
✍️ भागीरथी यादव
रायपुर। भारत के महारजिस्ट्रार कार्यालय, नई दिल्ली द्वारा वर्ष 2023 में संशोधित ऑनलाइन जन्म-मृत्यु पंजीकरण पोर्टल लॉन्च किए जाने के बाद अब छत्तीसगढ़ राज्य में जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्रों का निर्माण पूरी तरह ऑनलाइन किया जा रहा है। राज्य सरकार ने अप्रैल 2023 से जारी सभी प्रमाण पत्रों को डिजिटल स्वरूप में अनिवार्य कर दिया है।
जन्म-मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 में किए गए संशोधन के अनुसार अक्टूबर 2023 के बाद जन्मे बच्चों के लिए जन्म प्रमाण पत्र ही जन्म तिथि प्रमाणन का एकमात्र वैध दस्तावेज होगा। जबकि अक्टूबर 2023 से पहले जन्मे बच्चों के लिए अन्य दस्तावेज (जैसे स्कूल रिकॉर्ड, राशन कार्ड आदि) भी जन्म तिथि प्रमाण के रूप में मान्य रहेंगे।
राज्य सरकार के अनुसार, पूर्व में मैन्युअल पद्धति से जारी जन्म प्रमाण पत्रों को भी अब डिजिटल पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन स्वरूप में बदला जा सकता है, जिससे पुराने प्रमाण पत्र भी सुरक्षित रूप से संग्रहीत रहेंगे।
सूत्रों के अनुसार, कुछ जिलों में केवल क्यूआर कोड (QR Code) युक्त जन्म प्रमाण पत्रों को ही आधार कार्ड बनाने हेतु स्वीकार किया जा रहा है। इस पर राज्य सरकार ने UIDAI हैदराबाद कार्यालय से अनुरोध किया है कि वे सभी आधार नामांकन केंद्रों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करें, ताकि राज्यभर में एक समान प्रक्रिया लागू हो।
संशोधित पोर्टल के आरंभिक चरण में कुछ तकनीकी समस्याएँ अवश्य आई थीं, लेकिन महारजिस्ट्रार कार्यालय, नई दिल्ली द्वारा इन्हें शीघ्रता से दूर कर दिया गया। वर्तमान में पोर्टल पूरी तरह तकनीकी रूप से सुचारू रूप से संचालित है।
राज्य के सभी जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रारों को नए पोर्टल पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया है, और आवश्यकता अनुसार जिला स्तर पर नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। इससे अब नागरिकों को अपने जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र ऑनलाइन प्राप्त करने की सुविधा आसानी से उपलब्ध है।
👉 अब राज्य में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्रों का निर्माण पूर्णतः डिजिटल रूप में — पारदर्शी, सुरक्षित और त्वरित सेवा की दिशा में एक बड़ा कदम।






