बिलासपुर पुलिस का डबल स्ट्राइक: पेट्रोल पंप लूट गिरोह और हाईवे मर्डर-लूट गैंग का एक ही दिन में खुलासा
✍️ भगीरथी यादव बिलासपुर। जिले में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ बिलासपुर पुलिस ने बड़ी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए एक ही दिन में दो सनसनीखेज मामलों का खुलासा कर अपराधियों को कड़ा संदेश दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के नेतृत्व में चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत पुलिस ने जहां पेट्रोल पंपों में लूट करने वाले अंतरजिला गिरोह को धर दबोचा, वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग पर लूट के दौरान हुई हत्या के मामले में शामिल शातिर अपराधियों को भी गिरफ्तार किया है। देशी कट्टा दिखाकर पेट्रोल पंपों में लूट करने वाला गिरोह गिरफ्तार पहला मामला थाना रतनपुर क्षेत्र का है। 11 जनवरी 2026 की रात ग्राम जाली स्थित बी.बी. पेट्रोल पंप में पल्सर मोटरसाइकिल से पहुंचे तीन युवकों ने पेट्रोल भरवाने के बाद सेल्समैन को देशी कट्टा दिखाकर करीब 15 हजार रुपये लूट लिए और फरार हो गए। घटना को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी के निर्देश पर एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ए.सी.सी.यू.) और थाना रतनपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर तंत्र के आधार पर पुलिस ने वेद प्रकाश वैष्णो, अभिषेक प्रजापति और कपिल पटेल को बेलतरा क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने रतनपुर, चैतमा (कोरबा) और पाली क्षेत्र में पेट्रोल पंप व एक प्रॉपर्टी डीलर से लूट की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया। पुलिस ने इनके पास से दो मोटरसाइकिल (एक चोरी की पल्सर), देशी कट्टा व कारतूस, धारदार चाकू, नकदी और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। मुख्य आरोपी वेद प्रकाश पूर्व में भी चोरी के मामलों में जेल जा चुका है। आरोपियों के खिलाफ रतनपुर थाना में बीएनएस की धारा 309(4), 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। हाईवे पर लूट के दौरान हत्या करने वाला गिरोह भी बेनकाब दूसरा बड़ा खुलासा राष्ट्रीय राजमार्ग पर लूट व हत्या से जुड़े मामले में हुआ। पुलिस ने कोनी, हिर्री और चकरभाठा थाना क्षेत्र में ट्रक चालकों से लूटपाट करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों जय दिवाकर, सूरज साहू और प्रदीप धुरी को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान कई सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी इनपुट और स्थानीय मुखबिरों की मदद से आरोपियों की पहचान की गई। आरोपियों ने पूछताछ में लूट के दौरान हत्या की वारदात को स्वीकार किया। इनके कब्जे से पल्सर मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन, धारदार हथियार, अन्य लूटे गए मोबाइल और नकदी बरामद की गई है। तीनों आरोपी आदतन अपराधी हैं और पहले भी जेल जा चुके हैं। पुलिस टीम को मिलेगा नगद इनाम इन दोनों बड़ी सफलताओं में एएसपी मधुलिका सिंह, एएसपी पंकज पटेल, एएसपी/ए.सी.सी.यू. अनुज कुमार, सीएसपी गगन कुमार (भा.पु.से.), एसडीओपी नूपूर उपाध्याय, थाना प्रभारी रतनपुर निरीक्षक निलेश पाण्डेय, थाना प्रभारी कोनी निरीक्षक भावेश सेंड्रे सहित ए.सी.सी.यू. और संबंधित थानों की टीम की अहम भूमिका रही। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने उत्कृष्ट कार्य के लिए पूरी टीम की सराहना करते हुए नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है। अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश लगातार हो रही इन प्रभावी कार्रवाइयों से साफ है कि बिलासपुर पुलिस संगठित अपराध और आदतन अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। आने वाले समय में भी जिले में अपराधियों पर ऐसी ही सख्त और त्वरित कार्रवाई जारी रहेगी।
चिरमिरी पुलिस की सख्त कार्रवाई, सट्टा पट्टी काटने वाला आरोपी सीधे जेल
✍️ भागीरथी यादव एमसीबी/चिरमिरी। जिले में अवैध गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार चलाए जा रहे शराब–जुआ–नशामुक्ति अभियान के तहत चिरमिरी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। थाना चिरमिरी क्षेत्र में सट्टा पट्टी काटते एक आरोपी को रंगे हाथों पकड़ते हुए पुलिस ने उसे सीधे जेल भेज दिया। थाना प्रभारी विजय सिंह के नेतृत्व में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान हल्दीबाड़ी निवासी हनुमान प्रसाद तिवारी (पिता स्व. विष्णुदत्त तिवारी, उम्र लगभग 59 वर्ष) को सट्टा पट्टी काटते हुए गिरफ्तार किया गया। आरोपी के पास से 830 रुपये नकद एवं सट्टा पट्टी बरामद की गई। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 6 के तहत विधिवत कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से जेल वारंट जारी होने पर आरोपी को जेल दाखिल कर दिया गया। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी विजय सिंह के साथ प्रधान आरक्षक अशोक एक्का, प्रधान आरक्षक संतोष सिंह, प्रधान आरक्षक विश्वनाथ सिंह एवं आरक्षक मदन राजवाड़े की अहम भूमिका रही। चिरमिरी पुलिस की इस सख्त कार्रवाई से थाना क्षेत्र में अवैध जुआ, सट्टा एवं अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में संलिप्त लोगों के बीच खौफ का माहौल बना हुआ है। पुलिस ने स्पष्ट संकेत दिया है कि अवैध कार्य करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
राजस्व भूमि पर अवैध कब्जों का खुला खेल, प्रशासन मौन ग्राम पंचायत चैतमा में शासकीय जमीनें तेजी से हो रहीं गायब
ज्ञान शंकर तिवारी कोरबा/पाली। जिला कोरबा की तहसील पाली अंतर्गत ग्राम पंचायत चैतमा में शासकीय (राजस्व) भूमि पर अवैध कब्जा अब एक-दो मामलों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह एक संगठित और बेखौफ गतिविधि का रूप ले चुका है। स्थिति यह है कि ग्राम पंचायत, राजस्व विभाग और संबंधित अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी मूकदर्शक बने हुए हैं। ग्रामीणों के अनुसार ग्राम पंचायत चैतमा में शासकीय भूमि पर कब्जा कर न केवल मकान बनाए जा रहे हैं, बल्कि उन्हें खुलेआम खरीदा-बेचा भी जा रहा है। शिकायतों के बावजूद न तो अवैध निर्माण रोका जा रहा है और न ही किसी पर ठोस कार्रवाई हो रही है। खसरा नंबर 76/1क बना अवैध निर्माण का केंद्र ताजा मामला शासकीय भूमि खसरा नंबर 76/1क, रकबा 17.3590 हेक्टेयर का है। बताया जा रहा है कि यह भूमि पहले बेलतरा निवासी द्वारा अवैध रूप से खरीदी गई और बाद में तीसरे व्यक्ति को बेचकर कब्जा सौंप दिया गया। इसके बाद रातों-रात मकान निर्माण शुरू कर दिया गया। सरपंच द्वारा मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य रोकने को कहा गया, लेकिन इसके बावजूद निर्माण जारी है। इससे स्पष्ट है कि अवैध कब्जाधारियों को न प्रशासन का डर है और न ही कानून का। पहले भी हो चुकी हैं शिकायतें, कार्रवाई शून्य यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी पंचायत प्रतिनिधियों और जागरूक नागरिकों ने अवैध कब्जों की लिखित शिकायत तहसीलदार पाली एवं अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओ) पाली से की थी। बावजूद इसके अवैध निर्माण पूरे हुए और आज वहां पक्के मकान खड़े हैं। इस निष्क्रियता ने अवैध कब्जाधारियों के हौसले और बुलंद कर दिए हैं। आरक्षित भूमि तक सुरक्षित नहीं ग्रामीणों का आरोप है कि चैतमा में केवल एक ही खसरा नंबर नहीं, बल्कि शासकीय भवन हेतु आरक्षित भूमि, देवस्थल की जमीन, वन विभाग के लिए आरक्षित भूमि तक पर अवैध कब्जा कर बिक्री की जा चुकी है। हैरानी की बात यह है कि इन गंभीर मामलों में भी अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। कलेक्टर के आदेश की उड़ रही धज्जियां कुछ समय पूर्व कलेक्टर कोरबा द्वारा स्पष्ट आदेश जारी किया गया था कि सभी शासकीय भूमियों पर खसरा नंबर और रकबा सहित सूचना बोर्ड लगाए जाएं, ताकि भूमि की पहचान स्पष्ट हो सके। लेकिन ग्राम पंचायत चैतमा में आज तक एक भी शासकीय भूमि पर बोर्ड नहीं लगाया गया, जिससे संदेह और गहरा हो गया है। ग्रामीणों की चेतावनी ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने सख्त कदम नहीं उठाए, तो आने वाले समय में ग्राम पंचायत चैतमा में एक इंच भी शासकीय भूमि नहीं बचेगी। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि तत्काल अवैध निर्माण रोका जाए, दोषी कब्जाधारियों पर कड़ी कार्रवाई हो, और सभी शासकीय भूमियों पर बोर्ड लगाकर भूमि को सुरक्षित किया जाए। अब बड़ा सवाल यह है कि राजस्व विभाग कब जागेगा? या फिर शासकीय भूमि पर अवैध कब्जों का यह खेल यूं ही चलता रहेगा?
कोरबा : मन्दयन्ति कप 2026 का भव्य शुभारंभ, देशभर की टीमें ले रहीं हिस्सा
✍️ भागीरथी यादव कोरबा। मन्दयन्ति स्पोर्ट्स सोसायटी कोरबा के तत्वावधान में आयोजित अखिल भारतीय ड्यूज बॉल क्रिकेट प्रतियोगिता “मन्दयन्ति कप 2026” का शुभारंभ आज 18 जनवरी 2026 को सेंट्रल स्टेडियम, एसईसीएल में भव्य रूप से संपन्न हुआ। प्रतियोगिता का उद्घाटन पूर्व राजस्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। इस प्रतिष्ठित क्रिकेट प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों उड़ीसा, झारखंड, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ़ की टीमें भाग ले रही हैं। टूर्नामेंट के शुभारंभ के साथ ही खिलाड़ियों और दर्शकों में खासा उत्साह देखने को मिला। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व राजस्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल ने मन्दयन्ति स्पोर्ट्स सोसायटी के पदाधिकारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के खेल आयोजन जिले के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने और आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों को नववर्ष की शुभकामनाएं भी दीं। शुभारंभ अवसर पर मन्दयन्ति स्पोर्ट्स सोसायटी के अध्यक्ष श्री विकास सिंह सहित अशोक लोध, महेंद्र सिंह, सुनील शर्मा, राजेंद्र तिवारी, अंकित वर्मा, अनिल प्रजापति, भुनेश्वर कश्यप, युवा कांग्रेस अध्यक्ष राकेश पंकज, बृजभूषण प्रसाद, अमित सिंह, आकाश प्रजापति, नितेश यादव, नारायण यादव, अश्वनी पटेल सहित बड़ी संख्या में खेल प्रेमी एवं दर्शकगण उपस्थित रहे। मन्दयन्ति कप के आयोजन से क्षेत्र में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
खेत में मिली अज्ञात महिला की सड़ी-गली लाश, इलाके में फैली सनसनी
✍️ भागीरथी यादव एक सप्ताह पुराना बताया जा रहा शव, पहचान में जुटी पुलिस दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। कुम्हारी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम परसदा के एक खेत में अज्ञात महिला की सड़ी-गली लाश मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी गई। जानकारी के अनुसार खेत की ओर से तेज बदबू आने पर ग्रामीणों को संदेह हुआ। जब ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो उन्होंने खेत में एक महिला का शव पड़ा देखा, जिसकी हालत काफी खराब थी। इसके बाद तत्काल कुम्हारी थाना पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू की। पुलिस के अनुसार शव करीब एक सप्ताह पुराना प्रतीत हो रहा है और पूरी तरह से डीकंपोज़ हो चुका है। घटनास्थल पर FSL एवं सीन ऑफ क्राइम टीम की मौजूदगी में शव का निरीक्षण किया गया। पुलिस ने शव को चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज, कच्चांदुर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार मृत महिला की उम्र लगभग 40 से 45 वर्ष के बीच बताई जा रही है। फिलहाल पुलिस ने शव की पहचान के लिए आसपास के सभी थानों को सूचना भेज दी है और गुमशुदगी की रिपोर्ट से मिलान किया जा रहा है। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच में जुटी हुई है।
कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन की पहल से भिलाई खुर्द के 300 भूविस्थापितों को मिला न्याय
एसईसीएल ने मकानों के मुआवजे व बसाहट के लिए प्रति परिवार 6.78 लाख देने पर दी सहमति कोरबा। कैबिनेट मंत्री एवं कोरबा नगर विधायक श्री लखन लाल देवांगन की पहल पर मानिकपुर खदान क्षेत्र के ग्राम भिलाई खुर्द के लगभग 300 भूविस्थापित परिवारों के मुआवजे का रास्ता आखिरकार खुल गया है। वर्षों से लंबित इस मामले में एसईसीएल (साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) ने मकानों के मुआवजे, बसाहट एवं शिफ्टिंग सहायता देने पर लिखित सहमति प्रदान की है। शुक्रवार को एसईसीएल विश्राम गृह, कोरबा में आयोजित बैठक में मंत्री श्री देवांगन की अध्यक्षता में भूविस्थापितों, जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों एवं एसईसीएल प्रबंधन के बीच विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 50 वर्ष पूर्व खदान के लिए भूमि अधिग्रहण के बाद अब बिना उचित मुआवजा दिए बस्ती खाली कराना पूरी तरह गलत है। मंत्री श्री देवांगन ने भूविस्थापितों की मांग को मजबूती से रखते हुए कहा कि इतने वर्षों में एक ही भू-धारक के कई परिवार बन चुके हैं, इसलिए मुआवजा एक जमीन मालिक नहीं, बल्कि प्रत्येक परिवार के आधार पर दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि देश की ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए कोयला महत्वपूर्ण है, लेकिन विकास के साथ विस्थापितों के अधिकारों की रक्षा भी उतनी ही जरूरी है। मंत्री के हस्तक्षेप के बाद एसईसीएल प्रबंधन ने बैठक में ही तीन अहम निर्णयों की घोषणा की— सभी भूविस्थापित परिवारों के मकान एवं परिसंपत्तियों का मूल्यांकन कर मुआवजा दिया जाएगा। बसाहट एवं विस्थापन हेतु प्रति परिवार 6.78 लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे। मानिकपुर खदान की आउटसोर्सिंग कंपनियों में भूविस्थापितों को रोजगार में प्राथमिकता दी जाएगी। एसईसीएल के इन निर्णयों का ग्राम भिलाई खुर्द के भूविस्थापितों ने स्वागत करते हुए मंत्री श्री लखन लाल देवांगन के प्रति आभार व्यक्त किया। वहीं मंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देशित किया कि सभी परिवारों की बारीकी से गणना कर शीघ्र मुआवजा वितरण की प्रक्रिया पूरी की जाए। बैठक में यह भी सहमति बनी कि मुआवजे के साथ-साथ ठेका कंपनियों में रोजगार के अवसरों में भी भूविस्थापितों को प्राथमिकता दी जाएगी।
घने जंगलों के ऊपर चार दिनों से हवाई सर्वे, कोरबा में बढ़ी हलचल देखे वीडियो
✍️ भागीरथी यादव रानी अटारी–विजय वेस्ट कोल माइंस क्षेत्र बना चर्चा का केंद्र कोरबा | ऊर्जाधानी कोरबा एक बार फिर रहस्यमय गतिविधियों को लेकर सुर्खियों में है। जिले के रानी अटारी और विजय वेस्ट कोल माइंस क्षेत्र के घने जंगलों के ऊपर बीते चार दिनों से लगातार हवाई सर्वेक्षण किए जाने से पूरे इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह हवाई सर्वे कोसाई पर्वत से लेकर पसान क्षेत्र तक किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस क्षेत्र में यूरेनियम, कॉपर सहित अन्य दुर्लभ खनिजों की मौजूदगी की संभावनाओं को लेकर आधुनिक तकनीक से अध्ययन किया जा रहा है। हालांकि प्रशासन या खनिज विभाग की ओर से अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सर्वे बेहद गोपनीय तरीके से किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों में चिंता और तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। ग्रामीणों को आशंका है कि यह सर्वे कहीं प्रस्तावित रेलवे लाइन के निर्माण या नए खनन परियोजनाओं से जुड़ा न हो। बताया जा रहा है कि पेंड्रा रोड से दीपका तक प्रस्तावित रेलवे लाइन को लेकर भी जंगल क्षेत्रों—बीजा डांड, पुटी पखना, अडसरा, सिंदूरगढ़, धवलपुर, रानी अटारी और विजय वेस्ट कोल माइंस—में गुप्त सर्वे किए जाने की चर्चाएं जोरों पर हैं। गौरतलब है कि हाल ही में रुगंटा कंपनी द्वारा प्रस्तावित नए खदानों के विरोध में ग्राम संगठन और ग्रामीणों द्वारा आंदोलन भी शुरू किया गया है। ऐसे में हवाई सर्वेक्षण की टाइमिंग ने संदेह को और गहरा कर दिया है। यदि इन क्षेत्रों में दुर्लभ खनिजों की पुष्टि होती है, तो कोरबा जिले का सामरिक और आर्थिक महत्व राष्ट्रीय स्तर पर और बढ़ सकता है। फिलहाल प्रशासन की चुप्पी और आसमान में उड़ते विमान ग्रामीणों के बीच बेचैनी का कारण बने हुए हैं।
कटघोरा वन मंडल में अखिल भारतीय बाघ आकलन–2026 को लेकर प्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजित
सुशील जायसवाल कोरबा (कोरबी चोटिया)। कटघोरा वन मंडल के अंतर्गत पसान एवं केंदई वन परिक्षेत्र में अखिल भारतीय बाघ आकलन–2026 के सफल क्रियान्वयन को लेकर एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम परिक्षेत्र कार्यालयों में संपन्न हुआ, जिसमें वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। प्रशिक्षण कार्यक्रम में कटघोरा वन मंडल के प्रशिक्षु वन क्षेत्रपाल, विभिन्न परिक्षेत्रों के परिक्षेत्र अधिकारी, परिक्षेत्र सहायक एवं वन रक्षक उपस्थित रहे। कार्यशाला के दौरान बाघ आकलन की नवीन पद्धतियों, फील्ड डाटा संग्रह, ट्रैक सर्वे, कैमरा ट्रैपिंग, तथा जैव विविधता संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यशाला का उद्देश्य बाघ गणना प्रक्रिया को वैज्ञानिक एवं प्रभावी ढंग से संपन्न करना, साथ ही वन कर्मियों की क्षमता में वृद्धि करना रहा। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के प्रशिक्षण से जमीनी स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों को आकलन कार्य में बेहतर समन्वय और सटीकता प्राप्त होगी। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने बाघ संरक्षण एवं वन्यजीव प्रबंधन को लेकर अपने अनुभव साझा किए और आगामी बाघ आकलन को सफल बनाने का संकल्प लिया।
रायपुर में हैवानियत पर प्रशासन का कड़ा प्रहार, रेप आरोपी का अवैध मकान तोड़ने की तैयारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नौ साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म के सनसनीखेज मामले ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस जघन्य अपराध के आरोपी अब्दुल सज्जाद अंसारी (65) के खिलाफ अब प्रशासन ने भी सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। नगर निगम रायपुर ने आरोपी के अवैध रूप से निर्मित मकान को ध्वस्त करने का नोटिस जारी कर दिया है। यह मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। नगर निगम अधिकारियों की जांच में सामने आया है कि सज्जाद का मकान नगर नियोजन नियमों का उल्लंघन कर बनाया गया है। निगम ने स्पष्ट किया है कि तय समय-सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर मकान को गिराने की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने दो टूक कहा है कि नाबालिगों के खिलाफ जघन्य अपराध करने वालों के प्रति किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी। सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत अपराधी चाहे कोई भी हो, उसके खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी ने जनवरी के दूसरे सप्ताह में अपने ही मोहल्ले की मासूम बच्ची को खाने-पीने का लालच देकर कई बार अपने घर बुलाया और उसके साथ दरिंदगी की। आरोपी बच्ची को धमकाकर चुप रहने के लिए मजबूर करता रहा, जिससे वह लंबे समय तक दर्द और डर में जीती रही। 12 जनवरी को जब बच्ची की तबीयत अचानक बिगड़ी और वह असहनीय दर्द से कराहने लगी, तब परिजनों को पूरे घटनाक्रम की जानकारी मिली। परिजन तुरंत बच्ची को लेकर थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बिना देरी किए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। आरोपी की गिरफ्तारी का वीडियो भी सामने आया है, जिसने लोगों के आक्रोश को और भड़का दिया है। इस मामले में प्रशासनिक कार्रवाई को पीड़िता के लिए न्याय की दिशा में एक कड़ा और निर्णायक कदम माना जा रहा है।
कटघोरा किसान मेला 2026 से पहले विवादों की आहट
गुपचुप वाहन स्टैंड आबंटन पर उठे सवाल, नगर पालिका की भूमिका संदेह के घेरे में** कोरबा/कटघोरा | 16 जनवरी 2026 कटघोरा में गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाला बहुप्रतीक्षित किसान मेला 2026 इस बार शुभारंभ से पहले ही विवादों में घिरता नजर आ रहा है। मेला मैदान में झूलों और अन्य व्यवस्थाओं का काम तेज़ी से जारी है, वहीं 26 जनवरी से शुरू होने वाले इस आयोजन को लेकर नगर में उत्साह का माहौल बना हुआ है। लेकिन इसी बीच वाहन स्टैंड के आबंटन को लेकर नगर पालिका परिषद पर गंभीर आरोप लगने लगे हैं, जिससे मेले की छवि पर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रत्येक वर्ष की तरह इस बार भी नगर पालिका परिषद द्वारा मेला परिसर के बाहर वाहन स्टैंड का आबंटन किया जाना है। पूर्व वर्षों में यह प्रक्रिया खुली निविदा (ओपन टेंडर) के माध्यम से होती रही है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती थी और नगर पालिका को अधिकतम राजस्व की प्राप्ति होती थी। लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस वर्ष नगर पालिका परिषद द्वारा वाहन स्टैंड का आबंटन गुपचुप तरीके से, बिना ओपन टेंडर और बिना सार्वजनिक सूचना के करने की तैयारी की जा रही है। आरोप है कि यह आबंटन आपसी सहमति और कथित साठगांठ के आधार पर किसी चहेते व्यक्ति को सौंपा जा सकता है। इस संभावित निर्णय से वाहन स्टैंड संचालन में रुचि रखने वाले ठेकेदारों और स्थानीय नागरिकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। इच्छुक लोगों का कहना है कि यदि ओपन निविदा प्रक्रिया अपनाई जाती है तो सभी को समान अवसर मिलेगा और नगर पालिका की आय में भी वृद्धि होगी। वहीं, गुपचुप तरीके से किया गया आबंटन न केवल नियमों के विरुद्ध है, बल्कि इससे भ्रष्टाचार की आशंका भी प्रबल हो जाती है। आक्रोशित नागरिकों ने साफ शब्दों में कहा है कि वाहन स्टैंड जैसा महत्वपूर्ण और लाभदायक कार्य पारदर्शी प्रक्रिया के तहत ही होना चाहिए, न कि किसी विशेष व्यक्ति को लाभ पहुंचाने के लिए। इस मुद्दे को लेकर नगर में नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ माहौल गरमाता जा रहा है। गौरतलब है कि कटघोरा का किसान मेला केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग इसमें शामिल होते हैं। ऐसे में वाहन स्टैंड की व्यवस्था मेला संचालन की एक अहम कड़ी मानी जाती है। अब देखने वाली बात यह होगी कि नगर पालिका परिषद जनता के आक्रोश को गंभीरता से लेते हुए ओपन टेंडर प्रक्रिया अपनाती है या नहीं, अथवा किसान मेला 2026 इस बार भी विवादों और आरोप-प्रत्यारोप के साए में शुरू होता है।
स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय कोरबी में सरस्वती पूजन हर्षोल्लास से संपन्न
















