आपसी विवाद बना खूनी संघर्ष, कुल्हाड़ी से हत्या गनियारी में सनसनीखेज वारदात, घंटों में आरोपी गिरफ्तार

✍️ भागीरथी यादव    कोरबा। जिले के करतला थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गनियारी में सोमवार को एक दिल दहला देने वाली हत्या की घटना सामने आई, जिसने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया। हालांकि, पुलिस की तत्परता से घटना के कुछ ही घंटों के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया, जिससे इलाके में फैली दहशत कुछ हद तक कम हुई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह ग्रामीणों ने नंदकुमार पटेल का लहूलुहान शव गांव में जयशंकर के घर से सटे बाड़ी के आंगन में पड़ा देखा। शव के सिर और चेहरे पर गहरे घाव के निशान थे, जिससे प्रथम दृष्टया ही हत्या की आशंका जताई गई। घटना की सूचना मिलते ही करतला थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घटनास्थल को सील कर जांच शुरू की। हत्या की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने डॉग स्क्वायड एवं फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया। जांच के दौरान डॉग स्क्वायड के श्वान ने शव से गंध लेकर सीधे पड़ोस में रहने वाले जयशंकर के घर तक पहुंचकर अहम सुराग दिया, जिसके बाद पुलिस का शक उसी पर केंद्रित हो गया। पुलिस ने संदिग्ध जयशंकर को हिरासत में लेकर जब कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने कथित तौर पर अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि मृतक नंदकुमार का आरोपी के घर आना-जाना था और घरेलू विवाद को लेकर दोनों के बीच तनाव चल रहा था। रविवार रात इसी बात को लेकर विवाद बढ़ा और गुस्से में आकर जयशंकर ने नंदकुमार पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मृतक और आरोपी दोनों ही विवाहित हैं तथा उनके बच्चे भी हैं। इस हृदयविदारक घटना ने दोनों परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है, वहीं पूरे गांव में भय और शोक का माहौल व्याप्त है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। हत्या में प्रयुक्त हथियार जब्त किया जा रहा है और मामले की गहन विवेचना जारी है। आरोपी के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा।    

VB-G RAM G जागरूकता अभियान को लेकर भाजपा की बड़ी पहल

  जिला कोरबा में समन्वय टोली गठित, चुलेश्वर राठौर बने जिलासंयोजक पाली | ज्ञान शंकर तिवारी की रिपोर्ट कोरबा। VB-G RAM G जागरूकता अभियान को जिले में व्यापक स्तर पर सफल बनाने की दिशा में भारतीय जनता पार्टी ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। भाजपा जिला कोरबा के जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने संगठनात्मक मजबूती और बेहतर समन्वय के उद्देश्य से जिला स्तरीय समन्वय टोली का गठन किया है। इस नवगठित टोली में चुलेश्वर राठौर को जिलासंयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि डॉ. पवन सिंह, उमेश्वर सोनी एवं रामकुमार गभेल को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। यह टोली VB-G RAM G जागरूकता अभियान के अंतर्गत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यक्रमों का आयोजन, कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय तथा आमजन से संवाद स्थापित करने का कार्य करेगी। भाजपा नेतृत्व का मानना है कि यह जिला स्तरीय टोली अभियान को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगी। साथ ही संगठन और कार्यकर्ताओं के बीच निरंतर संपर्क बनाए रखते हुए अभियान को नई गति प्रदान करेगी। पार्टी पदाधिकारियों ने विश्वास जताया है कि VB-G RAM G जागरूकता अभियान के माध्यम से जन-जन तक सरकार की योजनाओं और उद्देश्यों की जानकारी पहुंचेगी तथा संगठनात्मक ढांचा और अधिक सशक्त होगा।

कोरबी–चोटिया: मानव–हाथी द्वंद्व पर मंथन, ‘जनहानि शून्य–हाथी हानि शून्य’ का संकल्प

सुशील जायसवाल   कोरबी/चोटिया। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा मानव–हाथी द्वंद्व की गंभीर समस्या के समाधान को लेकर एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन हाथी नियंत्रण केंद्र, चोटिया (वन परिक्षेत्र केंदई) में किया गया। कार्यशाला का मूल उद्देश्य मानव और हाथियों के बीच बढ़ते टकराव को रोकते हुए सुरक्षित सहअस्तित्व सुनिश्चित करना रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री के. के. बिसेन, सदस्य सी.पी.ई.एम.सी. (प्रोजेक्ट टाइगर एवं हाथी डिवीजन), पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार रहे। वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता वनमंडल अधिकारी कुमार निशांत ने की। हाथियों की सुरक्षा और मानव जीवन बचाने पर जोर कार्यशाला में वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि मानव–हाथी द्वंद्व प्रबंधन का लक्ष्य केवल नुकसान की भरपाई नहीं, बल्कि जनहानि शून्य और हाथी हानि शून्य की दिशा में ठोस एवं व्यावहारिक कदम उठाना है। हाथियों के पारंपरिक विचरण मार्गों, भोजन व जल स्रोतों की सुरक्षा, तथा मानवीय गतिविधियों के संतुलन पर विशेष चर्चा की गई। प्रारंभिक चेतावनी तंत्र और त्वरित प्रतिक्रिया दल पर चर्चा कार्यक्रम के दौरान हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने वाले प्रारंभिक चेतावनी तंत्र, त्वरित प्रतिक्रिया दल की भूमिका, ग्रामीणों की समय पर सूचना प्रणाली तथा जन-जागरूकता अभियानों को मजबूत करने पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। अधिकारियों ने कहा कि विभाग और ग्रामीणों के बीच समन्वय ही इस समस्या का स्थायी समाधान है। अधिकारी, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण रहे उपस्थित कार्यशाला में सहायक वन संरक्षक सुश्री यामिनी पोर्ते, वन परिक्षेत्र अधिकारी केंदई अभिषेक कुमार दुबे, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, हाथी मित्र दल, एवं बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे। इसके साथ ही जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी रही, जिनमें — भारत सिंह सिदार, जनपद सदस्य लाल बहादुर, सरपंच, ग्राम पंचायत लाद जवाहर सिंह, सरपंच, ग्राम पंचायत परला श्रीमती प्यारो बाई रायसिंह, सरपंच, ग्राम पंचायत चोटिया सहित अन्य सरपंच प्रतिनिधि शामिल रहे। समन्वित प्रयासों का आह्वान कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी सहभागियों से आह्वान किया गया कि वन विभाग, प्रशासन, जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण मिलकर सामूहिक प्रयास करें, ताकि मानव और हाथी दोनों सुरक्षित रह सकें और क्षेत्र में स्थायी शांति एवं संतुलन बना रहे।

रायगढ़: मजदूरी को लेकर दबंगई, पिता–पुत्र से बेरहमी से मारपीट, 24 घंटे में 8 आरोपी गिरफ्तार

  रायगढ़। कोतरारोड थाना क्षेत्र के किरोड़ीमल नगर में मजदूरी को लेकर हुई एक सनसनीखेज मारपीट की घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। 4 जनवरी 2026 को एक निजी कंपनी में कार्यरत मजदूरों ने दबंगई दिखाते हुए एक व्यक्ति और उसके बेटे को जबरन साथ काम करने का दबाव बनाया। विरोध करने पर आरोपियों ने पिता–पुत्र को कमरे में बंद कर बेरहमी से पीटा। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 24 घंटे के भीतर 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जबरन मजदूरी का दबाव, विरोध पर हिंसा प्राप्त जानकारी के अनुसार, किरोड़ीमल नगर निवासी गोविंद राम नेताम और उनका बेटा छवि नेताम आरोपियों के निशाने पर आ गए। आरोपियों ने छवि नेताम पर जबरन अपने साथ काम करने का दबाव बनाया। जब उसने इंकार किया, तो विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने गेट बंद कर पिता–पुत्र के साथ जमकर मारपीट की। इस दौरान आरोपियों ने गोविंद नेताम के सिर पर डंडे से हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए और उनके सिर से खून बहने लगा। किसी तरह जान बचाकर दोनों पीड़ित वहां से निकलने में सफल रहे और सीधे कोतरारोड थाने पहुंचकर घटना की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस की त्वरित कार्रवाई, 24 घंटे में गिरफ्तारी मामला दर्ज होते ही कोतरारोड पुलिस हरकत में आई और जांच तेज करते हुए महज 24 घंटे के भीतर 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की क्षेत्र में सराहना की जा रही है। गिरफ्तार आरोपी बुधमन उरांव (40 वर्ष) अशोक उरांव (24 वर्ष) कार्तिक उरांव (25 वर्ष) प्रकाश गोप (19 वर्ष) मनोज उरांव (19 वर्ष) मंगलदीप उरांव (26 वर्ष) अरुण करमाली (19 वर्ष) (एक आरोपी नाबालिग होने की जांच अलग से की जा रही है – यदि लागू हो) सभी आरोपी किरोड़ीमल नगर के निवासी हैं और मूल रूप से झारखंड राज्य के रहने वाले बताए जा रहे हैं। न्यायिक रिमांड पर भेजे गए आरोपी पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और यदि अन्य आरोपी संलिप्त पाए गए तो उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।

छत्तीसगढ़ पुलिस में 17 सहायक उप निरीक्षकों को मिली पदोन्नति, बने उप निरीक्षक

  रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में पदोन्नति को लेकर पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर अटल नगर द्वारा आदेश जारी किया गया है। जारी आदेश के अनुसार 17 सहायक उप निरीक्षकों (ASI) को उप निरीक्षक (SI) के पद पर पदोन्नत किया गया है। यह पदोन्नति योग्यता सूची वर्ष 2025 के आधार पर की गई है। पदोन्नत अधिकारियों को वेतन मैट्रिक्स लेवल-8 (₹35,400 से ₹1,12,400) के अंतर्गत उप निरीक्षक पद पर कार्यभार ग्रहण कराया जाएगा। अधिकारियों की नई पदस्थापना के संबंध में पृथक आदेश जारी किए जाएंगे। पदोन्नत अधिकारियों की सूची में रायपुर, बालोद, जीआरपी रायपुर, नारायणपुर, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और बलौदाबाजार जिलों में पदस्थ अधिकारी शामिल हैं।

खोंगापानी वन कार्य घोटाला: मजदूरों का हक छीना, जेसीबी से उजाड़ा गया नाला — क्या डीएफओ मनीष कश्यप की जानकारी में हुआ पूरा खेल?

  एमसीबी / मनेंद्रगढ़। मनेंद्रगढ़ वन परिक्षेत्र अंतर्गत खोंगापानी क्षेत्र में कराए गए वन कार्यों को लेकर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि जिन कार्यों को मानव श्रम से कराकर ग्रामीणों को रोजगार देना था, उन्हें खुलेआम जेसीबी मशीनों से कराया गया, जिससे न केवल मजदूरों का हक छीना गया बल्कि पर्यावरण के साथ भी खिलवाड़ किया गया। रोजगार की जगह मशीनें, पर्यावरण पर भी संकट ग्रामीणों के अनुसार बरसाती नाले में मशीनों के प्रयोग से प्राकृतिक जल प्रवाह से छेड़छाड़ की गई है। इससे आने वाले समय में जल संरक्षण व्यवस्था प्रभावित होने और क्षेत्र में पर्यावरणीय असंतुलन की आशंका बढ़ गई है। सवाल यह है कि क्या यह सब बिना उच्च अधिकारियों की जानकारी के संभव था? अधिकारियों के संरक्षण में काम होने का आरोप ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यह पूरा कार्य वन मंडलाधिकारी (डीएफओ), अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओ) और संबंधित रेंजर की जानकारी एवं संरक्षण में कराया गया। जब इस संबंध में रेंजर कुर्रे से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन उठाना भी जरूरी नहीं समझा, जिससे संदेह और गहराता जा रहा है। पहले भी उजागर हो चुके हैं ऐसे ही मामले ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले बहरासी क्षेत्र में भी बरसाती नाले पर जेसीबी और ट्रैक्टर से तालाब निर्माण कराया गया था। उस मामले में न तो कोई जांच हुई और न ही किसी जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई या राशि की रिकवरी। लगातार ऐसे मामलों से वन विभाग की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। डीएफओ मनीष कश्यप का पक्ष अब तक गायब मामले में वन मंडलाधिकारी मनीष कश्यप का पक्ष जानने के लिए कई बार संपर्क किया गया, लेकिन उनका मोबाइल ब्लॉक मिला। एक जिम्मेदार अधिकारी का मीडिया और आम जनता से इस तरह दूरी बनाए रखना विभागीय मंशा पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है। फर्जी मस्टर रोल और कमीशनखोरी के गंभीर आरोप सूत्रों के अनुसार पूरे मामले में फर्जी मस्टर रोल भरकर मजदूरी राशि के आहरण और कमीशनखोरी के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच हो तो भुगतान प्रक्रिया, मशीनों के उपयोग और मस्टर रोल में भारी अनियमितताएं सामने आ सकती हैं। उच्च स्तरीय जांच की मांग ग्रामीणों ने खोंगापानी और बहरासी—दोनों मामलों में निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही मशीनों से कराए गए कार्यों की लागत, भुगतान और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की गहन जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि जल संरक्षण जैसे कार्य स्थानीय मजदूरों से कराए जाएं, ताकि विकास के साथ रोजगार भी सुनिश्चित हो। चुप्पी या कार्रवाई? अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या वन विभाग के शीर्ष अधिकारी इन गंभीर आरोपों पर चुप्पी तोड़ेंगे, या यह मामला भी पहले की तरह फाइलों में दबा दिया जाएगा? गौरतलब है कि वन विभाग की कार्यप्रणाली के विरोध में 9 दिसंबर 2025 को कांग्रेस कमेटी द्वारा उग्र प्रदर्शन भी किया गया था, लेकिन हालात आज भी जस के तस बने हुए हैं। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या खोंगापानी वन कार्य घोटाले में जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी या फिर आरोपों की यह फेहरिस्त भी सिस्टम की भेंट चढ़ जाएगी।

सोशल मीडिया वीडियो से हड़कंप: अचानकमार टाइगर रिजर्व में हथियार लहराने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार

✍️ भागीरथी यादव   कोर जोन से सटे क्षेत्र में फायरिंग, वन विभाग की सख्त कार्रवाई मुंगेली –  अचानकमार टाइगर रिजर्व (ATR) से जुड़ा एक चौंकाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही प्रशासन हरकत में आ गया। प्रतिबंधित कोर जोन से लगे क्षेत्र में अवैध प्रवेश कर हथियार लहराने और फायरिंग करने के मामले में वन विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। वायरल वीडियो में खुलेआम हथियार लहराते और गोली चलाते युवक दिखाई दे रहे थे, जिससे न केवल वन्यजीवों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हुए बल्कि सुरक्षा व्यवस्था की भी पोल खुल गई।  गिरफ्तार आरोपी पुलिस ने जिन तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान इस प्रकार है— अजीत वैष्णव (26 वर्ष) अनिकेत (27 वर्ष) विक्रांत वैष्णव (36 वर्ष) आरोपियों के कब्जे से 2 एयर राइफल और एक टाटा सफारी स्टॉर्म वाहन जब्त किया गया है। कड़ी धाराओं में मामला दर्ज तीनों आरोपियों के खिलाफ वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 की संबंधित धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से सभी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।  विभागीय स्तर पर भी बड़ी कार्रवाई मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने लापरवाही पर तत्काल कार्रवाई की है— संबंधित बैरियर गार्ड को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया परिक्षेत्र अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी पूरे प्रकरण की जांच के लिए सहायक संचालक (कोर) को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया  वन विभाग का सख्त संदेश वन विभाग ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि— “टाइगर रिजर्व क्षेत्र में अवैध प्रवेश, हथियारों का प्रदर्शन और वन्यजीवों को खतरा पहुंचाने वाली किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”  आम नागरिकों से अपील वन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें संरक्षित वन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की संदिग्ध या अवैध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत विभाग को सूचित करें, ताकि वन्यजीवों और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।

राजधानी की सेंट्रल जेल में कैदी की संदिग्ध मौत, परिजनों का हंगामा — व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

    रायपुर। राजधानी रायपुर की सेंट्रल जेल उस वक्त सुर्खियों में आ गई, जब एक विचाराधीन कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान सुनील महानद के रूप में हुई है, जो जेल की बड़ी गोल नंबर–5 बैरक में बंद था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम करीब 6 बजे सुनील ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की खबर मिलते ही जेल प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई, वहीं मृतक के परिजनों ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए जेल प्रशासन पर प्रताड़ना और लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि सुनील को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था, जिसकी शिकायत पहले भी की गई थी। इस घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि कड़ी सुरक्षा के बीच कैदी को आत्महत्या का मौका कैसे मिला? क्या जेल प्रशासन अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन सही ढंग से कर रहा था? घटना के बाद गंज थाना क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में गाड़ा समाज के लोग सेंट्रल जेल के बाहर एकत्र होकर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई, उच्च स्तरीय जांच और मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। स्थिति को संभालने के लिए मौके पर पुलिस बल और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तैनात हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान यह स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है कि कैदी की मौत वास्तव में आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण या साजिश छिपी है। फिलहाल, सेंट्रल जेल में हुई इस घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया है और जांच के नतीजों पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं।  

वनांचल क्षेत्र के स्कूलों में शिक्षकों की मनमानी उजागर

  कुकरी बहरा प्राथमिक शाला में शिक्षक अनुपस्थित, जनपद सदस्य ने जताई नाराजगी सुशील जायसवाल कोरबा (कोरबी/चोटिया) — जिले के सुदूर वनांचल ग्रामीण क्षेत्रों में पदस्थ शिक्षकों की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत धवलपुर के ग्राम कुकरी बहरा प्राथमिक शाला में शिक्षक की अनुपस्थिति पाए जाने से शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार क्षेत्र के भ्रमण पर निकले युवा जनपद सदस्य एवं अधिवक्ता संतोष मरावी जब कुकरी बहरा पहुंचे, तो एकल शिक्षकिय प्राथमिक शाला में पदस्थ शिक्षक रेशम लाल रात्रे सुबह लगभग 10:30 बजे तक विद्यालय से अनुपस्थित पाए गए। जनपद सदस्य संतोष मरावी ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि वर्तमान समय में बच्चों की अर्धवार्षिक परीक्षा चल रही है और ऐसे संवेदनशील समय में शिक्षक की गैरमौजूदगी बच्चों के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ है। मामले को लेकर जब सेंन्हा संकुल के प्रभारी जन शिक्षक घनश्याम चक्रधारी से जानकारी ली गई, तो उन्होंने बताया कि कुकरी बहरा प्राथमिक शाला में मूल रूप से पदस्थ शिक्षिका विमला यादव अवकाश पर हैं। उनके स्थान पर व्यवस्था के तहत रेशम लाल जांगड़े को पदस्थ किया गया है, जो बच्चों की अर्धवार्षिक परीक्षा के प्रश्नपत्र लेने सीएससी सेंन्हा आए थे। इस जवाब के बाद संकुल प्रभारी ने जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि वनांचल क्षेत्रों में पदस्थ कई शिक्षक अपनी जिम्मेदारियों के प्रति गंभीर नहीं रहते। वहीं विभागीय अधिकारी एवं जन शिक्षक समय-समय पर विद्यालयों की मॉनिटरिंग नहीं करते, जिससे ऐसी लापरवाहियां लगातार सामने आ रही हैं। इस संबंध में जनपद सदस्य संतोष मरावी ने कहा कि ऐसे लापरवाह शिक्षकों के खिलाफ वे पोड़ी उपरोड़ा जनपद पंचायत की आगामी मासिक बैठक में मामला उठाएंगे, ताकि वनांचल क्षेत्रों की शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाया जा सके।

दुर्ग में अवैध शराब तस्करी का भंडाफोड़, दो आरोपी गिरफ्तार, तीन फरार

✍️ भागीरथी यादव   दुर्ग। दुर्ग जिले के पद्मनाभपुर थाना पुलिस ने संगठित तरीके से अवैध शराब की बिक्री करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बिना होलोग्राम लगी बड़ी मात्रा में अंग्रेजी शराब, स्कूटी और मोबाइल फोन सहित कुल 78 हजार 200 रुपये की सामग्री जब्त की है। इस मामले में गिरोह के तीन अन्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 4 जनवरी को पद्मनाभपुर थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो युवक स्कूटी से अवैध शराब लेकर बिक्री के उद्देश्य से बोरसीभाठा रेलवे फाटक की ओर जा रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्काल इलाके में घेराबंदी कर स्कूटी सवार दोनों युवकों को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान ग्राम धनोरा निवासी संतोष गिरी (47 वर्ष) और सेक्टर-5 भिलाई नगर निवासी राज नायक (19 वर्ष) के रूप में कराई। तलाशी के दौरान आरोपी राज नायक के पास से स्कूटी में रखी प्लास्टिक बोरी से 10 बोतल रॉयल स्टैग सुपीरियर व्हिस्की (7.50 बल्क लीटर, अनुमानित कीमत 8,400 रुपये), एक सिल्वर रंग की एक्टिवा स्कूटी (कीमत लगभग 40,000 रुपये) और एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन (कीमत करीब 15,000 रुपये) बरामद किया गया। वहीं, आरोपी संतोष गिरी के कब्जे से खाकी रंग के कार्टन में भरे 48 पौवा रॉयल ब्लू माल्ट व्हिस्की (8.64 बल्क लीटर, कीमत 4,800 रुपये) और सैमसंग कंपनी का एक मोबाइल फोन (कीमत करीब 10,000 रुपये) जब्त किया गया। बरामद शराब पर किसी प्रकार का वैध होलोग्राम नहीं पाया गया। पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने कबूल किया कि वे अपने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर दूसरे राज्यों से अवैध रूप से शराब लाकर दुर्ग–भिलाई शहर में संगठित ढंग से बिक्री करते थे। मामले में पद्मनाभपुर थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) एवं भारतीय न्याय संहिता की धारा 111(1) के तहत अपराध दर्ज कर उन्हें विधिवत गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर केंद्रीय जेल भेज दिया गया है। पुलिस फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।  

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