
रायपुर। राजधानी में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद कानून-व्यवस्था को और अधिक अभेद्य बनाने के लिए पुलिस ने कमर कस ली है। पुलिस कमिश्नरेट (मध्य जोन) में अपराधों पर लगाम कसने और असामाजिक तत्वों में खौफ पैदा करने के उद्देश्य से एडिशनल डीसीपी तारकेश्वर पटेल के नेतृत्व में एक व्यापक ‘सघन चेकिंग एवं पैदल पेट्रोलिंग अभियान’ चलाया गया।
इन संवेदनशील इलाकों में दबिश
पुलिस की भारी भरकम टीम ने शहर के उन हिस्सों को खंगाला जहां अपराधियों और नशेबाजों के पनपने की शिकायतें मिल रही थीं। इस विशेष अभियान में निम्नलिखित क्षेत्र शामिल रहे:
देवार पारा एवं तेलीबांधा BSUP कॉलोनी
मरीन ड्राइव (तेलीबांधा तालाब)
श्याम नगर और सिविल लाइन क्षेत्र
बड़ी मात्रा में नशीली सामग्री और संदिग्ध वाहन जब्त
चेकिंग के दौरान पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी। संदिग्ध अड्डों से अवैध मादक पदार्थ (गांजा), शराब की बोतलें और भारी मात्रा में नशीली सामग्री बरामद की गई। इसके अलावा:
अड्डेबाजों पर कार्रवाई: सार्वजनिक स्थानों पर जमावड़ा लगाने वाले संदिग्धों की सघन तलाशी ली गई।
यातायात उल्लंघन: बिना नंबर प्लेट के दौड़ रहे वाहनों को तत्काल जब्त कर थाने भेजा गया।
अतिक्रमण पर सख्ती: सड़क किनारे यातायात बाधित करने वाले दुकानदारों को चेतावनी दी गई और दुकानों के बाहर पसरा सामान हटवाया गया।
कमिश्नरेट प्रणाली का असर: 35 अधिकारियों की संयुक्त टीम
यह अभियान न केवल अपराधियों को पकड़ने के लिए था, बल्कि आम जनता में सुरक्षा की भावना जगाने के लिए भी था। एसीपी सिविल लाइन रमाकांत साहू, तेलीबांधा व सिविल लाइन थाना प्रभारियों सहित करीब 35 जवानों और अधिकारियों ने गलियों में पैदल मार्च कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। शराब भट्टियों के पास चाकूबाजी जैसी वारदातों को रोकने के लिए विशेष निगरानी दल तैनात किए गए हैं।
अभियान के मुख्य उद्देश्य:
“हमारा लक्ष्य विजिबल पुलिसिंग के जरिए कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करना है। अपराधियों और नशा करने वालों के विरुद्ध यह कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी ताकि आम नागरिक स्वयं को सुरक्षित महसूस कर सकें।”
— पुलिस प्रशासन, मध्य जोन रायपुर






