केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में 6 बड़े फैसले, किसान संपदा योजना के लिए 6520 करोड़ मंजूर

केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में किसानों और रेलवे से जुड़े छह फैसले किए गए हैं। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि दो फैसले किसानों से जुड़े हैं और चार फैसले रेलवे से जुड़े हैं। इस मीटिंग का आयोजन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में गुरुवार को हुआ। बैठक में 15वें वित्त आयोग चक्र (2021-22 से 2025-26) के दौरान चल रही केंद्रीय क्षेत्र योजना ‘प्रधानमंत्री किसान संपदा योजन’ के लिए 1920 करोड़ रुपये के अतिरिक्त खर्च को मंजूरी दी गई है। अब इस योजना का बजट बढ़कर कुल 6520 करोड़ रुपये पहुंच गया है। किसानों से जुड़े बड़े फैसले प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना की घटक योजना एकीकृत शीत श्रृंखला और मूल्य संवर्धन अवसंरचना के अंतर्गत 50 बहु-उत्पाद खाद्य विकिरण इकाइयों को बनाने का फैसला किया गया है। इसके साथ ही खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता आश्वासन अवसंरचना के तहत एनएबीएल मान्यता प्राप्त 100 खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाएं बनाई जाएंगी। इनकी स्थापना के लिए 1000 करोड़ रुपये और 15वें वित्त आयोग के दौरान पीएमकेएसवाई की विभिन्न घटक योजनाओं के अंतर्गत परियोजनाओं को मंजूरी देने के लिए 920 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। जारी होंगे अभिरुचि पत्र आईसीसीवीएआई और एफएसक्यूएआई दोनों ही योजनाएं पीएमकेएसवाई योजना का हिस्सा हैं। ये दोनों योजनाएं मांग के आधार पर चलती हैं। ऐसे में देश भर की पात्र संस्थाओं से प्रस्ताव आमंत्रित करने के लिए अभिरुचि पत्र जारी किए जाएंगे। आओआई के अंतर्गत प्राप्त प्रस्तावों को मौजूदा योजना दिशानिर्देशों के अनुसार पात्रता मानदंडों के अनुसार उचित जांच के बाद अनुमोदित किया जाएगा। 100 एनएबीएल लैब बढ़ाएंगी खाद्य सुरक्षा प्रस्तावित 50 बहु-उत्पाद खाद्य विकिरण इकाइयों के कार्यान्वयन से इन इकाइयों के अंतर्गत विकिरणित खाद्य उत्पादों के प्रकार के आधार पर प्रति वर्ष 20 से 30 लाख मीट्रिक टन तक की कुल परिक्षण क्षमता सृजित होने की उम्मीद है। निजी क्षेत्र के अंतर्गत प्रस्तावित 100 एनएबीएल मान्यता प्राप्त खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना से खाद्य नमूनों के परीक्षण के लिए उन्नत अवसंरचना का विकास होगा, जिससे खाद्य सुरक्षा मानकों का अनुपालन और सुरक्षित खाद्य पदार्थों की आपूर्ति सुनिश्चित होगी। 3 करोड़ सदस्यों को होगा फायदा सहकारिता क्षेत्र को और मजबूत बनाने के लिए एनसीडीसी को अधिक मजबूत बनाने का फैसला किया गया है। इसकी कैपिटल 2000 करोड़ रुपए बढ़ाई गई है। सहकारिता की नई नीति हाल ही में लॉन्च की गई थी। एनसीडीसी जो कर्ज देती है, उसका नेट एनएपी शून्य है। इस योजना के तहत अगले चार साल तक हर साल 500 करोड़ का कर्ज दिया जाएगा। कुल 20 हजार करोड़ का कर्ज दिया जाएगा। इससे करीब 13 हजार सहकारी सोसायटी और 3 करोड़ सदस्यों को फायदा होगा। इटारसी और न्यू जलपाईगुड़ी में चौथी रेल लाइन इस बैठक में इटारसी से नागपुर के बीच चौथी लाइन को मंजूरी दी गई है। वहीं, अल्याबरी से न्यू जलपाईगुड़ी के बीच तीसरी और चौथी लाइन को मंजूरी दी गई है। छत्रपति संभाजीनगर से प्रभानी लाइन को भी डबल करने की मंजूरी दी गई है। इससे रेल यातायात बेहतर होगा।

मालेगांव ब्लास्ट केस: 17 साल बाद कोर्ट का फैसला, साध्वी प्रज्ञा और कर्नल पुरोहित को क्लीन चिट, नहीं मिले सबूत

मुंबई। महाराष्ट्र के मालेगांव शहर में 2008 में हुए सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील विस्फोट मामले में एनआईए की विशेष अदालत ने गुरुवार को 17 साल बाद बहुप्रतीक्षित फैसला सुनाया। इस धमाके में 6 लोगों की मौत हुई थी और 100 से अधिक लोग घायल हुए थे। महिला अधिकारी की शिकायत पर कलेक्टर के निर्देश पर गठित जांच समिति की रिपोर्ट जारी, डीएमसी मनोज पांडेय के विरुद्ध मानसिक उत्पीड़न के आरोप साबित नहीं एनआईए कोर्ट ने बीजेपी सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर और सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है। कोर्ट ने अपने फैसले में साफ कहा कि दोनों के खिलाफ कोई प्रत्यक्ष या तकनीकी सबूत नहीं मिला है और आरडीएक्स से विस्फोट के भी कोई पुख्ता प्रमाण नहीं पाए गए।  क्या था मामला? 29 सितंबर 2008 को मालेगांव में हुए बम धमाके ने पूरे देश को झकझोर दिया था। एक मोटरसाइकिल में रखा गया विस्फोटक फटा, जिसमें छह लोगों की मौत और सौ से ज्यादा घायल हो गए थे। जांच के दौरान साध्वी प्रज्ञा की मोटरसाइकिल मौके पर मिलने का दावा किया गया था, जिसके आधार पर उन्हें आरोपी बनाया गया था।  सात आरोपी बने थे कटघरे में इस केस में साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, कर्नल पुरोहित, सुनील जोशी, श्याम साहू, सुधाकर द्विवेदी, अजय राहिरकर और रमेश उपाध्याय समेत कुल सात लोगों पर यूएपीए और आईपीसी की धाराओं के तहत मुकदमा चला।

रूस में भूकंप के बाद इन 12 देशों पर मंडरा रहा है सुनामी का खतरा? यहां देखें लिस्ट

रूस में आए भूकंप के कारण दुनियाभर के कई देशों पर सुनामी का खतरा मंडराने लगा है। लोगों को 2011 में जापान की तबाही की याद आने लगी है। दरअसल, बुधवार को रूस के कामचटका में दुनिया का छठा सबसे बड़ा भूकंप आया। भारतीय समय के मुताबिक, सुबह 4:54 बजे 8.8 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप इतना तेज था तो सुनामी का खतरा बनने लगा। प्रशांत महासागर में रूस से सटे देशों में सुनामी का अलर्ट जारी किया गया है। आइए जानते हैं उन देशों के बारे में जिनपर सुनामी का खतरा है। सुनामी की लहरें शुरू हुईं रूस में आए भूकंप के बाद सुनामी की स्ट्राइक शुरू हो गई है। जापान के अलावा अमेरिका, रूस में सुनामी की लहरें पहुंचने लगी हैं। अमेरिका के तटीय राज्यों में भी सुनामी का खतरा समय के साथ बढ़ता जा रहा है। हवाई तट से सुनामी की लहरें टकराने लगी हैं। अभी लहरों की ऊंचाई भले ही कम हो लेकिन ये आने वाले बड़े खतरे की तरफ इशारा कर रहीं हैं। हवाई के तटीय इलाके को खाली करा दिया गया है। कहां-कहां सुनामी का खतरा? रूस, जापान, अमेरिका, कनाडा, इक्वाडोर, पेरू, मेक्सिको, न्यूजीलैंड, चीन, फिलीपींस, ताइवान, इंडोनेशिया में सुनामी के खतरा मंडरा रहा है। कोस्टल इलाकों से लोगों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट किया जा रहा है। ताइवान, इंडोनेशिया में रूस में आए भूकंप से लोग दहशत में हैं क्योंकि यहां भी प्रशासन की तरफ से सुनामी की चेतावनी जारी की गई है। अमेरिका में क्या हो सकता है असर? अमेरिका में सुनामी का असर 10 करोड़ लोगों पर पड़ सकता है। सुनामी की दहशत अमेरिका के 9 राज्यों में है। हवाई की आबादी 15 लाख है तो अलास्का में साढ़े सात लाख लोग रहते हैं। सुनामी की लहरों का असर अमेरिका के सबसे बड़े राज्य कैलिफोर्निया पर भी देखने को मिल सकता है। कैलिफ़ोर्निया  की कुल आबादी 3.90 करोड़ है। इसी तरह वाशिंगटन, ऑरेगोन, टेक्सस , न्यू मैक्सिको, एरिज़ोना और लुसियाना में  भी सुनामी लहरों के कहर का खौफ है। जापान में क्या है हाल? जापान के तटीय इलाकों से सुनामी की लहरें टकरा रहीं हैं। प्रशांत महासागर में ऊंची-ऊंची लहरें उठ रही हैं जिसके बाद जापान के कोस्टल एरियाज को खाली करवाया जा रहा है। 20 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर भी दिया गया है। जापान के मौसम विभाग ने ईस्टर्न कोस्ट के लिए सुनामी की वॉर्निंग जारी कर दी है। होक्काइडो से क्योशू तक के लिए अलर्ट जारी कर दिया गया है। लोगों से कोस्टल इलाके को खाली करने और समंदर से दूर रहने को कहा गया है।

IND vs PAK सेमीफाइनल से एक दिन पहले हड़कंप… दिग्गजों ने फिर किया बॉयकाट, होगा रद्द? 

LOKSADAN India vs Pakistan WCL Semi Final: वर्ल्ड चैंपियंस ऑफ लीजेंड्स में भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबले पर एक बार फिर कंट्रोवर्सी शुरू हो चुकी है. सेमीफाइनल मुकाबले के एक दिन पहले भारी हड़कंप मचा हुआ है. खबर है कि भारतीय प्लेयर्स ने पाकिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल खेलने के लिए भी इनकार कर दिया है. उन्होंने अपने चिर-प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ प्रतिस्पर्धी मुकाबलों में हिस्सा न लेने के अपने पुराने रुख को बरकरार रखा है. दूसरी तरफ एशिया कप शेड्यूल का मुद्दा भी चरम पर है.

राज्यसभा में जयशंकर बोले – पाकिस्तान की साजिश को बेनकाब करेगा ऑपरेशन सिंदूर

नई दिल्ली।’ संसद में मानसून सत्र का आज 8वां दिन है। राज्यसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर लगातार दूसरे दिन चर्चा हो रही है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा- हम पाकिस्तान का सच दुनिया के सामने लाए। खून-पानी एक साथ नहीं चलेगा। सदन में आज जेपी नड्डा करीब 3 बजे बोलेंगे। गृह मंत्री अमित शाह संसद में समापन भाषण दे सकते हैं। ऑपरेशन सिंदूर पर राज्यसभा में बहस मंगलवार को जबकि लोकसभा में शुरू हुई थी। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, जेडीयू सांसद संजय कुमार झा सहित कई सांसदों ने भाग लिया। खड़गे ने कहा- लीडरशिप का मतलब है जिम्मेदारी लेना, न कि किसी को दोष देना। वे (मोदी) जवाब नहीं देंगे, वे अपने दोस्तों-मंत्रियों से कहेंगे कि जाओ जो कहना है कहो। 11 साल में कभी बहस में शामिल नहीं होते। एक व्यक्ति को इतना बढ़ावा मत दो, भगवान मत बनाओ। लोकतांत्रिक रूप से आया है, उसे इज्जत दो, पूजा मत करो।

पहलगाम हमले से जुड़े तीनों आतंकी ऑपरेशन महादेव में मारे गए, जानें अमित शाह ने लोकसभा में क्या-क्या कहा?

लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान आज गृह मंत्री अमित शाह बोल रहे हैं। उन्होंने सोमवार को जम्मू-कश्मीर में हुए ऑपरेशन महादेव की जानकारी दी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “पहलगाम में निर्दोष नागरिकों की जो नृशंस हत्या की गई, धर्म पूछकर उन्हें उनके परिवार के सामने मारा गया, बड़ी बर्बरता के साथ यह हत्याएं की गई, मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं और जो मारे गए हैं उनके परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं।” अमित शाह ने कहा, “एक संयुक्त ऑपरेशन महादेव में, भारतीय सेना, CRPF और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पहलगाम आतंकी हमले में शामिल तीन आतंकवादियों को मार गिराया है।” इस शहर की प्रथम नागरिक का हुआ फेसबुक आईडी हैक, परिचितों के फोन आने के बाद हुआ खुलासा, दर्ज कराई शिकायत… गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “कल के ऑपरेशन में तीनों आतंकवादी- सुलेमान, अफगान और जिबरान मारे गए। जो लोग उन्हें खाना पहुंचाते थे, उन्हें पहले ही हिरासत में ले लिया गया था। जब इन आतंकवादियों के शव श्रीनगर लाए गए, तो हमारी एजेंसियों द्वारा हिरासत में रखे गए लोगों ने उनकी पहचान की। पहलगाम में धर्म पूछकर मारने वाले तीनों आतंकियों को ढेर कर दिया है। चार लोगों ने इन आतंकियों की पहचान की, जिसके बाद इन्हें मार गिराया गया। उनके पास से बरामद किए गए कारतूसों से भी पुष्टि हुई कि इन्हीं लोगों ने पहलगाम में निर्दोष लोगों पर हमला किया था।”  

झारखंड के देवघर में 18 कांवड़ियों की मौत, निशिकांत दुबे ने दी जानकारी, गैस सिलेंडर ले जा रहे ट्रक से टकरा गई बस

सावन के महीने में करोड़ों की संख्या में शिवभक्त कांवड़ यात्रा में भाग लेते हैं। इनमें से बड़ी संख्या में लोग झारखंड में स्थित ज्योतिर्लिंग वैद्यनाथ धाम भी पहुंचते हैं। हालांकि, कांवड़ यात्रा के दौरान झारखंड के देवघर से दुखी कर देने वाली खबर सामने आ रही है। मंगलवार को देवघर में एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ जिसमें अब तक 18 कांवड़ियों की मौत की खबर सामने आ रही है। वहीं, कई अन्य लोग घायल भी बताए जा रहे हैं। कैसे हुआ हादसा? एक पुलिस अधिकारी ने बताया है कि कांवड़ियों को ले जा रही बस गैस सिलेंडर ले जा रहे एक ट्रक से टकरा गई। ये हादसा तड़के करीब 4:30 बजे मोहनपुर थाना क्षेत्र के जमुनिया जंगल के पास हुआ है।कांवड़ियों से भरी 32 सीट वाली बस और गैस सिलेंडर ले जा रहे एक ट्रक के बीच टक्कर हो गई। निशिकांत दुबे ने पुष्टि की इस हादसे को लेकर पहले दुमका जोन के महानिरीक्षक ने बताया था कि इस हादसे में कम से कम 5 कांवड़ियों की मौत हुई है। वहीं, यातायात पुलिस उपाधीक्षक लक्ष्मण प्रसाद ने कहा कि दुर्घटना में कम से कम नौ लोगों की मौत हुई है। अब भाजपा नेता और क्षेत्र के सांसद निशिकांत दुबे ने पुष्टि की है कि इस हादसे में 18 कांवड़ियों की मौत हो गई है। उन्होंने अपने X हैंडल पर लिखा- “मेरे लोकसभा के देवघर में श्रावण मास में कांवर यात्रा के दौरान बस और ट्रक के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण 18 श्रद्धालुओं की मौत हो गई है। बाबा बैद्यनाथ जी उनके परिजनों को दुख सहने की शक्ति प्रदान करें।” हताहतों की संख्या बढ़ने की आशंका हादसे के बाद जिला प्रशासन की ओर से लोगों को बचाने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया गया है। घायलों को पास के अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में पहुंचाया जा रहा है। हादसे मे कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं जिस कारण हताहतों की संख्या बढ़ने की आशंका है।

पहलगाम के गुनहगारों का काम तमाम! कौन था मास्टरमाइंड मूसा और बाकी 2 आतंकी, जो हो गए ढेर

नई दिल्ली: संसद में एक तरफ ऑपरेशन सिंदूर पर महाबहस चल रही है, वहीं दूसरी तरफ जम्मू-कश्मीर में सेना ऑपरेशन महादेव के तहत पहलगाम हमले के मुख्य आतंकियों का काम तमाम कर रही है. सुरक्षाबलों ने अब तक तीन आतंकी मार गिराए हैं.  इनमें पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड बताया जा रहा हाशिम मूसा उर्फ शाह सुलेमान, अबू हमज़ा और मोहम्मद यासिर शामिल हैं. आइए बताते हैं हाशिम मूसा कितना खतरनाक आतंकी था, जिसे सुरक्षाबलों ने ढेर कर दिया है. CG News : नेशनल हाइवे पर अज्ञात वाहन की टक्कर से 25 मवेशियों की मौत, गौ रक्षकों में भारी आक्रोश पाकिस्तानी सेना में ली थी कमांडो ट्रेनिंग सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, हाशिम मूसा पाकिस्तानी सेना के स्पेशल सर्विस ग्रुप  (SSG) में पैरा कमांडो के रूप में ट्रेनिंग ले चुका था. उसके बाद उसने लश्कर-ए-तैयबा में शामिल होकर आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देना शुरू किया. बताया जाता है कि उसने सितंबर 2023 में भारत में प्रवेश किया और फिर से दक्षिण कश्मीर में अपने आतंकवादी अभियान शुरू किए. गांदरबल में 7 नागरिकों की हत्या का भी आरोपी 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए खूनी हमले में 26 लोग मारे गए थे.  सुरक्षा एजेंसियों ने इस मामले में मुख्य आरोपी के रूप में हाशिम मूसा की पहचान की थी.  एजेंसियों के मुताबिक, वो कम से कम छह आतंकी घटनाओं में शामिल रहा है. मूसा हाईली ट्रेंड आतंकी था, जिसे जंगलों में रहने और मुश्किल हालात सर्वाइव करने में महारथ हासिल थी. हाशिम की अगुआई में इससे पहले अक्टूबर 2024 में हुए हमलों में गांदरबल में सात नागरिकों की हत्या और बारामूला में चार सुरक्षाकर्मियों की जान गई थी. एनडीटीवी ने पहलगाम हमले के बाद सबसे पहले लश्कर के कमांडर हाशिम मूसा उर्फ सुलेमान के पूरे मॉड्यूल को लेकर बड़ा खुलासा किया था. दंतेवाड़ा में महिला से रेप के बाद हत्या, नग्न हालत में मिली लाश कितना खतरनाक था आतंकी हाशिम मूसा? हाशिम मूसा पाकिस्तानी सेना के स्पेशल सर्विस ग्रुप (SSG) में पैरा कमांडो की ट्रेनिंग ले चुका था.  ट्रेनिंग के बाद उसने लश्कर-ए-तैयबा में शामिल होकर आतंकी वारदातों को अंजाम देना शुरू किया हाशिम मूसा को जंगलों में रहने और मुश्किल हालात सर्वाइव करने में महारथ हासिल थी.  जम्मू-कश्मीर पुलिस ने उसके ऊपर 20 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था.  बताते हैं वह सितंबर 2023 में भारत में घुसा और दक्षिण कश्मीर में आतंकी अभियान शुरू किए. सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, हाशिम कम से कम छह आतंकी घटनाओं में शामिल रहा है.  अक्टूबर 2024 में गांदरबल में सात नागरिकों की हत्या भी उसी के ग्रुप ने की थी.  मूसा की अगुआई में बारामूला में हुए हमले में चार सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई थी.  मूसा पर 20 लाख का इनाम घोषित था पहलगाम आतंकी हमले के बाद हाशिम मूसा की तलाश के लिए दक्षिण कश्मीर के जंगलों में लगातार ऑपरेशन चलाए जा रहे थे.-जम्मू  कश्मीर पुलिस ने उसके ऊपर 20 लाख रुपये का इनाम घोषित किया हुआ था. सुरक्षाबलों ने जम्मू-कश्मीर में ऑपरेशन महादेव के तहत जिन अन्य आतंकवादियों को मार गिराया है, उनमें अबू हमज़ा और मोहम्मद यासिर शामिल हैं. सुरक्षाबलों को मुठभेड़ की जगह से भारी मात्रा में हथियार भी मिले हैं. इनमें अमेरिका में बनी कार्बाइन, एक AK-47 राइफल, 17 राइफल ग्रेनेड और अन्य हथियार शामिल हैं. सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि ये आतंकी फिर से किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने की फिराक में थे. ऑपरेशन अब भी जारी है. इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा  

UPI यूजर्स ध्यान दें, 1 अगस्त से लागू हो रहे हैं नए नियम, अब बार-बार नहीं चेक कर पाएंगे बैलेंस, और भी बहुत कुछ

अगर आप UPI यूजर हैं और इसी से ज्यादातर लेनदेन करते हैं तो अलर्ट हो जाएं। 1 अगस्त 2025 से देश में UPI से जुड़े कुछ नियमों में बदलाव होने जा रहा है। ऐसे में फोनपे, गूगल पे या पेटीएम जैसे ऐप्स से हर रोज पेमेंट करने वालों को ध्यान देने की जरूरत है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया यानी NPCI, UPI को और तेज, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के लिए नए नियम ला रही है। बैलेंस चेक करने की लिमिट 1 अगस्त से यूजर्स एक दिन में अपने UPI ऐप से सिर्फ 50 बार बैलेंस चेक कर सकेंगे। बार-बार बैलेंस चेक करने से सर्वर पर दबाव पड़ता है, जिससे ट्रांजेक्शन धीमा हो जाता है। लिंक बैंक अकाउंट्स चेक करने की लिमिट अब सभी यूजर्स किसी एक एक ऐप पर अपने फोन नंबर से जुड़े बैंक खातों को दिन में मैक्सिमम 25 बार ही देख पाएंगे। पेमेंट का स्टेटस चेक करना यूजर किसी लेनदेन के मामले में पेमेंट का स्टेटस दिन में केवल 3 बार ही देख पाएंगे। इन 3 अटेंप्ट में हर बार कम से कम 90 सेकंड का गैप होना चाहिए। ऑटोपे ट्रांजेक्शन के मामले में विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर ऑटोपे (Autopay) ट्रांजेक्शन के लिए निश्चित समय-सीमा होगी। एक दिन में यह टाइमिंग सुबह 10 बजे से पहले, दोपहर 1 से 5 बजे तक और रात 9:30 बजे के बाद होगी। ऑटोपे ट्रांजेक्शन का मतलब है किसी सब्सक्रिप्शन, एसआईपी, ईएमआई, बिल का अमाउंट अपने आप तय वक्त पर कट जाना। चार्जबैक यानी पेमेंट रिवर्सल की लिमिट तय की गई है। अब आप 30 दिन में 10 बार और किसी एक व्यक्ति या एंटिटी से 5 बार ही चार्जबैक मांग सकते हैं। ये बदलाव सभी UPI (Unified Payment Interface) यूजर्स के लिए हैं। लेकिन अगर आप बार-बार बैलेंस या स्टेटस चेक नहीं करते, तो आपके लिए कोई बड़ी परेशानी नहीं होगी। NPCI, UPI को आसान बनाने के लिए नए नियम ला रही है, ताकि अनावश्यक गतिविधियों पर लगाम लगाई जा सके। हाल के दिनों में, पेमेंट भेजने या हासिल करने में रुकावट और देरी से संबंधित शिकायतें बढ़ी हैं, खासकर अप्रैल और मई 2025 के बीच। NPCI का कहना है कि इसका बड़ा कारण यह है कि कई यूजर्स लगातार बैलेंस चेक करते हैं या किसी पेमेंट का स्टेटस बार-बार मिनटों तक जांचते रहते हैं। इससे सिस्टम पर ज्यादा लोड पड़ता है और लेनदेन की गति प्रभावित होती है।

ऑपरेशन सिंदूर पर लोकसभा में चर्चा शुरू, LIVE

दिल्ली : ऑपरेशन सिंदूर पर लोकसभा में चर्चा शुरू हो गयी है। इस विशेष चर्चा के लिए 16 घंटे का समय निर्धारित किया गया है और ऐसे में यह चर्चा तीन दिन तक चल सकती है। लोकसभा सचिवालय ने सोमवार के अपने एजेंडे में ‘पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में भारत के सशक्त, सफल और निर्णायक ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर एक विशेष चर्चा’ सूचीबद्ध की है। कहा जा रहा है कि चर्चा के दौरान विपक्ष अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मध्यस्थता संबंधी दावों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश करेगा। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं है कि चर्चा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी बोलेंगे। खास बात है कि विपक्ष लगातार मांग कर रहा है कि ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान पीएम मोदी उपस्थित रहें। AAP सांसद संजय सिंह ने पी चिदंबरम द्वारा यह कहे जाने पर ‘पहलगाम के आतंकवादी पाकिस्तान से आए थे, इसका कोई सबूत नहीं है,’ पर कहा, “पी चिदंबरम क्या कह रहे हैं ये वही जानें। सरकार का बयान है कि वे पाकिस्तानी आतंकवादी थे और पाकिस्तान का भारत में आतंकवाद फैलाने का इतिहास रहा है… भारत में सभी आतंकवादी हमलों के पीछे पाकिस्तान का हाथ रहा है। मैं यह नहीं कह सकता कि चिदंबरम की जानकारी का स्रोत क्या है।

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