
✍️ भागीरथी यादव
आक्रोशित संगठनों और नेताओं ने कहा — प्रशासन होश में आए!
कोरबा।
कोरबा नगर की जर्जर सड़कों को लेकर नागरिकों का आक्रोश आज सड़कों पर फूट पड़ा। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत नगर निगम सभापति नूतन सिंह ठाकुर के नेतृत्व में ट्रांसफर नगर चौक में विशाल धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया। शहर के विभिन्न क्षेत्रों से सैकड़ों नागरिक, महिलाएं और युवा बड़ी संख्या में शामिल हुए और जिला प्रशासन व नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने बताया कि कोरबा की सड़कों की बदहाल स्थिति को लेकर कई बार जिला प्रशासन और नगर निगम को ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। प्रशासन की इस लापरवाही के विरोध में आज नागरिकों ने एकजुट होकर विरोध दर्ज कराया है।
धरना स्थल पर छत्तीसगढ़ क्रांति सेना, छत्तीसगढ़ जोहर पार्टी, आम आदमी पार्टी, जिला अधिवक्ता संघ, जिला ऑटो संघ, सिटी मिनी बस यूनियन, भूस्थापित कामगार संगठन, किसान संगठन, कुसमुंडा व्यापारी संघ सहित नगर निगम के कई पार्षद और समाज प्रमुख मौजूद रहे।

धरने को संबोधित करने वालों में पार्षद अब्दुल रहमान, विनम्र तिवारी, टामेश अग्रवाल, श्रीमती प्रीति दिनेश शर्मा, पूर्व पार्षद परमजीत सिंह पप्पी, महेश अग्रवाल, दिनेश सोनी, संतोष कैवर्त, छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के दिलीप मेरी, जोहर पार्टी के सोनू राठौर, जैनेंद्र कुर्रे, श्रीमती चंचल, व्यापारी संघ के ओम गभेल, सुरेंद्र राठौर, आम आदमी पार्टी के आनंद सिंह, शत्रुघ्न साहू, किसान नेता दिलहरण सारथी, जोगीराम पटेल, भूस्थापित कामगार संगठन के अध्यक्ष अशोक कुमार पटेल, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष गणेश कुलदीप, तथा ऑटो संघ के पंकज तिवारी और मिनी बस यूनियन के धनेश्वर साहू शामिल रहे।
सभी नेताओं ने एक सुर में कहा कि कोरबा में हजारों करोड़ रुपए भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहे हैं, शासन की राशि का सही उपयोग नहीं हो रहा है, जिसके कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त और स्थिति बदतर होती जा रही है।
सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने कहा कि “कोरबा के अधिकारी जनप्रतिनिधियों की बात नहीं सुन रहे हैं, शासन के करोड़ों रुपए व्यर्थ खर्च किए जा रहे हैं। आज का धरना प्रशासन को चेताने का शांतिपूर्ण प्रयास है। यदि दिवाली के बाद भी सड़कों की मरम्मत नहीं हुई तो आम नागरिकों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन किया जाएगा।”






