बिहार में बड़ा रेल हादसा: सीमेंट से लदी मालगाड़ी बेपटरी, हावड़ा–पटना–दिल्ली रूट ठप, वंदे भारत समेत कई ट्रेनें डायवर्ट

  बिहार।  जमुई जिले में रविवार तड़के हावड़ा–पटना–दिल्ली मेन लाइन पर बड़ा रेल हादसा हो गया। सिमुलतला स्टेशन के पास सीमेंट से लदी एक मालगाड़ी बेपटरी हो गई, जिससे रेलवे नेटवर्क बुरी तरह प्रभावित हो गया। हादसा इतना गंभीर था कि मालगाड़ी के कई डिब्बे पटरी से उतरकर एक-दूसरे पर चढ़ गए, जबकि कुछ डिब्बे पुल से नीचे जा गिरे। 42 डिब्बों वाली इस मालगाड़ी के केवल 23 डिब्बे ही पटरी पर रह पाए। प्रमुख रूट प्रभावित, यात्रियों की बढ़ी परेशानी हादसे के बाद हावड़ा–पटना–दिल्ली रूट पर ट्रेनों का परिचालन अस्त-व्यस्त हो गया। रेलवे ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के रूट बदल दिए हैं। खासतौर पर रविवार, 28 दिसंबर 2025 को यात्रा करने वाले यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे ने यात्रियों से स्टेशन जाने से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी लेने की अपील की है। वंदे भारत एक्सप्रेस का बदला मार्ग पटना–हावड़ा के बीच चलने वाली प्रीमियम वंदे भारत एक्सप्रेस (22348/22347) का रूट भी बदल दिया गया है। सामान्य तौर पर यह ट्रेन बाढ़, मोकामा, किउल, जमुई, झाझा और जसीडीह होकर गुजरती है, लेकिन हादसे के बाद रविवार को इसे पटना–गया रूट से संचालित किया गया। रूट परिवर्तन के कारण कई स्टेशनों के यात्रियों को ट्रेन सेवा नहीं मिल सकी। कई एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनें डायवर्ट रेलवे द्वारा जारी सूचना के अनुसार, हादसे का असर सिर्फ वंदे भारत तक सीमित नहीं है। आज जिन प्रमुख ट्रेनों के मार्ग बदले गए हैं, उनमें शामिल हैं— 18622 हटिया–पटना–पाटलिपुत्र एक्सप्रेस 13029 हावड़ा–मोकामा एक्सप्रेस पटना–धनबाद एक्सप्रेस बक्सर–टाटानगर एक्सप्रेस इसके अलावा दिल्ली से हावड़ा के बीच चलने वाली कई सुपरफास्ट और लंबी दूरी की ट्रेनों को पटना–गया और किउल–गया रेलखंड से डायवर्ट किया गया है। समय में बदलाव की आशंका गौरतलब है कि हावड़ा जंक्शन से नई दिल्ली के बीच कुल 21 साप्ताहिक और 4 दैनिक ट्रेनें चलती हैं। इनमें सबसे कम दूरी तय करने वाली ट्रेन राजधानी एक्सप्रेस (1449 किमी) है। रूट डायवर्जन के चलते इन ट्रेनों के आगमन और प्रस्थान समय में बदलाव संभव है। रेलवे की अपील रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन का अपडेटेड स्टेटस जरूर जांच लें, ताकि अनावश्यक परेशानी से बचा जा सके। हादसे के बाद राहत और बहाली कार्य तेजी से जारी है।

विदेश दौरे पर तेजस्वी, इधर राजद में बगावत तेज: पूर्व डीजी अशोक कुमार गुप्ता ने छोड़ी पार्टी, नेतृत्व पर लगाए गंभीर आरोप

✍️ भागीरथी यादव   पटना। बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव जहां विदेश दौरे पर हैं, वहीं राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के भीतर सियासी भूचाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। पार्टी में इस्तीफों की झड़ी लगी हुई है और एक के बाद एक बड़े चेहरे राजद का साथ छोड़ते जा रहे हैं। इसी कड़ी में पूर्व डीजी अशोक कुमार गुप्ता ने राजद को बड़ा झटका दिया है। उन्होंने प्रदेश राजद बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष पद के साथ-साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है। अशोक कुमार गुप्ता ने अपना त्यागपत्र प्रदेश राजद अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल को भेजा है। “राजद में कार्यकर्ताओं का कोई सम्मान नहीं” इस्तीफे के बाद अशोक कुमार गुप्ता ने पार्टी नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि राजद में कार्यकर्ताओं का कोई मान-सम्मान नहीं है। उन्होंने कहा, “छोटे कार्यकर्ताओं की बात तो दूर, पार्टी का शीर्ष नेतृत्व भी कार्यकर्ताओं की अनदेखी करता है। अन्य राजनीतिक दलों में कार्यकर्ताओं को सम्मान मिलता है, लेकिन राजद में ऐसी कोई संस्कृति नहीं दिखती।” अशोक गुप्ता ने पार्टी के ए-टू-जेड और सामाजिक न्याय के नारों पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि ये नारे सिर्फ भाषणों तक सीमित हैं, जबकि टिकट वितरण के समय इन्हें पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया जाता है। नई राजनीतिक पारी के संकेत अशोक कुमार गुप्ता ने संकेत दिए हैं कि वे अपनी नई राजनीतिक पारी की शुरुआत किस दल से करेंगे, इसका फैसला खरमास के बाद लिया जाएगा। उनके इस बयान से बिहार की राजनीति में अटकलों का दौर तेज हो गया है। पहले भी झटके झेल चुकी है राजद गौरतलब है कि इससे पहले राजद के कद्दावर नेता और पूर्व सांसद विजय कृष्ण भी पार्टी छोड़ चुके हैं। बिहार सरकार में कई बार मंत्री रह चुके 74 वर्षीय विजय कृष्ण ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को पत्र लिखकर दलगत और सक्रिय राजनीति से अलग होने की घोषणा की थी। उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा दे दिया था। तेजस्वी विदेश में, पार्टी में संकट एक तरफ नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव विदेश दौरे पर हैं, तो दूसरी ओर पार्टी के भीतर नेतृत्व और संगठन को लेकर असंतोष खुलकर सामने आ रहा है। लगातार हो रहे इस्तीफे यह संकेत दे रहे हैं कि चुनावी हार के बाद राजद में आंतरिक संकट गहराता जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यदि यही सिलसिला जारी रहा, तो आने वाले दिनों में राजद को और भी बड़े सियासी झटकों का सामना करना पड़ सकता है।

ट्रांसफर से नाराज सिपाही ने कार्यालय में किया आत्मदाह का प्रयास, पुलिस ने बचाई जान

  पटना से बड़ी खबर सामने आई है। बिहार पुलिस के सिपाही अमीर आलम ने स्थानांतरण से नाराज होकर जिला परिषद कार्यालय परिसर में आत्मदाह का प्रयास किया। बताया गया कि एक दिसंबर को उनका तबादला पटना से पूर्णिया जिला बल में किया गया था, जिससे आक्रोशित होकर वे 5 हार्डिंग रोड स्थित कार्यालय पहुंचे और खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगाने की कोशिश की। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए समय रहते उन्हें रोक लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद सचिवालय थाना पुलिस ने सिपाही को पेट्रोल की बोतल के साथ हिरासत में लिया। इस मामले में कार्यालय पदाधिकारियों की शिकायत पर सिपाही के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। घटना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

पटना में जमीन खरीदना अब मिडिल क्लास के लिए सपना! सर्किल रेट में 4 गुना तक बढ़ोतरी की तैयारी, आसमान छुएंगे दाम

✍️ भागीरथी यादव   पटना। बिहार की राजधानी पटना में जमीन खरीदकर घर बनाने का सपना अब मिडिल क्लास के लिए लगभग नामुमकिन होता नजर आ रहा है। राज्य के दूसरे जिलों से आकर पटना में बसने की चाह रखने वाले मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए यह सपना अब “दूर के चांद” जैसा बनता जा रहा है। इसकी वजह है—पटना में जमीन की सरकारी कीमत यानी सर्किल रेट में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की तैयारी।   सूत्रों के अनुसार पटना में जमीन की कीमतें अब तीन गुना नहीं, बल्कि चार गुना तक बढ़ाई जा सकती हैं। खासकर अटल पथ, गोला रोड और नहर रोड के किनारे स्थित व्यावसायिक जमीनों की सर्किल दर चार गुनी तक बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इतना ही नहीं, शहर की पुरानी और प्रमुख व्यावसायिक सड़कों पर जमीन की सरकारी दर बाजार मूल्य के अनुरूप 410 प्रतिशत तक बढ़ाने की योजना है। जिला निबंधन कार्यालय ने इस संबंध में निबंधन विभाग को प्रस्ताव भेज दिया है।   किस इलाके में कितनी बढ़ोतरी संभव   प्रस्ताव के अनुसार—   व्यावसायिक मुख्य सड़क के पास: 380% तक व्यावसायिक सहायक सड़क के पास: 350% तक आवासीय मुख्य सड़क के पास: 265% तक आवासीय सहायक सड़क के पास: 200% तक बढ़ोतरी हो सकती है     विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सभी जिलों से इसी तरह के प्रस्ताव मंगाए गए हैं। समीक्षा के बाद अंतिम मसौदा तैयार होगा, जिस पर राज्य मंत्रिमंडल (कैबिनेट) अंतिम फैसला लेगा।   इन इलाकों में सबसे ज्यादा उछाल   पटना की कई प्रमुख व्यावसायिक सड़कों पर सर्किल दर में भारी बढ़ोतरी तय मानी जा रही है—   400% तक: राजाबाजार, खाजपुरा, मीठापुर, फ्रेजर रोड, जमाल रोड, एग्जीबिशन रोड, कंकड़बाग, खेतान मार्केट, पटना मार्केट, हनुमान नगर, बोरिंग रोड, गांधी मैदान, बेली रोड 390%: शेखपुरा 350%: अनीसाबाद, न्यू पाटलिपुत्र, पाटलिपुत्र कॉलोनी, लोदीपुर, राजेंद्रनगर गुमटी, काजीपुर, खगौल रोड, न्यू बाइपास रोड 320%: बंगाली टोला, कदमकुआं, सादिकपुर योगी 300%: जक्कनपुर     9 साल बाद सर्किल दर में बड़ा बदलाव   गौरतलब है कि पटना में करीब 9 साल पहले तय की गई सर्किल दर के आधार पर ही अब तक जमीन की रजिस्ट्री हो रही है। जमीन की खरीद-बिक्री पर 10 प्रतिशत रजिस्ट्री शुल्क लगता है, ऐसे में सर्किल रेट बढ़ने से राज्य सरकार के राजस्व में भी भारी इजाफा होने की उम्मीद है।   15 साल का उदाहरण: बोरिंग रोड   बोरिंग रोड (व्यावसायिक मुख्य सड़क) पर सर्किल दर का इतिहास भी चौंकाने वाला है—   2010: 5 लाख रुपये 2011: 10 लाख (100% बढ़ोतरी) 2012: 12.20 लाख (22%) 2013: 23.40 लाख (92%) 2014: 21.06 लाख 2016: 40 लाख रुपये   इसके बाद वर्षों तक कोई बदलाव नहीं हुआ। अब नए प्रस्ताव लागू होते ही पटना में जमीन के सरकारी मूल्य में अब तक की सबसे बड़ी छलांग लगने की पूरी संभावना है।   मिडिल क्लास पर सीधा असर विशेषज्ञों का मानना है कि सर्किल रेट में इतनी बड़ी बढ़ोतरी से पटना में जमीन खरीदना आम लोगों की पहुंच से बाहर हो जाएगा। घर बनाने का सपना देख रहे मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए राजधानी में बसना अब और भी मुश्किल हो सकता है।   कुल मिलाकर, पटना में जमीन अब निवेशकों और बड़े कारोबारियों की प्राथमिकता बनती दिख रही है, जबकि मिडिल क्लास के लिए यह सपना धीरे-धीरे दूर होता जा रहा है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा आयुष चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र वितरण के दौरान विवाद, हिजाब हटाने का वीडियो वायरल

✍️ भागीरथी यादव    पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में 1283 नवनियुक्त आयुष चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित ‘संवाद’ में आयोजित किया गया, जहां प्रतीकात्मक रूप से मुख्यमंत्री ने 10 आयुष चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस दौरान एक विवादित घटना सामने आई, जब नियुक्ति पत्र लेने आई एक मुस्लिम महिला आयुष चिकित्सक के चेहरे से मुख्यमंत्री ने अचानक हिजाब नीचे कर दिया। इस अप्रत्याशित घटना से कार्यक्रम में मौजूद लोग हैरान रह गए। पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। ओ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से इन आयुष चिकित्सकों की नियुक्ति की गई है, ताकि पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को जन-जन तक पहुंचाया जा सके। नवनियुक्त 1283 आयुष चिकित्सकों में 685 आयुर्वेदिक, 393 होमियोपैथिक और 205 यूनानी चिकित्सक शामिल हैं। इन चिकित्सकों को अभ्यर्थियों की मेधा सूची, रिक्त पदों की उपलब्धता और उनकी पसंद के जिलों के अनुसार राज्य के सभी 38 जिलों में विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में पदस्थापित किया गया है।   स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री का पौधा भेंट कर स्वागत किया। उन्होंने बताया कि सभी नवनियुक्त चिकित्सकों को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत संचालित चलंत चिकित्सा दल, आयुष चिकित्सा सेवाओं के अंतर्गत ओपीडी संचालन तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की अन्य योजनाओं में तैनात किया जाएगा। इससे स्कूलों में बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच, बीमारियों की समय पर पहचान और उपचार में सहायता मिलेगी।   इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।   हालांकि, कार्यक्रम के दौरान घटी हिजाब से जुड़ी घटना को लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं और इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

बिहार में 2022 बैच के 5 IAS अफसरों को बड़ी तरक्की

✍️ भागीरथी यादव    पटना। बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने रविवार, 14 दिसंबर 2025 को अधिसूचना जारी कर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 2022 बैच के 5 अधिकारियों को प्रोन्नति दी है। यह प्रोन्नति 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगी।   अधिसूचना के अनुसार, सभी अधिकारियों को वरीय कालमान (संयुक्त सचिव स्तर) में लेवल-11 (₹67,700–2,08,700) वेतनमान प्रदान किया गया है। इससे पहले सरकार 36 वरिष्ठ IAS अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंप चुकी है।   प्रोन्नत अधिकारी   पार्थ गुप्ता – SDO, पूर्णिया   आशीष कुमार – SDO, बाढ़, पटना   गौरव कुमार – SDO, बगहा, पश्चिम चम्पारण   काजले वैभव नितिन – SDO, बिहार शरीफ, नालन्दा   निशांत सिहारा – SDO, मोतिहारी सदर     सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रोन्नत अधिकारी FR 22(1)(a)(2) के तहत एक माह के भीतर वेतन निर्धारण का विकल्प चुन सकते हैं।

नीतीश सरकार का बड़ा प्रशासनिक रीसेट, 51 IAS अफसरों का तबादला

✍️ भागीरथी यादव   बिहार में सत्ता संभालते ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रशासनिक मशीनरी को झकझोर दिया है। अब तक 51 आईएएस अधिकारियों की ट्रांसफर–पोस्टिंग कर सरकार ने साफ संदेश दे दिया है कि शासन पुराने ढर्रे पर नहीं चलेगा। शुक्रवार को 35 अधिकारियों के तबादले के साथ यह बदलाव और तेज हो गया।   प्रमुख विभागों से लेकर संवेदनशील जिलों तक नए अफसरों की तैनाती कर सरकार ने परफॉर्मेंस और भरोसे को प्राथमिकता दी है। डिजिटल गवर्नेंस, सामाजिक न्याय, खनन, विकास योजनाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे अहम क्षेत्रों में बदलाव से सरकार की नई रणनीति झलकती है।   यह फेरबदल सिर्फ कागजी नहीं, बल्कि सत्ता के पावर सेंटर में बदलाव का संकेत है। अब देखना होगा कि यह प्रशासनिक रीसेट ज़मीनी स्तर पर कितना असर दिखा पाता है।

पटना में डीएम का जनता दरबार बना ‘प्रशासनिक सर्जरी’, जमीन व राजस्व मामलों पर कसा शिकंजा

✍️ भागीरथी यादव पटना के डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम का जनता दरबार शुक्रवार को सख्त प्रशासनिक कार्रवाई का केंद्र बन गया। जमीन, रसीद, अतिक्रमण और रंगदारी से जुड़ी शिकायतों पर डीएम ने मौके पर ही तीखी फटकार लगाई। बिहटा के सुनील राम की शिकायत पर डीएम ने कर्मचारियों की मनमानी को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए और तत्काल जांच आदेश जारी किया।   कुल 65 मामलों की सुनवाई में डीएम ने कई अधिकारियों को मौके पर ही फोन कर त्वरित कार्रवाई के आदेश दिए। गौरीचक और पुनपुन क्षेत्र से आए अतिक्रमण व निबंधन रोकने के मामलों पर भी सख्ती दिखाई गई। ग्रामीण एसपी ने एक थानेदार को सीधे शोकॉज कर दिया।   जनता दरबार से साफ संदेश गया—जमीन विवाद, अतिक्रमण और रंगदारी पर अब ज़रा सी ढिलाई भी बर्दाश्त नहीं होगी। आज की कार्रवाई ने पूरे प्रशासनिक तंत्र को अलर्ट मोड पर ला दिया है।  

बेगूसराय में जदयू नेता की टार्गेट किलिंग: 9 हथियारबंद बदमाशों ने दी दहशत की खौफनाक दास्तान, कई राउंड फायरिंग से मौत

✍️ भागीरथी यादव      बेगूसराय: छौड़ाही थाना क्षेत्र सोमवार देर रात गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठा, जब पीरनगर वार्ड नंबर-10 में जदयू नेता और पूर्व पंचायत अध्यक्ष नीलेश कुमार की बेरहमी से हत्या कर दी गई। यह हमला किसी आम आपराधिक वारदात जैसा नहीं था—हमलावरों की चाल, उनकी संख्या और फायरिंग का पैटर्न साफ बताता है कि यह सोची-समझी टार्गेट किलिंग थी।   जानकारी के अनुसार, नीलेश रोज की तरह भोजन के बाद मवेशी बथान में सोने गए थे। देर रात अचानक करीब 9 हथियारबंद बदमाशों ने घात लगाकर धावा बोला। हमलावरों ने नीलेश पर छाती, गर्दन और आंख के पास ताबड़तोड़ गोलियां दागीं। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। गोलीबारी की गूंज से पूरा गांव सहम उठा, लेकिन परिवार और ग्रामीण जब तक बाहर निकलते—हमलावर अंधेरे में हथियार लहराते हुए फरार हो चुके थे। घटना के बाद एरिया में भारी दहशत है। पुलिस को जानकारी मिलते ही मंझौल डीएसपी सहित छौड़ाही थाना की टीम मौके पर पहुंची। फॉरेंसिक टीम ने खोखे, पैरों के निशान और गनशॉट पैटर्न सहित कई अहम एविडेंस जुटाए हैं। एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है।   मृतक के पिता रामबली महतो ने पुलिस को बताया कि उन्होंने वारदात के तुरंत बाद गांव के ही बृजेश कुमार, जयप्रकाश महतो सहित कुछ लोगों को हथियारों के साथ भागते देखा। उन्होंने यह भी कहा कि हाल में कोई खुला विवाद नहीं था, लेकिन कुछ साल पहले जमीन को लेकर गंभीर तनाव हुआ था। पुलिस इसी पुराने विवाद की दिशा में भी जांच आगे बढ़ा रही है।   इलाके में तनाव कायम है और पुलिस पूरे मामले को प्रोफेशनल गैंगस्टर-स्टाइल एग्जीक्यूशन मानकर कई एंगल से जांच कर रही है। फिलहाल शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और पुलिस ने हमलावरों की तलाश में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है।   इस दिल दहला देने वाली वारदात ने पूरे बेगूसराय को हिलाकर रख दिया है।

बिग बॉस फिनाले से पहले पवन सिंह को धमकी, पुलिस अलर्ट

✍️ भागीरथी यादव    बिहार/मुंबई। भोजपुरी सिनेमा के पावर स्टार पवन सिंह को कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गिरोह द्वारा धमकी दिए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बिग बॉस फिनाले से ठीक पहले आए इस धमकी भरे फोन कॉल में पवन सिंह को चेतावनी दी गई कि वे सलमान खान के साथ मंच साझा न करें, वरना अंजाम बेहद खतरनाक होगा। कॉल करने वाले ने खुद को बिश्नोई गिरोह का सदस्य बताते हुए मोटी रकम की मांग भी की। घटना के तुरंत बाद पवन सिंह की टीम ने मामले की जानकारी पुलिस को दी, जिसके बाद मोबाइल नंबर और कॉल डिटेल्स के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। सुरक्षा एजेंसियां इस प्रकरण को अत्यंत संवेदनशील मानते हुए पवन सिंह की सुरक्षा बढ़ा चुकी हैं।   धमकी के बावजूद पवन सिंह ने हिम्मत दिखाते हुए बिग बॉस फिनाले में शामिल होने का फैसला लिया। प्रशंसकों के बीच मामले को लेकर चिंता और आक्रोश दोनों दिखाई दे रहा है।

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