
पाली से ज्ञान शंकर तिवारी की रिपोर्ट
पाली। क्षेत्र में पिछले चार दिनों से डेरा जमाए हुए लोनर हाथी ने मंगलवार की रात ऐसा तांडव मचाया कि पूरे इलाके में भय और मातम पसर गया। हाथी के हमले में एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश और दहशत का माहौल है।
मंगलवार की रात ग्राम पोटापानी–सोनाईपुर में हाथी की मौजूदगी से हड़कंप मच गया। जैसे ही हाथी गांव की ओर बढ़ा, ग्रामीणों ने मसाल जलाकर और पटाखे फोड़कर उसे भगाने की कोशिश की। शोर-शराबे के बीच स्थिति तब और भयावह हो गई, जब हाथी अचानक आक्रामक हो उठा और मौके पर मौजूद वन विभाग की टीम को भी दौड़ा लिया। कुछ समय के लिए पूरा गांव दहशत के साये में आ गया।
काफी मशक्कत के बाद वन विभाग और ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से हाथी को गांव की सीमा से बाहर खदेड़ दिया गया। लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन यह राहत कुछ ही घंटों की साबित हुई। गांव से निकलते ही हाथी लीमपानी क्षेत्र की ओर पहुंच गया, जहां उसने एक महिला को कुचल दिया।
हाथी के हमले में जान गंवाने वाली महिला की पहचान फुलसुंदरी पति टीकैत राम (उम्र लगभग 50 वर्ष) के रूप में हुई है। घटना की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं ग्रामीणों में भय के साथ गहरा आक्रोश भी देखने को मिल रहा है।
सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई की गई और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई। वन विभाग द्वारा हाथी की लगातार निगरानी की जा रही है तथा आसपास के गांवों के लोगों को सतर्क रहने की अपील की गई है।
लगातार हो रही हाथी की आवाजाही से ग्रामीण रातें जागकर काटने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि जब तक हाथी को सुरक्षित रूप से जंगल के भीतर नहीं भेजा जाता या कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला जाता, तब तक जान का खतरा बना रहेगा। ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल ठोस और स्थायी कार्रवाई की मांग की है।






