रायपुर | गांजा तस्करी पर न्यायालय की कड़ी चोट, हिस्ट्रीशीटर रवि साहू उर्फ ‘रवि बाबा’ समेत 6 दोषियों को 10-10 साल की सजा

  राजधानी रायपुर में मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी कानूनी कार्रवाई सामने आई है। विशेष न्यायाधीश किरण थवाईत की एनडीपीएस कोर्ट ने गांजा तस्करी के एक गंभीर मामले में हिस्ट्रीशीटर रवि साहू उर्फ रवि बाबा और उसके पांच साथियों को दोषी करार देते हुए प्रत्येक को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही सभी दोषियों पर एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में आरोपियों को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। कोतवाली थाना क्षेत्र का मामला यह पूरा मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है, जहां लंबे समय से गांजा तस्करी का नेटवर्क सक्रिय था। न्यायालय के इस फैसले को राजधानी में नशे के अवैध कारोबार पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है। सजा पाने वाले आरोपी सजा पाए आरोपियों में— रवि साहू उर्फ रवि बाबा, निवासी कोतवाली अनील उर्फ अली जुल्फेकार संजय उर्फ लेंडी जुल्फेकार गणेश बागर्ती, निवासी बलांगीर, ओडिशा विक्रम शाह, निवासी बलांगीर, ओडिशा प्रियवंत कुम्हार, निवासी बलांगीर, ओडिशा गांजा बेचते रंगे हाथों पकड़े गए थे आरोपी विशेष लोक अभियोजक भुवन लाल साहू ने बताया कि पुलिस ने 4 फरवरी 2025 को गांजा तस्करी की पुख्ता सूचना मिलने पर कार्रवाई की थी। कालीबाड़ी चौक में दबिश देकर आरोपियों को मादक पदार्थ के साथ रंगे हाथों पकड़ा गया। आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ था, जिसे वे बैग में रखकर छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर ग्राहकों को बेच रहे थे। रवि साहू के इशारे पर चल रहा था नेटवर्क पुलिस द्वारा कोर्ट में पेश केस डायरी के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे हिस्ट्रीशीटर रवि साहू के निर्देश पर गांजा की बिक्री कर रहे थे। रवि साहू पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा था और उसके गुर्गे शहर में गांजा खपाने का काम करते थे। कोर्ट ने मानी अभियोजन की दलीलें एनडीपीएस कोर्ट ने सभी साक्ष्यों, गवाहों और अभियोजन पक्ष की दलीलों को सही मानते हुए आरोपियों को एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषी ठहराया और सख्त सजा सुनाई। यह फैसला राजधानी में नशे के अवैध कारोबार में लिप्त तत्वों के लिए स्पष्ट चेतावनी है कि कानून से बच पाना अब आसान नहीं होगा।

रायपुर | दोपहिया वाहन चोर गिरोह पर पुलिस का बड़ा वार, 36 एक्टिवा जब्त, 21 आरोपी गिरफ्तार

  रायपुर में लगातार बढ़ रही दोपहिया वाहन चोरी की घटनाओं पर पुलिस ने बड़ी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए संगठित वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की विशेष टीम ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों से 03 दर्जन (36) एक्टिवा वाहन चोरी करने वाले मुख्य आरोपी सहित चोरी के वाहन खपाने और खरीदने वाले कुल 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से बरामद एक्टिवा वाहनों की अनुमानित कीमत करीब 19 लाख 80 हजार रुपये बताई जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई राजधानी में सक्रिय दोपहिया वाहन चोरी के नेटवर्क पर अब तक की सबसे बड़ी चोट मानी जा रही है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर बनी विशेष टीम पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर वाहन चोरी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की विशेष टीम गठित की गई थी। टीम ने सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर तंत्र, तकनीकी विश्लेषण और लगातार पेट्रोलिंग के माध्यम से आरोपियों की पहचान कर सटीक कार्रवाई को अंजाम दिया। मास्टर चाबी से करता था चोरी, गांवों में खपाता था वाहन पुलिस जांच में सामने आया कि रोशन रात्रे, निवासी बोरियाकला-मुजगहन, इस गिरोह का मुख्य सरगना है। वह मास्टर चाबी की मदद से अलग-अलग थाना क्षेत्रों से एक्टिवा वाहन चोरी करता था। चोरी के बाद वह वाहनों को अपने परिचितों कमल जांगडे, गितेश कुमार पाटले और मुस्कान रात्रे को सौंप देता था। ये लोग चोरी की गाड़ियों को खुद इस्तेमाल करने के साथ-साथ गांवों में रिश्तेदारों और परिचितों को सस्ते दामों पर बेच देते थे। रवि भवन पार्किंग में चला ऑपरेशन पुलिस टीम ने रवि भवन पार्किंग और आसपास के इलाकों में करीब एक सप्ताह तक कैंप कर मुख्य आरोपी रोशन रात्रे को गिरफ्तार किया। उसकी पूछताछ के बाद वाहन खरीदी-बिक्री में शामिल 17 अन्य आरोपियों की भी पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया गया। 24 वाहन पहले से दर्ज चोरी के मामलों से जुड़े पुलिस ने बताया कि जब्त की गई 36 एक्टिवा में से 24 वाहनों की चोरी के मामले थाना सिविल लाइन, डीडी नगर और गोलबाजार में पहले से दर्ज हैं। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2026 के महज 15 दिनों में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट द्वारा कुल 44 दोपहिया वाहन जब्त किए जा चुके हैं, जो पुलिस की सक्रियता को दर्शाता है। पुलिस का सख्त संदेश पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि राजधानी में वाहन चोरी और संगठित अपराधों के खिलाफ अभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा। आम नागरिकों से अपील की गई है कि संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें। यह कार्रवाई न सिर्फ वाहन चोरों के लिए चेतावनी है, बल्कि आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा भी मजबूत करती है।

कोंडागांव | रॉन्ग नंबर से शुरू हुई दरिंदगी का अंत 20 साल की सख्त सजा से, स्पेशल पॉक्सो कोर्ट का कड़ा फैसला

✍️ भागीरथी यादव   कोंडागांव – रॉन्ग नंबर से शुरू हुई बातचीत को दोस्ती का जामा पहनाकर नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर अगवा करने और महीनों तक अलग-अलग गांवों में ले जाकर दैहिक शोषण करने वाले आरोपी को स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने कड़ी सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी दुलबो बघेल (27) को दोषी ठहराते हुए कुल 20 वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है। रॉन्ग नंबर से बना जाल, फिर मेला बना साजिश का मौका मामला वर्ष 2023 का है। पीड़िता के मोबाइल पर आए एक रॉन्ग नंबर से बातचीत की शुरुआत हुई। कॉल करने वाले युवक ने अपना नाम दुलबो बघेल बताया और धीरे-धीरे बातचीत को दोस्ती में बदल लिया। लगभग दो माह बाद गांव में मेला लगने के दौरान आरोपी ने फोन कर पीड़िता को मेला से बाहर बुलाया और बहाने से उसे मोटरसाइकिल पर बैठाकर ग्राम मंगनार ले गया। अलग-अलग गांवों में ले जाकर किया लगातार दुष्कर्म अभियोजन के अनुसार आरोपी ने पीड़िता को पहले ग्राम मंगनार में अपने दोस्त के घर एक कमरे में 5–6 दिनों तक रखा और इस दौरान लगातार शारीरिक शोषण किया। इसके बाद वह उसे ग्राम बिंजोली ले गया, जहां 10–15 दिनों तक उसकी मर्जी के खिलाफ दुष्कर्म करता रहा। इसके बाद ग्राम लावागांव और फिर ग्राम खोमार ले जाकर भी आरोपी ने लगभग एक-एक सप्ताह तक पीड़िता को बंधक बनाकर उसके साथ दैहिक शोषण किया। कोर्ट ने माना पीड़िता को नाबालिग न्यायालय में पीड़िता के जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल रजिस्टर और मार्कशीट पेश की गईं, जिन्हें स्कूल की शिक्षिका ने प्रमाणित किया। कोर्ट ने पीड़िता की जन्मतिथि 28 जनवरी 2008 स्वीकार करते हुए घटना के समय उसे नाबालिग माना। गुमशुदगी से खुला संगीन अपराध का राज 14 मई 2024 को पीड़िता के पिता ने थाना अनंतपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनकी बेटी मेला देखने गई थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। पुलिस ने धारा 363 भादवि के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। बाद में पीड़िता की बरामदगी और बयान के आधार पर आरोपी पर धारा 366, 376(2)(ढ) भादवि और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। कोर्ट का सख्त फैसला स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई— धारा 376(2)(ढ) भादवि व पॉक्सो एक्ट धारा 6: 20 वर्ष सश्रम कारावास + ₹1000 जुर्माना धारा 366(क) भादवि: 10 वर्ष सश्रम कारावास + ₹1000 जुर्माना धारा 363 भादवि: 5 वर्ष सश्रम कारावास + ₹1000 जुर्माना जुर्माना अदा न करने पर आरोपी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह फैसला न सिर्फ पीड़िता को न्याय दिलाने वाला है, बल्कि समाज में ऐसे अपराधियों के लिए कड़ा संदेश भी है कि नाबालिगों के खिलाफ अपराध करने वालों को कानून किसी भी हाल में बख्शेगा नहीं।

रायपुर | अभनपुर में मेला देखकर लौट रहे युवकों के बीच हिंसक झड़प, चाकूबाजी में 6 घायल

✍️ भागीरथी यादव   रायपुर जिले के अभनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम केंद्री में बुधवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब दो पक्षों के बीच हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया। घटना में चाकू से किए गए हमले में कुल 6 लोग घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अभनपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। धूल उड़ाने और रॉन्ग साइड को लेकर शुरू हुआ विवाद अभनपुर थाना प्रभारी सत्येंद्र सिंह श्याम के अनुसार, अभनपुर निवासी हेमंत साहू, कैलाश तिवारी और अजय गोंड एक्टिवा से केंद्री गांव का मेला देखकर लौट रहे थे। रास्ते में उन्होंने अपनी एक्टिवा एनएचएआई कार्यालय के पास खड़ी की। इसी दौरान रायपुर से इनोवा कार में सवार दिलेश मंडावी, चंदन यादव और नीलेश सेन भी मेला देखकर अभनपुर की ओर ढाबे में खाना खाने जा रहे थे। इसी बीच रॉन्ग साइड चलने और धूल उड़ाने को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि एक्टिवा सवार एक युवक ने चाकू निकालकर कार सवारों पर हमला कर दिया। चाकूबाजी में 6 घायल, आरोपी फरार इस हमले में इनोवा चालक दिलेश मंडावी समेत 6 लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों का इलाज अस्पताल में जारी है। घटना के बाद मुख्य आरोपी अजय गोंड मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है। पुलिस ने हत्या के प्रयास सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घायलों के नाम दिलेश मंडावी (इनोवा चालक), निवासी रायपुर दुर्गेश साहू, निवासी रायपुर नितेश सेन, निवासी रायपुर मनीष साहू, निवासी रायपुर रिंकू साहू, निवासी केंद्री चंद्रशेखर साहू, निवासी केंद्री फिलहाल पुलिस क्षेत्र में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

बीजापुर में नक्सलवाद को बड़ा झटका, 52 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, ₹1.45 करोड़ के इनामी शामिल

  बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से नक्सल मोर्चे पर एक बड़ी और निर्णायक सफलता सामने आई है। जिले में कुल 52 नक्सलियों ने एक साथ आत्मसमर्पण कर हिंसा का रास्ता छोड़ते हुए मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है। आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सली पुना मार्गेम योजना के तहत समाज की मुख्यधारा से जुड़ेंगे। सुरक्षाबलों के सामने छोड़ी हिंसा की राह आत्मसमर्पित नक्सलियों ने बीजापुर एसपी और सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष नक्सली विचारधारा और हिंसक गतिविधियों से पूरी तरह दूरी बनाने की घोषणा की। खास बात यह है कि आत्मसमर्पण करने वालों में बड़े कैडर के माओवादी भी शामिल हैं, जिन पर कुल मिलाकर 1 करोड़ 45 लाख रुपये का इनाम घोषित था। ‘टारगेट 2026’ की ओर बड़ा कदम इस सामूहिक आत्मसमर्पण को टारगेट 2026 से पहले नक्सल संगठन के कमजोर पड़ने का संकेत माना जा रहा है। लगातार चल रहे एंटी नक्सल ऑपरेशन और विकास आधारित योजनाओं से नक्सली संगठन सिमटता नजर आ रहा है। एसपी जितेंद्र यादव ने गिनाई सफलता की वजह बीजापुर एसपी जितेंद्र यादव ने बताया कि सीआरपीएफ और जिला पुलिस के सतत प्रयास, प्रभावी एंटी नक्सल रणनीति और सरकार की पुनर्वास योजनाओं के चलते यह बड़ी सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों का पुनर्वास सरकार की नीति के तहत किया जाएगा, ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें। नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ की दिशा में मजबूत संकेत एक साथ 52 नक्सलियों का आत्मसमर्पण न केवल सुरक्षाबलों की रणनीतिक जीत है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि अब नक्सली हिंसा के बजाय विकास और शांति का रास्ता चुनने लगे हैं। यह घटना नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ की दिशा में एक अहम मील का पत्थर मानी जा रही है।

शहर में ऑनलाइन हथियार बिक्री पर पुलिस का शिकंजा, वेयरहाउसों में चला सघन जांच अभियान

  शहर में ऑनलाइन माध्यम से अवैध हथियारों की बिक्री पर रोक लगाने के उद्देश्य से पुलिस ने विशेष अभियान चलाया। इस अभियान के तहत ई-कॉमर्स कंपनियों के वेयरहाउसों में अचानक दबिश देकर गहन निरीक्षण किया गया, जिससे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए हो रही संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ा संदेश गया है। Amazon-Flipkart सहित बड़े ई-कॉमर्स वेयरहाउस जांच के घेरे में पुलिस टीम ने Amazon, Flipkart, Meesho, Blinkit और Blue Dart जैसे प्रमुख ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के वेयरहाउसों में पहुंचकर पैकेट-टू-पैकेट जांच की। इस दौरान वेयरहाउस प्रबंधन को वैध और प्रतिबंधित सामग्री के संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए तथा नियमों के पालन की सख्त चेतावनी भी दी गई। जांच में बरामद हुए धारदार चाकू औचक निरीक्षण के दौरान कई शिपमेंट बॉक्सों में धारदार चाकू पाए गए। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी संदिग्ध सामग्रियों को तत्काल जब्त कर लिया और संबंधित वेयरहाउस प्रबंधकों से पूछताछ की। ऑनलाइन हथियार बिक्री पर जीरो टॉलरेंस पुलिस अधिकारियों ने दो टूक कहा कि किसी भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से धारदार हथियारों की बिक्री और डिलीवरी पूरी तरह प्रतिबंधित है। नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों, वेयरहाउस और डिलीवरी एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वेयरहाउस प्रबंधकों को सख्त निर्देश पुलिस ने सभी वेयरहाउस मैनेजरों को भविष्य में इस तरह की लापरवाही न बरतने की कड़ी हिदायत दी है। साथ ही किसी भी संदिग्ध पार्सल या सामग्री की सूचना तत्काल पुलिस को देने के निर्देश जारी किए गए हैं। पुलिस का यह अभियान न केवल ऑनलाइन अपराधों पर लगाम कसने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है, बल्कि शहर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने का स्पष्ट संकेत भी देता है।  

बिलासपुर | न्यायिक प्रशासन में बड़ा फेरबदल

✍️ भागीरथी यादव   छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने न्यायिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं संतुलित बनाने की दिशा में बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। राज्य के विभिन्न जिलों में पदस्थ जिला न्यायाधीशों और सिविल जजों के तबादलों को लेकर हाई कोर्ट ने आदेश जारी किए हैं। यह कदम न्यायिक कार्यों के सुचारू संचालन और प्रशासनिक मजबूती को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। हायर ज्यूडिशियल सर्विस में बदलाव हाई कोर्ट के आदेश के तहत हायर ज्यूडिशियल सर्विस में कई महत्वपूर्ण तबादले किए गए हैं। डॉ. ममता भोजवानी को कोरबा में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। सरिता दास को मनेंद्रगढ़ में द्वितीय जिला न्यायाधीश के पद पर पदस्थ किया गया है। वहीं रश्मि नेताम का दुर्ग से धमतरी और श्रुति दुबे का मनेंद्रगढ़ से बिलासपुर स्थानांतरण किया गया है। इसके अलावा अमित राठौर को सारंगढ़ तथा यशोदा नाग को कोंडागांव में जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया है। सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के तबादले सिविल जज (जूनियर डिवीजन) संवर्ग में भी प्रशासनिक आधार पर व्यापक फेरबदल हुआ है। खुशबू जैन का महासमुंद से गरियाबंद, प्रणव वैद्य का धमतरी से बिलासपुर और लव कुमार लहरे का कोरबा से रामानुजगंज तबादला किया गया है। वहीं सुनिति नेताम को कांकेर से सारंगढ़ पदस्थ किया गया है। नई पदस्थापना और नियुक्तियां हाई कोर्ट के आदेशानुसार सागर चंद्राकर को कटघोरा में पदस्थ किया गया है, जबकि गीतांजलि कश्यप का महासमुंद से बिलासपुर तबादला किया गया है। राजधानी रायपुर में प्रज्ञा सिंह, सुहासिनी ठाकुर, चंद्रप्रताप सिंह और प्रीति पालीवाल को नई न्यायिक जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। हाई कोर्ट के इस फैसले को न्यायिक व्यवस्था में गति लाने और कार्यक्षमता बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

बिलासपुर में आईजी की सख्त अपराध समीक्षा बैठक, 2026 के लिए तय हुए स्पष्ट लक्ष्य

    बिलासपुर, 15 जनवरी। वर्ष 2026 की पहली अपराध समीक्षा बैठक में पुलिस महानिरीक्षक डॉ. संजीव शुक्ला ने रेंज के सभी जिलों के पुलिस प्रशासन को साफ संदेश दिया—अपराध नियंत्रण में लापरवाही नहीं, परिणाम ही पहचान होंगे। बैठक में रेंज के सभी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक मौजूद रहे। आईजी शुक्ला ने लंबित गंभीर अपराध, महिला एवं बाल अपराध, संपत्ति संबंधी मामले, गुमशुदा व्यक्ति, अप्राकृतिक मौतें, विभागीय जांच, समन-वारंट की तामिली और निवारक कार्रवाई की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने एक-एक जिले के कार्यों का क्रमवार आकलन करते हुए कमियों और उपलब्धियों दोनों पर खुलकर चर्चा की। आईजी ने वर्ष 2025 में हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, सेंधमारी, चोरी और महिला-बाल अपराधों में आई उल्लेखनीय कमी पर सभी जिलों के एसपी की सराहना की और इसे बेहतर समन्वय व टीमवर्क का नतीजा बताया। नई दिशा तय करते हुए आईजी शुक्ला ने निर्देश दिए कि वर्ष 2026 में हर जिले के लिए अपराध नियंत्रण, गुमशुदा मामलों, अप्राकृतिक मौतों, शिकायतों, विभागीय जांच और निवारक कार्रवाई को लेकर स्पष्ट, समयबद्ध और मापनीय लक्ष्य तय किए जाएं। मासिक समीक्षा के आधार पर परिणामोन्मुखी कार्रवाई को अनिवार्य बताया गया। उन्होंने कहा कि गंभीर अपराधों में गुणवत्तापूर्ण और समयसीमा के भीतर जांच सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। किसी भी प्रकरण को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। महिला और बच्चों से जुड़े मामलों में त्वरित, संवेदनशील और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। पर्यवेक्षण अधिकारियों को थाना और चौकी स्तर पर लंबित मामलों की दैनिक समीक्षा करने और विवेचना अधिकारियों को लगातार मार्गदर्शन देने के निर्देश मिले। गश्त बढ़ाने, आदतन अपराधियों व संदिग्धों पर कड़ी नजर रखने, तथा जुआ, अवैध शराब और नशीले पदार्थों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने पर जोर दिया गया। सीमावर्ती इलाकों में सघन जांच और खुफिया तंत्र को और मजबूत करने के निर्देश देते हुए आईजी ने कहा कि पुलिस बल में अनुशासन और जवाबदेही सर्वोपरि है। किसी भी तरह की लापरवाही या अनुशासनहीनता पर त्वरित विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। गजेटेड अधिकारियों को अपने थाना क्षेत्रों की नियमित निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह (बिलासपुर), पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल (मुंगेली), दिव्यांग पटेल (रायगढ़), सिद्धार्थ तिवारी (कोरबा), अंजनेय वार्षनेय (सारंगढ़-बिलाईगढ़), मनोज खिलाड़ी (गौरेला-पेंड्रा मरवाही), प्रफुल्ल सिंह ठाकुर (सक्ती) सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। आईजी की इस बैठक ने साफ कर दिया कि वर्ष 2026 में पुलिसिंग का फोकस—तेज जांच, सख्त कार्रवाई और पूरी जवाबदेही होगा।  

बस्तर की धरती से खजाने की बारिश

  गोपालटोला लौह अयस्क खदान की ई-नीलामी में राज्य को 6,620 करोड़ की ऐतिहासिक कमाई रायपुर डेस्क। बस्तर से छत्तीसगढ़ के लिए बड़ी आर्थिक खुशखबरी सामने आई है। जगदलपुर के समीप स्थित गोपालटोला लौह अयस्क खदान की ई-नीलामी ने राज्य के खजाने को मजबूत कर दिया है। पश्चिम बंगाल की कंपनी जोडियाक डीलर्स ने 125 फीसदी से अधिक की आक्रामक बोली लगाकर यह खदान हासिल की है। नीलामी के बाद राज्य सरकार को कुल मिलाकर करीब 6,620 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा। यह ई-नीलामी केंद्र सरकार की एजेंसी MMTC के माध्यम से पूरी तरह पारदर्शी तरीके से कराई गई। खदान से होने वाली कमाई में सबसे बड़ा हिस्सा राजस्व प्रीमियम का है, जो लगभग 5,831 करोड़ रुपये बताया गया है। इसके अलावा 699 करोड़ रुपये रॉयल्टी, 70 करोड़ रुपये जिला खनिज न्यास (DMF) और 21 करोड़ रुपये राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण न्यास (NMET) के खाते में जाएंगे। नीलामी में दिखी जबरदस्त प्रतिस्पर्धा खनिज विभाग के सूत्रों के अनुसार, ई-नीलामी के दौरान कई बड़ी कंपनियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। अंततः जोडियाक डीलर्स ने सवा सौ फीसदी से ज्यादा की बोली लगाकर खदान पर कब्जा जमाया। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रक्रिया से राज्य को खदान का अधिकतम मूल्य मिला है और नीलामी पूरी तरह नियमों के अनुरूप रही। विकास को मिलेगी नई रफ्तार खनिज अधिकारियों का मानना है कि इस ऐतिहासिक राजस्व से न केवल राज्य की आमदनी में बड़ा इजाफा होगा, बल्कि खनन प्रभावित इलाकों में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं के विकास को भी नई गति मिलेगी। बस्तर की खदान से निकली यह कमाई छत्तीसगढ़ के आर्थिक भविष्य को नई मजबूती देने वाली साबित होगी।

रायपुर में हाई-वोल्टेज टी-20 मुकाबले का काउंटडाउन शुरू 23 जनवरी: भारत बनाम न्यूजीलैंड, आज शाम 7 बजे खुलेंगी टिकट विंडो

✍️ भागीरथी यादव     रायपुर। शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम एक बार फिर क्रिकेट के रोमांच से गुलजार होने जा रहा है। 23 जनवरी को होने वाले भारत-न्यूजीलैंड टी-20 मुकाबले के लिए आज शाम 7 बजे से टिकट बिक्री शुरू हो जाएगी। छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ (CSCS) ने Ticketgenie को आधिकारिक टिकटिंग पार्टनर नियुक्त किया है। CSCS ने साफ शब्दों में अपील की है कि दर्शक टिकट और मैच से जुड़ी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर ही भरोसा करें। सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक और अपुष्ट खबरों से सावधान रहने को कहा गया है। मैच की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और इस बार सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व होगी। सुरक्षा में कोई समझौता नहीं मैच के दौरान सुरक्षा को लेकर सख्त नियम लागू रहेंगे। पहली पारी समाप्त होने के बाद किसी भी दर्शक को स्टेडियम में प्रवेश नहीं मिलेगा। सुरक्षा के लिए 350 से अधिक प्राइवेट बाउंसर्स तैनात किए जाएंगे, वहीं CSCS के 45 अधिकारी पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर मोर्चा संभालेंगे। स्टेडियम के सभी 13 गेट्स पर लोहे की मजबूत रेलिंग लगाई गई है। खाने-पीने पर रहेगी पैनी नजर पिछले भारत-दक्षिण अफ्रीका मैच में महंगे खाद्य-पेय को लेकर उठे सवालों के बाद इस बार संघ ने सख्ती के संकेत दिए हैं। स्टेडियम के भीतर खाने-पीने की चीजों की कीमत और गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। एंट्री गेट्स पर तिहरी सुरक्षा हर एंट्री गेट पर पुलिस, प्राइवेट गार्ड्स और CSCS स्टाफ की संयुक्त तैनाती होगी। पिछली ODI में दर्शकों के रेलिंग कूदकर मैदान तक पहुंचने की घटना से सबक लेते हुए इस बार बाउंड्री लाइन पर भी अतिरिक्त बाउंसर्स तैनात रहेंगे, ताकि खिलाड़ियों की सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित हो सके। 45 सदस्यीय CSCS टीम मैदान में CSCS अध्यक्ष विजय शाह ने बताया कि पिछली सुरक्षा चूक पर BCCI ने संज्ञान लिया था। इस बार किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। 45 सदस्यीय विशेष टीम पुलिस के साथ समन्वय में पूरे मैच के दौरान तैनात रहेगी।  टीमों का कार्यक्रम भारत-न्यूजीलैंड टी-20 सीरीज का पहला मुकाबला 21 जनवरी को नागपुर में खेला जाएगा। दोनों टीमें 22 जनवरी को रायपुर पहुंचेंगी और शाम को स्टेडियम में अभ्यास सत्र करेंगी। रायपुर तैयार है… क्रिकेट प्रेमियों के लिए 23 जनवरी को रोमांच, जोश और जुनून का महाकुंभ सजने जा रहा है।

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