हैरतअंगेज खोज: वॉयजर 1 ने अंतरिक्ष के सिरे पर ढूंढा ‘फायरवॉल’
1977 में प्रक्षेपित नासा के ऐतिहासिक अंतरिक्ष यान वॉयजर 1 और वॉयजर 2 ने एक अभूतपूर्व खोज की है, जिससे वैज्ञानिकों को हमारे सौर मंडल की सीमाओं के बारे में एक नई जानकारी मिली है। इन यानों ने सौर मंडल के किनारे से परे एक ऐसे क्षेत्र की पहचान की है, जिसे वैज्ञानिकों ने एक उच्च-तापमान वाले क्षेत्र के रूप में चिह्नित किया है और इसे उपनाम दिया है, “फायरवॉल”। माओवादियों द्वारा लगाए प्रेशर IED की चपेट में आकर ग्रामीण गंभीर रूप से घायल। इस नए क्षेत्र का अध्ययन अब वैज्ञानिकों के लिए एक महत्वपूर्ण विषय बन गया है। वे उम्मीद कर रहे हैं कि इस खोज से सौर मंडल की सीमा और अंतरतारकीय तथा सौर अंतरिक्ष के बीच के चुंबकीय संबंधों की नई समझ विकसित हो सकेगी। यह खोज हमें यह समझने में मदद कर सकती है कि हमारा सौर मंडल कैसे और कहाँ खत्म होता है और अंतरतारकीय अंतरिक्ष कैसे शुरू होता है। यह ध्यान देने योग्य है कि वॉयजर यान को चार दशक से भी पहले ऐसे समय में प्रक्षेपित किया गया था, जब आज के उन्नत तकनीक और इंटरनेट जैसी सुविधाएँ उपलब्ध नहीं थीं। फिर भी, वे अपने मिशन पर अडिग हैं और अभी भी पृथ्वी पर डेटा भेज रहे हैं, जो विज्ञान और प्रौद्योगिकी के इतिहास में एक अद्वितीय उपलब्धि है।
भारतीय सेना ने उजागर किया अमेरिका-पाकिस्तान की पुरानी साजिश का सबूत
नई दिल्ली।’ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत पर टैरिफ लगाने की धमकियों के बीच, भारतीय सेना ने अमेरिका का पुराना चेहरा बेनकाब कर दिया है। सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर 54 साल पुरानी एक अखबार की कटिंग साझा की है, जिसमें यह साफ तौर पर दर्ज है कि 1954 से 1971 के बीच अमेरिका ने पाकिस्तान को 2 बिलियन डॉलर (करीब 1 लाख करोड़ रुपये) से अधिक के हथियार मुहैया कराए थे। भारतीय सेना के पूर्वी कमांड ने यह दस्तावेज साझा करते हुए याद दिलाया कि कैसे उस दौर में अमेरिका पाकिस्तान के साथ मिलकर भारत के खिलाफ साजिश रच रहा था। सेना के इस पोस्ट से एक बार फिर यह ऐतिहासिक तथ्य सामने आया है कि अमेरिका और पाकिस्तान के बीच दशकों पुराना सैन्य गठजोड़ रहा है, जो भारत के खिलाफ इस्तेमाल किया गया।
कुबेरेश्वर धाम में भगदड़, दो श्रद्धालुओं की मौत, 10 अस्पताल में भर्ती
सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर स्थित प्रसिद्ध कुबेरेश्वर धाम में मंगलवार को भारी भीड़ के कारण मची भगदड़ में दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई। इस घटना में 8 से 10 श्रद्धालु घायल भी हुए हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। हालांकि, प्रशासन ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन को 14419 सदस्य बनाने पर मुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने किया सदस्यता रत्न सम्मान से सम्मानित यह घटना तब हुई जब कुबेरेश्वर धाम में लाखों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े। दरअसल, पंडित प्रदीप मिश्रा बुधवार को कुबेरेश्वर धाम से चितावलिया हेमा गांव तक एक विशाल कांवड़ यात्रा निकालने वाले हैं। इस यात्रा में शामिल होने के लिए एक दिन पहले ही पूरे देश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंच रहे थे। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण कुबेरेश्वर धाम परिसर में भंडारे, रुकने की जगह और दर्शन के लिए स्थान कम पड़ गया। इसके चलते भीड़ बेकाबू हो गई और कई जगहों पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इसी दौरान धक्का-मुक्की में कुछ लोग नीचे गिर गए। बताया जा रहा है कि इनमें से तीन लोग नीचे गिर गए, जिनमें से दो की दबकर मौत हो गई। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल पहुंचने वालों में कुछ लोगों ने चक्कर और घबराहट की शिकायत भी की है। प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर मौजूद हैं और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही हैं। यह घटना एक बार फिर से धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन की चुनौती को उजागर करती है।
पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक नहीं रहे, लंबी बीमारी के बाद दिल्ली में हुआ निधन
जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का मंगलवार को निधन हो गया। उन्होंने दिल्ली के राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल में अंतिम सांस ली। वह लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे थे और अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन की खबर से राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है। सुप्रीम कोर्ट पहुंचे पूर्व सीएम भूपेश बघेल, अग्रिम जमानत के लिए लगाई याचिका सत्यपाल मलिक का राजनीतिक करियर काफी लंबा और प्रभावशाली रहा है। उन्होंने विभिन्न राज्यों के राज्यपाल के रूप में अपनी सेवाएं दीं, जिनमें जम्मू-कश्मीर, गोवा और मेघालय शामिल हैं। जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल के रूप में उनका कार्यकाल विशेष रूप से महत्वपूर्ण था, क्योंकि 5 अगस्त 2019 को राज्य से अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के समय वही वहां के राज्यपाल थे। उनका जन्म उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में हुआ था और उन्होंने एक छात्र नेता के रूप में अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी। वह कई बार लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य भी रह चुके थे। उनके निधन पर प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति सहित कई बड़े नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर उनके निधन पर दुख जताया और उनके परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं। कई अन्य राजनीतिक नेताओं ने भी उनके योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। सत्यपाल मलिक को एक ऐसे नेता के रूप में याद किया जाएगा, जिन्होंने निडर होकर अपनी राय रखी और जनहित के मुद्दों को उठाया।
ड्रग्स का इंटरनेशनल कनेक्शन! पंजाब से रायपुर पहुंच रही थी हेरोइन
छत्तीसगढ़ की रायपुर पुलिस ने इंटरनेशनल ड्रग्स तस्करी के नेटवर्क को बेनकाब किया है। टिकरापारा पुलिस और ACCU की टीम ने छापेमारी कर 9 ड्रग्स तस्करों को पकड़ा है। इनके पास से 412 ग्राम 87 मिलीग्राम हेरोइन की जब्ती की है, जिसकी कीमत 1 करोड़ रुपए है। दर्जन गांवों को जोड़ने वाली पी. डब्ल्यू .डी . के कच्चे मार्ग की हालत दयनीय इंटरनेशनल ड्रग्स तस्कर पाकिस्तान से पंजाब हेरोइन लाते थे। इसकी अलग-अलग राज्यों में डिलीवरी होती थी। इसमें छत्तीसगढ़ का रायपुर भी शामिल है। रायपुर के कमल बिहार में ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क का हब बनाया था। यहीं से छत्तीसगढ़ के कोने-कोने में सप्लाई होती थी। कुछ दिनों पहले रायपुर में एक युवती के ड्रग्स चाटने का VIDEO वायरल हुआ था, जिसे लेकर दैनिक भास्कर डिजिटल की टीम ने एक इनवेस्टिीगेशन रिपोर्ट पब्लिश की थी, जिसमें ड्रग्स कोडवर्ड और सप्लाई के ठिकानों का जिक्र किया था। इन्हीं ठिकानों में से एक पर पुलिस ने रेड की। पंजाब का लवजीत सिंग मेन सप्लायर है, जबकि सुवित श्रीवास्तव स्थानीय सरगना।
सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी की टिप्पणी पर जताई कड़ी आपत्ति
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भारतीय सेना के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने उनसे पूछा कि चीन द्वारा भारत की 2,000 वर्ग किलोमीटर ज़मीन पर कब्ज़ा करने के उनके दावे का आधार क्या है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की अंतिम तिथि बढ़ी, अब 14 अगस्त तक करा सकेंगे पंजीयन कोर्ट ने कहा, “आपको कैसे पता चला कि चीन ने भारत की 2000 वर्ग किमी ज़मीन पर कब्ज़ा कर लिया है? आपकी विश्वसनीय जानकारी क्या है?” कोर्ट ने आगे कहा कि “अगर आप सच्चे भारतीय होते, तो आप ऐसा नहीं कहते।” कोर्ट ने राहुल गांधी को फटकार लगाते हुए कहा कि उनकी टिप्पणियां राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों में गैर-जिम्मेदाराना हैं। यह मामला एक जनहित याचिका से जुड़ा था, जिसमें राहुल गांधी के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया था कि राहुल गांधी की टिप्पणियों ने सेना के मनोबल को कम किया है। हालांकि, कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया, लेकिन राहुल गांधी के बयानों पर गहरी चिंता व्यक्त की। कोर्ट ने कहा कि एक सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति को इस तरह की संवेदनशील जानकारी को बिना पुख्ता सबूतों के सार्वजनिक नहीं करना चाहिए।
दोबारा परीक्षा दे सकेंगे SSC अभ्यर्थी… केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह से शिक्षकों की मुलाकात में बनी बात
नई दिल्ली: एसएससी शिक्षकों ने सोमवार को केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह से मुलाकात की. इस बैठक में मंत्री ने शिक्षकों की बात मान ली है. कहा गया है कि जिन सेंटर्स पर छात्रों को परीक्षा के समय दिक्कत हुई है, वहां छात्रों को दोबारा परीक्षा देने का मौका दिया जाएगा. वहीं जिन गलत सवालों का 100 रुपये प्रति सवाल के आधार पर तय किया जाता है, अब अगर उत्तर सही हुआ तो उसका पूरा पैसा वापस मिलेगा. एसएससी सीपीओ परीक्षा का परिणाम एक सप्ताह में आ जाएगा. इससे पहले शिक्षक डीओपीटी के सेक्रेटरी से मिले थे. वहीं विपक्ष भी एसएससी की परीक्षा में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार से इसकी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की थी. एसएससी परीक्षा 24 जुलाई से शुरू हुई थी और इसका आयोजन एक अगस्त तक होना था. परीक्षा की शुरुआत के साथ ही तमाम तरह की गड़बड़ियों की शिकायत मिली. जिसमें सर्वर क्रैश होना, सिस्टम काम न करना, परीक्षा का अचानक रद्द होना शामिल है. गड़बड़ियों, अनियमितताओं और कुप्रबंधन के खिलाफ परीक्षार्थियों और कोचिंग में पढ़ाने वाले कई लोकप्रिय शिक्षकों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन भी किया था. परीक्षार्थियों ने परीक्षा केंद्रों पर बाउंसरों की मौजूदगी पर सवाल उठाया थे. उनका कहना था कि हम कोई अपराधी नहीं हैं कि परीक्षा केंद्रों पर बाउंसर रखे गए. हम बेहतर सिस्टम की मांग कर रहे हैं, न की दंगा कर रहे हैं. उनका कहना था कि परीक्षा नियंत्रित करने वाली एजेंसी को बदले जाने की वजह से गड़बड़ी हुई है. ये एजेंसी पारदर्शी और व्यवस्थित परीक्षा कराने में असफल हैं. इसका कॉन्ट्रैक्ट रद्द किया जाना चाहिए. परीक्षार्थियों का कहना था कि एसएससी के निदेशक के साथ बैठक में अधिकारियों ने माना है कि तीन लाख उम्मीदवारों में से 55 हजार ने शिकायतें दी हैं. शिकायतों की इतनी बड़ी संख्या अव्यवस्था के बारे में बहुत कुछ कहती है. 13 अगस्त से एसएससी-सीजीएल (कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल) की परीक्षा शुरू होने वाली है. इसमें 30 लाख परीक्षार्थी शामिल होंगे. प्रदर्शनकारी इस परीक्षा के सफल आयोजन पर भी संशय जाहिर कर रहे हैं.
गंगा का जलस्तर बढ़ा, वाराणसी और प्रयागराज में लाखों घर डूबे
लखनऊ/पटना/भोपाल: देश के कई राज्यों में भारी बारिश और बाढ़ ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश में बाढ़ और बारिश से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यूपी में बाढ़ का कहर, 17 जिले प्रभावित उत्तर प्रदेश में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य के 17 जिलों में बाढ़ का पानी फैल चुका है। लखनऊ, अयोध्या और अंबेडकरनगर में 12वीं तक के सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। पिछले 24 घंटे में बारिश से संबंधित हादसों में 12 लोगों की मौत हो चुकी है। वाराणसी और प्रयागराज में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है, जिससे एक लाख से ज्यादा घरों में पानी घुस गया है। वाराणसी के सभी 84 घाट पूरी तरह डूब चुके हैं और प्रयागराज में सड़कों पर नावें चल रही हैं। हजारों लोगों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है। गृह मंत्री विजय शर्मा से मिले केरल बीजेपी के नेता अनूप एंटोनी एमपी में बाढ़ से 275 मौतें मध्य प्रदेश में भारी बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं। राज्य सरकार ने विधानसभा में बताया है कि 16 जून को मानसून की शुरुआत से लेकर जुलाई तक बाढ़ से संबंधित हादसों में 275 लोगों की जान जा चुकी है। यह आंकड़ा राज्य में बाढ़ की भयावहता को दर्शाता है। बिहार में बिजली गिरने से 6 लोगों की मौत, बारिश का अलर्ट बिहार में पिछले 24 घंटे में बिजली गिरने से 6 लोगों की मौत हो गई। मौसम विभाग ने सोमवार को पटना समेत राज्य के सभी 38 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
लोकसभा में 2 बजे तक हंगामा जारी
नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के 11वें दिन, सोमवार को दोनों सदनों में हंगामा और कार्यवाही स्थगित होने का सिलसिला जारी रहा। लोकसभा में विपक्ष ने बिहार में वोटर्स लिस्ट रिवीजन (SIR) के मुद्दे पर चर्चा की मांग को लेकर हंगामा किया, जिसके बाद सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। मवेशी तस्कर गिरोह का पर्दाफाश: 11 मवेशियों के साथ 3 आरोपी गिरफ्तार, पड़ोसी राज्यों में होती थी तस्करी। लोकसभा में पेश होंगे खेल से जुड़े अहम बिल आज लोकसभा में केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री मनसुख मंडाविया दो महत्वपूर्ण बिल पेश करने वाले हैं। इनमें नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल, 2025 और नेशनल एंटी-डोपिंग एक्ट (अमेंडमेंट) बिल, 2025 शामिल हैं। नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल का उद्देश्य खेल संगठनों के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है। इन दोनों बिलों पर एक साथ चर्चा होने की उम्मीद है। राज्यसभा में सिटिंग सांसद को श्रद्धांजलि, कार्यवाही स्थगित राज्यसभा में कार्यवाही की शुरुआत में सिटिंग सांसद शिबू सोरेन के निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। सांसदों ने उनके सम्मान में मौन रखा। इसके बाद सभापति हरिवंश नारायण सिंह ने सदन की कार्यवाही को मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। राज्यसभा में मणिपुर पर चर्चा टली आज राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह मणिपुर में राष्ट्रपति शासन को 13 अगस्त से छह महीने और बढ़ाने का प्रस्ताव पेश करने वाले थे। इस प्रस्ताव को लोकसभा से 30 जुलाई को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। हालांकि, सदन की कार्यवाही स्थगित होने के कारण इस पर चर्चा नहीं हो पाई।
केदारनाथ त्रासदी के 12 साल बाद भी 3075 लोग लापता
देहरादून: 2013 की केदारनाथ त्रासदी के 12 साल बाद भी लापता हुए 3,075 लोगों का पता नहीं चल पाया है। इस दर्दनाक आपदा में अपनों को खोने वाले परिवारों की उम्मीद अभी भी ज़िंदा है। हाल ही में उत्तराखंड हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई है, जिसमें सरकार से लापता लोगों के कंकालों की खोज करके उनका सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार करने की अपील की गई है। महिला की संदिग्ध मौत का खुलासा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सामने आई सच्चाई, पति गिरफ्तार सरकार ने अब तक किए हैं चार बार सर्च ऑपरेशन राज्य सरकार ने इस आपदा के बाद से अब तक चार बार खोज अभियान चलाया है। इन अभियानों के दौरान कुछ कंकाल मिले हैं, जिनका डीएनए परीक्षण किया गया। हालांकि, बरामद किए गए कंकालों की संख्या लापता लोगों की संख्या से काफी कम है। सरकार ने पहले भी यह बताया था कि मलबे में दबे शवों को खोजने के लिए कोई विशेष तकनीक उपलब्ध नहीं है और मंदाकिनी घाटी में खुदाई करने से पर्यावरण को खतरा हो सकता है। पीड़ित परिवारों की न्याय की गुहार याचिका में कहा गया है कि सरकार को लापता लोगों की तलाश के लिए विशेष टीमों का गठन करना चाहिए और वैज्ञानिक तरीकों का उपयोग करना चाहिए। आपदा के कई साल बाद भी, कई परिवार अपने प्रियजनों के बारे में कोई जानकारी न मिलने से निराशा में हैं। याचिकाकर्ताओं का मानना है कि लापता लोगों के सम्मानजनक अंतिम संस्कार से उनके परिवारों को शांति मिल सकती है। अब हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार उत्तराखंड हाईकोर्ट अब इस याचिका पर सुनवाई करेगा और सरकार से इस संबंध में उठाए गए कदमों की जानकारी मांगेगा। पीड़ित परिवारों की निगाहें कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं, क्योंकि यह उनके लिए न्याय और शांति की आखिरी उम्मीद है।
















