बीजापुर – जिले भर में 1 से 7 अगस्त तक ‘विश्व स्तनपान सप्ताह’ के अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। कलेक्टर श्री संबित मिश्रा के मार्गदर्शन में जिला कार्यक्रम अधिकारी की निगरानी में यह अभियान ग्राम स्तर तक पहुँचाया गया।
जिले के सभी 46 सेक्टरों के आंगनबाड़ी केंद्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सेक्टर पर्यवेक्षकों और परियोजना अधिकारियों ने ग्रामों में जाकर महिलाओं, माताओं और किशोरियों को स्तनपान के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम में बताया गया कि स्तनपान नवजात के लिए न केवल पोषण का सर्वोत्तम स्रोत है, बल्कि यह बच्चे के मानसिक विकास, रोग प्रतिरोधक क्षमता और कुपोषण से बचाव में भी अहम भूमिका निभाता है। विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि जन्म के पहले घंटे में स्तनपान शुरू करने से शिशु मृत्यु दर को कम किया जा सकता है, लेकिन हाल के आँकड़ों के अनुसार यह दर चिंताजनक रूप से घट रही है, जो चिंता का विषय है।
इस वर्ष का थीम “अंतर को कम करना” इस बात पर बल देता है कि सभी नवजातों को समान अवसर मिलना चाहिए, खासकर जीवन के पहले घंटे में मां का दूध प्राप्त करने का।
धात्री माताओं को समझाया गया कि शिशु के पहले छह महीनों तक मां का दूध ही संपूर्ण आहार होता है, यहां तक कि ऊपर से पानी देने की भी जरूरत नहीं होती। माताओं को यह भी बताया गया कि स्तनपान शिशु में सुरक्षा और भावनात्मक जुड़ाव की भावना को भी बढ़ाता है।
जनजागरूकता को और सशक्त बनाने के लिए बीजादूतीर स्वयंसेवकों और आंगनबाड़ी केंद्रों की महिलाओं को प्रेरित किया गया कि वे अपने आसपास के समुदायों में स्तनपान की जानकारी दें और इस सामाजिक अभियान को जन – जन तक पहुंचाए।






