बाल काटने से मना करना पड़ा जानलेवा, नाबालिग ने दोस्तों संग रची सैलून संचालक की हत्या की साजिश
दुर्ग। दुर्ग जिले से एक चौंकाने वाला और समाज को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां बाल काटने से मना करना एक सैलून संचालक के लिए जानलेवा साबित होते-होते रह गया। मामूली विवाद ने इस कदर हिंसक रूप ले लिया कि एक नाबालिग ने अपने साथियों के साथ मिलकर सैलून संचालक की हत्या की योजना बना डाली। यह सनसनीखेज वारदात छावनी थाना क्षेत्र की है। 4 जनवरी की सुबह एक नाबालिग युवक बाल कटवाने क्लासिक कट्स सैलून पहुंचा। उस वक्त सैलून संचालक पूनाराम सेन उर्फ विक्की पहले से ही एक ग्राहक के बाल काट रहा था। पूनाराम ने नाबालिग से थोड़ी देर इंतजार करने या बाद में आने को कहा। बस इसी बात पर नाबालिग आगबबूला हो गया। बाल काटने से इनकार बना हत्या की वजह बताया गया कि नाबालिग ने सैलून में ही विवाद शुरू कर दिया, गाली-गलौज हुई और गुस्से में वह वहां से चला गया। इसके बाद उसने अपने दोस्त शेख साहिल को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी, जिसने आगे निकेश सेन उर्फ लव को इस बारे में बताया। यहीं से सैलून संचालक की हत्या की साजिश रची गई। दोस्त ने दिया चाकू, स्कूटी पर बैठाकर ले गया पुलिस जांच में सामने आया कि शेख साहिल ने नाबालिग को चाकू उपलब्ध कराया। तीनों ने मिलकर पूनाराम सेन को जान से मारने की योजना बनाई। घटना वाले दिन शाम को शेख साहिल अपनी स्कूटी (CG 07 CZ 2805) से नाबालिग को पीछे बैठाकर निकला। शास्त्री नगर शिव मंदिर के पास गली में मौका पाकर उन्होंने पूनाराम सेन पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल पूनाराम किसी तरह जान बचाने में सफल रहा और फिलहाल ICU में भर्ती है। उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। तीन आरोपी गिरफ्तार, नाबालिग भी हिरासत में पुलिस ने संदेह के आधार पर नाबालिग को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उसने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया। लगातार दबिश के बाद 7 जनवरी को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला थाना छावनी में आरोपियों के खिलाफ धारा 109, 61(2), 3(5) बीएनएस एवं 25-27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपी शेख साहिल (22 वर्ष) – निवासी खुर्सीपार, दुर्ग निकेश सेन उर्फ लव (27 वर्ष) – निवासी उड़िया मोहल्ला एक नाबालिग आरोपी
दुर्ग में इंसानियत शर्मसार: सड़क सुरक्षा की सलाह बनी मौत की वजह, बुजुर्ग को पीट-पीटकर उतारा गया मौत के घाट
दुर्ग। स्टील सिटी दुर्ग-भिलाई में बुधवार को एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। सड़क पर जिम्मेदारी से वाहन चलाने की मामूली सलाह एक बुजुर्ग के लिए मौत का फरमान बन गई। लिंक रोड कैंप-2 इलाके में युवकों की बेरहमी ने 66 वर्षीय विक्रम राय की जान ले ली। समझाइश पर भड़की हिंसा जानकारी के मुताबिक विक्रम राय अपने साथी सुनील राय के साथ एक ही बाइक पर सवार होकर पावर हाउस मार्केट की ओर जा रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार और लापरवाही से बाइक चला रहे एक युवक को विक्रम राय ने सड़क सुरक्षा को लेकर संभलकर चलने की सलाह दी। यह बात युवक को इतनी नागवार गुज़री कि उसने रास्ता रोककर पहले गाली-गलौज की और फिर हाथ-मुक्कों से हमला कर दिया। दोस्तों को बुलाकर किया जानलेवा हमला बीच-बचाव करने आए सुनील राय को भी आरोपी ने नहीं छोड़ा, उनके चेहरे पर गंभीर चोटें आईं। इसके बाद आरोपी ने अपने साथियों को मौके पर बुला लिया और सभी ने मिलकर विक्रम राय को बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। गंभीर चोटों के चलते विक्रम राय सड़क पर ही बेहोश हो गए, बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। हाल ही में कैंसर सर्जरी से उबरे थे विक्रम राय घटना को और भी दर्दनाक बनाने वाला तथ्य यह है कि विक्रम राय का कुछ दिन पहले कैंसर का ऑपरेशन हुआ था और वे स्वस्थ होकर सामान्य जीवन जी रहे थे। परिवार इस बात से टूट गया है कि एक सामान्य समझाइश इतनी क्रूर हिंसा में बदल गई। मृतक के परिजन अरविंद राय ने कहा, “यह सोचा भी नहीं था कि सड़क पर समझाइश करना किसी की जान ले लेगा। आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।” पुलिस की त्वरित कार्रवाई घटना की सूचना मिलते ही छावनी पुलिस मौके पर पहुंची और त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सुकांत उर्फ चिरागन सोनकर को गिरफ्तार कर लिया। सीएसपी प्रशांत कुमार ने बताया, “आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके खिलाफ अपराध दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।” समाज के लिए डरावना संदेश दुर्ग की इस घटना ने समाज में बढ़ती असहिष्णुता, गुस्से और हिंसक मानसिकता को उजागर कर दिया है। सड़क पर मामूली टोका-टाकी भी अब जानलेवा बनती जा रही है। इस घटना के बाद दुर्ग-भिलाई क्षेत्र में डर और आक्रोश का माहौल है, वहीं लोग सवाल उठा रहे हैं— क्या अब समझदारी और जिम्मेदारी की बात करना भी अपराध हो गया है?
शादी की खुशियां मातम में बदलीं: दुर्ग में शराब के नशे में छोटे भाई ने बड़े भाई को चाकू मारा, आंतें बाहर आईं
✍️ भागीरथी यादव दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक शादी समारोह उस वक्त खौफनाक मंजर में बदल गया, जब मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया। शराब के नशे में धुत छोटे भाई ने अपने ही बड़े भाई के पेट में चाकू घोंप दिया। वार इतना गहरा था कि घायल की आंतें बाहर निकल आईं। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना 22 दिसंबर की है, जो छावनी थाना क्षेत्र के कैंप-2 स्थित मोची मोहल्ला की बताई जा रही है। उस समय घर में विवाह समारोह चल रहा था और बड़ी संख्या में रिश्तेदार मौजूद थे। मामूली कहासुनी बनी जानलेवा हमला प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शादी के दौरान दो सगे भाइयों—अजय कोलते और विजय कोलते—के बीच किसी छोटी-सी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। देखते ही देखते बहस इतनी बढ़ गई कि शराब के नशे में छोटे भाई अजय ने आपा खो दिया और चाकू निकालकर बड़े भाई विजय के पेट पर जोरदार वार कर दिया। आंतें बाहर आने से मची अफरा-तफरी चाकू लगते ही विजय कोलते मौके पर गिर पड़ा। पेट पर गहरे घाव के कारण उसकी आंतें बाहर निकल आईं, यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोग दहशत में आ गए। शादी की खुशियां चीख-पुकार और अफरा-तफरी में बदल गईं। परिजनों ने तुरंत घायल को लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए सुपेला स्थित जिला अस्पताल (सिविल अस्पताल) रेफर किया गया। फिलहाल घायल का इलाज जारी है। आरोपी भाई हिरासत में, जांच जारी घटना की सूचना मिलते ही छावनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और वारदात के बाद फरार हो रहे आरोपी छोटे भाई अजय कोलते को हिरासत में ले लिया। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में मामला पारिवारिक विवाद और शराब के नशे से जुड़ा पाया गया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है और उसके खिलाफ गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज किया गया है।
दुर्ग में तेज रफ्तार का कहर, साइकिल सवार युवक की दर्दनाक मौत
✍️ भागीरथी यादव लापरवाह मेटाडोर चालक गिरफ्तार, घायल साथी का इलाज जारी दुर्ग। शहर की सड़कों पर बेलगाम रफ्तार एक बार फिर जानलेवा साबित हुई। थाना पुलगांव क्षेत्र अंतर्गत जलाराम वाटिका के सामने मेन रोड पर हुए भीषण सड़क हादसे में एक साइकिल सवार युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लापरवाह वाहन चालक को गिरफ्तार कर लिया है। पीछे से आई मौत बनकर तेज रफ्तार गाड़ी घटना 16 दिसंबर की शाम करीब 7:30 बजे की है। पुलगांव निवासी टोपेंद्र कुमार साहू (21 वर्ष) अपने मित्र चंद्रशेखर यादव के साथ निजी काम से साइकिल पर दुर्ग की ओर जा रहे थे। चंद्रशेखर साइकिल चला रहा था, जबकि टोपेंद्र पीछे बैठा हुआ था। जैसे ही दोनों जलाराम वाटिका के सामने पहुंचे, पीछे से आ रहे अशोक लीलैंड मेटाडोर (सीजी 07 सीडब्ल्यू 1128) के चालक ने तेज और लापरवाह तरीके से वाहन चलाते हुए साइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। भीड़भाड़ वाले मार्ग पर नहीं लगाया ब्रेक प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के वक्त सड़क पर भारी आवाजाही थी। इसके बावजूद चालक ने न तो रफ्तार कम की और न ही ब्रेक लगाने की कोशिश की। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन साइकिल सवारों को 10 से 15 मीटर तक घसीटता चला गया। एक की मौत, एक जिंदगी मौत से लड़ी हादसे में चंद्रशेखर यादव के सिर में गंभीर चोट आई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं टोपेंद्र साहू को आंखों के पास, दोनों कोहनियों और कलाई में गंभीर चोटें आईं। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को एम्बुलेंस से जिला अस्पताल दुर्ग पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने चंद्रशेखर को मृत घोषित कर दिया। टोपेंद्र का इलाज जारी है। हादसे के बाद फरार हुआ चालक, पुलिस ने दबोचा घटना के बाद आरोपी चालक वाहन लेकर दुर्ग की ओर फरार हो गया था। सूचना मिलते ही थाना पुलगांव में पदस्थ सउनि सुभाष कुमार साहू मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। घायल टोपेंद्र के बयान और प्रत्यक्षदर्शियों के साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने 17 दिसंबर को आरोपी चालक श्यामलाल कोसरे (26 वर्ष) निवासी खमरिया भाटा जुनवानी, चौकी स्मृति नगर थाना सुपेला को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर केंद्रीय जेल दुर्ग भेज दिया गया। 👉 यह हादसा एक बार फिर साबित करता है कि तेज रफ्तार और लापरवाही सड़कों पर सबसे बड़ा खतरा बन चुकी है, जिसकी कीमत निर्दोष लोगों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ रही है।
सुकमा में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़,2- 3 नक्सली ढेर होने की खबर
सुकमा | 18 दिसंबर छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले से बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। गोलापल्ली के घने जंगलों में पुलिस और नक्सलियों के बीच जोरदार मुठभेड़ चल रही है। जानकारी के अनुसार डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) के जवान सर्च ऑपरेशन पर निकले थे, तभी जंगल में घात लगाए बैठे माओवादियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में जवानों ने मोर्चा संभालते हुए नक्सलियों को चारों तरफ से घेर लिया। सूत्रों के मुताबिक इस मुठभेड़ में 2 से 3 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है, जबकि कुछ अन्य नक्सलियों के घायल होने की भी सूचना मिल रही है। हालांकि इलाके में लगातार गोलीबारी की आवाजें सुनाई दे रही हैं और ऑपरेशन अभी जारी है। एसपी ने की मुठभेड़ की पुष्टि सुकमा जिले के पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि गुरुवार सुबह डीआरजी के जवान गोलापल्ली क्षेत्र के जंगलों में सर्चिंग पर थे। इसी दौरान माओवादियों ने अचानक जवानों पर फायरिंग कर दी, जिसके बाद दोनों ओर से गोलियां चलने लगीं। एसपी ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। फिलहाल सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके में सघन सर्च अभियान शुरू कर दिया है, क्योंकि जंगल में और नक्सलियों की मौजूदगी की आशंका है। इलाका सील, सर्चिंग तेज मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों ने पूरे जंगल क्षेत्र को घेर लिया है। अतिरिक्त बल को भी मौके की ओर रवाना किया गया है। नक्सलियों के भागने के सभी संभावित रास्तों पर जवानों की तैनाती कर दी गई है। 3 दिसंबर को भी हुआ था बड़ा एनकाउंटर गौरतलब है कि इससे पहले 3 दिसंबर को दंतेवाड़ा-बीजापुर बॉर्डर पर हुई मुठभेड़ में पुलिस और सुरक्षाबलों ने 12 नक्सलियों को ढेर कर दिया था। उस एनकाउंटर में कुख्यात नक्सली कमांडर वेल्ला मोडियम भी मारा गया था। इसके
दुर्ग में 10वीं की छात्रा की आत्महत्या, पुलिस जांच में जुटी
दुर्ग (छत्तीसगढ़)। मोहन नगर थाना क्षेत्र के जयंती नगर से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां 15 वर्षीय स्कूली छात्रा दिशा माथनकर ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद से परिवार गहरे सदमे में है और पूरे इलाके में शोक का माहौल व्याप्त है। जानकारी के अनुसार, दोपहर के समय दिशा घर के अंदर फांसी के फंदे पर लटकी मिली। परिजनों ने जैसे ही यह दृश्य देखा, उनके होश उड़ गए। आनन-फानन में छात्रा को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही मोहन नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई की और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इस मामले में सीएसपी भिलाई नगर सत्य प्रकाश तिवारी ने बताया कि पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। फिलहाल किसी प्रकार का सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही आत्महत्या के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, घटना से पहले छात्रा सामान्य व्यवहार में थी और घर में किसी तरह के विवाद की तत्काल पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि दिशा पढ़ाई में मेहनती थी, हालांकि हाल के दिनों में वह कुछ तनाव में नजर आ रही थी। परिवार और परिचितों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह किस कारण मानसिक दबाव में थी। पुलिस स्कूल से जुड़े पहलुओं, पढ़ाई के दबाव और अन्य संभावित कारणों की भी जांच कर रही है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस हर एंगल से जांच में जुटी हुई है।
⛓️ 9 साल बाद कानून के शिकंजे में आया गबन कांड का मास्टरमाइंड
✍️ भागीरथी यादव खुर्सीपार पुलिस की बड़ी सफलता, ओडिशा से गिरफ्तार हुआ पतीता बाघ दुर्ग – खुर्सीपार पुलिस ने वर्षों पुराने चर्चित एल्युमिनियम वायर गबन मामले में बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए 9 साल से फरार मुख्य आरोपी पतीता बाघ को ओडिशा से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस से लगातार बचता फिर रहा आरोपी आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गया। 13 दिसंबर को उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। 🔴 पहले ही जेल जा चुके हैं 9 आरोपी थाना खुर्सीपार में दर्ज इस हाई-प्रोफाइल मामले में धारा 407, 511, 120बी एवं 34 भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया था। मामले में पूर्व में 9 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी थी, लेकिन घटना के बाद से ही मुख्य आरोपी पतीता बाघ फरार चल रहा था। 🧾 क्या था पूरा मामला? साल 2016 में झारसागुड़ा (ओडिशा) निवासी अनिल कुमार मिश्रा ने खुर्सीपार थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार उनका ट्रक ड्राइवर 19 टन 319 किलो एल्युमिनियम वायर लेकर बैंगलोर जा रहा था, लेकिन रास्ते में ट्रक मालिक को धोखे में रखकर अन्य आरोपियों के साथ मिलकर माल को मिलाई में बेचने और गबन करने की साजिश रची गई। सूचना मिलते ही खुर्सीपार पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ट्रक समेत पूरा एल्युमिनियम वायर जब्त कर लिया था और 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। 🕵️♂️ ओडिशा में छिपकर काट रहा था फरारी मुख्य आरोपी पतीता बाघ घटना के समय मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया था। वर्षों तक पुलिस को चकमा देता रहा। हाल ही में विश्वसनीय सूचना के आधार पर खुर्सीपार पुलिस की टीम ओडिशा पहुंची और 13 दिसंबर 2025 को आरोपी को धर-दबोचा। 👤 गिरफ्तार आरोपी का विवरण नाम: पतीता बाघ उम्र: 45 वर्ष निवासी: खीरपुर थाना: सुबरनापुर जिला: वीर महाराजपुर (ओडिशा) ✅ पुलिस की सतर्कता से टूटा फरारी का रिकॉर्ड लगातार प्रयास और मजबूत खुफिया तंत्र के चलते खुर्सीपार पुलिस ने यह साबित कर दिया कि अपराधी चाहे जितने साल छिपा रहे, कानून से बच नहीं सकता। 9 साल बाद हुई यह गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
दुर्ग में बोरी में बंद महिला की सड़ी-गली लाश मिलने से सनसनी, पहचान के लिए पुलिस ने जारी किए चिन्ह
✍️ भागीरथी यादव दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में शनिवार, 13 दिसंबर को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। सुपेला अंडर ब्रिज के पास एक बोरी से तेज बदबू आने पर आसपास के लोगों ने सुपेला पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब बोरी खुलवाई, तो भीतर एक महिला की सड़ी-गली लाश देख सभी स्तब्ध रह गए। शव काफी पुराना बताया जा रहा है और उसमें कीड़े लग चुके थे। प्रारंभिक जांच में हत्या की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है। शरीर पर मिले टैटू और आभूषण बने पहचान की उम्मीद पुलिस को मृत महिला के शरीर पर कई टैटू, गोदना और आभूषण मिले हैं, जिनके आधार पर पहचान की कोशिश की जा रही है। दुर्ग पुलिस ने महिला की पहचान के लिए सार्वजनिक रूप से विवरण जारी किया है। पुलिस द्वारा जारी पहचान विवरण मृतका की अनुमानित आयु: 30 से 35 वर्ष बाएं हाथ पर “महादेव त्रिशूल” लिखा हुआ, साथ में 07 स्टार महादेव के नीचे “लखन, सुरेश, B M, आरती” का गोदना बाएं हाथ की तर्जनी उंगली के पीछे अंग्रेजी अक्षर “A” का टैटू बायीं कलाई में काला धागा, 03 सफेद-आसमानी चूड़ियां दायीं कलाई में 01 आसमानी-सफेद चूड़ी दोनों पैरों के अंगूठों में लोहे की रिंग दाहिने कान में टॉप्स पहनावे में फिरोजा रंग का पेटीकोट पुलिस की अपील यदि किसी को इन चिन्हों के आधार पर महिला की पहचान से संबंधित कोई भी जानकारी हो, तो तुरंत नगर पुलिस अधीक्षक, भिलाई नगर – 8878505555 या थाना प्रभारी, सुपेला – 7988522909 पर संपर्क करने की अपील की गई है। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है और जल्द ही इस रहस्यमय मौत से पर्दा उठाने का दावा कर रही है।
दुर्ग में दिल दहला देने वाला हत्याकांड: मोमोस के बहाने बुलाया, चापर से हत्या कर जला डाला… 24 घंटे में आरोपी गिरफ्तार
✍️ भागीरथी यादव दुर्ग जिले के उतई थाना क्षेत्र के पुरई गांव में करगाडीह पऊवारा नहर के पास खेल मैदान में पुआल के ढेर से एक अधजली लाश मिलने से सनसनी फैल गई। शव की हालत इतनी खराब थी कि पहचान करना मुश्किल था। मामला ब्लाइंड मर्डर लगने पर एसएसपी दुर्ग ने 6 विशेष टीमें बनाईं, जिन्होंने रातभर जांच कर 24 घंटे में आरोपी का पर्दाफाश कर दिया। ऐसे खुला राज मिसिंग रिपोर्ट खंगालने पर पता चला कि सुपेला थाना में उर्मिला निषाद (30) की गुमशुदगी दर्ज है और रिपोर्ट उसके प्रेमी विजय बांधे ने ही कराई थी। पूछताछ में विजय के बयान उलझते गए और आखिरकार उसने हत्या की बात कबूल ली। लव स्टोरी बनी मौत की वजह विजय केटरिंग में काम करता था और उर्मिला भी उसी के साथ काम करती थी। दोनों में प्यार हुआ, लेकिन विजय पहले से शादीशुदा था। उर्मिला शादी का दबाव डाल रही थी और पैसों को लेकर भी विवाद बढ़ चुका था। योजना बनाकर हत्या रविवार शाम विजय उर्मिला को मोमोस–पकौड़े खिलाने के बहाने बाइक पर ले गया। सुनसान जगह पर बहस बढ़ी, तो उसने चापर से उर्मिला के गले व शरीर पर हमला किया और गिरते ही पेट्रोल डालकर आग लगा दी। पहचान छिपाने के लिए पुआल भी डाल दिया। गुनाह छिपाने की कोशिश नाकाम वारदात के बाद विजय सीधे अपने गांव भाग गया और अगली सुबह खुद पुलिस स्टेशन पहुंचकर गुमशुदगी दर्ज करा दी। लेकिन सीसीटीवी, सबूत और विरोधाभासी बयानों ने सच सामने ला दिया। पुलिस ने खून से सने कपड़े, चापर और अन्य महत्वपूर्ण सबूत जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस सनसनीखेज हत्या की जांच अब कई एंगल से जारी है।
दुर्ग में फर्जी लूटकांड का खुलासा: एटीएम कैश लोडर ही निकला आरोपी, पुलिस की सूझबूझ से खुली पोल
दुर्ग, 6 दिसंबर। ग्लोबल स्कूल के पास कथित 14.60 लाख की लूट के सनसनीखेज मामले को दुर्ग पुलिस ने महज कुछ घंटों में सुलझाते हुए बड़ा खुलासा किया है। जांच में पता चला कि पूरी लूट आशीष राठौर नामक कैश लोडिंग वर्कर द्वारा रची गई एक फर्जी कहानी थी। पुलिस की तेज कार्रवाई और बारीकी से की गई पूछताछ ने इस मामले की सच्चाई सामने ला दी। पूरी घटना का सच आया सामने आरोपी आशीष राठौर ने पुलिस को बताया था कि तीन अज्ञात बदमाशों ने हथियार की नोक पर उससे 14.60 लाख रुपये से भरा बैग लूट लिया। बैग में मुरमुंदा एटीएम के लिए 8.60 लाख और दादर एटीएम के लिए 6 लाख रुपये होने का दावा किया गया था। लेकिन घटना स्थल पर न तो किसी संघर्ष के निशान मिले और न ही आशीष या उसकी बाइक पर खरोंच तक दिखाई दी। पुलिस को उसके बयान पर शक गहराता गया। बयान में मिला बड़ा विरोधाभास आशीष ने बताया था कि घटना के समय उसका भांजा मनीष भी साथ था, जबकि जांच में पता चला कि मनीष मौके पर मौजूद ही नहीं था। लगातार पूछताछ में जब पुलिस ने उसे सबूतों के सामने खड़ा किया तो आशीष टूट गया और उसने स्वीकार कर लिया कि लूट की पूरी कहानी उसकी बनाई हुई थी। एएसपी पद्मश्री तंवर ने दी जानकारी एएसपी पद्मश्री तंवर ने बताया— “हमने घटना स्थल की सूक्ष्म जांच की और आरोपी के बयान में कई विरोधाभास मिले। सख्त पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार किया। मामला पूरी तरह फर्जी था। आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।” पुलिस की तत्परता से सुलझा मामला दुर्ग पुलिस की त्वरित कार्रवाई, सटीक जांच और प्रभावी पूछताछ की वजह से एक बड़े फर्जी लूटकांड की पोल खुल गई। इससे न सिर्फ सरकार और एजेंसी को संभावित वित्तीय नुकसान से बचाया गया, बल्कि पुलिस की प्रोफेशनल कार्यशैली का भी बेहतरीन उदाहरण पेश हुआ। यह मामला इस बात का प्रमाण है कि पुलिस की सतर्कता और वैज्ञानिक जांच पद्धति किसी भी जटिल अपराध को आसानी से बेनकाब कर सकती है।
स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय कोरबी में सरस्वती पूजन हर्षोल्लास से संपन्न
















