*गरीबों का आशियाना उजाड़ना अन्याय : अनिल यादव

  लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन को यादव समाज का मजबूत समर्थन, 16वें दिन जनसैलाब**   बिलासपुर। लिंगियाडीह बचाओ सर्वदलीय धरना आंदोलन अपने 16वें दिन भी पूरे जोश के साथ जारी रहा। दुर्गानगर और चौक क्षेत्र के 113 परिवारों को उजाड़ने की प्रस्तावित कार्रवाई के विरोध में बड़ी संख्या में महिलाएँ, पुरुष और बच्चे रोजाना की तरह गुरुवार को भी धरना स्थल पर जुटे रहे। हर दिन सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक लोग अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए प्रशासनिक निर्णय के खिलाफ एकजुटता दिखा रहे हैं। धरना स्थल पर पहुंचे लोगों ने बताया कि वे पिछले करीब 50 वर्षों से इस क्षेत्र में निवासरत हैं, फिर भी नगर निगम उन्हें हटाकर गार्डन और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स निर्माण करने की तैयारी में है। यह परिवार कई वर्षों से संपत्तिकर और अन्य करों का नियमित भुगतान करते रहे हैं। इतना ही नहीं, इन्हें राजीव आश्रय योजना के तहत पट्टा और जोन-7 के अंतर्गत 10 रुपए प्रति वर्गफुट के हिसाब से प्रीमियम जमा कर रसीदें भी दी गईं, बावजूद इसके बेदखली की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि प्रशासन का यह कदम शासन के स्पष्ट नियमों के विपरीत है, जिसमें साफ कहा गया है कि जिस स्थान पर नागरिक निवासरत हैं, वहीं उन्हें पट्टा दिया जाना चाहिए। धरना स्थल पर उपस्थित लोगों ने यह भी याद दिलाया कि पिछली बार रामनगर, श्यामनगर और चिंगराजपारा में सड़क–नाली निर्माण के नाम पर सैकड़ों मकान तोड़े गए थे। अब दुर्गानगर के साथ मोपका, चिल्हांटी, चिंगराजपारा, बहतराई, खमतराई, बिरकोना और मंगला में तोड़फोड़ की चर्चाओं ने माहौल में तनाव और भय पैदा कर दिया है। इस बीच आज यादव समाज ने आंदोलन को अपना पूरा समर्थन दिया। जिला अध्यक्ष अनिल यादव, आकाश यादव (मोपका), अमित यादव (त्रिफरा) सहित अन्य वक्ताओं ने कहा— > “गरीबों का आशियाना उजाड़ना किसी भी स्थिति में न्यायसंगत नहीं है। यदि प्रशासन विकास चाहता है तो पहले प्रभावित परिवारों का समुचित पुनर्वास सुनिश्चित करे।” यादव समाज के समर्थन में जुटने वालों में अनिल यादव, आकाश यादव, अमित यादव, सुखराम यादव, विक्की यादव, भोलाराम यादव, दीपक यादव, मंगल यादव, दिलीप यादव, विनोद यादव, घुरऊ राम यादव सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे। इसके अतिरिक्त आज धरना स्थल पर शांति साहू, सरिता साहू, लक्ष्मीन साहू, सतरूपा साहू, पूर्णिमा साहू, विद्या साहू, शिवा साहू, सीता साहू सहित अनेक महिलाओं की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही। साथ ही साखन लाल, पवनदास मानिकपुरी, चिंटू मानिकपुरी, श्रवण, प्रशांत मिश्रा, चतुर सिंह, रीता देवांगन, लक्ष्मी सिंह, यशोदा पाटिल, पिंकी गुप्ता, सचिन कश्यप, ओम प्रकाश सूर्या, दुर्गा कुर्रे, प्रमिला मानिकपुरी, सोनबाई ठाकुर, शिवकुमारी देवांगन, मधु यादव सहित विविध समुदायों के लोग भी आंदोलन के समर्थन में डटे रहे। धरना स्थल पर बढ़ती भीड़ यह संदेश दे रही है कि यदि प्रशासन जल्द समाधान नहीं निकालता, तो विरोध और तेज़ हो सकता है।

चिरमिरी की बेटी भूमिका सोनी ने राजधानी रायपुर में चमकाया नाम

  यक्षगान नृत्य से जीता दर्शकों का दिल   चिरमिरी। एमसीबी/नगर निगम चिरमिरी क्षेत्र अंतर्गत पौड़ी मालवीय नगर की प्रतिभाशाली बेटी भूमिका सोनी, पिता जयंत सोनी, ने राजधानी रायपुर में अपने शानदार नृत्य प्रदर्शन से चिरमिरी का नाम रोशन किया।   राजधानी रायपुर स्थित राजभवन के छत्तीसगढ़ पवेलियन में “एक भारत–श्रेष्ठ भारत” योजना के तहत कर्नाटक, तमिलनाडु, दिल्ली, उत्तराखंड, लक्षद्वीप और पुदुच्चेरी के स्थापना दिवस बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाए गए। इस गरिमामयी कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका सहित विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।   इस विशेष अवसर पर अमिटी स्कूल ऑफ कम्युनिकेशन की छात्रा भूमिका सोनी ने कर्नाटक के प्रसिद्ध पारंपरिक लोकनृत्य यक्षगान की मनमोहक प्रस्तुति दी। उनकी सशक्त, अभिव्यक्तिपूर्ण और ऊर्जा से भरपूर प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।   भूमिका की प्रस्तुति ने न केवल कर्नाटक की सांस्कृतिक धरोहर को खूबसूरती से प्रदर्शित किया, बल्कि “एकता में विविधता” की भावना को भी जीवंत किया। उनके प्रदर्शन की जमकर सराहना हुई और चिरमिरी के लोगों में गर्व की लहर दौड़ गई।   भूमिका सोनी का यह शानदार प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि कला न सीमाओं की मोहताज है, न अवसरों की—प्रतिभा जहाँ भी होती है, अपनी चमक दिखाती है।     —

दुर्ग: सूदखोर गैंग पर बड़ी कार्रवाई, रिटायर्ड कर्मचारी से 10 लाख की जबरन वसूली — तीन गिरफ्तार

  दुर्ग। जिले में सूदखोरी के खिलाफ पुलिस की सख्त कार्रवाई जारी है। थाना भिलाई भट्टी क्षेत्र में सेवानिवृत्त कर्मचारी से ब्याज के नाम पर जबरन 10 लाख रुपये वसूलने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों—ओमप्रकाश, प्रदीप नायक और एम. कृष्णा रेड्डी—को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।   पीड़ित ने शिकायत में बताया कि उसने 3 लाख रुपये उधार लिए थे, जिसकी पूरी राशि वह ब्याज सहित चुका चुका था। इसके बावजूद आरोपी चेक और एग्रीमेंट वापस नहीं कर रहे थे। मामला तब बिगड़ा जब पीड़ित 30 नवंबर को रिटायर हुआ और 3 दिसंबर को बैंक पहुंचा। वहां आरोपियों ने पति-पत्नी को धमकाकर और गाली-गलौज कर RTGS के जरिए 9 लाख रुपये और 1 लाख रुपये नगद—कुल 10 लाख रुपये जबरन ट्रांसफर करा लिए।   पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी संगठित रूप से सूदखोरी का नेटवर्क चलाते थे। छापेमारी में पीड़ित के कोरे चेक और एग्रीमेंट दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। पुलिस ने आरोपियों पर बीएनएस की विभिन्न धाराओं और छत्तीसगढ़ ऋणियों का संरक्षण अधिनियम 1937 के तहत मामला दर्ज किया है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

मुख्यमंत्री के निवास में हल्बा-हल्बी समाज का प्रतिनिधिमण्डल, दो बड़े आयोजनों के लिए दिया आमंत्रण

✍️ भागीरथी यादव   राजधानी रायपुर में आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से छत्तीसगढ़ हल्बा-हल्बी समाज के प्रतिनिधिमण्डल ने सौजन्य भेंट कर समाज के आगामी दो महत्वपूर्ण आयोजनों की जानकारी दी और मुख्यमंत्री को सादर आमंत्रित किया।   प्रतिनिधिमण्डल ने बताया कि समाज द्वारा 27 दिसंबर 2025 को दुर्ग के पुलगांव में समाजिक सम्मेलन एवं शक्ति दिवस, तथा 20 जनवरी 2026 को रायपुर में क्रांतिकारी अमर शहीद गेंद सिंह जी के 201वीं शहादत दिवस का आयोजन किया जा रहा है। दोनों कार्यक्रम समाज की सांस्कृतिक धरोहर, इतिहास और एकता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।   मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने समाज के आमंत्रण के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हल्बा-हल्बी समाज की सांस्कृतिक विरासत, वीरता और प्रेरणादायी इतिहास पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने समाज के प्रयासों की सराहना की और दोनों आयोजनों के सफल एवं भव्य आयोजन की शुभकामनाएँ दीं।   भेंट के दौरान समाज के वरिष्ठ सदस्यों—श्री महेश गागड़ा, डॉ. देवेंद्र महला, श्री गिरिवर ठाकुर, श्री हृदय राम कोसमा, श्री मिथीर राम सलेंद्र सहित कई गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।   हल्बा-हल्बी समाज के इन कार्यक्रमों को प्रदेश की सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना को मजबूती देने वाली पहल के रूप में देखा जा रहा है।

छत्तीसगढ़ में राज्य वीरता पुरस्कार 2025 के लिए आवेदन शुरू, अदम्य साहस दिखाने वाले बच्चों को मिलेगा सम्मान

✍️ भागीरथी यादव   रायपुर, 06 दिसंबर 2025   छत्तीसगढ़ शासन ने अदम्य साहस, शौर्य और संकट की घड़ी में दिखाई गई बुद्धिमत्ता का सम्मान करने के लिए प्रतिष्ठित “राज्य वीरता पुरस्कार 2025” हेतु आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह सम्मान उन बालक-बालिकाओं को दिया जाता है जिन्होंने किसी विशेष घटना में निस्वार्थ होकर किसी व्यक्ति का जीवन बचाने या बड़े नुकसान को टालने में असाधारण बहादुरी दिखाई हो।   सरकार द्वारा जारी दिशा–निर्देशों के अनुसार पुरस्कार के लिए वही बच्चे पात्र होंगे जिनकी आयु 18 वर्ष से कम है और जिनका साहसिक कार्य 1 जनवरी 2025 से 15 दिसंबर 2025 के बीच संपन्न हुआ हो। चयनित बाल वीरों को 25,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि, सम्मानित मेडल, और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।   आवेदन प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। इच्छुक उम्मीदवार 20 दिसंबर 2025 तक अपने जिले के महिला एवं बाल विकास कार्यालय में निर्धारित प्रारूप में आवेदन जमा कर सकते हैं। पात्रता मापदंड, आवेदन की प्रक्रिया और अन्य विस्तृत जानकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।   राज्य सरकार का मानना है कि ऐसे पुरस्कार न केवल साहसिक बच्चों का मनोबल बढ़ाते हैं, बल्कि समाज को भी मानवता और वीरता के मूल्यों से जोड़ते हैं। अब प्रदेश भर के लोग यह देखने को उत्सुक हैं कि इस वर्ष किन नन्हें वीरों की बहादुरी पूरे राज्य का गौरव बढ़ाएगी।

रायपुर में ड्रग्स का बड़ा खेल बेनकाब

✍️ भागीरथी यादव    साइंस कॉलेज मैदान के पास कार में बैठे दो तस्कर गिरफ्तार, 26.22 ग्राम हेरोइन बरामद करीब 23 लाख का सामान जब्त, पुलिस कर रही सप्लाई नेटवर्क की जांच   रायपुर। राजधानी रायपुर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो ड्रग तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। सरस्वती नगर थाना पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 26.22 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद की है, जिसकी बाजार कीमत 2.60 लाख रुपए से अधिक बताई जा रही है। तस्करों के पास से 20 लाख की कार, 7 मोबाइल सहित कुल 23 लाख रुपए का सामान जब्त किया गया है।   ● कार में बैठकर कर रहे थे ड्रग डील की तैयारी   घटना 5 दिसंबर की रात की है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि साइंस कॉलेज मैदान के पास, डीडीयू ऑडिटोरियम रोड पर एक काली कार में दो युवक हेरोइन बेचने की फिराक में ग्राहकों का इंतजार कर रहे हैं। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर दोनों युवकों को दबोच लिया।   ● गिरफ्तार तस्कर आयुष दुबे उर्फ मयंक, निवासी पंचशील नगर, रायपुर मृत्युंजय दुबे उर्फ एमडी, निवासी पचपेड़ी नाका, रायपुर तलाशी के दौरान कार से चिट्टा, 7 मोबाइल फोन, नकदी और अन्य सामान मिला।   ● बरामदगी   ✔ 26.22 ग्राम हेरोइन (कीमत लगभग 2,60,100 रुपए) ✔ हुंडई कार CG 04 NT 3892 (कीमत करीब 20 लाख रुपए) ✔ 7 मोबाइल फोन (कीमत लगभग 74,000 रुपए) ✔ कुल जब्ती—करीब 23 लाख रुपए   ● सप्लाई चेन की जांच शुरू सरस्वती नगर पुलिस अब यह पता लगा रही है कि तस्कर यह चिट्टा कहां से लाए थे? किसे सप्लाई करने वाले थे? क्या इनके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है? पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस ड्रग रैकेट का पूरा खुलासा किया जाएगा।  

रांची से बड़ी खबर: खुटी के मुरहू में हिस्ट्रीशीटर सीनू पूर्ति की नृशंस हत्या, सिर–धड़ अलग-अलग स्थानों से बरामद

  ✍️ भागीरथी यादव    डॉग स्क्वॉड और फॉरेंसिक टीम की मदद से पुलिस ने खोला हत्या का पूरा राज   रांची/खुटी। खुटी जिले के मुरहू थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। कुख्यात हिस्ट्रीशीटर सीनू पूर्ति की बर्बर तरीके से हत्या कर शव को टुकड़ों में काटकर अलग-अलग स्थानों पर दफनाने की घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। पुलिस ने डॉग स्क्वॉड और फॉरेंसिक टीम की मदद से शव के सिर और धड़ को दो अलग-अलग जगहों से बरामद किया।   ● पुरानी रंजिश पर शक, कानू मुंडा हत्याकांड से जुड़ रही कड़ियां   प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मामला पुरानी रंजिश का लग रहा है। सीनू पूर्ति वर्ष 2022 में हुए कानू मुंडा हत्याकांड का आरोपी था और इसी मामले में लंबे समय तक जेल में बंद रहा। कुछ ही दिन पहले वह जेल से बाहर आया था।   जेल से छूटने के बाद वह अचानक लापता हो गया था, जिसके बाद परिवार ने मुरहू थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। ● खेत से मिली क्षत-विक्षत लाश 3 दिसंबर को पुलिस को मुरहू क्षेत्र के एक खेत में मानव शरीर के कटे हिस्से दफन होने की सूचना मिली। खुदाई कर जब पुलिस ने पहले धड़ और फिर दूसरे स्थान से सिर बरामद किया, तब पहचान सीनू पूर्ति के रूप में हुई।   ● हत्या का तरीका भी कानू मुंडा केस जैसा   पुलिस का मानना है कि जिस तरह वर्ष 2022 में कानू मुंडा की निर्दयतापूर्वक हत्या की गई थी, उसी पैटर्न पर सीनू की भी हत्या की गई है — पहले धारदार हथियार से वार, फिर शरीर के टुकड़े कर अलग-अलग जगह दफनाना।   ● पुलिस ने बनाई विशेष टीम, आरोपियों की तलाश तेज   मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने ✔ विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है ✔ डॉग स्क्वॉड व फॉरेंसिक विभाग की तकनीकी सहायता ली जा रही है ✔ इलाके में छापेमारी जारी है और संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है   पुलिस का कहना है कि जल्द ही हत्याकांड की पूरी साजिश का पर्दाफाश कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।

बस्तर से दिल दहला देने वाली कहानी:

✍️ भागीरथी यादव      8 साल की उम्र में कमरे में बंद की गई लड़की 20 साल बाद रेस्क्यू, रोशनी और पहचान दोनों खो चुकी… परिवार ने दिया हैरान कर देने वाला तर्क   बस्तर। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक बच्ची को उसके पालन-पोषण करने वाले परिवार ने पूरे 20 साल तक एक कमरे में कैद करके रखा। जब उसे बंद किया गया था तब वह मात्र 8 साल की थी, और अब लगभग 28 साल की उम्र में अधिकारियों ने उसे रेस्क्यू किया है।   रेस्क्यू के समय लड़की न अपना नाम बता पा रही थी न किसी पहचान पर प्रतिक्रिया दे पा रही थी। लंबे समय तक अंधेरे कमरे में बंद रहने की वजह से उसकी आंखों की रोशनी लगभग खत्म हो चुकी है। सामाजिक संपर्क न होने के कारण मानसिक रूप से भी वह गहरे आघात में है। उसके आसपास की दुनिया उसके लिए एकदम अपरिचित हो चुकी है।   बस्तर कलेक्टर हरीश एस ने बताया कि सामाजिक कल्याण विभाग इस पूरे मामले को जबरन कैद, आपराधिक लापरवाही और मानवाधिकार उल्लंघन के तौर पर जांच रहा है। यह जांच उन सवालों को भी खंगालेगी कि आखिर किस आधार पर एक बच्ची को दो दशकों तक कमरे में कैद रखा गया।   परिवार का तर्क चौंकाने वाला है। उनका कहना है कि बच्ची को पड़ोस के एक व्यक्ति से खतरा था, जो कथित तौर पर उसका पीछा करता था और यौन उत्पीड़न की कोशिश करता था। परिवार का दावा है कि भय व सुरक्षा के नाम पर उन्होंने उसे घर से बाहर निकलने ही नहीं दिया। लेकिन यह सवाल जस का तस खड़ा है—क्या सुरक्षा के नाम पर किसी बच्चे को 20 साल तक कैद रखना सही था?   रेस्क्यू के बाद चिकित्सकीय जांच में सामने आया कि उसकी आंखों की पूरी दृष्टि वापस आना लगभग असंभव है। वहीं सिस्टर क्लेयरलिट ने उम्मीद की एक किरण दिखाते हुए कहा है कि लड़की धीरे-धीरे वातावरण को समझने लगी है, प्रतिक्रिया दे रही है और सहारे से चलना भी सीख रही है।   यह मामला न सिर्फ मानवाधिकारों पर गंभीर सवाल उठाता है, बल्कि इस बात पर भी कि समाज और सिस्टम की नजरों से इतने साल तक ऐसी एक बच्ची कैसे ओझल रही। बस्तर की यह कहानी एक बार फिर याद दिलाती है कि डर, अज्ञानता और सामाजिक उपेक्षा मिलकर किसी की पूरी जिंदगी छीन सकती है।   अब पूरा जिला इस बात की प्रतीक्षा कर रहा है कि जांच में क्या सामने आता है और लड़की को आगे किस तरह से सुरक्षित व सम्मानजनक जीवन दिया जाएगा।

होटल के कमरे में युवती की संदिग्ध मौत, बॉयफ्रेंड फरार… पुलिस हत्या के एंगल से कर रही जांच

✍️ भागीरथी यादव    कोरबा। शहर के चंदेला होटल में शनिवार दोपहर एक सनसनीखेज मामला सामने आया, जहां एक 20 वर्षीय युवती की लाश कमरे से बरामद हुई, जबकि उसके साथ रुका युवक मौके से फरार मिला। घटना के बाद होटल प्रबंधन से लेकर पुलिस विभाग तक हड़कंप मच गया है। एडिशनल एसपी नीतीश ठाकुर फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी है।   जानकारी के अनुसार, मृतका संध्या दास, निवासी मरकीडीह (जांजगीर-चांपा), शुक्रवार को अपने बॉयफ्रेंड राकेश कुमार मानिकपुरी (निवासी जांजगीर) के साथ चंदेला होटल में कमरा नंबर 207 में ठहरी थी। दोनों ने होटल कर्मचारियों को बताया था कि वे शादी में शामिल होने कोरबा आए हैं। रातभर दोनों साथ रहे।   शनिवार दोपहर तक जब कमरे से कोई हलचल नहीं हुई, न ही दरवाजा खोला गया, तब होटल कर्मचारियों को शक हुआ। कई बार आवाज लगाने पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। संदेह बढ़ने पर मास्टर-की से दरवाजा खोला गया। अंदर का मंजर देखकर कर्मचारियों के होश उड़ गए—कमरे में युवती का शव पड़ा था और युवक गायब।   सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची। होटल के रजिस्टर और सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। प्रथम दृष्टया मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा और युवती के परिजनों को सूचना दी।   फरार युवक राकेश मानिकपुरी की पुलिस तलाश कर रही है। प्रारंभिक जांच में कई अहम सुराग मिले हैं, जिन्हें पुलिस सभी एंगलों से सत्यापित कर रही है—हत्या, विवाद, आत्महत्या या अन्य किसी साजिश की आशंका को भी नकारा नहीं जा रहा।   कोरबा में हुई इस घटना ने होटल सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस जल्द ही आरोपी की गिरफ्तारी और मामले का खुलासा करने की बात कह रही है।  

रायगढ़ से शर्मनाक वारदात: तीन दिनों तक बंधक बनाकर चाकू की नोक पर दुष्कर्म, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

✍️ भागीरथी यादव   रायगढ़। जिले में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने शादीशुदा महिला को चाकू की नोक पर तीन दिनों तक बंधक बनाकर दुष्कर्म किया। घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। महिला थाने में शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस सक्रिय हुई और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।   जानकारी के अनुसार, आरोपी भगवानपुर निवासी दीपक दास मानिकपुरी (29) ने 26 वर्षीय पीड़िता को 28 नवंबर की शाम तब रास्ते में रोक लिया, जब वह काम से घर लौट रही थी। आरोपी पहले से उसे फोन पर परेशान करता था। जब महिला ने बात करना बंद कर दिया, तो उसने दबाव बनाना शुरू कर दिया।   पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपी अचानक आया, चाकू दिखाकर धमकाया और मारपीट कर उसे ज़बरदस्ती साथ ले गया। पहले स्कूल के बाथरूम के पीछे झाड़ी में मुंह पर कपड़ा बांधकर दुष्कर्म किया, फिर अपने किराए के मकान में ले जाकर लगातार तीन दिनों तक उसकी अस्मिता से खेलता रहा। आरोपी बार-बार धमकी देता रहा कि अगर उसने किसी को बताया तो जान से मार देगा।   डरी-सहमी पीड़िता ने किसी तरह मौका पाकर तब जान बचाई, जब आरोपी खाना लेने बाहर गया। वह वहां से भागकर घर पहुंची और पूरी घटना पति को बताई। इसके बाद दोनों महिला थाने पहुंचे और 1 दिसंबर को शिकायत दर्ज कराई।   पुलिस ने मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। महिला थाना प्रभारी ने बताया कि सभी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और कठोर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर न्याय दिलाने की प्रक्रिया तेज की जा रही है।   यह घटना समाज की सुरक्षा व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिले, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।  

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