तनेरा के गौरेला डांड में हाथियों का कहर, दो किसानों के मकान उजड़े – बाल-बाल बचे ग्रामीण

 

✍️ सुशील जायसवाल

 

कोरबी चोटिया। ग्राम पंचायत तनेरा में बीते दो सप्ताह से हाथियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है। कटघोरा वन मंडल के पसान रेंज अंतर्गत गौरेला डांड में करीब 54 हाथियों का दल लगातार ग्रामीणों की बस्तियों में घुसकर तबाही मचा रहा है। बीती रात हाथियों ने दो किसानों के कच्चे मकानों को तहस-नहस कर दिया, घर में रखा राशन, बर्तन व अन्य जरूरी सामान नुकसान पहुंचाया, वहीं खेतों की फसलें भी पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं।

 

ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों के हमले से लोग रोज भय के साए में जी रहे हैं। शाम ढलते ही हाथियों का चिंघाड़ सुनाई देने लगता है और वे घनी आबादी में प्रवेश कर जाते हैं।

जिला पंचायत सदस्य विद्वान सिंह पहुंचे प्रभावित क्षेत्र

 

लगातार हो रहे नुकसान और भयभीत ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए जिला पंचायत सदस्य एवं गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के जिला अध्यक्ष विद्वान सिंह मरकाम ने 28 सितंबर को तनेरा गांव का दौरा किया। इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि –

गौरेला डांड में पिछले 10 वर्षों से सामुदायिक भवन निर्माण अधूरा पड़ा हुआ है।

 

मोहल्ले में आठ स्ट्रीट लाइट्स का कार्य भी अधूरा है।

 

हाथियों के गांव में प्रवेश के बाद कई घरों की बिजली कनेक्शन काटे गए हैं।

 

ग्रामीणों ने हाथी प्रभावित मोहल्ले में टॉर्च वितरण की मांग रखी।

 

 

वन विभाग ने दिया आश्वासन

 

वन परिक्षेत्र अधिकारी पसान मनीष सिंह ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि जल्द ही टॉर्च उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही हाथियों से प्रभावित किसानों के प्रकरण तैयार कर उचित मुआवजा राशि दिलाई जाएगी। पिछले 3 वर्षों से लंबित मुआवजा राशि के भुगतान हेतु ग्राम पंचायत तनेरा एवं सरमा की सूची उपलब्ध कराने की भी बात कही गई।

 

ग्रामवासी रहे उपस्थित

 

इस अवसर पर सरपंच प्रतिनिधि सरवन कुमार मरपची, परिक्षेत्र सहायक अयोध्या प्रसाद सोनी, वन रक्षक राम कुमार निषाद, मुरारी साहू, सुरेश यादव सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष ग्रामीण मौजूद रहे।

 

👉 हाथियों का यह उत्पात ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है, जिसे लेकर अब प्रभावित परिवार मुआवजा और स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।

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