लखनऊ: गैंगस्टर कुलदीप सिंह की 98.44 लाख की अवैध संपत्ति कुर्क, चिनहट पुलिस की बड़ी कार्रवाई
✍️ भागीरथी यादव लखनऊ के चिनहट क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात आरोपी कुलदीप सिंह उर्फ लीडर की अवैध संपत्ति को कुर्क कर दिया। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर कुलदीप के मकान और भूखंड पर कुर्की का सरकारी बोर्ड लगाया, जिसमें बताया गया है कि आरोपी ने अवैध गतिविधियों के जरिए यह संपत्ति जुटाई थी। संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध व विधि व्यवस्था) के 21 नवंबर 2025 के आदेश के बाद यह कार्रवाई की गई। कुलदीप सिंह पर हत्या के प्रयास, मारपीट और धोखाधड़ी समेत कई संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। उसके खिलाफ लखनऊ के अलावा अयोध्या और बाराबंकी में भी केस चल रहे हैं। पुलिस टीम के अनुसार, आरोपी की लगभग एक करोड़ के करीब मूल्य वाली संपत्ति को गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क किया गया है। बोर्ड लगाकर स्पष्ट कर दिया गया है कि संपत्ति अब सरकार के कब्जे में है और बिना अनुमति किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप गैरकानूनी होगा। चिनहट पुलिस की यह कार्रवाई अपराधियों के खिलाफ चल रहे अभियान को और तेज करने का संकेत मानी जा रही है।
वाराणसी में डिलीवरी बॉय पर जानलेवा हमला: दो नाबालिग आरोपी गिरफ्तार, रंजिश में दी वारदात को अंजाम
वाराणसी में डिलीवरी बॉय पर हुए सनसनीखेज हमले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के खजूरी गांव के पास हाईवे-19 पर मंगलवार देर रात घायल पाए गए युवक आलोक सिंह पर हमला उसके ही दो दोस्तों ने किया था। दोनों आरोपी नाबालिग हैं और पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस की मदद से शनिवार को उन्हें गिरफ्तार कर लिया। रंजिश में दिया हमला, लूट का नहीं था इरादा पूछताछ में सामने आया कि वारदात लूट के लिए नहीं, बल्कि व्यक्तिगत रंजिश के चलते की गई। दोनों आरोपी पहले आलोक के साथ एक ही डिलीवरी कंपनी में काम करते थे। मुख्य आरोपी को शक था कि आलोक उसकी गर्लफ्रेंड के बारे में गलत टिप्पणियां करता है और उसके साथ पुराना संबंध होने की वजह से जानबूझकर विवाद खड़ा करता है। कॉल कर बुलाया, शराब पिलाई और फिर गला रेता मुख्य आरोपी ने बताया कि मंगलवार देर रात उसने आलोक को फोन कर हाईवे किनारे बुलाया। वहां उसने अपने साथी के साथ मिलकर आलोक को एक सुनसान प्लॉट में ले जाकर शराब पिलाई। इसके बाद दोनों ने धारदार हथियार से उसके गले पर वार कर दिया और उसकी बाइक व मोबाइल लेकर भाग निकले। हालांकि बाइक में पेट्रोल कम होने से वे कुछ ही दूरी तय कर पाए और उसे वहीं छोड़कर फरार हो गए। पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने आलोक का मोबाइल भी जला दिया। पूरी रात तड़पता रहा घायल युवक घायल आलोक पूरी रात वहीं पड़ा तड़पता रहा। बुधवार सुबह स्थानीय लोगों की नजर उस पर पड़ी तो उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। युवक को वाराणसी ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। फोरेंसिक टीम ने जुटाए अहम सबूत पुलिस ने घटना के बाद इलाके को सील कर फोरेंसिक टीम को बुलाया। टीम ने खून के नमूने, टायरों के निशान और वारदात में इस्तेमाल धारदार हथियार बरामद किया। आलोक के पिता की तहरीर पर पुलिस ने नामजद FIR दर्ज कर जांच शुरू की। टेक्निकल सर्विलांस से मिली सफलता एडीसीपी गोमती जोन वैभव के निर्देशन में गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्यों की मदद से दोनों नाबालिग आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से वारदात में उपयोग की गई बाइक भी बरामद कर ली गई है। पुलिस की अपील थाना प्रभारी मिर्जामुराद ने बताया कि मामले में आगे की कार्रवाई चल रही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी विवाद को आपसी बातचीत से सुलझाएं और निजी रंजिश में हिंसक कदम उठाने से बचें। यह घटना एक बार फिर दोस्ती के नाम पर भरोसे को तोड़ने और आपसी रंजिश के चलते बढ़ती हिंसा पर सवाल खड़े करती है।
आजमगढ़ में दिल दहला देने वाली वारदात: घरेलू कलह में पति ने पत्नी की हत्या, तीन बच्चों ने देखा खौफनाक मंजर
✍️ भागीरथी यादव आजमगढ़ जिले के महुआरी मठिया गांव में बीती रात एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। घरेलू विवाद इतना बढ़ गया कि पति सुनील यादव ने आवेश में आकर अपनी पत्नी सुनीता यादव (35) की पेचकस से हमला कर बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात के समय घर में मौजूद तीनों मासूम बच्चे सहम कर चीख भी न सके। आधी रात का खौफनाक पल जानकारी के अनुसार, शुक्रवार देर रात करीब 12 बजे पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि सुनील यादव ने पहले पत्नी को पीटा और फिर धारदार पेचकस से कई वार कर दिए। गले और शरीर पर गहरे घावों के चलते सुनीता की मौके पर ही मौत हो गई। बच्चों ने दी पुलिस को सूचना घटना के दौरान 16 वर्षीय हर्ष, 14 वर्षीय अंशिका और 8 वर्षीय प्रिंस घर में ही मौजूद थे। मां की चीखें सुनकर तीनों बच्चे दहशत में आ गए। बड़ी बहादुरी दिखाते हुए बड़े बेटे हर्ष ने घटना की सूचना पुलिस को दी। पड़ोसी भी डर से नहीं निकले बाहर शोर-शराबे के बाद भी पड़ोसी घर के बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा सके। वारदात की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम रात में ही मौके पर पहुंची और घर को घेराबंदी में ले लिया। फील्ड यूनिट और डॉग स्क्वायड ने की जांच वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। फील्ड यूनिट और डॉग स्क्वायड ने साक्ष्य जुटाए। घटनास्थल से खून से सना पेचकस और अन्य महत्वपूर्ण सबूत कब्जे में लिए गए। आरोपी पति हिरासत में एसपी सिटी मधुबन कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी सुनील यादव को तुरंत हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है। मृतका के परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिजनों में मातम, गांव में सन्नाटा घटना के बाद गांव में सन्नाटा है और मृतका के मायके पक्ष में मातम पसरा है। तीन मासूम बच्चे अब मां की मौत और पिता की गिरफ्तारी के बीच सदमे में हैं।
दिल्ली ब्लास्ट केस पर जांच तेज, पुलिस-एनआईए की संयुक्त कार्रवाई तेज हुई
✍️ भागीरथी यादव दिल्ली कार ब्लास्ट मामले की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। सुरक्षा एजेंसियों ने राजधानी में सुरक्षा तंत्र को और सख्त करते हुए बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली पुलिस ने शहर के सभी निजी अस्पतालों को नोटिस जारी कर उन डॉक्टरों की जानकारी मांगी है, जिन्होंने विदेश से एमबीबीएस की पढ़ाई की है और वर्तमान में दिल्ली में प्रैक्टिस कर रहे हैं। पुलिस ने विशेष रूप से पाकिस्तान, बांग्लादेश, यूएई और चीन जैसे देशों से मेडिकल शिक्षा प्राप्त डॉक्टरों का पूरा विवरण प्रस्तुत करने को कहा है। अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई ब्लास्ट केस में सामने आए कई अंतरराष्ट्रीय एंगल को ध्यान में रखते हुए की गई है। अस्पतालों को अपने संस्थान में कार्यरत ऐसे सभी डॉक्टरों की पृष्ठभूमि, दस्तावेज और अन्य आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध करानी होंगी। — फरीदाबाद से जुड़ा बड़ा सुराग – शोएब 10 दिन की रिमांड पर इस बीच एनआईए ने 26 नवंबर को ब्लास्ट केस में एक अहम गिरफ्तारी की। फरीदाबाद में पकड़े गए आरोपी शोएब को पाटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया, जहां उसे 10 दिन की रिमांड मिल गई। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि शोएब ने मुख्य साजिशकर्ता डॉ. उमर मोहम्मद उर्फ उमर उन-नबी को ब्लास्ट से पहले आश्रय दिया था और ऑपरेशन के लिए जरूरी लॉजिस्टिक सपोर्ट भी प्रदान किया। — एक और आरोपी की कस्टडी बढ़ी – नेटवर्क की कड़ियां जुड़ रही हैं उधर, एनआईए ने इसी केस में गिरफ्तार आरोपी आमिर राशिद अली की कस्टडी भी 7 दिन के लिए बढ़ा दी है। एजेंसी का कहना है कि शोएब और आमिर दोनों मिलकर विस्फोटक योजना का हिस्सा थे और कई अहम जानकारियां अभी जुटाई जानी बाकी हैं। — देशभर में छापेमारी, अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच तेज एनआईए और दिल्ली पुलिस संयुक्त रूप से कई राज्यों में लगातार छापेमारी कर रही हैं। एजेंसी का मकसद सुसाइड बॉम्बिंग की साजिश से जुड़े सभी सबूतों को इकट्ठा करना और पूरी आतंक मॉड्यूल चेन को बेनकाब करना है। 10 नवंबर को लाल किले के पास हुए इस कार ब्लास्ट में कई लोगों की मौत हुई थी और कई घायल हुए थे। शोएब इस केस में गिरफ्तार सातवां आरोपी है। इससे पहले उमर मोहम्मद के छह करीबी साथियों को भी हिरासत में लिया जा चुका है। —
कपिल शर्मा के कैफ़े पर फायरिंग केस में बड़ी सफलता: दिल्ली क्राइम ब्रांच ने मुख्य आरोपी को दबोचा, गोल्डी बराड़ गैंग से सीधा कनेक्शन उजागर
✍️ भागीरथी यादव मुंबई/दिल्ली। कनाडा में कॉमेडियन कपिल शर्मा के कैफ़े पर हुई लगातार फायरिंग की घटनाओं के मामले में दिल्ली क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह वही मोस्ट वॉन्टेड शूटर है, जिसकी तलाश भारत और विदेश की कई एजेंसियां कर रही थीं। सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान बंधनु मान सिंह के रूप में हुई है। जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि वह कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के नेटवर्क से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। आरोपी के खिलाफ कई गंभीर अपराध पहले से दर्ज हैं। छापेमारी के दौरान पुलिस ने उसके कब्जे से एक हाई-एंड चाइनीज़ पिस्टल और 8 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। — फायरिंग के बाद भारत भाग आया था आरोपी क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के अनुसार, कनाडा में कपिल शर्मा के कैफ़े पर फायरिंग करते ही आरोपी भारत लौट आया था, ताकि विदेशी एजेंसियों की कार्रवाई से बच सके। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार शहर बदलता रहा, लेकिन अंततः दिल्ली क्राइम ब्रांच ने उसे अपने जाल में फंसा लिया। अब उससे गैंग के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क, फायरिंग की पूरी साजिश और भारत–कनाडा कनेक्शन को लेकर गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस को शक है कि यह गिरोह उगाही, धमकाने और अंतरराष्ट्रीय तस्करी जैसे अपराधों में सक्रिय है। — कपिल शर्मा का कैफ़े बन चुका था निशाना—तीन महीनों में तीन फायरिंग पहली फायरिंग — जुलाई 2025 दूसरी—अगस्त 2025 तीसरी—अक्टूबर 2025 लगातार तीन हमलों ने न केवल कनाडा बल्कि भारत में भी सुरक्षा एजेंसियों की चिंताएं बढ़ा दी थीं। इन वारदातों के बाद सोशल मीडिया पर गोल्डी ढिल्लों गिरोह के नाम से एक पोस्ट वायरल हुई थी, जिसमें हमलों की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया गया था कि यह कार्रवाई केवल “उनके टारगेट्स” के खिलाफ है। दिल्ली पुलिस की बड़ी कामयाबी मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी को दिल्ली क्राइम ब्रांच की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि यह केस दो देशों तक फैले एक खतरनाक गैंग नेटवर्क से जुड़ा है। अब पूछताछ के आधार पर कई और खुलासों की उम्मीद है। कपिल शर्मा के कैफ़े पर फायरिंग की गुत्थी सुलझाने की दिशा में यह गिरफ्तारी सबसे अहम कदम साबित हो सकती है।
मणिपुर: भारत–म्यांमार सीमा पर असम राइफल्स की पेट्रोलिंग टीम पर घातक हमला, चार जवान घायल—एक की हालत गंभीर
✍️ भागीरथी यादव मणिपुर के तेंगनौपाल जिले में भारत–म्यांमार सीमा के पास शुक्रवार सुबह अज्ञात सशस्त्र आतंकियों ने असम राइफल्स की तीसरी बटालियन की पेट्रोलिंग पार्टी पर घात लगाकर भीषण हमला कर दिया। घटना सीमा स्तंभ 85 से 87 के बीच स्थित सेबोल (साइबोल) गांव के करीब हुई, जो इम्फाल से लगभग 100 किमी दूर है। अचानक हुई इस अंधाधुंध गोलीबारी में चार जवान घायल हो गए, जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को हेलीकॉप्टर से इम्फाल ले जाकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। — कैसे हुआ हमला? घटना सुबह करीब 4:30 बजे की है। असम राइफल्स के जवान नियमित गश्त पर थे, तभी पहाड़ी व घने जंगलों में छिपे आतंकियों ने अचानक आधुनिक हथियारों और विस्फोटकों से फायरिंग शुरू कर दी। करीब 30 मिनट तक चली इस मुठभेड़ में हमलावरों ने बम का भी इस्तेमाल किया। जवानों ने जवाबी कार्रवाई की, लेकिन आसपास के गांवों में किसी नागरिक को नुकसान न पहुंचे, इस वजह से संयमित फायरिंग की गई। भारी गोलीबारी के बाद आतंकी म्यांमार की ओर भाग निकले। अभी तक किसी आतंकी के मारे जाने या पकड़े जाने की पुष्टि नहीं हुई है। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार— “हमलावर संभवतः म्यांमार से आए घुसपैठिए थे, जो सीमा क्षेत्र में सक्रिय रहते हैं।” — बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन हमले के बाद इलाके में असम राइफल्स और भारतीय सेना की संयुक्त टीमों ने कंबिंग, कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। सीमा पर अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात कर दी गई हैं ताकि किसी भी संभावित घुसपैठ को रोका जा सके। सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। — कौन हो सकता है हमले के पीछे? अभी तक किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। हालाँकि, सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि इसके पीछे— संयुक्त कुकी नेशनल आर्मी (UNKA) या अन्य सीमा-पार सक्रिय उग्रवादी समूह का हाथ हो सकता है। यह वही क्षेत्र है जहां हथियारों और विस्फोटकों की तस्करी की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं। अगस्त 2025 में इसी इलाके से पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के चार कैडर गिरफ्तार किए गए थे। — सीमा क्षेत्र की चुनौतियाँ बढ़ीं भारत–म्यांमार सीमा की 398 किमी लंबी खुली सीमा चंदेल, तेंगनौपाल, उखरुल और चुराचांदपुर जिलों तक फैली है। यह क्षेत्र लंबे समय से— उग्रवाद तस्करी जातीय तनाव का केंद्र रहा है। म्यांमार में सैन्य उथल-पुथल के बाद सीमा पार से उग्रवादियों की गतिविधियां और बढ़ गई हैं। इसी कारण असम राइफल्स पर इस संवेदनशील इलाके में लगातार दबाव बना हुआ है।— तेंगनौपाल में हुआ यह ताजा हमला सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है और यह संकेत देता है कि सीमा पार से घुसपैठ करने वाले उग्रवादी अब और अधिक सक्रिय हो रहे हैं।
छत्रपति संभाजीनगर में बड़ा खुलासा: फर्जी IAS बनकर रह रही महिला गिरफ्तार, अफगानिस्तान–पाकिस्तान फंडिंग से जुड़ाव
✍️ भागीरथी यादव छत्रपति संभाजीनगर के एक फाइव स्टार होटल में खुद को IAS अधिकारी बताकर ठहर रही एक महिला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी महिला की पहचान 45 वर्षीय कल्पना त्रिंबकराव भागवत के रूप में हुई है, जो पडेगांव के चिनार गार्डन की रहने वाली है। पुलिस जांच में महिला के अफगानिस्तान और पाकिस्तान से गहरे कनेक्शन सामने आने के बाद मामला बेहद गंभीर हो गया है। 🔴 विदेशों से भारी रकम का लेनदेन पुलिस के अनुसार, महिला के बैंक खातों में अफगानिस्तान में रहने वाले उसके बॉयफ्रेंड अशरफ खलील और पाकिस्तान में मौजूद उसके भाई आवेद खलील के खातों से बड़े पैमाने पर रकम ट्रांसफर की गई थी। महिला के मोबाइल फोन से विदेशी नागरिकों के पासपोर्ट, वीज़ा, और भारत आने के आवेदन दस्तावेज़ की कई संवेदनशील तस्वीरें भी बरामद हुईं, जिससे जांच एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। 🔴 फर्जी IAS नियुक्ति पत्र बरामद होटल रूम की तलाशी के दौरान महिला ने शुरू में पुलिस पर रौब दिखाने और पूछताछ से बचने की कोशिश की। लेकिन उसके बैग से UPSC 2017 की फर्जी चयन सूची IAS नियुक्ति पत्र की नकली फोटो कॉपी बरामद होते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में ले लिया। 🔴 ATS और IB की एंट्री, गहन पूछताछ शुरू मामले की गंभीरता को देखते हुए एटीएस (ATS) और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) की टीम भी जांच में शामिल हो गई है। विदेशी फंडिंग, फर्जी दस्तावेज़ और संदिग्ध गतिविधियों को लेकर महिला से लगातार पूछताछ की जा रही है। 🔴 अदालत ने भेजा पुलिस हिरासत में सिडको पुलिस स्टेशन में महिला के खिलाफ केस दर्ज कर उसे कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए महिला को पुलिस हिरासत में भेज दिया है। — यह मामला न सिर्फ फर्जी IAS गिरोह की ओर संकेत करता है, बल्कि भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी नए सवाल खड़े करता है। अफगानिस्तान और पाकिस्तान से होने वाले संदिग्ध फंड ट्रांसफर ने जांच को और गहरा बना दिया है।
नोएडा में प्रेम संबंध का दुखद अंत — युवक ने पीजी में घुसकर प्रेमिका की गोली मारकर हत्या की
✍️ भागीरथी यादव नोएडा, 29 नवंबर 2025 | विशेष रिपोर्ट नोएडा के फेज-2 थाना क्षेत्र स्थित याकूबपुर गांव में शुक्रवार देर रात एक दिल दहला देने वाली वारदात हुई। 25 वर्षीय युवती की उसके प्रेमी ने पीजी में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद पूरा क्षेत्र दहशत और सनसनी से भर गया है। — 🔴 क्या हुआ था रात 11 बजे? युवती सोनू, जो याकूबपुर के एक पीजी में रहती थी और घरेलू सहायिका का काम करती थी, रात करीब 11 बजे अपने कमरे में थी। तभी उसका प्रेमी कृष्णा वहाँ पहुंचा। दोनों के बीच पिछले कुछ दिनों से विवाद चल रहा था, और शुक्रवार की रात दोनों के बीच फिर झगड़ा हुआ। विवाद बढ़ते ही कृष्णा ने नज़दीक से गोली चला दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई! — 🔵 आरोपी फरार, पुलिस ने बनाई 4 टीमें घटना के तुरंत बाद कृष्णा फरार हो गया। डीसीपी सेंट्रल शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि— पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है। आरोपी की तलाश में चार विशेष टीमें गठित की गई हैं। सीसीटीवी फुटेज से पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। — 🔶 प्रेम संबंध और हालिया विवाद बना कारण? जांच में सामने आया कि दोनों पहले एक ही जगह काम करते थे, वहीं से उनका प्रेम संबंध शुरू हुआ। लेकिन कुछ दिनों से उनके बीच तनाव चल रहा था। इसी तनाव ने इस हादसे को जन्म दिया—ऐसा पुलिस को प्राथमिक जांच में पता चला है। — 🛑 इलाके में दहशत का माहौल घटना की सूचना जैसी ही फैली, याकूबपुर गांव में हड़कंप मच गया। लोग देर रात मौके पर जमा हो गए और पीजी के बाहर भारी भीड़ लग गई। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। युवती के परिवार को घटना की जानकारी दे दी गई है। उसी थाना क्षेत्र में कुछ दिन पहले एक किशोर की हत्या भी हुई थी, जिससे लोग पहले ही सहमे हुए थे। — 🔺 पुलिस का दावा — “आरोपी जल्द गिरफ्तार होगा” डीसीपी अवस्थी ने कहा कि तेज़ी से की जा रही कार्रवाई के चलते आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। —
चेन्नई में सुहागरात बना खौफनाक हादसा: दूल्हे की खौफनाक हरकत से दुल्हन मौत के मुहाने पर, हथौड़े से किया जानलेवा हमला
✍️ भागीरथी यादव चेन्नई। तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने विवाह जैसी पवित्र संस्था पर ही सवाल खड़े कर दिए। सुहागरात, जो किसी भी नवविवाहित जोड़े के जीवन का सबसे सुखद पल माना जाता है, वहां एक दूल्हे ने अपनी ही दुल्हन पर जानलेवा हमला कर दिया। वजह—दुल्हन का उसकी “जिद” पूरी करने से इनकार करना। मैट्रीमोनियल साइट पर बनी जोड़ी, सुहागरात पर टूटा कहर पुरासैवक्कम की पार्थसारथी स्ट्रीट निवासी ऑगस्टीन जोशुआ ने 23 नवंबर 2025 को तिरुवल्लूर की 24 वर्षीय युवती से अरेंज मैरिज की थी। पूरे रीति-रिवाजों से दुल्हन का स्वागत हुआ, दोनों परिवार खुश थे। लेकिन रात होते-होते एक ऐसा सच सामने आया जिसने हर किसी को सन्न कर दिया। दुल्हन ने कहा—पहले जान लें एक-दूसरे को, दूल्हा हुआ आगबबूला ऐसी शादी में दुल्हन ने बस इतना चाहा कि शुरुआत बातचीत से हो, रिश्ता समझ से आगे बढ़े। लेकिन दूल्हा जबरन शारीरिक संबंध बनाने पर अड़ा रहा। दुल्हन के इनकार करते ही उसका रवैया अचानक हिंसक हो उठा। वह गुस्से में कमरे से बाहर निकला और कुछ देर बाद हाथ में हथौड़ा लेकर लौटा। हथौड़े से ताबड़तोड़ वार, दुल्हन को मरा समझकर भागा दूल्हा जोशुआ ने दुल्हन पर बेहिसाब वार किए, उसे खून से लथपथ कर दिया। उसे लगा कि वह मर चुकी है, जिसके बाद वह घर से फरार हो गया। सुबह जब परिजनों की नजर बेहोश पड़ी दुल्हन पर पड़ी तो घर में चीख-पुकार मच गई। तत्काल उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी जान बचाई जा सकी। “बिना दहेज शादी” का झांसा, निकला चरित्र का अंधेरा चेहरा होश में आने पर दुल्हन ने बताया कि जोशुआ ने खुद को दहेज विरोधी बताकर शादी की थी, लेकिन शादी के बाद उसका असल चेहरा सामने आया। उसके कई महिलाओं से संबंध थे—जिनमें से एक शादीशुदा और दो बच्चों की मां भी थी। इस घटना के बाद दुल्हन ने साफ कहा कि वह अब उसके साथ नहीं रहना चाहती। पुलिस मामला दर्ज कर जांच में जुटी, आरोपी फरार घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी जोशुआ की तलाश जारी है। इस वारदात ने समाज में सुरक्षा, विश्वास और महिलाओं की गरिमा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। —यह घटना चेतावनी है कि विवाह में ज़बरदस्ती नहीं, सम्मान ही आधार होना चाहिए।
देश में श्रम सुधार की नई पहल: चार नए लेबर कोड लागू, महिलाओं के लिए सुरक्षित और समावेशी कार्य वातावरण पर विशेष जोर
✍️ भागीरथी यादव नई दिल्ली। सरकार ने बीते शुक्रवार को देश के श्रम ढांचे में ऐतिहासिक बदलाव करते हुए चार नए लेबर कोड लागू कर दिए। कोड ऑन वेजेज (2019), इंडस्ट्रियल रिलेशन्स कोड (2020), कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी (2020) और Occupational Safety, Health and Working Conditions (OSHWC) Code (2020) अब कुल 29 पुराने केंद्रीय श्रम कानूनों की जगह लेंगे। इन सुधारों का मुख्य उद्देश्य कार्यस्थलों को अधिक आधुनिक, सरल और प्रभावी बनाना है, विशेषकर महिलाओं के लिए सुरक्षित, न्यायसंगत और लचीला माहौल तैयार करना। महिलाओं की नौकरी में भागीदारी बढ़ाने पर फोकस सरकार का कहना है कि नए लेबर कोड महिलाओं की रोजगार से जुड़ी चुनौतियों को कम करेंगे और उन्हें अधिक अधिकारों व सुरक्षा के साथ काम करने का अवसर देंगे। इंडस्ट्रियल रिलेशन्स कोड के तहत अब हर शिकायत निवारण समिति में महिलाओं का अनुपातिक प्रतिनिधित्व अनिवार्य होगा, जिससे वे कार्यस्थल पर उत्पीड़न, सुरक्षा और विवादों से जुड़े मुद्दों को बेझिझक उठा सकेंगी। मातृत्व सुरक्षा और पेड लीव में बड़ी राहत कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी महिलाओं को अब कम से कम 80 दिन काम करने पर 26 सप्ताह तक का पेड मैटरनिटी लीव प्रदान करता है। इनमें से आठ सप्ताह प्रसव पूर्व लिए जा सकते हैं। गोद लेने वाली और सरोगेसी से मातृत्व प्राप्त करने वाली महिलाओं को भी 12 सप्ताह की छुट्टी का अधिकार मिलेगा। यदि नियोक्ता प्रसव पूर्व/पश्चात चिकित्सकीय देखभाल उपलब्ध नहीं कराता, तो महिलाओं को 3,500 रुपये का मेडिकल बोनस दिया जाएगा। बच्चे के 15 महीने होने तक प्रतिदिन दो बार स्तनपान अवकाश भी मिलेगा। साथ ही, 50 से अधिक कर्मचारियों वाले संस्थानों में क्रेच सुविधा अनिवार्य होगी। वर्क-फ्रॉम-होम और रात की शिफ्ट में काम की अनुमति प्रसव या गोद लेने के बाद, यदि परिस्थितियां अनुकूल हों, तो महिलाएं नियोक्ता की सहमति से वर्क-फ्रॉम-होम कर सकेंगी। OSHWC कोड महिलाओं को सुरक्षा और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होने की शर्त पर रात 7 बजे के बाद और सुबह 6 बजे से पहले काम करने की अनुमति देता है। इससे उन क्षेत्रों में भी महिला रोजगार बढ़ने की उम्मीद है जहां पहले रात की शिफ्ट में काम की अनुमति सीमित थी। समान वेतन और लैंगिक भेदभाव पर सख्ती कोड ऑन वेजेज के तहत भर्ती, वेतन और काम की शर्तों में लैंगिक भेदभाव पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। समान कार्य के लिए समान वेतन महिलाओं का सुनिश्चित अधिकार होगा। केंद्र और राज्य स्तर पर Advisory Boards में एक-तिहाई महिला प्रतिनिधित्व अनिवार्य किया गया है, ताकि वे न्यूनतम वेतन, रोजगार और नीति निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सकें। महिलाओं के लिए रोजगार का नया युग नए लेबर कोड महिलाओं को न केवल सुरक्षित और सम्मानजनक कार्यस्थल प्रदान करते हैं, बल्कि उन्हें मातृत्व, निर्णय लेने, बच्चों की देखभाल और करियर में निरंतरता के लिए मजबूत आधार भी देते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इन सुधारों से महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी बढ़ेगी और भारत की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। सरकार का यह कदम श्रम बाजार को आधुनिक और समावेशी बनाने की दिशा में एक निर्णायक बदलाव माना जा रहा है।
















