दुर्ग में बोरी में बंद महिला की सड़ी-गली लाश मिलने से सनसनी, पहचान के लिए पुलिस ने जारी किए चिन्ह
✍️ भागीरथी यादव दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में शनिवार, 13 दिसंबर को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। सुपेला अंडर ब्रिज के पास एक बोरी से तेज बदबू आने पर आसपास के लोगों ने सुपेला पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब बोरी खुलवाई, तो भीतर एक महिला की सड़ी-गली लाश देख सभी स्तब्ध रह गए। शव काफी पुराना बताया जा रहा है और उसमें कीड़े लग चुके थे। प्रारंभिक जांच में हत्या की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है। शरीर पर मिले टैटू और आभूषण बने पहचान की उम्मीद पुलिस को मृत महिला के शरीर पर कई टैटू, गोदना और आभूषण मिले हैं, जिनके आधार पर पहचान की कोशिश की जा रही है। दुर्ग पुलिस ने महिला की पहचान के लिए सार्वजनिक रूप से विवरण जारी किया है। पुलिस द्वारा जारी पहचान विवरण मृतका की अनुमानित आयु: 30 से 35 वर्ष बाएं हाथ पर “महादेव त्रिशूल” लिखा हुआ, साथ में 07 स्टार महादेव के नीचे “लखन, सुरेश, B M, आरती” का गोदना बाएं हाथ की तर्जनी उंगली के पीछे अंग्रेजी अक्षर “A” का टैटू बायीं कलाई में काला धागा, 03 सफेद-आसमानी चूड़ियां दायीं कलाई में 01 आसमानी-सफेद चूड़ी दोनों पैरों के अंगूठों में लोहे की रिंग दाहिने कान में टॉप्स पहनावे में फिरोजा रंग का पेटीकोट पुलिस की अपील यदि किसी को इन चिन्हों के आधार पर महिला की पहचान से संबंधित कोई भी जानकारी हो, तो तुरंत नगर पुलिस अधीक्षक, भिलाई नगर – 8878505555 या थाना प्रभारी, सुपेला – 7988522909 पर संपर्क करने की अपील की गई है। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है और जल्द ही इस रहस्यमय मौत से पर्दा उठाने का दावा कर रही है।
दुर्ग में दिल दहला देने वाला हत्याकांड: मोमोस के बहाने बुलाया, चापर से हत्या कर जला डाला… 24 घंटे में आरोपी गिरफ्तार
✍️ भागीरथी यादव दुर्ग जिले के उतई थाना क्षेत्र के पुरई गांव में करगाडीह पऊवारा नहर के पास खेल मैदान में पुआल के ढेर से एक अधजली लाश मिलने से सनसनी फैल गई। शव की हालत इतनी खराब थी कि पहचान करना मुश्किल था। मामला ब्लाइंड मर्डर लगने पर एसएसपी दुर्ग ने 6 विशेष टीमें बनाईं, जिन्होंने रातभर जांच कर 24 घंटे में आरोपी का पर्दाफाश कर दिया। ऐसे खुला राज मिसिंग रिपोर्ट खंगालने पर पता चला कि सुपेला थाना में उर्मिला निषाद (30) की गुमशुदगी दर्ज है और रिपोर्ट उसके प्रेमी विजय बांधे ने ही कराई थी। पूछताछ में विजय के बयान उलझते गए और आखिरकार उसने हत्या की बात कबूल ली। लव स्टोरी बनी मौत की वजह विजय केटरिंग में काम करता था और उर्मिला भी उसी के साथ काम करती थी। दोनों में प्यार हुआ, लेकिन विजय पहले से शादीशुदा था। उर्मिला शादी का दबाव डाल रही थी और पैसों को लेकर भी विवाद बढ़ चुका था। योजना बनाकर हत्या रविवार शाम विजय उर्मिला को मोमोस–पकौड़े खिलाने के बहाने बाइक पर ले गया। सुनसान जगह पर बहस बढ़ी, तो उसने चापर से उर्मिला के गले व शरीर पर हमला किया और गिरते ही पेट्रोल डालकर आग लगा दी। पहचान छिपाने के लिए पुआल भी डाल दिया। गुनाह छिपाने की कोशिश नाकाम वारदात के बाद विजय सीधे अपने गांव भाग गया और अगली सुबह खुद पुलिस स्टेशन पहुंचकर गुमशुदगी दर्ज करा दी। लेकिन सीसीटीवी, सबूत और विरोधाभासी बयानों ने सच सामने ला दिया। पुलिस ने खून से सने कपड़े, चापर और अन्य महत्वपूर्ण सबूत जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस सनसनीखेज हत्या की जांच अब कई एंगल से जारी है।
दुर्ग में फर्जी लूटकांड का खुलासा: एटीएम कैश लोडर ही निकला आरोपी, पुलिस की सूझबूझ से खुली पोल
दुर्ग, 6 दिसंबर। ग्लोबल स्कूल के पास कथित 14.60 लाख की लूट के सनसनीखेज मामले को दुर्ग पुलिस ने महज कुछ घंटों में सुलझाते हुए बड़ा खुलासा किया है। जांच में पता चला कि पूरी लूट आशीष राठौर नामक कैश लोडिंग वर्कर द्वारा रची गई एक फर्जी कहानी थी। पुलिस की तेज कार्रवाई और बारीकी से की गई पूछताछ ने इस मामले की सच्चाई सामने ला दी। पूरी घटना का सच आया सामने आरोपी आशीष राठौर ने पुलिस को बताया था कि तीन अज्ञात बदमाशों ने हथियार की नोक पर उससे 14.60 लाख रुपये से भरा बैग लूट लिया। बैग में मुरमुंदा एटीएम के लिए 8.60 लाख और दादर एटीएम के लिए 6 लाख रुपये होने का दावा किया गया था। लेकिन घटना स्थल पर न तो किसी संघर्ष के निशान मिले और न ही आशीष या उसकी बाइक पर खरोंच तक दिखाई दी। पुलिस को उसके बयान पर शक गहराता गया। बयान में मिला बड़ा विरोधाभास आशीष ने बताया था कि घटना के समय उसका भांजा मनीष भी साथ था, जबकि जांच में पता चला कि मनीष मौके पर मौजूद ही नहीं था। लगातार पूछताछ में जब पुलिस ने उसे सबूतों के सामने खड़ा किया तो आशीष टूट गया और उसने स्वीकार कर लिया कि लूट की पूरी कहानी उसकी बनाई हुई थी। एएसपी पद्मश्री तंवर ने दी जानकारी एएसपी पद्मश्री तंवर ने बताया— “हमने घटना स्थल की सूक्ष्म जांच की और आरोपी के बयान में कई विरोधाभास मिले। सख्त पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार किया। मामला पूरी तरह फर्जी था। आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।” पुलिस की तत्परता से सुलझा मामला दुर्ग पुलिस की त्वरित कार्रवाई, सटीक जांच और प्रभावी पूछताछ की वजह से एक बड़े फर्जी लूटकांड की पोल खुल गई। इससे न सिर्फ सरकार और एजेंसी को संभावित वित्तीय नुकसान से बचाया गया, बल्कि पुलिस की प्रोफेशनल कार्यशैली का भी बेहतरीन उदाहरण पेश हुआ। यह मामला इस बात का प्रमाण है कि पुलिस की सतर्कता और वैज्ञानिक जांच पद्धति किसी भी जटिल अपराध को आसानी से बेनकाब कर सकती है।
ऑनलाइन खरीद-फरोख्त के नाम पर बड़ी ठगी: मोबाइल बेचने गया छात्र, बाइक सवार बदमाशों ने पूरा बॉक्स झपटकर की फरारी
रायपुर। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद-फरोख्त के बढ़ते चलन के बीच ठगी के नए तरीके भी तेजी से सामने आ रहे हैं। खमतराई इलाके में एम.कॉम के एक छात्र के साथ ऐसी ही वारदात हुई, जहां मोबाइल बेचने गए युवक का फोन, चार्जर और पूरा बॉक्स बाइक सवार दो बदमाश झपटकर फरार हो गए। ओएलएक्स पर डाला था मोबाइल बेचने का विज्ञापन खमतराई निवासी 22 वर्षीय रोहित देवांगन ने 5 दिसंबर को अपना मोबाइल फोन बेचने के लिए ओएलएक्स पर विज्ञापन डाला था। विज्ञापन देखने के बाद कुम्हारी के एक नंबर से उससे संपर्क किया गया। खुद को खरीदार बताने वाले युवक ने मोबाइल देखने और खरीदने के लिए रोहित को टाटीबंध पेट्रोल पंप के पास बुलाया। दो बाइक सवार युवक लेकर गए छात्र को साथ रोहित अपने दोस्त दीपक साहू के साथ तय स्थान पर पहुँचा। थोड़ी देर बाद एक बाइक पर दो युवक आए और मोबाइल का बॉक्स चेक कर 22 हजार रुपए में सौदा तय किया। नकदी न होने की बात कहकर आरोपियों ने रोहित को पैसे निकालने के बहाने कुम्हारी की ओर साथ चलने को कहा। रोहित भी भरोसा कर उनके पीछे चल पड़ा। टोल प्लाजा पार करते ही दिया वारदात को अंजाम अमृततुल्य चाय दुकान के सामने पहुंचते ही बाइक सवार बदमाश अचानक रोहित की स्कूटी के बिल्कुल करीब आए। मौका पाकर पीछे बैठे युवक ने रोहित के हाथ से मोबाइल का बॉक्स झपट लिया और तेज रफ्तार में कुम्हारी की ओर भाग निकले। जब तक रोहित कुछ समझ पाता, आरोपी आंखों से ओझल हो चुके थे। कई दिनों खोजबीन के बाद दर्ज कराई FIR वारदात के बाद रोहित ने कुछ दिनों तक अपने स्तर पर मोबाइल की तलाश की, पर कोई सुराग नहीं मिला। आखिरकार उसने 6 दिसंबर को कुम्हारी थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अब आरोपियों की तलाश में जुट गई है और सीसीटीवी फुटेज व मोबाइल नंबर के आधार पर जांच कर रही है। ऑनलाइन खरीद-फरोख्त में सावधानी जरूरी इस तरह की वारदातों से एक बार फिर साबित होता है कि ऑनलाइन एड पर मिले खरीदारों या विक्रेताओं पर बिना सोचे-समझे भरोसा करना खतरनाक साबित हो सकता है। पुलिस ने लोगों से सुरक्षित स्थान पर ही लेन-देन करने और संदिग्ध संपर्कों से सावधान रहने की अपील की है।
दुर्ग: सूदखोर गैंग पर बड़ी कार्रवाई, रिटायर्ड कर्मचारी से 10 लाख की जबरन वसूली — तीन गिरफ्तार
दुर्ग। जिले में सूदखोरी के खिलाफ पुलिस की सख्त कार्रवाई जारी है। थाना भिलाई भट्टी क्षेत्र में सेवानिवृत्त कर्मचारी से ब्याज के नाम पर जबरन 10 लाख रुपये वसूलने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों—ओमप्रकाश, प्रदीप नायक और एम. कृष्णा रेड्डी—को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पीड़ित ने शिकायत में बताया कि उसने 3 लाख रुपये उधार लिए थे, जिसकी पूरी राशि वह ब्याज सहित चुका चुका था। इसके बावजूद आरोपी चेक और एग्रीमेंट वापस नहीं कर रहे थे। मामला तब बिगड़ा जब पीड़ित 30 नवंबर को रिटायर हुआ और 3 दिसंबर को बैंक पहुंचा। वहां आरोपियों ने पति-पत्नी को धमकाकर और गाली-गलौज कर RTGS के जरिए 9 लाख रुपये और 1 लाख रुपये नगद—कुल 10 लाख रुपये जबरन ट्रांसफर करा लिए। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी संगठित रूप से सूदखोरी का नेटवर्क चलाते थे। छापेमारी में पीड़ित के कोरे चेक और एग्रीमेंट दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। पुलिस ने आरोपियों पर बीएनएस की विभिन्न धाराओं और छत्तीसगढ़ ऋणियों का संरक्षण अधिनियम 1937 के तहत मामला दर्ज किया है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
दुर्ग में नई कलेक्टर गाइडलाइंस का विरोध बेकाबू — पुलिस से भिड़े जमीन कारोबारी, पांच गिरफ्तार
✍️ भागीरथी यादव छत्तीसगढ़ में नई कलेक्टर गाइडलाइंस से जमीन की कीमतों में 5–9 गुना बढ़ोतरी के खिलाफ प्रदेशभर में विरोध तेज हो गया है। सोमवार को दुर्ग में विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया, जिसके बाद पुलिस और जमीन कारोबारियों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की हुई। बिना अनुमति सड़क जाम करने पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लाठीचार्ज भी किया। पटेल चौक स्थित बीएसएनएल ऑफिस के सामने उग्र भीड़ ने सड़क जाम कर यातायात घंटों बाधित किया। पुलिस रोकने पहुंची तो प्रदर्शनकारियों ने सरकारी काम में रुकावट डालते हुए पुलिसकर्मियों से झूमाझटकी की, जिसमें कई जवान घायल हो गए। सिटी कोतवाली पुलिस ने मनोज राजपूत सहित सभी आरोपियों की पहचान कर ली है। मनोज पर पहले भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने धारा 221, 126(2), 191(2) बीएनएस सहित बाद में 121(1), 132, 61(2), 125(क) जैसी गंभीर धाराएं भी जोड़ दी हैं। अब तक पांच आरोपियों — अनिल वासनिक, विक्की चंद्राकर, दिनेश पांडेय, राकेश यादव और जितेंद्र बत्रा — को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस बाकी फरार आरोपियों की तलाश में दबिश जारी रखे हुए है और साफ कहा है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
दुर्ग में सनसनीखेज वारदात: लड़कियों ने मोहल्लेवासियों पर एसिड और ब्लेड से किया हमला, कई घायल
✍️ भागीरथी यादव छत्तीसगढ़ के दुर्ग में सोमवार देर रात एक चौंकाने वाली घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया। मामूली समझाइश को लेकर शुरू हुई बातचीत अचानक हिंसा में बदल गई, जब कुछ लड़कियों ने मोहल्ले के लोगों पर एसिड और ब्लेड से हमला कर दिया। इस हमले में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। बातचीत के बीच अचानक एसिड हमला प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रात करीब 9:30 बजे कुछ लड़कियाँ बाथरूम में इस्तेमाल होने वाला एसिड लेकर बाहर निकलीं। मोहल्लेवासी उन्हें समझाने का प्रयास कर ही रहे थे कि लड़कियों ने अचानक लोगों के चेहरों और शरीर पर एसिड फेंक दिया। यह हमला इतना तेज और अप्रत्याशित था कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई। एसिड के बाद ब्लेड से वार, कई लोग लहूलुहान एसिड फेंकने के बाद भी हमला नहीं रुका। हमलावर लड़कियाँ ब्लेड लेकर लोगों की ओर झपटीं और उन पर ताबड़तोड़ वार करने लगीं। इस दौरान कई लोगों को गहरी चोटें आईं। घायल सड़क पर गिर पड़े और चीख-पुकार के साथ पूरा मोहल्ला दहशत में आ गया। अनैतिक गतिविधियों को लेकर था विवाद मोहल्लेवासियों का कहना है कि ये लड़कियाँ पिछले कुछ दिनों से अनैतिक गतिविधियों में लिप्त थीं। इसी बात को लेकर कुछ लोग उन्हें समझाने पहुँचे थे। लेकिन बातचीत के दौरान माहौल अचानक बिगड़ गया और मामला हिंसा में बदल गया। पुलिस ने पाँच आरोपी हिरासत में लिए घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और हालात को काबू में लिया। दो बालिग सहित पाँच आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस घायलों के बयान दर्ज कर रही है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है। इलाके में दहशत, सुरक्षा बढ़ाई गई एसिड और ब्लेड जैसे हथियारों से हुए इस हमले ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी है। घटना के बाद से मोहल्लेवासी बेहद डर के माहौल में हैं। पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाई है और कहा है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दुर्ग में सनसनीखेज अपहरण कांड का खुलासा 24 घंटे में शिक्षिका सकुशल बरामद, ऑटो चालक निकला मास्टरमाइंड
दुर्ग। जिले में शिक्षिका राधा साहू के अपहरण और पाँच लाख की फिरौती मांगने के मामले में पुलिस ने मात्र 24 घंटे के भीतर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई, तकनीकी जांच और सूझबूझ से न सिर्फ शिक्षिका को सुरक्षित बरामद कर लिया गया, बल्कि साजिश रचने वाले आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। — पति को आया फिरौती का कॉल, बढ़ी सनसनी शुक्रवार को राधा साहू के पति मुकेश साहू को उनकी पत्नी के मोबाइल से एक अज्ञात कॉल आया। कॉलर ने खुद को अपहरणकर्ता बताते हुए राधा साहू को अपने कब्जे में होने की बात कही और उनकी रिहाई के बदले 5 लाख रुपये की फिरौती की मांग की। पैसे न देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई। इस धमकी ने मुकेश साहू को दहशत में डाल दिया और वह तत्काल छावनी थाने पहुँचकर लिखित शिकायत दर्ज कराने पहुंचे। — एसएसपी ने दिया तत्काल एक्शन का आदेश शिकायत मिलते ही एसएसपी विजय अग्रवाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए छावनी थाना पुलिस और एसीसीयू टीम को फौरन कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कॉल डिटेल्स ट्रेस कीं, मोबाइल लोकेशन खंगाली और सुरागों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। — मोबाइल ट्रेस करते-करते पुलिस पहुँची ऑटो चालक इंतखाब आलम तक तकनीकी जांच पुलिस को एक नाम तक ले गई—इंतखाब आलम, जो पेशे से ऑटो चालक था। पुलिस ने उसे हिरासत में लिया और सख्ती से पूछताछ की, जिसके बाद पूरा मामला सामने आया। — विश्वास का फायदा उठाकर किया षड्यंत्र पूछताछ में आरोपी ने बताया कि पिछले तीन साल से वह राधा साहू को रोज स्कूल लाने-ले जाने का काम करता था। इस दौरान उसने शिक्षिका की सरलता और मददगार स्वभाव का फायदा उठाया। गरीबी, कर्ज और परिवार की परेशानी का हवाला देकर वह उनसे समय-समय पर आर्थिक मदद लेता रहा, लेकिन लालच धीरे-धीरे इतना बढ़ गया कि उसने फर्जी अपहरण की साजिश रच डाली। — नई ऑटो और कर्ज चुकाने के बहाने मांगे थे 5 लाख रुपये इंतखाब ने स्वीकार किया कि उसने राधा साहू से नई ऑटो खरीदने और कर्ज चुकाने के नाम पर पाँच लाख रुपये मांगे थे। शिक्षिका के मना करने पर उसने उन्हें अपने जाल में फंसाकर मोबाइल से उनके पति को फिरौती का कॉल किया। — पुलिस की तेज कार्रवाई—कुछ ही घंटों में शिक्षिका सुरक्षित पुलिस ने इंतखाब आलम को गिरफ्तार कर शिक्षिका को सकुशल बरामद कर लिया। आरोपी से मोबाइल फोन, ऑटो और शिक्षिका की सिम कार्ड जब्त कर लिए गए हैं। आरोपी पर अपहरण, फिरौती मांगने, धमकी देने सहित गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। — दुर्ग पुलिस की तेज कार्रवाई की सराहना सिर्फ 24 घंटे में इस गंभीर मामले का खुलासा कर शिक्षिका को सुरक्षित वापस लाना दुर्ग पुलिस की तत्परता और तकनीकी दक्षता का बड़ा उदाहरण है। जिले के लोगों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है।
छत्तीसगढ़ में तेज़ गर्मी का कहर: 11 जिलों में लू का अलर्ट
छत्तीसगढ़ में इन दिनों बहुत तेज गर्मी पड़ रही है। राजधानी रायपुर समेत बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा जैसे जिलों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। इतनी तेज धूप और गर्म हवाओं की वजह से लोग दिन में घर से बाहर निकलने से बच रहे हैं। 11 जिलों में लू का खतरा मौसम विभाग ने राज्य के 11 जिलों में लू का येलो अलर्ट जारी किया है। इनमें दुर्ग, बिलासपुर, बलौदाबाजार, बेमेतरा, सक्ती, कबीरधाम, मुंगेली, रायगढ़, कोरबा और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही शामिल हैं। गर्म हवाओं के चलते 25 अप्रैल से सभी सरकारी और निजी स्कूलों में छुट्टियाँ कर दी गई हैं। तेज़ तापमान और परेशानी रायपुर में दिन का तापमान 43.2 डिग्री और बिलासपुर में 43.7 डिग्री रिकॉर्ड हुआ है। दुर्ग सबसे गर्म जिला बन गया है जहाँ तापमान 44 डिग्री से ज्यादा है। रात में भी गर्मी और उमस से लोग परेशान हैं। हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ा तेज़ गर्मी से हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और सिरदर्द की शिकायतें बढ़ रही हैं। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर न निकलें और खूब पानी पिएं। खासतौर पर बच्चों और बुज़ुर्गों को ध्यान रखना चाहिए। अभी राहत की उम्मीद नहीं अगले तीन दिन भी गर्मी से राहत की उम्मीद नहीं है। तापमान सामान्य से 3-4 डिग्री ऊपर रहेगा और लू चलती रहेगी। मानसून अभी दूर है। सावधानी ही सुरक्षा है सरकार और मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि बिना ज़रूरत धूप में न निकलें, और निकलें तो सिर ढककर जाएं। गर्मी से बचाव ही सुरक्षित रहने का तरीका है।















