मुंगेली में एसएलएस स्कूल की छात्रा दूसरी मंजिल से गिरी, गंभीर चोटें – कलेक्टर ने बनाई तीन सदस्यीय जांच समिति
मुंगेली। जिले के प्रतिष्ठित एसएलएस स्कूल में 24 सितंबर को एक हृदयविदारक हादसा हुआ। कक्षा 10वीं की छात्रा आरती सिंह स्कूल की दूसरी मंजिल से अचानक गिर गईं और गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत नाजुक होने पर बिलासपुर के सिम्स अस्पताल रेफर कर दिया गया। वर्तमान में छात्रा का इलाज विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में जारी है। घटना के बाद यह गंभीर आरोप सामने आया है कि स्कूल प्रबंधन ने न तो छात्रा के परिजनों को समय रहते सूचना दी और न ही स्थिति की सही जानकारी साझा की। पीड़िता के पिता बबलू सिंह ने कड़ी नाराजगी जताते हुए प्रबंधन पर लापरवाही और घटना को छिपाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि स्कूल अधिकारी सच्चाई को सामने आने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर कुंदन कुमार ने तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है, जिसमें जिला शिक्षा अधिकारी, पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। इस समिति को निर्देश दिया गया है कि वे स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था, प्रबंधन की जिम्मेदारी और घटना के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच कर तीन दिनों में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। इस बीच कलेक्टर कुंदन कुमार, पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल और जिला शिक्षा अधिकारी चंद्रकुमार घृतलहरे स्वयं स्कूल पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने घायल छात्रा के परिवार से भी मुलाकात कर आवश्यक मदद का भरोसा दिलाया। स्कूल प्राचार्य दिलीप ताम्रकार ने बताया कि घटना दोपहर करीब 3:30 बजे की है। छात्रा को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया था और फिर स्थिति गंभीर होने पर बिलासपुर रेफर कर दिया गया। यह घटना न केवल शिक्षा जगत बल्कि जिले की स्कूल सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
मनेंद्रगढ़ में भालू का आतंक, वन विभाग की लापरवाही पर उठे सवाल
डीएफओ मौन, जनता में भय और आक्रोश एमसीबी/मनेंद्रगढ़। शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले दो महीने से एक मादा भालू अपने दो शावकों के साथ लगातार विचरण कर रही है। इससे लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल है। गंभीर समस्या को लेकर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी जिला अध्यक्ष केवल सिंह ने जनदर्शन के माध्यम से कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कठोर कार्यवाही की मांग की है। पूर्व में भालू द्वारा राजस्व विभाग के कर्मचारी पर हमला भी हो चुका है, जिससे स्थिति की गंभीरता स्पष्ट होती है। जनता के आरोप शहरवासियों का कहना है कि वनमंडलाधिकारी मनीष कश्यप की लापरवाह कार्यशैली के कारण आमजन की सुरक्षा खतरे में है। विभागीय अधिकारी मौन साधे बैठे हैं जबकि खतरा हर समय मंडरा रहा है। मुख्य मांगें लापरवाह अधिकारियों को तत्काल हटाया जाए। भालू और उसके शावकों को सुरक्षित पकड़कर वन क्षेत्र में शिफ्ट किया जाए। कार्रवाई न होने पर जनता आंदोलन की राह अपनाएगी। त्योहारों पर बढ़ी चिंता दुर्गा पूजा और दशहरा के अवसर पर लोग देर रात तक मंदिरों और आयोजनों में शामिल होंगे। इस बीच यदि भालू गली-मोहल्लों में पहुंचा तो बड़ी घटना हो सकती है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि ऐसी स्थिति में जिम्मेदारी कौन लेगा? इस समय वन विभाग बंदरों को पकड़कर वाहवाही बटोरने में जुटा है, जबकि भालू के विचरण से जनता त्रस्त है। मनेंद्रगढ़ रेंजर और डीएफओ की चुप्पी से आक्रोश और गहराता जा रहा है।
🏆 नेशनल अवार्ड 2025 : घनश्याम श्रीवास ने रचा इतिहास
नई दिल्ली/बिलासपुर। भारत मंडपम में नेशनल इंटीग्रेटेड फोरम ऑफ आर्टिस्ट्स एंड एक्टिविस्ट्स (NIFA) द्वारा आयोजित सिल्वर जुबली उत्सव (21–24 सितंबर 2025) में बिलासपुर के समाजसेवी घनश्याम श्रीवास को उनकी निस्वार्थ सेवाओं और बहुआयामी सामाजिक कार्यों के लिए नेशनल अवार्ड प्रदान किया गया। इस अवसर पर उन्हें वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ एक्सीलेंस और यंग कम्यूनिटी चैंपियन अवार्ड से भी नवाजा गया। इस भव्य आयोजन में जापान, इंग्लैंड और मॉरीशस सहित कई देशों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इंग्लैंड के राष्ट्रपति हेनरी आर. ने अपने प्रतिनिधि के माध्यम से भारतीय समाजसेवियों को शुभकामनाएँ दीं और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। घनश्याम श्रीवास, सर्व मानव जागृत युवा सेवा समिति के संस्थापक हैं। उनके नेतृत्व में समिति ने रक्तदान शिविर, यातायात जागरूकता, सिकलसेल पीड़ित बच्चों की मदद, वृद्धजन सेवा और गरीब मरीजों को निःशुल्क उपचार जैसी अनेक गतिविधियाँ संचालित की हैं। समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने इस सम्मान पर खुशी जताते हुए कहा कि यह उपलब्धि न केवल श्रीवास का व्यक्तिगत गौरव है बल्कि पूरे समुदाय और युवा समाजसेवियों के लिए प्रेरणा का प्रतीक है।
टैगोर इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी एंड रिसर्च में विश्व फार्मासिस्ट दिवस का भव्य आयोजन
शपथ ग्रहण, प्रेरक उद्बोधन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से गूंजा परिसर भूषण प्रसाद श्रीवास/बिलासपुर (सकरी): टैगोर इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी एंड रिसर्च, सकरी, बिलासपुर में विश्व फार्मासिस्ट दिवस बड़े ही उत्साह और गरिमामयी वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में फार्मासिस्ट की भूमिका, जिम्मेदारियों और योगदान को जन-जन तक पहुँचाना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों के स्वागत एवं दीप प्रज्वलन से हुई। संस्थान के प्राचार्य डॉ. मोहम्मद अख्तर रसूल ने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि “फार्मासिस्ट केवल दवा वितरक नहीं, बल्कि मरीज की उम्मीद, विश्वास और जीवन का प्रहरी है। उसका हर निर्णय किसी की जिंदगी से जुड़ा होता है, इसलिए उसे हमेशा सजग और संवेदनशील रहना चाहिए।” शपथ ग्रहण और गरिमामयी उपस्थिति डॉ. रसूल ने विद्यार्थियों को फार्मासिस्ट के नैतिक कर्तव्यों की शपथ दिलाई। सभागार शपथ ग्रहण की गूंज से गूंज उठा और छात्रों के चेहरे गर्व और जिम्मेदारी से दमकते नजर आए। इस अवसर पर टैगोर ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशन के चेयरमैन दीपक सिंह राजपूत, डायरेक्टर डॉ. सुकांत विश्वकर्मा, रजिस्ट्रार ओमकार देवांगन, टैगोर इंटरनेशनल स्कूल के प्रिंसिपल डॉ. जानकी रंजन दास, उषा देवी मेमोरियल कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. सुलक्षणा वासनिक तथा टैगोर इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के प्रिंसिपल डॉ. रत्नेश सिंह गरिमामयी अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां छात्रों ने भाषण, नुक्कड़ नाटक, गीत-संगीत और नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम को जीवंत बना दिया। नुक्कड़ नाटक में दवाओं के सही उपयोग और फार्मासिस्ट की जिम्मेदारियों का सजीव चित्रण किया गया, जिसने दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया। शिक्षकों का योगदान और छात्रों का संकल्प सहायक प्राध्यापक पवेंद्र कुमार, सुमन राठौर, अमर कुमार, लक्ष्मी साहू, सत्येंद्र प्रधान, प्रीति साहू, दीपक प्रजापति, पंकज मिंज और सौरभ कुमार की सक्रिय भागीदारी से कार्यक्रम सफल रहा। अंत में छात्रों ने संकल्प लिया कि वे न केवल फार्मेसी के क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करेंगे, बल्कि मानवता और सेवा को भी जीवन में सर्वोपरि रखेंगे। धन्यवाद और समापन कार्यक्रम का समापन प्राचार्य डॉ. रसूल के धन्यवाद ज्ञापन के साथ तालियों की गड़गड़ाहट और उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ।
कटघोरा में फायरिंग कांड – तीन आरोपी गिरफ्तार, मुख्य साज़िशकर्ता फरार
✍️ भागीरथी यादव कटघोरा।। कसनिया इलाके में हुई फायरिंग की घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों – दुर्गेश पांडेय, हर्ष सिंह और आशीष जांगड़े को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों को अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। हालांकि, मामले का मुख्य साज़िशकर्ता शक्ति सिंह अब भी फरार है। पुलिस का कहना है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद पूरे षड्यंत्र की परतें खुलेंगी। शूटर का कबूलनामा पुलिस पूछताछ में आरोपी दुर्गेश पांडेय ने कबूल किया कि उसे फायरिंग के लिए 10 हजार रुपये की सुपारी दी गई थी। शुरुआती योजना में तोसीफ मेमन को निशाना बनाना था, लेकिन बाद में सीधे उनके घर पर फायरिंग की गई। वारदात के बाद दुर्गेश मौके से भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन स्थानीय लोगों की सतर्कता से वह पकड़ में आ गया और पुलिस को सौंप दिया गया। परिजनों में दहशत, सुरक्षा की मांग घटना से तोसीफ मेमन और उनका परिवार बेहद डरा और सहमा हुआ है। परिजनों ने लगातार बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रशासन से सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है। हथियार और बाइक जब्त पुलिस ने मौके से खाली खोखे बरामद किए। वहीं आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त बाइक (सोज़ो 12-एम 3082) और कसनिया स्कूल के पास झाड़ियों में छिपाया गया देसी कट्टा भी जब्त किया गया।
दर्री थाना क्षेत्र में गुंडागर्दी उजागर – ट्रक रोककर वसूली, वीडियो आया सामने
✍️ भागीरथी यादव कोरबा/दर्री। दर्री थाना क्षेत्र में गुंडागर्दी और अवैध वसूली का गंभीर मामला सामने आया है। सूत्रों से पता चला है कि असामाजिक तत्व रात के समय ट्रकों को रोककर चालकों से जबरन पैसे वसूल रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में यह पूरी घटना कैद दिखाई दे रही है, जिसमें दबंगई के साथ उगाही करते लोग नजर आ रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि पैसा न देने पर ट्रक चालकों को धमकाया और मारपीट तक की जाती है। इस वजह से परिवहन कारोबारियों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है और क्षेत्र की परिवहन व्यवस्था भी बाधित हो रही है। सूत्रों से यह भी जानकारी मिली है कि प्रभावित चालक और परिवहन संघ इस मामले को लेकर गंभीर चर्चा कर रहे हैं और आगे की रणनीति तय कर रहे हैं।
जनपद पंचायत पोड़ी-उपरोड़ा में भ्रष्टाचार पर आक्रोश
सुशील जायसवाल 15वें वित्त की राशि पर रोक, युवा कांग्रेस ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी कोरबा।दिनांक : 25 सितम्बर 2025 जनपद पंचायत पोड़ी-उपरोड़ा में 15वें वित्त की करोड़ों की राशि में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और गड़बड़ी सामने आने से आक्रोश गहराता जा रहा है। विधानसभा पाली तानाखार युवा कांग्रेस अध्यक्ष अंकित सिंह पाल ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए अनुविभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। युवा कांग्रेस ने आरोप लगाया कि 4 लाख और 8 लाख की राशि में घोटाले की शिकायतें लगातार मीडिया में उजागर हुईं, लेकिन अब तक जिम्मेदारों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। वहीं लाफूगढ़, रावां, कोरबी और पाली क्षेत्र की 15वें वित्त की राशि पर रोक से विकास कार्य पूरी तरह ठप हो गए हैं। इस पूरे मामले पर युवा कांग्रेस ने 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। यदि दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
तान नदी पुल का जर्जर हालत में सुधार – मरम्मत कार्य प्रारंभ, यात्रियों को जल्द मिलेगी राहत
कोरबा/कोरबी-चोटिया: कटघोरा से अंबिकापुर राष्ट्रीय राजमार्ग 130 पर स्थित गुरसिया के तान नदी पुल और आसपास की सड़क की स्थिति को सुधारने के लिए मरम्मत कार्य का प्रारंभ कर दिया गया है। यह कदम स्थानीय यात्रियों और ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। लोक सदन दैनिक समाचार पत्र और अन्य न्यूज़ पोर्टलों में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, पुल पूरी तरह जर्जर और खस्ताहाल हालत में था। पुल की रेलिंग टूटी हुई थी और सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढों के कारण वाहन चालकों तथा स्थानीय लोगों को गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा था। रिपोर्ट प्रकाशित होते ही प्रशासन और संबंधित विभाग सक्रिय हुए और कुछ ही घंटों में मरम्मत कार्य प्रारंभ कर दिया। स्थानीय लोगों ने मीडिया के माध्यम से इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की। लोक सदन न्यूज़ के माध्यम से खबर का असर: मीडिया रिपोर्ट और प्रशासन की तत्पर कार्रवाई ने सड़क और पुल की स्थिति में सुधार की प्रक्रिया को तेज किया। इससे न केवल यात्रियों की यात्रा सुगम होगी, बल्कि क्षेत्र के स्थानीय लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी भी आसान होगी। स्थानीय निवासी बताते हैं कि पुल और सड़क की स्थिति लंबे समय से उनकी चिंता का विषय थी, और इस सक्रियता ने उनकी आशा को फिर से जगा दिया है। प्रशासन ने भी यह सुनिश्चित किया है कि मरम्मत कार्य तेजी से पूर्ण हो और आने वाले समय में ऐसी खतरनाक स्थिति से बचा जा सके। विशेष टिप्पणी: लोक सदन दैनिक समाचार पत्र हमेशा जनता की आवाज़ को प्रमुखता देता है। तान नदी पुल की मरम्मत जैसी घटनाओं को प्रकाश में लाना और प्रशासन को त्वरित कार्रवाई के लिए प्रेरित करना, मीडिया की जिम्मेदारी और प्रभाव को दर्शाता है।
75वें वर्ष का रामलीला अमृत महोत्सव रेलवे क्षेत्र में शुरू
ज्ञान शंकर तिवारी कोरबा- पाली बिलासपुर रेलवे परिक्षेत्र में हिंदुस्तानी सेवा समाज द्वारा आयोजित श्री रामलीला एवं दशहरा उत्सव समिति ने इस वर्ष अपने 75वें वर्ष का भव्य अमृत महोत्सव शुरू किया। विगत 75 वर्षों से निरंतर रामलीला का जीवंत मंचन आयोजित किया जा रहा है। आयोजन समिति के सचिव सी. नवीन कुमार ने बताया कि 75 वर्ष पूर्व रामलीला का मंचन चिमनी की रोशनी में शुरू हुआ था। उस समय बिजली की व्यवस्था नहीं थी, फिर भी कठिन परिस्थितियों में लोगों की धार्मिक आस्था को ध्यान में रखते हुए हिंदुस्तानी सेवा समाज ने रामलीला का मंचन लगातार जारी रखा। आज यह आयोजन नई तकनीकी और रंग-बिरंगी रोशनी के साथ जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, जो भारतीय संस्कृति और परंपरा को जीवित रखने का कार्य कर रहा है। रेलवे क्षेत्र, तोरवा थाने के पास स्थित रामलीला भवन में इस बार भी 11 दिवसीय रामलीला 22 सितंबर से 2 अक्टूबर तक मंचित हो रही है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की जीवनगाथा को रंगमंच पर प्रस्तुत करने के लिए जय श्री बालाजी रामलीला मंच, रानिया (कानपुर, उत्तर प्रदेश) की मंडली आमंत्रित की गई है। महंत श्री राजकुमार शर्मा के नेतृत्व में कुल 18 कलाकार इस मंचन में भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम में नगर के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु और रामलीला प्रेमी बड़ी संख्या में पहुंचे। दर्शकों ने मंचन का आनंद लिया और धर्म, मर्यादा और आदर्श जीवन के संदेश भी ग्रहण किए। अतिथियों में वी. रामा राव, पूर्व पार्षद एवं कोरबा विधानसभा प्रभारी ने आरती में भाग लिया। आयोजन समिति की ओर से अध्यक्ष हिम्मत सिंह भदौरिया, सचिव आर. के. मिश्रा, संयुक्त सचिव सी. नवीन कुमार, कैलाश चंद, पी. के. नागेश, पी. के. यादव, एम. के. झा, स्वरूप और हर्षवर्धन प्रसाद सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
हाथियों का आतंक, स्कूली बच्चे दहशत में
सुशील जायसवाल कोरबा/कोरबी चोटिया: जिले के सरहदी क्षेत्र और पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत तनेरा में पिछले लगभग दो सप्ताह से हाथियों का विचरण जारी है। ग्रामीणों का जीवन मुश्किल हो गया है और स्कूली बच्चों में भी भय व्याप्त है। इस दौरान एक व्यक्ति की हाथियों द्वारा हत्या के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। तनेरा हाई स्कूल और मिडिल स्कूल के लगभग 156 बच्चे 4-5 किलोमीटर दूर के गांवों—सरमा, हरदेवा, सुखरी ताल आदि—से विद्यालय आते हैं। बच्चे हाथियों के डर से शाम ढलने से पहले ही घर लौटने को मजबूर हो रहे हैं। हाई स्कूल तनेरा के प्राचार्य एम. एस. राज ने बताया, “हमारी तिमाही परीक्षाएं 2 बजे खत्म होने के बाद ही बच्चों को घर भेजते हैं, क्योंकि बच्चे हाथियों के डर से स्कूल में रुकना नहीं चाहते। स्कूल के सामने हाथियों का झुंड अक्सर देखा जाता है, जिससे भय और बढ़ जाता है।” — वन विभाग ने उठाए कदम 25 सितंबर को पसान रेंजर मनीष सिंग विद्यालय पहुंचे और बच्चों की सुरक्षा के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बताया कि कल (26 सितंबर) से स्कूली बच्चों के आने-जाने के लिए वाहन सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि किसी प्रकार की अनहोनी न हो। वन विभाग ने यह भी कहा कि हाथियों की निगरानी गजराज दल और वन कर्मचारियों द्वारा लगातार की जा रही है। हालांकि, आज तक हाथी प्रभावित ग्राम—तनेरा, सरमा और अन्य दूरदराज़ के गांवों—में कोई जनप्रतिनिधि या उच्च अधिकारी नहीं पहुंचे हैं, जिससे स्थानीय किसानों और ग्रामीणों में आक्रोश देखा जा रहा है।
















