चनवारीडांड में शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे और बिक्री का मामला, जांच आदेश के बावजूद कार्रवाई लंबित
✍️ भागीरथी यादव एमसीबी। मनेंद्रगढ़ विकासखंड की ग्राम पंचायत चनवारीडांड में शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे और खरीद–फरोख्त का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि भू-माफियाओं द्वारा कई शासकीय खसरा नंबरों पर कब्जा कर न केवल मकान निर्माण कर लिया गया, बल्कि जमीन के टुकड़ों की अवैध बिक्री भी की गई है। इस संबंध में ग्राम पंचायत चनवारीडांड के पूर्व सरपंच राम सिंह मरावी ने जिला कलेक्टर एमसीबी को लिखित शिकायत सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की थी। आवेदन में बताया गया है कि राजस्व निरीक्षक मंडल मनेन्द्रगढ़ (ग्रामीण) के अंतर्गत आने वाली शासकीय भूमि पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण किया गया है। इन खसरा नंबरों पर अतिक्रमण का आरोप शिकायत के अनुसार, खसरा नंबर 263 (रकबा 0.7000 हेक्टेयर) खसरा नंबर 261 (रकबा 0.2900 हेक्टेयर) खसरा नंबर 250 (रकबा 2.6100 हेक्टेयर) खसरा नंबर 252 (रकबा 0.6100 हेक्टेयर) इन भूमि खंडों पर कहीं अवैध रूप से आवासीय निर्माण कर लिया गया है, तो कहीं जमीन की अवैध खरीद-बिक्री हो चुकी है। इससे शासन को राजस्व नुकसान हो रहा है और ग्रामीणों को शासकीय योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। चार प्रमुख मांगें रखीं पूर्व सरपंच द्वारा दिए गए आवेदन में प्रशासन से राजस्व अमले से मौके पर जांच कराने, अतिक्रमण हटाकर भूमि को शासन के कब्जे में लेने, दोषियों पर सख्त वैधानिक कार्रवाई करने, तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र हितग्राहियों को अतिक्रमण मुक्त शासकीय भूमि उपलब्ध कराने की मांग की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के कई आवेदन केवल भूमि उपलब्ध न होने के कारण निरस्त हो चुके हैं। यदि शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाया जाए तो जरूरतमंद परिवारों को योजना का लाभ मिल सकता है। जांच आदेश के बाद भी प्रगति नहीं पूर्व सरपंच का आवेदन कलेक्टर जनदर्शन में पत्र क्रमांक 2290125001022 के तहत दर्ज किया गया था। प्रशासनिक अभिलेखों के अनुसार यह प्रकरण 23 सितंबर 2025 को तहसीलदार मनेन्द्रगढ़ को जांच हेतु भेजा गया, जिसकी जिम्मेदारी तहसीलदार श्रीकांत पाण्डेय को सौंपी गई थी। इसके बावजूद अब तक न तो स्थल जांच की गई और न ही किसी प्रकार की कार्रवाई सामने आई है। लंबे समय से प्रकरण लंबित रहने के कारण प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में कब ठोस कदम उठाता है या शासकीय भूमि पर अतिक्रमण का यह गंभीर मामला कागजों तक ही सीमित रह जाएगा।
शहीद दिवस पर शराब बिक्री को लेकर कांग्रेस का हमला, पूनम सिंह ने सरकार के फैसले की निंदा की
✍️ भागीरथी यादव एमसीबी। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि एवं शहीद स्मृति दिवस के अवसर पर प्रदेश में शराब दुकानें खुली रखने के निर्णय को लेकर कांग्रेस ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। कांग्रेस नेत्री पूनम सिंह ने इस फैसले को गांधीवादी विचारधारा और देश के शहीदों के सम्मान के विपरीत बताते हुए राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। जारी बयान में पूनम सिंह ने कहा कि 30 जनवरी का दिन वर्षों से पूरे देश में शहीदों को श्रद्धांजलि देने और संयम का संदेश देने के उद्देश्य से शुष्क दिवस के रूप में मनाया जाता रहा है। ऐसे पवित्र दिन पर शराब की बिक्री की अनुमति देना सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय उन आदर्शों के खिलाफ है, जिनके लिए महात्मा गांधी और अन्य शहीदों ने अपना जीवन बलिदान किया। सुशासन के दावों पर सवाल कांग्रेस नेत्री ने कहा कि विष्णुदेव साय सरकार सुशासन के दावे करती है, लेकिन शहीद दिवस पर शराब दुकानें खुली रहना इन दावों पर प्रश्नचिह्न लगाता है। चुनाव के समय शराबबंदी और नैतिक मूल्यों की बात करने वाली भाजपा सरकार ने अपने ही वादों से पीछे हटने का काम किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्व को प्राथमिकता देकर सरकार ने छत्तीसगढ़ की सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं की अनदेखी की है। मनेन्द्रगढ़ सहित पूरे प्रदेश में शराब बिक्री जारी रहना जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। जनता से माफी की मांग पूनम सिंह ने सरकार से मांग की कि वह इस निर्णय के लिए प्रदेश की जनता और गांधीवादी विचारधारा में विश्वास रखने वाले लोगों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगे। उन्होंने कहा कि जनता सरकार के हर फैसले पर नजर रखे हुए है और समय आने पर लोकतांत्रिक तरीके से अपना जवाब देगी।
मुस्कान की नई पहचान बना मनेन्द्रगढ़, श्री राम डेंटल केयर ने रचा इतिहास
✍️ भागीरथी यादव एमसीबी। स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में मनेन्द्रगढ़ लगातार नई उपलब्धियाँ हासिल कर रहा है। इसी कड़ी में शहर का श्री राम डेंटल केयर एंड इंप्लांट सेंटर अब आधुनिक दंत चिकित्सा का भरोसेमंद केंद्र बनकर उभरा है। अत्याधुनिक तकनीक और अनुभवी चिकित्सकों के नेतृत्व में इस सेंटर ने अब तक 200 से अधिक सफल डेंटल इंप्लांट्स कर क्षेत्र के लोगों का विश्वास जीत लिया है। डॉ. आयुष सिंह और डॉ. नमिता के कुशल मार्गदर्शन में संचालित यह सेंटर उन मरीजों के लिए राहत का केंद्र साबित हो रहा है, जिन्हें पहले बेहतर इलाज के लिए रायपुर, बिलासपुर या नागपुर जैसे बड़े शहरों की ओर रुख करना पड़ता था। अब वही सुविधाएं मनेन्द्रगढ़ में ही उपलब्ध हैं। जिले का एकमात्र 3D स्कैन (CBCT) सेंटर श्री राम डेंटल केयर की सबसे बड़ी विशेषता है जिले की पहली और एकमात्र CBCT (3D CT Scan) मशीन। यह तकनीक दांतों, जबड़े और नसों की सटीक स्थिति को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, जहां सामान्य एक्स-रे सीमित जानकारी देता है, वहीं 3D स्कैन से बीमारी की गहराई तक सही निदान संभव होता है, जिससे सर्जरी पूरी तरह सुरक्षित बन जाती है। माइक्रोस्कोपिक RCT से बढ़ी इलाज की सफलता रूट कैनाल ट्रीटमेंट को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सेंटर में एडवांस माइक्रोस्कोपिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। सूक्ष्मदर्शी की सहायता से दांत की बेहद बारीक नसों को देखकर उनका उपचार किया जाता है, जिससे इलाज की सफलता दर बढ़ी है और दांत लंबे समय तक सुरक्षित रहता है। 200 से अधिक सफल इंप्लांट्स कम समय में 200 से अधिक सफल डेंटल इंप्लांट्स कर श्री राम डेंटल केयर ने क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। आधुनिक डिजिटल इंप्लांट तकनीक के कारण मरीजों को अब कम दर्द, कम समय और बेहतर परिणाम मिल रहे हैं। संचालकों का बयान डॉ. आयुष सिंह और डॉ. नमिता ने बताया, “हमारा उद्देश्य है कि क्षेत्र के मरीजों को वही अत्याधुनिक तकनीक उपलब्ध कराई जाए, जो अब तक केवल बड़े शहरों तक सीमित थी। 3D स्कैन और माइक्रोस्कोपिक तकनीक के जरिए हम इलाज की गुणवत्ता और सटीकता को नए स्तर तक ले जा सके हैं।” प्रमुख सुविधाएं जिले का इकलौता 3D CBCT स्कैन सेंटर दर्दरहित और सुरक्षित डिजिटल डेंटल इंप्लांट्स माइक्रोस्कोपिक तकनीक से जड़ों का सटीक उपचार समय और खर्च की बचत, इलाज अब स्थानीय स्तर पर उपलब्ध
शादी का झांसा, फिर रेप और मजबूरी में मातृत्व; कोर्ट ने दोषी को सुनाई 20 साल की कड़ी सजा
बालोद: प्यार का झांसा देकर नाबालिग की अस्मत से खेलने वाले आरोपी जागेश्वर गंडावी (21 वर्ष) को अदालत ने उम्रकैद के समान कठोर सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कृष्ण कुमार सूर्यवंशी की कोर्ट ने आरोपी को 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाते हुए समाज में कड़ा संदेश दिया है। मामले की गंभीरता: आरोपी ने शादी का झांसा देकर साल 2023 से नाबालिग के साथ लगातार दुष्कर्म किया। मामला तब उजागर हुआ जब अगस्त 2024 में पीड़िता ने एक बच्चे को जन्म दिया। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की। लोक अभियोजक बसंत कुमार देशमुख की प्रभावी पैरवी के चलते आरोपी को कड़ी सजा और अर्थदंड से दंडित किया गया है।
कवर्धा: महिला कांग्रेस की पूर्व जिलाध्यक्ष पर भाई ने किया जानलेवा हमला, हालत गंभीर
✍️ भागीरथी यादव कवर्धा (कबीरधाम): छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां महिला कांग्रेस की पूर्व जिलाध्यक्ष गंगोत्री योगी पर उनके सगे बड़े भाई ने जानलेवा हमला कर दिया। आरोपी भाई ने सब्जी काटने वाले हंसिया (सिकल) से उन पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई हैं। फिलहाल, उन्हें इलाज के लिए शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। विवाद सुलझाने के दौरान हुआ हमला पुलिस के अनुसार, यह घटना 27 जनवरी की शाम पिपरिया थाना क्षेत्र के ग्राम मोहगांव की है। गंगोत्री योगी एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने अपने बड़े भाई नेम नाथ योगी के घर गई थीं। वहां नेम नाथ अपनी पत्नी के साथ मारपीट कर रहा था। जब गंगोत्री ने बीच-बचाव कर झगड़ा शांत कराने की कोशिश की, तो आरोपी भाई ने गुस्से में आकर उन पर हंसिया से हमला कर दिया। सिर और चेहरे पर आईं गंभीर चोटें इस हमले में गंगोत्री योगी के सिर, चेहरे, हाथ और पीठ पर गहरे जख्म आए हैं। अधिक खून बह जाने के कारण वह बेहोश हो गई थीं। परिजनों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा है। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस की कार्रवाई पिपरिया थाना पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर आरोपी नेम नाथ योगी के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। थाना प्रभारी अमित कश्यप ने बताया कि आरोपी की तलाश के लिए दबिश दी जा रही है और उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
राजिम कुंभ कल्प 2026: तैयारियों की समीक्षा, मांस-मछली और मदिरा बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध
✍️ भागीरथी यादव गरियाबंद। राजिम कुंभ कल्प 2026 की तैयारियों को लेकर राजिम के नए मेला मैदान में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने की। इस दौरान उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुंभ कल्प की तैयारियां 30 जनवरी तक हर हाल में पूरी की जाएं। बैठक में कलेक्टर बीएस उइके, पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर, जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री अग्रवाल ने बताया कि 1 फरवरी से 15 फरवरी तक राजिम कुंभ कल्प का आयोजन होगा, जिसमें शुभारंभ अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका सहित कई मंत्री शामिल होंगे। मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कुंभ कल्प अवधि के दौरान राजिम नगरी और आसपास के क्षेत्रों में मांस, मछली और मदिरा की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने विद्युत विभाग को निर्बाध बिजली आपूर्ति, परिवहन विभाग को रात में भी बस संचालन सुनिश्चित करने, स्वास्थ्य विभाग को मौके पर त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही पुलिस और परिवहन विभाग को लगातार सड़क गश्त और यातायात व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखने को कहा गया। खाद्य विभाग को समय पर खाद्यान्न, विशेषकर चावल का आबंटन करने और श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त दाल-भात केंद्र संचालित करने के निर्देश दिए गए। शाही स्नान के दौरान नदी तट पर सुरक्षित बैरिकेटिंग, भीड़ नियंत्रण और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। इसके अलावा, दुर्घटनाओं की स्थिति में क्रेन, फायर ब्रिगेड और अन्य आपात संसाधन तैयार रखने, मेला परिसर में नियमित साफ-सफाई और कचरा निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। व्यापारिक प्रतिष्ठानों में रेट लिस्ट और फ्लैक्स बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाने को भी कहा गया। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि पिछली बार की कमियों को इस बार दूर किया जाएगा और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने दूरसंचार कंपनियों को मोबाइल नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने और धर्मशालाओं की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। अंत में मंत्री ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प प्रदेश की आस्था, संस्कृति और परंपरा का प्रतीक महापर्व है, इसलिए सभी विभाग पूरी जिम्मेदारी और समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि आयोजन भव्य, सुरक्षित और ऐतिहासिक रूप से सफल हो सके।
भूपेश बघेल के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने वाला आरोपी गिरफ्तार
✍️ भागीरथी यादव पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा और गाली-गलौज करने के मामले में रायपुर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की गिरफ्तारी भिलाई से की गई है। यह मामला रायपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार आरोपी का नाम अमित सेन है, जिसने सोशल मीडिया पर भूपेश बघेल के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए पोस्ट और वीडियो साझा किए थे। NSUI की शिकायत पर हुई कार्रवाई इस मामले को लेकर NSUI ने कड़ा विरोध दर्ज कराया था। कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो और पोस्ट में भूपेश बघेल के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया था। इसके बाद 27 जनवरी को NSUI अध्यक्ष शान्तनु झा के नेतृत्व में संगठन के कार्यकर्ता और प्रदेश पदाधिकारी सिविल लाइन थाना पहुंचे और लिखित शिकायत सौंपते हुए आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की। भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में केस दर्ज पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी अमित सेन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196, 352, 353(2) और 356 के तहत मामला दर्ज किया। इसके बाद पुलिस ने गुरुवार 29 जनवरी को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने की गिरफ्तारी की पुष्टि आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि सहायक पुलिस आयुक्त रमाकांत साहू ने की है। वहीं NSUI ने थाना प्रभारी दीपक पासवान को ज्ञापन सौंपकर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। संगठन के प्रदर्शन के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्ता री की।
40 करोड़ की सड़क पर दरारें, सिस्टम पर सवाल
✍️ भागीरथी यादव साजापहाड़ पुल निर्माण में गंभीर खामियां, घटिया निर्माण का खेल उजागर एमसीबी / साजापहाड़। मनेंद्रगढ़–चिरमिरी को जोड़ने वाली साजापहाड़–चैनपुर मुख्य सड़क और पुल निर्माण कार्य में सामने आई भारी अनियमितताओं ने जिले में हो रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। करीब 40.56 करोड़ रुपये की लागत से बन रही इस सड़क का निर्माण अभी पूरा भी नहीं हुआ है, लेकिन पुल में दरारें पड़ना शुरू हो चुकी हैं। यह वही सड़क है, जिससे हजारों लोग रोजाना सफर करते हैं। निर्माण की शुरुआती अवस्था में ही पुल की हालत देखकर स्थानीय नागरिकों में डर और आक्रोश दोनों हैं। निर्माण अधूरा, भरोसा टूटा 17.40 किलोमीटर लंबी साजापहाड़–चैनपुर सड़क के चौड़ीकरण का कार्य जून 2025 में शुरू हुआ था। चैनपुर से लेकर चिरमिरी के पंडित दीनदयाल चौक तक सड़क और पुल निर्माण किया जा रहा है। स्थानीय लोगों और तकनीकी जानकारों का आरोप है कि सड़क की बेस लेयर में मानकों को ताक पर रखकर जंगल और पहाड़ी मिट्टी सीधे भराई में इस्तेमाल की जा रही है, जिससे सड़क की नींव बेहद कमजोर हो गई है। लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह काम चलता रहा तो बरसात में सड़क और पुल ध्वस्त होना तय है, जिससे बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। ठेकेदार की चुप्पी, सवालों की गूंज स्थानीय नागरिकों के अनुसार इस निर्माण कार्य की जिम्मेदारी सूरजपुर निवासी ठेकेदार अमित गोयल के पास है। जब उनसे इस विषय में संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। ठेकेदार की यह चुप्पी अपने आप में निर्माण की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। पीएमजीएसवाई सड़क: 10 दिन में उखड़ गई 1.68 करोड़ की सड़क इसी जिले के ग्राम पंचायत बौरीडांड में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 1.68 करोड़ रुपये की लागत से बनी 3.50 किलोमीटर लंबी ग्रामीण सड़क कुछ ही दिनों में बदहाल हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य की जिम्मेदारी ठेकेदार बालमुकुंद खेड़िया के पास थी। शुरुआत से ही घटिया सामग्री और कमजोर बेस को लेकर शिकायतें होती रहीं, लेकिन न ठेकेदार ने ध्यान दिया और न ही विभाग ने समय रहते कार्रवाई की। हैरानी की बात यह है कि मामला उजागर होने के 10 दिन बाद भी न मरम्मत शुरू हुई और न किसी जिम्मेदार पर कार्रवाई हुई। जनता के टैक्स की लूट किसके संरक्षण में? यह मामला सिर्फ सड़क और पुल का नहीं, बल्कि जनता के टैक्स से जुटाई गई गाढ़ी कमाई के खुले दुरुपयोग का है। ईमानदार शासन की छवि वाली विष्णु देव साय सरकार को ऐसे ठेकेदार और लापरवाह अधिकारी बदनाम करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। अब सवाल सीधे और साफ हैं— घटिया निर्माण के लिए जिम्मेदार ठेकेदारों पर कार्रवाई कब होगी? निर्माण कार्यों की स्वतंत्र तकनीकी जांच क्यों नहीं कराई जा रही? क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? जनता की मांग ✔ सभी सड़क और पुल निर्माण कार्यों की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए। ✔ दोषी ठेकेदारों और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो। ✔ जनता के पैसे को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ने से रोका जाए। अब नजरें प्रशासन पर टिकी हैं। विभागीय अधिकारियों से जल्द मुलाकात कर उनका पक्ष भी लिया जाएगा, जिसे आगामी समाचारों में प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
कोरबा में निर्माणाधीन रेल परियोजना पर बड़ा हमला, लाखों रुपए का लोहा चोरी
✍️ भागीरथी यादव कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में कबाड़ माफिया के हौसले इतने बढ़ गए हैं कि अब वे सीधे रेलवे परियोजनाओं को निशाना बना रहे हैं। कुसमुंडा से जटगा के बीच निर्माणाधीन रेल लाइन से चोरों ने रेल पटरी और भारी लोहे की प्लेटें काटकर चोरी कर लीं। इस चोरी में करीब 2 करोड़ रुपये के लोहे के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, गेवरा–पेंड्रा नई रेल लाइन परियोजना के तहत उरगा से पेंड्रा तक लगभग 140 किलोमीटर लंबी रेल लाइन का निर्माण कार्य चल रहा है। इस परियोजना का ठेका शिवाकृति प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को दिया गया है। इसी दौरान कुसमुंडा से कुचेना-जटगा के बीच लगभग 60 से 65 किलोमीटर क्षेत्र में रेल पटरी और लोहे की प्लेटें गायब पाई गईं। यह मामला बांकी मोंगरा और कटघोरा थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। जब कंपनी के कर्मचारियों ने साइट का निरीक्षण किया, तब चोरी का खुलासा हुआ। इसके बाद कंपनी प्रबंधन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। सूचना मिलते ही पुलिस और रेलवे विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में कबाड़ माफिया की संलिप्तता की आशंका जताई जा रही है। इस घटना ने न सिर्फ रेलवे परियोजना की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि प्रशासन के लिए भी एक बड़ी चुनौती बन गई है।
राज्य पुलिस सेवा में बड़ा बदलाव — छत्तीसगढ़ पुलिस में 16 अधिकारियों के तबादले आदेश जारी
रायपुर — छत्तीसगढ़ सरकार ने पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए राज्य पुलिस सेवा (SPS) के 16 अधिकारियों के तबादले किए हैं। इस फेरबदल के तहत कई जिलों के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) रैंक के अधिकारियों को नई ज़िम्मेदारियाँ दी गई हैं। गृह (पुलिस) विभाग ने राज्य पुलिस सेवा के 16 SPS अधिकारियों का तबादला आदेश जारी किया है। इन अधिकारियों के रोटेशन से कई जिलों में एएसपी स्तर पर बदलाव हुआ है। आदेश पुलिस मुख्यालय, रायपुर से जारी किया गया है।
















