भाई की संदिग्ध मौत पर बहनों ने उठाए गंभीर सवाल: कहा— आत्महत्या नहीं, यह सुनियोजित हत्या
पोस्टमार्टम में सिर की गहरी चोट उजागर, परिवार ने उच्च स्तरीय जांच की मांग तेज की बिलासपुर। मस्तूरी क्षेत्र के जयरामनगर निवासी 28 वर्षीय सुरज वस्त्रकार की संदिग्ध मौत ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। जहां पुलिस इसे आत्महत्या का मामला बता रही है, वहीं परिजन इस निष्कर्ष पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे “सुनियोजित हत्या” करार दे रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर गहरी चोट की पुष्टि ने परिजनों की शंका को और प्रबल कर दिया है। परिवार ने मंगलवार को कलेक्टर बिलासपुर को ज्ञापन सौंपते हुए मामले की पुनः वैज्ञानिक, पारदर्शी और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। — घटना के हालातों ने बढ़ाई रहस्य की परत घटना 14 मई 2025 की शाम 4 से 5 बजे के बीच की बताई जाती है। सुरज अपने कमरे में मृत अवस्था में मिला। उसके सिर से खून बह रहा था, गले में गमछा बंधा था, जबकि दूसरा गमछा पंखे से लटकता हुआ मिला। परिजनों का सवाल है कि— “यदि यह फांसी का मामला है, तो सिर पर गहरी चोट कैसे आई?” परिवार का दावा है कि कमरे की स्थिति और शव की दशा आत्महत्या के किसी भी सामान्य स्वरूप से मेल नहीं खाती, बल्कि यह किसी हिंसक वारदात की ओर संकेत करती है। — सुसाइड नोट पर भी संदेह, दो रंग की स्याही और हस्ताक्षरों का अभाव घटनास्थल से एक कथित सुसाइड नोट भी मिला, लेकिन परिजनों ने इसे पूरी तरह संदिग्ध बताया है। नोट— दो अलग-अलग रंग की स्याही से लिखा है इसमें सुरज के हस्ताक्षर नहीं हैं परिजनों का कहना है कि यह नोट किसी अन्य व्यक्ति द्वारा तैयार किया गया प्रतीत होता है ताकि मामले की दिशा आत्महत्या की ओर मोड़ी जा सके। — परिजनों ने प्रारंभिक पुलिस जांच को बताया लापरवाह परिवार ने मस्तूरी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि— न तो सुरज का मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) निकाला गया न ही सुसाइड नोट को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया न मोबाइल डेटा, न चैटिंग, और न ही डिजिटल ट्रेल की जांच की गई 3 जून 2025 को परिवार ने एसएसपी रजनेश सिंह और एएसपी (ग्रामीण) अर्चना झा से मिलकर विस्तृत शिकायत दर्ज कराई है। उनका कहना है कि टेक्निकल जांच से ही कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। — बहनों का दर्द – “भाई खुशमिजाज था, उसे किसी भी तनाव की समस्या नहीं” सुरज की बहनों ने कहा कि उनका भाई बेहद मिलनसार और सकारात्मक सोच वाला युवक था। न तो वह तनाव में था और न ही आत्महत्या जैसे कदम की कोई वजह थी। आरती वस्त्रकार ने कहा— “हमें यकीन है कि सुरज की मौत किसी साजिश का परिणाम है। जब तक वैज्ञानिक जांच नहीं होगी, सच सामने नहीं आएगा।” कलेक्टर से विशेष जांच टीम गठित करने की मांग परिवार ने कलेक्टर से मांग की है कि— फॉरेंसिक विशेषज्ञों तकनीकी टीम और अनुभवी पुलिस अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की जाए, ताकि हर पहलू की निष्पक्ष और विस्तृत जांच हो सके। परिजनों का कहना है कि स्पष्ट वैज्ञानिक साक्ष्यों के मिलने तक इस मौत को आत्महत्या बताना न्याय के प्रति गंभीर अन्याय होगा। — न्याय की लड़ाई जारी, परिवार ने प्रशासन व मीडिया से सहयोग की अपील की परिजनों ने कहा है कि वे तब तक संघर्ष जारी रखेंगे, जब तक सुरज की मौत की वास्तविक वजह सामने नहीं आ जाती। उन्होंने प्रशासन, मीडिया और समाज से आग्रह किया है कि इस संवेदनशील मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्हें न्याय दिलाने में सहयोग करें। परिवार को भरोसा है कि प्रशासन उनकी भावनाओं का सम्मान करेगा और सच्चाई सामने आने तक जांच को निष्पक्ष रूप से आगे बढ़ाएगा।
राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच की संगोष्ठी संपन्न, विशेषज्ञों ने आंतरिक सुरक्षा पर जताई गंभीर चिंता
बिलासपुर। राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच, बिलासपुर चैप्टर द्वारा भारत की आंतरिक सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा सिद्धांत विषय पर आयोजित विचार संगोष्ठी में देश की सुरक्षा चुनौतियों पर गंभीर मंथन किया गया। यह आयोजन FANS द्वारा 21 राज्यों में चल रही राष्ट्रीय व्याख्यान श्रृंखला का हिस्सा रहा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि गोलीक बिहारी राय और मुख्य वक्ता मेजर जनरल अनुज माथुर सहित वरिष्ठ पत्रकार विरेंद्र गहवई और राष्ट्रीय महिला मंच की राष्ट्रीय महासचिव डॉ. वणिका शर्मा उपस्थित रहीं। विशेषज्ञों ने कहा कि पाकिस्तान की सात दशक पुरानी छद्म युद्ध नीति अब भी भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बनी हुई है। 26/11, कारगिल, उरी, पुलवामा जैसे हमलों से लेकर ड्रग्स, नकली नोट, हथियार तस्करी और अलगाववादी गतिविधियों को बढ़ावा देना—ये सब भारत को भीतर से अस्थिर करने की रणनीति का हिस्सा बताए गए। खालिस्तानी नेटवर्क, कश्मीर में पत्थरबाजी, पूर्वोत्तर में हथियार सप्लाई और घुसपैठ को पाकिस्तान-प्रायोजित बताया गया। विशेषज्ञों ने यह भी चेतावनी दी कि पाकिस्तान की बिगड़ती आर्थिक–राजनीतिक स्थिति भविष्य में उसके विभाजन का कारण बन सकती है, जिससे क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ेगी। वक्ताओं ने कहा कि आज भारत पहले से कहीं अधिक मजबूत, सजग और संगठित है। सुरक्षा एजेंसियों की क्षमता में बढ़ोतरी और जनता में बढ़ती जागरूकता देश को हर चुनौती से निपटने में सक्षम बना रही है। कार्यक्रम को सफल बनाने में मंच के अध्यक्ष गौरव सिंघल और उनकी टीम के योगदान की सराहना की गई। संगोष्ठी ने नागरिकों में सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण संदेश दिया।
करगी रोड कोटा में विकास का नया अध्याय : तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं का भूमि पूजन, क्षेत्रवासियों में उत्साह
बिलासपुर/कोटा :- करगी रोड कोटा नगर पंचायत क्षेत्र में आज विकास कार्यों की नई शुरुआत हुई। जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में तीन बहुचर्चित परियोजनाओं का भूमि पूजन किया गया, जिसके बाद पूरे इलाके में विकास की नई उम्मीदें जाग उठी हैं। सबसे पहले वार्ड 6 में लगभग 17.96 लाख रुपये की लागत से बनने वाले व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स का भूमि पूजन हुआ। इस परिसर के निर्माण से स्थानीय रोजगार और व्यापार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। वार्ड 7 में 12.08 लाख रुपये की स्वीकृत राशि से आरसीसी नाली निर्माण की शुरुआत की गई, जिससे क्षेत्र की जल निकासी समस्या का स्थायी समाधान होने की संभावना है। वहीं वार्ड 3 में सांसद निधि से 5 लाख रुपये की लागत से सांस्कृतिक भवन निर्माण का भूमि पूजन किया गया, जो सामाजिक व सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा। कार्यक्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष सरोज दुर्गेश साहू, उपाध्यक्ष प्रदीप कौशिक, पार्षदगण, अधिकारी-कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। क्षेत्रवासियों ने इन परियोजनाओं को लंबे समय से प्रतीक्षित बताते हुए खुशी व्यक्त की और उम्मीद जताई कि इससे कोटा क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलेगी।
*गरीबों का आशियाना उजाड़ना अन्याय : अनिल यादव
लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन को यादव समाज का मजबूत समर्थन, 16वें दिन जनसैलाब** बिलासपुर। लिंगियाडीह बचाओ सर्वदलीय धरना आंदोलन अपने 16वें दिन भी पूरे जोश के साथ जारी रहा। दुर्गानगर और चौक क्षेत्र के 113 परिवारों को उजाड़ने की प्रस्तावित कार्रवाई के विरोध में बड़ी संख्या में महिलाएँ, पुरुष और बच्चे रोजाना की तरह गुरुवार को भी धरना स्थल पर जुटे रहे। हर दिन सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक लोग अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए प्रशासनिक निर्णय के खिलाफ एकजुटता दिखा रहे हैं। धरना स्थल पर पहुंचे लोगों ने बताया कि वे पिछले करीब 50 वर्षों से इस क्षेत्र में निवासरत हैं, फिर भी नगर निगम उन्हें हटाकर गार्डन और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स निर्माण करने की तैयारी में है। यह परिवार कई वर्षों से संपत्तिकर और अन्य करों का नियमित भुगतान करते रहे हैं। इतना ही नहीं, इन्हें राजीव आश्रय योजना के तहत पट्टा और जोन-7 के अंतर्गत 10 रुपए प्रति वर्गफुट के हिसाब से प्रीमियम जमा कर रसीदें भी दी गईं, बावजूद इसके बेदखली की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि प्रशासन का यह कदम शासन के स्पष्ट नियमों के विपरीत है, जिसमें साफ कहा गया है कि जिस स्थान पर नागरिक निवासरत हैं, वहीं उन्हें पट्टा दिया जाना चाहिए। धरना स्थल पर उपस्थित लोगों ने यह भी याद दिलाया कि पिछली बार रामनगर, श्यामनगर और चिंगराजपारा में सड़क–नाली निर्माण के नाम पर सैकड़ों मकान तोड़े गए थे। अब दुर्गानगर के साथ मोपका, चिल्हांटी, चिंगराजपारा, बहतराई, खमतराई, बिरकोना और मंगला में तोड़फोड़ की चर्चाओं ने माहौल में तनाव और भय पैदा कर दिया है। इस बीच आज यादव समाज ने आंदोलन को अपना पूरा समर्थन दिया। जिला अध्यक्ष अनिल यादव, आकाश यादव (मोपका), अमित यादव (त्रिफरा) सहित अन्य वक्ताओं ने कहा— > “गरीबों का आशियाना उजाड़ना किसी भी स्थिति में न्यायसंगत नहीं है। यदि प्रशासन विकास चाहता है तो पहले प्रभावित परिवारों का समुचित पुनर्वास सुनिश्चित करे।” यादव समाज के समर्थन में जुटने वालों में अनिल यादव, आकाश यादव, अमित यादव, सुखराम यादव, विक्की यादव, भोलाराम यादव, दीपक यादव, मंगल यादव, दिलीप यादव, विनोद यादव, घुरऊ राम यादव सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे। इसके अतिरिक्त आज धरना स्थल पर शांति साहू, सरिता साहू, लक्ष्मीन साहू, सतरूपा साहू, पूर्णिमा साहू, विद्या साहू, शिवा साहू, सीता साहू सहित अनेक महिलाओं की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही। साथ ही साखन लाल, पवनदास मानिकपुरी, चिंटू मानिकपुरी, श्रवण, प्रशांत मिश्रा, चतुर सिंह, रीता देवांगन, लक्ष्मी सिंह, यशोदा पाटिल, पिंकी गुप्ता, सचिन कश्यप, ओम प्रकाश सूर्या, दुर्गा कुर्रे, प्रमिला मानिकपुरी, सोनबाई ठाकुर, शिवकुमारी देवांगन, मधु यादव सहित विविध समुदायों के लोग भी आंदोलन के समर्थन में डटे रहे। धरना स्थल पर बढ़ती भीड़ यह संदेश दे रही है कि यदि प्रशासन जल्द समाधान नहीं निकालता, तो विरोध और तेज़ हो सकता है।
बिलासपुर जंगलों में सागौन तस्करी का भंडाफोड़, वन विभाग ने स्कॉर्पियो समेत कीमती लकड़ी जब्त की
✍️ भागीरथी यादव बिलासपुर। कोटा क्षेत्र के बेलगहना जंगलों में सागौन लकड़ी की तस्करी लंबे समय से चल रही थी, जिसका खुलासा मंगलवार रात वन विभाग की पेट्रोलिंग के दौरान हुआ। गश्ती दल को देखते ही लकड़ी तस्कर जंगल की तरफ भाग निकले और अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी को झाड़ियों में छिपाकर फरार हो गए। वन विभाग की टीम को पिछले कुछ दिनों से संकेत मिल रहे थे कि कक्ष क्रमांक 1202/2470 के आसपास पेड़ों की अवैध कटाई कर सागौन की तस्करी की जा रही है। इसी सूचना पर अफसर मंगलवार रात पेट्रोलिंग टीम के साथ जंगल में सर्चिंग पर निकले थे। स्कॉर्पियो छोड़कर भागे तस्कर मुख्य मार्ग पर खड़ी संदिग्ध स्कॉर्पियो को देखते ही ड्राइवर ने गाड़ी जंगल की ओर मोड़ दी। थोड़ी दूरी पर वाहन को झाड़ियों के बीच खड़ा कर वह अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गया। जांच में स्कॉर्पियो से 6 नग सागौन के लट्ठे और 1 सागौन सिलपट बरामद हुए। इसके बाद टीम ने आसपास के जंगल में तलाशी ली, जहां से 3 अतिरिक्त लट्ठे और मिले। सभी लकड़ी को जब्ती पंचनामा बनाकर बेलगहना डिपो भेज दिया गया। जब्त सागौन लकड़ी की कीमत करीब 30 हजार रुपए, जबकि स्कॉर्पियो वाहन की कीमत लगभग 2 लाख रुपए आंकी गई है। तस्करों की तलाश तेज वन विभाग अब स्कॉर्पियो मालिक की पहचान के लिए परिवहन विभाग से वाहन विवरण जुटा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि वाहन मालिक के माध्यम से जल्द ही तस्करों तक पहुंचकर कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग की इस कार्रवाई से जंगलों में हो रही अवैध कटाई और तस्करी के बड़े नेटवर्क का एक और खुलासा हुआ है।
बिलासपुर/सरकंडा: चोरी की दो बड़ी वारदातें सुलझीं, सरकंडा पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई से अपराधियों में मचा हड़कंप
✍️ भागीरथी यादव सरकंडा थाना क्षेत्र में हुई दो सनसनीखेज चोरियों को पुलिस ने अपनी त्वरित और सटीक कार्रवाई से सुलझाकर एक बार फिर अपनी मजबूत पुलिसिंग का परिचय दिया है। इस सफलता ने न केवल पीड़ितों को राहत दी है, बल्कि अपराधियों के हौसले भी पस्त कर दिए हैं। कैसे दिया गया वारदातों को अंजाम? पहला मामला प्रकाश यादव ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 10 नवंबर की रात उनके कमरे की खुली खिड़की से चोर नकद रकम, मोबाइल और सोने का मंगलसूत्र (कीमत लगभग ₹51,675) ले उड़ा गया। दूसरा मामला लालाराम केंवट जब ई-रिक्शा चलाने गए थे, उसी दौरान उनके बंद घर का ताला तोड़कर चोरों ने सोने-चांदी के गहने और नगदी सहित करीब ₹60,000 का सामान चोरी कर लिया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई — नतीजा चौंकाने वाला दोनों मामलों को गंभीरता से लेते हुए सरकंडा पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की, मुखबिरों को सक्रिय किया और साइबर सेल की मदद ली। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि खमतराई काली मंदिर के पास दो युवक चोरी का मोबाइल बेचने की कोशिश में घूम रहे हैं। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और मुख्य आरोपी शिवराज यादव (23 वर्ष) तथा उसके नाबालिग साथी को दबोच लिया। पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। 100% माल बरामद — अपराधियों को साफ संदेश आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी गया शत-प्रतिशत मशरूका बरामद कर लिया। बरामद माल की कुल कीमत ₹1,11,675 है, जिसमें शामिल हैं— सोने-चांदी के आभूषण मोबाइल नगदी दोनों आरोपियों के खिलाफ BNS की सुसंगत धाराओं में कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस का कड़ा संदेश— अब बचना मुश्किल सरकंडा पुलिस की यह कार्रवाई एक बार फिर साबित करती है कि— “कानून के हाथ लंबे हैं… और अपराधियों तक पहुंचने में अब पहले से कहीं ज्यादा तेज।”
बिलासपुर: पारिवारिक विवाद में बेटे ने पिता पर लोहे की रॉड से किया हमला, हालत गंभीर
✍️ भागीरथी यादव बिलासपुर। दयालबंद इलाके में सोमवार देर रात पारिवारिक विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जहाँ एक बेटे ने अपने ही पिता पर लोहे की रॉड से जानलेवा हमला कर दिया। हमले में पिता के सिर में गंभीर चोट आई है। घायल पिता की शिकायत पर पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर आरोपी बेटे की तलाश शुरू कर दी है। घटना रात करीब 10:45 बजे की बताई जा रही है। पीड़ित बिल्डिंग मटेरियल सप्लायर है और दयालबंद स्थित गुजराती दुकान के पास रहता है। घटना के समय वह घर की बालकनी में खड़ा था, तभी उसका बड़ा बेटा हर्ष नरसिंग बाहर घूमकर लौट आया। पिता ने बताया कि उसने बेटे को 5 दिसंबर को भिलाई में होने वाले पारिवारिक सगाई कार्यक्रम में जाने की बात कही, जिस पर हर्ष नाराज हो गया। मामूली बात पर शुरू हुआ विवाद बढ़ता गया और हर्ष ने मां-बहन को लेकर अभद्र गालियां देनी शुरू कर दीं। जब पिता ने समझाने का प्रयास किया तो बेटा और उग्र हो गया। आरोप है कि हर्ष ने घर में रखी लोहे की रॉड उठाकर पिता के सिर पर जोरदार हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। यह पूरी घटना पीड़ित के छोटे बेटे उत्कर्ष ने भी देखी और बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन हमले के बाद हर्ष मौके से भाग निकला। घायल पिता तुरंत थाने पहुंचे और बेटे के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी का मामला दर्ज कराया। पुलिस ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि घटना पारिवारिक विवाद से जुड़ी जरूर है, लेकिन लोहे की रॉड से हमला गंभीर श्रेणी का अपराध है। मामले में जल्द कार्रवाई की जाएगी।
महिला आयोग की जनसुनवाई में न्याय की बड़ी पहल — 22 मामलों का हुआ निस्तारण, रेरा विवाद में पीड़िता को मिले 50 लाख रुपये
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में जिला पंचायत भवन बिलासपुर में आयोजित जनसुनवाई में महिलाओं से जुड़े विभिन्न 22 संवेदनशील मामलों का समाधान किया गया। यह प्रदेश स्तरीय 355वीं तथा जिले की 22वीं सुनवाई रही। महिला उत्पीड़न, पारिवारिक विवाद, कार्यस्थल उत्पीड़न, भरण-पोषण और प्रशासनिक शिकायतों पर आयोग ने गंभीरता से सुनवाई कर त्वरित निर्देश जारी किए। सुनवाई के दौरान कई मामलों में समझौते की स्थिति बनी, तो कुछ में आगे की जांच, पुलिस कार्रवाई, सुलह की अंतिम अवसर प्रक्रिया और न्यायालयीन उपायों का मार्ग सुझाया गया। — कार्यस्थल उत्पीड़न मामला — माफी के आधार पर समाप्त एक महिला कर्मचारी की शिकायत पर आयोग ने दोनों पक्षों को सुना। अनावेदक ने आयोग के समक्ष माफी मांगी, जिसके बाद आवेदिका ने अपनी अपील वापस लेने की सहमति दी। मामला सौहार्दपूर्ण वातावरण में निस्तारित हो गया। — महिला खिलाड़ियों को अभ्यास स्लॉट देने का आश्वासन जिला खेल परिसर में महिला खिलाड़ियों के लिए निर्धारित अभ्यास समय की मांग को लेकर दायर प्रकरण में निर्माण कार्य पूरा होने के बाद स्लॉट उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया। इस आधार पर मामला बंद किया गया। — उच्चाधिकारी की टिप्पणी विवाद — खेद व्यक्त, प्रकरण समाप्त एक महिला कर्मचारी ने शासकीय दौरे की कथित टिप्पणी को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। अनावेदक ने स्पष्ट किया कि टिप्पणी सामूहिक थी, किसी व्यक्ति विशेष पर नहीं। आयोग के समक्ष खेद जताने पर आवेदिका ने आगे कार्रवाई की आवश्यकता नहीं बताई। — भरण-पोषण व वैवाहिक विवाद — 15 दिन का अंतिम अवसर एक वर्ष से लंबित मामले में आयोग ने अनावेदकों को 15 दिन के भीतर सखी सेंटर में उपस्थित होकर सुलह का अंतिम मौका दिया। अनुपस्थित होने पर आवेदिका को दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज कराने की छूट प्रदान की गई। — विद्यालय प्रबंधन से जुड़े विवाद — स्थायी प्राचार्य को सौंपा समाधान लगभग 12 वर्षों से चल रहे विवाद के संदर्भ में आयोग ने अब विद्यालय में नियुक्त स्थायी प्राचार्य को सभी शिकायतों का स्थायी समाधान निकालने का निर्देश दिया। पुराने प्रकरणों को अप्रासंगिक मानते हुए निस्तारित किया गया। — महाराष्ट्र निवासी अनावेदक की जांच — विशेष कार्रवाई आदेशित भंडारा निवासी अनावेदक की अनुपस्थिति पर आयोग ने स्थानीय सखी प्रशासिका को निर्देशित किया कि महाराष्ट्र के सखी सेंटर के माध्यम से जांच कर दो माह में रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। — विवाह में दिए गए सामान की वापसी — महिला थाना को एक माह की समयसीमा एक अन्य प्रकरण में अनावेदकों को विवाह में दिए गए सामान के साथ महिला थाना प्रभारी के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। थाना प्रभारी को एक माह के भीतर रिपोर्ट देना अनिवार्य होगा। — धोखाधड़ी मामले में न्यायालयीन उपाय का सुझाव अनावेदक के जेल में होने की जानकारी पर आयोग ने आवेदिका को सलाह दी कि वह आपराधिक परिवाद और राशि वसूली के लिए दीवानी दावा न्यायालय में प्रस्तुत करे। — सबसे बड़ी राहत — रेरा विवाद में 50 लाख रुपये वापसी जनसुनवाई का सबसे महत्वपूर्ण और राहतकारी मामला रेरा विवाद का रहा। आवेदिका ने बताया कि आयोग में शिकायत दर्ज कराने के बाद अनावेदक ने पूरे 50 लाख रुपये वापस कर दिए। आवेदिका के संतुष्ट होने पर आयोग ने प्रकरण नस्तीबद्ध कर दिया। — जनसुनवाई के माध्यम से महिला आयोग ने एक बार फिर स्पष्ट संदेश दिया है कि महिलाओं की आवाज न केवल सुनी जाएगी, बल्कि न्याय सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा।
महाराष्ट्र बॉर्डर से आए मरीज की जान बचाकर बिलासपुर के डॉक्टरों ने किया कमाल—हार्ट के अंदर धँसी गोली निकाल रचा इतिहास
✍️ भागीरथी यादव बिलासपुर। पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय के एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट ने एक अत्यंत जोखिमपूर्ण और दुर्लभ ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देकर चिकित्सा जगत में नई उपलब्धि दर्ज की है। हार्ट सर्जरी विभाग के डॉ. कृष्णकांत साहू और उनकी टीम ने 40 वर्षीय मरीज के हृदय के अंदर धँसी गोली निकालकर उसकी जान बचाई। यह केस इतना जटिल था कि ऑपरेशन टेबल पर मौत की आशंका (D.O.T.) लगभग निश्चित मानी जा रही थी। पीठ से छाती, फेफड़े चीरते हुए गोली पहुँची दिल तक महाराष्ट्र बॉर्डर क्षेत्र का रहने वाला घायल युवक गंभीर अवस्था में अस्पताल के ट्रॉमा यूनिट में लाया गया। भर्ती के समय उसका ब्लड प्रेशर मात्र 70/40 mmHg था। सीटी स्कैन में खुलासा हुआ कि गोली पीठ से प्रवेश कर पसलियों और फेफड़ों को चीरते हुए सीधे हार्ट के राइट वेंट्रिकल (Right Ventricle) में धँस गई थी। गोली से हृदय में बने छेद के कारण खून हार्ट के चारों ओर जमा होकर अत्यधिक दबाव पैदा कर रहा था, जिसे कार्डियक टैम्पोनेड कहते हैं। इस स्थिति में कुछ ही मिनटों की देरी मरीज की जान ले सकती थी। तुरंत ओपन हार्ट सर्जरी का फैसला—परिजनों से हाई रिस्क कन्सेंट स्थिति का आकलन करते हुए डॉक्टरों ने तत्काल ओपन हार्ट सर्जरी का निर्णय लिया। हाई रिस्क और “डेथ ऑन टेबल” कन्सेंट लेकर मरीज को कार्डियक ओटी में शिफ्ट किया गया, क्योंकि सीटी स्कैन से स्पष्ट था कि गोली हृदय के चैम्बर के भीतर फंसी हुई है। हार्ट-लंग मशीन के सहारे रुकी दिल की धड़कन—राइट एट्रियम चीरा टीम ने हार्ट-लंग मशीन की मदद से दिल की धड़कन को अस्थायी रूप से रोका। इसके बाद राइट एट्रियम को चीरा, ट्राइकस्पिड वाल्व को पार किया, और राइट वेंट्रिकल के भीतर धँसी 8mm x 4mm की गोली को खोजकर बाहर निकाला। गोली का पता लगाना हुआ सबसे बड़ी चुनौती टीईई (Transesophageal Echocardiography) से भी गोली की सही स्थिति नहीं मिल पाई। ऐसे में मूवेबल डिजिटल एक्स-रे मशीन इस सर्जरी में वरदान साबित हुई। कई बार एक्स-रे लेने के बाद ही हृदय की मांसपेशियों में धँसी गोली को सटीक स्थान पर पहचाना जा सका। डॉ. कृष्णकांत साहू के अनुसार यह वायरलेस डिजिटल एक्स-रे सिस्टम ऑपरेशन में निर्णायक साबित हुआ, क्योंकि यह कैमरे की तरह तुरंत स्क्रीन पर तस्वीर उपलब्ध करा देता है। चार घंटे चली जटिल सर्जरी—7 यूनिट ब्लड की जरूरत इस बहुचर्चित ऑपरेशन में लगभग 4 घंटे लगे और 7 यूनिट रक्त का इस्तेमाल किया गया। फेफड़े के छेद, पल्मोनरी आर्टरी और हार्ट की मरम्मत सटीकता से की गई। मरीज की स्थिति स्थिर—जल्द होगा डिस्चार्ज सर्जरी सफल होने के बाद मरीज की हालत लगातार सुधर रही है और चिकित्सकों के अनुसार उसे एक-दो दिनों में अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी। एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट की इस सफलता ने छत्तीसगढ़ के चिकित्सा क्षेत्र को राष्ट्रीय पटल पर एक बार फिर गौरवान्वित किया है।
जिले में अवैध धान पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई 5 ठिकानों पर छापेमारी, 7.44 लाख का धान जब्त – प्रशासन का सख्त संदेश
बिलासपुर। जिले में अवैध धान संग्रहण और तस्करी पर नकेल कसने जिला प्रशासन ने जोरदार कार्रवाई शुरू कर दी है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर मंगलवार को प्रशासनिक अमले ने एक के बाद एक दबिश देकर कुल 240 क्विंटल अवैध धान जब्त किया, जिसकी कीमत लगभग 7.44 लाख रुपये आंकी गई है। यह छापेमारी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के दौरान हो रही अनियमितताओं को थामने की दिशा में एक प्रभावशाली और निर्णायक कदम मानी जा रही है। जिला खाद्य नियंत्रक अमृत कुजूर ने बताया कि यह संयुक्त कार्रवाई राजस्व, खाद्य और मंडी विभाग की टीम ने मिलकर की, जिसमें जिले के पाँच अलग-अलग स्थानों पर संदिग्ध गोदामों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों की घेराबंदी कर तलाशी ली गई। छापेमारी के दौरान बड़े पैमाने पर अवैध भंडारण, बिना अनुमति की खरीद-फरोख्त तथा संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए। सभी मामलों में मंडी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। — जानिए कहाँ से कितना अवैध धान मिला बिल्हा – रूपचंद किराना स्टोर्स: 113 बोरी (लगभग 45 क्विंटल) ग्राम बरतोरी – ओम ट्रेडर्स: 188 बोरी (लगभग 75 क्विंटल) कोटा – गुप्ता ट्रेडर्स: 110 बोरी (लगभग 44 क्विंटल) रतनपुर – गंगाराम दुकान: 77 बोरी (लगभग 30 क्विंटल) रानीगांव – दुर्गा ट्रेडर्स: 115 बोरी (लगभग 46 क्विंटल) — अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई एक ऐसे संगठित नेटवर्क पर चोट है, जो किसानों से समर्थन मूल्य से पहले अवैध रूप से धान खरीदकर जमाखोरी कर भारी मुनाफा कमाने की कोशिश कर रहा था। कई स्थानों पर जब्त किए गए स्टॉक के दस्तावेज भी संदिग्ध पाए गए, जिन्हें जांच के दायरे में लिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और किसानों के हितों की रक्षा के लिए ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। अब तक जिले में कुल 20 लाख रुपये मूल्य का अवैध धान जब्त किया जा चुका है, जो अभियान की गंभीरता और प्रभावशीलता दोनों को दर्शाता है। जिला प्रशासन का संदेश साफ है— “अवैध धान व्यापार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं… कानून तोड़ने वालों पर होगी कठोरतम कार्रवाई।”
स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय कोरबी में सरस्वती पूजन हर्षोल्लास से संपन्न
















