रायपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 5 मामलों में 6 अंतर्राज्यीय साइबर ठग गिरफ्तार

  रायपुर। ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत रायपुर पुलिस ने शेयर ट्रेडिंग और ऑनलाइन पार्ट-टाइम जॉब के नाम पर ठगी करने वाले 6 अंतर्राज्यीय साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अलग-अलग 5 प्रकरणों में यह कार्रवाई करते हुए बड़ी ठगी का खुलासा किया है।   पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने फर्जी कंपनियों और बैंक खातों के जरिए लोगों को मुनाफे का लालच देकर लाखों रुपये की ठगी की। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ देश के कई राज्यों के थानों और साइबर सेल में पहले से मामले दर्ज हैं। सभी आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। गिरफ्तार आरोपी: 1. जयंत अहिरवार – सीहोर, मध्यप्रदेश 2. सुहैल अहमद – पन्ना, मध्यप्रदेश 3. विपुल पाटने – बांद्रा, मुंबई (हाल मुकाम नागपुर) 4. पूनमचंद्र वर्मा – जूनी इंदौर, मध्यप्रदेश 5. कल्लू मंसूरी – जूनी इंदौर, मध्यप्रदेश 6. शोएब अख्तर – छिंदवाड़ा, मध्यप्रदेश   रायपुर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे ऑनलाइन निवेश और पार्ट-टाइम जॉब के नाम पर होने वाली ठगी से सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

खैरागढ़-डोंगरगढ़ के जंगलों में तेंदुए की हत्या, वन विभाग की निगरानी पर उठे गंभीर सवाल

  खैरागढ़-डोंगरगढ़ अंचल के जंगलों में जैव विविधता तेजी से सिमटती जा रही है। वन विभाग की कमजोर निगरानी और बढ़ती अवैध गतिविधियों के बीच एक बार फिर वन्यजीव सुरक्षा व्यवस्था कटघरे में है। ताजा मामला खैरागढ़-डोंगरगढ़ के बीच स्थित वन ग्राम बनबोड़ क्षेत्र से सामने आया है, जहां एक वयस्क तेंदुए की निर्मम हत्या कर दी गई। शिकारियों ने तेंदुए के पंजे, नाखून और जबड़े के दांत काटकर अपने साथ ले गए, जो इस घटना को संगठित वन्यजीव तस्करी से जोड़ता है।   जानकारी के अनुसार, खैरागढ़ वनमंडल के कोपेनवागांव–मुढ़ीपार क्षेत्र में सोमवार सुबह तेंदुए का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पाया गया। शव जंगल से कुछ दूरी पर राजस्व भूमि में पड़ा हुआ था, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने जब तेंदुए को मृत अवस्था में देखा तो तत्काल वन विभाग को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही विभागीय अमला मौके पर पहुंचा और घटनास्थल का निरीक्षण किया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, तेंदुए की हत्या बेहद योजनाबद्ध तरीके से की गई है। आशंका जताई जा रही है कि शिकारियों ने पहले जंगल के भीतर तेंदुए को फंदे या किसी धारदार हथियार से मार डाला और पहचान छुपाने के उद्देश्य से शव को बाद में सुनसान स्थान पर फेंक दिया। सूत्रों का यह भी कहना है कि घटनास्थल के आसपास पहले से संदिग्ध आवाजाही और बाहरी लोगों की मौजूदगी की शिकायतें मिलती रही हैं, लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं हो सकी। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि तेंदुए के चारों पैरों के नाखून गायब थे और उसका जबड़ा भी शव के पास नहीं मिला। आसपास खून के धब्बे मिलने से यह आशंका और मजबूत हो गई है कि हत्या कहीं और कर शव यहां लाया गया।   सूत्र बताते हैं कि इस मामले में अंतरराज्यीय वन्यजीव तस्करी गिरोह की भूमिका से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। जबड़े और नाखूनों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी मांग होती है, जिससे शिकारियों को मोटी रकम मिलने की संभावना रहती है। इसी कड़ी में कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।   घटनास्थल को सुरक्षा बलों की मौजूदगी में सील कर दिया गया है। डॉग स्क्वायड की मदद से आसपास के जंगल और गांवों में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। वन विभाग द्वारा वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत तेंदुए का पोस्टमार्टम कराया गया है। अधिकारियों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों पर स्थिति स्पष्ट होगी।   वन परिक्षेत्राधिकारी आर.के. टंडन ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर हर पहलू से जांच की जा रही है। यदि अवैध शिकार या संगठित तस्करी की पुष्टि होती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।   तेंदुए की हत्या से क्षेत्र के ग्रामीणों और वन्यजीव प्रेमियों में गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि वन क्षेत्रों में निगरानी तंत्र को मजबूत नहीं किया गया, तो आने वाले समय में वन्यजीवों का अस्तित्व ही संकट में पड़ सकता है।

दुर्ग में 10वीं की छात्रा की आत्महत्या, पुलिस जांच में जुटी

  दुर्ग (छत्तीसगढ़)। मोहन नगर थाना क्षेत्र के जयंती नगर से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां 15 वर्षीय स्कूली छात्रा दिशा माथनकर ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद से परिवार गहरे सदमे में है और पूरे इलाके में शोक का माहौल व्याप्त है।   जानकारी के अनुसार, दोपहर के समय दिशा घर के अंदर फांसी के फंदे पर लटकी मिली। परिजनों ने जैसे ही यह दृश्य देखा, उनके होश उड़ गए। आनन-फानन में छात्रा को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही मोहन नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई की और पोस्टमार्टम के लिए भेजा।   इस मामले में सीएसपी भिलाई नगर सत्य प्रकाश तिवारी ने बताया कि पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। फिलहाल किसी प्रकार का सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही आत्महत्या के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।   सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, घटना से पहले छात्रा सामान्य व्यवहार में थी और घर में किसी तरह के विवाद की तत्काल पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि दिशा पढ़ाई में मेहनती थी, हालांकि हाल के दिनों में वह कुछ तनाव में नजर आ रही थी। परिवार और परिचितों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह किस कारण मानसिक दबाव में थी।   पुलिस स्कूल से जुड़े पहलुओं, पढ़ाई के दबाव और अन्य संभावित कारणों की भी जांच कर रही है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस हर एंगल से जांच में जुटी हुई है।

ट्रेड लाइसेंस अनिवार्यता के खिलाफ चेम्बर का जोरदार विरोध, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

✍️मुंगेली | अतुल श्रीवास्तव   छत्तीसगढ़ में व्यापारियों पर एक और आर्थिक बोझ थोपे जाने के आरोप के साथ छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, मुंगेली इकाई ने ट्रेड लाइसेंस की अनिवार्यता के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया है। चेम्बर प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को मुंगेली कलेक्टर को मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए इस निर्णय को तत्काल वापस लेने की मांग की। चेम्बर पदाधिकारियों ने कहा कि मौजूदा दौर में स्थानीय व्यापार पहले ही गहरे संकट से गुजर रहा है। ऑनलाइन कंपनियों और बड़े कॉर्पोरेट नेटवर्क के बढ़ते प्रभाव से बाजार लगभग 50 प्रतिशत तक सिमट चुका है। किराना, मेडिकल, मनिहारी, इलेक्ट्रॉनिक और कपड़ा जैसे परंपरागत व्यवसाय भारी दबाव में हैं। ऐसे समय में ट्रेड लाइसेंस के नाम पर नया शुल्क लगाना व्यापारियों की कमर तोड़ने जैसा है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि सरकार की बार-बार बदलती नीतियों से व्यापारी वर्ग असमंजस और असुरक्षा की भावना से जूझ रहा है। पूर्व में गुमास्ता और ट्रेड लाइसेंस की अनिवार्यता समाप्त की गई थी, लेकिन अब फिर से गुमटी से लेकर मॉल तक सभी व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर इसे लागू कर दिया गया है।   चेम्बर का कहना है कि व्यापारी पहले से ही जीएसटी, आयकर, खाद्य सुरक्षा लाइसेंस, ड्रग लाइसेंस, मंडी लाइसेंस और संपत्ति कर जैसी अनेक प्रक्रियाओं का पालन कर रहे हैं। ऐसे में दुकान के क्षेत्रफल के आधार पर 3 से 6 रुपये प्रति वर्गफीट तक प्रस्तावित शुल्क एक नए संपत्ति कर के समान है, जो किसी भी तरह न्यायसंगत नहीं है।   इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष प्रेम आर्य, प्रदेश मंत्री प्रवीण वैष्णव, अध्यक्ष नरेन्द्र कोटड़िया, महामंत्री कोमल शर्मा, उपाध्यक्ष गुरजीत मक्कड़, मन्नू श्रीवास्तव, नितेश ललवानी, अमितेश आर्य, राम तलरेजा सहित बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में चेतावनी दी कि यदि ट्रेड लाइसेंस की अनिवार्यता वापस नहीं ली गई, तो व्यापारी आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

शीतकालीन सत्र में गूंजा सैनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन घोटाला

✍️ भागीरथी यादव   बिलासपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के पहले शीतकालीन सत्र में सैनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन एवं इंसीनरेटर खरीदी में हुई कथित अनियमितताओं का मुद्दा जोरदार ढंग से उठा। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं वरिष्ठ विधायक धरमलाल कौशिक ने प्रश्नकाल के दौरान सरकार का ध्यान इस गंभीर विषय की ओर आकृष्ट किया।   कौशिक ने आरोप लगाया कि सूचिता योजना के तहत करोड़ों रुपये खर्च कर शासकीय स्कूलों में लगाई गई मशीनें पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में लापरवाही की भेंट चढ़ गईं। कई मशीनें शुरू से ही खराब रहीं, तो कई कुछ समय बाद अनुपयोगी हो गईं, जिससे छात्राएं आज भी बुनियादी स्वच्छता सुविधाओं से वंचित हैं।   महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। कौशिक ने इसे बालिकाओं के स्वास्थ्य और सम्मान से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए त्वरित कार्रवाई की मांग की।  

बिलासपुर हाई कोर्ट का अहम फैसला: बांझपन की जानकारी छिपाना माना गया क्रूरता, तलाक बरकरार

✍️ भागीरथी यादव   बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण पारिवारिक विवाद में फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि शादी से पहले गंभीर चिकित्सकीय तथ्य छिपाना वैवाहिक क्रूरता की श्रेणी में आता है। अदालत ने पत्नी की याचिका खारिज करते हुए फैमिली कोर्ट द्वारा पति को दिया गया तलाक का आदेश बरकरार रखा है, हालांकि पत्नी के भविष्य को सुरक्षित रखते हुए पति को 5 लाख रुपये स्थायी भरण-पोषण देने का निर्देश भी दिया है।   मामला कवर्धा जिले से जुड़ा है, जहां पति-पत्नी की शादी 5 जून 2015 को हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार हुई थी। शादी के बाद पत्नी ने पति को बताया कि उसे पीरियड्स नहीं आ रहे हैं, जिसे पति ने गर्भावस्था समझा। जब मेडिकल जांच कराई गई तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि पत्नी को पिछले 10 वर्षों से मासिक धर्म नहीं आ रहा था और उसके गर्भाशय से जुड़ी समस्या के कारण संतान उत्पत्ति में गंभीर कठिनाई थी।   पति का आरोप था कि पत्नी ने यह अहम तथ्य शादी से पहले जानबूझकर छिपाया। जब उससे इसका कारण पूछा गया तो उसने स्वीकार किया कि यदि पहले सच बताया होता तो शादी नहीं होती। इस खुलासे से पति को गहरा मानसिक आघात पहुंचा। इसके बाद पति ने हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13(1)(ia) के तहत क्रूरता के आधार पर फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी दायर की।   फैमिली कोर्ट, कवर्धा ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पति के पक्ष में तलाक की डिक्री पारित कर दी। इस फैसले को चुनौती देते हुए पत्नी ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की। पत्नी का तर्क था कि उसकी चिकित्सकीय स्थिति स्थायी नहीं थी और इलाज के बाद वह गर्भधारण के लिए फिट हो गई थी।   हालांकि, हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने माना कि शादी के समय ऐसी गंभीर चिकित्सकीय जानकारी छिपाना विश्वासघात और मानसिक क्रूरता के समान है। अदालत ने फैमिली कोर्ट के निर्णय को सही ठहराते हुए पत्नी की याचिका खारिज कर दी।   इसके साथ ही कोर्ट ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए पत्नी के भरण-पोषण का भी ध्यान रखा और पति को आदेश दिया कि वह पत्नी को स्थायी गुजारा भत्ता के रूप में 5 लाख रुपये का भुगतान करे।   यह फैसला न केवल पारदर्शिता और विश्वास की वैवाहिक अहमियत को रेखांकित करता है, बल्कि यह भी स्पष्ट करता है कि सच छिपाकर किया गया विवाह कानून की नजर में टिकाऊ नहीं है।

घने कोहरे ने ली सड़क पर परीक्षा, बलरामपुर में बड़ा हादसा टला

✍️ भागीरथी यादव  बलरामपुर जिले में सोमवार सुबह घने कोहरे के चलते एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। अंबिकापुर–बनारस मार्ग पर जमाई के पास अर्टिगा कार और ट्रक की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, हालांकि राहत की बात यह रही कि सभी सवार सुरक्षित बच गए।   कार में दो महिलाएं, दो बच्चे, एक बुजुर्ग और चालक सहित कुल छह लोग सवार थे। हादसे में सभी को मामूली चोटें आईं। घायलों को तुरंत एम्बुलेंस से सिविल अस्पताल वाड्रफनगर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने सभी की हालत सामान्य बताई। घायल रामानुजगंज नगर के वार्ड क्रमांक 12 के निवासी बताए जा रहे हैं।   बताया गया कि सभी लोग उत्तर प्रदेश के डाला स्थित मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए जा रहे थे। सूचना मिलते ही बसंतपुर पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर यातायात को सुचारु कराया गया।   गौरतलब है कि इन दिनों छत्तीसगढ़ के उत्तरी हिस्सों में घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई है। कई इलाकों में कुछ मीटर दूर तक देख पाना मुश्किल हो रहा है। प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि कोहरे के दौरान सावधानी बरतें, धीमी गति से चलें और फॉग लाइट का उपयोग जरूर करें।  

छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की रजत जयंती पर लोकनृत्य प्रतियोगिता, मैनपाट में होगा भव्य आयोजन

  ✍️ भागीरथी यादव   रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड द्वारा 8 दिसंबर से 21 दिसंबर 2025 तक विशेष गतिविधियों और प्रतियोगिताओं की भव्य श्रृंखला आयोजित की जा रही है। इस आयोजन के तहत प्रदेश के विभिन्न प्रमुख पर्यटन स्थलों, रिसॉर्ट्स एवं पर्यटन बोर्ड के प्रधान कार्यालय रायपुर में विविध रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य छत्तीसगढ़ पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है।   इसी क्रम में छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड द्वारा 19 दिसंबर 2025 को सरगुजा जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मैनपाट स्थित करमा रिसॉर्ट में लोकनृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी को 7 हजार रुपये नकद, द्वितीय स्थान पर 5 हजार रुपये तथा तृतीय स्थान पर 3 हजार रुपये नकद पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। सभी विजेताओं को प्रमाणपत्र भी भेंट किए जाएंगे।   पर्यटन बोर्ड ने बताया कि प्रतियोगिता के दौरान लिए गए छायाचित्रों और वीडियो को छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की प्रचार सामग्री एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा। इससे प्रतिभागियों को राज्य ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा पहचान दिलाने का अवसर मिलेगा।   यह आयोजन न केवल छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोककला और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देगा, बल्कि स्थानीय पर्यटन को भी नई गति प्रदान करेगा। पर्यटन बोर्ड ने राज्य के युवाओं, कलाकारों, पर्यटकों और आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर इस आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।   अधिक जानकारी के लिए इच्छुक प्रतिभागी मोबाइल नंबर +91-93991-61360 पर संपर्क कर सकते हैं।

रायपुर में चाकूबाजी से दहशत, पहाड़ी तालाब बना खून से सना रणक्षेत्र

    ✍️ भागीरथी यादव    रायपुर। राजधानी रायपुर एक बार फिर चाकूबाजी की सनसनीखेज वारदात से दहल उठी। पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के पहाड़ी तालाब परिसर में रविवार रात उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब कुछ युवकों के बीच हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। देखते ही देखते धारदार चाकू निकल आए और तालाब परिसर खून से सन गया।   प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रात करीब 8 से 9 बजे के बीच बीयर पीने को लेकर शुरू हुई कहासुनी ने अचानक उग्र रूप धारण कर लिया। युवकों के बीच पहले गाली-गलौच हुई, फिर मारपीट शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर एक युवक ने अपने पास रखे चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।   घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें युवक सड़क पर गिरते-पड़ते भागते नजर आ रहे हैं। एक युवक हाथ में बेल्ट लेकर दौड़ता दिखाई देता है, जबकि तालाब परिसर और सड़क पर खून के छींटे साफ देखे जा सकते हैं।   इस हमले में तीन युवक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। किसी के सीने में तो किसी के पेट में गहरी चोट आई है, वहीं एक युवक के बाएं हाथ में गंभीर जख्म बताया जा रहा है। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।   सूत्रों के मुताबिक, यह मामला किसी संगठित गैंगवार का नहीं, बल्कि रोजाना तालाब परिसर में बैठने वाले युवकों के आपसी विवाद का है। बावजूद इसके, इस वारदात ने इलाके में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है।   इधर, वारदात को लेकर स्थानीय पार्षद सरिता दुबे ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि क्षेत्र में असामाजिक तत्वों की गतिविधियों की शिकायतें पहले भी की गई थीं, लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, जिसका नतीजा यह हिंसक घटना है।   फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान में जुटी है। इलाके में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है, लेकिन सवाल यह है कि क्या राजधानी में बढ़ती चाकूबाजी की घटनाओं पर अब प्रभावी अंकुश लग पाएगा या नहीं।

बालोद में भीषण सड़क हादसा: कार-बाइक-ट्रक की टक्कर, दो की मौके पर मौत, चार गंभीर

✍️ भागीरथी यादव   बालोद जिले में आज सुबह दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार अर्टिका कार चालक ने नियंत्रण खोते हुए पहले एक मोटरसाइकिल को टक्कर मारी और फिर सड़क किनारे खड़े ट्रक से जा भिड़ा। हादसे में कार सवार दो युवकों—यस करण और आकाश बोरकर—की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलते ही डौंडी पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक तौर पर हादसे का कारण तेज रफ्तार और लापरवाही माना जा रहा है। घटना से इलाके में शोक का माहौल है।

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