MP के वायरल डीएसपी के नाम पर 72 लाख की ठगी
✍️ भागीरथी यादव चार साल तक खुद को ‘डीएसपी’ बताकर महिला को छलता रहा जेसीबी ऑपरेटर, छत्तीसगढ़ पुलिस ने खोला बड़ा फर्जीवाड़ा मध्य प्रदेश पुलिस के लोकप्रिय अधिकारी और सोशल मीडिया पर 2.2 मिलियन फॉलोअर्स वाले डीएसपी संतोष पटेल भी तब सन्न रह गए, जब उन्हें पता चला कि उनके नाम का इस्तेमाल कर छत्तीसगढ़ की एक आदिवासी महिला से 72 लाख रुपए की ठगी की गई है। मामला तब सामने आया जब पीड़िता की शिकायत सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) तक पहुंच गई और छत्तीसगढ़ पुलिस जांच करते हुए एमपी पहुंची। लेकिन जब पुलिस ने असली डीएसपी संतोष पटेल से संपर्क किया तो चौकाने वाली सच्चाई धीरे-धीरे सामने आने लगी—ठगी करने वाला कोई अधिकारी नहीं, बल्कि एक जेसीबी ऑपरेटर था, जो उनकी वर्दी वाली तस्वीर को DP बनाकर चार वर्षों तक महिला को बहला-फुसलाता रहा। कैसे शुरू हुआ फर्जी डीएसपी का खेल? बलरामपुर जिले के कुसमी थाने में एक आदिवासी महिला ने शिकायत दर्ज कराई कि मध्य प्रदेश के डीएसपी संतोष पटेल ने उसके दो बेटों को पुलिस में भर्ती कराने का लालच देकर 72 लाख रुपए ऐंठ लिए। महिला का कहना था कि उसने आरोपी को कभी देखा नहीं, बातचीत सिर्फ फोन और व्हाट्सऐप कॉल पर होती थी, DP पर डीएसपी की फोटो लगी रहती थी, वह कभी वीडियो कॉल भी नहीं करता था। महिला को पूरा भरोसा था कि वह “वायरल डीएसपी संतोष पटेल” से बात कर रही है। छत्तीसगढ़ पुलिस की जांच—सच्चाई का धमाका जब छत्तीसगढ़ पुलिस की टीम बालाघाट पहुंची और असली डीएसपी संतोष पटेल को दस्तावेज दिखाए, तो अधिकारी खुद हैरान रह गए। उन्होंने कहा— > “मैं तो महिला को जानता भी नहीं। मेरी फोटो किसने इस्तेमाल की, ये देख मैं भी चौंक गया।” जांच में पता चला कि असली आरोपी संतोष पटेल पुत्र विश्वनाथ पटेल, निवासी — पड़खुरी पचोखर, थाना चुरहट, जिला सीधी (एमपी) है। साल 2016 में वह छत्तीसगढ़ में सड़क निर्माण प्रोजेक्ट में जेसीबी ऑपरेटर था। वहीं उसकी पहचान कंजिया गांव की ललकी बाई से हुई। गांव लौटने के बाद उसने महिला को फोन कर कहा— “मैं अब एमपी पुलिस में डीएसपी बन गया हूं, तुम्हारे बेटे भी पैसे देकर पुलिस में लग जाएंगे।” चार वर्षों (2018–2025) के दौरान उसने महिला से लगभग 72 लाख रुपए फोन-पे और अन्य माध्यमों से वसूल लिए। महिला ने रिश्तेदारों से उधार लिया, जमीन बेची और आरोपी की बातों में आती रही। 12 नवंबर को आरोपी को पुलिस ने पकड़ लिया। पूछताछ में उसने सारा पैसा उड़ाने की बात स्वीकार की है। “मुझे डर लगा कहीं मेरे नाम का कोई करीबी तो…” —DSP संतोष पटेल डीएसपी ने बताया कि जब उन्हें पता चला कि उनके नाम से PMO में शिकायत पहुंची है तो वे खुद घबरा गए। फिर जब कुसमी पुलिस की जांच में फर्जीवाड़ा सामने आया तो उन्होंने कहा— > “मैं छत्तीसगढ़ पुलिस का आभारी हूं। लोगों से अपील है कि सरकारी नौकरी के नाम पर किसी को भी पैसा न दें। आज सभी भर्तियां पारदर्शी तरीके से होती हैं।” सबक—सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी से बचें यह घटना बताती है कि सरकारी नौकरी पैसों से नहीं मिलती, ठग फर्जी पहचान, वर्दी और सोशल मीडिया फोटो का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं, किसी भी अधिकारी, कर्मचारी या एजेंट को पैसे न दें, शंका होने पर तुरंत नजदीकी थाने में शिकायत करें। छत्तीसगढ़ पुलिस ने पीड़िता को न्याय दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है और मामले में आगे की जांच के निर्देश दिए गए हैं। यह मामला सोशल मीडिया के दौर में पहचान की चोरी और नौकरी के लालच में होने वाली ठगी का सबसे बड़ा उदाहरण बन गया है।
भैरमगढ़ में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, दो स्थानों से 350 बोरी अवैध धान जब्त
बीजापुर। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के बीच जिला प्रशासन ने अवैध धान तस्करी पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। भैरमगढ़ इलाके में की गई संयुक्त कार्रवाई में अधिकारियों ने दो स्थानों से करीब 350 बोरी अवैध धान बरामद किया। यह धान रमन पटेल और राजा मिश्रा के कब्जे से मिला, जिसके बाद पूरे स्टॉक को प्रशासन ने जब्त कर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है। बीजापुर जिले की सीमा महाराष्ट्र और तेलंगाना से लगने के कारण यहां बाहरी राज्यों से धान की अवैध आमद का जोखिम ज्यादा रहता है। इसको ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने अंतर्राज्यीय सीमाओं पर चौकसी बढ़ा दी है। चेकपोस्टों पर तैनात टीमों को किसी भी संदिग्ध वाहन या परिवहन की सतर्कता से जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। भैरमगढ़ में हुई कार्रवाई के दौरान तहसीलदार, फूड इंस्पेक्टर और मंडी निरीक्षक मौजूद रहे। मौके पर धान की गुणवत्ता और दस्तावेजों की जांच की गई, लेकिन वैध प्रमाण प्रस्तुत न किए जाने पर पूरा माल प्रशासनिक कब्जे में ले लिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि खरीदी अवधि में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि समर्थन मूल्य प्रणाली की पारदर्शिता बनी रहे और किसानों के हक की रक्षा हो सके। जिला प्रशासन ने किसानों से अपील करते हुए कहा है कि वे केवल अपना उत्पादित और वैध धान ही बेचें। अवैध व्यापार में शामिल पाए जाने पर संबंधित लोगों को गंभीर कानूनी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
पाली शिशु मंदिर में आयोजित “सप्त शक्ति संगम” कार्यक्रम में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी
पाली/कोरबा – संवाददाता ज्ञान शंकर तिवारी पाली स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में सप्त शक्ति संगम कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य परिवार में सौहार्द बनाए रखना, कुटुंब प्रबोधन के माध्यम से पारिवारिक विवादों को रोकना तथा भारतीय समाज में महिलाओं के योगदान और उनके अधिकारों पर चर्चा करना रहा। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में कथा वाचिका हेमलता शर्मा, न्यायधीश कु. शोआ मंसूर, संजू जायसवाल, रामरतन स्कूल की प्राचार्या अनिता जायसवाल, अधिवक्ता रीमा वर्मा एवं समाजसेवी प्रतीक्षा शर्मा ने अपने विचार प्रस्तुत किए। वक्ताओं ने कहा कि सुव्यवस्थित परिवार ही सशक्त समाज की नींव है। साथ ही भारत के विकास में महिलाओं द्वारा निभाई गई ऐतिहासिक भूमिका और वर्तमान समय में उनके अधिकारों पर विस्तार से विमर्श किया गया। इस अवसर पर पार्षद दीप्ति दीपक शर्मा, गीता शुक्ला, आशा साहू, कमला जायसवाल, लक्ष्मी श्रीवास्तव आदि ने भी महिलाओं के अधिकार और समाज में उनके योगदान पर रोशनी डाली। आयोजन में वेशभूषा, प्रश्नोत्तरी, गायन- वादन जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित महिलाओं का मन मोह लिया। समाज में विशेष योगदान हेतु माधुरी कौशिक और जानकी केवट को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सहोदरा सरजाल ने की। कार्यक्रम संयोजन में सीमा देवांगन, सहसंयोजिका लक्ष्मी राजपूत, पूनम पांडे, अंजू जायसवाल, शशि बिंझवार, मीना देवांगन, लक्ष्मी साहू, संतोषी केवट, मंजू जायसवाल, अन्नपूर्णा पांडे, रसकुंवर कंवर सहित कई सदस्याओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मातृ शक्ति शामिल हुई और आयोजन को सफल बनाया।
बिलासपुर में छत्तीसगढ़ी संस्कृति का विराट उत्सव—48वाँ रावत नाचा महोत्सव
✍️ भागीरथी यादव बिलासपुर। लाल बहादुर शास्त्री स्कूल मैदान आज परंपरा, संस्कृति और मान्यता का अद्भुत संगम बन गया। अवसर था—यदुवंशी समाज की अनूठी पहचान रावत नाचा के 48वें भव्य महोत्सव का, जहाँ हजारों दर्शकों की मौजूदगी ने पूरे प्रांगण को उत्सवमय कर दिया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय पारंपरिक रावत नाचा वेशभूषा में जब मंच पर पहुंचे, तो मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज उठा। महोत्सव स्थल पर पहुंचने पर संरक्षक श्री कालीचरण यादव और समिति पदाधिकारियों ने पुष्पहार पहनाकर मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री तथा विशिष्ट अतिथियों ने भगवान श्रीकृष्ण के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर विधिवत कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सत्ता और समाज का अनोखा संगम—बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, तखतपुर विधायक श्री धर्मजीत सिंह, बिल्हा विधायक श्री धरमलाल कौशिक, बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला, चंद्रपुर विधायक श्री रामकुमार यादव, कोटा विधायक श्री अटल श्रीवास्तव, मस्तूरी विधायक श्री दिलीप लहरिया और महापौर सुश्री पूजा विधानी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। मुख्यमंत्री साय का भावपूर्ण संबोधन—‘तेल फूल में लइका बाढ़े…’ गाकर जीता दिल राउत नाचा दलों के मध्य पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ की इस अनूठी परंपरा को सांस्कृतिक समृद्धि और सामाजिक एकता का प्रतीक बताया। उन्होंने दोहा “तेल फूल में लइका बाढ़े…” गाकर यदुवंशी समाज को आशीर्वचन दिया और कहा— “रावत नाचा जैसी सांस्कृतिक धरोहर आने वाली पीढ़ियों को मार्ग दिखाती है और हमारी पहचान को जीवित रखती है।” इसके बाद मुख्यमंत्री ढोल–नगाड़ों की धुन पर कलाकारों के साथ झूमते भी नज़र आए, जिससे पूरा मैदान उत्साह से भर उठा। मंच से गूँजी संस्कृति और समाज को समर्पित बातें केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने रावत नाचा को यदुवंशी समाज के पराक्रम, कला और सामूहिक चेतना का अप्रतिम प्रतीक बताया। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने 48 वर्षों से चली आ रही इस परंपरा को समाज की एकजुटता और अनुशासन का अद्भुत उदाहरण कहा। पूर्व मंत्री एवं विधायक श्री अमर अग्रवाल ने रावत नाचा को बिलासपुर की “गौरवशाली सांस्कृतिक धरोहर” बताया। शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने कहा कि यदुवंशी समाज घर–घर जाकर सर्व समाज की मंगलकामना करने की पावन परंपरा निभाता है। रावत नाचा—47 वर्षों की परंपरा से 48वें अध्याय तक महोत्सव के संरक्षक डॉ. कालीचरण यादव ने स्वागत उद्बोधन में रावत नाचा की ऐतिहासिक यात्रा को याद करते हुए कहा कि यह महोत्सव छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक अस्मिता को वर्षों से मजबूत आधार प्रदान करता आ रहा है। मुख्यमंत्री कलाकारों के बीच—लोकनृत्य की ऊर्जा से सराबोर मैदान मुख्यमंत्री जब पारंपरिक परिधान में नर्तक दलों के बीच पहुंचे और ढोल–मृदंग की थाप पर उनके साथ झूमकर नाचा, तब माहौल चरम आनंद और गर्व से भर गया। नृत्य दलों की मनमोहक प्रस्तुति ने दर्शकों को देर तक बांधे रखा।
श्याम शिक्षा महाविद्यालय सक्ती में बाल दिवस पर महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम आयोजित
✍️ भागीरथी यादव सक्ती। श्याम शिक्षा महाविद्यालय सक्ती में 14 नवंबर 2025 को आईक्यूएसी (IQAC) श्याम शिक्षा महाविद्यालय एवं अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला समिति के संयुक्त तत्वावधान में बाल दिवस के अवसर पर महिला एवं बाल विकास, महिला जागरूकता तथा महिला सशक्तिकरण विषयक कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला समिति की अध्यक्ष श्रीमती अरुणा अग्रवाल, प्रांतीय सचिव श्रीमती सरोज अग्रवाल एवं डी.एल.एड. विभागाध्यक्ष श्रीमती सुमन अग्रवाल द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य प्रशिक्षार्थियों में सशक्तिकरण की भावना विकसित करना तथा भविष्य में शिक्षक के रूप में समाज को सही दिशा देने हेतु प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुषमा पांडेय एवं युगल डड़सेना ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के स्टाफ सदस्य डॉ. हेमा तिवारी, रेणुका साहू, शशिरेखा, अमित जांगड़े, गरिमा भारद्वाज एवं हिमांशी सिदार उपस्थित रहे। समापन वक्तव्य में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. विनय प्रताप सिंह ने महिला सशक्तिकरण के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला तथा प्रशिक्षार्थियों के उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथियों को धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
कटनी में सनसनीखेज डबल मर्डर: खेत की झोपड़ी में सो रहे पति-पत्नी की निर्मम हत्या, गांव में हड़कंप
✍️ भागीरथी यादव कटनी (मध्यप्रदेश)। कटनी जिले के बड़वारा थाना क्षेत्र के ग्राम सुनहरा में शनिवार तड़के एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। खेत की रखवाली कर रहे दंपत्ति की अज्ञात हमलावरों ने बेरहमी से हत्या कर दी। सुबह ग्रामीणों ने जब झोपड़ी के भीतर खून से सने दोनों शव देखे तो पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सुबह ग्रामीणों ने देखा भयावह मंजर जानकारी के अनुसार, बिजौरी निवासी लल्लू राम कुशवाहा अपनी पत्नी प्रभा कुशवाहा और 13 वर्षीय बेटी के साथ लंबे समय से सुनहरा गांव में संत कुमार श्रीवास के खेत की देखभाल कर रहे थे। रोज की तरह शुक्रवार रात भी दंपत्ति खेत की झोपड़ी में सोए हुए थे। शनिवार सुबह गुजरते हुए ग्रामीणों ने झोपड़ी का दरवाजा खुला देखा। अंदर दोनों के शव पड़े थे, जिन पर गंभीर चोटों के निशान साफ दिखाई दे रहे थे। यह दृश्य देखकर लोग तुरंत पुलिस को खबर देने दौड़े। पुलिस-फॉरेंसिक टीम मौके पर, कई अहम सबूत मिले सूचना मिलते ही डीएसपी ऊषा राय, बड़वारा पुलिस और फॉरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंची। झोपड़ी और आसपास के क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू की गई। पुलिस ने मौके से कई महत्वपूर्ण सैंपल और निशान इकट्ठे किए हैं। शवों को पंचनामा भरकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। घातक हथियारों से हमला, जांच के कई कोण डीएसपी ऊषा राय ने बताया कि दोनों के शरीर पर गहरे घाव मिले हैं, जो स्पष्ट करते हैं कि हमला किसी धारदार या भारी हथियार से किया गया है। फिलहाल पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और आसपास के संदिग्धों से पूछताछ शुरू कर दी गई है। ग्रामीणों के बयान भी लिए जा रहे हैं ताकि वारदात के कारणों का पता लगाया जा सके। गांव में दहशत, जल्द गिरफ्तारी का दावा भीषण हत्या के बाद गांव में दहशत का माहौल है। पुलिस ने दावा किया है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी। फिलहाल हत्या की वजह क्या थी—पुरानी रंजिश, चोरी या कोई अन्य कारण—इस पर सभी पहलुओं से जांच जारी है।
पाली में बाल दिवस पर रंगारंग कार्यक्रमों की धूम, बच्चों ने दिखाई प्रतिभा
पाली/कोरबा — ज्ञान शंकर तिवारी पाली हाई स्कूल में भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती पर बाल दिवस बड़े उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन और आनंद मेला–फूड स्टॉल के शुभारंभ के साथ हुई। बच्चों द्वारा लगाए गए फूड स्टॉल में बनाए गए स्वादिष्ट व्यंजनों ने सभी का मन मोह लिया। इसके बाद पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों और खेल-कूद प्रतियोगिताओं ने पूरे विद्यालय परिसर को उत्साह से भर दिया। छात्र-छात्राओं ने नृत्य, गीत, नाटक और खेलों में अपनी शानदार प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में नपं अध्यक्ष अजय जायसवाल सहित सभी अतिथियों ने कक्षाओं का अवलोकन किया और बच्चों की गतिविधियों की सराहना की। अतिथियों ने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस अवसर पर प्रमुख रूप से नपं अध्यक्ष अजय जायसवाल, शाला प्रबंधन समिति अध्यक्ष रामविलास जायसवाल, पार्षद गीता शुक्ला, पार्षद दीप्ति शर्मा, जिला मीडिया प्रभारी दीपक शर्मा, विद्यालय प्रमुख मनोज सराफ, अभिभावक, स्कूली बच्चे और शिक्षकगण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
धमकी का वीडियो वायरल—करणी सेना अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत पर रायपुर में FIR, सरकार ने दिखाई कड़ी नीति
✍️ भागीरथी यादव रायपुर। करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत के खिलाफ रायपुर पुलिस ने गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में पुलिसकर्मियों के घरों में घुसकर धमकी देने और भड़काऊ बयान देने का आरोप उनके ऊपर लगाया गया है। सूत्रों के अनुसार, वीडियो सामने आने के बाद राज्य सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद रायपुर थाने में उनके खिलाफ धमकी, आपराधिक भयादोहन और शांति भंग करने से जुड़े प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो की तकनीकी जांच भी कराई जा रही है और आवश्यकता होने पर अन्य धाराएँ भी जोड़ी जा सकती हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था तोड़ने या सरकारी कर्मचारियों को धमकाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी नीति अपनाई जाएगी। इस घटना के बाद राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में बहस तेज हो गई है,
दीपका के शासकीय महाविद्यालय में अव्यवस्थाओं पर समिति का विरोध, DMF-CSR से सुधार की मांग
दीपका/कोरबा। कोरबा जिले के दीपका (झाबर) स्थित शासकीय महाविद्यालय में लगातार बढ़ रही अव्यवस्थाओं और मूलभूत सुविधाओं के अभाव को लेकर ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति ने गंभीर चिंता जताई है। शुक्रवार को समिति ने जिला कलेक्टर-सह-अध्यक्ष, जिला खनिज न्यास (DMF) प्रबंधन समिति और एसईसीएल के CMD को ज्ञापन सौंपकर कॉलेज की बदहाल स्थिति को तत्काल सुधारने की मांग की। समिति के अध्यक्ष सपुरन कुलदीप ने बताया कि वर्ष 2008 में स्थापित यह महाविद्यालय आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। कॉलेज में अध्ययनरत 345 विद्यार्थियों में 280 छात्राएं हैं, लेकिन परिसर में न तो बाउंड्री वॉल है और न ही इंट्री गेट। मुख्य सड़क से कॉलेज तक का 100 मीटर का मार्ग अत्यंत संकरा और जर्जर है, जिससे छात्राओं की सुरक्षा पर सीधा खतरा बना हुआ है। ज्ञापन में बताया गया कि कॉलेज कुल 5 स्थायी और 5 अतिथि प्राध्यापकों के सहारे संचालित हो रहा है। विषयवार व्याख्याताओं की कमी के कारण 900 स्वीकृत सीटों में से 555 सीटें हर वर्ष खाली रह जाती हैं। वहीं खेल शिक्षक, कंप्यूटर ऑपरेटर, लैब असिस्टेंट और लाइब्रेरियन सहित सभी सहायक पद रिक्त पड़े हैं। समिति ने DMF और SECL के CSR फंड के उपयोग पर भी सवाल उठाए। बताया कि दीपका, झाबर, बेलटिकरी सहित आसपास के गांव कोयला खनन और कोलवाशरी से प्रभावित क्षेत्र हैं, ऐसे में DMF और CSR का प्राथमिक उद्देश्य शिक्षा व बुनियादी ढांचे का विकास होना चाहिए। इसके बावजूद कॉलेज की छत से सीपेज, टूटी खिड़कियां और जर्जर भवन आज भी सुधार की प्रतीक्षा में हैं। समिति ने प्रशासन और एसईसीएल प्रबंधन से इन प्रमुख मांगों पर तत्काल कार्यवाही की अपील की है— 1. DMF फंड से बाउंड्री वॉल, इंट्री गेट और जर्जर मुख्य सड़क का निर्माण। 2. SECL CSR फंड से मानक खेल मैदान व भवन की व्यापक मरम्मत। 3. उच्च शिक्षा विभाग द्वारा सभी रिक्त शैक्षणिक व गैर-शैक्षणिक पदों पर छह माह में नियुक्ति। समिति ने चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र कार्यवाही न होने पर वे क्षेत्र के छात्रों व अभिभावकों के साथ बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
मुंगेली में दिनदहाड़े लाखों की चोरी: दंपत्ति की गैरमौजूदगी में घर का ताला टूटा, अलमारी खंगाली—सोना-चांदी व नकदी लेकर फरार हुए चोर
मुंगेली (लोरमी)- थाना लोरमी क्षेत्र के ग्राम बिचारपुर में बुधवार को हुई एक बड़ी चोरी की घटना ने पूरे गांव में सनसनी फैला दी है। शिकायतकर्ता अरुण कश्यप (55), पिता भगत कश्यप ने बताया कि वे 13 नवंबर को अपनी पत्नी के साथ ग्राम सुकली में मितानिन बैठक में शामिल होने के लिए घर में ताला लगाकर सुबह 11:45 बजे निकले थे। लेकिन शाम करीब 4 बजे लौटते ही उनका सामना एक दिल दहला देने वाले दृश्य से हुआ। दरवाज़ा टूटा, अलमारी खंगाली—सबकुछ बिखरा हुआ घर का मुख्य दरवाज़ा आधा खुला मिला और ताला पूरी तरह टूटा हुआ था। अंदर प्रवेश करते ही अलमारी का टूटा ताला और बिखरे सामान ने साफ कर दिया कि चोरों ने घर को बारीकी से खंगाला है। अरुण कश्यप के अनुसार अज्ञात चोर उनके सोने-चांदी के गहने और नकदी साफ कर ले गए। चोरी गए सामान की विस्तृत सूची पीड़ित द्वारा बताए अनुसार— ₹10,000 नकद (200 व 500 के नोट) सोने के जेवर: 5 तोला कंठी 2.5 तोला झुमका (1 जोड़ी) 1.5–1.5 तोला की 2 चेन (पेंडेंट ‘नंद-कुश’ सहित) 13 नग मनचली – 8 मासा 4 फोकला – 6 मासा उतरना – 6 मासा डामरखुटी – 6 मासा बाली (1 जोड़ी) – 6 मासा अंगूठी – 5 मासा बच्चा वाला लाकेट – 5 मासा गणेश पेंडेंट – 2 नग (5-5 मासा) टॉप (ईयररिंग) – 6 मासा सोने का टुकड़ा – लगभग 3 मासा चांदी के सामान: 400 ग्राम का लच्छा 5 जोड़ी पतली पायल 2 जोड़ी बच्चा वाली चूड़ियाँ 5 जोड़ी बिछिया 3 तोला की पायल (1 जोड़ी) कुल चोरी गया सामान करीब ₹4.75 लाख मूल्य का बताया गया है। पीड़ित का कहना है कि सभी गहने उपयोग किए हुए हैं, जिन्हें वे तुरंत पहचान सकते हैं। पुलिस ने दर्ज किया केस, कई बिंदुओं पर जांच लोरमी थाना पुलिस ने अरुण कश्यप की शिकायत पर बीएनएस की धारा 331(3) और 305 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। उपनिरीक्षक सतेन्द्र पुरी गोस्वामी ने FIR दर्ज की और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस टीम ने मौके का निरीक्षण कर आसपास के घरों, रास्तों और संभावित एंट्री–एग्जिट पॉइंट्स पर जानकारी जुटाना शुरू किया है। गांव के लोगों का मानना है कि दिनदहाड़े चोरी होना संकेत देता है कि इसमें किसी जानकार का हाथ हो सकता है। गांव में दहशत, पुलिस ने जल्द खुलासे का दिया भरोसा वारदात के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। लोग सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और पुलिस से गश्त बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जुटाए गए सुरागों के आधार पर आरोपी जल्द ही गिरफ्तार किए जाएंगे। यह घटना इस बात का सबूत है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी दिनदहाड़े चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की आवश्यकता है।
















