गाजियाबाद में खौफनाक वारदात: प्रेमिका की शादी कहीं और तय हुई तो बौखलाए प्रेमी ने घर में घुसकर मारी गोली, खुशी का माहौल मातम में बदला
✍️ भागीरथी यादव उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के भोजपुर क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। जहां एक ओर परिवार शादी की खुशियों में डूबा था, वहीं दूसरी ओर शनिवार शाम अचानक गोलियों की आवाज ने माहौल को चीख-पुकार में बदल दिया। पांच साल के प्रेम संबंध का खौफनाक अंत नांगलाबेर गांव में रहने वाली 22 वर्षीय एमएससी प्रथम वर्ष की छात्रा को उसके कथित प्रेमी 28 वर्षीय प्रदीप ने गोली मार दी। बताया जाता है कि दोनों के बीच लगभग पाँच वर्षों से प्रेम संबंध थे। लेकिन जैसे ही प्रदीप को पता चला कि लड़की की शादी किसी और से तय हो गई है, वह गुस्से और जुनून में अंधा हो गया। घर में घुसकर चला दी गोली पुलिस के अनुसार, प्रदीप शनिवार शाम युवती के घर में घुसा और देसी कट्टे से उस पर फायर कर दिया। गोली युवती के कान के पास सिर के ऊपरी हिस्से में फंस गई और वह मौके पर ही गिर पड़ी। घायलावस्था में परिजन और पड़ोसियों ने उसे मोदीनगर के अस्पताल पहुंचाया, जहां से डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए मेरठ रेफर कर दिया। न शादी मंजूर, न दूरी… बढ़ता गया जुनून जांच में यह बात सामने आई है कि पिछले कुछ हफ्तों से युवती ने प्रदीप से दूरी बना ली थी और बातचीत बंद कर दी थी। शादी की बात सामने आने के बाद प्रदीप का गुस्सा और जलन बढ़ गई। अधिकारियों के मुताबिक प्रदीप ने युवती पर काफी पैसा खर्च किया था, यहां तक कि वह उसके घर में लगे एयर कंडीशनर की किस्तें भी भर रहा था। “दोस्तों के बीच बेइज्जती महसूस हुई” — पुलिस एसीपी अमित सक्सेना ने कहा, > “शादी का पता चलने पर प्रदीप अपने दोस्तों के बीच खुद को बेइज्जत महसूस करने लगा। इसी मानसिक दबाव और गुस्से में उसने यह कदम उठा लिया।” युवती के छोटे भाई अंशुल ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस आरोपी प्रदीप की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। इलाके में दहशत, परिवार में मातम जहां शादी की तैयारियों की रौनक थी, वहां अब मातम पसरा है। गंभीर रूप से घायल युवती की हालत नाजुक बताई जा रही है और डॉक्टर इलाज में जुटे हुए हैं। पुलिस फिलहाल हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। अगर चाहें तो मैं हेडलाइन के कई विकल्प, थंबनेल टेक्स्ट या शॉर्ट वीडियो स्क्रिप्ट भी तैयार कर दूं।
दिल्ली के मानसरोवर पार्क में शादी की खुशियां मातम में बदलीं — 17 वर्षीय साहिल को गोली मारकर हत्या, झगड़े का एंगल प्रमुख
✍️ भागीरथी यादव राजधानी दिल्ली के शाहदरा जिले में शनिवार रात उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब मानसरोवर पार्क थाना क्षेत्र में स्थित समुदाय भवन के बाहर एक 17 वर्षीय नाबालिग की गोली मारकर हत्या कर दी गई। शादी के जश्न के बीच हुई यह वारदात इलाके में सनसनी फैलाने वाली रही। मृतक की पहचान साहिल के रूप में हुई है। शादी समारोह के बीच चली गोली, नाबालिग की मौत प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि साहिल या तो शादी में खाना खाने पहुंचा था या घुड़चढ़ी के दौरान चलने वाले रुपए लूटने की भीड़ में शामिल था। इसी दौरान किसी झगड़े की शुरुआत हुई और देखते ही देखते हालात बेकाबू हो गए। इसी झड़प के बीच साहिल को नजदीक से गोली मार दी गई। फायरिंग की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल साहिल को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शव को GTB अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। CCTV खंगालने में जुटी पुलिस, हर एंगल से जांच पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि गोलीकांड से पहले विवाह समारोह में आए कुछ लोगों का साहिल से झगड़ा हुआ था। पुलिस इसी एंगल को फिलहाल प्रमुख मानकर आगे बढ़ रही है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि— “नाबालिग को गोली लगी है और उसकी मौके पर मौत हो गई। गोली क्यों चली, इसके पीछे की असली वजह की जांच जारी है। हर शक़ी पहलू को गंभीरता से परखा जा रहा है।” इलाके में भय का माहौल, आरोपियों की तलाश जारी शादी की रौनक अचानक गोलीबारी में बदल जाने से परिवार और स्थानीय लोग सदमे में हैं। पुलिस टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं और वारदात में शामिल आरोपियों की पहचान जल्द करने का दावा कर रही हैं। फिलहाल घटनास्थल पर मिले सबूत और CCTV फुटेज ही इस रहस्यमयी गोलीकांड का राज़ खोलने की सबसे अहम कड़ी साबित होंगे।
काइमूर में दो मासूमों की रहस्यमयी मौत से हड़कंप, परिवार ने गांव के दबंग पर लगाया गंभीर आरोप — 9 पर FIR, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार
✍️ भागीरथी यादव बिहार के काइमूर जिले में हुई दो मासूम भाई-बहन की संदिग्ध मौतों ने पूरे इलाके को दहला दिया है। 10 साल की शिवानी और 12 साल के सुधीर की लाशें खेतों के बीच बने एक झोपड़े में मिलने के बाद गांव में मातम के साथ दहशत फैल गई है। घटना के हालात इतने उलझे हुए हैं कि पूरा मामला रहस्य में डूब चुका है और पुलिस भी हर एंगल से जांच में जुट गई है। कैसे खुला दर्दनाक हादसा? सुबह शिवानी रोज की तरह खेतों की ओर गई थी, लेकिन देर तक नहीं लौटी। पिता घुर्बिगन राजभर चिंतित हो उठे। बड़ी बहन और भाई सुधीर उसे खोजने निकले। थोड़ी दूरी पर बने एक झोपड़े तक पहुंचने पर जो दृश्य उन्होंने देखा, उसने सबको हिला दिया— झोपड़ी के अंदर शिवानी फंदे से लटकी थी। यह देखकर बहन डरकर घर की ओर भागी, लेकिन सुधीर वहीं रुक गया। कुछ देर बाद जब पिता मौके पर पहुंचे तो हालात और भी संदिग्ध पाए गए। शिवानी को फंदे से उतारकर जमीन पर रख दिया गया था और सुधीर अब खुद फांसी पर लटका मिला। घटनास्थल का यह बदलता हुआ परिदृश्य कई सवाल खड़े करता है। शिवानी ने अस्पताल पहुंचते ही दम तोड़ दिया, जबकि गंभीर हालत में भर्ती सुधीर छह दिनों तक जिंदगी से जूझता रहा और आखिरकार शुक्रवार को उसकी भी मौत हो गई। परिवार का सनसनीखेज आरोप पिता घुर्बिगन राजभर ने दावा किया कि गांव के एक दबंग व्यक्ति ने कुछ दिन पहले पानी पीने का विवाद होने पर उनके बच्चों को जान से मारने की धमकी दी थी। परिवार को शक है कि यह घटना कोई हादसा नहीं, बल्कि उसी धमकी का नतीजा है। पुलिस की जांच तेज – 9 पर FIR सूचना मिलते ही चैनपुर थाना पुलिस और बभुआ डीएसपी मनोरंजन भारती मौके पर पहुंचे। परिवार की तहरीर पर 9 आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस सभी संदिग्धों से पूछताछ कर रही है। डीडीएसपी ने बताया कि शिवानी और सुधीर दोनों का पोस्टमॉर्टम हो चुका है। तकनीकी जांच, घटनास्थल की परिस्थितियों और पीएम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है— “दोषी जो भी होगा, किसी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा।” गांव में दहशत, परिवार सदमे में दो मासूमों की रहस्यमयी मौत ने पूरे गांव पर सदमे का साया डाल दिया है। लोग दबी आवाज़ में चर्चा कर रहे हैं कि क्या यह वाकई आत्महत्या है या किसी बड़ी साजिश की कड़ी? जांच के नतीजों से ही इस दर्दनाक रहस्य से पर्दा उठेगा।
सिरसा में दोहरा हत्याकांड: बेटे ने मां और प्रेमी की गला घोंटकर की हत्या, शव पिकअप में लादकर थाने पहुंचकर किया सरेंडर
✍️ भागीरथी यादव सिरसा। हरियाणा के सिरसा जिले के सिकंदरपुर थेड़ी गांव में दिल दहला देने वाला दोहरा हत्याकांड सामने आया है। एक युवक ने अपनी मां और उसके कथित प्रेमी के अवैध संबंधों से तंग आकर दोनों की गला दबाकर हत्या कर दी। हैरान करने वाली बात यह रही कि आरोपी युवक अगली सुबह दोनों के शव पिकअप गाड़ी में लादकर स्वयं सदर थाने पहुंच गया और पूरी वारदात का खुलासा करते हुए सरेंडर कर दिया। रात 2 बजे अंजाम दी गई वारदात, सुबह थाने में पहुंचा आरोपी पुलिस के अनुसार गुरुवार देर रात करीब 2 बजे युवक ने पहले पड़ोसी लेखचंद (50) की चुन्नी से गला दबाकर हत्या की और इसके बाद अपनी मां अंगूरी देवी (50) को भी उसी तरीके से मार डाला। शुक्रवार सुबह वह बिना किसी डर या भागने की कोशिश के दोनों शव पिकअप में रखकर सीधे सदर थाने पहुंच गया। पहले भी कई बार समझाया था मां को—पुलिस डीएसपी राजेश कुमार ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसने कई बार अपनी मां को अवैध संबंध खत्म करने के लिए समझाने की कोशिश की थी, लेकिन जब कोई असर नहीं हुआ तो उसने यह कदम उठाया। पुलिस के मुताबिक युवक ने घटना को अपनी पत्नी के साथ मिलकर अंजाम दिया है। पोस्टमॉर्टम जारी, पुलिस ने शुरू की गहन जांच घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर सिरसा नागरिक अस्पताल की मोर्चरी भेज दिया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस पूरे मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है। गांव में दहशत और सनसनी मां–बेटे और पड़ोसी के रिश्तों से जुड़ी यह दर्दनाक घटना पूरे गांव में दहशत और चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग हैरान हैं कि एक बेटा इतना बड़ा कदम उठाकर खुद पुलिस के पास पहुंच गया। सिरसा पुलिस ने कहा है कि मामले की हर दिशा में जांच जारी है और आरोपी से विस्तृत पूछताछ की जा रही है।
लखनऊ: गैंगस्टर कुलदीप सिंह की 98.44 लाख की अवैध संपत्ति कुर्क, चिनहट पुलिस की बड़ी कार्रवाई
✍️ भागीरथी यादव लखनऊ के चिनहट क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात आरोपी कुलदीप सिंह उर्फ लीडर की अवैध संपत्ति को कुर्क कर दिया। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर कुलदीप के मकान और भूखंड पर कुर्की का सरकारी बोर्ड लगाया, जिसमें बताया गया है कि आरोपी ने अवैध गतिविधियों के जरिए यह संपत्ति जुटाई थी। संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध व विधि व्यवस्था) के 21 नवंबर 2025 के आदेश के बाद यह कार्रवाई की गई। कुलदीप सिंह पर हत्या के प्रयास, मारपीट और धोखाधड़ी समेत कई संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। उसके खिलाफ लखनऊ के अलावा अयोध्या और बाराबंकी में भी केस चल रहे हैं। पुलिस टीम के अनुसार, आरोपी की लगभग एक करोड़ के करीब मूल्य वाली संपत्ति को गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क किया गया है। बोर्ड लगाकर स्पष्ट कर दिया गया है कि संपत्ति अब सरकार के कब्जे में है और बिना अनुमति किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप गैरकानूनी होगा। चिनहट पुलिस की यह कार्रवाई अपराधियों के खिलाफ चल रहे अभियान को और तेज करने का संकेत मानी जा रही है।
वाराणसी में डिलीवरी बॉय पर जानलेवा हमला: दो नाबालिग आरोपी गिरफ्तार, रंजिश में दी वारदात को अंजाम
वाराणसी में डिलीवरी बॉय पर हुए सनसनीखेज हमले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के खजूरी गांव के पास हाईवे-19 पर मंगलवार देर रात घायल पाए गए युवक आलोक सिंह पर हमला उसके ही दो दोस्तों ने किया था। दोनों आरोपी नाबालिग हैं और पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस की मदद से शनिवार को उन्हें गिरफ्तार कर लिया। रंजिश में दिया हमला, लूट का नहीं था इरादा पूछताछ में सामने आया कि वारदात लूट के लिए नहीं, बल्कि व्यक्तिगत रंजिश के चलते की गई। दोनों आरोपी पहले आलोक के साथ एक ही डिलीवरी कंपनी में काम करते थे। मुख्य आरोपी को शक था कि आलोक उसकी गर्लफ्रेंड के बारे में गलत टिप्पणियां करता है और उसके साथ पुराना संबंध होने की वजह से जानबूझकर विवाद खड़ा करता है। कॉल कर बुलाया, शराब पिलाई और फिर गला रेता मुख्य आरोपी ने बताया कि मंगलवार देर रात उसने आलोक को फोन कर हाईवे किनारे बुलाया। वहां उसने अपने साथी के साथ मिलकर आलोक को एक सुनसान प्लॉट में ले जाकर शराब पिलाई। इसके बाद दोनों ने धारदार हथियार से उसके गले पर वार कर दिया और उसकी बाइक व मोबाइल लेकर भाग निकले। हालांकि बाइक में पेट्रोल कम होने से वे कुछ ही दूरी तय कर पाए और उसे वहीं छोड़कर फरार हो गए। पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने आलोक का मोबाइल भी जला दिया। पूरी रात तड़पता रहा घायल युवक घायल आलोक पूरी रात वहीं पड़ा तड़पता रहा। बुधवार सुबह स्थानीय लोगों की नजर उस पर पड़ी तो उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। युवक को वाराणसी ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। फोरेंसिक टीम ने जुटाए अहम सबूत पुलिस ने घटना के बाद इलाके को सील कर फोरेंसिक टीम को बुलाया। टीम ने खून के नमूने, टायरों के निशान और वारदात में इस्तेमाल धारदार हथियार बरामद किया। आलोक के पिता की तहरीर पर पुलिस ने नामजद FIR दर्ज कर जांच शुरू की। टेक्निकल सर्विलांस से मिली सफलता एडीसीपी गोमती जोन वैभव के निर्देशन में गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्यों की मदद से दोनों नाबालिग आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से वारदात में उपयोग की गई बाइक भी बरामद कर ली गई है। पुलिस की अपील थाना प्रभारी मिर्जामुराद ने बताया कि मामले में आगे की कार्रवाई चल रही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी विवाद को आपसी बातचीत से सुलझाएं और निजी रंजिश में हिंसक कदम उठाने से बचें। यह घटना एक बार फिर दोस्ती के नाम पर भरोसे को तोड़ने और आपसी रंजिश के चलते बढ़ती हिंसा पर सवाल खड़े करती है।
आजमगढ़ में दिल दहला देने वाली वारदात: घरेलू कलह में पति ने पत्नी की हत्या, तीन बच्चों ने देखा खौफनाक मंजर
✍️ भागीरथी यादव आजमगढ़ जिले के महुआरी मठिया गांव में बीती रात एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। घरेलू विवाद इतना बढ़ गया कि पति सुनील यादव ने आवेश में आकर अपनी पत्नी सुनीता यादव (35) की पेचकस से हमला कर बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात के समय घर में मौजूद तीनों मासूम बच्चे सहम कर चीख भी न सके। आधी रात का खौफनाक पल जानकारी के अनुसार, शुक्रवार देर रात करीब 12 बजे पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि सुनील यादव ने पहले पत्नी को पीटा और फिर धारदार पेचकस से कई वार कर दिए। गले और शरीर पर गहरे घावों के चलते सुनीता की मौके पर ही मौत हो गई। बच्चों ने दी पुलिस को सूचना घटना के दौरान 16 वर्षीय हर्ष, 14 वर्षीय अंशिका और 8 वर्षीय प्रिंस घर में ही मौजूद थे। मां की चीखें सुनकर तीनों बच्चे दहशत में आ गए। बड़ी बहादुरी दिखाते हुए बड़े बेटे हर्ष ने घटना की सूचना पुलिस को दी। पड़ोसी भी डर से नहीं निकले बाहर शोर-शराबे के बाद भी पड़ोसी घर के बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा सके। वारदात की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम रात में ही मौके पर पहुंची और घर को घेराबंदी में ले लिया। फील्ड यूनिट और डॉग स्क्वायड ने की जांच वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। फील्ड यूनिट और डॉग स्क्वायड ने साक्ष्य जुटाए। घटनास्थल से खून से सना पेचकस और अन्य महत्वपूर्ण सबूत कब्जे में लिए गए। आरोपी पति हिरासत में एसपी सिटी मधुबन कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी सुनील यादव को तुरंत हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है। मृतका के परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिजनों में मातम, गांव में सन्नाटा घटना के बाद गांव में सन्नाटा है और मृतका के मायके पक्ष में मातम पसरा है। तीन मासूम बच्चे अब मां की मौत और पिता की गिरफ्तारी के बीच सदमे में हैं।
दिल्ली ब्लास्ट केस पर जांच तेज, पुलिस-एनआईए की संयुक्त कार्रवाई तेज हुई
✍️ भागीरथी यादव दिल्ली कार ब्लास्ट मामले की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। सुरक्षा एजेंसियों ने राजधानी में सुरक्षा तंत्र को और सख्त करते हुए बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली पुलिस ने शहर के सभी निजी अस्पतालों को नोटिस जारी कर उन डॉक्टरों की जानकारी मांगी है, जिन्होंने विदेश से एमबीबीएस की पढ़ाई की है और वर्तमान में दिल्ली में प्रैक्टिस कर रहे हैं। पुलिस ने विशेष रूप से पाकिस्तान, बांग्लादेश, यूएई और चीन जैसे देशों से मेडिकल शिक्षा प्राप्त डॉक्टरों का पूरा विवरण प्रस्तुत करने को कहा है। अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई ब्लास्ट केस में सामने आए कई अंतरराष्ट्रीय एंगल को ध्यान में रखते हुए की गई है। अस्पतालों को अपने संस्थान में कार्यरत ऐसे सभी डॉक्टरों की पृष्ठभूमि, दस्तावेज और अन्य आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध करानी होंगी। — फरीदाबाद से जुड़ा बड़ा सुराग – शोएब 10 दिन की रिमांड पर इस बीच एनआईए ने 26 नवंबर को ब्लास्ट केस में एक अहम गिरफ्तारी की। फरीदाबाद में पकड़े गए आरोपी शोएब को पाटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया, जहां उसे 10 दिन की रिमांड मिल गई। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि शोएब ने मुख्य साजिशकर्ता डॉ. उमर मोहम्मद उर्फ उमर उन-नबी को ब्लास्ट से पहले आश्रय दिया था और ऑपरेशन के लिए जरूरी लॉजिस्टिक सपोर्ट भी प्रदान किया। — एक और आरोपी की कस्टडी बढ़ी – नेटवर्क की कड़ियां जुड़ रही हैं उधर, एनआईए ने इसी केस में गिरफ्तार आरोपी आमिर राशिद अली की कस्टडी भी 7 दिन के लिए बढ़ा दी है। एजेंसी का कहना है कि शोएब और आमिर दोनों मिलकर विस्फोटक योजना का हिस्सा थे और कई अहम जानकारियां अभी जुटाई जानी बाकी हैं। — देशभर में छापेमारी, अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच तेज एनआईए और दिल्ली पुलिस संयुक्त रूप से कई राज्यों में लगातार छापेमारी कर रही हैं। एजेंसी का मकसद सुसाइड बॉम्बिंग की साजिश से जुड़े सभी सबूतों को इकट्ठा करना और पूरी आतंक मॉड्यूल चेन को बेनकाब करना है। 10 नवंबर को लाल किले के पास हुए इस कार ब्लास्ट में कई लोगों की मौत हुई थी और कई घायल हुए थे। शोएब इस केस में गिरफ्तार सातवां आरोपी है। इससे पहले उमर मोहम्मद के छह करीबी साथियों को भी हिरासत में लिया जा चुका है। —
कपिल शर्मा के कैफ़े पर फायरिंग केस में बड़ी सफलता: दिल्ली क्राइम ब्रांच ने मुख्य आरोपी को दबोचा, गोल्डी बराड़ गैंग से सीधा कनेक्शन उजागर
✍️ भागीरथी यादव मुंबई/दिल्ली। कनाडा में कॉमेडियन कपिल शर्मा के कैफ़े पर हुई लगातार फायरिंग की घटनाओं के मामले में दिल्ली क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह वही मोस्ट वॉन्टेड शूटर है, जिसकी तलाश भारत और विदेश की कई एजेंसियां कर रही थीं। सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान बंधनु मान सिंह के रूप में हुई है। जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि वह कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के नेटवर्क से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। आरोपी के खिलाफ कई गंभीर अपराध पहले से दर्ज हैं। छापेमारी के दौरान पुलिस ने उसके कब्जे से एक हाई-एंड चाइनीज़ पिस्टल और 8 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। — फायरिंग के बाद भारत भाग आया था आरोपी क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के अनुसार, कनाडा में कपिल शर्मा के कैफ़े पर फायरिंग करते ही आरोपी भारत लौट आया था, ताकि विदेशी एजेंसियों की कार्रवाई से बच सके। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार शहर बदलता रहा, लेकिन अंततः दिल्ली क्राइम ब्रांच ने उसे अपने जाल में फंसा लिया। अब उससे गैंग के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क, फायरिंग की पूरी साजिश और भारत–कनाडा कनेक्शन को लेकर गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस को शक है कि यह गिरोह उगाही, धमकाने और अंतरराष्ट्रीय तस्करी जैसे अपराधों में सक्रिय है। — कपिल शर्मा का कैफ़े बन चुका था निशाना—तीन महीनों में तीन फायरिंग पहली फायरिंग — जुलाई 2025 दूसरी—अगस्त 2025 तीसरी—अक्टूबर 2025 लगातार तीन हमलों ने न केवल कनाडा बल्कि भारत में भी सुरक्षा एजेंसियों की चिंताएं बढ़ा दी थीं। इन वारदातों के बाद सोशल मीडिया पर गोल्डी ढिल्लों गिरोह के नाम से एक पोस्ट वायरल हुई थी, जिसमें हमलों की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया गया था कि यह कार्रवाई केवल “उनके टारगेट्स” के खिलाफ है। दिल्ली पुलिस की बड़ी कामयाबी मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी को दिल्ली क्राइम ब्रांच की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि यह केस दो देशों तक फैले एक खतरनाक गैंग नेटवर्क से जुड़ा है। अब पूछताछ के आधार पर कई और खुलासों की उम्मीद है। कपिल शर्मा के कैफ़े पर फायरिंग की गुत्थी सुलझाने की दिशा में यह गिरफ्तारी सबसे अहम कदम साबित हो सकती है।
मणिपुर: भारत–म्यांमार सीमा पर असम राइफल्स की पेट्रोलिंग टीम पर घातक हमला, चार जवान घायल—एक की हालत गंभीर
✍️ भागीरथी यादव मणिपुर के तेंगनौपाल जिले में भारत–म्यांमार सीमा के पास शुक्रवार सुबह अज्ञात सशस्त्र आतंकियों ने असम राइफल्स की तीसरी बटालियन की पेट्रोलिंग पार्टी पर घात लगाकर भीषण हमला कर दिया। घटना सीमा स्तंभ 85 से 87 के बीच स्थित सेबोल (साइबोल) गांव के करीब हुई, जो इम्फाल से लगभग 100 किमी दूर है। अचानक हुई इस अंधाधुंध गोलीबारी में चार जवान घायल हो गए, जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को हेलीकॉप्टर से इम्फाल ले जाकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। — कैसे हुआ हमला? घटना सुबह करीब 4:30 बजे की है। असम राइफल्स के जवान नियमित गश्त पर थे, तभी पहाड़ी व घने जंगलों में छिपे आतंकियों ने अचानक आधुनिक हथियारों और विस्फोटकों से फायरिंग शुरू कर दी। करीब 30 मिनट तक चली इस मुठभेड़ में हमलावरों ने बम का भी इस्तेमाल किया। जवानों ने जवाबी कार्रवाई की, लेकिन आसपास के गांवों में किसी नागरिक को नुकसान न पहुंचे, इस वजह से संयमित फायरिंग की गई। भारी गोलीबारी के बाद आतंकी म्यांमार की ओर भाग निकले। अभी तक किसी आतंकी के मारे जाने या पकड़े जाने की पुष्टि नहीं हुई है। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार— “हमलावर संभवतः म्यांमार से आए घुसपैठिए थे, जो सीमा क्षेत्र में सक्रिय रहते हैं।” — बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन हमले के बाद इलाके में असम राइफल्स और भारतीय सेना की संयुक्त टीमों ने कंबिंग, कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। सीमा पर अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात कर दी गई हैं ताकि किसी भी संभावित घुसपैठ को रोका जा सके। सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। — कौन हो सकता है हमले के पीछे? अभी तक किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। हालाँकि, सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि इसके पीछे— संयुक्त कुकी नेशनल आर्मी (UNKA) या अन्य सीमा-पार सक्रिय उग्रवादी समूह का हाथ हो सकता है। यह वही क्षेत्र है जहां हथियारों और विस्फोटकों की तस्करी की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं। अगस्त 2025 में इसी इलाके से पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के चार कैडर गिरफ्तार किए गए थे। — सीमा क्षेत्र की चुनौतियाँ बढ़ीं भारत–म्यांमार सीमा की 398 किमी लंबी खुली सीमा चंदेल, तेंगनौपाल, उखरुल और चुराचांदपुर जिलों तक फैली है। यह क्षेत्र लंबे समय से— उग्रवाद तस्करी जातीय तनाव का केंद्र रहा है। म्यांमार में सैन्य उथल-पुथल के बाद सीमा पार से उग्रवादियों की गतिविधियां और बढ़ गई हैं। इसी कारण असम राइफल्स पर इस संवेदनशील इलाके में लगातार दबाव बना हुआ है।— तेंगनौपाल में हुआ यह ताजा हमला सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है और यह संकेत देता है कि सीमा पार से घुसपैठ करने वाले उग्रवादी अब और अधिक सक्रिय हो रहे हैं।
















