कोरबा की बेटी को राष्ट्रीय सम्मान, मानवाधिकारों के क्षेत्र में रचा नया कीर्तिमान
✍️ भागीरथी यादव कोरबा (छत्तीसगढ़)। मानवाधिकारों के संरक्षण और सामाजिक न्याय की दिशा में उल्लेखनीय कार्य करने वाली कोरबा निवासी सुश्री प्रीति महंत को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि मिली है। 10 दिसंबर 2025 को आयोजित HRPC अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार अधिवेशन–2025 में उन्हें प्रतिष्ठित “HRPC नेशनल ह्यूमन राइट्स अवॉर्ड” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान मानवाधिकारों के प्रति उनकी सतत प्रतिबद्धता, जागरूकता अभियान और पीड़ितों को न्याय दिलाने के प्रयासों के लिए प्रदान किया गया। देश–विदेश की नामचीन हस्तियों से सजे इस भव्य अधिवेशन ने मानवाधिकारों पर वैश्विक विमर्श को नई दिशा दी। कार्यक्रम में भारत के पूर्व सूचना आयुक्त यशवर्धन कुमार सिन्हा, राजस्थान की उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी, सुप्रीम कोर्ट में भारत सरकार के अधिवक्ता मनोज गोरकेला, गुजरात सरकार के राज्य मंत्री कौशिक वेकरिया, HRPC की चेयरमैन एवं अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त अधिवक्ता डॉ. ज्योति जोंग्लुजू, दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश तलावंत सिंह, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व चेयरमैन डॉ. आदिश अग्रवाला, पद्मश्री अनुराधा कोइराला (नेपाल) सहित अनेक विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। अधिवेशन में वक्ताओं ने मानवाधिकारों की रक्षा के लिए सामूहिक प्रयास, कानूनी सशक्तिकरण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। सुश्री प्रीति महंत को मिला यह राष्ट्रीय सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत योगदान की पहचान है, बल्कि कोरबा और छत्तीसगढ़ के लिए भी गौरव का क्षण है। सम्मान प्राप्त करने के बाद सुश्री प्रीति महंत ने कहा कि यह पुरस्कार उन्हें समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और अधिकार पहुंचाने के लिए और अधिक प्रेरित करेगा। उनका यह सम्मान समाज में सकारात्मक परिवर्तन की उम्मीद और मानवाधिकारों के प्रति बढ़ती चेतना का सशक्त संदेश है।
दिल्ली में फिर गूंजीं गोलियां: शाहदरा में डेयरी मालिक के बेटे पर जानलेवा हमला, तीन गोलियां लगीं — पुलिस अलर्ट, सूत्रों ने खोले चौंकाने वाले संकेत
✍️ भागीरथी यादव राजधानी दिल्ली एक बार फिर अपराधियों की दहशत से दहल उठी। गुरुवार देर रात शाहदरा इलाके में तड़तड़ाती गोलियों ने सन्नाटा चीर दिया, जब डेयरी व्यवसायी के 50 वर्षीय बेटे योगेंद्र राठौर पर अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। योगेंद्र को तीन गोलियां लगीं और उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना उस वक्त हुई जब योगेंद्र राठौर अपनी बाइक से घर लौट रहे थे। तभी अचानक दो हमलावर मोटरसाइकिल पर आए और उन्हें निशाना बनाते हुए गोलियां दाग दीं। हमलावर वारदात के बाद अंधेरे में फरार हो गए। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस को प्रारंभिक जांच में ऐसा अंदेशा है कि हमला पुरानी रंजिश या व्यवसायिक विवाद से जुड़ा हो सकता है। कुछ सूत्र इस हमले को हाल ही में क्षेत्र में सक्रिय एक आपराधिक गिरोह से जोड़ कर भी देख रहे हैं। हालांकि पुलिस ने इस संबंध में अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। शाहदरा के डीएसपी ने बताया कि रात करीब 10:30 बजे फायरिंग की सूचना मिली थी। टीम मौके पर पहुंची तो पाया कि बाइक सवार योगेंद्र राठौर खून से लथपथ पड़े थे। उन्हें तुरंत अस्पताल भेजा गया, जहां उनकी हालत अभी भी नाज़ुक बनी हुई है। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों को खंगालना शुरू कर दिया है और हमलावरों की तलाश में विशेष टीमें गठित की गई हैं। इस वारदात ने राजधानी की कानून-व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं पुलिस सभी संभावित एंगल पर जांच कर रही है।
चुनाव आयोग का बड़ा निर्णय: एएसडी मतदाताओं की सूची अब राजनीतिक दलों के साथ साझा होगी
✍️ भागीरथी यादव चुनाव आयोग ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी करते हुए सभी 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में चल रही एसआईआर प्रक्रिया को और पारदर्शी बना दिया है। आयोग ने आदेश दिया है कि बूथ स्तर पर तैयार की गई अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या दोहराए गए (एएसडी) मतदाताओं की सूची अब राजनीतिक दलों के बूथ स्तर एजेंटों को उपलब्ध कराई जाएगी। आयोग के अनुसार, जिन मतदाताओं से तीन से अधिक बार संपर्क नहीं हो पाया है, उन्हें एएसडी श्रेणी में रखा गया है। उनकी स्थिति की अंतिम पुष्टि के लिए बूथ स्तर अधिकारी और राजनीतिक दलों के एजेंट मिलकर सूची की जांच करेंगे। इस अभियान में करीब 5 लाख बीएलओ और 12 लाख से अधिक बूथ एजेंट बूथवार बैठकों में शामिल होंगे। सभी राज्यों में एएसडी सूचियां जिलाधिकारियों और मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की वेबसाइटों पर भी खोजने योग्य रूप में उपलब्ध रहेंगी। चुनाव आयोग ने कहा कि इस कदम से मतदाता सूची और अधिक सटीक होगी तथा पारदर्शिता बढ़ेगी। साथ ही, कोई भी पात्र मतदाता छूट न जाए, यह सुनिश्चित किया जा सकेगा।
मुजफ्फरनगर: लाइसेंसी बंदूक से वीडियो बनाना पड़ा भारी, नाबालिग की फायरिंग में सुरक्षा गार्ड की मौत
✍️ भागीरथी यादव उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में मंगलवार शाम एक दर्दनाक घटना हुई, जहां लाइसेंसी बंदूक के साथ वीडियो बना रहे एक नाबालिग से अचानक फायरिंग हो गई। गोली लगने से 12 वर्षीय सुरक्षा गार्ड शुभम की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, नई मंडी कोतवाली क्षेत्र स्थित जानसठ रोड के द्वारका सिटी में नाबालिग युवक एक निर्माणाधीन मकान में सुरक्षा गार्ड की बंदूक लेकर वीडियो बना रहा था। इसी दौरान ट्रिगर दबने से गोली चल गई, जो शुभम की पीठ में लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। मृतक के परिजनों ने सवाल उठाते हुए कहा कि बंदूक अगर लॉकर में रखी थी तो नाबालिग के हाथ में कैसे पहुंची और वह लोडेड कैसे थी। परिजनों ने हत्या और हादसे दोनों की आशंका जताते हुए कार्रवाई की मांग की है। सीओ नई मंडी राजू कुमार साव ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है। फायरिंग करने वाले नाबालिग को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और असलहे को कब्जे में ले लिया गया है। पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
गूगल ने भारत में लॉन्च किया ‘Google AI Plus’, सिर्फ ₹199 से मिलेगा एडवांस्ड एआई का फायदा
✍️ भागीरथी यादव अमेरिकी टेक दिग्गज गूगल ने भारत में अपना नया सब्सक्रिप्शन प्लान Google AI Plus लॉन्च किया है। इस प्लान के साथ यूज़र्स को Gemini 3 Pro, Nano Banana Pro, Flow जैसे एडवांस्ड एआई मॉडल्स और मल्टीमीडिया जनरेशन टूल्स की विस्तारित पहुंच मिलेगी। यह प्लान यूज़र्स को Gmail, Google Docs, NotebookLM जैसी सेवाओं में सीधे एआई सहायता प्रदान करेगा। साथ ही Photos, Drive और Gmail में 200 GB क्लाउड स्टोरेज और फैमिली शेयरिंग की सुविधा भी शामिल है। कीमत ₹399 प्रति माह नए यूज़र्स के लिए पहले 6 महीने सिर्फ ₹199 प्रति माह एआई सुरक्षा पर फोकस करते हुए कंपनी ने Pixel फोनों के लिए ‘Scam Detection’ फीचर भी घोषित किया है, जो रियल-टाइम में कॉल्स का विश्लेषण कर संभावित घोटालों को पहचानने में मदद करेगा। गूगल का कहना है कि यह प्लान भारत में यूज़र्स को किफायती दाम पर शक्तिशाली एआई अनुभव प्रदान करेगा।
दिल्ली हाईकोर्ट इंडिगो संकट पर सख्त, कहा– “हवाई यात्रा अर्थव्यवस्था की रीढ़, अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं”
✍️ भागीरथी यादव दिल्ली हाईकोर्ट ने इंडिगो एयरलाइन में जारी संकट पर तीखी नाराजगी जताते हुए इसे न सिर्फ यात्रियों की परेशानी, बल्कि पूरे देश की आर्थिक गतिविधियों पर गहरा आघात बताया है। अदालत ने स्वतः संज्ञान लेते हुए कहा कि लाखों यात्री एयरपोर्ट पर घंटों फंसे रहे, जो किसी भी आधुनिक और विकसित हो रहे देश की हवाई परिवहन व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। सुनवाई के दौरान जस्टिस मनमोहन और जस्टिस तुषार राव गेडेला की बेंच ने केंद्र सरकार और डीजीसीए से सख्त लहजे में पूछा कि जब उड़ानों की भारी रद्दीकरण की आशंका पहले से थी, तो समय रहते प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए गए? कोर्ट ने पायलटों की ड्यूटी टाइमिंग से जुड़े नए नियम, जिन्हें 1 जून 2024 से लागू होना था, पर भी चिंता जताई। अदालत ने पूछा— “जब नियम पहले से तय थे, तो इंडिगो ने पायलटों की पर्याप्त भर्ती क्यों नहीं की? इस तरह की प्रशासनिक लापरवाही से आज हजारों यात्रियों को क्यों भुगतना पड़ रहा है?” बेंच ने यह भी पूछा कि एयरपोर्ट पर फंसे यात्रियों को राहत, भोजन, सहायता और जानकारी देने के लिए क्या कदम उठाए गए। साथ ही एयरलाइन स्टाफ के व्यवहार को लेकर भी कोर्ट ने स्पष्ट तौर पर असंतोष जताया। सबसे गंभीर टिप्पणी तब आई जब अदालत ने कहा कि संकट के इस समय में अन्य एयरलाइंस “अवसरवाद” दिखा रही हैं। कोर्ट ने बताया कि सामान्यतः 4–5 हजार में मिलने वाले टिकट 30 हजार रुपये तक बेचे जा रहे हैं। कोर्ट ने पूछा— “सरकार ने इस खुले शोषण को रोकने के लिए अब तक क्या किया?” अधूरी तैयारी के साथ दाखिल की गई याचिका पर अदालत ने नाराजगी जताई, लेकिन जनहित को देखते हुए खुद मामले को गंभीरता से सुनने का फैसला किया। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और डीजीसीए को सभी सवालों के विस्तृत, तथ्यात्मक और संतोषजनक जवाब जल्द दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई निकट भविष्य में निर्धारित की जाएगी, और अदालत ने संकेत दिए हैं कि इस बार जवाबदेही तय किए बिना वह पीछे नहीं हटेगी।
भारत की ऑटो रिटेल इंडस्ट्री में नवंबर में 2.14% की स्थिर वृद्धि, एसयूवी सेगमेंट बना बाजार की धड़कन
नई दिल्ली। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) के लेटेस्ट आंकड़ों के मुताबिक भारत की ऑटो रिटेल इंडस्ट्री ने नवंबर 2025 में स्थिर और सकारात्मक प्रदर्शन दर्ज किया है। कुल वाहन बिक्री सालाना आधार पर 2.14% बढ़कर 33,00,832 यूनिट पहुंच गई। फेस्टिव सीजन के बाद भी ग्राहकों की मांग बनी रही, जबकि जीएसटी 2.0 सुधार के बाद कीमतों में कमी ने बाजार की रफ्तार बनाए रखी। यात्री वाहन सेगमेंट में मजबूती, मारुति फिर नंबर-1 बेहतर मॉडल उपलब्धता और कॉम्पैक्ट एसयूवी की बढ़ी मांग ने यात्री वाहन बाजार को मजबूत बनाया। मारुति सुजुकी ने 39.4% मार्केट शेयर के साथ अपनी बादशाहत कायम रखी। महिंद्रा 13.7% हिस्सेदारी के साथ दूसरे स्थान पर रही। टाटा मोटर्स 13.2% हिस्सेदारी के साथ तीसरे स्थान पर रही। यात्री वाहनों की इन्वेंट्री भी एक महीने पहले के 53–55 दिन से घटकर 44–46 दिन पर आ गई, जो बाजार में बढ़ रहे उपभोक्ता विश्वास का संकेत है। टू-व्हीलर सेगमेंट में 19% की बड़ी गिरावट नवंबर में टू-व्हीलर की खुदरा बिक्री 19.16% गिरकर 25.46 लाख यूनिट रह गई। सालाना आधार पर भी इस कैटगरी में 3.10% की गिरावट दर्ज हुई। फाडा अध्यक्ष सीएस विग्नेश्वर के अनुसार, अक्टूबर के फेस्टिव सीजन में ही ग्राहकों द्वारा अग्रिम खरीदारी फसलों के भुगतान में देरी लोकप्रिय मॉडलों की असमान सप्लाई इन सभी कारणों से बिक्री प्रभावित हुई है। हालांकि, शादी के सीजन और जीएसटी दरों में कमी के चलते डीलरशिप्स पर ग्राहकों की आवाजाही अभी भी बेहतर बनी हुई है। थ्री-व्हीलर बिक्री में जबरदस्त उछाल थ्री-व्हीलर सेगमेंट ने नवंबर में शानदार प्रदर्शन किया— मासिक आधार पर 3.42% की बढ़ोतरी सालाना आधार पर 23.67% की बड़ी छलांग यह वृद्धि ई-रिक्शा और ई-कार्ट की बढ़ती लोकप्रियता से संचालित रही। कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में मिश्रित रुझान नवंबर में कमर्शियल वाहनों की बिक्री मिश्रित रही। लाइट और मीडियम कमर्शियल व्हीकल की बिक्री में गिरावट हेवी कमर्शियल व्हीकल (HCV) की बिक्री इसके विपरीत बढ़ी — मासिक आधार पर 3.28% सालाना आधार पर 17.61% की वृद्धि कुल बिक्री: 28,659 यूनिट
गाइडलाइन दरों के पुनरीक्षण पर केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड का बड़ा फैसला, छत्तीसगढ़ में संपत्तियों की कीमतों पर व्यापक असर
✍️ भागीरथी यादव रायपुर, 8 दिसंबर 2025। केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने 19 नवंबर 2025 को प्रस्तावित गाइडलाइन दरों के पुनरीक्षण पर महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए प्रदेशभर में संपत्तियों के मूल्यांकन संबंधी नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। बाजार मूल्य, निर्माण लागत, भूमि उपयोग और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए लिए गए इन निर्णयों का प्रदेश के रियल एस्टेट सेक्टर पर सीधा असर पड़ेगा। नए नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं और इन्हें 31 दिसंबर तक पूरे राज्य में लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। बोर्ड के प्रमुख निर्णय: 1. 1400 वर्ग फीट तक के आवासीय फ्लैटों की कीमतों में राहत नगर निगम क्षेत्र में फ्लैटों का मूल्यांकन अब 50% तक कम दर पर किया जाएगा। नगर पालिका में यह राहत 37.5% और नगर पंचायत क्षेत्र में 25% तक रहेगी। इससे affordable housing को बढ़ावा मिलेगा और खरीदारों का बोझ कम होगा। 2. व्यावसायिक भवनों का मूल्यांकन अब सुपर बिल्ट-अप एरिया पर अब दुकानों, कार्यालयों और व्यावसायिक इकाइयों का मूल्यांकन सुपर बिल्ट-अप एरिया के आधार पर किया जाएगा। इससे बाजार में चल रही विसंगतियों पर अंकुश लगेगा और पारदर्शिता बढ़ेगी। 3. रेजिडेंशियल व कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में सेटबैक पर छूट पहले तल पर 10% और ऊपरी तल पर 20% तक के सेटबैक को अब मूल्यांकन में शामिल नहीं किया जाएगा। इससे भवन निर्माताओं और खरीदारों दोनों को आर्थिक राहत मिलेगी। 4. 20 मीटर तक की आंतरिक सड़क वाले कॉम्प्लेक्स को राहत ऐसे कॉम्प्लेक्स में स्थित भूखंडों का मूल्यांकन 25% कम दर पर किया जाएगा। 20 मीटर से अधिक चौड़ी सड़क वाले क्षेत्रों में मूल्यांकन मुख्य मार्ग की दरों पर ही होगा। 5. जिला मूल्यांकन समितियों के संशोधनों को मंजूरी ग्राम क्षेत्रों में गाइडलाइन दरों में बढ़ोतरी के प्रस्तावों को स्वीकार किया गया है। जहां बढ़ोतरी अधिक पाई गई, वहां दरों को संतुलित करते हुए संशोधन किए जाएंगे। 6. नियम तत्काल प्रभाव से लागू बोर्ड ने सभी संशोधन तत्काल प्रभाव से लागू करने और 31 दिसंबर 2025 तक राज्यभर में पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। — जनता और रियल एस्टेट सेक्टर पर बड़ा प्रभाव इन नए नियमों से आवासीय संपत्तियाँ सस्ती होने की उम्मीद है, साथ ही डेवलपर्स और निवेशकों को भी राहत मिलेगी। निर्माण कार्यों में तेजी आने की संभावना है, जिससे प्रदेश के रियल एस्टेट बाजार में नई ऊर्जा का संचार होगा।
पिता की साजिश उजागर! मासूम अंश की हत्या कर रचा झूठा ड्रामा
प्रतापगढ़। यूपी के प्रतापगढ़ में 6 वर्षीय मासूम अंश की हत्या के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। बच्चे की मौत किसी बाहर के व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उसके पिता बाबूराम ने ही अपनी साजिश के तहत की थी। पुलिस जांच के दौरान पिता बार-बार बयान बदलता रहा, जिससे शक गहराया और सच सामने आ गया। पुलिस पूछताछ में बाबूराम ने कबूल किया कि उसने बेटे को सुनसान जगह ले जाकर बेरहमी से मार डाला। इसके बाद बारात में जाकर उसने बेटे के गायब होने की झूठी कहानी फैला दी। आरोपी ने बताया कि पत्नी के कथित अफेयर से वह मानसिक रूप से टूट चुका था और पत्नी के कथित बॉयफ्रेंड को फंसाने के लिए ही उसने यह घिनौनी वारदात की। एएसपी के मुताबिक 1 दिसंबर को बच्चा मृत मिला था। जांच में पिता की हरकतें संदिग्ध लगीं और कड़ी पूछताछ में उसका अपराध सामने आ गया। पुलिस ने कातिल पिता को जेल भेज दिया है।
बिग बॉस फिनाले से पहले पवन सिंह को धमकी, पुलिस अलर्ट
✍️ भागीरथी यादव बिहार/मुंबई। भोजपुरी सिनेमा के पावर स्टार पवन सिंह को कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गिरोह द्वारा धमकी दिए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बिग बॉस फिनाले से ठीक पहले आए इस धमकी भरे फोन कॉल में पवन सिंह को चेतावनी दी गई कि वे सलमान खान के साथ मंच साझा न करें, वरना अंजाम बेहद खतरनाक होगा। कॉल करने वाले ने खुद को बिश्नोई गिरोह का सदस्य बताते हुए मोटी रकम की मांग भी की। घटना के तुरंत बाद पवन सिंह की टीम ने मामले की जानकारी पुलिस को दी, जिसके बाद मोबाइल नंबर और कॉल डिटेल्स के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। सुरक्षा एजेंसियां इस प्रकरण को अत्यंत संवेदनशील मानते हुए पवन सिंह की सुरक्षा बढ़ा चुकी हैं। धमकी के बावजूद पवन सिंह ने हिम्मत दिखाते हुए बिग बॉस फिनाले में शामिल होने का फैसला लिया। प्रशंसकों के बीच मामले को लेकर चिंता और आक्रोश दोनों दिखाई दे रहा है।
















