
ज्ञान शंकर तिवारी
कोरबा, 18 मार्च 2026। दीपका-पाली मुख्य मार्ग पर एक बार फिर तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला। ग्राम नुनेरा के पास हुए भीषण सड़क हादसे में एक अनियंत्रित ट्रेलर ने बाइक सवार तीन लोगों को कुचल दिया, जिससे तीनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद ट्रेलर भी पलट गया।
मृतकों की पहचान ओम प्रकाश (30 वर्ष, पिता मंगल सिंह), बृजपाल सिंह (25 वर्ष, पिता सहदेव मरावी) और मंगल सिंह (50 वर्ष, पिता सुखनाथ सिंह) के रूप में हुई है। तीनों ग्राम पोटापानी के निवासी थे और सभी शादीशुदा थे। घटना से उनके परिवारों में मातम पसरा हुआ है।
काम पर जाते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, हादसा सुबह करीब 9 बजे का है। तीनों युवक रोज़ की तरह बाइक से दीपका खदान काम के लिए जा रहे थे। इसी दौरान नुनेरा के पास विपरीत दिशा से आ रहे तेज रफ्तार ट्रेलर ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रेलर बाइक को रौंदते हुए आगे बढ़ा और अनियंत्रित होकर पलट गया। तीनों युवकों के शव क्षत-विक्षत अवस्था में सड़क पर पड़े मिले।
घटना के बाद चक्काजाम, ग्रामीणों में आक्रोश
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा। शवों को पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। इधर, घटना से आक्रोशित ग्राम पोटापानी और आसपास के ग्रामीणों ने दीपका-पाली मार्ग पर चक्काजाम कर दिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस मार्ग पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार पर नियंत्रण नहीं होने के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं। चक्काजाम के चलते सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात पूरी तरह बाधित रहा।
ग्रामीणों की मांगें और प्रशासन का आश्वासन
ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने कई मांगें रखीं, जिनमें—
मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा
सड़क पर गति सीमा तय कर सख्त पालन
खदान क्षेत्र के लिए भारी वाहनों की वैकल्पिक व्यवस्था
सड़क पर स्पीड ब्रेकर और सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग शामिल रही
प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को ₹3,75,000 की सहायता राशि देने की घोषणा की। साथ ही सड़क पर ब्रेकर और सीसीटीवी कैमरे लगाने तथा प्रभावित परिवार के एक सदस्य को संबंधित कंपनी में नौकरी देने पर सहमति जताई।
इसके बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया।
सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल
यह हादसा क्षेत्र में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को लेकर गंभीर चिंता का विषय बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते यातायात व्यवस्था और भारी वाहनों की गति पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो ऐसे हादसे आगे भी होते रहेंगे। प्रशासन के लिए यह घटना एक बड़ी चेतावनी के रूप में देखी जा रही है।






