कोटमीसोनार में चाकू लहराने वाला बदमाश गिरफ्तार
✍️ भागीरथी यादव रेलवे स्टेशन के पास दहशत, पुलिस ने निकाला जुलूसहत्या के प्रयास का आरोपी निकला आदतन अपराधी जांजगीर-चांपा – जिले के कोटमीसोनार क्षेत्र में पुलिस ने सार्वजनिक स्थान पर चाकू लहराकर लोगों को डराने-धमकाने वाले एक बदमाश को गिरफ्तार कर बड़ी कार्रवाई की है। आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। मिली जानकारी के अनुसार, कोटमीसोनार रेलवे स्टेशन के पास एक युवक हाथ में लोहे का चाकू लेकर आने-जाने वाले लोगों को धमका रहा था, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और आरोपी को दबोच लिया। गिरफ्तार युवक की पहचान प्रियांशु यादव उर्फ यूडी, निवासी आजाद चौक, अकलतरा के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से एक लोहे का चाकू बरामद किया है। आपराधिक इतिहास खंगाल रही पुलिस पुलिस के अनुसार, आरोपी प्रियांशु यादव कोई नया नाम नहीं है। उसके खिलाफ पहले से ही हत्या के प्रयास और चोरी जैसे गंभीर अपराधों के मामले दर्ज हैं। उसके आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए पुलिस अब उसका हिस्ट्रीशीट तैयार कर रही है। अपराधियों को चेतावनी, पुलिस ने निकाला जुलूस गिरफ्तारी के बाद कोटमीसोनार पुलिस ने आरोपी का जुलूस निकालकर इलाके में घुमाया, ताकि असामाजिक तत्वों में साफ संदेश जाए कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक स्थानों पर हथियार लहराकर दहशत फैलाने वालों के खिलाफ सख्त और त्वरित कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
छह माह बाद भी नहीं ज्वाइनिंग, 11 शिक्षक रडार पर जेडी का बड़ा एक्शन: डीईओ–बीईओ की जांच टीम गठित, बर्खास्ती तक की तैयारी
जिले में शिक्षक युक्तियुक्तकरण को करीब छह माह बीत चुके हैं, लेकिन अब भी 11 मिडिल स्कूल शिक्षक नए स्कूलों में पदभार ग्रहण किए बिना बैठे हैं। हैरानी की बात यह है कि इन शिक्षकों के अभ्यावेदन पहले ही अमान्य घोषित किए जा चुके हैं। इसके बावजूद जानबूझकर ज्वाइनिंग नहीं देने से बच्चों की पढ़ाई गंभीर रूप से बाधित हो रही है। मामले को गंभीरता से लेते हुए संयुक्त संचालक (जेडी) आरपी आदित्य ने कड़ा रुख अपनाया है। जेडी ने डीईओ और बीईओ की संयुक्त जांच टीम गठित कर ऐसे शिक्षकों के खिलाफ जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इस कार्रवाई से पदभार ग्रहण नहीं करने वाले शिक्षकों में हड़कंप मच गया है। जून में हुआ था युक्तियुक्तकरण, 750 से अधिक शिक्षक प्रभावित शासन के आदेश पर जून माह में जिले में करीब साढ़े सात सौ शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया गया था। शहर व आसपास के स्कूलों में आवश्यकता से अधिक पदस्थ शिक्षकों को शिक्षक विहीन और एकल शिक्षकीय स्कूलों में भेजा गया। कई शिक्षक हाईकोर्ट पहुंचे, जहां से कुछ को राहत मिली। वहीं, हाईकोर्ट के निर्देश पर जिला और संभाग स्तरीय समितियों में भी अभ्यावेदन प्रस्तुत किए गए। हालांकि 11 मिडिल स्कूल शिक्षकों को कोई राहत नहीं मिली और उनके आवेदन अमान्य कर दिए गए। वेतन पहले ही रोका, अब सेवा पर संकट शासन के आदेश पर इन शिक्षकों का वेतन पहले ही रोका जा चुका है, फिर भी वे नए स्कूलों में उपस्थित दर्ज नहीं करा रहे। अब जेडी स्तर से कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। सूत्रों के अनुसार, जांच के बाद नौकरी जाने तक की कार्रवाई संभव है। निलंबन नहीं, सीधे बर्खास्ती की तैयारी दूर-दराज के स्कूलों में जाने से बच रहे शिक्षकों पर अब निलंबन की जगह सीधे बर्खास्ती का रास्ता अपनाया जा सकता है। अधिकारियों का मानना है कि निलंबन से शिक्षकों को लाभ मिलता है, इसलिए अब शासन को बर्खास्ती की अनुशंसा या ब्रेक इन सर्विस जैसी कठोर कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है। प्राइमरी स्कूल के 9 शिक्षक भी घेरे में मामला यहीं नहीं थमा है। जिले के प्राइमरी स्कूलों के 9 शिक्षक भी नई पोस्टिंग मिलने के बावजूद पदभार ग्रहण नहीं कर रहे हैं। इनके खिलाफ कार्रवाई की जिम्मेदारी डीईओ को सौंपी गई थी, लेकिन अब तक ठोस कदम नहीं उठाए गए। इसे लेकर संयुक्त संचालक ने डीईओ को सख्त निर्देश दिए हैं। संकेत हैं कि इन शिक्षकों के खिलाफ भी जल्द जांच दल गठित कर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। बच्चों की पढ़ाई से समझौता नहीं प्रशासन का साफ संदेश है—शासन के आदेशों की अवहेलना और बच्चों की शिक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के बाद जिले में अब तक की सबसे सख्त शिक्षक कार्रवाई देखने को मिल सकती है।
रायगढ़ में दर्दनाक सड़क हादसा, खड़े ट्रेलर से टकराई बोलेरो — 2 की मौके पर मौत, 4 गंभीर
✍️ भागीरथी यादव छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में मंगलवार रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया। कोड़ातराई रोड पर जूटमिल थाना क्षेत्र के अंतर्गत खड़े ट्रेलर से बोलेरो की जोरदार टक्कर हो गई। हादसा इतना भयावह था कि बोलेरो सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के मुताबिक, पूंजीपथरा थाना क्षेत्र के ग्राम बड़गांव निवासी सभी लोग किसी काम से रायपुर गए थे और रात करीब साढ़े 9 बजे लौटते समय कोड़ातराई चौक के पास सड़क किनारे खड़े ट्रेलर से बोलेरो पीछे से जा टकराई। टक्कर में बोलेरो का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। हादसे में कौशल मालाकार (42) और मनोहर नंदा (55) को सिर व शरीर में गंभीर चोटें आईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं उजेता डोंगरे (26), राज एक्का (13), देव अगरिया (13) और अभय सारथी (17) गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही जूटमिल पुलिस मौके पर पहुंची, शवों का पंचनामा कर घायलों को अस्पताल भेजा। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
शादी की खुशियां मातम में बदलीं: दुर्ग में शराब के नशे में छोटे भाई ने बड़े भाई को चाकू मारा, आंतें बाहर आईं
✍️ भागीरथी यादव दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक शादी समारोह उस वक्त खौफनाक मंजर में बदल गया, जब मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया। शराब के नशे में धुत छोटे भाई ने अपने ही बड़े भाई के पेट में चाकू घोंप दिया। वार इतना गहरा था कि घायल की आंतें बाहर निकल आईं। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना 22 दिसंबर की है, जो छावनी थाना क्षेत्र के कैंप-2 स्थित मोची मोहल्ला की बताई जा रही है। उस समय घर में विवाह समारोह चल रहा था और बड़ी संख्या में रिश्तेदार मौजूद थे। मामूली कहासुनी बनी जानलेवा हमला प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शादी के दौरान दो सगे भाइयों—अजय कोलते और विजय कोलते—के बीच किसी छोटी-सी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। देखते ही देखते बहस इतनी बढ़ गई कि शराब के नशे में छोटे भाई अजय ने आपा खो दिया और चाकू निकालकर बड़े भाई विजय के पेट पर जोरदार वार कर दिया। आंतें बाहर आने से मची अफरा-तफरी चाकू लगते ही विजय कोलते मौके पर गिर पड़ा। पेट पर गहरे घाव के कारण उसकी आंतें बाहर निकल आईं, यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोग दहशत में आ गए। शादी की खुशियां चीख-पुकार और अफरा-तफरी में बदल गईं। परिजनों ने तुरंत घायल को लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए सुपेला स्थित जिला अस्पताल (सिविल अस्पताल) रेफर किया गया। फिलहाल घायल का इलाज जारी है। आरोपी भाई हिरासत में, जांच जारी घटना की सूचना मिलते ही छावनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और वारदात के बाद फरार हो रहे आरोपी छोटे भाई अजय कोलते को हिरासत में ले लिया। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में मामला पारिवारिक विवाद और शराब के नशे से जुड़ा पाया गया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है और उसके खिलाफ गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज किया गया है।
रायपुर में सनसनी: माना थाना क्षेत्र में पानी से मिली सिर कटी लाश, इलाके में दहशत
✍️ भागीरथी यादव रायपुर। राजधानी रायपुर के माना थाना क्षेत्र से सोमवार को एक सनसनीखेज मामला सामने आया, जब ब्लू वाटर इलाके में पानी के भीतर एक सिर कटा शव मिलने से हड़कंप मच गया। स्थानीय रहवासियों ने दोपहर के समय पानी में शव दिखाई देने की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर जांच शुरू की। पुलिस के अनुसार, जब शव को पानी से निकाला गया तो उसका सिर मौके पर मौजूद नहीं था। प्रारंभिक जांच में शव काफी पुराना प्रतीत हो रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि मृतक के शरीर पर कोई कपड़े भी नहीं थे, जिससे हत्या की आशंका और गहरा गई है। माना थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। शिनाख्त के लिए आसपास के सभी थानों में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्टों को खंगाला जा रहा है, वहीं यह भी जांच की जा रही है कि हत्या कहीं और कर शव को यहां ठिकाने तो नहीं लगाया गया। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद से इलाके में डर और सनसनी का माहौल है। पुलिस हर एंगल से मामले की जांच में जुटी है और जल्द ही पूरे मामले के खुलासे का दावा कर रही है।
केरल में इंसानियत शर्मसार: भीड़ की हिंसा में छत्तीसगढ़ के मजदूर रामनारायण की मौत, पांच आरोपी गिरफ्तार
✍️ भागीरथी यादव केरल के पलक्कड़ जिले से आई एक हृदयविदारक खबर ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। रोज़गार की तलाश में घर से सैकड़ों किलोमीटर दूर गए छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के निवासी रामनारायण बघेल की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। चोरी के झूठे आरोप और बांग्लादेशी होने के संदेह ने एक मेहनतकश मजदूर की जान ले ली। इस मॉब लिंचिंग की घटना के बाद केरल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हत्या के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पलक्कड़ जिले के एसपी अजीत कुमार ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और घटना में शामिल अन्य आरोपियों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। “न्याय मिलेगा” – मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने इस घटना को बेहद चिंताजनक और शर्मनाक बताते हुए मृतक के परिवार को न्याय का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि वालयार में हुई यह भीड़ हिंसा केरल जैसे प्रगतिशील राज्य की छवि को धूमिल करती है और किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला पुलिस प्रमुख के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) गठित कर जांच शुरू कर दी गई है। छत्तीसगढ़ सरकार का संवेदनशील कदम छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे अमानवीय और सभ्य समाज के लिए शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा— “केरल के पलक्कड़ में छत्तीसगढ़ के प्रवासी मजदूर रामनारायण बघेल जी के साथ हुई यह दुर्भाग्यपूर्ण और अत्यंत अमानवीय घटना मुझे गहराई से व्यथित करती है। किसी निर्दोष नागरिक के साथ इस तरह की हिंसा अस्वीकार्य है।” मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही परिजनों को तत्काल केरल भेजा गया और रामनारायण का पार्थिव शरीर सम्मानपूर्वक उनके गृह ग्राम लाने की व्यवस्था की गई है। मंगलवार को पार्थिव शरीर हवाई मार्ग से छत्तीसगढ़ लाया जाएगा। सवाल जो रह गए… एक गरीब मजदूर, जो अपने परिवार का भविष्य संवारने निकला था, वह कभी वापस नहीं लौट सका। यह घटना एक बार फिर सवाल खड़े करती है— क्या शक, नफरत और अफवाहें इंसान की जान से बड़ी हो गई हैं? अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या रामनारायण को और उसके परिवार को सच में न्याय मिले
कोनी में अपराधियों पर पुलिस का शिकंजा
✍️ भागीरथी यादव शांति भंग की साजिश नाकाम, 4 शातिर बदमाश BNSS की धारा 170 में जेल भेजे गए बिलासपुर। आम नागरिकों की सुरक्षा और क्षेत्र में स्थायी शांति बनाए रखने के उद्देश्य से कोनी थाना पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ बड़ा और निर्णायक अभियान चलाया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में की गई इस सख्त कार्रवाई के तहत क्षेत्र के चार चिन्हित शातिर गुंडा बदमाशों को प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया गया। पुलिस प्रशासन ने इस कार्रवाई के जरिए कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले असामाजिक तत्वों को साफ संदेश दिया है कि क्षेत्र में किसी भी तरह की अवैध गतिविधि, भय फैलाने या शांति भंग करने की कोशिश को कदापि बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अपराध से पहले कार्रवाई, पुलिस की सक्रिय रणनीति कोनी थाना प्रभारी के नेतृत्व में गठित विशेष निगरानी टीम लगातार आपराधिक प्रवृत्ति वाले व्यक्तियों की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। इसी दौरान मुखबिर तंत्र से सूचना मिली कि कुछ आदतन अपराधी क्षेत्र में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने त्वरित घेराबंदी कर चार संदिग्धों को हिरासत में लिया। इनके पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड और वर्तमान गतिविधियों का विश्लेषण करने के बाद पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170 के तहत कार्रवाई की, जिसका उद्देश्य संज्ञेय अपराध होने से पहले ही उसे रोकना है। BNSS 170 : अपराधियों के लिए चेतावनी पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई अपराध के बाद नहीं, बल्कि अपराध से पहले हस्तक्षेप की नीति का हिस्सा है, जिससे क्षेत्र में शांति और नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा कायम किया जा सके। जिन पर कसी कार्रवाई, उनके नाम पुलिस द्वारा प्रतिबंधित और जेल भेजे गए आरोपियों में शामिल हैं— लक्की भारत (27 वर्ष), पिता: श्रीकांत भारत, निवासी: आवासपारा सेंदरी (काली मंदिर के पास) भोलू यादव उर्फ राकेश यादव (26 वर्ष), पिता: सरजू यादव, निवासी: गोदामपारा, कोनी भीमशंकर वर्मा (20 वर्ष), पिता: इतवारी वर्मा, निवासी: घुटकु, कोनी सुनील यादव (20 वर्ष), पिता: संतोष यादव, निवासी: यादवपारा, कोनी फिलहाल कोनी थाना क्षेत्र में अतिरिक्त गश्त और निगरानी बढ़ा दी गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आगे भी असामाजिक तत्वों के खिलाफ ऐसी कठोर और निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी।
थाने से 200 मीटर दूर खून की वारदात
✍️ भागीरथी यादव पत्थर से कुचलकर युवक की निर्मम हत्या, नाबालिग आरोपी हिरासत में कबीरधाम/पंडरिया। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में कानून-व्यवस्था को झकझोर देने वाली सनसनीखेज हत्या की वारदात सामने आई है। पंडरिया नगरपालिका क्षेत्र के घोघरा पारा में बीती रात एक युवक की पत्थर से बेरहमी से कुचलकर हत्या कर दी गई। चौंकाने वाली बात यह है कि यह वारदात पुलिस थाना से महज 200 मीटर की दूरी पर हुई, जिससे क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल व्याप्त है। मृतक की पहचान कुनाल पुरकर (22 वर्ष) के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार रविवार देर रात किसी बात को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि गुस्से में आए हमलावर ने युवक पर ताबड़तोड़ पत्थर से वार किए, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पंडरिया पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक नाबालिग आरोपी को हिरासत में ले लिया है, जिससे गहन पूछताछ की जा रही है। इस जघन्य हत्या के बाद घोघरा पारा सहित आसपास के इलाकों में भारी आक्रोश देखने को मिला। बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने पंडरिया थाना का घेराव कर आरोपी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। घटना ने एक बार फिर थाने के इतने करीब अपराध होने पर पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कोरबा–कटघोरा में पुलिस महकमे की बड़ी अदला-बदली
✍️ भागीरथी यादव सीएसपी बदले, कटघोरा को मिला नया एसडीओपी रायपुर/कोरबा। छत्तीसगढ़ शासन के गृह (पुलिस) विभाग मंत्रालय द्वारा राज्य पुलिस सेवा के 95 अधिकारियों के व्यापक तबादले किए गए हैं। इस सूची में 35 एडिशनल एसपी/उप सेनानी और 60 डीएसपी रैंक के अधिकारी शामिल हैं। इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल का सीधा असर कोरबा जिले और कटघोरा अनुभाग पर भी पड़ा है। जारी आदेश के अनुसार कोरबा के सीएसपी भूषण एक्का का तबादला कर उन्हें एसडीओपी बेमेतरा के पद पर नई जिम्मेदारी दी गई है। वहीं कटघोरा के एसडीओपी पंकज ठाकुर को स्थानांतरित कर डीएसपी पीटीएस राजनांदगांव बनाया गया है। जिला मुख्यालय में पदस्थ डीएसपी प्रतिभा मरकाम को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देते हुए डीएसपी एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट, बस्तर में पदस्थ किया गया है। कोरबा सीएसपी के पद पर अब प्रतीक चतुर्वेदी (पूर्व में डीएसपी अजाक/क्राइम, कबीरधाम) की नियुक्ति की गई है, जबकि विजय सिंह राजपूत (डीएसपी सुरक्षा, जशपुर) को कटघोरा का नया एसडीओपी बनाया गया है। इस प्रशासनिक बदलाव से कोरबा और कटघोरा क्षेत्र में पुलिस व्यवस्था को और अधिक मजबूत व प्रभावी बनाने की उम्मीद जताई जा रही है। नई पदस्थापनाओं के बाद जिले में कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर नई रणनीति के संकेत भी मिल रहे हैं।
भाई ने छीना बहन का हक, न्याय की चौखट पर पहुंची बेबस पीड़िता
✍️ भागीरथी यादव बिलासपुर। रिश्तों की डोर जब स्वार्थ और लालच से उलझ जाए, तो खून के रिश्ते भी बोझ बन जाते हैं। ऐसा ही एक मार्मिक मामला बिलासपुर जिले से सामने आया है, जहां एक सगी बहन को अपने ही भाई से न्याय की गुहार लगानी पड़ी। कोटा नगर पंचायत निवासी श्रीमती गनेशिया बाई बिंझवार आज अपनी पैतृक जमीन के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं, जबकि आरोप है कि उनके सगे भाई ने ही उनके हक पर डाका डाल दिया। तखतपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत कोड़ापुरी में स्थित लगभग पौने दो एकड़ पैतृक भूमि, जो विधिवत पारिवारिक बंटवारे में गनेशिया बाई के हिस्से में आई थी, आज उनके हाथों से फिसलती नजर आ रही है। पीड़िता का कहना है कि गांव में कम आना-जाना होने का फायदा उठाकर उनके भाई धनवान सिंह बिंझवार ने जमीन पर जबरन कब्जा कर लिया और उसे खेत में तब्दील कर फसल भी बो दी। जब बहन ने अपने अधिकार की बात उठाई, तो भाई ने न सिर्फ जमीन लौटाने से इनकार कर दिया, बल्कि धमकियों का सहारा लेकर उसे चुप कराने की कोशिश भी की। इस अन्याय ने गनेशिया बाई को अंदर तक तोड़ दिया। मानसिक पीड़ा, सामाजिक अपमान और आर्थिक नुकसान के बीच वह खुद को असहाय महसूस करने लगीं। आखिरकार हिम्मत जुटाकर उन्होंने सामाजिक संगठन आज़ाद युवा संगठन के प्रमुख इशहाक कुरैशी से संपर्क किया। संगठन के सहयोग से पीड़िता जिला कलेक्टर और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की शरण में पहुंचीं, जहां उन्होंने लिखित ज्ञापन सौंपकर अपने हक की गुहार लगाई। ज्ञापन में अवैध कब्जा हटाने, जमीन वापस दिलाने और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए जिला कलेक्टर ने तुरंत संज्ञान लिया और संबंधित एसडीएम से चर्चा कर शीघ्र जांच व उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रशासन की इस तत्परता से गनेशिया बाई की आंखों में उम्मीद की एक नई चमक दिखाई देने लगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे पारिवारिक विवादों में अक्सर महिलाएं और कमजोर वर्ग ही सबसे ज्यादा पीड़ित होते हैं। समय पर प्रशासनिक हस्तक्षेप ही उन्हें न्याय दिला सकता है। अब सबकी नजरें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं, ताकि एक बहन को उसका छीना हुआ हक वापस मिल सके और रिश्तों पर लगे इस दाग को इंसाफ से धोया जा सके।
















