सरकण्डा में अवैध हुक्का बार पर पुलिस का छापा

✍️ भागीरथी यादव     आर्यन पब्लिक स्कूल के पास घर में चल रहा था हुक्का बार, 5 आरोपी गिरफ्तार बिलासपुर। थाना सरकण्डा पुलिस ने अवैध हुक्का बार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई अप.क्र. 259/2026, धारा 4, 21(1), 21(2), 27 सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA) के तहत की गई है। पुलिस के अनुसार आर्यन पब्लिक स्कूल के पास एक मकान में चोरी-छिपे हुक्का बार संचालित किए जाने की सूचना मुखबिर से प्राप्त हुई थी। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने 27 फरवरी 2026 को मौके पर रेड की। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह (भा.पु.से.) के निर्देश पर जिले में नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज पटेल एवं सीएसपी (सिविल लाइन/सरकण्डा) निमितेश सिंह के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सरकण्डा निरीक्षक प्रदीप आर्य के नेतृत्व में टीम गठित कर कार्रवाई की गई। घर में चल रहा था हुक्का बार पुलिस ने बताया कि अथर्व पाण्डेय उर्फ शुभ उर्फ चिकू अपने घर में तम्बाकू युक्त फ्लेवर मिलाकर प्रतिघंटा 500 रुपये लेकर हुक्का बार संचालित कर रहा था। रेड के दौरान वह अपने साथियों के साथ हुक्का पीते पाया गया। ये हुए गिरफ्तार अथर्व पाण्डेय (18 वर्ष), राजकिशोर नगर, सरकण्डा विनित एलानी (24 वर्ष), रामकृष्ण एन्क्लेव, सीपत चौक, सरकण्डा किन्सु विश्वास (18 वर्ष), पैसिफिक अपार्टमेंट, तोरवा धानमंडी यथार्थ कश्यप (18 वर्ष), जोरापारा, सरकण्डा समीर पटेल (19 वर्ष), राजकिशोर नगर, सरकण्डा जब्त सामग्री आरोपियों के कब्जे से 2 नग हुक्का पार्ट, 1 नग कोल हिटर, 1 डिब्बा हुक्का फ्लेवर एवं अन्य संबंधित सामग्री बरामद कर विधिवत जब्त की गई है। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर कोटपा अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की है। सरकण्डा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

जंगल से सागौन काटकर तस्करी कर रहे 5 आरोपी गिरफ्तार, पिकअप और आरा मशीन जब्त

✍️ भागीरथी यादव     सीपत (बिलासपुर)। बिलासपुर जिले के थाना सीपत अंतर्गत नवापारा ग्राम जेवरा के जंगल में सागौन की लकड़ी चोरी करने वाले एक अंतर-जिला गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने घेराबंदी कर जांजगीर-चांपा जिले के 5 आरोपियों को दबोचा है, जो जंगल से कीमती सागौन काटकर पिकअप वाहन के जरिए तस्करी कर रहे थे। आधी रात को दी दबिश पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 26 फरवरी 2026 की दरमियानी रात मुखबिर से सूचना मिली कि जेवरा जंगल में कुछ लोग अवैध रूप से सागौन के पेड़ों की कटाई कर रहे हैं और लकड़ियों को पिकअप में भरकर ले जाने की तैयारी में हैं। सूचना मिलते ही सीपत पुलिस द्वारा तत्काल टीम गठित कर रेड कार्रवाई की गई। इस दौरान ग्राम जेवरा के पास एक पिकअप वाहन (CG-11 AB-0612) को संदिग्ध अवस्था में रोका गया। वाहन तिरपाल (पन्नी) से ढका हुआ था, जिसकी तलाशी लेने पर अंदर से सागौन के भारी लट्ठे और कटर मशीन बरामद हुई। इन आरोपियों की हुई गिरफ्तारी पकड़े गए सभी आरोपी जांजगीर-चांपा जिले के थाना बलौदा क्षेत्र के रहने वाले हैं: रामचंद कुर्रे (41 वर्ष), निवासी बिरगहनी। संतोष कुमार (50 वर्ष), निवासी बिरगहनी। जय सिंह ओगरे (62 वर्ष), निवासी ठरगा बहरा। लिल्लू राम पटेल (56 वर्ष), निवासी महुदा। रघुवीर सिंह मरावी (40 वर्ष), निवासी महुदा। कुल 2.21 लाख का मशरूका जब्त पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई संपत्ति और तस्करी में प्रयुक्त सामग्री जब्त की है: सागौन के लट्ठे: 16 नग (कीमत ₹65,827) मशीनरी: डीजल आरा मशीन एवं ब्लेड (कीमत ₹6,000) वाहन: पिकअप क्रमांक CG-11 AB-0612 (कीमत ₹1,50,000) कुल जब्ती: ₹2,21,827 न्यायिक रिमांड पर भेजे गए जेल सीपत पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सागौन की अवैध कटाई और चोरी के मामले में सुसंगत धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। गिरफ्तारी के बाद सभी पांचों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

मोटरसाइकिल से शराब तस्करी कर रहा कोरबा का कोचिया गिरफ्तार

✍️ भागीरथी यादव     रतनपुर (बिलासपुर)। बिलासपुर पुलिस ने अवैध शराब के कारोबार पर लगाम कसते हुए एक शातिर कोचिये को रंगे हाथों पकड़ा है। रतनपुर पुलिस ने घेराबंदी कर कोरबा निवासी एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो अपनी मोटरसाइकिल के जरिए भारी मात्रा में देशी शराब खपाने की फिराक में था। जाली मेनरोड पर हुई घेराबंदी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह (IPS) के सख्त निर्देशों के बाद, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) श्रीमती मधुलिका सिंह और एसडीओपी (कोटा) श्रीमती नूपुर उपाध्याय के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निलेश पाण्डेय की टीम लगातार एक्टिव है। दिनांक 15 फरवरी 2026 को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि ग्राम जाली की तरफ से एक व्यक्ति अवैध शराब की खेप लेकर गुजर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने जाली मेनरोड पर जाल बिछाया और संदिग्ध मोटरसाइकिल को रोक लिया। तलाशी में मिली 110 पाव शराब तलाशी लेने पर आरोपी संदीप कश्यप (34 वर्ष), निवासी हरनमुड़ी (कोरबा) के पास से 110 पाव देशी प्लेन शराब बरामद हुई। कुल मात्रा: 19.800 लीटर। बाजार मूल्य: लगभग 8800 रुपये। जब्ती: पुलिस ने शराब के साथ-साथ परिवहन में इस्तेमाल की जा रही मोटरसाइकिल को भी जब्त कर लिया है। आबकारी एक्ट के तहत जेल दाखिल पकड़ा गया आरोपी संदीप कश्यप आदतन शराब कोचिया बताया जा रहा है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया और उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। टीम की सराहना: इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निलेश पाण्डेय के साथ प्रशिक्षु डीएसपी आकाश चौधरी, प्रधान आरक्षक कौशल खूटे, और आरक्षक बिजेन्द्र रात्रे व संजय यादव की अहम भूमिका रही।  

नेहरू चौक पर वसूली कर रहे दो किन्नर गिरफ्तार, पुलिस की बड़ी कार्रवाई

✍️ भागीरथी यादव     बिलासपुर। शहर के व्यस्ततम नेहरू चौक पर राहगीरों और परिवारों से अभद्रता कर वसूली करने वाले दो किन्नरों को सिविल लाइन पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ यह कार्रवाई आम जनता की शिकायतों और मौके पर उपजे आक्रोश के बाद की गई। क्या है पूरा मामला? मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार (25 फरवरी 2026) को नेहरू चौक ट्रैफिक सिग्नल पर वाहनों के रुकते ही किन्नरों द्वारा वसूली की जा रही थी। आरोपी जूली चौधरी (उम्र 36 वर्ष) और नफीसा खातून (उम्र 25 वर्ष), दोनों गुरु रजिया किन्नर की शिष्याएं, सिग्नल पर रुके परिवारों और महिलाओं के पास जाकर ताली बजाकर पैसों की मांग कर रही थीं। पैसे न देने पर उनके द्वारा किए जा रहे अभद्र व्यवहार से राहगीर काफी परेशान थे। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और जनता में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया। पुलिस की कार्रवाई सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुँची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया। दर्ज धारा: पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध धारा 170 बी.एन.एस.एस. (BNSS) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का संदेश: अधिकारियों का कहना है कि शहर के प्रमुख चौराहों पर इस तरह की अवैध गतिविधियों और आम जन को परेशान करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। “नेहरू चौक जैसे सार्वजनिक स्थलों पर आम नागरिकों और परिवारों के साथ अभद्रता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस की ऐसी कार्रवाई भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगी।”

28 फरवरी को खातों में आएगा धान का बोनस

सुशील जायसवाल   कोरबा/पोड़ी उपरोड़ा | छत्तीसगढ़ के लाखों अन्नदाताओं के लिए होली से पहले खुशियों की दस्तक होने वाली है। राज्य सरकार ने आधिकारिक आदेश जारी करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि 28 फरवरी की दोपहर तक किसानों के बैंक खातों में धान की अंतर राशि (बोनस) का भुगतान कर दिया जाएगा। यह राशि सीधे DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से हस्तांतरित की जाएगी। 10 हजार करोड़ का होगा भुगतान इस वर्ष सरकार लगभग 10,000 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि सीधे किसानों की जेब में डालने जा रही है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत 25 लाख से अधिक पंजीकृत किसानों से 141 लाख मीट्रिक टन धान की रिकॉर्ड खरीदी की गई है। भुगतान का गणित: कुल खरीदी सीमा: 21 क्विंटल प्रति एकड़। निर्धारित दर: ₹3100 प्रति क्विंटल। अंतर राशि: समर्थन मूल्य और तय दर के बीच के अंतर को बोनस के रूप में दिया जा रहा है। “इस भुगतान से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। कृषक उन्नति योजना के तहत अब तक कुल भुगतान का आंकड़ा 35 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा।” भुगतान पाने के लिए जरूरी शर्तें किसानों को सलाह दी गई है कि वे राशि प्राप्त करने हेतु निम्नलिखित तकनीकी पहलुओं की जांच कर लें: बैंक खाता आधार (Aadhaar) से अनिवार्य रूप से लिंक हो। धान बिक्री का पंजीकरण विवरण पूरी तरह सही होना चाहिए। मोबाइल नंबर अपडेट रखें ताकि भुगतान का SMS प्राप्त हो सके। पुलिस की अपील: “सजग कोरबा” अभियान के तहत सतर्कता जरूरी पसान और कोरबी पुलिस ने ‘सजग कोरबा’ अभियान के तहत किसानों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने गांव-गांव में प्रचार-प्रसार करते हुए अपील की है कि: अकेले न जाएं: बैंक से बड़ी राशि निकालते समय साथ में कम से कम दो भरोसेमंद व्यक्तियों को जरूर रखें। सावधानी बरतें: किसी भी अनजान व्यक्ति के झांसे में न आएं और संदिग्ध व्यक्ति दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें। नशे से दूर रहें: राशि लेकर लौटते समय शराब का सेवन कर वाहन न चलाएं, यह जानलेवा हो सकता है।

बेलतरा के पास नेशनल हाईवे पर दर्दनाक हादसा: साथ जीने-मरने की कसमें खाने वाले दंपत्ति को सड़क ने छीन लिया

✍️ भागीरथी यादव     बिलासपुर–कटघोरा मार्ग पर बेलतरा के पास गुरुवार की सुबह एक ऐसा हृदयविदारक हादसा हुआ, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। जिंदगी की ढलती उम्र में एक-दूसरे का सहारा बने बुजुर्ग पति-पत्नी अपने दोपहिया वाहन से सड़क पार कर रहे थे। शायद उन्हें क्या पता था कि कुछ ही पल में एक तेज रफ्तार ट्रेलर उनकी खुशियों को रौंद देगा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पीछे से आ रहे ट्रेलर ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि महिला ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सड़क पर बिखरा सामान और लहूलुहान देह उस दर्दनाक मंजर की गवाही दे रहे थे। पति अपनी जीवनसंगिनी को खून से लथपथ हालत में देख बेसुध हो गए। उन्हें गंभीर अवस्था में अस्पताल पहुंचाया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। राहगीरों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और ट्रेलर को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे की वजह माना जा रहा है। यह हादसा केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि एक परिवार की दुनिया उजड़ने की कहानी है। बुजुर्ग दंपत्ति ने जीवन के उतार-चढ़ाव साथ झेले थे, लेकिन किस्मत को शायद कुछ और ही मंजूर था। नेशनल हाईवे पर लगातार हो रही दुर्घटनाएं एक बार फिर सवाल खड़े कर रही हैं—आखिर कब थमेगा रफ्तार का कहर? स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मार्ग पर गति नियंत्रण, सख्त निगरानी और सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं, ताकि किसी और घर की खुशियां इस तरह सड़क पर न  

मिलावटी शराब के आरोपों से गरमाया माहौल, शराब प्रेमियों ने की ‘ठेका सिस्टम’ बहाली की मांग

✍️ भागीरथी यादव     मनेन्द्रगढ़ (MCB)। छत्तीसगढ़ के नवगठित जिले मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) में देशी शराब की गुणवत्ता को लेकर उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश है। शहर के शराब प्रेमियों ने वर्तमान व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि सरकारी दुकानों में मिलने वाली शराब अब पहले जैसी नहीं रही। उपभोक्ताओं का दावा है कि शराब में मिलावट की जा रही है, जिसके चलते अब वे ‘ठेका प्रणाली’ को वापस लाने की मांग कर रहे हैं। “दो क्वार्टर में भी नहीं मिल रहा पहले जैसा असर” स्थानीय ऑटो चालक श्रीनिवास सेन और उनके साथियों ने अपना दर्द साझा करते हुए कहा कि वे दिनभर की थकान मिटाने के लिए सप्ताह में एक-दो बार शराब का सेवन करते हैं। उनके अनुसार, पूर्ववर्ती सरकार के समय शराब न केवल सस्ती थी, बल्कि उसकी गुणवत्ता भी अच्छी थी। “पहले एक क्वार्टर में ही संतोष मिल जाता था, लेकिन अब स्थिति यह है कि दो क्वार्टर पीने के बाद भी वैसा नशा या असर महसूस नहीं होता। इससे साफ पता चलता है कि शराब में मिलावट की जा रही है।” — स्थानीय उपभोक्ता पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश का रुख कर रहे लोग गुणवत्ता में गिरावट का असर अब स्थानीय राजस्व पर भी पड़ता दिख रहा है। उपभोक्ताओं ने बताया कि बेहतर और शुद्ध शराब की तलाश में उन्हें पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के राजनगर जाना पड़ रहा है। इससे न केवल उनका आर्थिक बोझ बढ़ रहा है, बल्कि समय की भी बर्बादी हो रही है। लोगों का तर्क है कि यदि स्थानीय स्तर पर गुणवत्ता में सुधार हो, तो मध्य प्रदेश से होने वाली शराब की अवैध आवक पर भी लगाम लगेगी। आबकारी विभाग पर चुप्पी साधने का आरोप शराब प्रेमियों का कहना है कि गुणवत्ता में आ रही इस गिरावट और मिलावट की शिकायतों को मीडिया के माध्यम से कई बार जिला आबकारी विभाग तक पहुँचाया गया है। इसके बावजूद, विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई या लैब टेस्टिंग जैसी पहल नहीं की गई है। प्रशासन की इस कथित अनदेखी से स्थानीय लोगों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। प्रमुख मांगें: ठेका प्रणाली की वापसी: उपभोक्ताओं का मानना है कि निजी ठेकेदारों के हाथ में कमान होने से प्रतिस्पर्धा रहती है और गुणवत्ता पर जवाबदेही तय होती है। निष्पक्ष जांच: वर्तमान स्टॉक की लैब में जांच कराई जाए ताकि मिलावट का सच सामने आ सके। पारदर्शिता: बिक्री और स्टॉक के प्रबंधन में पारदर्शिता लाई जाए ताकि उपभोक्ताओं को मानक उत्पाद मिल सके। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इन शिकायतों पर क्या रुख अपनाता है और क्या उपभोक्ताओं को उनकी मांग के अनुरूप शुद्धता का आश्वासन मिलता है।

बिलासपुर में प्रशासनिक अधिकारी को निशाना बनाने की साजिश? छवि धूमिल करने के लिए पुरानी फाइलों का सहारा

ज्ञान शंकर तिवारी     कोरबा/बिलासपुर | ज्ञान शंकर तिवारी न्यायधानी बिलासपुर में इन दिनों प्रशासनिक गलियारों में एक नया विवाद गर्माया हुआ है। भू-अर्जन शाखा में पदस्थ अधीक्षक खिलेन्द्र यादव के खिलाफ कुछ वेब पोर्टलों द्वारा चलाए जा रहे ‘नकारात्मक अभियान’ ने पत्रकारिता की नैतिकता और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधीक्षक यादव ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे व्यक्तिगत द्वेष से प्रेरित एक सोची-समझी साजिश करार दिया है। भ्रामक खबरों पर अधीक्षक का कड़ा रुख लगातार लग रहे आरोपों पर चुप्पी तोड़ते हुए अधीक्षक खिलेन्द्र यादव ने स्पष्ट किया कि प्रसारित खबरें पूरी तरह तथ्यहीन और भ्रामक हैं। उन्होंने कहा: “बिना मेरा पक्ष जाने और बिना किसी आधिकारिक दस्तावेज की पुष्टि किए खबरें चलाना पत्रकारिता के सिद्धांतों के विरुद्ध है। यह केवल एकतरफा छवि बनाने का प्रयास है।” शिकायत की विश्वसनीयता पर सवाल रिपोर्ट के अनुसार, जिस शिकायत के आधार पर खबरें बनाई जा रही हैं, वह किसी ‘छद्म नाम’ (Anonymous) से की गई प्रतीत होती है। सामान्य प्रशासन विभाग के नियमानुसार, बिना नाम और पते की शिकायतों का कोई आधार नहीं होता। अधीक्षक ने दावा किया कि विभाग को अब तक ऐसी कोई वैध शिकायत प्राप्त ही नहीं हुई है। प्रमुख बिंदुओं पर स्पष्टीकरण   विषय अधीक्षक खिलेन्द्र यादव का पक्ष निलंबन विवाद 3 वर्ष पूर्व कलेक्टर की जांच में डेटा लीक या अनियमितता के आरोप गलत पाए गए थे। शासन ने जांच रिपोर्ट के आधार पर बहाल किया था। अब इसे दोबारा उठाना केवल चरित्र हनन है। पदस्थापना एक ही जिले में पदस्थ रहना शासन का निर्णय है। प्रशासन को हर माह अपडेटेड जानकारी भेजी जाती है। इसमें कुछ भी गोपनीय या गलत नहीं है। सीमांकन एवं डायवर्सन भू राजस्व संहिता के अनुसार ये अधिकार तहसीलदार और SDM के पास हैं। अधीक्षक भू अभिलेख का इसमें सीधा हस्तक्षेप नहीं होता। जांच रिपोर्ट 28 मई 2025 की शिकायत पर कलेक्टर द्वारा भेजी गई जांच रिपोर्ट में आरोपों को ‘निराधार और द्वेषपूर्ण’ बताया जा चुका है। निजता का हनन और मानसिक प्रताड़ना अधीक्षक यादव ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी निजी और गोपनीय जानकारियों को सार्वजनिक कर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने इसे अपनी निजता और स्वतंत्रता के संवैधानिक अधिकारों का हनन बताया है। निष्कर्ष: सच क्या है? न्यायधानी में चर्चा आम है कि क्या यह वास्तव में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज है या फिर किसी कर्मठ अधिकारी को रास्ते से हटाने का प्रयास? फिलहाल, आधिकारिक दस्तावेजों और कलेक्टर की जांच रिपोर्ट अधीक्षक के पक्ष में झुकी नजर आती है। अब देखना यह होगा कि भ्रामक खबरें फैलाने वाले पोर्टलों पर शासन क्या रुख अपनाता है।  

शराब के लिए पैसे न मिलने पर चाकूबाजी करने वाला ‘टोबो’ गिरफ्तार, भेजा गया जेल

✍️ भागीरथी यादव     बिलासपुर: शहर में अपराधियों के हौसले पस्त करने के लिए बिलासपुर पुलिस लगातार ‘एक्शन मोड’ में है। ताज़ा मामला कोनी थाना क्षेत्र का है, जहाँ शराब पीने के लिए पैसे की मांग करने और मना करने पर धारदार हथियार से हमला करने वाले एक आदतन बदमाश को पुलिस ने चंद घंटों के भीतर सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है। क्या है पूरा मामला? मिली जानकारी के अनुसार, जलसों निवासी प्रार्थी सुनील कौशिक 22 फरवरी की शाम करीब 6:00 बजे गांव के गुड़ी चौक पर सामान लेने गया था। वहां पहले से मौजूद आरोपी चंदर उर्फ टोबो वर्मा (21 वर्ष) ने सुनील को रोक लिया और शराब पीने के लिए पैसों की मांग की। जब सुनील ने पैसे देने से इनकार किया, तो आरोपी गाली-गलौज पर उतर आया। विवाद इतना बढ़ा कि टोबो ने जान से मारने की धमकी देते हुए अपने पास रखे धारदार चाकू से सुनील पर हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गया। पुलिस की त्वरित कार्यवाही घटना की रिपोर्ट दर्ज होते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) रजनेश सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए। कोनी थाना पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी चंदर उर्फ टोबो वर्मा को हिरासत में लिया। बरामदगी: पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त धारदार चाकू को जब्त कर लिया है। कानूनी धाराएं: आरोपी के विरुद्ध बीएनएस (BNS) की धारा 296, 115(2), 351(3), और 119(1) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। कोर्ट ने भेजा जेल बिलासपुर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य जुटाते हुए आज दिनांक 24 फरवरी 2026 को उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस की इस त्वरित कार्यवाही की क्षेत्र में सराहना हो रही है। मुख्य बिंदु: आरोपी: चंदर उर्फ टोबो वर्मा (निवासी जलसों)। जुर्म: अवैध वसूली (शराब के लिए पैसे मांगना) और जानलेवा हमला। पुलिस की सीख: सार्वजनिक स्थानों पर गुंडागर्दी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

चौकी प्रभारी अब्दुल मुनाफ रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, एएसआई समेत एसीबी की बड़ी कार्रवाई

✍️ भागीरथी यादव     कोरिया। जिले के बचरापोड़ी पुलिस चौकी में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने चौकी प्रभारी सब-इंस्पेक्टर अब्दुल मुनाफ और एएसआई ध्रुव प्रसाद यादव को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, बचरापोड़ी चौकी क्षेत्र के निवासी सतेंद्र प्रजापति के घर के सामने रहने वाले डेढ़ वर्षीय मासूम बच्चे की कुछ समय पूर्व गड्ढे में गिरने से मौत हो गई थी। इस मामले में मर्ग कायम किया गया था। आरोप है कि चौकी प्रभारी अब्दुल मुनाफ ने सतेंद्र प्रजापति को इसी प्रकरण में फर्जी तरीके से फंसाने की धमकी दी और कार्रवाई से बचाने के नाम पर 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। पीड़ित ग्रामीण ने इसकी शिकायत एसीबी से की। शिकायत का सत्यापन करने के बाद एसीबी की टीम ने सुनियोजित रणनीति के तहत जाल बिछाया। तय योजना के मुताबिक जब आरोपी अधिकारियों ने 25 हजार रुपये की पहली किस्त ली, उसी दौरान एसीबी टीम ने बचरापोड़ी पुलिस चौकी परिसर में ही दोनों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान एसीबी अधिकारियों ने मौके पर आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी की। दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इस घटना के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। विभागीय स्तर पर भी जांच की संभावना जताई जा रही है, जिससे आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं।

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