बिलासपुर: रेत माफिया का दुस्साहस, कार्रवाई करने पहुंचे नायब तहसीलदार पर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश

✍️ भागीरथी यादव     बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में रेत माफिया के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि अब वे प्रशासनिक अधिकारियों की जान लेने से भी नहीं कतरा रहे हैं। ताजा मामला रतनपुर थाना क्षेत्र का है, जहां अवैध रेत उत्खनन रोकने गए नायब तहसीलदार राहुल साहू पर एक ट्रैक्टर चालक ने वाहन चढ़ाने का प्रयास किया। अधिकारी ने मौके पर फुर्ती दिखाते हुए कूदकर अपनी जान बचाई। ​क्या है पूरा मामला? ​रतनपुर क्षेत्र के ग्राम गढ़वट, सरवनदेवरी और खैरखुंडी में लंबे समय से अवैध रेत खनन की शिकायतें मिल रही थीं। रविवार को सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार राहुल साहू कार्रवाई के लिए गढ़वट रेत घाट पहुंचे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने रेत से लदे एक ट्रैक्टर को रोकने का संकेत दिया। ​जान बचाने के लिए कूदना पड़ा अधिकारी को ​प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रैक्टर चालक रितुराज सिंह (निवासी खैरखंडी) ने पकड़े जाने के डर से पहले आधी रेत नदी में ही खाली कर दी। जब नायब तहसीलदार ने उसे रुकने को कहा, तो चालक ने ट्रैक्टर रोकने के बजाय उसकी रफ्तार बढ़ा दी और सीधे अधिकारी की ओर मोड़ दिया। नायब तहसीलदार ने समय रहते सड़क से हटकर अपनी जान बचाई, जिसके बाद आरोपी चालक ट्रैक्टर लेकर बस्ती की ओर फरार हो गया। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 170 के तहत कार्यवाही की गई। आरोपी को बेलतरा तहसीलदार की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे तुरंत जमानत मिल गई। ​रतनपुर थाना प्रभारी नीलेश पांडेय का कहना है कि नायब तहसीलदार की शिकायत पर उचित धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया और कोर्ट में पेश किया गया था।

भोरमदेव के जंगलों में फिर लौटे बाघ: कैमरे में शावकों के साथ दिखे टाइगर, अप्रैल-मई से शुरू होगी सफारी

  कवर्धा (कबीरधाम): वन्यजीव प्रेमियों के लिए कबीरधाम जिले से एक उत्साहजनक खबर सामने आई है। भोरमदेव की सुरम्य पहाड़ियों और सघन जंगलों में एक बार फिर बाघों की मौजूदगी दर्ज की गई है। वन विभाग द्वारा लगाए गए ट्रैप कैमरों में बाघ और उनके शावकों की विचरण करती तस्वीरें कैद हुई हैं, जो यह प्रमाणित करती हैं कि भोरमदेव अभ्यारण्य अब बाघों के संरक्षण के लिए एक सुरक्षित ठिकाना बन चुका है। कुनबा बढ़ने के संकेत, विभाग अलर्ट जंगल में बाघों का शावकों के साथ दिखना इस बात का संकेत है कि यहाँ वन्यजीवों के लिए भोजन और प्राकृतिक वातावरण पूरी तरह अनुकूल है। पगमार्क: प्रभूझोल से लेकर जामुनपानी मार्ग तक बाघों के पैरों के निशान मिले हैं। सुरक्षा: वन्यजीवों के संरक्षण को देखते हुए विभाग ने गश्त बढ़ा दी है, हालांकि उनकी सटीक लोकेशन को सुरक्षा कारणों से गोपनीय रखा गया है। पर्यटकों के लिए खुशखबरी: जल्द शुरू होगी सफारी बाघों की बढ़ती संख्या और अनुकूल परिस्थितियों को देखते हुए वन विभाग अब यहाँ जंगल सफारी शुरू करने की तैयारी में है। संभावित समय: अप्रैल या मई के महीने से इसे आम पर्यटकों के लिए खोला जा सकता है। ऑनलाइन बुकिंग: सफारी के लिए टिकटों की बुकिंग ऑनलाइन उपलब्ध होगी। संचालन: इसका जिम्मा गुजरात की एक अनुभवी प्रोफेशनल कंपनी को सौंपा गया है। इको-टूरिज्म और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा भोरमदेव में बाघों की वापसी छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। इस सफारी के शुरू होने से न केवल प्रदेश में इको-टूरिज्म को नई पहचान मिलेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। यह वन विभाग के संरक्षण प्रयासों की एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।

रायगढ़: पॉश कॉलोनी ‘केलो विहार’ में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, SSP के निर्देश पर पुलिस की बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक

  रायगढ़: संस्कारधानी रायगढ़ के पॉश इलाके में चल रहे अनैतिक देह व्यापार के खिलाफ पुलिस ने कड़ा प्रहार किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह के निर्देश पर चक्रधरनगर पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने केलो विहार स्थित एक मकान में दबिश देकर देह व्यापार गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में गिरोह के दो मुख्य संचालकों को गिरफ्तार किया गया है। सटीक रणनीति और छापेमारी पुलिस को लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि केलो विहार जैसे प्रतिष्ठित इलाके में किराए का मकान लेकर बाहर से महिलाओं को बुलाया जा रहा है और अवैध देह व्यापार का संचालन किया जा रहा है। नेतृत्व: सीएसपी मयंक मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस ने घेराबंदी कर रेड मारी। बरामदगी: मौके से भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री और कई मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। गिरफ्तारी: पुलिस ने दो आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा है जो इस पूरे रैकेट के मास्टरमाइंड बताए जा रहे हैं। कड़ी धाराओं में केस दर्ज पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ चक्रधरनगर थाने में अनैतिक देह व्यापार अधिनियम (PITA Act) की धारा 3, 4 और 5 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सफेदपोशों और बाहरी संपर्कों का खुलासा हो सके। SSP का सख्त संदेश: “अवैध गतिविधियां बर्दाश्त नहीं” इस सफल कार्रवाई के बाद एसएसपी शशि मोहन सिंह ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को अलर्ट मोड पर रहने को कहा है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि: “रायगढ़ जिले में किसी भी तरह का अनैतिक कार्य या अवैध कारोबार फल-फूल नहीं पाएगा। जो भी ऐसे कार्यों में संलिप्त होगा, उस पर कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।” पुलिस की अपील रायगढ़ पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके आस-पास या मोहल्ले में कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे या किराएदारों के चाल-चलन पर संदेह हो, तो तुरंत नजदीकी थाने या साइबर सेल को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी।

हाईटेक चोरी का पर्दाफाश: वॉकी-टॉकी से बात कर 2 घंटे में दो मकान साफ करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के 4 सदस्य गिरफ्तार

✍️ भागीरथी यादव     जगदलपुर (बस्तर): बस्तर पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए एक ऐसे शातिर अंतरराज्यीय चोर गिरोह को दबोचा है, जो मोबाइल के बजाय वॉकी-टॉकी का इस्तेमाल कर पुलिस को चकमा देने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने महज 4 दिनों के भीतर सनसिटी और वृंदावन कॉलोनी में हुई लाखों की चोरी की गुत्थी सुलझाते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया हैWhatsApp-Video-2026-02-01-at-6.39.59-PM-1 मात्र 2 घंटे में दी दो बड़ी वारदातों को अंजाम बीती 29 जनवरी की शाम शातिर चोरों ने शहर के दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में सूने मकानों को निशाना बनाया: कोतवाली क्षेत्र: सनसिटी स्थित एक सूना मकान। बोधघाट क्षेत्र: वृंदावन कॉलोनी स्थित एक सूना मकान। आरोपियों ने इन दोनों जगहों से लाखों रुपये नकद और सोने-चांदी के कीमती आभूषण पार कर दिए थे। पकड़े जाने से बचने के लिए ‘वॉकी-टॉकी’ का सहारा पुलिस की सर्विलांस और लोकेशन ट्रेसिंग से बचने के लिए आरोपियों ने किसी भी मोबाइल फोन का उपयोग नहीं किया। वे आपस में बातचीत के लिए वॉकी-टॉकी का इस्तेमाल कर रहे थे। चोरी करने के बाद आरोपी तुरंत विशाखापट्टनम भाग गए थे। 400 CCTV कैमरों ने खोला राज बस्तर पुलिस ने इस चुनौती को स्वीकार किया और शहर के लगभग 400 CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले। सीसीटीवी की मदद से आरोपियों की पहचान हुई और उनके मूवमेंट पर नजर रखी गई। जब आरोपी विशाखापट्टनम से वापस बस्तर के रास्ते रायपुर भागने की फिराक में थे, तभी पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें जगदलपुर के पास धर दबोचा। गिरफ्तार आरोपियों का विवरण पकड़े गए आरोपी अलग-अलग राज्यों और जिलों से ताल्लुक रखते हैं: अभिषेक खंडारा (पंजाब) विशाल वाल्मीकि (हरियाणा) नरेंद्र सिंह (भिलाई, छत्तीसगढ़) विक्की कुमार वर्मा (दुर्ग, छत्तीसगढ़) पुलिस की अपील: बस्तर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों से बाहर जाते समय सुरक्षा का ध्यान रखें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

नौकरी का झांसा देकर 8 साल तक नाबालिग से गैंगरेप, हाईप्रोफाइल आरोपियों समेत 6 पर केस

✍️ भागीरथी यादव   दुर्ग (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में मानवता को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। एक युवती ने 6 लोगों पर पीडब्ल्यूडी (PWD) विभाग में नौकरी लगाने का झांसा देकर 8 साल तक शारीरिक शोषण और गैंगरेप का आरोप लगाया है। पुलिस ने अब तक इस मामले में 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि 3 अन्य अभी भी फरार हैं। मामले का मुख्य विवरण पीड़िता ने 30 जनवरी को अपनी मां के साथ दुर्ग महिला थाना पहुंचकर आपबीती सुनाई। शिकायत के अनुसार, शोषण का यह सिलसिला अप्रैल 2018 में तब शुरू हुआ जब पीड़िता की उम्र महज 14 साल थी। यह सिलसिला अक्टूबर 2025 तक लगातार चलता रहा। झांसा: आरोपियों ने पीड़िता को सरकारी नौकरी (PWD) दिलाने का लालच दिया था। अवधि: करीब 8 वर्षों तक पीड़िता का मानसिक और शारीरिक शोषण किया गया। आरोपी: कुल 6 नामजद आरोपी हैं, जिनमें से कुछ को ‘हाईप्रोफाइल’ बताया जा रहा है। पुलिसिया कार्रवाई और धाराएं मामले की गंभीरता और पीड़िता के नाबालिग रहते हुए शुरू हुए शोषण को देखते हुए पुलिस ने कड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है: भारतीय न्याय संहिता (BNS): धारा 65(1) और 70(2) (गैंगरेप से संबंधित)। पॉक्सो एक्ट (POCSO): धारा 6 और 12 (नाबालिग के साथ यौन अपराध)। कुल आरोपी 06 गिरफ्तार 03 फरार 03 (तलाश जारी)   पीड़िता ने बताया कि नौकरी न लगने और लगातार हो रहे शोषण से तंग आकर उसने अंततः कानून की शरण लेने का फैसला किया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। फरार लोगों में रसूखदार व्यक्तियों के नाम शामिल होने के कारण यह मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है।  

ऑपरेशन बाज’ के तहत मुंगेली पुलिस की बड़ी सफलता, ट्रैक्टर समेत 7 बाइक बरामद, 4 आरोपी गिरफ्तार

✍️ भागीरथी यादव     मुंगेली जिले में नए पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग के पदभार संभालते ही अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसी कड़ी में मुंगेली पुलिस ने ‘ऑपरेशन बाज’ के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक चोरी हुआ ट्रैक्टर और सात मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक नाबालिग के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई है। यह कार्रवाई 12 जनवरी 2026 को लोरमी थाना क्षेत्र में दर्ज ट्रैक्टर चोरी की रिपोर्ट के बाद की गई। सिद्धी विनायक पेट्रोल पंप के सामने रहने वाले कुंजबिहारी तिवारी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 11-12 जनवरी की रात उनका महिंद्रा युवो 275 डीआई ट्रैक्टर (क्रमांक सीजी 28 के 5178) गायत्री मंदिर, लोरमी के पास से चोरी हो गया है। आईजी के निर्देश पर गठित हुई विशेष टीम बिलासपुर रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग ने चोरी की घटनाओं में शत-प्रतिशत बरामदगी, आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई और रात्रि गश्त बढ़ाने के स्पष्ट निर्देश दिए थे। इन निर्देशों के तहत उप पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह के नेतृत्व में साइबर सेल, थाना लोरमी, कोतवाली और फास्टरपुर की संयुक्त टीम बनाई गई। साइबर इनपुट से खुला पूरा गिरोह जांच के दौरान साइबर सेल को तकनीकी जानकारी और मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम हरदीडीह निवासी दिलेश सप्रे एक पुराना ट्रैक्टर बेचने की कोशिश कर रहा है। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी की वारदातों को अंजाम देने की बात कबूल की। आरोपियों ने बताया कि पहले वे मोटरसाइकिल चोरी करते थे, लेकिन ज्यादा मुनाफे के लालच में ट्रैक्टर चोरी की योजना बनाई। 11 जनवरी की रात आरोपी चोरी की गई बाइकों से लोरमी पहुंचे और गायत्री मंदिर के पास खड़े ट्रैक्टर को नाबालिग की मदद से चालू कर राजपुर ले गए। चोरी का ट्रैक्टर और बाइक बरामद पुलिस ने दिलेश सप्रे की निशानदेही पर पवन जगत और मनीष साहू को भी गिरफ्तार किया। अभियान के दौरान चोरी किया गया ट्रैक्टर और कुल सात मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। नाबालिग आरोपी के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार आरोपी देवप्रसाद बर्मन (35), निवासी हरदीडीह दिलेश सप्रे (22), निवासी हरदीडीह पवन जगत (36), निवासी हरदीडीह मनीष साहू (18), निवासी राजपुर एक नाबालिग जब्त वाहन महिंद्रा युवो 275 डीआई ट्रैक्टर (सीजी 28 के 5178) पैशन प्रो (सीजी 10 ईएल 6748) टीवीएस राइडॉन (सीजी 25 एल 9107) पैशन प्रो (बिना नंबर) हीरो होंडा (सीजी 10 ईई 4203) पैशन प्रो (सीजी 28 बी 9154) प्लेटिना (सीजी 10 ईबी 4083) मुंगेली पुलिस की इस कार्रवाई से वाहन चोर गिरोह पर करारा प्रहार हुआ है और आम नागरिकों में सुरक्षा को लेकर विश्वास बढ़ा है। पुलिस ने आगे भी ऐसे अभियानों को लगातार जारी रखने की बात कही है।

धान टोकन न मिलने से परेशान किसान हाई टेंशन टावर पर चढ़ा, तीन घंटे तक चला ड्रामा

    जांजगीर-चांपा जिले में धान बेचने के लिए टोकन नहीं मिलने से परेशान एक किसान ने शराब के नशे में खतरनाक कदम उठा लिया। ग्राम कसौंदी निवासी किसान अनिल गढ़वाल (35) शनिवार सुबह गांव के पास लगे करीब 120 फीट ऊंचे हाई टेंशन टावर पर चढ़ गया। वह करीब तीन घंटे तक टावर पर बैठा रहा, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। यह मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है। टावर पर चढ़े किसान का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह नीचे उतरने से इनकार करते हुए कहता नजर आ रहा है कि जब तक उसका बचा हुआ धान नहीं बिकेगा, वह नीचे नहीं आएगा। मिली जानकारी के अनुसार, किसान अनिल गढ़वाल के पास लगभग 2.77 एकड़ जमीन है, जिसमें उसने धान की खेती की है। उसने इस खरीफ सीजन में गोद धान मंडी में 29 क्विंटल धान बेच दिया था, लेकिन उतनी ही मात्रा में करीब 150 बोरा धान अब तक नहीं बिक पाया। टोकन नहीं मिलने के कारण वह मानसिक रूप से काफी परेशान था। उस पर करीब डेढ़ लाख रुपये का कर्ज भी बताया जा रहा है। शनिवार सुबह करीब 9 बजे उसने शराब पी और गुस्से में आकर सीधे हाई टेंशन टावर पर चढ़ गया। उसकी आवाज सुनकर गांव के लोग मौके पर पहुंचे और देखते ही देखते वहां भारी भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस और तहसीलदार राजकुमार मरावी प्रशासनिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लगातार किसान को समझाने की कोशिश करते रहे, लेकिन वह नीचे उतरने को तैयार नहीं था। स्थिति को गंभीर देखते हुए नगर सेना (होमगार्ड) की टीम को भी बुलाया गया। सुरक्षा के लिहाज से टावर के नीचे जाली बिछाई गई ताकि किसी भी हादसे से बचा जा सके। काफी मशक्कत और समझाइश के बाद किसान को सुरक्षित नीचे उतारा गया। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर थाने ले गई। मामले की जांच की जा रही है। इस घटना के बाद इलाके में किसानों की समस्याओं और धान खरीदी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।      

गौरवपथ पर दर्दनाक सड़क हादसा, पिता-पुत्र की मौत, दो बच्चियां घायल

    कांकेर – शनिवार को शहर के गौरवपथ पर एक भीषण सड़क दुर्घटना हुई। पंडरीपानी के पास तेज रफ्तार यात्री बस ने बाइक सवार एक परिवार को टक्कर मार दी। हादसे में बाइक चला रहे पिता और उनके छोटे बेटे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो बच्चियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुकेश मंडावी अपनी बाइक से तीन बच्चों के साथ जा रहे थे। जैसे ही वे बाईपास क्षेत्र में अंग्रेजी शराब दुकान के पास पहुंचे, सामने से आ रही एक अनियंत्रित बस ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इस दुर्घटना में मुकेश मंडावी और उनके बेटे खिलेश की घटनास्थल पर ही जान चली गई। वहीं घायल बच्चियों लीशा मंडावी और दुर्गेश्वरी मंडावी को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है और उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। दुर्घटना में शामिल बस को जब्त कर चालक को हिरासत में ले लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। इस हादसे के बाद शहर में लोगों में नाराज़गी देखने को मिल रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शहर के अंदर तेज रफ्तार भारी वाहनों पर नियंत्रण नहीं होने के कारण लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। लोगों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाने की मांग की है। प्रशासन ने वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने और गति सीमा में ही वाहन चलाने की अपील की है।

रिश्तों का खूनी अंत: प्रेमी भांजे ने की मामी की निर्मम हत्या, जन्मदिन के दिन रची मौत की साजिश

✍️ भागीरथी यादव   सूरजपुर। जिसे जन्म-जन्मांतर का पवित्र बंधन कहा जाता है, उसे अवैध संबंधों और शक की आग ने राख कर दिया। सूरजपुर जिले में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ एक युवक ने अपनी ही मामी (जो उसकी प्रेमिका भी थी) की चाकू से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी। रिश्तों को शर्मसार करने वाली इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। विवाद की जड़: अवैध संबंध और सोशल मीडिया का शक घटना की पृष्ठभूमि 9 साल पहले शुरू हुई थी, जब मृतका पिंकी सोलंकी की शादी शिवदास से हुई थी। जीवन सही चल रहा था, लेकिन जब शिवदास का भांजा हेमंत उनके साथ रहने आया, तो पिंकी और हेमंत के बीच नजदीकियां बढ़ गईं। यह रिश्ता इतना गहरा हुआ कि पिंकी अपने पति और बेटी को छोड़कर हेमंत के साथ रहने लगी। लेकिन, इस अवैध रिश्ते में ‘शक’ ने जहर घोल दिया। बताया जा रहा है कि पिंकी की सोशल मीडिया सक्रियता हेमंत को पसंद नहीं थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था, जिसके बाद हेमंत ने पिंकी को रास्ते से हटाने का खौफनाक फैसला लिया। पिकनिक के बहाने ले गया और जंगल में उतारा मौत के घाट पुलिस जांच के अनुसार, हत्या की पटकथा 29 जनवरी को हेमंत के जन्मदिन पर लिखी गई: पार्टी का झांसा: हेमंत पिंकी को जन्मदिन मनाने के बहाने पहले एक होटल ले गया। नशे का सहारा: वहां दोनों ने साथ में शराब पी, ताकि पिंकी बेसुध हो जाए। वारदात: इसके बाद हेमंत उसे पिलखा पहाड़ स्थित मोरभंज पिकनिक स्पॉट के घने जंगलों में ले गया। नृशंस हत्या: सुनसान जगह पाकर हेमंत ने चाकू से पिंकी पर ताबड़तोड़ वार किए और उसे मरणासन्न स्थिति में छोड़कर फरार हो गया। पुलिस की कार्रवाई जयनगर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। संदिग्धों को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद वैधानिक कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा।  

7 दिनों तक मौत से जंग लड़ने के बाद कांग्रेस नेत्री शबाना निशा का निधन, मकान खाली कराने के दौरान लगाई थी आग

  दुर्ग: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक सप्ताह पहले खुद को आग लगाने वाली कांग्रेस नेत्री शबाना निशा (37 वर्ष) की इलाज के दौरान मौत हो गई। रायपुर के डीकेएस (DKS) अस्पताल में सात दिनों तक चले उपचार के बाद शुक्रवार, 30 जनवरी को उन्होंने अंतिम सांस ली। घटना उस वक्त हुई थी जब कोर्ट के आदेश पर पुलिस और प्रशासन की टीम उनका घर खाली कराने पहुंची थी। क्या है पूरा विवाद? यह दुखद घटना 22 जनवरी की है। शबाना निशा सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के पचरीपारा में फेरू राम के मकान में किराए पर रहती थीं। विवाद की मुख्य वजह मकान का स्वामित्व और कब्जा था: मकान खरीदने की इच्छा: बताया जा रहा है कि शबाना उसी मकान को खरीदना चाहती थीं, लेकिन मकान मालिक उसे बेचने को तैयार नहीं था। कानूनी लड़ाई: मकान मालिक शबाना पर घर खाली करने का दबाव बना रहा था और मामला अदालत तक जा पहुँचा था। कोर्ट का आदेश: जिला न्यायालय ने मकान मालिक के पक्ष में फैसला सुनाया, जिसके बाद कोर्ट स्टाफ और पुलिस की टीम कब्जा दिलाने पहुँची थी। 95 प्रतिशत झुलस गई थीं शबाना जब टीम घर खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर रही थी, तभी शबाना निशा ने अंदर जाकर खुद पर मिट्टी का तेल छिड़क कर आग लगा ली। देखते ही देखते वह आग की लपटों में घिर गईं। मौके पर मौजूद पुलिस और परिजनों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने बताया कि वह 95 प्रतिशत तक झुलस चुकी थीं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें गंभीर स्थिति में रायपुर रेफर किया गया था। राजनीतिक परिचय और पुलिस की कार्रवाई शबाना निशा क्षेत्र की सक्रिय राजनीति में शामिल थीं। वह वार्ड क्रमांक 28 (पचरीपारा) से कांग्रेस के टिकट पर पार्षद का चुनाव भी लड़ चुकी थीं। उनकी मृत्यु के बाद परिवार में शोक की लहर है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस का पक्ष: दुर्ग पुलिस के अनुसार, टीम केवल माननीय न्यायालय के आदेश का पालन करने गई थी। इस अप्रत्याशित कदम के बाद पुलिस ने तत्काल सहायता पहुंचाई थी। फिलहाल मर्ग कायम कर मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।

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