रेत बनी जिंदगी की आफत: अवैध उत्खनन विवाद में युवक की मौत, दो पुलिस जवान समेत तीन पर हत्या का केस दर्ज

✍️ भागीरथी यादव

 

 

एमसीबी। छत्तीसगढ़–मध्यप्रदेश सीमा पर स्थित बरने नदी में रेत उत्खनन के विवाद ने एक युवक की जान ले ली। ग्राम पसौरी निवासी सोनू चक्रधारी की कथित मारपीट और बेलचा से सिर पर प्रहार किए जाने के बाद मौत हो गई। इस मामले में मध्यप्रदेश के दो पुलिस जवानों सहित तीन लोगों के खिलाफ हत्या समेत विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज किया गया है।

क्या है पूरा मामला

एमसीबी जिले के केल्हारी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पसौरी निवासी संतोष पिता धर्मजीत की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। रिपोर्ट के अनुसार 3 मार्च की सुबह करीब 6 बजे सोनू चक्रधारी अपने ट्रैक्टर से सूरज, गोलू, भारत, महेश, निखिल और रामनाथ सहित अन्य मजदूरों के साथ डूमरघाट (बरने नदी) रेत लेने गया था। परिजनों का कहना है कि सोनू प्रधानमंत्री आवास निर्माण के लिए रेत लेने गया था।

सुबह लगभग 8 बजे मध्यप्रदेश के दरसिला चौकी से दो पुलिस जवान और एक सिविल व्यक्ति बोलेरो वाहन से मौके पर पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने रेत परिवहन को लेकर विवाद किया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एक पुलिस जवान ट्रैक्टर पर चढ़ गया और वाहन स्टार्ट करने की कोशिश की। विरोध करने पर सोनू की डंडे से पिटाई की गई।

बेलचा से वार, मौके पर गिरा युवक

बताया जा रहा है कि इसी दौरान सरपंच पति विजय मौके पर पहुंचे और ट्रैक्टर को गांव की ओर ले जाने की बात कही। कुछ दूरी पर जाने के बाद आरोप है कि पीछे से आए पुलिसकर्मियों ने सोनू पर बेलचा से सिर पर वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा। बाद में उसकी मौत हो गई।

घटना की खबर फैलते ही क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई। आक्रोशित ग्रामीणों ने एक पुलिस वाहन में तोड़फोड़ भी की।

वरिष्ठ अधिकारियों का मौके पर पहुंचना

घटना की सूचना मिलते ही एमसीबी की पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह दलबल के साथ मौके पर पहुंचीं। शव को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र केल्हारी भेजा गया है।

केल्हारी पुलिस ने चौकी दरसिला, थाना जैतपुर (जिला शहडोल, मध्यप्रदेश) के पुलिस जवान नितीन शुक्ला, राजू प्रजापति एवं मधु जायसवाल के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 296, 308(3) और 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।

सीमा क्षेत्र में पहले भी रहा है विवाद

बरने नदी, जो छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश की सीमा से होकर गुजरती है, लंबे समय से रेत उत्खनन को लेकर विवादों में रही है। अवैध उत्खनन और परिवहन को लेकर समय-समय पर तनाव की स्थिति बनती रही है। इस घटना ने एक बार फिर सीमा क्षेत्र में प्रशासनिक समन्वय और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।