सड़क नहीं, सड़ा हुआ सिस्टम बिछाया गया: एमसीबी में पीएमजीएसवाई घोटाले ने सुशासन की पोल खोली

✍️ भागीरथी यादव   एमसीबी। जिला एमसीबी में सामने आया पीएमजीएसवाई सड़क घोटाला अब महज एक निर्माण में हुई गड़बड़ी नहीं रहा, बल्कि यह उस व्यवस्था का आईना बन गया है, जिसमें विकास से पहले भ्रष्टाचार की परत चढ़ा दी जाती है। छत्तीसगढ़ में सुशासन के दावों के बीच यह मामला जमीनी हकीकत को बेनकाब करता है, जहां जनता की मेहनत की कमाई विकास के नाम पर खुलेआम लूटी जा रही है। खड़गवां ब्लॉक के ग्राम पंचायत कदरेवा, भूकभूकी और बरबसपुर में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत कराई गई सड़क मरम्मत ने शासन-प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस सड़क को वर्षों तक ग्रामीणों की सेवा करनी थी, वह निर्माण के अगले ही दिन उखड़ने लगी। ग्रामीणों ने अपनी उंगलियों से डामर निकालकर घटिया गुणवत्ता की सच्चाई उजागर कर दी। स्थल पर की गई पड़ताल में सामने आया कि निर्माण कार्य में न तो मानक गुणवत्ता का डामर इस्तेमाल किया गया और न ही तय मोटाई का पालन हुआ। सड़क की मोटाई महज 4 से 5 मिलीमीटर पाई गई। मिट्टी के ऊपर सीधे डामर डाल दिया गया, बिना बेस तैयार किए और बिना रोलर से उचित कम्पैक्शन किए। यह निर्माण नहीं, बल्कि सरकारी धन का सुनियोजित दुरुपयोग प्रतीत होता है। जब ग्रामीणों ने इस घोटाले का विरोध किया, तो ठेकेदार से जुड़े लोगों ने कथित तौर पर धमकी देते हुए कहा कि उनकी “ऊपर तक सेटिंग” है और उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। यह बयान केवल ठेकेदार की दबंगई नहीं, बल्कि उस पूरे तंत्र पर सवाल है, जो भ्रष्टाचार को संरक्षण देता है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इतने गंभीर आरोप और सबूत सामने आने के बावजूद प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से जुड़े जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। उनकी यह खामोशी कई सवाल खड़े करती है—क्या यह लापरवाही है या फिर मिलीभगत? अब जनता पूछ रही है कि क्या दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी, या फिर यह मामला भी कागजों में दबाकर सुशासन के खोखले दावों से ढक दिया जाएगा। एमसीबी की यह सड़क नहीं, बल्कि सिस्टम की दरार है, जिसे अब अनदेखा करना मुश्किल हो गया है।

एनएच-30 पर रफ्तार का कहर: हिट एंड रन में ग्राम कोटवार की मौत, आक्रोशित लोगों का चक्काजाम

  कवर्धा। कवर्धा जिले में तेज रफ्तार और लापरवाही एक बार फिर जानलेवा साबित हुई। रायपुर–जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-30) पर हुए हिट एंड रन हादसे में ग्राम कोटवार दिलीप पात्रे की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन समेत फरार हो गया, जिससे लोगों में भारी रोष फैल गया। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए और न्याय की मांग को लेकर एनएच-30 पर चक्काजाम कर दिया। कुछ देर के लिए राजमार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया और दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं। सूचना पर सिटी कोतवाली थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और लोगों को समझाइश देकर जाम खुलवाया। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मर्च्युरी भेज दिया है। पुलिस ने फरार ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश तेज कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं और ट्रक की पहचान के प्रयास जारी हैं। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से आरोपी चालक की शीघ्र गिरफ्तारी, मृतक परिवार को मुआवजा तथा एनएच-30 पर तेज रफ्तार वाहनों पर सख्त नियंत्रण की मांग की है।

एनएच-63 पर भीषण हादसा: अनियंत्रित ट्रेलर पलटा, बिजली खंभे से टकराकर धधका वाहन, चालक के जिंदा जलने की आशंका

  बीजापुर। जिले के एनएच-63 पर मंगलवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे से हड़कंप मच गया। गदामल्ली चौक नयापारा मिंगाचल के पास रायपुर पासिंग नंबर का एक ट्रेलर अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया और सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे से जा टकराया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि देखते ही देखते ट्रेलर में भीषण आग लग गई और पूरा वाहन आग के गोले में तब्दील हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के बाद आग की लपटें दूर से दिखाई दे रही थीं, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बताया जा रहा है कि ट्रेलर हैदराबाद की ओर जा रहा था। घटना के बाद काफी देर तक चालक का कोई सुराग नहीं मिल सका, जिससे आशंका जताई जा रही है कि वह आग की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया या उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही नैमेड थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और दमकल विभाग को बुलाया गया। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और चालक की तलाश की जा रही है। हादसे के चलते कुछ समय के लिए मार्ग पर यातायात भी प्रभावित रहा।

जांजगीर–चांपा में जुआरियों पर पुलिस का शिकंजा, 5 आरोपी रंगे हाथ गिरफ्तार

  जांजगीर–चांपा। जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। कोतवाली थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने जुआ फड़ पर छापा मारते हुए 5 जुआरियों को मौके पर ही रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 18 हजार 170 रुपये नकद और 52 पत्ती ताश जप्त की है। सभी आरोपी सार्वजनिक स्थान पर पैसों का दांव लगाकर जुआ खेलते पाए गए। गिरफ्तार किए गए जुआरियों में सरोज थवाईत, भरत राठौर, रामनारायण राठौर, राजकुमार सूर्यवंशी और विशाल सिंह शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पांडेय (आईपीएस) के निर्देशन में की गई। मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर ग्राम गौद नाला के पास घेराबंदी कर दबिश दी गई। पुलिस को देखकर आरोपी भागने का प्रयास करने लगे, लेकिन टीम की सतर्कता से सभी को पकड़ लिया गया। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की है। वहीं, पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में जुआ, सट्टा और अन्य अवैध गतिविधियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त अभियान जारी रहेगा।

पश्चिम बंगाल में गूंजा छत्तीसगढ़ का नाम: अंतरराष्ट्रीय कराटे चैंपियनशिप में बेटियों ने रचा इतिहास, दोहरे स्वर्ण पदक के साथ राज्य को मिला प्रथम स्थान

छत्तीसगढ़ की बेटियों ने अंतरराष्ट्रीय कराटे मंच पर रचा इतिहास   पश्चिम बंगाल के हावड़ा में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कराटे व काटा प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ को प्रथम स्थान   हावड़ा/छत्तीसगढ़। पश्चिम बंगाल के हावड़ा में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कराटे एवं काटा प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की बालिकाओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया और प्रदेश का नाम देश-विदेश में रोशन किया। प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की टीम ने कराटे काटा और टीम काटा दोनों वर्गों में गोल्ड मेडल जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।   कोच अनुराधा गिरी रहीं सफलता की सूत्रधार   इस ऐतिहासिक उपलब्धि के पीछे छत्तीसगढ़ की कोच अनुराधा गिरी की अहम भूमिका रही। उन्होंने न केवल खिलाड़ियों को तकनीकी रूप से सशक्त प्रशिक्षण दिया, बल्कि प्रतियोगिता के दौरान रेफरी/शेप (Referee/Shape) की भूमिका निभाते हुए निष्पक्ष और अनुशासित खेल का भी परिचय दिया। अनुराधा गिरी के मार्गदर्शन, अनुशासन और रणनीतिक तैयारी ने खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को नई ऊँचाई दी, जिसका परिणाम गोल्ड मेडल के रूप में सामने आया।   गोल्ड मेडल विजेता खिलाड़ी   • अर्चना नायक   • पल्लवी साहू   • पुष्पांजलि साहू   तीनों खिलाड़ियों ने कराटे काटा वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया। वहीं अर्चना नायक और पल्लवी साहू ने टीम काटा में भी गोल्ड मेडल जीतकर दोहरी सफलता दर्ज की।   प्रदेश में खुशी की लहर   अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली इस उपलब्धि से प्रदेश के खेल जगत में हर्ष और गर्व का माहौल है। खेलप्रेमियों ने इसे छत्तीसगढ़ की बेटियों की मेहनत, अनुशासन और सक्षम कोचिंग का प्रतिफल बताया है। खिलाड़ियों और कोच अनुराधा गिरी को बधा इयों का तांता लगा हुआ है।

युवा नेतृत्व के हाथ कमान: जेसी तरुण बत्रा चुने गए जेसीआई रायपुर मेट्रो के नए अध्यक्ष

अध्यक्ष पद पर जे.सी. तरुण बत्रा की ताजपोशी, जेसीआई रायपुर मेट्रो की 2026 कार्यकारिणी घोषित   रायपुर। जेसीआई रायपुर मेट्रो की वर्ष 2026 की नई कार्यकारिणी की औपचारिक घोषणा आज अध्याय के संस्थापक जेसीआई सेन. चेतन तरवानी के कार्यालय में आयोजित बैठक के दौरान की गई। इस महत्वपूर्ण अवसर पर जोन उपाध्यक्ष जेसी आशीष भूटानी एवं तत्कालीन पूर्व अध्यक्ष जेसी सोनू पंजवानी विशेष रूप से उपस्थित रहे।   बैठक में सर्वसम्मति से जे.सी. तरुण बत्रा को वर्ष 2026 के लिए अध्यक्ष चुना गया। संगठन के प्रति उनकी निरंतर सक्रियता, नेतृत्व क्षमता एवं युवा सदस्यों के बीच मजबूत पकड़ को देखते हुए यह निर्णय लिया गया। अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिलते ही जेसीआई रायपुर मेट्रो में नए उत्साह और ऊर्जा का संचार देखने को मिला।   नई कार्यकारिणी में   • जे.सी. तरुण बत्रा – अध्यक्ष   • जे.सी. रंजीत अरोड़ा – सचिव   • सेन. जे.सी. विक्रम शर्मा – अध्याय प्रभारी   • एच.जी.एफ. जे.सी. दीपक मेघानी – कोषाध्यक्ष नियुक्त किए गए।   तरुण बत्रा: युवा नेतृत्व की पहचान नवनियुक्त अध्यक्ष जे.सी. तरुण बत्रा को संगठन में एक ऊर्जावान, दूरदर्शी और कर्मठ लीडर के रूप में जाना जाता है। जेसीआई के विभिन्न प्रोजेक्ट्स में उनकी सक्रिय भूमिका, टीम को साथ लेकर चलने की क्षमता और सामाजिक सरोकारों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को देखते हुए उन्हें अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। संगठन के सदस्यों में यह विश्वास है कि उनके नेतृत्व में जेसीआई रायपुर मेट्रो नई ऊंचाइयों को छुएगा।   इस अवसर पर संस्थापक जेसीआई सेन. चेतन तरवानी सहित उपस्थित सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों ने नई कार्यकारिणी को बधाई देते हुए कहा कि यह टीम संगठन को और अधिक सशक्त, प्रभावी एवं समाजोपयोगी गतिविधियों की ओर ले जाएगी। कार्यक्रम के अंत में सभी ने जेसीआई रायपुर मेट्रो के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कॉलेज बस में शर्मनाक हरकतें: छात्राओं की हिम्मत रंग लाई, कंडक्टर गिरफ्तार

✍️ भागीरथी यादव   डोंगरगढ़। सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं की सुरक्षा को चुनौती देने वाले एक मामले में डोंगरगढ़ पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए निजी बस के कंडक्टर को गिरफ्तार किया है। कॉलेज छात्राओं के साथ लंबे समय से छेड़छाड़ और अभद्र व्यवहार कर रहे आरोपी की हरकतों से क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है। पीड़ित छात्राओं के अनुसार, कॉलेज आने-जाने के दौरान बस में सफर करते समय आरोपी कंडक्टर लगातार अशोभनीय टिप्पणियां करता था और जानबूझकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था। रोजाना उसी बस से यात्रा करने की मजबूरी के चलते छात्राएं भय और तनाव में जी रही थीं, लेकिन आखिरकार उन्होंने साहस दिखाते हुए परिजनों के साथ थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही डोंगरगढ़ पुलिस हरकत में आई। त्वरित जांच और छात्राओं के बयान के आधार पर पुलिस ने आरोपी कंडक्टर नेतराम यादव, निवासी सुकुलदैहान, को हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद उसके खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं में मामला दर्ज कर विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया। “महिलाओं की सुरक्षा सर्वोपरि” — एडिशनल एसपी एडिशनल एसपी पुष्पेंद्र नायक ने मामले पर स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि छात्राओं के बयान पूरी तरह स्पष्ट और विश्वसनीय हैं। उन्होंने दो टूक कहा, “महिलाओं और छात्राओं की गरिमा से कोई समझौता नहीं होगा। सार्वजनिक परिवहन में इस तरह की घटनाओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।” यह कार्रवाई न केवल पीड़ित छात्राओं को न्याय दिलाने की दिशा में अहम कदम है, बल्कि समाज में यह संदेश भी देती है कि अब चुप्पी नहीं, कार्रवाई होगी।

सटीक विवेचना की जीत: बिलासपुर में नशे के सौदागर को 15 साल की सज़ा

  बिलासपुर। एनडीपीएस एक्ट के मामलों में अक्सर आरोपी तकनीकी खामियों का सहारा लेकर कानून की पकड़ से बाहर निकल जाते हैं, लेकिन इस बार तस्वीर बिल्कुल अलग रही। बिलासपुर पुलिस ने परंपरागत तरीके नहीं, बल्कि सटीक विवेचना को हथियार बनाया—और नतीजा ऐतिहासिक सज़ा के रूप में सामने आया। तकनीक नहीं, कानून बोला पुलिस ने जब्ती से लेकर सैंपलिंग तक एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 और 22 के सभी प्रावधानों का अक्षरशः पालन किया। हर प्रक्रिया में शुद्धता और पारदर्शिता रखी गई, जिससे बचाव पक्ष के लिए तकनीकी दांव-पेंच बेअसर साबित हुए। रिकॉर्ड समय में चालान गिरफ्तारी के महज तीन महीने के भीतर—07 नवंबर 2023 को—पुलिस ने ठोस साक्ष्यों के साथ चार्जशीट पेश कर दी। इस तेज़ और सटीक कार्रवाई ने मुकदमे की दिशा तय कर दी। अदालत में दमदार पक्ष विशेष लोक अभियोजक सूर्यकांत शर्मा और विवेचक सब-इंस्पेक्टर अवधेश सिंह ने अदालत के सामने ऐसे साक्ष्य रखे कि आरोपी का बचाव टिक नहीं सका। गवाहों, दस्तावेज़ों और फॉरेंसिक रिपोर्ट्स की कड़ी इतनी मजबूत थी कि न्यायालय को सख्त संदेश देने का आधार मिल गया। न्यायालय का कड़ा रुख न्यायाधीश श्रीमती किरण त्रिपाठी की अदालत ने इस अपराध को समाज के लिए गंभीर खतरा मानते हुए 3 जनवरी 2026 को फैसला सुनाया। आदेश स्पष्ट था—नशे के कारोबारियों के लिए कानून में कोई नरमी नहीं। सजा: 15 साल का कठोर कारावास और 1.5 लाख रुपये का जुर्माना। यह फैसला उन सभी के लिए चेतावनी है जो बिलासपुर की फिज़ा में नशे का ज़हर घोलने का मंसूबा रखते हैं। वर्दी का सम्मान, व्यवस्था की पहचान इस पूरी कानूनी लड़ाई के असली नायक रहे सब-इंस्पेक्टर अवधेश सिंह। उनकी पेशेवर और अनुशासित विवेचना से प्रभावित होकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह (IPS) ने उन्हें पुरस्कृत किया। यह सम्मान केवल एक अधिकारी का नहीं, बल्कि उस कार्यसंस्कृति का प्रमाण है जहाँ क्वालिटी इन्वेस्टिगेशन को प्राथमिकता दी जा रही है। घटना की शुरुआत 11 अगस्त 2023 को सिविल लाइन थाने के सब-इंस्पेक्टर अवधेश सिंह को एक छोटा लेकिन खतरनाक इनपुट मिला—“मिनी बस्ती का एक युवक युवाओं को नशे की दलदल में धकेलने की तैयारी में है।” पुलिस ने बिना देर किए जाल बिछाया। जरहाभाठा की तंग गलियों में कबाड़ी दुकान के पास घेराबंदी कर 23 वर्षीय आकाश कुर्रे को दबोच लिया गया।   यह मामला साबित करता है कि जब विवेचना सटीक हो और इरादे मजबूत हों—तो कानून की जीत तय होती है।  

रिश्वतखोरी का आरोप: चांपा कोर्ट में पदस्थ आरक्षक तत्काल प्रभाव से निलंबित

  ✍️ भागीरथी यादव   जांजगीर-चांपा। न्यायिक प्रक्रिया में भरोसे को झकझोरने वाला मामला सामने आया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, चांपा न्यायालय में पदस्थ कोर्ट मोहर्रिर आरक्षक रंजीत कुमार अनंत को रिश्वतखोरी और दुर्व्यवहार के गंभीर आरोपों के बाद तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अधिवक्ता प्रियंका द्वारा पुलिस अधीक्षक जांजगीर-चांपा को एक गंभीर शिकायत पत्र सौंपा गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि आरक्षक रंजीत कुमार अनंत ने न्यायालयीन कार्य से जुड़े मामले में तीन हजार रुपये की रिश्वत की मांग की, जिसमें से फोन-पे के माध्यम से 1000 रुपये प्राप्त किए गए, साथ ही शिकायतकर्ता के साथ दुर्व्यवहार भी किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रथम दृष्टया जांच के आधार पर आरक्षक रंजीत कुमार अनंत (आर.क्र. 107) को तत्काल निलंबित करते हुए रक्षित केंद्र, जांजगीर-चांपा में संबद्ध किया गया है। निलंबन अवधि में संबंधित आरक्षक को नियमानुसार निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। यह कार्रवाई पुलिस विभाग द्वारा भ्रष्टाचार के विरुद्ध अपनाई गई शून्य सहनशीलता नीति का स्पष्ट संकेत मानी जा रही है। वहीं, न्यायालय से जुड़े कर्मियों पर लगे इस तरह के आरोपों ने सिस्टम की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले में आगे की जांच और विभागीय कार्रवाई की संभावना से इंकार नहीं किया गया है।

मेडिकल कॉलेज और सड़कें बनेंगी, पर युवाओं के हाथ कब आएगा काम?

  मनेन्द्रगढ़ में यातायात अव्यवस्था और बेरोजगारी पर उठे सवाल मनेन्द्रगढ़। जिला मुख्यालय होने के बावजूद मनेन्द्रगढ़ शहर आज बुनियादी व्यवस्थाओं के अभाव से जूझ रहा है। शहर की संकरी और अव्यवस्थित सड़कें रोज़ाना यातायात जाम का कारण बन रही हैं, जिससे दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है, लेकिन इसके स्थायी समाधान की दिशा में अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। शहर के प्रमुख बाजार क्षेत्रों और चौक-चौराहों पर बेतरतीब ढंग से लगे सब्जी ठेले यातायात व्यवस्था को और अधिक बिगाड़ रहे हैं। स्थानीय पत्रकार आनंद शर्मा ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि यदि जिला प्रशासन चाहे, तो ठेलों के लिए वैकल्पिक और सुव्यवस्थित स्थान चिन्हित कर व्यवस्था को सुधारा जा सकता है। मनेन्द्रगढ़ में भूमि की कमी नहीं है, समस्या केवल प्रशासनिक इच्छाशक्ति की है। इसी बीच बेरोजगारी का सवाल भी लगातार गहराता जा रहा है। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि मनेन्द्रगढ़ विधायक श्याम बिहारी जायसवाल वास्तव में युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर हैं, तो उन्हें रोजगार सृजन की दिशा में ठोस योजना लानी होगी। शहर के बड़े पार्कों या सार्वजनिक परिसरों में योजनाबद्ध तरीके से दुकानों का निर्माण कर कई युवाओं को स्थायी रोजगार उपलब्ध कराया जा सकता है। गौरतलब है कि मनेन्द्रगढ़ में मेडिकल कॉलेज के निर्माण की योजना और सड़कों के लिए करोड़ों रुपये के बजट की स्वीकृति जैसे बड़े विकास कार्य प्रस्तावित हैं। लेकिन इन योजनाओं के बीच बेरोजगार युवाओं के लिए किसी दीर्घकालिक और स्थायी रोजगार योजना का अभाव साफ नजर आता है। आज मनेन्द्रगढ़ का आम नागरिक यही सवाल पूछ रहा है— क्या विकास सिर्फ इमारतों और सड़कों तक सीमित रहेगा, या युवाओं के भविष्य को भी संवारने की कोई ठोस पहल होगी?

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