दुर्ग पुलिस की सख्त कार्रवाई, व्हाट्सऐप से चल रहे जुआ-सट्टा रैकेट पर शिकंजा

✍️ भागीरथी यादव     दुर्ग जिले में जुआ-सट्टा के खिलाफ पुलिस ने बड़ी और प्रभावशाली कार्रवाई करते हुए मोबाइल व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए अवैध सट्टा खिलाने व खेलने वालों पर करारा प्रहार किया है। पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 7 मोबाइल फोन और 23 हजार रुपए नगद सट्टा राशि जब्त की है। सभी आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। मुखबिर की सूचना पर त्वरित कार्रवाई पुलिस को 20 जनवरी 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि थाना भिलाई नगर क्षेत्र के सिविक सेंटर स्थित मुन्ना जूस कार्नर के पास कुछ लोग मोबाइल व्हाट्सऐप के जरिए जुआ-सट्टा खेल रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी और घेराबंदी कर संदेहियों को पकड़ा। मौके से रंगे हाथ पकड़े गए आरोपी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने नरेश देवांगन को पकड़ा, जिसके पास से एक मोबाइल फोन और 3,000 रुपए नगद सट्टा राशि बरामद की गई। वहीं उसके साथ मौजूद चिण्टू कुमार के पास से भी एक मोबाइल फोन और 5,000 रुपए नगद बरामद हुए। इस प्रकार मौके से कुल 8,000 रुपए नगद और 2 मोबाइल फोन जब्त किए गए। पुलिस ने दोनों के खिलाफ थाना भिलाई नगर में अपराध पंजीबद्ध कर तत्काल गिरफ्तार किया। जुआ-सट्टा माफियाओं में हड़कंप पुलिस की इस सख्त कार्रवाई से जुआ-सट्टा कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। दुर्ग पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि ऑनलाइन माध्यम से हो रहे अवैध जुआ-सट्टा पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है और किसी भी सूरत में ऐसे अपराध बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। पुलिस प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि कहीं इस तरह की अवैध गतिविधियों की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

बिलासपुर से बड़ी खबर: मिड-डे मील में लापरवाही पर हाईकोर्ट सख्त, बच्चों की सेहत सर्वोपरि — वहीं बर्खास्त शिक्षक को अंतरिम राहत

✍️ भागीरथी यादव   बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े दो अहम मामलों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए एक ओर जहां बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर प्रशासन को कठघरे में खड़ा किया है, वहीं दूसरी ओर एक शिक्षक के अधिकारों की रक्षा करते हुए न्यायिक संतुलन का स्पष्ट संदेश दिया है। मिड-डे मील मामला: दूषित भोजन पर हाईकोर्ट का स्वतः संज्ञान बिलासपुर में मिड-डे मील खाने से 25 बच्चों के बीमार पड़ने के गंभीर मामले में हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने इस घटना को बेहद संवेदनशील मानते हुए राज्य के मुख्य सचिव से विस्तृत जवाब तलब किया है। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि बच्चों को दूषित भोजन परोसा गया था। इस लापरवाही के चलते तीन शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। कोर्ट के निर्देश पर प्रभावित 25 बच्चों के परिजनों को प्रति बच्चा 5,000 रुपये मुआवजा दिया गया, जिसका वितरण 19 जनवरी 2026 को किया गया। इतना ही नहीं, भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए हाईकोर्ट ने सेंट्रल किचन सिस्टम लागू करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी आदेश दिया गया कि मिड-डे मील वितरण स्थल को बच्चों के अनुकूल, स्वच्छ और सुरक्षित बनाया जाए। कोर्ट ने साफ कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता और प्रशासन की जवाबदेही तय की जाएगी। फर्जी दस्तावेज मामला: बर्खास्त शिक्षक को हाईकोर्ट से राहत दूसरी ओर, बिलासपुर में ही फर्जी दस्तावेज पेश करने के आरोप में बर्खास्त किए गए शिक्षक ईश्वरी निर्मलकर को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। ईश्वरी निर्मलकर सहित छह याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने बर्खास्तगी आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। ईश्वरी निर्मलकर की नियुक्ति वर्ष 2007 में शिक्षाकर्मी वर्ग-3 के रूप में हुई थी। 2009 में सेवा नियमित 2018 में स्कूल शिक्षा विभाग में एब्जॉर्प्शन 2023 में प्राइमरी स्कूल हेडमास्टर के पद पर पदोन्नति हालांकि, उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज है, लेकिन उसका ट्रायल अभी लंबित है। इसके बावजूद जिला शिक्षा अधिकारी, धमतरी द्वारा 6 जनवरी 2026 को उन्हें बर्खास्त कर दिया गया था। हाईकोर्ट ने इस आदेश पर रोक लगाते हुए यह संकेत दिया कि जब तक दोष सिद्ध न हो, तब तक कर्मचारी के अधिकारों की अनदेखी नहीं की जा सकती। न्यायालय का स्पष्ट संदेश इन दोनों मामलों में हाईकोर्ट का रुख यह दर्शाता है कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता है वहीं शिक्षकों और कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा भी उतनी ही जरूरी है किसी भी निर्णय में उचित प्रक्रिया और संवैधानिक संतुलन अनिवार्य है हाईकोर्ट की यह सक्रियता न केवल शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि प्रशासन के लिए भी एक कड़ा संदेश है कि लापरवाही और मनमानी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

कोविड मृत्यु बीमा दावा खारिज करना पड़ा महंगा, मैक्स लाइफ को 1 करोड़ रुपये भुगतान का आदेश

✍️ भागीरथी यादव   बिलासपुर। कोविड-19 से हुई मृत्यु के एक मामले में बिलासपुर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने बीमा कंपनियों के लिए नजीर बनने वाला फैसला सुनाया है। आयोग ने मैक्स लाइफ इंश्योरेंस को मृतका के परिजनों को 1 करोड़ रुपये की बीमा राशि 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित देने का निर्देश दिया है। साथ ही मानसिक प्रताड़ना और वाद व्यय के रूप में 2 लाख रुपये अतिरिक्त भुगतान का आदेश भी दिया गया है। उपभोक्ता को मानसिक प्रताड़ना मानते हुए लगाया जुर्माना आयोग ने अपने फैसले में स्पष्ट कहा कि बीमा दावा खारिज करना न केवल उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि इससे पीड़ित परिवार को गहरी मानसिक पीड़ा भी पहुंची। आयोग ने माना कि कंपनी का यह रवैया बीमा नियमों के खिलाफ है और इसी आधार पर हर्जाना लगाया गया। पॉलिसी जारी होने से पहले पूरी तरह स्वस्थ थीं मृतका मामले के अनुसार बिलासपुर निवासी कौशल प्रसाद कौशिक ने अपनी पत्नी शैल कौशिक के नाम पर मैक्स लाइफ इंश्योरेंस का ‘प्लैटिनम वेल्थ प्लान’ लिया था। पॉलिसी जारी करने से पहले बीमा कंपनी द्वारा कराई गई मेडिकल जांच में शैल कौशिक को पूरी तरह स्वस्थ घोषित किया गया था। कोविड संक्रमण के बाद बिगड़ी हालत, इलाज के दौरान मौत सितंबर 2020 में शैल कौशिक कोविड-19 से संक्रमित हुईं। इलाज के दौरान उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई और 11 अक्टूबर 2020 को उनका निधन हो गया। इसके बाद पति द्वारा नियमानुसार बीमा दावा प्रस्तुत किया गया। ‘पहले से बीमारी’ का दावा आयोग ने किया खारिज बीमा कंपनी ने यह कहकर दावा अस्वीकार कर दिया था कि पॉलिसीधारक पहले से गंभीर बीमारी से ग्रस्त थीं। आयोग ने इस दलील को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि कंपनी की अपनी मेडिकल रिपोर्ट में महिला को स्वस्थ बताया गया था, ऐसे में दावा खारिज करना अनुचित है। तुरंत भुगतान करने के निर्देश उपभोक्ता आयोग ने मैक्स लाइफ इंश्योरेंस को निर्देश दिए हैं कि मृतका के परिजनों को— 1 करोड़ रुपये की बीमा राशि उस पर 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज 2 लाख रुपये मानसिक पीड़ा व वाद व्यय का भुगतान तत्काल किया जाए। आयोग के इस फैसले को कोविड से जुड़े बीमा दावों में उपभोक्ताओं के अधिकारों की बड़ी जीत माना जा रहा है।

छत्तीसगढ़ शासन में आईएएस अधिकारियों के दायित्वों में फेरबदल, प्रशासनिक आदेश जारी

✍️ भागीरथी यादव    रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के कार्यदायित्वों में परिवर्तन करते हुए महत्वपूर्ण प्रशासनिक आदेश जारी किए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार आयुक्त स्तर पर पदस्थापना और अतिरिक्त प्रभार में बदलाव किया गया है। आदेश के तहत वर्ष 2009 बैच की आईएएस अधिकारी किरण कौशल को आगामी आदेश तक आयुक्त, समग्र शिक्षा के पद पर पदस्थ किया गया है। इसके साथ ही उन्हें छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के प्रबंध संचालक का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। शासन ने स्पष्ट किया है कि समग्र शिक्षा का कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से यह पद भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिसमय वेतनमान के समकक्ष माना जाएगा। इसी क्रम में वर्ष 2009 बैच के आईएएस अधिकारी अवनीश कुमार शरण, जो वर्तमान में आयुक्त, नगर एवं ग्राम निवेश के पद पर कार्यरत हैं तथा गृह निर्माण मंडल का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं, को रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) का मुख्य कार्यपालन अधिकारी नियुक्त किया गया है। वे यह जिम्मेदारी अपने वर्तमान दायित्वों के साथ अतिरिक्त रूप से निभाएंगे। वहीं प्रशासनिक अनुभव को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2017 बैच के आईएएस अधिकारी आकाश छिकारा को जिला बस्तर का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। वे अब तक आवास एवं पर्यावरण विभाग में संयुक्त सचिव के पद पर पदस्थ थे और साथ ही रायपुर विकास प्राधिकरण के सीईओ का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे। शासन के इस आदेश को प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

रायपुर–ओडिशा रेल रूट पर बड़ा असर: यार्ड रीमॉडलिंग के चलते 4 पैसेंजर ट्रेनें रद्द

✍️ भागीरथी यादव   रायपुर | छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच रेल से सफर करने वालों के लिए अहम खबर है। ईस्ट कोस्ट रेलवे के संबलपुर मंडल में आरंगमहानदी स्टेशन और टीटलागढ़–लखोली सेक्शन पर यार्ड रीमॉडलिंग का कार्य किया जाएगा। इस तकनीकी कार्य के चलते रायपुर से चलने वाली चार महत्वपूर्ण पैसेंजर ट्रेनों को अस्थायी रूप से रद्द कर दिया गया है। रेलवे प्रशासन के मुताबिक 31 जनवरी से 4 फरवरी 2026 के बीच रायपुर–विशाखापट्टनम पैसेंजर (58527) विशाखापट्टनम–रायपुर पैसेंजर (58528) रायपुर–जूनागढ़ रोड पैसेंजर (58207) रद्द रहेंगी। वहीं जूनागढ़ रोड–रायपुर पैसेंजर (58208) 1 फरवरी से 5 फरवरी 2026 तक संचालित नहीं होगी। रेलवे ने यात्रियों से असुविधा के लिए खेद जताते हुए अपील की है कि यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी पूछताछ केंद्र से जरूर प्राप्त

जांजगीर-चांपा: ट्रक ड्राइवर से लूटपाट, आदतन अपराधी गिरफ्तार

✍️ भागीरथी यादव   अकलतरा थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे 49 पर घटी वारदात, आरोपी का आधार कार्ड से हुआ पर्दाफाश जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा थाना क्षेत्र में एक ट्रक ड्राइवर के साथ मारपीट कर लूटपाट करने के मामले में पुलिस ने आदतन अपराधी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने पीड़ित ड्राइवर से 3 हजार रुपये लूटे थे। 18 जनवरी की रात करीब 10 बजे, तरौद चौक से आगे स्थित नेशनल हाईवे पर ट्रक ड्राइवर प्रहलाद महंत पर एक हमले का प्रयास हुआ। आरोपी गजेंद्र केवट (27 वर्ष) ने खड़े ट्रक के कैबिन में घुसकर चालक के साथ बेल्ट और हाथ-मुक्कों से मारपीट की। मारपीट के बाद आरोपी ने ड्राइवर की जेब से 3 हजार रुपये लूट लिए और मौके से फरार हो गया। घटना के बाद पुलिस ने तत्परता से जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल पर निरीक्षण के दौरान आरोपी का आधार कार्ड बरामद किया, जिससे उसकी पहचान गजेंद्र केवट के रूप में हुई, जो बिलासपुर जिले के मस्तुरी थाना क्षेत्र का निवासी है। आधार कार्ड के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में गजेंद्र केवट ने लूटपाट की वारदात को कबूल किया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने लूटी गई राशि में से 1,500 रुपये और घटना में इस्तेमाल की गई चमड़े की बेल्ट बरामद की। पुलिस के अनुसार, गजेंद्र केवट एक आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। यह घटना जिले में अपराध की रोकथाम के लिए पुलिस की सक्रियता और तत्परता को उजागर करती है, जिसमें एक ही दिन में आरोपी को गिरफ्तार किया गया और लूटी गई रकम का हिस्सा भी बरामद कर लिया गया।

शादी का झांसा देकर 13 साल की नाबालिग से दुष्कर्म, आरोपी सुनील कश्यप गिरफ्तार

✍️ भागीरथी यादव   जांजगीर-चांपा। जिले के बलौदा थाना क्षेत्र में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक 20 वर्षीय युवक ने 13 साल की मासूम बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाया। आरोपी उसे शादी का झांसा देकर बहला-फुसलाकर भगा ले गया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, घटना 16 जनवरी की है। पीड़िता के परिजनों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि जब उनकी बेटी घर पर अकेली थी, तभी कोई अज्ञात व्यक्ति उसे फुसलाकर अपने साथ ले गया। काफी खोजबीन के बाद जब बेटी का पता नहीं चला, तो परिजनों ने बलौदा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। 3 दिन बाद ‘पचरी’ में मिली मासूम पुलिस की विशेष टीम ने जब जांच का दायरा बढ़ाया, तो मुखबिर से सूचना मिली कि बालिका ग्राम पचरी निवासी सुनील कश्यप (20 वर्ष) के घर पर है। पुलिस ने तत्काल दबिश देकर नाबालिग को सकुशल बरामद किया और आरोपी को हिरासत में लिया। रिश्ते को किया कलंकित, पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई पूछताछ के दौरान पीड़िता ने जो आपबीती सुनाई वह दिल दहला देने वाली थी। आरोपी सुनील ने उसे शादी का सपना दिखाकर  उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। आरोपी ने पूछताछ में अपना अपराध कबूल कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आईपीसी की धाराओं के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) भी जोड़ दिया है। पपुलिस ने नाबालिग को उसके परिजनों को सौंप दिया है, वहीं आरोपी सुनील कश्यप को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस की अपील: परिजनों को सलाह दी जाती है कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें और किसी भी संदिग्ध परिस्थिति में तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें।

सड़क सुरक्षा से सेवा तक: चिरमिरी पुलिस की पहल, रक्तदान शिविर में उमड़ा जनसैलाब।

✍️ भागीरथी यादव     एमसीबी/ पूरे देश में चलाए जा रहे यातायात जागरूकता माह के परिपालन में पुलिस अधीक्षक जिला एमसीबी के निर्देशानुसार जिले में विभिन्न जनहितकारी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में नगर पुलिस अधीक्षक चिरमिरी के दिशा-निर्देशन में थाना प्रभारी चिरमिरी विजय सिंह द्वारा आज दिनांक 21 जनवरी 2026 को जिला अस्पताल चिरमिरी में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। रक्तदान शिविर में चिरमिरी क्षेत्र के आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता करते हुए रक्तदान महादान की भावना को साकार किया। कार्यक्रम के दौरान पुलिस कर्मचारियों के साथ-साथ आम नागरिकों ने भी स्वेच्छा से रक्तदान किया। थाना प्रभारी विजय सिंह द्वारा रक्तदान करने वाले नागरिकों एवं पुलिस कर्मियों को यातायात जागरूकता माह के अंतर्गत अपनी तथा दूसरों की सुरक्षा के लिए हेलमेट उपयोग एवं यातायात नियमों के पालन का संदेश देते हुए पुलिस अधीक्षक एमसीबी द्वारा प्रदत्त प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर आयोजित रक्तदान शिविर में कुल 50 नागरिकों ने रक्तदान कर कार्यक्रम को पूर्ण सफलता दिलाई। आयोजन का उद्देश्य न केवल रक्तदान को बढ़ावा देना था, बल्कि यातायात नियमों के प्रति जनजागरूकता फैलाकर सुरक्षित समाज का निर्माण करना भी रहा।    

दुर्ग में भ्रष्टाचार पर एसएसपी का कड़ा प्रहार, रिश्वतखोर प्रधान आरक्षक निलंबित

✍️ भागीरथी यादव     दुर्ग। पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए एसएसपी विजय अग्रवाल ने नंदिनी थाना में पदस्थ प्रधान आरक्षक बद्री सिंह भुवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। आरोप है कि सड़क दुर्घटना में मृत व्यक्ति के परिजनों से एफआईआर दर्ज करने के बदले प्रधान आरक्षक ने 5 हजार रुपये की रिश्वत ली थी। मृतक के परिजनों ने इस मामले की लिखित शिकायत सीधे एसएसपी से की थी। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने तत्काल जांच टीम गठित की। जांच के दौरान आरोप सही पाए गए और रिश्वत लेने की पुष्टि हुई। एसएसपी विजय अग्रवाल ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जीरो टॉलरेंस नीति के तहत दोषी प्रधान आरक्षक को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और आम जनता में यह संदेश गया है कि कानून के रक्षक अगर कानून तोड़ेंगे तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी।  

बीजापुर में नक्सली आतंक की दहला देने वाली वारदात, दिनदहाड़े पूर्व सरपंच की गोली मारकर हत्या

  बीजापुर (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से नक्सली हिंसा की एक सनसनीखेज और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। पामेड़ थाना क्षेत्र के कावरगट्टा गांव में नक्सलियों ने दिनदहाड़े पूर्व सरपंच भीमा मड़कम की गोली मारकर हत्या कर दी। इस वारदात के बाद पूरे इलाके में दहशत और तनाव का माहौल व्याप्त है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नक्सली अचानक गांव के खेत में पहुंचे, जहां ग्रामीण मौजूद थे। लोगों के बीच ही नक्सलियों ने पूर्व सरपंच भीमा मड़कम को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ गोली चला दी। गोली लगते ही भीमा मड़कम की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद नक्सली मौके से फरार हो गए। हत्या की खबर फैलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस बल घटनास्थल पर पहुंचा और इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस नक्सलियों की तलाश में सर्च ऑपरेशन चला रही है। जानकारी के मुताबिक, भीमा मड़कम आज ही दंतेवाड़ा जिले के बचेली से अपने गांव लौटा था। बताया जा रहा है कि पूर्व में भी उस पर नक्सली हमला हो चुका था, जिसमें वह बाल-बाल बच गया था, लेकिन इस बार नक्सली अपने इरादों में सफल हो गए। यह घटना एक बार फिर बस्तर अंचल में नक्सली खतरे की गंभीरता को उजागर करती है और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, वहीं ग्रामीणों में भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।

अन्य खबरे

स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय कोरबी में सरस्वती पूजन हर्षोल्लास से संपन्न
उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व में बड़ी कार्रवाई, अवैध शिकार करते 3 आरोपी गिरफ्तार, भेजे गए जेल
धान खरीदी महापर्व में भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार, बालोद में दो अधिकारी निलंबित देखे आदेश
छत्तीसगढ़ वाणिज्यिक कर विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, कई जिलों में कर्मचारियों के तबादले
खड़गवां पुलिस की अनूठी पहल, गांव-गांव पहुंचा सड़क सुरक्षा का संदेश
चट्टानपारा बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ सड़कों पर उतरे पीड़ित