खैरागढ़ हत्याकांड: शादी का दबाव बना रही प्रेमिका की पत्थर से कुचलकर हत्या, लाश को पत्थर से बांध डैम में फेंका
✍️ भागीरथी यादव खैरागढ़। छत्तीसगढ़ के नवगठित खैरागढ़ जिले के ठेलकाडीह थाना क्षेत्र से दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। एक सिरफिरे प्रेमी ने अपनी प्रेमिका की न केवल बेरहमी से हत्या की, बल्कि उसकी पहचान मिटाने और पकड़े जाने के डर से लाश को पत्थर से बांधकर डैम की गहराइयों में धकेल दिया। पुलिस ने आरोपी बॉयफ्रेंड आनंद वर्मा को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। मेले की दोस्ती का खूनी अंत पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी आनंद वर्मा (21), जो मेलों में झूला चलाने का काम करता है, उसकी मुलाकात तीन साल पहले भिलाई की रूपा साहू (21) से हुई थी। दोस्ती प्यार में बदली और बात शादी तक पहुंच गई। रूपा लगातार शादी का दबाव बना रही थी, जबकि आनंद इस जिम्मेदारी से पीछा छुड़ाना चाहता था। वारदात का पूरा घटनाक्रम अंतिम मुलाकात: 25 जनवरी को रूपा भिलाई से हड़वा गांव (आनंद के घर) पहुंची थी। डैम पर विवाद: शाम को आनंद उसे बाइक पर बैठाकर हड़वा डैम ले गया। वहां शारीरिक संबंध बनाने के बाद रूपा ने फिर से शादी की बात छेड़ी। क्रूरता की हदें: विवाद इतना बढ़ा कि आनंद ने पास पड़े भारी पत्थर से रूपा के सिर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। रूपा के बेहोश होने के बाद भी वह तब तक पत्थर बरसाता रहा जब तक उसकी मौत नहीं हो गई। सबूत मिटाने की कोशिश: पकड़े जाने के डर से आरोपी ने रूपा की कमर को दो गमछों के सहारे एक भारी पत्थर से बांधा और उसे डैम के पानी में फेंक दिया ताकि लाश ऊपर न आ सके। आधार कार्ड और चप्पल ने खोला राज 26 जनवरी को डैम में शव तैरता देख इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस को मौके से कुछ दूरी पर एक कैरी बैग मिला, जिसमें रखे आधार कार्ड और अस्पताल के दस्तावेजों की मदद से मृतिका की पहचान रूपा साहू के रूप में हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पुष्टि की कि मौत सिर पर गंभीर चोट लगने और अधिक खून बहने की वजह से हुई है। “आरोपी ने पहले पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।”
छत्तीसगढ़ पुलिस प्रशासन में बड़ा फेरबदल
✍️ भागीरथी यादव 3 एडिशनल एसपी और 3 डीएसपी के तबादले, गृह विभाग ने जारी किया आदेश रायपुर, 27 जनवरी। छत्तीसगढ़ सरकार ने पुलिस प्रशासन में सख्ती और कार्यकुशलता को बढ़ाने के उद्देश्य से बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार राज्य पुलिस सेवा के 6 अधिकारियों का तबादला किया गया है। इस सूची में 3 एडिशनल पुलिस अधीक्षक (ASP) और 3 उप पुलिस अधीक्षक (DSP) शामिल हैं। सरकार ने इन अधिकारियों को नई जिम्मेदारियों के साथ अलग-अलग जिलों और पदस्थानों पर नियुक्त किया है। बताया जा रहा है कि यह तबादला प्रशासनिक संतुलन बनाए रखने और कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के दृष्टिकोण से किया गया है। गृह विभाग के आदेश के बाद संबंधित अधिकारियों को शीघ्र ही अपने नए पदस्थानों पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। माना जा रहा है कि इस बदलाव से जमीनी स्तर पर पुलिसिंग और प्रशासनिक कार्यप्रणाली में गति आएगी। सूत्रों के अनुसार आने वाले दिनों में पुलिस विभाग में और भी तबादले हो सकते हैं।
राजधानी में पुलिस का विशेष अभियान: 9 थाना क्षेत्रों के बदमाशों की हुई ‘हाजिरी’, 39 अपराधी सीधे कोर्ट में पेश
पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर रायपुर पश्चिम क्षेत्र में बदमाशों पर नकेल कसने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। एडिशनल डीसीपी राहुल देव शर्मा और डीसीपी संदीप कुमार पटेल की मौजूदगी में अमानाका से लेकर टिकरापारा तक के अपराधियों का ‘हिस्ट्रीशीट’ खंगाला गया। कार्रवाई केवल चेतावनी तक सीमित नहीं रही, बल्कि 39 आदतन अपराधियों के खिलाफ तत्काल प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें एसडीएम न्यायालय में पेश किया गया।
मनेन्द्रगढ़ में 117 छात्राओं को निःशुल्क साइकिल वितरित, बालिका शिक्षा को नई राह
✍️ भागीरथी यादव मनेन्द्रगढ़। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी सरस्वती साइकिल योजना के तहत शासकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय मनेन्द्रगढ़ में कुल 117 छात्राओं को निःशुल्क साइकिल प्रदान की गई। इस कदम से न केवल छात्राओं की शिक्षा तक पहुंच आसान होगी, बल्कि नियमित विद्यालय उपस्थिति में भी बढ़ोतरी की उम्मीद है। कार्यक्रम में नगरपालिका अध्यक्ष प्रतिमा यादव ने योजना को बालिकाओं की शिक्षा के लिए बेहद उपयोगी बताते हुए कहा कि यह कदम उनके लिए सुरक्षित और सुलभ परिवहन सुनिश्चित करेगा। वहीं, उपाध्यक्ष धर्मेंद्र पटवा ने छात्राओं से साइकिल का सही उपयोग करने और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की। विधायक प्रतिनिधि सरजू यादव ने छत्तीसगढ़ शासन की शिक्षा प्रोत्साहन योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए अधिक से अधिक छात्राओं को लाभान्वित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। शाला विकास एवं प्रबंधन समिति की अध्यक्ष अनुपमा निशी ने छात्राओं को निरंतर अध्ययन जारी रखने और अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहने के लिए प्रेरित किया। विकास खंड शिक्षा अधिकारी विपिन कुमार पाण्डेय ने योजना के उद्देश्य और लाभों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पहल बालिका शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम में पार्षद इमरान खान, जमील शाह, माया सोनकर, जनार्दन केवट, कपिल निशी, सुमित जायसवाल, दिलेश्वर बड़ा, अल्का चौहथा, रेणुका यादव, नोडल अधिकारी मनीष यादव, टी. विजय गोपाल राव (व्याख्याता), प्राचार्य अर्चना वैष्णव, स्टाफ और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इस योजना के तहत छात्राओं को निःशुल्क साइकिल मिलने से न केवल उनका स्कूल आना-जाना आसान होगा, बल्कि यह बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने और समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में भी एक मजबूत कदम साबित होगा।
अंबिकापुर में प्रेस लिखे वाहन से शराब तस्करी, पत्रकारिता की आड़ में अवैध कारोबार पर उठे सवाल
✍️ भागीरथी यादव अंबिकापुर। एमसीबी क्षेत्र में बीते शनिवार आबकारी विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रेस लिखे एक लग्जरी इनोवा वाहन से अंतर्राज्यीय अंग्रेजी शराब बरामद की। वाहन सवार आरोपी के कब्जे से गोवा निर्मित 15 पेटी, लगभग 135 लीटर शराब जब्त हुई, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग एक लाख रुपये बताई जा रही है। इस मामले ने मनेद्रगढ़, चिरमिरी, भरतपुर, जनकपुर सहित पूरे क्षेत्र में चर्चा का बाजार गर्म कर दिया है। सवाल उठ रहा है कि कैसे कुछ लोग प्रेस लिखे वाहनों का दुरुपयोग कर खुद को पत्रकार बताकर अवैध कारोबार को अंजाम दे रहे हैं। विशेषज्ञों और स्थानीय पत्रकारों का कहना है कि ऐसे कृत्य न सिर्फ कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि निष्पक्ष पत्रकारिता की छवि को भी धूमिल कर रहे हैं। अंबिकापुर की इस घटना ने प्रशासन और पुलिस के लिए गंभीर चुनौती पेश कर दी है। यह जांच का विषय है कि प्रेस लिखी गाड़ी आरोपी की स्वयं की थी या किसी अन्य की, और इसका असली उद्देश्य क्या था। विशेषज्ञों का कहना है कि अब यह जिला प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि प्रेस वाहन चलाने वालों से पहचान पत्र और मीडिया संस्थान से संबंध की पुष्टि की जाए, ताकि कोई भी गलत तरीके से पत्रकारिता की आड़ में गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम न दे सके। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, नशीले इंजेक्शन और अन्य अवैध कारोबार में भी कुछ कथित पत्रकारों की मिलीभगत की चर्चाएं सामने आ रही हैं। स्थानीय पत्रकार संगठन ने प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग की है, ताकि असली पत्रकारिता को बदनाम करने वाले गिरफ्तार हों और कानून का राज स्थापित हो। अवैध शराब और नशीले पदार्थों के कारोबार में प्रेस वाहन की भूमिका सामने आने के बाद क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी के उपायों को और कड़ा करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
रायगढ़ में छात्रों का उग्र प्रदर्शन: शिक्षकों को हटाने के आदेश के विरोध में ओडिशा–रायगढ़ मार्ग किया जाम
✍️ भागीरथी यादव रायगढ़। जिले के गढ़उमरिया स्थित शासकीय प्रयास आवासीय विद्यालय में उस समय हड़कंप मच गया, जब छात्रों ने स्कूल प्रबंधन के फैसले के विरोध में ओडिशा–रायगढ़ मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। नवपदस्थ प्राचार्य द्वारा शिक्षकों को हटाने के आदेश से नाराज छात्र-छात्राएं मंगलवार सुबह सड़क पर उतर आए और जमकर नारेबाजी की। छात्रों का आरोप है कि नए प्राचार्य ने बिना किसी स्पष्ट जानकारी के उनसे हस्ताक्षर कराए और उन्हीं हस्ताक्षरों का उपयोग शिक्षकों को हटाने के लिए किया जा रहा है। छात्रों ने इसे फर्जी और मनमाना कदम बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया। शिक्षकों से भावनात्मक जुड़ाव, भविष्य को बताया खतरे में प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कहा कि वे अपने शिक्षकों से भावनात्मक रूप से जुड़े हुए हैं और अचानक शिक्षकों को हटाना उनकी पढ़ाई और भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ है। छात्रों का कहना था कि किसी भी निर्णय से पहले उन्हें विश्वास में नहीं लिया गया, जिससे उनमें आक्रोश है। प्रशासन मौके पर, SDM के आश्वासन के बाद शांत हुआ मामला चक्काजाम की सूचना मिलते ही एसडीएम महेश शर्मा सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्रों से बातचीत की। काफी समझाइश के बाद एसडीएम ने आश्वासन दिया कि फिलहाल किसी भी शिक्षक को नहीं हटाया जाएगा। इस भरोसे के बाद करीब डेढ़ घंटे बाद छात्रों ने अपना आंदोलन समाप्त किया। यातायात हुआ बाधित, वाहनों की लगी लंबी कतार गढ़उमरिया मार्ग ओडिशा को जोड़ने वाला प्रमुख सड़क मार्ग है, जिस पर दिनभर हजारों वाहन गुजरते हैं। चक्काजाम के चलते ओडिशा की ओर जाने वाले मार्ग पर छोटी-बड़ी वाहनों की लंबी कतार लग गई। आंदोलन समाप्त होने के बाद ही यातायात व्यवस्था सामान्य हो सकी।
बिलासपुर में रिश्तों का कत्ल: सगे मामा ने जीते-जी जीजा को कागज़ों में मरा दिखाकर बच्चों की करोड़ों की जमीन बेच डाली
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां लालच ने इंसानियत और खून के रिश्तों को कुचल दिया। यहां एक सगे मामा ने अपने ही तीन नाबालिग भांजे-भांजियों की करोड़ों रुपये की जमीन हड़पने के लिए अपने जीवित जीजा को सरकारी कागज़ों में मृत घोषित करा दिया। मामला सकरी थाना क्षेत्र का है, जहां रायगढ़ निवासी मनीष कुमार शुक्ला के तीन नाबालिग बच्चों — शौर्य, परिनिधि और प्रतिभा — के नाम खसरा नंबर 258 की बहुमूल्य जमीन दर्ज थी। इसी जमीन पर नजर गड़ाए बैठा था बच्चों का सगा मामा अखिलेश पांडेय, जो जांजगीर-चांपा का निवासी है। फर्जी मौत का खेल, सिस्टम पर भी सवाल आरोपी अखिलेश पांडेय ने अपने सहयोगी अनुराग और अभिषेक पांडेय के साथ मिलकर एक खौफनाक साजिश रची। मनीष शुक्ला को मृत बताकर फर्जी शपथ पत्र तैयार किए गए और 9 अक्टूबर 2023 को धोखाधड़ी से जमीन की रजिस्ट्री करा दी गई। चौंकाने वाली बात यह रही कि रजिस्ट्री और राजस्व विभाग ने बिना किसी ठोस सत्यापन के एक जीवित व्यक्ति को मृत मान लिया। न्याय के लिए पिता की जंग पीड़ित मनीष शुक्ला पिछले एक महीने से थानों और दफ्तरों के चक्कर काट रहे थे। आखिरकार उनकी शिकायत पर सकरी पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए IPC की धारा 420, 467, 468, 471 और 34 के तहत अपराध दर्ज किया। मुख्य आरोपी गिरफ्तार, जांच का दायरा बढ़ा पुलिस ने मुख्य आरोपी अखिलेश पांडेय को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। वहीं, अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। सूत्रों के मुताबिक, जांच की आंच अब राजस्व विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों तक भी पहुंच सकती है। जनता के लिए बड़ा संदेश यह मामला सिर्फ एक जमीन घोटाले का नहीं, बल्कि सिस्टम में मौजूद खामियों और रिश्तों में घुल चुके लालच की भयावह तस्वीर है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने न सिर्फ पीड़ित परिवार को राहत दी है, बल्कि आम जनता में कानून और न्याय व्यवस्था के प्रति भरोसा भी मजबूत किया है।
ज्वेलर्स दुकान में लाखों की चोरी का खुलासा: 24 घंटे में चार शातिर चोर गिरफ्तार, कई वारदातों से उठा पर्दा
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में पुलिस ने चोरी की एक बड़ी वारदात का तेज़ी से खुलासा करते हुए उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। मंगला क्षेत्र स्थित एक ज्वेलर्स दुकान में हुई लाखों की चोरी के मामले में सिविल लाइन थाना पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में आरोपियों ने शहर में तीन अन्य चोरी की घटनाओं को भी अंजाम देना स्वीकार किया है। दरअसल, 25 जनवरी को मंगला इलाके की मां ज्वेलर्स दुकान में चोरी की बड़ी घटना सामने आई थी। चोरों ने दुकान का ताला तोड़कर करीब एक किलो चांदी और सोने के जेवरात, जिसकी अनुमानित कीमत 3 लाख 75 हजार रुपये बताई जा रही है, पर हाथ साफ कर दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की। लगातार दबिश और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सोनू उर्फ शिवा सूर्यवंशी, राहुल सूर्यवंशी, आदित्य सूर्यवंशी और नंद कुमार केंवट के रूप में हुई है। सभी आरोपी 19 से 20 वर्ष की उम्र के हैं और मंगला क्षेत्र के ही निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने मंगला क्षेत्र में 40 हजार रुपये, कुदुदंड इलाके में 11 हजार रुपये और मैत्री विहार कॉलोनी में 3 हजार रुपये की चोरी की वारदातों को अंजाम देना कबूल किया है। इन सभी मामलों में चोरी गए नकद और सामान की बरामदगी की कार्रवाई जारी है। इस पूरे मामले पर जानकारी देते हुए एएसपी सिटी पंकज कुमार पटेल ने बताया कि आरोपी आमतौर पर सूने मकानों और दुकानों को निशाना बनाते थे। वे रात के अंधेरे में या दिन के समय ताले तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। फिलहाल आरोपियों से अन्य संभावित चोरी की घटनाओं को लेकर भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस त्वरित कार्रवाई से पुलिस ने न सिर्फ एक बड़ी चोरी का पर्दाफाश किया है, बल्कि शहर में सक्रिय चोरी के गिरोह पर भी करारा प्रहार किया है।
रायगढ़ में हैवानियत: नाबालिग छात्रा का चाकू की नोक पर अपहरण, पुलिस ने आरोपी को दबोचा
✍️ भागीरथी यादव रायगढ़। जिले में बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर रायगढ़ पुलिस ने एक बार फिर सख्त और त्वरित कार्रवाई का उदाहरण पेश किया है। महिला थाना और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ और जबरन अपहरण के गंभीर मामले में आरोपी को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया। दो साल से कर रहा था पीछा, मानसिक रूप से कर चुका था परेशान पीड़िता ने महिला थाना में दर्ज कराई शिकायत में बताया कि आरोपी उसे पहले से जानता था और बीते दो वर्षों से लगातार उसका पीछा कर परेशान कर रहा था। आरोपी की हरकतों से तंग आकर उसने अपने परिजनों को जानकारी दी थी, जिसके बाद पिता स्वयं उसे स्कूल छोड़ने जाने लगे थे। वर्ष 2023 में भी आरोपी द्वारा छेड़छाड़ की घटना को अंजाम दिया गया था, जिससे बालिका मानसिक तनाव में रहने लगी थी। गणतंत्र दिवस पर वारदात, चाकू दिखाकर जबरन ले गया पीड़िता के अनुसार 26 जनवरी को तबीयत खराब होने के बावजूद वह स्कूल पहुंची थी। गणतंत्र दिवस रैली के दौरान अस्वस्थ होने पर वह स्कूल में ही रुक गई। सुबह करीब 9 बजे शिक्षक से अनुमति लेकर घर लौटते समय आरोपी कार से स्कूल पहुंचा, चाकू जैसे हथियार से डराया और जबरन कार में बैठाकर पहाड़ मंदिर मार्ग की ओर ले गया। वहां आरोपी ने गलत नीयत से छेड़छाड़ की और दोपहर करीब 1 बजे स्कूल के पास गली में छोड़कर फरार हो गया। जाते-जाते घटना किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी। शिकायत मिलते ही हरकत में आई पुलिस घटना के बाद बालिका ने अपने शिक्षक और परिजनों को आपबीती सुनाई, जिसके बाद महिला थाना में अपराध क्रमांक 05/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 137(2), 74, 75(2), 78(2) एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 8 के तहत मामला दर्ज किया गया। एसएसपी के निर्देश पर त्वरित गिरफ्तारी प्रकरण एसएसपी के संज्ञान में आते ही महिला थाना और कोतवाली पुलिस की टीम को आरोपी की गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया। महिला थाना प्रभारी उप निरीक्षक दीपिका निर्मलकर ने पीड़िता से विस्तृत पूछताछ कराई, घटनास्थल का निरीक्षण किया और वीडियो बयान दर्ज किया। चाकू और कार जब्त, आरोपी जेल भेजने की तैयारी पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त चाकू और ईको कार (CG 13 BB 1840) जब्त कर ली है। आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की प्रक्रिया जारी है। रायगढ़ पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से एक बार फिर स्पष्ट हुआ है कि जिले में बालिकाओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
सेक्स सीडी कांड में नया मोड़: सेशन कोर्ट ने CBI कोर्ट का फैसला किया रद्द, भूपेश बघेल को फिर ट्रायल का सामना
✍️ भागीरथी यादव छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित सेक्स सीडी कांड मामले में एक बार फिर बड़ा कानूनी मोड़ सामने आया है। रायपुर सेशन कोर्ट ने 24 जनवरी को CBI की लोअर कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले को निरस्त करते हुए CBI की रिव्यू पिटिशन को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को एक बार फिर मुकदमे का सामना करना होगा। सेशन कोर्ट ने भूपेश बघेल को नियमित कोर्ट में पेश होने के निर्देश दिए हैं। इस मामले की पहली सुनवाई 23 फरवरी 2026 को तय की गई है। भूपेश बघेल के अधिवक्ता फैजल रिजवी ने कोर्ट में पेशी की तारीख की पुष्टि की है। सेशन कोर्ट के फैसले के बाद भूपेश बघेल ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह पूरी कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा है। उन्होंने कहा, “यह केंद्र और राज्य सरकार की सोची-समझी चाल है। अदालत में सच्चाई सामने आएगी। हम लड़ेंगे और जीतेंगे।” गौरतलब है कि इसी मामले में 4 मार्च 2025 को रायपुर की विशेष CBI कोर्ट ने भूपेश बघेल को साक्ष्यों के अभाव में सभी आरोपों से बरी कर दिया था। कोर्ट ने स्पष्ट कहा था कि उनके खिलाफ मुकदमा चलाने का कोई ठोस आधार नहीं है और सभी धाराएं हटा दी गई थीं। हालांकि, CBI ने उस फैसले के खिलाफ सेशन कोर्ट में रिव्यू याचिका दाखिल की थी, जिसे अब स्वीकार कर लिया गया है। सेशन कोर्ट ने 2024-25 में मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा दिए गए राहत आदेश को रद्द कर दिया है, जिससे भूपेश बघेल की कानूनी मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। इससे पहले भूपेश बघेल की ओर से जबलपुर हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता मनीष दत्त ने अदालत में पक्ष रखते हुए कहा था कि उन्हें झूठे मामले में फंसाया गया है। उन्होंने दलील दी थी कि भूपेश बघेल ने न तो किसी सीडी का निर्माण कराया और न ही उसका वितरण किया, और उन्होंने किसी भी प्रकार का अपराध नहीं किया है। अब सेशन कोर्ट के फैसले के बाद यह मामला फिर से ट्रायल के दौर में प्रवेश कर गया है, जिस पर पूरे प्रदेश की राजनीतिक निगाहें टिकी हुई हैं।
















