ड्रोन की नजर से टूटा जुए का अड्डा: रायपुर के फार्म हाउस में छापा, 16 जुआरी गिरफ्तार, 31 लाख की संपत्ति जब्त

✍️ भागीरथी यादव   रायपुर शहर में अवैध जुआ और पार्टी संस्कृति पर नकेल कसने के लिए पुलिस ने एक बार फिर बड़ी और चौंकाने वाली कार्रवाई की है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा थाना मुजगहन पुलिस की संयुक्त टीम ने सुनियोजित कार्रवाई करते हुए एक फार्म हाउस में चल रहे जुए के अड्डे का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने 16 जुआरियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर उनके कब्जे से नकदी, वाहन, मोबाइल फोन और ताशपत्ती सहित करीब 31 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है। पुलिस को पुख्ता सूचना मिली थी कि थाना मुजगहन क्षेत्र अंतर्गत स्थित “हंसी खुशी फार्म हाउस” में अवैध गतिविधियों की आड़ में ताशपत्ती से जुआ खेला जा रहा है। सूचना की तस्दीक के लिए पुलिस ने आधुनिक तकनीक का सहारा लेते हुए ड्रोन कैमरे से निगरानी की, जिसमें साफ तौर पर फार्म हाउस के भीतर रुपये-पैसे की हार-जीत का दांव लगाते लोग दिखाई दिए। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और मुजगहन पुलिस की टीम ने संयुक्त रूप से फार्म हाउस पर दबिश दी। रेड के दौरान मौके से कुल 16 आरोपियों को जुआ खेलते हुए गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में सुरेश साहू, नागेंद्र कुमार वर्मा, गोविंद कुमार, इशू देव वर्मा, देवेंद्र यादव, प्रेमशंकर धीवर, नारायण ढीमर, कैलाश चतुर्वेदी, कृष्णा गेंदरे, राजेंद्र कुमार साहू, सुरेंद्र कुमार, डोमन निषाद, नेतराम साहू, सौरभ राजपूत, गुरुप्रीत सिंह और सूरज साहू शामिल हैं। सभी आरोपी रायपुर और दुर्ग जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के निवासी बताए गए हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से ₹2,12,600 नगद, 02 चारपहिया वाहन, 08 दोपहिया वाहन, 17 मोबाइल फोन और ताशपत्ती जब्त की है। जब्त मशरूका की कुल अनुमानित कीमत करीब ₹31 लाख आंकी गई है। इस मामले में थाना मुजगहन में सभी आरोपियों के खिलाफ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर लिया गया है। वहीं, जिस फार्म हाउस में जुआ खेला जा रहा था, उसके मालिक के विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा है कि जुआ, सट्टा और अन्य अवैध गतिविधियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त अभियान जारी रहेगा। आउटर इलाकों में स्थित फार्म हाउसों, ढाबों और रिसॉर्ट्स पर विशेष नजर रखी जा रही है। रायपुर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध या अवैध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर अपराध पर अंकुश लगाया जा सके।

नवा रायपुर छात्र मौत मामला: छत से कूदने को मजबूर हुआ विदेशी छात्र, तीन साथी छात्र गिरफ्तार

✍️ भागीरथी यादव    नवा रायपुर। थाना मंदिर हसौद क्षेत्र अंतर्गत सेक्टर-16 स्थित 4 मंजिला ईडब्ल्यूएस भवन से गिरकर हुई विदेशी छात्र की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन विदेशी छात्रों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि विवाद और पीछा किए जाने के डर से मृतक ने छत से छलांग लगाई थी। मृतक की पहचान निजी यूनिवर्सिटी में अध्ययनरत दक्षिण सूडान निवासी सैमपुर जुदे के रूप में हुई है। यह घटना 22 दिसंबर 2025 की शाम की बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, सैमपुर जुदे शाम करीब 7:10 बजे अपने एक मित्र के साथ सेक्टर-16 स्थित ईडब्ल्यूएस भवन के पास खड़ा था। इसी दौरान उसी यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले तीन अन्य विदेशी छात्र—नोउई कुर माजाक, सबरी पालीनो उर्फ टोनी और मोहम्मद खलफल्ला ओमर हसन—वहां पहुंचे और मृतक पर अपने एक साथी की महिला मित्र से बदसलूकी करने का आरोप लगाते हुए विवाद शुरू कर दिया। विवाद ने जल्द ही उग्र रूप ले लिया। आरोप है कि तीनों छात्रों ने सैमपुर जुदे के साथ मारपीट करने का प्रयास किया, जिससे वह घबरा गया। जान बचाने के लिए वह अपने किराए के मकान की सीढ़ियों से होते हुए छत की ओर भागा, लेकिन आरोपी उसका पीछा करते हुए छत तक पहुंच गए। भय और दबाव की स्थिति में आकर सैमपुर जुदे ने छत से नीचे छलांग लगा दी। नीचे कंक्रीट सड़क पर गिरने से उसके सिर, मुंह और दाहिने हाथ में गंभीर चोटें आईं। साथी छात्र उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद मंदिर हसौद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने घटना में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 एवं 3(5) के तहत गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। तीनों आरोपी अफ्रीकी देश दक्षिण सूडान के निवासी हैं। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। वहीं, इस घटना के बाद निजी यूनिवर्सिटी और नवा रायपुर क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन की भूमिका, छात्रों के बीच विवाद की पृष्ठभूमि और कैंपस सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

रायपुर में सनसनी: माना थाना क्षेत्र में पानी से मिली सिर कटी लाश, इलाके में दहशत

✍️ भागीरथी यादव   रायपुर। राजधानी रायपुर के माना थाना क्षेत्र से सोमवार को एक सनसनीखेज मामला सामने आया, जब ब्लू वाटर इलाके में पानी के भीतर एक सिर कटा शव मिलने से हड़कंप मच गया। स्थानीय रहवासियों ने दोपहर के समय पानी में शव दिखाई देने की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर जांच शुरू की। पुलिस के अनुसार, जब शव को पानी से निकाला गया तो उसका सिर मौके पर मौजूद नहीं था। प्रारंभिक जांच में शव काफी पुराना प्रतीत हो रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि मृतक के शरीर पर कोई कपड़े भी नहीं थे, जिससे हत्या की आशंका और गहरा गई है। माना थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। शिनाख्त के लिए आसपास के सभी थानों में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्टों को खंगाला जा रहा है, वहीं यह भी जांच की जा रही है कि हत्या कहीं और कर शव को यहां ठिकाने तो नहीं लगाया गया। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद से इलाके में डर और सनसनी का माहौल है। पुलिस हर एंगल से मामले की जांच में जुटी है और जल्द ही पूरे मामले के खुलासे का दावा कर रही है।

माना बाईपास लूटकांड का खुलासा: हाईवा चालक से मारपीट कर लूट करने वाले दो हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार

✍️ भागीरथी यादव   रायपुर। राजधानी रायपुर के माना थाना क्षेत्र अंतर्गत बाईपास पर हुई लूट की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो कुख्यात हिस्ट्रीशीटरों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने एक हाईवा चालक से मारपीट कर नकदी, मोबाइल, पर्स और वाहन की चाबी लूट ली थी। घटना के बाद एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा थाना माना पुलिस की संयुक्त टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने आरोपियों तक पहुंच बनाते हुए उन्हें धर दबोचा। रेत लेने जा रहे चालक को बनाया निशाना पीड़ित गोपी साहू ने थाना माना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 16 दिसंबर की रात वह अपने हाईवा वाहन से राजिम की ओर रेत लेने जा रहा था। इसी दौरान माना बाईपास पर बाइक सवार दो अज्ञात युवकों ने उसे रोका और मारपीट करते हुए लूटपाट की। आरोपी उसके पास से नकदी, मोबाइल फोन, पर्स और वाहन की चाबी लेकर फरार हो गए थे। सीसीटीवी और तकनीकी जांच से खुला राज पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर आरोपियों की पहचान की। पूछताछ में दोनों ने वारदात को अंजाम देना कबूल कर लिया। 22 मामलों में दर्ज हैं अपराध गिरफ्तार आरोपियों में चेतन मंडावी और उसका साथी हितेश कुमार साहू उर्फ हित्तु शामिल हैं। चेतन मंडावी धमतरी जिले के थाना सिटी कोतवाली क्षेत्र का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर है, जिसके खिलाफ बलवा, लूट, मारपीट, आगजनी, आर्म्स एक्ट और जुआ एक्ट सहित कुल 22 आपराधिक मामले दर्ज हैं। बताया गया है कि वह धमतरी जिले से जिला बदर था और रायपुर में छिपकर वारदात को अंजाम दे रहा था। लूटा गया सामान बरामद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटा गया मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक जब्त कर ली है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। माना बाईपास लूटकांड के खुलासे को रायपुर पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिसने अपराधियों के हौसले पस्त कर दिए हैं और आमजन में सुरक्षा का भरोसा मजबूत किया है।

आरक्षक भर्ती पर घमासान, सरकार ने खोले पत्ते QR कोड से दिखेंगे नंबर, जनसुनवाई से मिलेगा इंसाफ का भरोसा

✍️ भागीरथी यादव    रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती के नतीजों ने प्रदेशभर में हलचल मचा दी है। चयन सूची सामने आते ही अनियमितताओं के आरोप लगने लगे और सैकड़ों अभ्यर्थी न्याय की गुहार लेकर बिलासपुर हाईकोर्ट पहुंच गए। युवाओं का कहना है कि कई जिलों में ज्यादा अंक लाने वाले उम्मीदवार बाहर रह गए, जबकि कम नंबर वालों को चयनित कर लिया गया। बढ़ते विवाद ने अब सरकार को सीधे मोर्चा संभालने पर मजबूर कर दिया है। अब छिपेगा नहीं कोई नंबर भर्ती को लेकर उठ रहे सवालों के बीच गृहमंत्री विजय शर्मा ने बड़ा एलान किया है। अब पुलिस आरक्षक भर्ती के नतीजे हर जिले में QR कोड के जरिए सार्वजनिक किए जाएंगे। एक स्कैन में अभ्यर्थी अपने अंक, मेरिट रैंक, वर्गवार चयन सूची और वेटिंग लिस्ट तक पहुंच सकेंगे। सरकार का दावा है कि इससे पूरी प्रक्रिया ‘शीशे की तरह साफ’ हो जाएगी। गृहमंत्री ने कहा कि कांस्टेबल भर्ती को पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित किया गया है। हर जिले की अलग-अलग मेरिट लिस्ट उपलब्ध है, जिसे कोई भी अभ्यर्थी देख सकता है। जिलों में चल रही शिकायतों की खुली सुनवाई सरकार ने अभ्यर्थियों की नाराजगी को देखते हुए जिलास्तर पर शिकायतों की सुनवाई शुरू कर दी है। गृहमंत्री के मुताबिक, सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक लगातार बैठकें कर युवाओं की आपत्तियां सुन रहे हैं। यह प्रक्रिया अभी तीन दिन और जारी रहेगी। 19–20 दिसंबर को पीएचक्यू में बड़ा फैसला एडीजी एसआरपी कल्लूरी ने बताया कि 19 और 20 दिसंबर को पुलिस मुख्यालय में भर्ती से जुड़ी शिकायतों की औपचारिक सुनवाई होगी। सभी जिलों की मेरिट सूची तैयार कर ली गई है और QR कोड के माध्यम से नंबर सार्वजनिक किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि हेल्प डेस्क, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और अन्य माध्यमों से अभ्यर्थियों की शंकाएं दूर की जा रही हैं। 21 दिसंबर को गृहमंत्री से आमने-सामने विवाद के बीच 21 दिसंबर को गृहमंत्री विजय शर्मा खुद मोर्चा संभालेंगे। वे रायपुर स्थित अपने सिविल लाइन निवास में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक जनसुनवाई करेंगे। जो अभ्यर्थी रायपुर नहीं पहुंच पाएंगे, वे अपने जिले के एसपी कार्यालय से ऑनलाइन जुड़ सकेंगे। गृहमंत्री ने कहा कि 6 हजार पदों की इस भर्ती में पुलिस विभाग ने पूरी ईमानदारी से काम किया है। युवाओं से धैर्य रखने की अपील करते हुए उन्होंने भरोसा दिलाया कि हर शिकायत पर गंभीरता से विचार होगा। 6000 पद, 7 लाख दावेदार एडीजी कल्लूरी के मुताबिक, 6000 आरक्षक पदों के लिए करीब 7 लाख आवेदन आए थे। भर्ती प्रक्रिया को ‘टीआरपी’ यानी ट्रांसपेरेंट रिक्रूटमेंट प्रोसेस नाम दिया गया है। सरकार का कहना है कि सभी आपत्तियों के निपटारे के बाद जल्द ही अंतिम स्थिति स्पष्ट कर दी जाएगी। अब देखना होगा कि QR कोड और सीधी जनसुनवाई के बाद युवाओं का भरोसा लौटता है या आरक्षक भर्ती का विवाद और तेज होता है।

“खाकी शर्मसार! DSP कल्पना वर्मा पर करोड़ों की अवैध वसूली और ब्लैकमेलिंग का आरोप”

✍️ भागीरथी यादव    डीजीपी अरुण देव गौतम से मिलकर टंडन ने की शिकायत   लोकसदन के सूत्रो के अनुसार – डीएसपी का विवादों से पुराना नाता रहा अपने ही जिले में पदस्थ डीएफओ से भी कुछ इस तरह का मामला सामने आया जिसमे डीएफओ ने चक्कर में पड़कर अपनी पत्नी को दिया था तलाक साथ ही २०१६ बैच के डीएसपी परीक्षा में भी नकल करते पकड़ी गई डीएसपी परंतु आईबीसी में समाचार आने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं राजधानी रायपुर के व्यवसायी दीपक टंडन ने अपनी शिकायत में छत्तीसगढ़ पुलिस की DSP कल्पना वर्मा पर पद और प्रभाव के दुरुपयोग, अवैध वसूली, ब्लैकमेलिंग और मानसिक प्रताड़ना जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। इस संबंध में उन्होंने पुलिस महानिदेशक (DGP) को लिखित शिकायत सौंपते हुए मामले की वरिष्ठ व स्वतंत्र अधिकारी से जांच कराने की मांग की है। दीपक टंडन का कहना है – कि वे पिछले कई वर्षों से होटल व्यवसाय से जुड़े हैं और इस दौरान उनके DSP कल्पना वर्मा व उनके परिजनों से पारिवारिक व व्यावसायिक संबंध रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन संबंधों का दुरुपयोग करते हुए DSP कल्पना वर्मा ने दबाव बनाकर उनसे लाखों रुपये बैंक व नकद माध्यम से वसूल किए। 30 लाख से अधिक के लेन-देन का दावा   शिकायत में उल्लेख है कि होटल व्यवसाय से जुड़े कार्यों में दीपक टंडन द्वारा RTGS के माध्यम से लगभग 30 लाख रुपये DSP कल्पना वर्मा के पिता के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए। इसके अलावा समय-समय पर अन्य खातों में भी बड़ी रकम भेजी गई। दीपक टंडन का आरोप है कि यह भुगतान दबाव और भय के माहौल में कराया गया। ब्लैकमेलिंग और पारिवारिक जीवन में दखल   दीपक टंडन ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने आगे पैसे देने से इनकार किया तो DSP कल्पना वर्मा द्वारा मोबाइल चैट्स के आधार पर ब्लैकमेलिंग शुरू की गई और यहां तक कि उनके वैवाहिक जीवन में हस्तक्षेप करते हुए तलाक का दबाव बनाया गया। वाहन जब्ती को बताया गैर-कानूनी   शिकायत के अनुसार, उनकी पत्नी के नाम से पंजीकृत वाहन CG-04-PA-0486 को बिना विधिसम्मत प्रक्रिया के जब्त किया गया, जबकि शिकायतकर्ता या वाहन स्वामिनी को जांच के दौरान उपस्थित होने की कोई सूचना नहीं दी गई। दीपक टंडन ने इसे स्पष्ट रूप से अधिकारों का हनन बताया है।   निष्पक्ष जांच की मांग   दीपक टंडन का कहना है कि चूंकि आरोपी एक DSP स्तर की अधिकारी हैं और उनके वरिष्ठ अधिकारियों से संबंध हैं, इसलिए स्थानीय स्तर पर हुई कार्रवाई निष्पक्ष नहीं कही जा सकती। उन्होंने मांग की है कि पूरे मामले की जांच किसी सक्षम वरिष्ठ IPS अधिकारी या स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए।   परिवार की सुरक्षा पर खतरे का आरोप   शिकायत में यह भी कहा गया है कि उन्हें और उनके परिवार को झूठे मामलों में फंसाने की धमकियां दी जा रही हैं, जिससे वे मानसिक तनाव और असुरक्षा में जीने को मजबूर हैं।   दीपक टंडन ने DGP से आग्रह किया है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए DSP कल्पना वर्मा के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाए, ताकि कानून और न्याय व्यवस्था पर आम जनता का विश्वास बना रहे।    

विधानसभा में गूंजा सड़क और शिक्षा का मुद्दा, सरकार ने दिया मरम्मत और सुविधाओं का भरोसा

  रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन की कार्यवाही के दौरान जनहित से जुड़े अहम मुद्दे सदन में छाए रहे। प्रश्नकाल में डोंगरगढ़ विधानसभा की जर्जर सड़कों और GPM जिले में उच्च शिक्षण संस्थानों की स्थिति को लेकर विधायकों ने सरकार से जवाब मांगा। प्रश्नकाल के दौरान डोंगरगढ़ विधायक हर्षिता बघेल ने पीएम-सीएम सड़क योजना के तहत विधानसभा क्षेत्र की सड़कों की जानकारी मांगी। इस पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सदन को बताया कि डोंगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र में 48 सड़कें मरम्मत योग्य हैं। विधायक ने प्रक्रियाधीन सड़कों की जांच की मांग करते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं को भेजकर स्थिति का आकलन कराया जाए। इस पर स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने हस्तक्षेप करते हुए स्पष्ट किया कि जांच कार्यकर्ताओं से नहीं, बल्कि अधिकारियों से कराई जाएगी। डिप्टी सीएम अरुण साव ने आश्वासन दिया कि आवश्यक जानकारी मिलने पर जांच कराई जाएगी और दिसंबर तक सड़कों की मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।   इसी दौरान भाजपा विधायक प्रणब कुमार मरपच्ची ने गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले में उच्च शिक्षण संस्थानों का मुद्दा उठाया। उन्होंने जिले में नए कॉलेज और संस्थानों की स्वीकृति को लेकर सवाल किया। जवाब में उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने बताया कि वर्तमान में जिले में 4 उच्च शिक्षण संस्थान संचालित हैं और फिलहाल किसी नए संस्थान का प्रस्ताव नहीं है।   विधायक मरपच्ची ने कॉलेजों में कमरों और शौचालयों की कमी का भी मुद्दा उठाया। इस पर मंत्री टंकराम वर्मा ने सदन में घोषणा करते हुए कहा कि कॉलेजों में कमरों और शौचालयों की कमी जल्द पूरी की जाएगी।   शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन हुई चर्चा में सड़क और शिक्षा जैसे बुनियादी मुद्दों पर सरकार के आश्वासन ने सदन का ध्यान आकर्षित किया।

रायपुर | भरोसा टूटा, इंसाफ की गुहार — DSP पर होटल व्यवसायी के गंभीर आरोप

✍️ भागीरथी यादव   रायपुर से दंतेवाड़ा तक फैला यह मामला सिर्फ पैसों का नहीं, बल्कि एक आम नागरिक के भरोसे, सुरक्षा और न्याय की लड़ाई बनता जा रहा है। होटल व्यवसायी दीपक टंडन ने दंतेवाड़ा में पदस्थ DSP कल्पना वर्मा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि निजी संबंधों के दौरान उनसे बड़ी रकम ली गई और जब उन्होंने अपनी ही कमाई वापस मांगी, तो उन्हें धमकाया गया, दबाव बनाया गया और कथित तौर पर गुंडों से पिटवाया गया।   दीपक टंडन का कहना है कि उन्होंने भरोसे के आधार पर आर्थिक सहयोग किया था। उस वक्त तक सब ठीक था—लेकिन जैसे ही उन्होंने रकम वापसी की बात की, हालात बदलते चले गए। उनके शब्दों में, “अपनी ही मेहनत की कमाई मांगना मेरे लिए गुनाह बना दिया गया।”   धमकियों से मारपीट तक   दीपक का आरोप है कि पैसे लौटाने की मांग के बाद उन्हें लगातार धमकियां मिलने लगीं। दबाव बनाने की कोशिशें की गईं और अंततः उनके साथ मारपीट की घटना को अंजाम दिया गया। उनका कहना है कि यह सिर्फ लेन-देन का विवाद नहीं रहा, बल्कि कानून के दुरुपयोग और एक आम आदमी को डराने का मामला बन गया है।   कार को लेकर नया मोड़   मामले में एक और गंभीर दावा सामने आया है। दीपक टंडन के अनुसार, उनकी पत्नी बर्खा टंडन के नाम पर पंजीकृत Toyota Hyryder कार इस समय DSP कल्पना वर्मा के पास है। दीपक का आरोप है कि कई बार मांग करने के बावजूद कार वापस नहीं की जा रही। उनका कहना है कि अब यह मामला केवल पैसों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उनकी निजी संपत्ति से भी जुड़ गया है।   “कानून से ही इंसाफ चाहता हूं”   दीपक टंडन ने साफ शब्दों में कहा कि उनका मकसद किसी को बदनाम करना नहीं है। उन्होंने कहा, “मैं एक आम नागरिक हूं। मैंने सिर्फ अपनी रकम और अपनी संपत्ति वापस मांगी है। अगर इसके बदले मुझे डराया जाए और पिटवाया जाए, तो यह बेहद गंभीर और चिंताजनक है।”   प्रदेशभर में चर्चा, निष्पक्ष जांच की मांग   मामला सामने आते ही प्रदेशभर में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। दीपक टंडन ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और आम लोगों का कानून व प्रशासन पर भरोसा बना रहे।   यह कहानी एक सवाल छोड़ जाती है— जब एक आम नागरिक अपनी ही कमाई और संपत्ति के लिए न्याय मांगता है, तो क्या उसे डर और हिंसा का सामना करना पड़ेगा, या उसे कानून का सहारा मिलेगा?

रायपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 5 मामलों में 6 अंतर्राज्यीय साइबर ठग गिरफ्तार

  रायपुर। ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत रायपुर पुलिस ने शेयर ट्रेडिंग और ऑनलाइन पार्ट-टाइम जॉब के नाम पर ठगी करने वाले 6 अंतर्राज्यीय साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अलग-अलग 5 प्रकरणों में यह कार्रवाई करते हुए बड़ी ठगी का खुलासा किया है।   पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने फर्जी कंपनियों और बैंक खातों के जरिए लोगों को मुनाफे का लालच देकर लाखों रुपये की ठगी की। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ देश के कई राज्यों के थानों और साइबर सेल में पहले से मामले दर्ज हैं। सभी आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। गिरफ्तार आरोपी: 1. जयंत अहिरवार – सीहोर, मध्यप्रदेश 2. सुहैल अहमद – पन्ना, मध्यप्रदेश 3. विपुल पाटने – बांद्रा, मुंबई (हाल मुकाम नागपुर) 4. पूनमचंद्र वर्मा – जूनी इंदौर, मध्यप्रदेश 5. कल्लू मंसूरी – जूनी इंदौर, मध्यप्रदेश 6. शोएब अख्तर – छिंदवाड़ा, मध्यप्रदेश   रायपुर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे ऑनलाइन निवेश और पार्ट-टाइम जॉब के नाम पर होने वाली ठगी से सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की रजत जयंती पर लोकनृत्य प्रतियोगिता, मैनपाट में होगा भव्य आयोजन

  ✍️ भागीरथी यादव   रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड द्वारा 8 दिसंबर से 21 दिसंबर 2025 तक विशेष गतिविधियों और प्रतियोगिताओं की भव्य श्रृंखला आयोजित की जा रही है। इस आयोजन के तहत प्रदेश के विभिन्न प्रमुख पर्यटन स्थलों, रिसॉर्ट्स एवं पर्यटन बोर्ड के प्रधान कार्यालय रायपुर में विविध रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य छत्तीसगढ़ पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है।   इसी क्रम में छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड द्वारा 19 दिसंबर 2025 को सरगुजा जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मैनपाट स्थित करमा रिसॉर्ट में लोकनृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी को 7 हजार रुपये नकद, द्वितीय स्थान पर 5 हजार रुपये तथा तृतीय स्थान पर 3 हजार रुपये नकद पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। सभी विजेताओं को प्रमाणपत्र भी भेंट किए जाएंगे।   पर्यटन बोर्ड ने बताया कि प्रतियोगिता के दौरान लिए गए छायाचित्रों और वीडियो को छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की प्रचार सामग्री एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा। इससे प्रतिभागियों को राज्य ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा पहचान दिलाने का अवसर मिलेगा।   यह आयोजन न केवल छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोककला और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देगा, बल्कि स्थानीय पर्यटन को भी नई गति प्रदान करेगा। पर्यटन बोर्ड ने राज्य के युवाओं, कलाकारों, पर्यटकों और आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर इस आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।   अधिक जानकारी के लिए इच्छुक प्रतिभागी मोबाइल नंबर +91-93991-61360 पर संपर्क कर सकते हैं।

अन्य खबरे

छत्तीसगढ़ आबकारी नीति 2026-27 को कैबिनेट की मंजूरी
रायगढ़ में कबाड़ माफिया पर ऐतिहासिक प्रहार, एक साथ 24 ठिकानों पर छापेमारी
1 करोड़ का इनामी अनल दा ढेर
एमसीबी में पुलिस की अभिनव पहल: बच्चों को बनाया गया ट्रैफिक वॉलिंटियर, सड़क सुरक्षा का दिया मजबूत संदेश
सारंगढ़–बिलाईगढ़ में अवैध धान भंडारण पर बड़ा प्रहार, 14 गोदाम सील, 2467 क्विंटल धान जब्त
बुलडोजर नहीं, कानून चले: कांग्रेस प्रवक्ता पूनम सिंह का भाजपा सरकार पर तीखा हमला