दो रॉल्स रॉयस कारों पर बेंगलुरू में 38 लाख का जुर्माना लगा तो क्यों फंस गए अमिताभ बच्चन और आमिर खान?
बेंगलुरू: शेक्सपियर ने कहा था- नाम में क्या रखा है? लेकिन बॉलीवुड के सुपरस्टार अमिताभ बच्चन और आमिर खान को सिर्फ ‘नाम’ की वजह से बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ सकता है. दरअसल, बेंगलुरू पुलिस ने दो अल्ट्रा लग्जरी रॉल्स रॉयस कारों पर लाखों रुपये का जुर्माना लगाया है और सिर्फ नाम की वजह से बॉलीवुड के ये सितारे इस विवाद में फंस गए हैं. इस पूरे मामले में KGF वाला ट्विस्ट भी है. धर्मांतरण के मास्टरमाइंड छांगुर पर ईडी ने कसा शिकंजा, 75 करोड़ रुपये की संपत्ति होगी अटैच अमिताभ और आमिर के नाम पर हैं कारें पूरा मामला ये है कि बेंगलुरू पुलिस ने हाल ही में दो लग्जरी रॉल्स रॉयस कारों पर जुर्माना लगाया. एक कार पर करीब 18 लाख और दूसरी पर लगभग 19 लाख जुर्माना. ये पेनल्टी कर्नाटक की राजधानी में बिना रोड टैक्स चुकाए गाड़ी चलाने पर लगाई गई. इनमें से एक कार रॉल्स रॉयस फैंटम अमिताभ बच्चन और दूसरी रॉल्स रॉयस घोस्ट आमिर खान के नाम पर हैं. लेकिन कहानी में ट्विस्ट ये है कि ये दोनों ही अब इस कार के मालिक नहीं हैं. लेकिन कागजों में ये कारें इन दोनों के नाम दर्ज हैं. KGF बाबू ने खरीदी थीं ये रॉल्स रॉयस ये रॉल्स रॉयस कारें बेंगलुरू के कारोबारी और नेता यूसुफ शरीफ ने कुछ साल पहले अमिताभ बच्चन और आमिर खान से खरीदी थीं. यूसुफ शरीफ कर्नाटक के कोलार गोल्ड फील्ड (KGF) इलाके के रहने वाले हैं. केजीएफ नाम से कई चर्चित फिल्में भी बनी हैं. कन्नड़ एक्टर यश इन फिल्मों के हीरो रहे हैं. इसकी वजह से यूसुफ शरीफ ‘केजीएफ बाबू’ के नाम से भी चर्चित हैं. कारें खरीदीं, पर कागजों में नाम नहीं चढ़वाया अमिताभ बच्चन और आमिर खान ने अपनी रॉल्स रॉयस कारें बेच तो दीं, लेकिन केजीएफ बाबू ने परिवहन विभाग में उन्हें अपने नाम ट्रांसफर नहीं कराया. अमिताभ और आमिर ने ये कारें कब बेचीं, ये तो पता नहीं चल पाया. लेकिन बेंगलुरू के आरटीओ (रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस) के मुताबिक, रॉल्स रॉयस फैंटम साल 2021 से बेंगलुरू में है जबकि रॉल्स रॉयस घोस्ट 2023 से बेंगलुरू में चल रही है. CG News: डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर रिटायर्ड बुजुर्ग से 14 लाख ठगे बिना रोड टैक्स दिए कारें चलाने पर चालान बेंगलुरू ट्रैफिक पुलिस ने अब इन कारों पर 18.53 लाख और 19.73 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. ये जुर्माना रोड टैक्स का भुगतान किए बिना लंबे समय तक कर्नाटक में कारें चलाने को लेकर लगाया गया है. अधिकारियों ने बताया कि रॉल्स रॉयस फैंटम को पहली बार 2021 में टैक्स न चुकाने पर पकड़ा गया था. लेकिन तब उसे बेंगलुरू में आए एक साल पूरा नहीं हुआ था, इसलिए तब उसे छोड़ दिया गया था. लेकिन अब चूंकि ये गाड़ियां एक साल से ज्यादा समय से बेंगलुरू में चल रही हैं, इसलिए इन पर मोटा जुर्माना लगाया गया है. KGF बाबू के पास 1,744 करोड़ से अधिक की संपत्ति आरटीओ ने कन्फर्म किया कि इन लग्जरी गाड़ियों की ओनरशिप अभी तक कागजों में नहीं बदली गई है. अमिताभ और आमिर ने जिन यूसुफ शरीफ को ये कारें बेची थीं, वो 2021 में बैंगलोर से कर्नाटक विधान परिषद का चुनाव भी लड़ चुके हैं. उस वक्त उन्होंने अपने चुनावी घोषणापत्र में अपनी और परिवार के पास 1,744 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति की घोषणा की थी. पहले वह स्क्रैप का बिजनेस करते थे, लेकिन बाद में रियल एस्टेट का कारोबार करने लगे.
धर्मांतरण के मास्टरमाइंड छांगुर पर ईडी ने कसा शिकंजा, 75 करोड़ रुपये की संपत्ति होगी अटैच
नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धर्मांतरण का रैकेट चलाने वाले छांगुर के खिलाफ बड़ा एक्शन लेते हुए उसकी 75 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति को जब्त करने की तैयारी शुरू कर चुकी है. छांगुर की जिन प्रॉपर्टी को जब्त करने की तैयारी की जा रही है उनमे लोनावाला की प्रॉपर्टी भी शामिल हैं. CG News: डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर रिटायर्ड बुजुर्ग से 14 लाख ठगे आपको बता दें कि ईडी ने कुछ दिन पहले छांगुर के कई ठिकानों पर छापेमारी की थी. इस छापेमारी के दौरान ईडी की टीम को कई दस्तावेज मिले थे. ईडी की तरफ से की गई इस छापेमारी के बाद जो सीजर मेमो तैयार किया गया है, उसमें बताया गया था कि छापेमारी के लिए टीम बलरामपुर के उतरौला में बाबा ताजुद्दीन बुटीक पर सुबह 5 बजे पहुंची. पूछताछ में पता चला कि इस तीन मंजिला दुकान को छांगुर और उसका बेटा महबूब चलाते हैं. चूंकि दोनों एटीएस की गिरफ्त में हैं, इसलिए पिछले कुछ दिनों से दुकान बंद रही. अधिकारियों ने आसपास के लोगों से दुकान में काम करने वालों के बारे में पूछताछ की थी तो पता चला कि यहां कोई कर्मचारी नहीं था. इसके बाद सर्च की मंजूरी के पेपर्स के आधार पर दुकान का ताला तोड़कर पड़ताल की गई. इस पड़ताल में दुकान कपड़े यहां वहां बिखरे पड़े मिले. दुकान के अंदर जांच सुबह 7.30 बजे शुरू हुई और शाम 5.30 बजे तक चली थी. नालंदा परिसर में युवक-युवतियों का हंगामा, एक-दूसरे की हत्या करने की धमकी दी इस दौरान ईडी को कई अहम सबूत हाथ लगे थे. इस छापेमारी में छांगुर और नसीर वाडीलाल के बीच 2017 का एक एमओयू बरामद हुआ था. नीतू और नवीन के धर्मांतरण के दस्तावेज भी मिले थे.रिपब्लिक ऑफ पनामा में रजिस्टर्ड मेसर्स लोगोस मरीन नाम की कंपनी से नवीन रोहरा के बीच करार के दस्तावेज थे.भवन निर्माण के लिए नीतू और मेसर्स एजी कंस्ट्रक्शन के बीच करार के दस्तावेज भी मिले थे. मेसर्स एजी कंस्ट्रक्शन और नीतू के बीच विवाद से जुड़े कुछ क़ानूनी दस्तावेज भी थे. आश्वी बुटीक को छांगुर को सौंपने के लिए तैयार एनओसी,नसीर वाडीलाल का छांगुर को दिया पॉवर ऑफ अटॉर्नी,शफीउल्ला, प्रदीप और राजनारायण के बीच साल 2014 में बना एग्रीमेंट भी मिला था. इसके साथ कई अन्य दस्तावेज भी बरामद किए गए थे.
ED ने Myntra पर 23 जुलाई 2025 को भारी आरोप लगाए हैं: 🔍
क्या हुआ? Enforcement Directorate (ED) ने Myntra Designs Pvt Ltd, उसकी कंपनी Vector E‑Commerce Pvt Ltd, और निदेशकों के खिलाफ Foreign Exchange Management Act (FEMA) की धारा 16(3) के अंतर्गत ₹1,654.35 करोड़ के FDI उल्लंघन का केस दर्ज किया है कैसे हुआ? ED का आरोप है कि Myntra ने खुद को “Wholesale Cash & Carry” व्यवसाय बता कर FDI लिया, लेकिन असल में उसने पूरा माल अपनी ग्रुप कंपनी Vector को बेचा, जिसने सीधे ग्राहकों तक पहुंचाया – यानि B2B के नाम पर B2C व्यापार किया गया कौन शामिल हैं? केस Myntra, उसकी ग्रुप कंपनी Vector और उनके निदेशकों के खिलाफ ED के बेंगलुरु ज़ोनल ऑफिस में दर्ज किया गया है । ED ने क्या कहा? ED ने बताया कि वे “credible information” के आधार पर Multi-Brand Retail Trading की आड़ में काम करने को लेकर जांच कर रहे हैं और शिकायत Section 16(3) के तहत लाया गया है ।
“हर पत्रकार का सपना अब डिजिटल – न्यूनतम कीमत में न्यूज़ पोर्टल बना रहा है Rohra Web Development”
जहां डिजिटल युग में पत्रकारिता बाज़ारवाद की ओर झुकती जा रही है, वहीं Rohra Web Development एक नई रोशनी बनकर उभरी है। इस पहल की शुरुआत की है महज़ 17 साल के एक युवा, धैर्य रोहरा ने — जो ना सिर्फ तकनीक में निपुण हैं, बल्कि समाज के प्रति एक जिम्मेदार सोच भी रखते हैं।धैर्य रोहरा ने वो कर दिखाया, जो बड़े-बड़े संस्थान आज भी सोचते रह जाते हैं। उन्होंने न्यूनतम लागत में न्यूज़ पोर्टल तैयार करके उन हज़ारों पत्रकारों को डिजिटल मंच उपलब्ध कराया है, जो अब तक संसाधनों की कमी के कारण अपने सपनों को साकार नहीं कर पा रहे थे। यह पहल, उन हर एक पत्रकार के लिए संजीवनी बन गई है, जिसके पास जज़्बा था, पर मंच नहीं। 🌟 एक युवा, एक सपना – और हज़ारों की आवाज़आज Rohra Web Development न केवल वेबसाइट बनाता है, बल्कि पत्रकारों को ट्रेनिंग, तकनीकी गाइडेंस और 24×7 सपोर्ट देकर उन्हें आत्मनिर्भर बना रहा है। यह कंपनी उस बदलाव की प्रतीक बन चुकी है, जिसमें हर छोटा पत्रकार बड़ा सपना देखने का हकदार बनता है। 🌐 डिजिटल पत्रकारिता का नया आयामजहां बड़ी मीडिया कंपनियां TRP के पीछे भाग रही हैं, वहीं Rohra Web Development का उद्देश्य है – सच्चाई को मंच देना, हर विचार को उड़ान देना और हर युवा पत्रकार को उसकी खुद की पहचान दिलाना। 🔹 हर विचार को एक मंच देना हमारा मकसद है 🔹 हर आवाज़ को बुलंद करना हमारा वादा है 🔹 हर सपने को डिजिटल पहचान देना हमारा सपना है अगर आप भी पत्रकारिता के क्षेत्र में कुछ बड़ा करना चाहते हैं, लेकिन तकनीकी जटिलताओं और बजट की बाधाएं आपको रोक रही हैं — तो यकीन मानिए, Rohra Web Development सिर्फ एक कंपनी नहीं, आपका अपना परिवार है।










