नववर्ष पर पत्रकारों की एकजुटता का संदेश
पाली से ज्ञान शंकर तिवारी सर्व पत्रकार एकता महासंघ छत्तीसगढ़ ने दी देश–प्रदेशवासियों को नववर्ष की शुभकामनाएं कोरबा (सुघर गांव)। नववर्ष के पावन अवसर पर सर्व पत्रकार एकता महासंघ छत्तीसगढ़ की ओर से देश एवं प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी गई। महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष प्रमोद कुमार बंजारे एवं प्रदेश सचिव श्रवण घृतलहरे ने कहा कि नया वर्ष पत्रकारिता जगत के लिए सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण का संदेश लेकर आए—यही महासंघ की कामना है। प्रदेशाध्यक्ष प्रमोद बंजारे ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र में मीडिया को ‘चतुर्थ स्तंभ’ का दर्जा प्राप्त है और इस स्तंभ की मजबूती तभी संभव है, जब पत्रकार निर्भीक, सुरक्षित और संगठित हों। छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में, जहाँ ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में कार्यरत पत्रकार अनेक चुनौतियों से जूझते हैं, वहाँ सर्व पत्रकार एकता महासंघ उनकी आवाज़ बनकर सामने आया है। पत्रकारों के अधिकारों की लड़ाई में सक्रिय महासंघ महासंघ का उद्देश्य केवल संगठन विस्तार नहीं, बल्कि पत्रकारों के अधिकारों, सुरक्षा और सम्मान की रक्षा करना है। संगठन लंबे समय से पत्रकार सुरक्षा कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग करता आ रहा है, ताकि जमीनी स्तर पर काम करने वाले संवाददाता बिना भय के सच सामने ला सकें। यदि किसी पत्रकार के साथ अन्याय, उत्पीड़न या द्वेषपूर्ण कार्रवाई होती है, तो महासंघ प्रशासनिक और शासन स्तर पर मजबूती से पक्ष रखता है। यही नहीं, पत्रकारों एवं उनके परिवारों के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा और आकस्मिक सहायता से जुड़ी कल्याणकारी मांगों को भी निरंतर उठाया जाता रहा है। डिजिटल युग में प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान बदलते दौर में पत्रकारिता के स्वरूप को देखते हुए महासंघ द्वारा प्रशिक्षण शिविर एवं कार्यशालाओं का आयोजन किया जाता है, जिससे पत्रकार नई तकनीकों, डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के मूल्यों से अपडेट रह सकें। इसका उद्देश्य गुणवत्ता पूर्ण और जिम्मेदार पत्रकारिता को बढ़ावा देना है। प्रदेशभर में मजबूत संगठनात्मक ढांचा रायपुर, कोरबा, जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, कोरिया, मुंगेली, बेमेतरा, सक्ती, महासमुंद, बलौदा बाजार एवं दुर्ग सहित प्रदेश के कई जिलों में महासंघ की सक्रिय इकाइयाँ कार्यरत हैं। यह संगठन विशेष रूप से फ्रीलांस पत्रकारों और छोटे समाचार माध्यमों के लिए संबल बनकर उभरा है। भविष्य की दिशा महासंघ आने वाले समय में डिजिटल पत्रकारों, वेब पोर्टल एवं यूट्यूब न्यूज़ प्लेटफॉर्म से जुड़े पत्रकारों को भी मुख्यधारा के अधिकार दिलाने के लिए प्रयासरत है। अंत में, महासंघ ने नववर्ष के अवसर पर यह संकल्प दोहराया कि पत्रकारों की एकता, सुरक्षा और सम्मान के लिए संघर्ष लगातार जारी रहेगा।
कोरबी में नववर्ष पर सेवा और संस्कार का संगम
सुशील जायसवाल उप सरपंच मुरारी लाल जायसवाल के सौजन्य से सैकड़ों ग्रामीणों को कंबल वितरण कोरबी चोटिया। नववर्ष 2026 के पावन अवसर पर जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कोरबी में मानवता, सेवा और सामाजिक सरोकार का अनुपम उदाहरण देखने को मिला। ग्राम पंचायत के उप सरपंच मुरारी लाल जायसवाल के सौजन्य से उनके निवास स्थान पर संस्कृतिक छत्तीसगढ़ी कार्यक्रम के साथ विशाल कंबल वितरण समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों जरूरतमंद ग्रामीणों को ठंड से राहत हेतु कंबल वितरित किए गए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह एवं विशिष्ट अतिथि जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा के उपाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जाखड़, जनपद अध्यक्ष माधुरी देवी तंवर, जनपद सदस्य कुंती केराम, स्थानीय सरपंच राजू राम मरावी मंचासीन रहे। मुख्य अतिथि डॉ. पवन सिंह का उप सरपंच मुरारी लाल जायसवाल द्वारा फूल-मालाओं से आत्मीय स्वागत किया गया, वहीं जनपद उपाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जाखड़ का फुलेश्वर जायसवाल ने भव्य अभिनंदन किया। अपने उद्बोधन में प्रकाश चंद्र जाखड़ ने कहा कि “नववर्ष के अवसर पर गरीब और जरूरतमंद तबके को कंबल वितरण करना एक पुण्य कार्य है। ऐसे सेवा कार्य समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और अन्य लोगों को भी प्रेरित करते हैं।” मुख्य अतिथि डॉ. पवन सिंह ने सभी ग्रामीणों को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा— “इस शीतलहर के समय मुरारी लाल जायसवाल परिवार द्वारा किया गया निःशुल्क कंबल वितरण सराहनीय है। यह सच्चे जनसेवा भाव का परिचायक है। मैं इस सेवा कार्य के लिए उन्हें धन्यवाद देता हूं और आशा करता हूं कि आगे भी वे इसी प्रकार समाज सेवा करते रहेंगे।” वहीं जनपद अध्यक्ष माधुरी देवी तंवर ने कहा कि “ठंड के इस मौसम में कंबल जरूरतमंदों के लिए संजीवनी का काम करता है। आज ग्रामीणों के चेहरे पर जो खुशी दिखाई दी, वही इस आयोजन की सबसे बड़ी सफलता है।” कंबल पाकर ग्रामीणों में विशेष उत्साह और खुशी देखने को मिली। कार्यक्रम के दौरान सामाजिक सौहार्द और छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक भी दिखाई दी। इस अवसर पर पुलिस चौकी प्रभारी सुरेश कुमार जोगी, पत्रकार सुशील जायसवाल, प्रहलाद सिंह बिझवार, मोनू जायसवाल, सरपंच विष्णु आयम, आर.के. बाजपेई, सहित ग्राम के गणमान्य नागरिक एवं आसपास के बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। नववर्ष पर किया गया यह सेवा कार्य कोरबी क्षेत्र में सामाजिक एकता और मानवीय संवेदना का प्रेरणादायी उदाहरण बन गया।
नववर्ष पर आबकारी विभाग का बड़ा प्रहार, सक्ती में अवैध महुआ शराब फैक्ट्री ध्वस्त
✍️ भागीरथी यादव सक्ती। नववर्ष के मौके पर अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। 31 दिसंबर को आबकारी वृत्त सक्ती की संयुक्त टीम ने ग्राम जुड़गा में संचालित एक अवैध महुआ शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ कर दिया। यह कार्रवाई सहायक जिला आबकारी अधिकारी आशीष उप्पल को मिली पुख्ता मुखबिर सूचना के आधार पर की गई। सूचना के अनुसार, नववर्ष के अवसर पर ग्राम जुड़गा के नाले किनारे चोरी-छिपे महुआ शराब का बड़े पैमाने पर निर्माण किया जा रहा था। सूचना मिलते ही आबकारी विभाग ने तत्काल टीम गठित कर मौके पर दबिश दी। दबिश के दौरान मचा हड़कंप, आरोपी फरार आबकारी टीम को देखते ही मौके पर मौजूद कुछ संदिग्ध अंधेरे और झाड़ियों का फायदा उठाकर फरार हो गए। हालांकि टीम ने मौके से शराब निर्माण में लगी पांच चालू भट्टियों को नष्ट किया। 115 लीटर तैयार शराब जब्त, सैकड़ों लीटर बनने से रोकी गई कार्रवाई के दौरान झाड़ियों में छुपाकर रखी गई लगभग 115 लीटर अवैध महुआ शराब जब्त की गई। इसके साथ ही 20 बोरियों में भरा करीब 500 किलोग्राम महुआ लाहन मौके पर सैंपल लेकर नष्ट किया गया। अधिकारियों के अनुसार, इस लाहन से सैकड़ों लीटर अवैध शराब तैयार की जा सकती थी, जिसे समय रहते रोक दिया गया। जंगल और नालों में छिप रहे शराब माफिया आबकारी विभाग ने बताया कि लगातार सख्त कार्रवाई के चलते अब शराब माफिया घरों के बजाय दूर-दराज के नालों और जंगलों में फैक्ट्रियां संचालित कर रहे हैं। विभाग ने साफ किया है कि अवैध शराब के खिलाफ अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा और माफियाओं को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। नववर्ष पर की गई यह कार्रवाई आबकारी विभाग की सख्ती और सतत निगरानी का स्पष्ट संदेश है।
उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में तेंदुआ जाल में फंसा, दो आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजे गए
🙏 भागीरथी यादव मैनपुर। उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व अंतर्गत वन्य प्राणियों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। गरियाबंद वन परिक्षेत्र के तौरेंगा बफर क्षेत्र अंतर्गत परिसर कोकड़ी के राजस्व क्षेत्र में एक नर तेंदुआ अवैध जाल-फंदे में फंसा हुआ घायल अवस्था में पाया गया, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। घटना 25 दिसंबर 2025 की है, जब वन अमले को सूचना मिली कि टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में एक वन्य प्राणी गंभीर रूप से घायल है। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने देखा कि एक नर तेंदुआ अवैध रूप से लगाए गए जाल-फंदे में फंसा हुआ है। तत्काल रेस्क्यू कर तेंदुए को सुरक्षित बाहर निकालते हुए उपचार हेतु भेजा गया। इस गंभीर वन्य अपराध के संबंध में वन अपराध प्रकरण (POR) क्रमांक 170/24, दिनांक 25/12/2025 दर्ज कर आरोपियों की पहचान व तलाश शुरू की गई। जांच के दौरान अवैध शिकार में संलिप्त दो आरोपियों को चिन्हित कर 31 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में (1) सोना सिंह मंडावी, पिता अयतु राम मंडावी, जाति गोड, उम्र 34 वर्ष (2) अयतु राम मंडावी, पिता बुधराम मंडावी, जाति गोड, उम्र 65 वर्ष निवासी ग्राम नगबेल (टांगरापानी), थाना शोभा, तहसील मैनपुर, जिला गरियाबंद (छत्तीसगढ़) शामिल हैं। दोनों आरोपियों को माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी न्यायालय, गरियाबंद के समक्ष रिमांड पर प्रस्तुत किया गया, जहां से न्यायालय के आदेशानुसार उन्हें जिला जेल गरियाबंद में दाखिल कराया गया है। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत इस तरह के अपराधों में कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही टाइगर रिजर्व एवं आसपास के क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। वन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी अवैध शिकार, जाल-फंदा या संदिग्ध गतिविधि नजर आए तो तत्काल वन विभाग या प्रशासन को सूचित करें।
**नववर्ष 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं
✍️ भागीरथी यादव लोग सदन दैनिक समाचार परिवार की ओर से** नया साल, नई उम्मीदें और नई शुरुआत। पुराने वर्ष की यादों को संजोए और नए वर्ष के सपनों को संवारते हुए हम सभी एक नए सफर की ओर बढ़ रहे हैं। नववर्ष 2026 आप सभी के जीवन में सुख, शांति, स्वास्थ्य, समृद्धि और सफलता लेकर आए—इसी मंगलकामना के साथ लोग सदन दैनिक समाचार परिवार आप सभी पाठकों, शुभचिंतकों और सहयोगियों को नववर्ष की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित करता है। बीता वर्ष चुनौतियों के साथ-साथ अनुभवों से भरपूर रहा। इस दौरान आप सभी का स्नेह, विश्वास और सहयोग ही हमारी सबसे बड़ी ताकत रहा है। लोग सदन दैनिक समाचार सदैव आपकी आवाज़ बनकर, सच्ची, निष्पक्ष और जनहितकारी पत्रकारिता के अपने संकल्प पर अडिग रहा है और आगे भी रहेगा। नया साल नई ऊर्जा, नए विचार और नई संभावनाओं का प्रतीक है। आइए, हम सब मिलकर एक बेहतर समाज, सशक्त लोकतंत्र और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें। आपका हर दिन खुशियों से भरा हो, हर सपना साकार हो और हर कदम सफलता की ओर बढ़े—यही हमारी कामना है। नववर्ष 2026 की एक बार फिर ढेरों शुभकामनाएं। — लोग सदन दैनिक समाचार परिवार
दिल्ली से चल रहा था 20 लाख की साइबर ठगी का खेल, बस्तर पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर पर मारा छापा
✍️ भागीरथी यादव जगदलपुर। साइबर ठगी के खिलाफ बस्तर पुलिस ने बड़ी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए दिल्ली में संचालित एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। नगरनार थाना क्षेत्र में दर्ज 20 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने दिल्ली के जनकपुरी इलाके से पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, नगरनार निवासी कमलोचन कश्यप ने अप्रैल माह में थाना नगरनार में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनसे इंश्योरेंस प्रीमियम और पॉलिसी लाभ दिलाने के नाम पर अलग-अलग किश्तों में करीब 20 लाख रुपये की ठगी की गई। ठगों ने उन्हें इंश्योरेंस की मैच्योरिटी राशि मिलने का झांसा दिया था, लेकिन तय समय पर रकम नहीं मिलने पर पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। शिकायत मिलते ही नगरनार थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने तकनीकी जांच शुरू की। बैंक ट्रांजैक्शन, मोबाइल नंबरों और डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल में ठगों की लोकेशन दिल्ली के आसपास मिलने की पुष्टि हुई। इसके बाद बस्तर पुलिस की टीम ने दिल्ली पहुंचकर जनकपुरी इलाके में स्थित एक कॉल सेंटर पर छापेमार कार्रवाई की। छापे के दौरान पुलिस ने कॉल सेंटर से कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में गिरोह का मुख्य सरगना ओमप्रकाश प्रभु शामिल है। इसके अलावा कॉल सेंटर में काम कर रही चार युवतियों को भी हिरासत में लिया गया है, जो पीड़ितों से फोन पर बात कर उन्हें निवेश और इंश्योरेंस लाभ का झांसा देती थीं। बस्तर पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से वायरलेस फोन, कई मोबाइल, लैपटॉप और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं। बरामद दस्तावेजों से यह खुलासा हुआ है कि यह गिरोह केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि देश के कई राज्यों में साइबर ठगी को अंजाम दे चुका है। छत्तीसगढ़ के भी तीन-चार जिलों में इसी तरह की ठगी के प्रमाण मिले हैं। पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। प्रारंभिक जांच में इंश्योरेंस कंपनियों से जुड़े संभावित लिंक भी उजागर हुए हैं, जिनकी विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। एसपी शलभ सिन्हा ने स्पष्ट किया कि साइबर ठगी के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार कार्रवाई जारी रहेगी और जैसे-जैसे नए लिंक सामने आएंगे, उन पर भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। बस्तर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि इंश्योरेंस, निवेश या मैच्योरिटी के नाम पर आने वाले किसी भी कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें और संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन में सूचना दें।
बिलासपुर में शातिर ठग महिला का नया तरीका, बर्तन बदलने के बहाने लाखों के जेवर लेकर फरार
✍️ भागीरथी यादव बिलासपुर। जिले में ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां बर्तन बदलने के नाम पर एक शातिर महिला ने घर की महिलाओं को अपने झांसे में लेकर सोने-चांदी के कीमती जेवर और बर्तन लेकर फरार हो गई। घटना के बाद पीड़ित परिवार में हड़कंप मच गया। पीड़ितों की शिकायत पर चकरभाठा थाना पुलिस ने अज्ञात महिला के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मिली जानकारी के अनुसार, चकरभाठा थाना क्षेत्र के परसदा माता चौरा निवासी ममता सूर्यवंशी 29 दिसंबर को दोपहर करीब 2 बजे अपने घर में मौजूद थीं। इसी दौरान एक अज्ञात महिला उनके घर पहुंची और पुराने बर्तनों के बदले नए बर्तन देने की पेशकश करने लगी। घर में उस वक्त ममता सूर्यवंशी के साथ उनकी जेठानी शुक्रवारा बाई सूर्यवंशी और मिलापा बाई सूर्यवंशी भी मौजूद थीं। आरोपी महिला ने खुद को बर्तन बदलने का काम करने वाली बताते हुए दावा किया कि वह सोने-चांदी के जेवरों की फोटो लेकर विदेश भेजती है, जहां उनकी डिजाइन तैयार होती है। उसने भरोसा दिलाया कि फोटो लेने के बाद सभी जेवर उसी दिन वापस कर दिए जाएंगे और बदले में ज्यादा पैसा भी दिया जाएगा। महिला की चिकनी-चुपड़ी बातों में आकर ममता सूर्यवंशी ने पुराने बर्तनों के साथ सोने की माला, चांदी का हाफ करधन, छल्ला, एक जोड़ी पायल, सोने का लॉकेट और टॉप्स सौंप दिए। वहीं जेठानी शुक्रवारा बाई ने पुराने बर्तन, चांदी की चेन और बिछिया दी, जबकि जेठानी मिलापा बाई ने सोने की माला और पायल ठग महिला को सौंप दी। आरोपी महिला ने कहा कि वह शाम करीब 4 बजे डिजाइन दिखाकर सभी का बर्तन बदलकर नया बर्तन और जेवर लौटा देगी। ज्यादा मुनाफा देने का लालच देकर वह सभी जेवर और बर्तन अपने साथ लेकर चली गई, लेकिन उसके बाद वापस नहीं लौटी। काफी देर इंतजार के बाद जब महिला का कोई पता नहीं चला, तब पीड़ितों को ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद पीड़ित परिवार ने चकरभाठा थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने ममता सूर्यवंशी की रिपोर्ट पर अज्ञात महिला के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय बर्तन बदलने वाली महिलाओं की जानकारी जुटाने के साथ-साथ सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि बर्तन बदलने या जेवर जांच के नाम पर घर में आने वाले अज्ञात लोगों से सतर्क रहें और किसी भी परिस्थिति में अपने कीमती सामान किसी अनजान व्यक्ति को न सौंपें।
नए साल से पहले बड़ा प्रशासनिक एक्शन, रायपुर पुलिस में 119 अफसरों का तबादला
✍️ भागीरथी यादव 3 थानों को मिले नए प्रभारी, मैदानी व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने की कवायद रायपुर। वर्ष के आखिरी दिन रायपुर जिला पुलिस महकमे में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर ने देर रात आदेश जारी कर मैदानी पदस्थापना में कार्यरत 119 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों का तबादला कर दिया। इस फैसले को जिले की कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। जारी तबादला सूची के अनुसार इस बड़े बदलाव में 4 थाना निरीक्षक, 18 उप निरीक्षक, 37 सहायक उप निरीक्षक सहित बड़ी संख्या में प्रधान आरक्षक और आरक्षक स्तर के अधिकारी शामिल हैं। इस व्यापक फेरबदल के चलते जिले के तीन प्रमुख थानों में नए थाना प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण की रणनीति पुलिस सूत्रों के अनुसार यह कदम लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ अधिकारियों को बदलकर मैदानी व्यवस्था में नई ऊर्जा और कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से उठाया गया है। नए पदस्थापन के साथ अपराध नियंत्रण, पेट्रोलिंग और शिकायत निवारण प्रणाली को और प्रभावी बनाए जाने की उम्मीद जताई जा रही है। कानून-व्यवस्था पर रहेगा सीधा असर अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के प्रशासनिक बदलाव से न सिर्फ थानों की कार्यसंस्कृति में सुधार होगा, बल्कि आम नागरिकों के बीच पुलिस की सक्रियता और भरोसा भी बढ़ेगा। नए थाना प्रभारियों को अपराध नियंत्रण के साथ-साथ जनसंपर्क को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। नए साल से नई शुरुआत पुलिस महकमे में हुए इस बड़े फेरबदल को नए साल से पहले रणनीतिक री-सेट के तौर पर देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में इसके असर जमीन पर दिखने की उम्मीद है।
तिहाड़ जेल से छूटते ही बना लुटेरा, बिलासपुर में होटल व्यवसायी को बनाया निशाना
✍️ भागीरथी यादव दिल्ली का आरोपी अनुपपुर से गिरफ्तार, फरार साथियों की तलाश तेज बिलासपुर। दिल्ली की कुख्यात तिहाड़ जेल से हत्या के मामले में सजा काटकर बाहर निकला एक अपराधी बिलासपुर में लूट की वारदात को अंजाम देने की फिराक में था। सरकंडा थाना क्षेत्र में होटल व्यवसायी से पिस्टल अड़ाकर लूटपाट के प्रयास के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को मध्यप्रदेश के अनुपपुर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के अन्य साथी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। सुबह-सुबह हथियार के दम पर लूट का प्रयास पुलिस के अनुसार, 19 दिसंबर की सुबह करीब 7:15 बजे, जबड़ापारा निवासी लखन उर्फ निटी देवांगन अपनी एक्टिवा से कंपनी गार्डन के पास स्थित समोसा दुकान जा रहा था। आनंद डेयरी के पास पहुंचते ही बाइक सवार तीन युवकों ने रास्ता रोक लिया। पीछे बैठे आरोपी ने पीड़ित की गर्दन में पहनी सोने की चेन पकड़कर कट्टा अड़ा दिया और “चेन दे दो, नहीं तो गोली मार दूंगा” कहते हुए फायर कर जान से मारने की धमकी दी। हालांकि, पीड़ित ने हिम्मत दिखाते हुए शोर मचाया, जिससे घबराकर आरोपी मुख्य सड़क की ओर फरार हो गए। तकनीकी साक्ष्यों से पुलिस को मिली बड़ी सफलता घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देशन में एसीसीयू, साइबर सेल और सरकंडा थाना की संयुक्त टीम गठित की गई। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे करीब 300 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपियों का लोकेशन अनुपपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेस हुआ। पुलिस टीम ने मौके पर दबिश देकर गगनदीप बंसल, निवासी दिल्ली को गिरफ्तार कर लिया। तिहाड़ जेल में बनी दोस्ती, बाहर आकर शुरू किया अपराध पूछताछ में गगनदीप बंसल ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि वह पूर्व में तिहाड़ जेल में हत्या के मामले में बंद था, जहां उसकी दोस्ती विजय लाम्बा (दिल्ली) से हुई। जेल से रिहा होने के बाद विजय लाम्बा, आमीर और शकील के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई और बिलासपुर में वारदात को अंजाम दिया। चोरी की बाइक, रेलवे स्टेशन पर छोड़ी घटना को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने तखतपुर और अम्बिकापुर से दो मोटरसाइकिल चोरी की थीं। वारदात के बाद दोनों बाइक को बिलासपुर रेलवे स्टेशन के पास छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने दोनों बाइक बरामद कर ली हैं। मुख्य आरोपी फरार, हथियार की तलाश जारी पुलिस के अनुसार, वारदात में प्रयुक्त देशी कट्टा फिलहाल फरार आरोपी विजय लाम्बा के पास है। आरोपी विजय लाम्बा, आमीर और शकील की तलाश लगातार की जा रही है। पुलिस का सख्त संदेश पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जेल से छूटकर दोबारा अपराध करने वालों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और ऐसे अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। जल्द ही फरार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा।
25 टन चावल की खेप गटक गया ट्रक चालक, बेटी की शादी में उड़ा दिए 6 लाख
✍️ भागीरथी यादव तखतपुर पुलिस ने अमानत में खयानत का बड़ा मामला किया उजागर तखतपुर। अमानत में खयानत के एक सनसनीखेज मामले में तखतपुर पुलिस ने ट्रक चालक को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। रायपुर की सत्यम रोड लाइंस ट्रांसपोर्ट से बिहार भेजे जाने वाले 25 टन चावल को रास्ते में ही बेचकर आरोपी ने न केवल ट्रांसपोर्टर के भरोसे को तोड़ा, बल्कि पूरी रकम अपनी बेटी की शादी में खर्च कर दी। मामला 22 अक्टूबर 2024 का है, जब नवरंग राइस मिल, तखतपुर से बिहार भेजने के लिए 25 टन चावल सत्यम रोड लाइंस ट्रांसपोर्ट के माध्यम से बुक किया गया था। चावल परिवहन के लिए ट्रक क्रमांक BR 01 GM 7496 निर्धारित किया गया, जिसे चालक अमरनाथ चौधरी चला रहा था। ट्रांसपोर्टर द्वारा इसके एवज में ₹28,600 का भुगतान नगद और फोन-पे के माध्यम से किया गया। गंतव्य तक नहीं पहुंचा चावल, शक गहराया निर्धारित समय सीमा के बावजूद जब चावल बिहार नहीं पहुंचा, तो ट्रांसपोर्ट संचालक को संदेह हुआ। चालक से संपर्क करने पर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर थाना तखतपुर में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। जांच में हुआ बड़ा खुलासा पुलिस जांच में सामने आया कि चालक ने पूरे 25 टन चावल को रास्ते में ही बेच दिया। शिकायत के आधार पर बीएनएस की धारा 316(3) (अमानत में खयानत) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना की गई। ट्रक जब्त, गोदाम निकला खाली विवेचना के दौरान पुलिस टीम ने ट्रक को सुरतजा पेट्रोल पंप, चकसिकंदर (बिहार) से जब्त किया। इसके बाद आरोपी के किराए के गोदाम हाजीपुर (बिहार) में दबिश दी गई, लेकिन वहां चावल नहीं मिला। सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी टूट गया और अपना अपराध स्वीकार कर लिया। बेटी की शादी में खर्च की पूरी रकम आरोपी अमरनाथ चौधरी ने पुलिस को बताया कि उसने चावल को बिहार की एक दुकान में करीब ₹6 लाख में बेच दिया। इसमें से ₹5,99,000 रुपये उसने अपनी बेटी की शादी में खर्च कर दिए, जबकि मात्र ₹1,000 रुपये शेष बचे थे। गिरफ्तारी के बाद जेल भेजा गया पर्याप्त साक्ष्य, बयान और दस्तावेजी प्रमाण मिलने के बाद पुलिस ने 30 दिसंबर 2025 को सुबह 11:45 बजे आरोपी अमरनाथ चौधरी (50 वर्ष), निवासी ग्राम धंधुआ, जिला वैशाली (बिहार) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। विवेचना जारी, और भी खुलासों की संभावना पुलिस अब यह जांच कर रही है कि चावल की बिक्री में किसी अन्य व्यापारी या बिचौलिए की भूमिका तो नहीं रही, साथ ही आरोपी का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। पुलिस की सख्त चेतावनी पुलिस अधिकारियों ने कहा कि अमानत में खयानत जैसे अपराध समाज के भरोसे को तोड़ते हैं और ऐसे मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। इस पूरे मामले के खुलासे में एसआई डी.आर. मनहर एवं आरक्षक सत्यार्थ शर्मा की सराहनीय भूमिका रही।
















