मोकामा मर्डर केस: पूर्णिया सांसद पप्पू यादव का बड़ा हमला — “अपराधियों के सरंक्षण में चल रहा चुनाव, डर है सूरजभान और लल्लू मुखिया की भी हत्या हो सकती है”
✍️ भागीरथी यादव मोकामा विधानसभा क्षेत्र में गुरुवार को सियासी हिंसा ने चुनावी माहौल को गर्मा दिया। घोसवरी थाना क्षेत्र के बासवान चक में जदयू प्रत्याशी अनंत सिंह और जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी के समर्थकों के बीच पथराव और झड़प के बाद राजद के वरिष्ठ कार्यकर्ता दुलारचंद यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इसके बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया। देर रात पूर्णिया सांसद पप्पू यादव मृतक दुलारचंद के परिजनों से मिलने पहुंचे और वहां उन्होंने सरकार, प्रशासन और चुनाव आयोग पर तीखे सवाल उठाए। — 🔴 “दुलारचंद को जानवर की मौत मारी गई” – पप्पू यादव पप्पू यादव ने कहा कि मोकामा और बाढ़ क्षेत्र आज भी अपराध के गढ़ बने हुए हैं। “16 साल में बिहार को अपराध का राज्य बना दिया गया है। जदयू ने बक्सर से लेकर मोकामा तक अपराधी छवि वाले लोगों को टिकट दिया है,” उन्होंने कहा। उन्होंने आगे जोड़ा — “दुलारचंद को जिस तरह मारा गया, वह किसी इंसान की नहीं, जानवर की मौत थी। अपराधी खुलेआम पुलिस के संरक्षण में घूम रहे हैं, और प्रशासन विपक्षी दलों को ही फंसाने में जुटा है।” — ⚠️ “सूरजभान सिंह और लल्लू मुखिया की हत्या की आशंका” पप्पू यादव ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि बाढ़ के उम्मीदवार लल्लू मुखिया और विपक्ष के प्रत्याशी सूरजभान सिंह की जान को भी खतरा है। “हमें डर है कि इनकी भी हत्या कर दी जाएगी, हालात बहुत गंभीर हैं,” उन्होंने कहा। — ⚖️ “चुनाव आयोग पर भरोसा नहीं, करेंगे हाईकोर्ट में याचिका” पप्पू यादव ने चुनाव आयोग पर भी सवाल उठाते हुए कहा, “दिल्ली से लेकर भागलपुर तक एक ‘सुपर सीएम’ का राज चलता है। ऐसे माहौल में निष्पक्ष चुनाव की उम्मीद नहीं की जा सकती।” उन्होंने चेतावनी दी कि वे हाईकोर्ट में जाकर अधिकारियों की कॉल डिटेल्स की जांच की मांग करेंगे। — 🔥 अनंत सिंह पर सीधा वार – “पहले ही मिलनी चाहिए थी फांसी” अनंत सिंह पर हमला बोलते हुए पप्पू यादव ने कहा, “पुटुस हत्याकांड में ही उसे फांसी हो जानी चाहिए थी, लेकिन कुछ लोग पैसा लेकर पलट गए। अब इस मामले में स्पीड ट्रायल होना चाहिए और दोषियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए।” — 🗳️ “बीजेपी माहौल को और डरावना बना रही है” सांसद ने कहा कि बीजेपी अब पूरे जोर से “आतंक के माहौल” को बढ़ाकर विपक्ष की सीटें कमजोर करने की कोशिश में है। उन्होंने कहा — “बिहार में अब फेयर चुनाव की उम्मीद नहीं बची। हर जाति को टारगेट किया जा रहा है, प्रशासन मूकदर्शक बना है।” — 🕯️ मोकामा में दुलारचंद यादव की मौत ने बिहार की राजनीति को हिला दिया है। अब देखने वाली बात होगी कि चुनाव आयोग और प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कदम उठाते हैं, क्योंकि हालात सामान्य कहने लायक नहीं हैं।
सोने-चांदी के भाव में भारी गिरावट — सोना 1.18 लाख के नीचे, निवेशकों की चिंता बढ़ी
✍️ भागीरथी यादव नई दिल्ली। सोने की कीमतों में लगातार गिरावट का दौर जारी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोरी और निवेशकों के बदलते रुझान के बीच भारत में भी सोने-चांदी के दामों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 24 कैरेट सोना 3,034 रुपए सस्ता होकर 1,18,043 रुपए प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। इससे पहले यह कीमत 1,21,077 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। 22 कैरेट सोने के दाम में भी गिरावट देखी गई है — अब इसकी कीमत 1,08,127 रुपए प्रति 10 ग्राम रह गई है, जबकि पहले यह 1,10,907 रुपए थी। वहीं 18 कैरेट सोना घटकर 88,532 रुपए प्रति 10 ग्राम पर आ गया है, जो पहले 90,809 रुपए था। सोने के साथ-साथ चांदी भी सस्ती हुई है। चांदी की कीमत 3,135 रुपए गिरकर 1,41,896 रुपए प्रति किलो रह गई, जबकि पहले इसका भाव 1,45,031 रुपए प्रति किलो था। आईबीजेए रोजाना दो बार — दोपहर 12 बजे और शाम 5 बजे — ताजा दरें जारी करती है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी गिरावट का रुख जारी है। सोना (5 दिसंबर 2025 कॉन्ट्रैक्ट): 1.87% घटकर 1,18,700 रुपए प्रति 10 ग्राम चांदी (5 दिसंबर 2025 कॉन्ट्रैक्ट): 0.74% घटकर 1,42,301 रुपए प्रति किलो एलकेपी सिक्योरिटीज के विश्लेषक जतिन त्रिवेदी ने कहा कि अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड डील पर बातचीत फिर से शुरू होने से सोने में निवेश का रुझान कमजोर पड़ा है। निवेशकों का ध्यान अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों के फैसले पर केंद्रित है। उन्होंने आगे कहा कि, “सोने पर दबाव बना हुआ है। इसका सपोर्ट स्तर 1,16,500 से 1,18,000 रुपए के बीच है, जबकि रुकावट का स्तर 1,21,000 से 1,22,000 रुपए के बीच देखा जा रहा है।” अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी गिरावट का माहौल है। खबर लिखे जाने तक कॉमेक्स (COMEX) पर सोना 1.98% गिरकर 3,939 डॉलर प्रति औंस और चांदी 0.52% घटकर 46.53 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अगर वैश्विक स्तर पर आर्थिक स्थिरता और ब्याज दरों में सख्ती का रुख जारी रहा, तो आने वाले दिनों में सोने-चांदी की कीमतों में और गिरावट देखने को मिल सकती है।
श्रेयस अय्यर सिडनी वनडे में घायल — बीसीसीआई ने दी हेल्थ अपडेट, हालत स्थिर
✍️ भागीरथी यादव सिडनी/नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज श्रेयस अय्यर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी में खेले गए वनडे सीरीज के तीसरे मैच के दौरान एक कैच लपकने के प्रयास में गंभीर रूप से घायल हो गए। चोट की गंभीरता को देखते हुए उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां कुछ समय तक उन्हें आईसीयू में रखा गया। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने मंगलवार को जारी बयान में बताया कि अय्यर के पेट में गंभीर चोट लगी थी, जिसके कारण आंतरिक रक्तस्राव (internal bleeding) हुआ था। बोर्ड ने कहा, “चोट की पहचान समय रहते कर ली गई और तुरंत इलाज शुरू किया गया। इलाज के बाद रक्तस्राव पर नियंत्रण पा लिया गया है। श्रेयस अय्यर की हालत अब स्थिर है और वे चिकित्सकीय निगरानी में हैं।” बीसीसीआई के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह माना जा रहा था कि चोट पसलियों में है, लेकिन बाद में स्कैन में पता चला कि तिल्ली (spleen) में चोट लगी है। इसी वजह से अय्यर को सिडनी के एक निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती किया गया था। अब उन्हें आईसीयू से बाहर लाया जा चुका है और उनकी स्थिति में सुधार हो रहा है। बोर्ड की मेडिकल टीम सिडनी और भारत, दोनों जगहों के विशेषज्ञ डॉक्टरों के संपर्क में है और उनकी रिकवरी पर लगातार नजर रखी जा रही है। गौरतलब है कि श्रेयस अय्यर पहले भी चोटों के कारण लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रह चुके हैं। हाल ही में चैंपियंस ट्रॉफी के बाद वे ऑस्ट्रेलिया वनडे सीरीज के लिए टीम में लौटे थे। सीरीज के पहले मैच में वे रन नहीं बना सके, लेकिन दूसरे वनडे में उन्होंने शानदार 61 रन की पारी खेली और रोहित शर्मा के साथ 118 रन की साझेदारी कर भारत की पारी को संभाला। क्रिकेट जगत उम्मीद कर रहा है कि श्रेयस अय्यर जल्द स्वस्थ होकर एक बार फिर टीम इंडिया के लिए मैदान पर वापसी करेंगे।
भारत की पहली डिजिटल जनगणना की तैयारी तेज — उत्तर प्रदेश बना देश की सबसे बड़ी फील्ड प्रयोगशाला
✍️ भागीरथी यादव लखनऊ। भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश को देश की सबसे बड़ी फील्ड प्रयोगशाला घोषित किया गया है। जनगणना 2027 की तैयारी के तहत राज्य के तीन क्षेत्रों — अनूपशहर (जनपद बुलंदशहर), मिहीपुरवा (जनपद बहराइच) और प्रयागराज नगर निगम के सात वार्डों में 10 से 30 नवंबर तक ‘प्री टेस्ट’ आयोजित किया जाएगा। यह प्रायोगिक अभ्यास देश की अब तक की सबसे व्यापक और तकनीकी रूप से उन्नत डेटा संग्रह प्रक्रिया का हिस्सा होगा। मुख्य सचिव एस. पी. गोयल की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की पहली बैठक में डिजिटलीकरण की रूपरेखा और कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे जनगणना कार्य में पूर्ण समन्वय और सहयोग सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि, “जनगणना देश की जनसांख्यिकी और विकास योजनाओं की रीढ़ है, इसलिए सटीकता, पारदर्शिता और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।” जनगणना निदेशक शीतल वर्मा ने बताया कि इस बार की जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी। सभी डेटा संग्रह, प्रविष्टि, सत्यापन और मॉनिटरिंग कार्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से किए जाएंगे। राज्य में लगभग छह लाख कार्मिकों को इस कार्य में लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि जनगणना प्रक्रिया के दौरान 1 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2027 तक राज्य में किसी नए जनपद, तहसील, नगर निकाय या ग्राम पंचायत के गठन पर रोक रहेगी। इसके साथ ही पहली बार नागरिकों को ‘स्व-गणना (Self Enumeration)’ की सुविधा भी दी जाएगी, जिससे वे स्वयं अपने परिवार की जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। राज्य में एक स्टेट नोडल ऑफिस की स्थापना भी की जाएगी, जो डेटा समन्वय, निगरानी और प्रगति रिपोर्टिंग का कार्य संभालेगा। बैठक में अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित कुमार घोष, सचिव नगर विकास अनुज कुमार झा, विशेष सचिव सामान्य प्रशासन जुहैर बिन सगीर सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। डिजिटल जनगणना के माध्यम से हर नागरिक का डेटा सुरक्षित, केंद्रीकृत और तुरंत उपलब्ध रहेगा। इससे नीतियों व विकास योजनाओं के निर्माण में वास्तविक समय के आंकड़ों का उपयोग संभव होगा और भारत को वैश्विक डेटा गवर्नेंस मॉडल की दिशा में अग्रसर करेगा।
अर्जन के बाद जन्मे पुत्र को मिली न्याय की रोशनी — सुप्रीम कोर्ट ने एसईसीएल की याचिका की खारिज, खुले रोजगार के द्वार
✍️ भागीरथी यादव कोरबा। वर्षों से न्याय और रोजगार के लिए संघर्ष कर रहे खातेदार परिवारों के चेहरों पर आखिरकार उम्मीद की किरण झलक उठी है। सुप्रीम कोर्ट ने एसईसीएल की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें अर्जन के बाद जन्मे पुत्र को रोजगार देने के आदेश को चुनौती दी गई थी। इस निर्णय के साथ अब यह साफ हो गया है कि अर्जन के बाद जन्मा व्यक्ति भी अपने पिता के खातेदारी अधिकारों के आधार पर रोजगार पाने का हकदार है। — राहुल जायसवाल के संघर्ष ने बदली व्यवस्था की सोच कुसमुंडा परियोजना के खातेदार के पुत्र राहुल जायसवाल ने वर्ष 2019 में माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में याचिका (WPS 6186/2019) दायर की थी। हाईकोर्ट ने फरवरी 2025 में राहुल को तीन माह के भीतर रोजगार देने का आदेश दिया। लेकिन एसईसीएल ने इस फैसले के खिलाफ डबल बेंच और फिर सुप्रीम कोर्ट तक अपील की — दोनों ही स्तरों पर एसईसीएल की याचिका खारिज कर दी गई। यह फैसला केवल राहुल जायसवाल के लिए ही नहीं, बल्कि उन सैकड़ों परिवारों के लिए भी राहत लेकर आया है जो वर्षों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे थे। — तीन वर्षों से धरना, संघर्ष और उम्मीदों की यात्रा माटी अधिकार मंच के नेतृत्व में खातेदार परिवारों ने तीन वर्षों तक अनवरत आंदोलन किया। बिलासपुर मुख्यालय से लेकर कुसमुंडा, गेवरा और दीपका परियोजना तक — हर जगह धरना, गेट जाम और प्रदर्शन हुए। 13–14 अगस्त को एसईसीएल मुख्यालय में अनिश्चितकालीन आंदोलन हुआ और 9 सितंबर को कुसमुंडा महाप्रबंधक कार्यालय के सामने विशाल विरोध प्रदर्शन। इसके बाद 14 अगस्त, 13 अक्टूबर और 14 अक्टूबर को त्रिपक्षीय वार्ताएं हुईं — जिसमें प्रशासन ने आश्वासन दिया कि सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आने के बाद नीति बनाकर सभी पात्रों को रोजगार प्रदान किया जाएगा। — “अब लड़ाई अंतिम दौर में है” – ब्रजेश कुमार श्रीवास माटी अधिकार मंच के अध्यक्ष ब्रजेश कुमार श्रीवास ने कहा — > “एसईसीएल के अधिकारी लगातार लोगों को गुमराह कर रहे थे कि कोर्ट का आदेश केवल एक व्यक्ति पर लागू होगा। लेकिन यह निर्णय सार्वभौम सिद्धांत पर आधारित है — अब हर अर्जन के बाद जन्मा खातेदार पुत्र रोजगार पाने का हकदार है।” उन्होंने आगे कहा — > “जब तक हर पात्र परिवार को उसका अधिकार नहीं मिल जाता, तब तक संगठन का संघर्ष जारी रहेगा।” — आगामी रणनीति 2 नवंबर को तय होगी माटी अधिकार मंच की अगली बैठक 2 नवंबर को आयोजित की जाएगी। इसमें रोजगार की प्रक्रिया, खाता संयोजन और अन्य लंबित मुद्दों पर चर्चा कर आंदोलन की नई रणनीति तय की जाएगी। यदि एसईसीएल ने आदेश लागू करने में देरी या आनाकानी की, तो संगठन मुख्यालय और एरिया स्तर पर उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दे चुका है। — एक उम्मीद, जो अब हकीकत बनी यह निर्णय उन परिवारों के लिए एक नई सुबह लेकर आया है, जिनकी पीढ़ियाँ अपनी मिट्टी के बदले न्याय की आस में खड़ी थीं। अब माटी अधिकार मंच के संघर्ष और न्यायपालिका के फैसले ने यह साबित कर दि या है — > “जिस धरती ने दिया, उसका हक कोई नहीं छीन सकता।”
अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण पूर्ण, तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने दी श्रद्धालुओं को जानकारी
✍️ भागीरथी यादव अयोध्या। लंबे इंतज़ार के बाद अब भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर पूरी तरह से बनकर तैयार हो गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं को जानकारी देते हुए बताया कि मंदिर निर्माण से जुड़े सभी कार्य अब पूर्ण हो चुके हैं। ट्रस्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि मुख्य मंदिर के साथ-साथ परकोटा क्षेत्र के छह मंदिर — भगवान शिव, भगवान गणेश, भगवान हनुमान, सूर्यदेव, देवी भगवती, देवी अन्नपूर्णा और शेषावतार मंदिर — का भी निर्माण कार्य संपन्न हो गया है। सभी मंदिरों पर ध्वजदंड एवं कलश स्थापित किए जा चुके हैं। इसके साथ ही सप्त मण्डप के अंतर्गत आने वाले महर्षि वाल्मीकि, वशिष्ठ, विश्वामित्र, अगस्त्य, निषादराज, शबरी और ऋषिपत्नी अहिल्या मंदिर भी पूरी तरह बनकर तैयार हैं। संत तुलसीदास मंदिर का निर्माण कार्य भी पूर्ण हो गया है, जबकि परिसर में जटायु और गिलहरी की आकर्षक प्रतिमाएं स्थापित की जा चुकी हैं। ट्रस्ट ने बताया कि दर्शनार्थियों की सुविधा से जुड़े सभी कार्य पूर्ण हो चुके हैं। एलएंडटी द्वारा सड़कों और फ्लोरिंग पर पत्थर लगाने का कार्य तथा जीएमआर द्वारा भूमि सौंदर्य, हरियाली और लैंडस्केपिंग का कार्य तेजी से जारी है। वहीं 3.4 किलोमीटर लंबी चारदीवारी, ट्रस्ट कार्यालय, अतिथि गृह और सभागार जैसे कार्य प्रगति पर हैं, जिनका सीधा संबंध जनता से नहीं है। गौरतलब है कि अयोध्या में 15 जनवरी 2021 से मंदिर निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ था। इससे पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 अगस्त 2020 को भूमि पूजन किया था। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 25 मार्च 2020 को रामलला को वैकल्पिक गर्भगृह में प्रतिष्ठित किया था। राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को संपन्न हुई थी। 📍अब अयोध्या का श्रीराम मंदिर अपने पूर्ण भव्य रूप में श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु तैयार है।
चुनाव से पहले प्रशासन की बड़ी कार्रवाई — मुन्ना शुक्ला, अजय वर्मा सहित 28 कुख्यात अपराधी भागलपुर जेल शिफ्ट
✍️ भागीरथी यादव पटना/भागलपुर। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को देखते हुए राज्य प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था पर नियंत्रण बनाए रखने के उद्देश्य से बेऊर जेल में बंद बाहुबलियों, कुख्यात अपराधियों और अन्य बंदियों को भागलपुर सेंट्रल जेल स्थानांतरित किया गया है। अब तक कुल 28 कुख्यात अपराधियों को भागलपुर जेल भेजा जा चुका है। इस सूची में बृजबिहारी हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा काट रहे मुन्ना शुक्ला और पटना के कुख्यात अजय वर्मा के नाम भी शामिल हैं। दोनों को कड़ी सुरक्षा के बीच रविवार देर रात भागलपुर सेंट्रल जेल शिफ्ट किया गया। बताया जा रहा है कि यह कदम चुनावी माहौल में किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि या प्रभाव को रोकने के लिए उठाया गया है। उल्लेखनीय है कि मुन्ना शुक्ला की बेटी शिवानी शुक्ला इस बार वैशाली के लालगंज सीट से राजद प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रही हैं। लालगंज में पहले चरण में 6 नवंबर को मतदान होना है। इसी प्रकार, पूर्व राजद एमएलसी ललन श्रीवास्तव के बेटे अविनाश श्रीवास्तव को भी भागलपुर जेल भेजा गया है। अविनाश पर पटना नगर निगम की डिप्टी मेयर अमरावती देवी के पति दीना गोप की एके-47 से हत्या करने का आरोप है। पुलिस ने उसे पांच वर्ष पूर्व नेपाल भागने के प्रयास के दौरान रक्सौल बॉर्डर से गिरफ्तार किया था। इसके अलावा शुभम उर्फ राजा, दानिश, जयंतकांत राय, चंदन कुमार, सोनू कुमार शर्मा, बबलू सहनी, लक्ष्मी सिंह, गौतम उर्फ चीकू, विशाल कुमार, भरत सिंह और नीरज चौधरी समेत कई अन्य अपराधियों को भी बेऊर जेल से भागलपुर जेल ट्रांसफर किया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, चुनाव को प्रभावित करने की आशंका को देखते हुए यह कार्रवाई की गई है और आने वाले दिनों में कुछ और बंदियों को भी अन्य जेलों में शिफ्ट किया जा सकता है।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025: तेजस्वी यादव के वादों की झड़ी — हर घर सरकारी नौकरी, पंचायत प्रतिनिधियों का मानदेय दोगुना
✍️ भागीरथी यादव पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियों के बीच महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एक के बाद एक बड़े चुनावी वादों की झड़ी लगा दी। तेजस्वी ने कहा कि अगर राज्य में उनकी सरकार बनी तो पंचायती राज प्रतिनिधियों का मानदेय दोगुना, पूर्व प्रतिनिधियों को पेंशन, और पीडीएस डीलरों की आमदनी में बढ़ोतरी की जाएगी। तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 20 साल के शासन पर निशाना साधते हुए कहा कि “अब बिहार को सिर्फ 20 महीने का मौका दें, हमारी सरकार राज्य को नंबर-1 बनाएगी।” उन्होंने कहा कि बिहार की जनता अब बदलाव चाहती है और महागठबंधन वही विकल्प देगा जो राज्य को विकास की राह पर ले जाएगा। — तेजस्वी यादव के प्रमुख चुनावी वादे 1. पंचायती प्रतिनिधियों का मानदेय और पेंशन त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों का मानदेय दोगुना किया जाएगा। पूर्व प्रतिनिधियों को पेंशन दी जाएगी। ग्राम कचहरियों की शक्तियां बढ़ाई जाएंगी और सभी प्रतिनिधियों के लिए 50 लाख रुपये का बीमा कवर लागू किया जाएगा। 2. पीडीएस डीलरों को बढ़ावा पीडीएस डीलरों को प्रति क्विंटल मार्जिन मनी (कमीशन) में वृद्धि की जाएगी। अनुकंपा नियुक्ति में 58 वर्ष की आयु सीमा समाप्त की जाएगी। 3. लघु उद्योगों को प्रोत्साहन लोहार, कुम्हार, बढ़ई, नाई जैसे परंपरागत व्यवसायों से जुड़े लोगों को 5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण मिलेगा, जिसे पांच वर्षों में लौटाना होगा। 4. हर घर सरकारी नौकरी योजना सरकार बनने के बीस दिनों के भीतर अध्यादेश लाकर “हर घर में सरकारी नौकरी” की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। 5. बुनियादी सुविधाओं पर जोर राज्य में बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और नागरिक सुविधाओं के क्षेत्र में व्यापक सुधार किया जाएगा। — प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार, नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर तीखे हमले करते हुए कहा कि “वर्तमान सरकार सिर्फ जुमलेबाजी कर रही है, कोई ठोस काम नहीं हुआ। फैक्ट्रियां गुजरात में लगाई जाती हैं और वोट लेने बिहार में आते हैं।” उन्होंने कहा कि महागठबंधन की सरकार भ्रष्टाचार मुक्त और विकासोन्मुखी होगी। पंचायत प्रतिनिधियों, पीडीएस डीलरों, लघु उद्योगों और आम नागरिकों को सीधा लाभ पहुंचाने वाली योजनाओं की शुरुआत की जाएगी।
सतारा में महिला डॉक्टर की आत्महत्या मामले में बड़ा खुलासा, प्रशांत बनकर गिरफ्तार
✍️ भागीरथी यादव सतारा (महाराष्ट्र)। महाराष्ट्र के सतारा जिले में 29 वर्षीय महिला डॉक्टर की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच के दौरान पुलिस ने बताया कि मृतक डॉक्टर ने अपनी हथेली पर एक नोट में पुलिस सब-इंस्पेक्टर और एक व्यक्ति प्रशांत बनकर का नाम लिखा था। इस सुराग के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने शुक्रवार रात प्रशांत बनकर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, प्रशांत बनकर उस मकान मालिक का बेटा है जहां डॉक्टर किराए पर रह रही थी। डॉक्टर सतारा के फलटण क्षेत्र में महाराष्ट्र सरकार द्वारा संचालित एक अस्पताल में अनुबंधित चिकित्सा अधिकारी के रूप में कार्यरत थीं। गुरुवार रात शहर के एक होटल के कमरे में उनका शव फांसी के फंदे पर लटका हुआ मिला था। जांच अधिकारियों ने बताया कि प्रशांत बनकर, जो एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर है, घटना के बाद पुणे के पास एक दोस्त के फार्महाउस में छिपा हुआ मिला। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि डॉक्टर और प्रशांत बनकर के बीच संबंध थे, और वह पिछले कुछ महीनों से मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना झेल रही थीं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आत्महत्या से कुछ घंटे पहले यानी 23 अक्टूबर को दोनों के बीच फोन पर बातचीत हुई थी। वहीं, डॉक्टर के परिजनों ने आरोप लगाया है कि एक स्थानीय सांसद ने एक बिचौलिए के माध्यम से जांच को प्रभावित करने की कोशिश की है, हालांकि पुलिस ने इस दावे की अभी पुष्टि नहीं की है। फलटण पुलिस का कहना है कि प्रशांत बनकर से लगातार पूछताछ की जा रही है और जांच आगे बढ़ने पर अन्य गिरफ्तारियां भी संभव हैं।
एफएटीएफ ने पाकिस्तान को चेताया – ग्रे लिस्ट से बाहर होने का मतलब नहीं, निगरानी खत्म हो गई है
✍️ भागीरथी यादव पेरिस, 26 अक्टूबर 2025 — वैश्विक आतंक वित्तपोषण पर नजर रखने वाली संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि अक्टूबर 2022 में ग्रे लिस्ट से बाहर किए जाने का अर्थ यह नहीं है कि अब उस पर निगरानी समाप्त हो गई है। एफएटीएफ की अध्यक्ष एलिसा दे आंडा माद्राजो ने फ्रांस में आयोजित बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पाकिस्तान सहित सभी देशों को अवैध आर्थिक गतिविधियों और आतंक वित्तपोषण के खिलाफ लगातार सतर्क रहना होगा। उन्होंने कहा, > “कोई भी देश जो कभी ग्रे लिस्ट में रहा है, वह अपराधियों की गतिविधियों से पूरी तरह सुरक्षित नहीं होता — चाहे वे धन शोधन करने वाले हों या आतंकवादी।” माद्राजो ने स्पष्ट किया कि ग्रे लिस्ट से बाहर होना प्रक्रिया का अंत नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करने की शुरुआत है कि देश अपनी नीतियों और वित्तीय तंत्र को मजबूत करें ताकि अपराधी उनका दुरुपयोग न कर सकें। पाकिस्तान को अक्टूबर 2022 में एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट से हटाया गया था, लेकिन उसकी निगरानी एशिया पैसिफिक ग्रुप (एपीजी) के माध्यम से अब भी जारी है। यह देखा जा रहा है कि पाकिस्तान आतंक वित्तपोषण रोकथाम के उपायों को किस हद तक लागू कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैसे जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) डिजिटल वॉलेट और छिपे वित्तीय नेटवर्क के जरिए अपनी गतिविधियां चला रहे हैं। भारत की ‘नेशनल रिस्क असेसमेंट रिपोर्ट 2022’ ने भी पाकिस्तान को आतंक वित्तपोषण के प्रमुख स्रोत के रूप में चिन्हित किया है। रिपोर्ट के अनुसार, वहां की सरकारी संस्था ‘नेशनल डेवलपमेंट कॉम्प्लेक्स (एनडीसी)’ से जुड़े संगठनों के माध्यम से आतंकियों को वित्तीय सहायता मिलती रही है। पेरिस में हुई बैठक में एफएटीएफ ने नए मूल्यांकन मानकों के तहत बेल्जियम और मलेशिया की समीक्षा की, जबकि बुर्किना फासो, मोज़ाम्बिक, नाइजीरिया और दक्षिण अफ्रीका को ग्रे लिस्ट से हटा दिया गया। माद्राजो ने कहा, “हमारा लक्ष्य स्पष्ट है — आतंकवादियों और अपराधियों को धन से वंचित करना और वैश्विक वित्तीय तंत्रको सुरक्षित बनाना।”
















