गाइडलाइन दरों के पुनरीक्षण पर केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड का बड़ा फैसला, छत्तीसगढ़ में संपत्तियों की कीमतों पर व्यापक असर
✍️ भागीरथी यादव रायपुर, 8 दिसंबर 2025। केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने 19 नवंबर 2025 को प्रस्तावित गाइडलाइन दरों के पुनरीक्षण पर महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए प्रदेशभर में संपत्तियों के मूल्यांकन संबंधी नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। बाजार मूल्य, निर्माण लागत, भूमि उपयोग और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए लिए गए इन निर्णयों का प्रदेश के रियल एस्टेट सेक्टर पर सीधा असर पड़ेगा। नए नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं और इन्हें 31 दिसंबर तक पूरे राज्य में लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। बोर्ड के प्रमुख निर्णय: 1. 1400 वर्ग फीट तक के आवासीय फ्लैटों की कीमतों में राहत नगर निगम क्षेत्र में फ्लैटों का मूल्यांकन अब 50% तक कम दर पर किया जाएगा। नगर पालिका में यह राहत 37.5% और नगर पंचायत क्षेत्र में 25% तक रहेगी। इससे affordable housing को बढ़ावा मिलेगा और खरीदारों का बोझ कम होगा। 2. व्यावसायिक भवनों का मूल्यांकन अब सुपर बिल्ट-अप एरिया पर अब दुकानों, कार्यालयों और व्यावसायिक इकाइयों का मूल्यांकन सुपर बिल्ट-अप एरिया के आधार पर किया जाएगा। इससे बाजार में चल रही विसंगतियों पर अंकुश लगेगा और पारदर्शिता बढ़ेगी। 3. रेजिडेंशियल व कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में सेटबैक पर छूट पहले तल पर 10% और ऊपरी तल पर 20% तक के सेटबैक को अब मूल्यांकन में शामिल नहीं किया जाएगा। इससे भवन निर्माताओं और खरीदारों दोनों को आर्थिक राहत मिलेगी। 4. 20 मीटर तक की आंतरिक सड़क वाले कॉम्प्लेक्स को राहत ऐसे कॉम्प्लेक्स में स्थित भूखंडों का मूल्यांकन 25% कम दर पर किया जाएगा। 20 मीटर से अधिक चौड़ी सड़क वाले क्षेत्रों में मूल्यांकन मुख्य मार्ग की दरों पर ही होगा। 5. जिला मूल्यांकन समितियों के संशोधनों को मंजूरी ग्राम क्षेत्रों में गाइडलाइन दरों में बढ़ोतरी के प्रस्तावों को स्वीकार किया गया है। जहां बढ़ोतरी अधिक पाई गई, वहां दरों को संतुलित करते हुए संशोधन किए जाएंगे। 6. नियम तत्काल प्रभाव से लागू बोर्ड ने सभी संशोधन तत्काल प्रभाव से लागू करने और 31 दिसंबर 2025 तक राज्यभर में पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। — जनता और रियल एस्टेट सेक्टर पर बड़ा प्रभाव इन नए नियमों से आवासीय संपत्तियाँ सस्ती होने की उम्मीद है, साथ ही डेवलपर्स और निवेशकों को भी राहत मिलेगी। निर्माण कार्यों में तेजी आने की संभावना है, जिससे प्रदेश के रियल एस्टेट बाजार में नई ऊर्जा का संचार होगा।
बीजापुर में बड़ी वारदात: ठेकेदार का नक्सलियों ने अपहरण कर की हत्या, इलाके में तनाव
✍️ भागीरथी यादव बीजापुर। सड़क निर्माण कार्य के दौरान नक्सलियों द्वारा अगवा किए गए ठेकेदार इम्तियाज़ अली की हत्या की सूचना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव फैल गया है। हालांकि सुरक्षा बलों ने अभी तक शव बरामद नहीं किया है, लेकिन मौके से मिले संकेतों और स्थानीय स्रोतों से प्राप्त जानकारी के आधार पर ठेकेदार की मौत की आशंका प्रबल हो गई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, नक्सलियों ने निर्माण स्थल पर पहुंचकर ठेकेदार को जबरन जंगल की ओर ले गया था। उनके साथ काम करने वाला एक सहयोगी किसी तरह जान बचाकर मेटागुड़म कैंप पहुंचा और घटना की जानकारी सुरक्षा बलों को दी। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है। कई टीमें जंगलों में तलाशी अभियान चला रही हैं, लेकिन अब तक ठेकेदार का कोई सुराग हाथ नहीं लग पाया है। सड़क निर्माण कार्य लंबे समय से नक्सलियों के निशाने पर रहे हैं, और यह घटना एक बार फिर विकास कार्यों को बाधित करने की नक्सली रणनीति की पुष्टि करती है। सूत्रों के अनुसार, क्षेत्र में नक्सलियों की हलचल पिछले कुछ दिनों से बढ़ी हुई थी, और सुरक्षा बल इस घटना को उसी गतिविधि से जोड़कर देख रहे हैं। पुलिस को कुछ प्रारंभिक इनपुट मिले हैं, जिनकी तस्दीक जारी है। फिलहाल सुरक्षा बल ठेकेदार का पता लगाने और मामले की पुष्टि के लिए अभियान जारी रखे हुए हैं।
दुर्ग में फर्जी लूटकांड का खुलासा: एटीएम कैश लोडर ही निकला आरोपी, पुलिस की सूझबूझ से खुली पोल
दुर्ग, 6 दिसंबर। ग्लोबल स्कूल के पास कथित 14.60 लाख की लूट के सनसनीखेज मामले को दुर्ग पुलिस ने महज कुछ घंटों में सुलझाते हुए बड़ा खुलासा किया है। जांच में पता चला कि पूरी लूट आशीष राठौर नामक कैश लोडिंग वर्कर द्वारा रची गई एक फर्जी कहानी थी। पुलिस की तेज कार्रवाई और बारीकी से की गई पूछताछ ने इस मामले की सच्चाई सामने ला दी। पूरी घटना का सच आया सामने आरोपी आशीष राठौर ने पुलिस को बताया था कि तीन अज्ञात बदमाशों ने हथियार की नोक पर उससे 14.60 लाख रुपये से भरा बैग लूट लिया। बैग में मुरमुंदा एटीएम के लिए 8.60 लाख और दादर एटीएम के लिए 6 लाख रुपये होने का दावा किया गया था। लेकिन घटना स्थल पर न तो किसी संघर्ष के निशान मिले और न ही आशीष या उसकी बाइक पर खरोंच तक दिखाई दी। पुलिस को उसके बयान पर शक गहराता गया। बयान में मिला बड़ा विरोधाभास आशीष ने बताया था कि घटना के समय उसका भांजा मनीष भी साथ था, जबकि जांच में पता चला कि मनीष मौके पर मौजूद ही नहीं था। लगातार पूछताछ में जब पुलिस ने उसे सबूतों के सामने खड़ा किया तो आशीष टूट गया और उसने स्वीकार कर लिया कि लूट की पूरी कहानी उसकी बनाई हुई थी। एएसपी पद्मश्री तंवर ने दी जानकारी एएसपी पद्मश्री तंवर ने बताया— “हमने घटना स्थल की सूक्ष्म जांच की और आरोपी के बयान में कई विरोधाभास मिले। सख्त पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार किया। मामला पूरी तरह फर्जी था। आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।” पुलिस की तत्परता से सुलझा मामला दुर्ग पुलिस की त्वरित कार्रवाई, सटीक जांच और प्रभावी पूछताछ की वजह से एक बड़े फर्जी लूटकांड की पोल खुल गई। इससे न सिर्फ सरकार और एजेंसी को संभावित वित्तीय नुकसान से बचाया गया, बल्कि पुलिस की प्रोफेशनल कार्यशैली का भी बेहतरीन उदाहरण पेश हुआ। यह मामला इस बात का प्रमाण है कि पुलिस की सतर्कता और वैज्ञानिक जांच पद्धति किसी भी जटिल अपराध को आसानी से बेनकाब कर सकती है।
कोरबा से बड़ी खबर: खेत में काम कर रहीं बुजुर्ग महिला पर जंगली हाथी का हमला, मौके पर दर्दनाक मौत
✍️ भागीरथी यादव कोरबा। पासान क्षेत्र के गोलाबाहरा गांव में रविवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां 80 वर्षीय इंद्रकुंवर की जंगली हाथी के हमले में मौके पर ही मौत हो गई। शांत ग्रामीण इलाके में हुई इस दुर्घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल फैल गया है। जानकारी के मुताबिक, इंद्रकुंवर अपने घर से कुछ दूरी पर स्थित खेत के खनियार में धान साफ कर रही थीं। इसी दौरान झाड़ियों की तरफ से हाथी के आने की आवाज सुनाई दी। खतरे को भांपते हुए उन्होंने घर की ओर दौड़कर जान बचाने की कोशिश की, लेकिन हाथी ने उनका पीछा किया और पकड़कर बेरहमी से कुचल दिया। घटना इतनी भयावह थी कि ग्रामीण मौके पर पहुंचकर भी कुछ नहीं कर सके। सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची और पंचनामा सहित आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। टीम ने आसपास के गांवों में भी सतर्कता बढ़ा दी है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि— जंगल या खेत की ओर अकेले ना जाएं, हाथियों की आवाज या गतिविधि दिखे तो तुरंत सूचना दें, रात और सुबह के समय खेतों के आसपास विशेष सावधानी बरतें। लगातार गांवों के आसपास घूम रहे हाथियों के कारण लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने हाथियों की बढ़ती आमद पर कड़ी कार्यवाही और सुरक्षा इंतज़ाम बढ़ाने की मांग की है।
कट्टा दिखाकर सराफा व्यापारियों से लूट करने वाले सभी आरोपी गिरफ्तार, जनकपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
एमसीबी। छह महीने पूर्व जनकपुर थाना क्षेत्र में सराफा व्यापारियों से कट्टा दिखाकर की गई लूट के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने वारदात को अंजाम देने वाले चारों आरोपियों को रिमांड पर लेकर जेल भेज दिया तथा उनके पास से लूट के सोना-चांदी के जेवरात, एक देशी कट्टा, जिंदा कारतूस और खाली खोखा बरामद कर लिया है। कैसे हुई थी वारदात 5 जून 2025 को शाम करीब 7 बजे हरचोका ग्राम के साप्ताहिक बाजार से दुकानदारी कर लौट रहे सराफा व्यापारी ब्रह्मा सोनी और अनिल सोनी को ग्राम माड़ीसरई के पास चार अज्ञात बदमाशों ने रोक लिया। कट्टा अड़ाकर बदमाशों ने सोना-चांदी के जेवरात और नकदी लूट ली। भागते समय आरोपियों ने देशी कट्टा से फायर कर दोनों व्यापारियों को घायल भी कर दिया था। घटना के बाद जनकपुर थाना में अपराध क्रमांक 108/25 दर्ज किया गया तथा बीएनएस की विभिन्न धाराओं एवं आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण कायम किया गया। शहडोल पुलिस ने खोल दी कड़ी इसी बीच शहडोल जिले के गोहपारू थाना क्षेत्र में खान्नौधी के एक सराफा कारोबारी के साथ ठीक ऐसी ही घटना हुई। गोहपारू पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए चारों बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जब एमसीबी पुलिस को यह जानकारी मिली, तो जनकपुर थाना टीम ने जेल पहुंचकर पीड़ित व्यापारियों से आरोपियों की शिनाख्त करवाई, जहाँ उन्हें जनकपुर की घटना के आरोपी के रूप में पहचान लिया गया। पूछताछ में कबूला जुर्म प्रोटेक्सन रिमांड पर लेने के बाद आरोपियों देशराज कुशवाहा, मोनू कुशवाहा, उमाशंकर शर्मा और रामप्रकाश उर्फ लल्ला—सभी निवासी जिला मुरैना (म.प्र.)—ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने लूट के जेवरात और वारदात में प्रयुक्त हथियार बरामद कर लिए। पुलिस टीम की अहम भूमिका कार्रवाई में थाना प्रभारी ओमप्रकाश दुबे, सहायक उपनिरीक्षक दिनेश सिंह चौहान, प्रधान आरक्षक संदीप बगीश, जय ठाकुर, संजय पांडेय, संजय यादव, आरक्षक शहबाज खान, सूर्यपाल सिंह, देवचरण आरमो, नोहर सिंह और मनोज की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
ऑनलाइन खरीद-फरोख्त के नाम पर बड़ी ठगी: मोबाइल बेचने गया छात्र, बाइक सवार बदमाशों ने पूरा बॉक्स झपटकर की फरारी
रायपुर। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद-फरोख्त के बढ़ते चलन के बीच ठगी के नए तरीके भी तेजी से सामने आ रहे हैं। खमतराई इलाके में एम.कॉम के एक छात्र के साथ ऐसी ही वारदात हुई, जहां मोबाइल बेचने गए युवक का फोन, चार्जर और पूरा बॉक्स बाइक सवार दो बदमाश झपटकर फरार हो गए। ओएलएक्स पर डाला था मोबाइल बेचने का विज्ञापन खमतराई निवासी 22 वर्षीय रोहित देवांगन ने 5 दिसंबर को अपना मोबाइल फोन बेचने के लिए ओएलएक्स पर विज्ञापन डाला था। विज्ञापन देखने के बाद कुम्हारी के एक नंबर से उससे संपर्क किया गया। खुद को खरीदार बताने वाले युवक ने मोबाइल देखने और खरीदने के लिए रोहित को टाटीबंध पेट्रोल पंप के पास बुलाया। दो बाइक सवार युवक लेकर गए छात्र को साथ रोहित अपने दोस्त दीपक साहू के साथ तय स्थान पर पहुँचा। थोड़ी देर बाद एक बाइक पर दो युवक आए और मोबाइल का बॉक्स चेक कर 22 हजार रुपए में सौदा तय किया। नकदी न होने की बात कहकर आरोपियों ने रोहित को पैसे निकालने के बहाने कुम्हारी की ओर साथ चलने को कहा। रोहित भी भरोसा कर उनके पीछे चल पड़ा। टोल प्लाजा पार करते ही दिया वारदात को अंजाम अमृततुल्य चाय दुकान के सामने पहुंचते ही बाइक सवार बदमाश अचानक रोहित की स्कूटी के बिल्कुल करीब आए। मौका पाकर पीछे बैठे युवक ने रोहित के हाथ से मोबाइल का बॉक्स झपट लिया और तेज रफ्तार में कुम्हारी की ओर भाग निकले। जब तक रोहित कुछ समझ पाता, आरोपी आंखों से ओझल हो चुके थे। कई दिनों खोजबीन के बाद दर्ज कराई FIR वारदात के बाद रोहित ने कुछ दिनों तक अपने स्तर पर मोबाइल की तलाश की, पर कोई सुराग नहीं मिला। आखिरकार उसने 6 दिसंबर को कुम्हारी थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अब आरोपियों की तलाश में जुट गई है और सीसीटीवी फुटेज व मोबाइल नंबर के आधार पर जांच कर रही है। ऑनलाइन खरीद-फरोख्त में सावधानी जरूरी इस तरह की वारदातों से एक बार फिर साबित होता है कि ऑनलाइन एड पर मिले खरीदारों या विक्रेताओं पर बिना सोचे-समझे भरोसा करना खतरनाक साबित हो सकता है। पुलिस ने लोगों से सुरक्षित स्थान पर ही लेन-देन करने और संदिग्ध संपर्कों से सावधान रहने की अपील की है।
राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच की संगोष्ठी संपन्न, विशेषज्ञों ने आंतरिक सुरक्षा पर जताई गंभीर चिंता
बिलासपुर। राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच, बिलासपुर चैप्टर द्वारा भारत की आंतरिक सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा सिद्धांत विषय पर आयोजित विचार संगोष्ठी में देश की सुरक्षा चुनौतियों पर गंभीर मंथन किया गया। यह आयोजन FANS द्वारा 21 राज्यों में चल रही राष्ट्रीय व्याख्यान श्रृंखला का हिस्सा रहा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि गोलीक बिहारी राय और मुख्य वक्ता मेजर जनरल अनुज माथुर सहित वरिष्ठ पत्रकार विरेंद्र गहवई और राष्ट्रीय महिला मंच की राष्ट्रीय महासचिव डॉ. वणिका शर्मा उपस्थित रहीं। विशेषज्ञों ने कहा कि पाकिस्तान की सात दशक पुरानी छद्म युद्ध नीति अब भी भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बनी हुई है। 26/11, कारगिल, उरी, पुलवामा जैसे हमलों से लेकर ड्रग्स, नकली नोट, हथियार तस्करी और अलगाववादी गतिविधियों को बढ़ावा देना—ये सब भारत को भीतर से अस्थिर करने की रणनीति का हिस्सा बताए गए। खालिस्तानी नेटवर्क, कश्मीर में पत्थरबाजी, पूर्वोत्तर में हथियार सप्लाई और घुसपैठ को पाकिस्तान-प्रायोजित बताया गया। विशेषज्ञों ने यह भी चेतावनी दी कि पाकिस्तान की बिगड़ती आर्थिक–राजनीतिक स्थिति भविष्य में उसके विभाजन का कारण बन सकती है, जिससे क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ेगी। वक्ताओं ने कहा कि आज भारत पहले से कहीं अधिक मजबूत, सजग और संगठित है। सुरक्षा एजेंसियों की क्षमता में बढ़ोतरी और जनता में बढ़ती जागरूकता देश को हर चुनौती से निपटने में सक्षम बना रही है। कार्यक्रम को सफल बनाने में मंच के अध्यक्ष गौरव सिंघल और उनकी टीम के योगदान की सराहना की गई। संगोष्ठी ने नागरिकों में सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण संदेश दिया।
डीएसपी पर दंपति के गंभीर आरोप, शहर में बढ़ी हलचल
✍️ भागीरथी यादव रायपुर में एक व्यापारी दंपति ने छत्तीसगढ़ पुलिस की डीएसपी कल्पना वर्मा पर प्यार में धोखा देने, ब्लैकमेल और करोड़ों रुपये हड़पने के गंभीर आरोप लगाए हैं। दीपक और बरखा टंडन ने दावा किया कि चार साल तक चले निजी संबंधों के दौरान अधिकारी ने उन पर लगातार पैसों का दबाव बनाया और महंगी ज्वेलरी, कार व होटल से जुड़े लेन-देन में भारी राशि ली। दंपति का कहना है कि उनकी ओर से दिए गए ढाई करोड़ रुपये, गहने, वाहन और होटल निवेश को लेकर विवाद बढ़ा, जिसके बाद उनके खिलाफ ही शिकायत दर्ज करा दी गई। दंपति ने अपने दावों के समर्थन में चैट और कॉल रिकॉर्ड भी जारी किए हैं। मामला सामने आने के बाद शहर में चर्चा तेज है। फिलहाल पुलिस विभाग की ओर से किसी आधिकारिक जांच की घोषणा नहीं की गई है।
प्रेम विवाह के 5 साल बाद विवाहिता की संदिग्ध मौत, दफन के 10 दिन बाद कब्र खोदकर निकाला गया शव
✍️ भागीरथी यादव पोस्टमार्टम के बाद उजागर होंगी सच्चाई चकरभाठा थाना क्षेत्र के बुंदेला गांव में 23 वर्षीय जया सांडे की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे इलाके को हिला दिया है। पांच साल पहले अर्जुन सांडे से प्रेम विवाह करने वाली जया की अचानक मौत ने मायके पक्ष को कई सवालों के साथ झकझोर दिया है। सूत्रों के अनुसार, 27 नवंबर को जया घर का काम कर रही थी, तभी अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसने ससुराल वालों को इसकी जानकारी दी और आराम करने चली गई। कुछ देर बाद परिजनों ने देखा कि जया की मौत हो चुकी है। घटना की सूचना ससुराल पक्ष ने गांव और मायके वालों को तुरंत दी। मायके पक्ष ने मौके पर पहुंचकर हंगामा किया और ससुराल वालों पर हत्या के गंभीर आरोप लगाए। हालांकि गांव के बुजुर्गों ने उन्हें कानूनी प्रक्रिया अपनाने की सलाह दी, जिसके बाद मायके वालों ने अंतिम संस्कार होने दिया। जया का दफनाया जाना पूरा होने के बाद मायके पक्ष ने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए एसडीएम आकांक्षा त्रिपाठी की अनुमति से राजस्व अधिकारियों और पुलिस टीम की मौजूदगी में कब्र को खोदकर जया का शव बाहर निकाला। अब शव को सिम्स मेडिकल कॉलेज भेजा गया है, जहां विस्तृत पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारणों का खुलासा होगा और उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। गांव में चर्चा है कि मामला प्रेम विवाह से जुड़ा होने के कारण तनाव पहले भी देखने को मिला था, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जया की मौत और उसके बाद हुई कार्रवाई ने पंचायत से लेकर पुलिस प्रशासन तक हलचल मचा दी है। परिजन न्याय की मांग पर अड़े हैं, जबकि ससुराल पक्ष खुद को निर्दोष बता रहा है। अब सबकी नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी है, जो इस मौत की असल वजह बताएगी।
रानी अटारी विजय वेस्ट भूमिगत कोल माइंस में दो दिवसीय वार्षिक खान सुरक्षा पखवाड़ा संपन्न
जी.एम. अशोक कुमार ने कहा— “पहले कर्म करिए, भाग्य जरूर साथ देगा” सुशील जायसवाल, कोरबा/कोरबी/चोटिया। एसईसीएल चिरमिरी क्षेत्र के महाप्रबंधक अशोक कुमार ने कर्म एवं सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि “जान है तो जहान है, सुरक्षा सर्वोपरि है।” अवसर था रानी अटारी विजय वेस्ट भूमिगत कोयला खदान में आयोजित दो दिवसीय वार्षिक खान सुरक्षा पखवाड़ा का, जिसमें सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम, निरीक्षण और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से खदान दुर्घटनाओं की रोकथाम पर महत्वपूर्ण संदेश दिए गए। सुरक्षा जागरूकता, निरीक्षण और नाटक के माध्यम से संदेश दिनांक 1 से 15 दिसंबर तक चल रहे सुरक्षा पखवाड़े के तहत 6 दिसंबर को आयोजित कार्यक्रम में सुरक्षा से जुड़े प्रदर्शन और नुक्कड़ नाटक ने कर्मचारियों को दुर्घटनाओं से बचाव के तरीके समझाए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित वरिष्ठ कॉर्नियर अधिकारी एच. एन. चौबे ने सुरक्षा नियमों, नई तकनीकों और सतर्कता पर विस्तारपूर्वक मार्गदर्शन दिया। उत्कृष्ट कर्मचारियों का सम्मान कार्यक्रम में खदान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को मुख्य अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। इस अवसर पर रानी अटारी सब एरिया मैनेजर जे. एम. साहू ने अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि— “जंगलों से घिरे इस वनांचल क्षेत्र में आप सभी का आगमन हमारे लिए गौरव का विषय है।” “रोको फिर टोको” से आगे— अब आएगा “LOTO सिस्टम” अपने उद्बोधन में महाप्रबंधक अशोक कुमार ने खदान में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मंशा जाहिर की। उन्होंने कहा: “जो भी समस्याएँ आएंगी, उनके समाधान के लिए मैं हर संभव प्रयास करूंगा।” “अंडरग्राउंड माइंस में उत्पादन क्षमता आगे और बढ़ेगी।” “सुरक्षा प्रणाली में बदलाव लाने के लिए ‘रोको फिर टोको’ के साथ अब LOTO सिस्टम का पालन बेहद जरूरी है, जिससे दुर्घटना की संभावना और कम होगी।” चिरमिरी क्षेत्र में 18 नई खदानें खुलने की संभावना जी.एम. अशोक कुमार ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि आने वाले समय में चिरमिरी क्षेत्र में लगभग 18 नई माइंस खुलने की संभावना है, जिससे क्षेत्र में रोजगार और उत्पादन दोनों में वृद्धि होगी। सुरक्षा सर्वोपरि— “जान है तो जहान है” उन्होंने सभी कर्मचारियों को सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की और कहा— “हम सब एक सिक्के के दो पहलू हैं, सेफ्टी को कभी नजरंदाज न करें।” सफल आयोजन— सभी अधिकारियों की उपस्थिति कार्यक्रम का संचालन बलबीर सिंह ने कुशलता से किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से उपस्थित थे: कुमार सौरभ (जी.एम.), राहुल सिंह, आर.के. मिश्रा, दोनों माइंस के खान प्रबंधक, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में कर्मचारी।
















