिया है। सहकर्मियों का कहना है कि पैकरा साहब हर हाल में ड्यूटी को प्राथमिकता देते थे और कभी भी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटे।

बीजापुर मुठभेड़: नेशनल पार्क क्षेत्र में सुरक्षा बलों की बड़ी कामयाबी, 6 कुख्यात माओवादी ढेर

  बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के नेशनल पार्क क्षेत्र में सुरक्षा बलों को नक्सल विरोधी अभियान के तहत बड़ी सफलता हाथ लगी है। शनिवार 17 जनवरी 2026 को चलाए गए सघन सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में दो और वर्दीधारी माओवादी कैडरों के शव बरामद किए गए, जिनके पास से INSAS राइफल और .303 राइफल जब्त की गई है। इसके साथ ही अब तक इस मुठभेड़ और सर्च ऑपरेशन में कुल 6 माओवादी कैडरों के शव बरामद हो चुके हैं, जिनमें 4 महिला नक्सली शामिल हैं। मुठभेड़ स्थल से AK-47, INSAS, कार्बाइन और .303 राइफल सहित कुल 6 ग्रेडेड हथियार बरामद किए गए हैं, जो माओवादियों की भारी हथियारबंदी को दर्शाता है। संयुक्त बलों की निर्णायक कार्रवाई पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेन्द्र यादव ने बताया कि 17 जनवरी 2026 से डीआरजी, कोबरा और एसटीएफ की संयुक्त टीम नेशनल पार्क क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चला रही है। इसी दौरान सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर कई बार मुठभेड़ हुई, जिसमें सुरक्षा बलों ने रणनीतिक बढ़त हासिल की। कुख्यात माओवादियों की हुई पहचान पहचान की कार्रवाई में मारे गए माओवादी नेशनल पार्क एरिया कमेटी के कुख्यात सदस्य पाए गए हैं। मृतकों में DVCM दिलीप बेड़जा, ACM माड़वी कोसा, ACM लक्खी मड़काम, पार्टी मेंबर राधा मेट्टा शामिल हैं। वहीं, मारे गए दो अन्य माओवादियों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। IG बस्तर का स्पष्ट संदेश पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज सुंदरराज पट्टिलिंगम ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और जनकल्याण सुनिश्चित करना सुरक्षा बलों की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सशस्त्र माओवादियों के खिलाफ सटीक और निर्णायक अभियान आगे भी जारी रहेगा। फिलहाल, आसपास के जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों में सघन सर्चिंग अभियान लगातार जारी है। सुरक्षा बल किसी भी संभावित खतरे को खत्म करने के लिए पूरी सतर्कता और पेशेवर प्रतिबद्धता के साथ मोर्चा संभाले हुए हैं।  

बिलासपुर पुलिस का डबल स्ट्राइक: पेट्रोल पंप लूट गिरोह और हाईवे मर्डर-लूट गैंग का एक ही दिन में खुलासा

✍️ भगीरथी यादव   बिलासपुर। जिले में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ बिलासपुर पुलिस ने बड़ी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए एक ही दिन में दो सनसनीखेज मामलों का खुलासा कर अपराधियों को कड़ा संदेश दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के नेतृत्व में चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत पुलिस ने जहां पेट्रोल पंपों में लूट करने वाले अंतरजिला गिरोह को धर दबोचा, वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग पर लूट के दौरान हुई हत्या के मामले में शामिल शातिर अपराधियों को भी गिरफ्तार किया है। देशी कट्टा दिखाकर पेट्रोल पंपों में लूट करने वाला गिरोह गिरफ्तार पहला मामला थाना रतनपुर क्षेत्र का है। 11 जनवरी 2026 की रात ग्राम जाली स्थित बी.बी. पेट्रोल पंप में पल्सर मोटरसाइकिल से पहुंचे तीन युवकों ने पेट्रोल भरवाने के बाद सेल्समैन को देशी कट्टा दिखाकर करीब 15 हजार रुपये लूट लिए और फरार हो गए। घटना को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी के निर्देश पर एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ए.सी.सी.यू.) और थाना रतनपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर तंत्र के आधार पर पुलिस ने वेद प्रकाश वैष्णो, अभिषेक प्रजापति और कपिल पटेल को बेलतरा क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने रतनपुर, चैतमा (कोरबा) और पाली क्षेत्र में पेट्रोल पंप व एक प्रॉपर्टी डीलर से लूट की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया। पुलिस ने इनके पास से दो मोटरसाइकिल (एक चोरी की पल्सर), देशी कट्टा व कारतूस, धारदार चाकू, नकदी और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। मुख्य आरोपी वेद प्रकाश पूर्व में भी चोरी के मामलों में जेल जा चुका है। आरोपियों के खिलाफ रतनपुर थाना में बीएनएस की धारा 309(4), 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। हाईवे पर लूट के दौरान हत्या करने वाला गिरोह भी बेनकाब दूसरा बड़ा खुलासा राष्ट्रीय राजमार्ग पर लूट व हत्या से जुड़े मामले में हुआ। पुलिस ने कोनी, हिर्री और चकरभाठा थाना क्षेत्र में ट्रक चालकों से लूटपाट करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों जय दिवाकर, सूरज साहू और प्रदीप धुरी को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान कई सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी इनपुट और स्थानीय मुखबिरों की मदद से आरोपियों की पहचान की गई। आरोपियों ने पूछताछ में लूट के दौरान हत्या की वारदात को स्वीकार किया। इनके कब्जे से पल्सर मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन, धारदार हथियार, अन्य लूटे गए मोबाइल और नकदी बरामद की गई है। तीनों आरोपी आदतन अपराधी हैं और पहले भी जेल जा चुके हैं। पुलिस टीम को मिलेगा नगद इनाम इन दोनों बड़ी सफलताओं में एएसपी मधुलिका सिंह, एएसपी पंकज पटेल, एएसपी/ए.सी.सी.यू. अनुज कुमार, सीएसपी गगन कुमार (भा.पु.से.), एसडीओपी नूपूर उपाध्याय, थाना प्रभारी रतनपुर निरीक्षक निलेश पाण्डेय, थाना प्रभारी कोनी निरीक्षक भावेश सेंड्रे सहित ए.सी.सी.यू. और संबंधित थानों की टीम की अहम भूमिका रही। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने उत्कृष्ट कार्य के लिए पूरी टीम की सराहना करते हुए नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है। अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश लगातार हो रही इन प्रभावी कार्रवाइयों से साफ है कि बिलासपुर पुलिस संगठित अपराध और आदतन अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। आने वाले समय में भी जिले में अपराधियों पर ऐसी ही सख्त और त्वरित कार्रवाई जारी रहेगी।  

चिरमिरी पुलिस की सख्त कार्रवाई, सट्टा पट्टी काटने वाला आरोपी सीधे जेल

✍️ भागीरथी यादव   एमसीबी/चिरमिरी। जिले में अवैध गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार चलाए जा रहे शराब–जुआ–नशामुक्ति अभियान के तहत चिरमिरी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। थाना चिरमिरी क्षेत्र में सट्टा पट्टी काटते एक आरोपी को रंगे हाथों पकड़ते हुए पुलिस ने उसे सीधे जेल भेज दिया। थाना प्रभारी विजय सिंह के नेतृत्व में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान हल्दीबाड़ी निवासी हनुमान प्रसाद तिवारी (पिता स्व. विष्णुदत्त तिवारी, उम्र लगभग 59 वर्ष) को सट्टा पट्टी काटते हुए गिरफ्तार किया गया। आरोपी के पास से 830 रुपये नकद एवं सट्टा पट्टी बरामद की गई। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 6 के तहत विधिवत कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से जेल वारंट जारी होने पर आरोपी को जेल दाखिल कर दिया गया। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी विजय सिंह के साथ प्रधान आरक्षक अशोक एक्का, प्रधान आरक्षक संतोष सिंह, प्रधान आरक्षक विश्वनाथ सिंह एवं आरक्षक मदन राजवाड़े की अहम भूमिका रही। चिरमिरी पुलिस की इस सख्त कार्रवाई से थाना क्षेत्र में अवैध जुआ, सट्टा एवं अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में संलिप्त लोगों के बीच खौफ का माहौल बना हुआ है। पुलिस ने स्पष्ट संकेत दिया है कि अवैध कार्य करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

राजस्व भूमि पर अवैध कब्जों का खुला खेल, प्रशासन मौन ग्राम पंचायत चैतमा में शासकीय जमीनें तेजी से हो रहीं गायब

ज्ञान शंकर तिवारी   कोरबा/पाली। जिला कोरबा की तहसील पाली अंतर्गत ग्राम पंचायत चैतमा में शासकीय (राजस्व) भूमि पर अवैध कब्जा अब एक-दो मामलों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह एक संगठित और बेखौफ गतिविधि का रूप ले चुका है। स्थिति यह है कि ग्राम पंचायत, राजस्व विभाग और संबंधित अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी मूकदर्शक बने हुए हैं। ग्रामीणों के अनुसार ग्राम पंचायत चैतमा में शासकीय भूमि पर कब्जा कर न केवल मकान बनाए जा रहे हैं, बल्कि उन्हें खुलेआम खरीदा-बेचा भी जा रहा है। शिकायतों के बावजूद न तो अवैध निर्माण रोका जा रहा है और न ही किसी पर ठोस कार्रवाई हो रही है। खसरा नंबर 76/1क बना अवैध निर्माण का केंद्र ताजा मामला शासकीय भूमि खसरा नंबर 76/1क, रकबा 17.3590 हेक्टेयर का है। बताया जा रहा है कि यह भूमि पहले बेलतरा निवासी द्वारा अवैध रूप से खरीदी गई और बाद में तीसरे व्यक्ति को बेचकर कब्जा सौंप दिया गया। इसके बाद रातों-रात मकान निर्माण शुरू कर दिया गया। सरपंच द्वारा मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य रोकने को कहा गया, लेकिन इसके बावजूद निर्माण जारी है। इससे स्पष्ट है कि अवैध कब्जाधारियों को न प्रशासन का डर है और न ही कानून का। पहले भी हो चुकी हैं शिकायतें, कार्रवाई शून्य यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी पंचायत प्रतिनिधियों और जागरूक नागरिकों ने अवैध कब्जों की लिखित शिकायत तहसीलदार पाली एवं अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओ) पाली से की थी। बावजूद इसके अवैध निर्माण पूरे हुए और आज वहां पक्के मकान खड़े हैं। इस निष्क्रियता ने अवैध कब्जाधारियों के हौसले और बुलंद कर दिए हैं। आरक्षित भूमि तक सुरक्षित नहीं ग्रामीणों का आरोप है कि चैतमा में केवल एक ही खसरा नंबर नहीं, बल्कि शासकीय भवन हेतु आरक्षित भूमि, देवस्थल की जमीन, वन विभाग के लिए आरक्षित भूमि तक पर अवैध कब्जा कर बिक्री की जा चुकी है। हैरानी की बात यह है कि इन गंभीर मामलों में भी अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। कलेक्टर के आदेश की उड़ रही धज्जियां कुछ समय पूर्व कलेक्टर कोरबा द्वारा स्पष्ट आदेश जारी किया गया था कि सभी शासकीय भूमियों पर खसरा नंबर और रकबा सहित सूचना बोर्ड लगाए जाएं, ताकि भूमि की पहचान स्पष्ट हो सके। लेकिन ग्राम पंचायत चैतमा में आज तक एक भी शासकीय भूमि पर बोर्ड नहीं लगाया गया, जिससे संदेह और गहरा हो गया है। ग्रामीणों की चेतावनी ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने सख्त कदम नहीं उठाए, तो आने वाले समय में ग्राम पंचायत चैतमा में एक इंच भी शासकीय भूमि नहीं बचेगी। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि तत्काल अवैध निर्माण रोका जाए, दोषी कब्जाधारियों पर कड़ी कार्रवाई हो, और सभी शासकीय भूमियों पर बोर्ड लगाकर भूमि को सुरक्षित किया जाए। अब बड़ा सवाल यह है कि राजस्व विभाग कब जागेगा? या फिर शासकीय भूमि पर अवैध कब्जों का यह खेल यूं ही चलता रहेगा?

कोरबा : मन्दयन्ति कप 2026 का भव्य शुभारंभ, देशभर की टीमें ले रहीं हिस्सा

✍️ भागीरथी यादव   कोरबा। मन्दयन्ति स्पोर्ट्स सोसायटी कोरबा के तत्वावधान में आयोजित अखिल भारतीय ड्यूज बॉल क्रिकेट प्रतियोगिता “मन्दयन्ति कप 2026” का शुभारंभ आज 18 जनवरी 2026 को सेंट्रल स्टेडियम, एसईसीएल में भव्य रूप से संपन्न हुआ। प्रतियोगिता का उद्घाटन पूर्व राजस्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। इस प्रतिष्ठित क्रिकेट प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों उड़ीसा, झारखंड, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ़ की टीमें भाग ले रही हैं। टूर्नामेंट के शुभारंभ के साथ ही खिलाड़ियों और दर्शकों में खासा उत्साह देखने को मिला। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व राजस्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल ने मन्दयन्ति स्पोर्ट्स सोसायटी के पदाधिकारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के खेल आयोजन जिले के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने और आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों को नववर्ष की शुभकामनाएं भी दीं। शुभारंभ अवसर पर मन्दयन्ति स्पोर्ट्स सोसायटी के अध्यक्ष श्री विकास सिंह सहित अशोक लोध, महेंद्र सिंह, सुनील शर्मा, राजेंद्र तिवारी, अंकित वर्मा, अनिल प्रजापति, भुनेश्वर कश्यप, युवा कांग्रेस अध्यक्ष राकेश पंकज, बृजभूषण प्रसाद, अमित सिंह, आकाश प्रजापति, नितेश यादव, नारायण यादव, अश्वनी पटेल सहित बड़ी संख्या में खेल प्रेमी एवं दर्शकगण उपस्थित रहे। मन्दयन्ति कप के आयोजन से क्षेत्र में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

खेत में मिली अज्ञात महिला की सड़ी-गली लाश, इलाके में फैली सनसनी

✍️ भागीरथी यादव    एक सप्ताह पुराना बताया जा रहा शव, पहचान में जुटी पुलिस दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। कुम्हारी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम परसदा के एक खेत में अज्ञात महिला की सड़ी-गली लाश मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी गई। जानकारी के अनुसार खेत की ओर से तेज बदबू आने पर ग्रामीणों को संदेह हुआ। जब ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो उन्होंने खेत में एक महिला का शव पड़ा देखा, जिसकी हालत काफी खराब थी। इसके बाद तत्काल कुम्हारी थाना पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू की। पुलिस के अनुसार शव करीब एक सप्ताह पुराना प्रतीत हो रहा है और पूरी तरह से डीकंपोज़ हो चुका है। घटनास्थल पर FSL एवं सीन ऑफ क्राइम टीम की मौजूदगी में शव का निरीक्षण किया गया। पुलिस ने शव को चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज, कच्चांदुर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार मृत महिला की उम्र लगभग 40 से 45 वर्ष के बीच बताई जा रही है। फिलहाल पुलिस ने शव की पहचान के लिए आसपास के सभी थानों को सूचना भेज दी है और गुमशुदगी की रिपोर्ट से मिलान किया जा रहा है। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच में जुटी हुई है।  

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