रायपुर में 5 लाख की चोरी का खुलासा: किराएदार के घर से नगदी उड़ाने वाला आरोपी गिरफ्तार, पूरी रकम बरामद
✍️ भागीरथी यादव रायपुर। उरकुरा क्षेत्र स्थित किराए के मकान से हुई 5 लाख रुपये की चोरी का राज आखिरकार खुल गया है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा खमतराई थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की पूरी रकम बरामद कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। घटना खमतराई थाना क्षेत्र की है। प्रार्थी विजय कुमार सारथी (35), जो हर्षित विहार उरकुरा में किराए के मकान में रहता है, ने पुलिस को बताया कि उसने दो माह पहले अपने पैतृक मकान (जिला सक्ती) को 38 लाख रुपये में बेचा था। उसी राशि में से 5 लाख रुपये उसने 5 दिसंबर को घर में रखी टिना की पेटी में सुरक्षित रखे थे। लेकिन 8 दिसंबर की सुबह पेटी की जांच करने पर रुपये गायब मिले। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने धारा 331(4) एवं 305(1) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में गठित संयुक्त टीम ने जांच के दौरान इलाके में लगातार पतासाजी की। इसी दौरान अनिल कश्यप नामक युवक पर संदेह गहराया। उसे हिरासत में लेने के बाद कड़ाई से पूछताछ की गई, जिसमें उसने चोरी करना कबूल कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी की पूरी 5,00,000 रुपये की रकम बरामद कर ली। गिरफ्तार आरोपी अनिल कश्यप (19 वर्ष) सक्ती जिले के ग्राम अरेठीकला का निवासी है। पुलिस ने उसे न्यायिक प्रक्रिया के तहत गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस की तत्परता और प्रभावी कार्रवाई से क्षेत्र में सुरक्षा का भरोसा और मजबूत हुआ है।
खनिज साधन विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 22 अधिकारियों का तबादला
✍️ भागीरथी यादव रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने खनिज साधन विभाग में व्यापक प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 22 अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी किए हैं। राज्य सरकार की ओर से सोमवार को जारी इस आदेश में उप संचालक, खनिज अधिकारी, सहायक खनिज अधिकारी और खनिज निरीक्षक सहित विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत अधिकारियों को नई जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं। उप सचिव श्रीकांत वर्मा द्वारा हस्ताक्षरित आदेश के अनुसार, सभी अधिकारी अब राज्य के अलग-अलग जिलों में नई पदस्थापना पर अपनी सेवाएं देंगे। माना जा रहा है कि यह फेरबदल विभाग की व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी और सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से किया गया है। सूत्रों के अनुसार, खनिज विभाग के फील्ड स्तर के कार्यों में तेजी लाने, निगरानी मजबूत करने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिकारियों को शीघ्र ही अपने-अपने नए कार्यस्थलों में योगदान देने के निर्देश जारी किए गए हैं।
पत्रकार की कार में सुपारी देकर आग लगाने का मामला: सरपंच ममता डडसेना और सहयोगी रिंकू यादव गिरफ्तार
✍️ भागीरथी यादव बालोद। पत्रकार एवं हमर राज पार्टी के जिला अध्यक्ष देवेंद्र साहू की कार में सुपारी देकर आग लगाने की सनसनीखेज घटना में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। ग्राम अंगारी की सरपंच ममता डडसेना और उसके सहयोगी श्यामू उर्फ रिंकू यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। 1 दिसंबर की रात बुढ़ापारा वार्ड-20 स्थित साहू के घर में घुसे अज्ञात लोगों ने उनकी कार CG 24 W 7166 को आग के हवाले कर दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल ने विशेष टीम गठित की, जिसने जांच के दौरान पांच आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ में खुलासा हुआ कि सरपंच ममता के पति अश्वनी डडसेना ने जेल से पूरी साजिश रची थी, जबकि ममता और रिंकू यादव ने बाहरी आरोपियों को सुपारी, पैसा और पूरा पता उपलब्ध कराया था। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद 7 दिसंबर को जेल भेज दिया।
अभनपुर में बड़ी कार्रवाई: फर्जी दस्तावेज़ों से 48 सिम बेचने वाला आरोपी गिरफ्तार
✍️ भागीरथी यादव अभनपुर। फर्जी दस्तावेज़ों के सहारे 48 सिम कार्ड बेचकर पुलिस से महीनों तक बचता फिर रहा आरोपी शुभम गुप्ता आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया। वार्ड-7 निवासी शुभम पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज होने के बाद से वह लगातार फरारी काट रहा था। पुलिस ने विशेष टीम बनाकर उसकी तलाश तेज की और आज उसे पकड़कर न्यायालय में पेश किया। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है, वहीं पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच कर रही है।
रायपुर में पारिवारिक त्रासदी: पत्नी की हत्या के बाद पति ने भी दी जान, सुसाइड नोट ने खोली दिल का दर्द
✍️ भागीरथी यादव रायपुर। राजधानी रायपुर में एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया। खम्हारडीह थाना क्षेत्र में एक पति ने पहले अपनी पत्नी की हत्या कर दी और फिर गहरे भावनात्मक टूटन के चलते खुद भी ट्रेन के सामने कूदकर जान दे दी। घटना स्थल से मिले सुसाइड नोट ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। कैसे हुआ दर्दनाक हादसा ह मृतक की पहचान बिहार निवासी राजेंद्र गुप्ता के रूप में हुई है, जो रायपुर के चंडी नगर (खम्हारडीह) में किराए के मकान में रहता था और वेल्डिंग का काम करता था। पत्नी रेखा गुप्ता के साथ वह कई वर्षों से राजधानी में रह रहा था। बताया जा रहा है कि कुछ समय से दांपत्य जीवन में तनाव था, लेकिन इतना बड़ा कदम उठाए जाने की किसी को कल्पना भी नहीं थी। पहले पत्नी की हत्या, फिर रेलवे ट्रैक पर समाप्त की अपनी जिंदगी राजेंद्र ने शनिवार देर रात किसी विवाद के बाद अपनी पत्नी की हत्या कर दी। इसके बाद वह घर से निकल गया और सीधे लभांडी रेलवे पटरी पर पहुँचा। वहाँ उसने तेज रफ्तार ट्रेन के सामने कूदकर अपनी जान दे दी। घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइन सीएसपी रमाकांत साहू, तेलीबांधा पुलिस और खम्हारडीह थाना पुलिस मौके पर पहुँची। दोनों जगह पुलिस की मौजूदगी के बीच माहौल बेहद भारी था। भावनाओं से भरा सुसाइड नोट मिला राजेंद्र के पास से पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें वह लिखता है— > “मैं अपनी बीबी और बच्चों के बिना नहीं रह सकता… इसलिए मैं भी आत्महत्या कर रहा हूँ। मेरी मौत के बाद बच्चों को मेरे परिजनों के पास पहुँचा दिया जाए।” सुसाइड नोट का यह भावनात्मक और दर्दभरा ज़िक्र मामले को और भी मार्मिक बना देता है। दो मासूम बच्चों पर टूटा दुखों का पहाड़ इस दंपत्ति के दो छोटे बच्चे हैं, जिन पर अचानक से अनाथ होने का दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पुलिस बच्चों को सुरक्षित रखकर परिजनों से संपर्क कर रही है। इलाके में पसरा मातम, जांच जारी घटना की जानकारी फैलते ही चंडी नगर और आसपास के इलाकों में मातम जैसा माहौल बन गया। पड़ोसी भी सदमे में हैं कि एक परिवार देखते ही देखते कैसे बिखर गया। पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
जांजगीर-चांपा में अवैध खनन पर प्रशासन का बड़ा प्रहार, औचक जांच में पाँच वाहन जब्त — अब तक 76 प्रकरण दर्ज
✍️ भागीरथी यादव जांजगीर-चांपा। जिले में तेजी से बढ़ रही अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन गतिविधियों को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। कलेक्टर के निर्देश पर खनिज विभाग और उड़नदस्ता दल ने बम्हनीडीह, पुछेली, बिर्रा, कनस्दा, हथनेवरा और पीथमपुर क्षेत्रों में संयुक्त औचक जांच अभियान चलाया। अभियान के दौरान अवैध परिवहन में संलिप्त पाँच वाहनों को धरदबोचा गया। इनमें ग्राम पुछेली से एक ट्रैक्टर, पीथमपुर से एक हाईवा, कनस्दा से एक ट्रैक्टर तथा बम्हनीडीह क्षेत्र से दो हाईवा शामिल हैं। सभी वाहनों को आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस रक्षित केंद्र और संबंधित थानों में सुरक्षित रखवाया गया है। जिला खनिज अधिकारी अनिल कुमार साहू ने बताया कि जिले में अब तक अवैध खनन संबंधी कुल 76 प्रकरण दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें 66 अवैध परिवहन, 6 अवैध उत्खनन और 4 अवैध भंडारण के मामले शामिल हैं। इन कार्रवाइयों के तहत 24,65,550 रुपये की शास्ति राशि वसूलकर खनिज मद में जमा की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध खनन में लिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध खनन एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 से 23(ख) के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जब्त वाहनों के चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। साथ ही चेतावनी दी गई कि दोबारा अवैध गतिविधि पाए जाने पर सीधे न्यायालयीन परिवाद दर्ज किए जाएंगे। कलेक्टर के निर्देश पर जिला स्तरीय टास्क फोर्स और खनिज अमला पूरे जिले में लगातार गश्त कर रहा है। प्रशासन ने दोटूक कहा है कि अवैध खनन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
तुलसी तिल्दा में सिंधी समाज की आवंटित भूमि पर विवाद जारी, प्रशासन जल्द करेगा सीमांकन।
तिल्दा नेवरा। तुलसी तिल्दा में सिंधी समाज को जारी जमीन पर जबरन किया जा रहा विवाद, समाज ने दी जानकारी। ग्राम पंचायत तुलसी तिल्दा-नेवरा मे सिंधी समाज तिल्दा-नेवरा क़ी मांग पूर्व में मुख्यमंत्री भूपेश ओबघेल से बलौदा बाजार मे भेंट कर माँगा गया था व श्री हिंगलाज माता परिसर बनाने हेतु 22 मार्च 2023 मे मांग किया गया था। जिसे तत्कालीन कांग्रेस शासन द्वारा ग्राम पंचायत तुलसी के साथ सभी आवश्यक शासकीय विभागों से एनओसी प्राप्त क़ी गयी तत्पश्चात तहसील मे जमा किया गया सभी औपचारिक पूर्ण करने के बाद तहसील एवं अनुविभागिय अधिकारी (राजस्व)के द्वारा शासन को प्रकरण बना कर भेजा गया शासन के द्वारा 6/10/2023 को खसरा नंबर 469/1 क़ी भूमि मे से 1.675 हेक्टेयर भूमि पूज्य सिंधी पंचायत तिल्दा के नाम से शासन द्वारा निर्धारित शुल्क पटाने के शर्त पर आबंटित क़ी गयी । शासन बदलने के बाद प्रकरणओ को पुनर अवलोकन करवाया गया प्रकरण को सही मांग माने जाने पर जिलाधीश कार्यालय के द्वारा शासन को 15/7/2024 को पत्र लिखकर पूज्य सिंधी पंचायत से राशि पटवाने क़ी अनुमति मांगी गयी, शासन द्वारा 9 दिसंबर 2024 को मंत्रालय राजस्व विभाग ने कलेक्टर कार्यालय को आदेश दिया क़ी पूज्य सिंधी पंचायत क़ी डिमांड नोट जारी कर एक मुश्त शुल्क पटवाकर 1.1675 हक्टेयर पूज्य सिंधी पंचायत के नाम से राजस्व अभीलेख मे दर्ज किया जाए, लेकिन केस न्यायलय मे होने के कारण डिमांड नोट को जारी नहीं किया जा सका, माननीय न्यायलय मे 10 महीने मे सुनवाई के पश्चात् फैसला पूज्य सिंधी पंचायत के पक्ष मे आया दिनांक 8/10/2025 को माननीय न्यायलय ने पूज्य सिंधी पंचायत तिल्दा के पक्ष मे फैसला सुनाकर प्रकरण समाप्त किया। तत्पश्चात 10/10/2025 को अनुविभागिय अधिकारी (राजस्व) द्वारा कुल राशि 56,73,122 रुपए राशि के 6 चालान पटाने के लिए पूज्य सिंधी पंचायत तिल्दा को आदेशित किया, उक्त पूरी राशि दिनांक 13/10/2025 को जमा कर चालान क़ी कॉपी अनुविभागीय अधिकारी के कार्यालय मे जमा क़ी गयी, तत्पश्चात अनुविभागिय अधिकारी एवं तहसीलदार द्वारा ग्राम तुलसी पटवारी हल्का नंबर 17 के खसरा नंबर 469/1 क़ी भूमि मे से 1.675 हेक्टेयर भूमि पूज्य सिंधी पंचायत के नाम से दर्ज करने का आदेश दिया। आज नगर पालिका के पूर्व उपाध्यक्ष विकास सुखवानी ने बताया कि इसके बावजूद कुछ लोगों द्वारा जबरन विवाद की स्थिति पैदा की जा रही है, जमीन का जल्द सीमांकन कराया जाएगा।
अवैध धान परिवहन पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई दो स्थानों से कुल 362 बोरी धान जब्त, तस्करों में हड़कंप
✍️ भागीरथी यादव बलरामपुर, 08 दिसंबर 2025। समर्थन मूल्य खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी और सुरक्षित बनाए रखने जिला प्रशासन लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है। इसी कड़ी में सोमवार को दो अलग-अलग स्थानों पर की गई बड़ी कार्रवाई में कुल 362 बोरी अवैध धान जब्त किया गया। कार्रवाइयों के बाद पूरे क्षेत्र में अवैध परिवहन करने वालों में हड़कंप है। रेवतपुर में 300 बोरी धान से भरी आयशर गाड़ी पकड़ी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राजपुर के नेतृत्व में राजस्व अमले ने अंबिकापुर से धंधापुर समिति की ओर जा रही आयशर वाहन को पीछा करते हुए रेवतपुर गांव में पकड़ा। वाहन में लगभग 300 बोरी अवैध धान लदा हुआ था। प्रशासनिक टीम ने मौके पर ही वाहन को जब्त कर थाना राजपुर के सुपुर्द कर दिया। धनवार जंगल में 7 किमी पीछा कर पिकअप पकड़ी, 62 बोरी धान बरामद इसी दौरान वाड्रफनगर अनुभाग में गुप्त सूचना पर बनी संयुक्त टीम ने ग्राम धनवार के जंगल क्षेत्र में अवैध धान परिवहन कर रही एक पिकअप वाहन का पीछा किया। करीब 7 किलोमीटर तक चली पीछा–पकड़ कार्रवाई के बाद टीम ने वाहन को रोकने में सफलता पाई। जांच में पिकअप से 62 बोरी अवैध धान बरामद हुई। वाहन को जब्त कर थाना वाड्रफनगर में जमा कराया गया है। अवैध गतिविधियों पर कड़ी नजर, प्रशासन ने की अपील जिला प्रशासन ने साफ किया है कि समर्थन मूल्य खरीदी को प्रभावित करने वाले किसी भी अवैध परिवहन, संग्रहण या खपाने के प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लगातार निगरानी रखी जा रही है और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने किसानों और आम नागरिकों से भी अपील की है कि ऐसी गतिविधियों की जानकारी तुरंत साझा करें, ताकि खरीदी व्यवस्था पारदर्शी, सुरक्षित और सुचारू बनी रहे।
देवपुरी स्वास्थ्य केंद्र में कैल्सिड सीरप की बोतल में ‘मांस जैसा पदार्थ’ मिलने से हड़कंप, खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने तत्काल जांच शुरू की
✍️ भागीरथी यादव रायपुर, 8 दिसंबर 2025। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, देवपुरी में मरीजों को उपयोग के लिए उपलब्ध कराए गए कैल्सिड सस्पेंशन की एक बोतल के भीतर मांस जैसा पदार्थ पाए जाने की गंभीर घटना सामने आने के बाद पूरे चिकित्सा तंत्र में हड़कंप मच गया है। यह जानकारी 6 दिसंबर को खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को प्राप्त होते ही मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई। खाद्य एवं औषधि प्रशासन, छत्तीसगढ़ की संयुक्त जांच टीम ने 07 दिसंबर 2025 को प्रभावित दवा कैल्सिड सस्पेंशन 200 एमएल, बैच नंबर ALGE 4061, M/D 05/2024, E/D 04/2026, निर्माता – एक्टिनोवा प्राइवेट लिमिटेड, बद्दी (हिमाचल प्रदेश) का विधिवत नमूना संग्रहित किया। इन नमूनों को गुणवत्ता परीक्षण के लिए राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला, रायपुर भेज दिया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि परीक्षण रिपोर्ट प्राप्त होते ही औषधि अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर प्रदेशभर में औषधियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु लगातार निगरानी और सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। विभाग ने कहा कि यह घटना अत्यंत संवेदनशील है और आम जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। विभाग की जन-अपील खाद्य एवं औषधि प्रशासन, छत्तीसगढ़ ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी भी दवा में संदिग्ध स्थिति अथवा अनियमितता दिखाई दे तो तुरंत हेल्पलाइन +91-9340597097 पर सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके और जन-स्वास्थ्य संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
**दीपका में बिजली व्यवस्था संभालने वाले लोकप्रिय सहायक अभियंता का स्थानांतरण
✍️ भागीरथी यादव ग्राम पंचायत से लेकर विधायक तक उठी ज़बरदस्त आपत्ति, विभाग पर बढ़ा दबाव** भिलाई बाजार/कटघोरा (कोरबा)। दीपका क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को वर्षों से मजबूत और सुचारु बनाए रखने वाले सहायक अभियंता श्री सरेंद्र दिवाकर के स्थानांतरण ने क्षेत्र में गहरी नाराज़गी पैदा कर दी है। ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और ग्राम पंचायत के बाद अब स्थानीय विधायक प्रेमचंद पटेल भी खुलकर उनके समर्थन में उतर आए हैं। इससे स्थानांतरण रोकने के लिए विभाग पर भारी दबाव बन गया है। — ग्राम पंचायत ने मोर्चा खोला, कहा— “यह जनता से छेड़छाड़ जैसा निर्णय” ग्राम पंचायत भिलाई बाजार की सरपंच श्रीमती रजनी मरकाम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दिवाकर का स्थानांतरण जनहित के प्रतिकूल है। अपने पत्र में उन्होंने लिखा— > “दिवाकर की कार्यकुशलता, तत्परता और संवेदनशीलता से दीपका क्षेत्र में बिजली व्यवस्था हमेशा बेहतर रही है। किसी भी समय समस्या बताने पर उनका समाधान तत्काल मिलता है। ऐसे अधिकारी का स्थानांतरण जनता के साथ अन्याय है।” पंचायत ने यह भी बताया कि दीपका क्षेत्र के अंतर्गत लगभग 100 से अधिक ग्राम पंचायतें और नगर पालिका क्षेत्र आते हैं। दिवाकर की सेवाओं के कारण बिजली संबंधी शिकायतें वर्षों से नियंत्रित रहीं, इसलिए अचानक स्थानांतरण को अव्यवस्था की आशंका के रूप में देखा जा रहा है। — विधायक का सख्त रुख— स्थानांतरण रोकने की अनुशंसा पंचायत से आवेदन मिलने के बाद विधायक प्रेमचंद पटेल ने छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक को पत्र लिखकर दिवाकर का स्थानांतरण रोकने की दृढ़ अनुशंसा की है। उन्होंने कहा— > “जनता का भरोसा जीतने वाले अधिकारी को बिना किसी विशेष कारण हटाना उचित नहीं है। क्षेत्र की मांग को देखते हुए स्थानांतरण तत्काल निरस्त किया जाए।” विधायक ने अपने पत्र की प्रतिलिपि बिलासपुर और कोरबा के वरिष्ठ अधिकारियों को भेजकर मामले की गंभीरता बढ़ा दी है। — ग्रामीणों की चेतावनी— ‘फैसला वापस नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन होगा’ दीपका क्षेत्र के ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि स्थानांतरण आदेश में संशोधन नहीं किया गया तो वे सड़क से कार्यालय तक आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उनका कहना है— > “दिवाकर के रहते बिजली कटौती, ट्रांसफॉर्मर खराबी और लाइन फॉल्ट जैसी समस्याएँ लगभग खत्म हो चुकी थीं। उनका तबादला पूरे क्षेत्र के लिए नुकसानदायक होगा।” — अब विभाग की परीक्षा— जनता की मांग मानेगा या औपचारिक नीति? जनप्रतिनिधियों और विधायक के विरोध के बाद अब गेंद ऊर्जा विभाग के पाले में है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विभाग जनता की संतुष्टि को प्राथमिकता देता है या फिर औपचारिक स्थानांतरण नीति को आगे रखता है। फिलहाल दीपका क्षेत्र में सिर्फ एक ही आवाज गूंज रही है— > “दिवाकर को वापस रखो… यही जनता की मांग है।”















