ड्रग्स का इंटरनेशनल कनेक्शन! पंजाब से रायपुर पहुंच रही थी हेरोइन
छत्तीसगढ़ की रायपुर पुलिस ने इंटरनेशनल ड्रग्स तस्करी के नेटवर्क को बेनकाब किया है। टिकरापारा पुलिस और ACCU की टीम ने छापेमारी कर 9 ड्रग्स तस्करों को पकड़ा है। इनके पास से 412 ग्राम 87 मिलीग्राम हेरोइन की जब्ती की है, जिसकी कीमत 1 करोड़ रुपए है। दर्जन गांवों को जोड़ने वाली पी. डब्ल्यू .डी . के कच्चे मार्ग की हालत दयनीय इंटरनेशनल ड्रग्स तस्कर पाकिस्तान से पंजाब हेरोइन लाते थे। इसकी अलग-अलग राज्यों में डिलीवरी होती थी। इसमें छत्तीसगढ़ का रायपुर भी शामिल है। रायपुर के कमल बिहार में ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क का हब बनाया था। यहीं से छत्तीसगढ़ के कोने-कोने में सप्लाई होती थी। कुछ दिनों पहले रायपुर में एक युवती के ड्रग्स चाटने का VIDEO वायरल हुआ था, जिसे लेकर दैनिक भास्कर डिजिटल की टीम ने एक इनवेस्टिीगेशन रिपोर्ट पब्लिश की थी, जिसमें ड्रग्स कोडवर्ड और सप्लाई के ठिकानों का जिक्र किया था। इन्हीं ठिकानों में से एक पर पुलिस ने रेड की। पंजाब का लवजीत सिंग मेन सप्लायर है, जबकि सुवित श्रीवास्तव स्थानीय सरगना।
सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी की टिप्पणी पर जताई कड़ी आपत्ति
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भारतीय सेना के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने उनसे पूछा कि चीन द्वारा भारत की 2,000 वर्ग किलोमीटर ज़मीन पर कब्ज़ा करने के उनके दावे का आधार क्या है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की अंतिम तिथि बढ़ी, अब 14 अगस्त तक करा सकेंगे पंजीयन कोर्ट ने कहा, “आपको कैसे पता चला कि चीन ने भारत की 2000 वर्ग किमी ज़मीन पर कब्ज़ा कर लिया है? आपकी विश्वसनीय जानकारी क्या है?” कोर्ट ने आगे कहा कि “अगर आप सच्चे भारतीय होते, तो आप ऐसा नहीं कहते।” कोर्ट ने राहुल गांधी को फटकार लगाते हुए कहा कि उनकी टिप्पणियां राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों में गैर-जिम्मेदाराना हैं। यह मामला एक जनहित याचिका से जुड़ा था, जिसमें राहुल गांधी के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया था कि राहुल गांधी की टिप्पणियों ने सेना के मनोबल को कम किया है। हालांकि, कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया, लेकिन राहुल गांधी के बयानों पर गहरी चिंता व्यक्त की। कोर्ट ने कहा कि एक सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति को इस तरह की संवेदनशील जानकारी को बिना पुख्ता सबूतों के सार्वजनिक नहीं करना चाहिए।
दोबारा परीक्षा दे सकेंगे SSC अभ्यर्थी… केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह से शिक्षकों की मुलाकात में बनी बात
नई दिल्ली: एसएससी शिक्षकों ने सोमवार को केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह से मुलाकात की. इस बैठक में मंत्री ने शिक्षकों की बात मान ली है. कहा गया है कि जिन सेंटर्स पर छात्रों को परीक्षा के समय दिक्कत हुई है, वहां छात्रों को दोबारा परीक्षा देने का मौका दिया जाएगा. वहीं जिन गलत सवालों का 100 रुपये प्रति सवाल के आधार पर तय किया जाता है, अब अगर उत्तर सही हुआ तो उसका पूरा पैसा वापस मिलेगा. एसएससी सीपीओ परीक्षा का परिणाम एक सप्ताह में आ जाएगा. इससे पहले शिक्षक डीओपीटी के सेक्रेटरी से मिले थे. वहीं विपक्ष भी एसएससी की परीक्षा में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार से इसकी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की थी. एसएससी परीक्षा 24 जुलाई से शुरू हुई थी और इसका आयोजन एक अगस्त तक होना था. परीक्षा की शुरुआत के साथ ही तमाम तरह की गड़बड़ियों की शिकायत मिली. जिसमें सर्वर क्रैश होना, सिस्टम काम न करना, परीक्षा का अचानक रद्द होना शामिल है. गड़बड़ियों, अनियमितताओं और कुप्रबंधन के खिलाफ परीक्षार्थियों और कोचिंग में पढ़ाने वाले कई लोकप्रिय शिक्षकों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन भी किया था. परीक्षार्थियों ने परीक्षा केंद्रों पर बाउंसरों की मौजूदगी पर सवाल उठाया थे. उनका कहना था कि हम कोई अपराधी नहीं हैं कि परीक्षा केंद्रों पर बाउंसर रखे गए. हम बेहतर सिस्टम की मांग कर रहे हैं, न की दंगा कर रहे हैं. उनका कहना था कि परीक्षा नियंत्रित करने वाली एजेंसी को बदले जाने की वजह से गड़बड़ी हुई है. ये एजेंसी पारदर्शी और व्यवस्थित परीक्षा कराने में असफल हैं. इसका कॉन्ट्रैक्ट रद्द किया जाना चाहिए. परीक्षार्थियों का कहना था कि एसएससी के निदेशक के साथ बैठक में अधिकारियों ने माना है कि तीन लाख उम्मीदवारों में से 55 हजार ने शिकायतें दी हैं. शिकायतों की इतनी बड़ी संख्या अव्यवस्था के बारे में बहुत कुछ कहती है. 13 अगस्त से एसएससी-सीजीएल (कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल) की परीक्षा शुरू होने वाली है. इसमें 30 लाख परीक्षार्थी शामिल होंगे. प्रदर्शनकारी इस परीक्षा के सफल आयोजन पर भी संशय जाहिर कर रहे हैं.
गंगा का जलस्तर बढ़ा, वाराणसी और प्रयागराज में लाखों घर डूबे
लखनऊ/पटना/भोपाल: देश के कई राज्यों में भारी बारिश और बाढ़ ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश में बाढ़ और बारिश से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यूपी में बाढ़ का कहर, 17 जिले प्रभावित उत्तर प्रदेश में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य के 17 जिलों में बाढ़ का पानी फैल चुका है। लखनऊ, अयोध्या और अंबेडकरनगर में 12वीं तक के सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। पिछले 24 घंटे में बारिश से संबंधित हादसों में 12 लोगों की मौत हो चुकी है। वाराणसी और प्रयागराज में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है, जिससे एक लाख से ज्यादा घरों में पानी घुस गया है। वाराणसी के सभी 84 घाट पूरी तरह डूब चुके हैं और प्रयागराज में सड़कों पर नावें चल रही हैं। हजारों लोगों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है। गृह मंत्री विजय शर्मा से मिले केरल बीजेपी के नेता अनूप एंटोनी एमपी में बाढ़ से 275 मौतें मध्य प्रदेश में भारी बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं। राज्य सरकार ने विधानसभा में बताया है कि 16 जून को मानसून की शुरुआत से लेकर जुलाई तक बाढ़ से संबंधित हादसों में 275 लोगों की जान जा चुकी है। यह आंकड़ा राज्य में बाढ़ की भयावहता को दर्शाता है। बिहार में बिजली गिरने से 6 लोगों की मौत, बारिश का अलर्ट बिहार में पिछले 24 घंटे में बिजली गिरने से 6 लोगों की मौत हो गई। मौसम विभाग ने सोमवार को पटना समेत राज्य के सभी 38 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
लोकसभा में 2 बजे तक हंगामा जारी
नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के 11वें दिन, सोमवार को दोनों सदनों में हंगामा और कार्यवाही स्थगित होने का सिलसिला जारी रहा। लोकसभा में विपक्ष ने बिहार में वोटर्स लिस्ट रिवीजन (SIR) के मुद्दे पर चर्चा की मांग को लेकर हंगामा किया, जिसके बाद सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। मवेशी तस्कर गिरोह का पर्दाफाश: 11 मवेशियों के साथ 3 आरोपी गिरफ्तार, पड़ोसी राज्यों में होती थी तस्करी। लोकसभा में पेश होंगे खेल से जुड़े अहम बिल आज लोकसभा में केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री मनसुख मंडाविया दो महत्वपूर्ण बिल पेश करने वाले हैं। इनमें नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल, 2025 और नेशनल एंटी-डोपिंग एक्ट (अमेंडमेंट) बिल, 2025 शामिल हैं। नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल का उद्देश्य खेल संगठनों के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है। इन दोनों बिलों पर एक साथ चर्चा होने की उम्मीद है। राज्यसभा में सिटिंग सांसद को श्रद्धांजलि, कार्यवाही स्थगित राज्यसभा में कार्यवाही की शुरुआत में सिटिंग सांसद शिबू सोरेन के निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। सांसदों ने उनके सम्मान में मौन रखा। इसके बाद सभापति हरिवंश नारायण सिंह ने सदन की कार्यवाही को मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। राज्यसभा में मणिपुर पर चर्चा टली आज राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह मणिपुर में राष्ट्रपति शासन को 13 अगस्त से छह महीने और बढ़ाने का प्रस्ताव पेश करने वाले थे। इस प्रस्ताव को लोकसभा से 30 जुलाई को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। हालांकि, सदन की कार्यवाही स्थगित होने के कारण इस पर चर्चा नहीं हो पाई।
केदारनाथ त्रासदी के 12 साल बाद भी 3075 लोग लापता
देहरादून: 2013 की केदारनाथ त्रासदी के 12 साल बाद भी लापता हुए 3,075 लोगों का पता नहीं चल पाया है। इस दर्दनाक आपदा में अपनों को खोने वाले परिवारों की उम्मीद अभी भी ज़िंदा है। हाल ही में उत्तराखंड हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई है, जिसमें सरकार से लापता लोगों के कंकालों की खोज करके उनका सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार करने की अपील की गई है। महिला की संदिग्ध मौत का खुलासा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सामने आई सच्चाई, पति गिरफ्तार सरकार ने अब तक किए हैं चार बार सर्च ऑपरेशन राज्य सरकार ने इस आपदा के बाद से अब तक चार बार खोज अभियान चलाया है। इन अभियानों के दौरान कुछ कंकाल मिले हैं, जिनका डीएनए परीक्षण किया गया। हालांकि, बरामद किए गए कंकालों की संख्या लापता लोगों की संख्या से काफी कम है। सरकार ने पहले भी यह बताया था कि मलबे में दबे शवों को खोजने के लिए कोई विशेष तकनीक उपलब्ध नहीं है और मंदाकिनी घाटी में खुदाई करने से पर्यावरण को खतरा हो सकता है। पीड़ित परिवारों की न्याय की गुहार याचिका में कहा गया है कि सरकार को लापता लोगों की तलाश के लिए विशेष टीमों का गठन करना चाहिए और वैज्ञानिक तरीकों का उपयोग करना चाहिए। आपदा के कई साल बाद भी, कई परिवार अपने प्रियजनों के बारे में कोई जानकारी न मिलने से निराशा में हैं। याचिकाकर्ताओं का मानना है कि लापता लोगों के सम्मानजनक अंतिम संस्कार से उनके परिवारों को शांति मिल सकती है। अब हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार उत्तराखंड हाईकोर्ट अब इस याचिका पर सुनवाई करेगा और सरकार से इस संबंध में उठाए गए कदमों की जानकारी मांगेगा। पीड़ित परिवारों की निगाहें कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं, क्योंकि यह उनके लिए न्याय और शांति की आखिरी उम्मीद है।
देसी शराब की दुकान पर करता था काम, नशे में गडकरी के घर को उड़ाने की दे दी धमकी, जानिए फिर क्या हुआ
नागपुर: नागपुर में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के नागपुर स्थित आवास को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले व्यक्ति को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. आरोपी की पहचान उमेश विष्णु राउत के रूप में हुई है, जो मेडिकल चौक स्थित एक देसी शराब की दुकान में काम करता है. शनिवार को नागपुर पुलिस नियंत्रण कक्ष को एक कॉल प्राप्त हुआ, जिसमें कहा गया कि गडकरी का आवास 10 मिनट में बम से उड़ाया जाएगा. यह कॉल 112 हेल्पलाइन नंबर पर की गई थी. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कॉल करने वाले की पहचान की और उसे बीमा क्लिनिक, सक्करदरा से गिरफ्तार कर लिया. प्रारंभिक जांच में पता चला है कि उमेश राउत ने यह कॉल शराब के नशे में किया था. पुलिस का मानना है कि यह एक शरारती कॉल थी, लेकिन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मामले को गंभीरता से लिया गया. आरोपी से पूछताछ जारी है और पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसके पीछे कोई और मकसद था या नहीं. इस घटना के बाद गडकरी के आवास की सुरक्षा बढ़ा दी गई है.
अनिरुद्धाचार्य ने दिया लड़कियों के चरित्र पर विवादित बयान
नई दिल्ली आध्यात्मिक गुरु अनिरुद्धाचार्य जी महाराज एक बार फिर अपने विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में उन्होंने लड़कियों को लेकर एक बयान दिया था, जिसके बाद से वह चौतरफा आलोचना झेल रहे हैं। उनके इस बयान की निंदा कई लोगों ने की है, जिनमें बॉलीवुड अभिनेत्री दिशा पाटनी की बहन और पूर्व मेजर खुशबू पाटनी भी शामिल हैं। कोरबा: करंट की चपेट में आने से व्यस्क हाथी की मौत, कुदमुरा रेंज के बैगामार जंगल में मिला शव अनिरुद्धाचार्य जी महाराज ने अपने प्रवचन के दौरान कहा था, “लड़कियां अपनी शादी के बाद भी अपने मायके से जुड़ी रहती हैं, और अगर वह ऐसा नहीं करेंगी, तो उनके ‘चरित्र’ पर सवाल उठाया जाएगा।” उनके इस बयान को महिलाओं के प्रति एक रूढ़िवादी और अपमानजनक टिप्पणी के रूप में देखा जा रहा है। इस बयान पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए खुशबू पाटनी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा किया, जिसमें उन्होंने अनिरुद्धाचार्य जी के बयान को ‘बेतुका’ बताया। उन्होंने लिखा, “एक महिला का चरित्र उसके मायके से जुड़ाव पर आधारित नहीं होता। यह उनकी अपनी पहचान और निर्णयों पर निर्भर करता है।” उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के बयान समाज में महिलाओं के प्रति नकारात्मक सोच को बढ़ावा देते हैं। अनिरुद्धाचार्य जी महाराज के इस बयान पर सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोगों ने उनके विचारों को ‘पिछड़ा’ और ‘प्रतिगामी’ करार दिया है। इस विवाद के बाद, अनिरुद्धाचार्य जी महाराज की टीम ने इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
बर्गर किंग में दिखे थे आखिरी बार, फिर लापता हुए 80 वर्षीय बुजुर्गों का भारतीय परिवार
नई दिल्ली अमेरिका में भारतीय मूल के एक परिवार के लापता होने से चिंता बढ़ गई है। न्यूयॉर्क में रहने वाला यह परिवार 29 जुलाई से लापता है। परिवार में चार बुजुर्ग सदस्य शामिल हैं, जिनकी उम्र 80 साल से ज़्यादा है। ये सभी वेस्ट वर्जीनिया में स्थित एक आध्यात्मिक केंद्र की ओर जा रहे थे, लेकिन वहां पहुंचे नहीं। स्वामी आत्मानंद स्कूल में अव्यवस्था का आलम, जनप्रतिनिधियो में नाराजगी ! लापता हुए परिवार को आखिरी बार 29 जुलाई को बर्गर किंग के एक आउटलेट पर देखा गया था। तब से उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने परिवार की तलाश शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। यह मामला तब सामने आया जब परिवार के एक सदस्य ने आध्यात्मिक केंद्र में फोन कर पूछा कि क्या वे वहां पहुंच गए हैं, लेकिन पता चला कि वे अभी तक वहां नहीं पहुंचे हैं। इसके बाद से ही सभी लोग चिंतित हैं और उनकी तलाश की जा रही है।
पांचवी बार हुआ लीकेज, बसई रोड पर फिर हुआ गड्ढा; लोग परेशान
गुरुग्राम। शहर की एक प्रमुख सड़क, बसई रोड, एक बार फिर लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। यह सड़क दो अलग-अलग जगहों पर धंस गई है, जिससे बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। यह पिछले कुछ सालों में पांचवी बार है, जब इस सड़क के नीचे से जा रही सीवर लाइन में लीकेज के कारण ऐसी घटना हुई है। ननों के समर्थन पर गरमाई सियासत: बजरंग दल ने फूंका गांधी परिवार का पुतला। सड़क धंसने से हुए गड्ढों की वजह से पूरे इलाके में ट्रैफिक को करना पड़ा है, जिससे सुबह और शाम के समय यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, सीवर लाइन में लीकेज के कारण मिट्टी खिसक गई, जिससे सड़क कमजोर होकर धंस गई। बार-बार हो रही है घटना यह पहली बार नहीं है जब बसई रोड पर इस तरह की समस्या आई है। पिछले साल भी सीवर लाइन लीक होने से एक बड़ा गड्ढा हो गया था, जिसमें एक बाइक सवार बाल-बाल बचा था। इतना ही नहीं, पिछले साल अगस्त में एक ट्रक भी सड़क धंसने से उसमें फंस गया था, जिसे निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। बार-बार हो रही इन घटनाओं से स्थानीय लोग और राहगीर काफी परेशान हैं। उनका कहना है कि प्रशासन इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने में नाकाम रहा है। हर बार मरम्मत के बाद कुछ समय बाद फिर से सड़क धंस जाती है। यह एक गंभीर मुद्दा है, क्योंकि इससे न केवल ट्रैफिक बाधित होता है, बल्कि लोगों की जान को भी खतरा है। स्थानीय लोग अब इस समस्या का स्थायी हल चाहते हैं, ताकि उन्हें बार-बार इस तरह की परेशानियों से न जूझना पड़े।
















