
✍️ भागीरथी यादव
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने एक साथ कई जिलों की प्रशासनिक कमान बदलते हुए बड़ा और निर्णायक फेरबदल किया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी तबादला आदेशों ने राज्य की नौकरशाही में हलचल मचा दी है। इस बदलाव में कोरबा जिले के कलेक्टर का परिवर्तन सबसे अहम माना जा रहा है।
शासन के आदेश के अनुसार कुणाल दुदावत (भा.प्र.से. 2017) को दंतेवाड़ा कलेक्टर पद से हटाकर कोरबा का नया कलेक्टर बनाया गया है। वहीं अब तक कोरबा की कमान संभाल रहे अजीत वसंत (भा.प्र.से. 2013) को हटाकर सरगुजा जिले का कलेक्टर नियुक्त किया गया है। यह बदलाव प्रशासनिक संतुलन और क्षेत्रीय प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर किया गया माना जा रहा है।
कई जिलों में बदली प्रशासनिक कमान
इस व्यापक फेरबदल में सिर्फ कोरबा ही नहीं, बल्कि कई अन्य जिलों और महत्वपूर्ण पदों पर भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं—
गौरव विलास सोनी (भा.प्र.से. 2011) को सरगुजा कलेक्टर के साथ-साथ मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ का अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया है।
राघव शर्मा (भा.प्र.से. 2012) को बेमेतरा कलेक्टर पद से हटाकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रबंध संचालक के रूप में अस्थायी पदस्थापना दी गई है।
संजीव कुमार झा (भा.प्र.से. 2011) से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का अतिरिक्त प्रभार वापस ले लिया गया है।
दिनेश कुमार दाश (भा.प्र.से. 2018) अब सुकमा से स्थानांतरित होकर दंतेवाड़ा के नए कलेक्टर होंगे।
सुश्री प्रतिभा ममगाईं (भा.प्र.से. 2018) को नारायणपुर से हटाकर बेमेतरा जिले की कमान सौंपी गई है।
प्रशासनिक रणनीति का संकेत
राज्य सरकार का यह बड़ा कदम स्पष्ट करता है कि मैदानी प्रशासन को और अधिक सशक्त, सक्रिय और परिणामोन्मुखी बनाने की दिशा में ठोस निर्णय लिए जा रहे हैं। बदली हुई प्रशासनिक टीम से अब संबंधित जिलों में विकास कार्यों और सुशासन को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।






