जशपुर: नाबालिग से दुष्कर्म और महिला से छेड़छाड़ के मामले में 9 आरोपी गिरफ्तार

    जशपुर (छत्तीसगढ़): जिले के नारायणपुर थाना क्षेत्र में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक 13 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म और उसकी 35 वर्षीय रिश्तेदार महिला के साथ छेड़छाड़ की गई। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सहित 9 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। क्या है पूरा मामला? मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिला (35 वर्ष) और नाबालिग लड़की (13 वर्ष) 17 फरवरी को एक रिश्तेदार के घर से अपने गांव लौट रही थीं। रास्ते में एक चौक के पास 9 युवकों ने उन्हें रोक लिया और उनके साथ बदतमीजी व छेड़छाड़ शुरू कर दी। बचाव की कोशिश: डरी हुई महिला किसी तरह वहां से भागकर घर पहुँची और परिजनों को आपबीती सुनाई। दुष्कर्म की वारदात: जब परिजन घटनास्थल पर पहुँचे, तो आरोपी वहां से भाग खड़े हुए। दो दिन बाद नाबालिग बच्ची ने हिम्मत जुटाकर बताया कि भागने के दौरान एक आरोपी ने उसे पकड़ लिया था और सूनसान जगह ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया, जबकि अन्य आरोपी पहरा दे रहे थे। धमकी और दबाव: घटना के बाद आरोपियों ने गांव वालों के माध्यम से पीड़ित परिवार को पैसे का लालच देकर मामला दबाने की कोशिश की और पुलिस के पास जाने पर जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस की कार्रवाई मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए चार विशेष टीमों का गठन किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी की और सभी 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों का विवरण पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपियों की सूची इस प्रकार है:   नाम उम्र भूमिका नीरज लकड़ा 23 वर्ष मुख्य आरोपी समीर मिंज 28 वर्ष सह-आरोपी तेलेस्फोर मिंज 40 वर्ष सह-आरोपी आनंद मिंज 38 वर्ष सह-आरोपी रितेश कुमार टोप्पो 29 वर्ष सह-आरोपी सुनीत तिर्की 30 वर्ष सह-आरोपी अविनाश तिर्की 25 वर्ष सह-आरोपी सत्या मिंज 24 वर्ष सह-आरोपी (नाम गोपनीय) 17 वर्ष विधि से संघर्षरत बालक   पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म, छेड़छाड़, पोक्सो एक्ट (POCSO) और जान से मारने की धमकी देने जैसी विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।  

बिलासपुर: पुलिस डॉग ‘विमला’ बनी देवदूत, 10 किमी पीछा कर घने जंगल से ढूँढ निकाला ‘गुमशुदा’ शख्स

✍️ भागीरथी यादव   बेलगहना (बिलासपुर): बिलासपुर पुलिस के डॉग स्क्वायड की जांबाज सदस्य ‘विमला’ ने एक बार फिर अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है। दो दिनों से लापता एक शख्स को विमला ने घने जंगलों के बीच 10 किलोमीटर तक ट्रैकिंग कर सुरक्षित ढूंढ निकाला। यदि समय रहते पुलिस और विमला मौके पर न पहुँचते, तो भूखे-प्यासे और अचेत अवस्था में जंगल में फंसे व्यक्ति के साथ कोई अनहोनी हो सकती थी। क्या था पूरा मामला? ग्राम डांडबछाली निवासी तरुण सिदार (48 वर्ष) बीते 19 फरवरी को खेत जाने के नाम पर घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। परिजनों ने जब तलाश शुरू की, तो पता चला कि उन्हें अंतिम बार गांव के ही कुछ साथियों के साथ शराब पीते देखा गया था। किसी अनहोनी की आशंका के चलते परिजनों ने चौकी बेलगहना में रिपोर्ट दर्ज कराई। सुराग मिलते ही सक्रिय हुई टीम मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर तत्काल टीम गठित की गई। संदिग्ध स्थल की तलाशी के दौरान पुलिस को लापता तरुण की टोपी और चप्पल बरामद हुई। यहीं से जांच का जिम्मा डॉग स्क्वायड को सौंपा गया। 10 किलोमीटर का सफर और विमला का कमाल बिलासपुर से डॉग हैंडलर मनोज साहू के साथ पुलिस डॉग विमला मौके पर पहुंची। विमला ने मौके से मिले सामान को सूंघा और पहाड़बछाली के दुर्गम और घने जंगलों की ओर रुख किया। करीब 10 किलोमीटर तक लगातार सर्चिंग करने के बाद विमला ने झाड़ियों के बीच अचेत पड़े तरुण सिदार को खोज निकाला। नशे और ग्लानि के कारण जंगल में छिपा था युवक बरामदगी के बाद तरुण को प्राथमिक उपचार दिया गया। पूछताछ में पता चला कि अत्यधिक नशे की हालत में होने और उसके बाद होने वाली आत्मग्लानि के कारण वह 19 फरवरी की रात से ही बिना खाए-पिए जंगल में रह रहा था। बेलगहना पुलिस और डॉग विमला की इस तत्परता ने एक घर का चिराग बुझने से बचा लिया।   पुलिस डॉग विमला ने पहले भी कई पेचीदा मामलों को सुलझाने में बिलासपुर पुलिस की अहम मदद की है।   हमारे व्हाट्सएप्प ग्रुप से जुड़ने के लिए निचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें. 👇👇👇👇👇👇👇 https://chat.whatsapp.com/IIZu8jzW5djJZKwgR8YR7w?mode=gi_t

मनेंद्रगढ़ नगरपालिका में ‘प्रॉक्सी राज’ का अंत: स्वास्थ्य मंत्री ने परिवारवाद के बजाय वरिष्ठता को दी प्राथमिकता

✍️ भागीरथी यादव     मनेंद्रगढ़/एमसीबी। छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार के ‘जीरो टॉलरेंस’ और ‘पारदर्शिता’ के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने एक बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। मनेंद्रगढ़ नगरपालिका में अब महिला जनप्रतिनिधियों के नाम पर उनके रिश्तेदारों या पतियों (प्रॉक्सी) का हस्तक्षेप पूरी तरह बंद होगा। इसी कड़ी में मंत्री जायसवाल ने कड़ा फैसला लेते हुए महेंद्र पाल सिंह को नगरपालिका परिषद मनेंद्रगढ़ में विधायक प्रतिनिधि नियुक्त किया है। उन्होंने पूर्व प्रतिनिधि सरजू यादव को हटाकर भाजपा के वरिष्ठ नेता महेंद्र पाल सिंह पर भरोसा जताया है। नियम सबके लिए एक बराबर: स्वास्थ्य मंत्री का संदेश नगरीय प्रशासन विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी किए थे कि निकायों में महिला जनप्रतिनिधियों के स्थान पर उनके पतियों या रिश्तेदारों के दखल को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने अपने ही निर्वाचन क्षेत्र में इस नियम का सख्ती से पालन कर यह साफ कर दिया है कि सत्ता में नियम और अनुशासन सर्वोपरि है। इस नियुक्ति के पीछे मुख्य उद्देश्य ‘परिवारवाद’ को खत्म कर ‘वरिष्ठता’ और ‘अनुभव’ को मान देना है। चर्चा में क्यों है यह ‘पावर शिफ्ट’? अक्सर देखा जाता है कि स्थानीय निकायों में महिला अध्यक्षों या पार्षदों के कार्यों का संचालन उनके पति या पुत्र करते हैं, जिसे आम बोलचाल में ‘प्रॉक्सी राज’ कहा जाता है। पारदर्शिता की पहल: प्रदेश सरकार ने महिला सशक्तिकरण को वास्तविक रूप देने के लिए रिश्तेदारों की नियुक्ति पर रोक लगाई है। बड़ा राजनीतिक फैसला: इस बदलाव को केवल एक नियुक्ति के रूप में नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की राजनीति में कार्यप्रणाली बदलने की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। कार्यकर्ताओं में उत्साह: वरिष्ठ नेता महेंद्र पाल सिंह की नियुक्ति से पार्टी के जमीनी और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं में सकारात्मक संदेश गया है। “सत्ता में परिवारवाद के लिए कोई जगह नहीं है। नियम सभी के लिए समान हैं और पारदर्शिता के साथ वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देना ही हमारी सरकार की प्राथमिकता है।” — श्यामबिहारी जायसवाल, स्वास्थ्य मंत्री  

मस्तूरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 10 महीने से फरार आरोपी प्रत्यूष बंजारे गिरफ्तार

✍️ भागीरथी यादव   मल्हार/मस्तूरी: थाना मस्तूरी के अंतर्गत आने वाली चौकी मल्हार पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने पिछले 10 महीनों से फरार चल रहे आरोपी प्रत्यूष बंजारे को दिनांक 20 फरवरी 2026 को घेराबंदी कर धर दबोचा। मामले का विवरण आरोपी प्रत्यूष बंजारे (पिता: सचिन बंजारे), निवासी चकरबेड़ा, पिछले लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। उसके विरुद्ध अपराध क्रमांक 315/25 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज था: धाराएं: 296, 351(2), 115(2), 119(1) एवं 3(5) BNS। स्थिति: आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए पिछले 10 महीनों से लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। पुलिस की कार्रवाई मुखबिर की सटीक सूचना पर मल्हार पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को मल्हार क्षेत्र में ही लोकेट किया और उसे हिरासत में ले लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ वैधानिक कार्यवाही पूरी की गई और उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। पुलिस का संदेश: अपराधियों के विरुद्ध पुलिस का अभियान जारी है। लंबे समय से फरार चल रहे अन्य आरोपियों की भी तलाश तेज कर दी गई है।

डूमर कछार: साप्ताहिक समीक्षा बैठक के साथ ‘जनसुनवाई’ का हुआ आगाज, अध्यक्ष डॉ. चौरसिया ने सुनीं जनसमस्याएं

✍️ भागीरथी यादव    राजनगर/एम.सी.बी.: नगर पंचायत डूमर कछार में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और मूलभूत सुविधाओं को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से शनिवार को परिषद सभागार में महत्वपूर्ण साप्ताहिक समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस बार बैठक की खास बात यह रही कि प्रशासन को जनता के और करीब लाने के लिए ‘जनसुनवाई’ की भी शुरुआत की गई। शोक सभा से हुई बैठक की शुरुआत समीक्षा बैठक प्रारंभ होने से पूर्व मानवीय संवेदनाएं देखने को मिलीं। निकाय कर्मचारी दीपक सिंह की माता के आकस्मिक निधन पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने 2 मिनट का मौन धारण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। जनसुनवाई: मौके पर सुनी गईं समस्याएं शासन के निर्देशानुसार कार्यों में तेजी लाने और नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए अब हर शनिवार समीक्षा बैठक के साथ जनसुनवाई का भी आयोजन किया जाएगा। शनिवार को सुबह 10:30 से दोपहर 12:30 बजे तक चली इस जनसुनवाई में: मुन्ना, उषा जायसवाल, पूजा पाव सहित अनेक नागरिकों ने अपनी समस्याएं रखीं। मुख्य अतिथि डॉ. सुनील कुमार चौरसिया (अध्यक्ष एवं जिला योजना समिति सदस्य) ने जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर समस्याओं को सुना और अधिकारियों को तत्काल निराकरण के निर्देश दिए। 22 बिंदुओं पर हुई गहन समीक्षा समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य अतिथि और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने कुल 22 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की। इसमें निकाय के अंतर्गत संचालित विकास कार्यों, सफाई व्यवस्था और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं की सुगमता सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। कार्यक्रम में इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति इस अवसर पर सभापति महेश चौहान, जितेंद्र चौहान, रवि सिंह, रंजीत वर्मा, पार्षद चंदा देवी महरा, बिजेंद्र देवांगन, सरिता यादव, पार्वती सिंह, पार्षद प्रतिनिधि योगेश पालीवाल सहित निकाय के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

DGP अरुण देव गौतम ने ली बिलासपुर पुलिस की समीक्षा बैठक: लूट का खुलासा करने वाली टीम की थपथपाई पीठ, दिए कड़े निर्देश

✍️ भागीरथी यादव    बिलासपुर | छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक (DGP) श्री अरुण देव गौतम ने शनिवार को पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय के सभागार में बिलासपुर जिले के पुलिस अधिकारियों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। बैठक में पुलिस महानिरीक्षक (IG) बिलासपुर रेंज श्री रामगोपाल गर्ग सहित जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक की शुरुआत में IG श्री गर्ग ने DGP का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। 24 घंटे में लूट का खुलासा करने पर प्रशंसा DGP श्री गौतम ने राजकिशोर नगर में सराफा व्यवसायी के साथ हुई लूट की घटना की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अपराधियों को माल समेत 24 घंटे के भीतर पकड़ने और अंतर्राज्यीय समन्वय के लिए पुलिस टीम की प्रशंसा की। हालांकि, उन्होंने सख्त हिदायत दी कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। सुरक्षा और गश्त को लेकर कड़े निर्देश महानिदेशक ने पुलिसिंग को और मजबूत करने के लिए निम्नलिखित निर्देश दिए: प्रभावी गश्त: होटल, लॉज और संदिग्धों की नियमित चेकिंग की जाए। सुरक्षा ऑडिट: बैंक और सराफा दुकानों के सीसीटीवी (CCTV) और सुरक्षा उपायों की नियमित जांच हो। संवेदनशील पुलिसिंग: थाना प्रभारी और राजपत्रित अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि थाने आने वाले फरियादियों की बात गंभीरता से सुनी जाए। पर्यवेक्षण: DGP ने स्पष्ट किया कि थाना प्रभारी स्वयं रिपोर्ट सुनें और FIR दर्ज करने की प्रक्रिया का राजपत्रित अधिकारी सूक्ष्म पर्यवेक्षण करें। फायर सेफ्टी और ई-प्रणाली पर जोर बैठक में ICJS सिस्टम के तहत ई-चालान और ई-साक्ष्य की प्रक्रिया को न्यायालय के समन्वय से जल्द लागू करने पर चर्चा हुई। वहीं, नगर सेना के अधिकारियों के साथ फायर सेफ्टी और ऑडिट पर चर्चा करते हुए DGP ने सिरगिट्टी और मोपका में हुई आगजनी की घटनाओं की विस्तृत पर्यवेक्षण रिपोर्ट जिला प्रशासन के साथ साझा करने के निर्देश दिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। बैठक में ये रहे उपस्थित बैठक में नगर सेना DIG श्री लक्ष्मी चंद्रा वर्मा, संयुक्त संचालक अभियोजन श्री माखनलाल पाण्डेय, संभागीय सेनानी श्री नरसिंह नेताम, ASP ग्रामीण श्रीमती मधुलिका सिंह, ASP शहर श्री पंकज पटेल, ASP विशेष शाखा श्रीमती दीपमाला कश्यप, जिला सेनानी श्री दीपांकर नाथ सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। विशेष टिप: DGP साहब ने केवल निर्देश ही नहीं दिए, बल्कि अपने अनुभवों और संस्मरणों के माध्यम से पुलिसिंग की बारीकियाँ भी समझाईं।

कोरबा: पुराने बस स्टैंड की शराब दुकान हटाने की मांग, व्यापारी संघ ने आबकारी मंत्री को सौंपा ज्ञापन

  कोरबा। शहर के व्यस्ततम हृदय स्थल ‘पुराना बस स्टैंड’ और मेन रोड क्षेत्र में संचालित सरकारी विदेशी शराब दुकान अब स्थानीय निवासियों और व्यापारियों के लिए जी का जंजाल बन गई है। इस समस्या को लेकर मध्य नगरीय व्यापारी संघ ने मोर्चा खोल दिया है। संघ ने प्रदेश के आबकारी एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन को पत्र लिखकर इस दुकान को तत्काल किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की है। नियमों की धज्जियां उड़ा रही शराब दुकान व्यापारी संघ ने अपने शिकायती पत्र में कई गंभीर आरोप लगाए हैं। संघ के अनुसार, यह शराब दुकान आबकारी नियमों के विपरीत संचालित हो रही है: धार्मिक और शैक्षणिक संस्थानों के पास: दुकान से मात्र 20-30 मीटर की दूरी पर मंदिर और 80-90 मीटर के दायरे में स्कूल स्थित है। अस्पताल के करीब: पास ही रानी धनराज कुंवर सरकारी अस्पताल स्थित है, जहाँ मरीजों और उनके परिजनों का आना-जाना लगा रहता है। घनी आबादी के बीच: यह क्षेत्र घनी आबादी वाला है जहाँ व्यापारी अपने परिवारों के साथ दशकों से रह रहे हैं। असामाजिक तत्वों का जमावड़ा और महिलाओं की सुरक्षा पर खतरा व्यापारियों का कहना है कि शराब दुकान के कारण सड़क पर ही शराबियों का मजमा लगा रहता है। नशे की हालत में शराबी आपस में मारपीट करते हैं और यहाँ से गुजरने वाली महिलाओं व छात्राओं पर अभद्र टिप्पणी (छींटाकशी) करते हैं। स्थिति इतनी बदतर हो गई है कि संभ्रांत परिवारों की महिलाओं और बच्चों का इस मार्ग से पैदल निकलना भी दूभर हो गया है। व्यापार पर बुरा असर और ट्रैफिक जाम गीतांजलि भवन जैसे प्रमुख व्यावसायिक केंद्र के सामने स्थित होने के कारण यहाँ दिनभर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है। ग्राहकों को दुकान तक पहुँचने में दिक्कत होती है, जिससे स्थानीय व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। “आबकारी नियमों के अनुसार शराब दुकान स्कूल, मंदिर और मुख्य मार्ग से दूर होनी चाहिए। यहाँ की स्थिति अत्यंत विस्फोटक है और लोगों में भारी आक्रोश है। यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो अप्रिय स्थिति निर्मित हो सकती है।” — मध्य नगरीय व्यापारी संघ, कोरबा व्यापारी संघ ने कहा है कि जनहित और सुरक्षा को देखते हुए इस दुकान को जल्द से जल्द हटाया जाए। इस पत्र की प्रतिलिपि जिला कलेक्टर, कोरबा को भी आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित की गई है।

जशपुर में मानवता शर्मसार: 13 वर्षीय पहाड़ी कोरवा नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म, 8 आरोपी हिरासत में

✍️ भागीरथी यादव     जशपुर (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। नारायणपुर थाना क्षेत्र में एक 13 वर्षीय नाबालिग बालिका के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में अब तक 8 युवकों को हिरासत में ले लिया है। पिकनिक मनाकर लौट रहे युवकों ने बनाया शिकार घटना 17 फरवरी की बताई जा रही है। पीड़िता, जो कि एक विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय से है, अपनी बड़ी बहन के साथ रिश्तेदार के घर से वापस लौट रही थी। इसी दौरान पिकनिक मनाकर लौट रहे युवकों के एक समूह ने उनका रास्ता रोक लिया। दरिंदों ने नाबालिग को अपनी हवस का शिकार बनाया। इस दौरान पीड़िता की बड़ी बहन किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से भागने में सफल रही और ग्रामीणों को सूचना दी।  मामले को दबाने की कोशिश हैरान कर देने वाली बात यह है कि इस जघन्य अपराध के बाद गांव में एक बैठक बुलाई गई थी। कथित तौर पर मामले को सामाजिक स्तर पर ही सुलझाने और रफा-दफा करने की कोशिश की गई। हालांकि, मामला पुलिस तक पहुँच गया। पुलिस की सख्त कार्रवाई जशपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. लाल उमेद सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने और आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। हिरासत में: पुलिस ने 8 संदेहियों को पकड़ लिया है। पुलिस टीम घटनास्थल का मुआयना कर चुकी है और मेडिकल रिपोर्ट व अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है। इस मामले में नाबालिग की सुरक्षा और पहचान को गोपनीय रखना कानूनी रूप से अनिवार्य है। पुलिस प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे कानून को अपने हाथ में न लें और जांच में सहयोग करें।

बिलासपुर एयरपोर्ट के लिए ऐतिहासिक दिन: नाइट लैंडिंग का सफल ट्रायल संपन्न

    बिलासपुर | 20 फरवरी 2026 बिलासपुर के बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट (चकरभाठा) ने आज नागरिक उड्डयन के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। शुक्रवार को यहाँ पहली बार रात्रिकालीन उड़ान (नाइट लैंडिंग) का सफल ट्रायल किया गया। स्टेट प्लेन के माध्यम से किए गए इस परीक्षण ने बिलासपुर में हवाई सेवाओं के एक नए अध्याय की शुरुआत कर दी है। ट्रायल की मुख्य बातें: सफलता: ट्रायल के दौरान रनवे लाइटिंग सिस्टम, एप्रोच लाइट्स और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) के बीच समन्वय पूरी तरह सटीक रहा। उपस्थिति: इस ऐतिहासिक पल के साक्षी एयरपोर्ट डायरेक्टर श्री एन. बिरेन सिंह, क्षेत्रीय निदेशक (नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो, रायपुर) और एयरपोर्ट के अन्य तकनीकी अधिकारी बने। तकनीकी मानक: सभी सुरक्षा और तकनीकी मापदंडों को जांचा गया, जो पूरी तरह संतोषजनक पाए गए। विकास को मिलेगी नई गति एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, नाइट लैंडिंग की सुविधा मिलने से न केवल यात्रियों को उड़ानों के अधिक विकल्प मिलेंगे, बल्कि बिलासपुर के औद्योगिक, व्यावसायिक और पर्यटन क्षेत्रों को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाने में मदद मिलेगी। “आवश्यक औपचारिकताओं और अंतिम विभागीय स्वीकृतियों के बाद, बिलासपुर से नियमित नाइट फ्लाइट्स का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।” — एयरपोर्ट प्रशासन वर्तमान स्थिति वर्तमान में बिलासपुर एयरपोर्ट से निजी विमानन कंपनी अलायंस एयर द्वारा दिल्ली और प्रयागराज के लिए नियमित विमान सेवाएं संचालित की जा रही हैं। नाइट लैंडिंग की अनुमति मिलने के बाद अब देर शाम और रात की उड़ानें भी संभव हो सकेंगी।

कालाबाजारी की मार: मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी में MRP को ठेंगा, सिगरेट-गुटखा पर 20 रुपये तक की अवैध वसूली

✍️ भागीरथी यादव     एमसीबी (मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर): जिले के शहरी इलाकों में इन दिनों नशे के सामानों की कालाबाजारी अपने चरम पर है। मनेन्द्रगढ़ और चिरमिरी जैसे प्रमुख शहरों में सिगरेट और गुटखा निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) से कहीं अधिक कीमतों पर बेचा जा रहा है। आलम यह है कि मनमाने दाम वसूलने के बावजूद जिम्मेदार विभाग मौन साधे हुए हैं। आम आदमी की जेब पर डाका बाजार से मिल रही शिकायतों के अनुसार, उपभोक्ताओं को हर पैकेट पर भारी अतिरिक्त राशि चुकानी पड़ रही है: सिगरेट: ₹65 वाला पैकेट अब ₹80 में बिक रहा है। कुछ प्रीमियम ब्रांड्स पर तो ₹20 तक की अतिरिक्त वसूली हो रही है। गुटखा: ₹10 के पाउच के लिए ग्राहकों से ₹15 से ₹20 तक वसूले जा रहे हैं। थोक व्यापारियों का ‘GST’ बहाना इस कालाबाजारी के पीछे छोटे दुकानदारों का अपना तर्क है। उनका आरोप है कि बड़े थोक व्यापारी और एजेंसी संचालक “GST में 40% की वृद्धि” का झूठा हवाला देकर उन्हें महंगा माल बेच रहे हैं। छोटे दुकानदारों का कहना है कि यदि वे बढ़े हुए दाम का विरोध करते हैं, तो उनकी सप्लाई काट दी जाती है। “माल पीछे से महंगा आ रहा है” – यह वह रटा-रटाया जुमला है जिसे बोलकर खुदरा विक्रेता ग्राहकों की जेब ढीली कर रहे हैं। प्रशासन की चुप्पी पर सवाल उपभोक्ता अधिकारों के इस खुले उल्लंघन पर स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि: खाद्य विभाग और प्रशासन की निष्क्रियता ने मुनाफाखोरों के हौसले बुलंद कर दिए हैं। नियमित निरीक्षण और छापेमारी न होने से यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है। डर यह है कि यदि इस पर लगाम नहीं लगी, तो अन्य आवश्यक वस्तुओं के दामों में भी इसी तरह की मनमानी शुरू हो जाएगी। जनता की मांग: कड़ी कार्रवाई हो स्थानीय नागरिकों ने जिला कलेक्टर से गुहार लगाई है कि थोक एजेंसियों के स्टॉक, बिल और टैक्स भुगतान की सघन जांच की जाए। जनता ने मांग की है कि: बाजार में विशेष अभियान चलाकर ओवररेटिंग रोकी जाए। दोषी पाए जाने वाले दुकानदारों और एजेंसियों के लाइसेंस रद्द किए जाएं। MRP से अधिक वसूली पर भारी जुर्माना लगाया जाए। जब तक प्रशासन सख्ती नहीं दिखाएगा, चिरमिरी और मनेन्द्रगढ़ के गलियारों में यह खुली लूट जारी रहने की आशंका है।

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