बीजापुर – भोपालपटनम विकासखंड के अर्जुनल्ली गांव के पास बहने वाले चिंतावागु नदी में हाल ही में एक अनोखी मछली मिलने से ग्रामीण हैरान है। स्थानीय युवाओं द्वारा मछली पकड़ने के दौरान जाल में फंसी इस मछली की शक्ल-सूरत कुछ अलग ही थी। शरीर पर धारियां बाघ जैसी। जब इसकी तस्वीरें इंटरनेट पर डाली गईं, तो विशेषज्ञों ने इसे ‘प्लेको फिश’ के नाम से पहचाना।
प्लेको फिश, मूल रूप से दक्षिण अमेरिका की निवासी है। इसे अक्सर एक्वेरियम में गंदगी और काई साफ करने के लिए पाला जाता है। मगर यही खूबी जब खुले जल स्रोतों में सामने आती है, तो यह दूसरी मछलियों के लिए एक खतरनाक बन जाती है।
मछली विशेषज्ञों की मानें, तो प्लेको न केवल तेज़ी से फैलती है, बल्कि यह देशी मछलियों के अंडों और भोजन को भी नष्ट कर सकती है। इसके शरीर की बनावट इतनी कठोर होती है कि इसे शिकारी आसानी से नहीं मार सकते। यही कारण है कि यह जलस्रोतों में असंतुलन पैदा कर सकती है।
ऐसी प्रजातियां जब किसी नए पारिस्थितिक तंत्र में प्रवेश करती हैं, तो वे वहां की जैव विविधता को चुनौती देती हैं। अगर समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया, तो आने वाले वर्षों में चिंतावागु जैसी नदियों में देशी मछलियों का अस्तित्व संकट में आने की संभावना बनी रहती है।






