
✍️ भागीरथी यादव
छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की बैठक में आज कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। फैसलों का सीधा लाभ किसानों, आवास योजनाओं के हितग्राहियों और खेल प्रतिभाओं को मिलेगा। साथ ही शासन-प्रशासन में सुशासन और प्रभावी प्रबंधन को बढ़ावा दिया जाएगा। परिषद ने कुल पाँच प्रमुख निर्णय लिए—
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1. खरीफ–रबी में दलहन–तिलहन की खरीद जारी रहेगी, पीएम-आयस्सा (PSS) योजना के तहत मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने तय किया है कि पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (प्राइस सपोर्ट स्कीम – PSS) के तहत दलहन–तिलहन की खरीद की जाएगी।
खरीफ में: अरहर, मूंग, उड़द, मूंगफली, सोयाबीन
रबी में: चना, सरसों, मसूर
समर्थन मूल्य पर खरीद से बाजार में प्रतियोगिता बनी रहती है, जिससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलना संभव होता है।
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2. शासन कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन—सुशासन की दिशा में बड़ा कदम
मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन स्वीकृत किया है।
सार्वजनिक उपक्रम विभाग को वाणिज्य एवं उद्योग विभाग में विलय किया गया।
बीस सूत्रीय कार्यक्रम विभाग को योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग में संविलियन किया गया।
यह निर्णय “मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस” की सोच को मजबूत करेगा।
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3. धान खरीदी के लिए 15,000 करोड़ की गारंटी का पुनर्वेधीकरण, 11,200 करोड़ अतिरिक्त मंजूर
राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए
वर्ष 2024–25 में स्वीकृत 15,000 करोड़ रुपए की शासकीय प्रत्याभूति को 2025–26 के लिए पुनर्वेधित किया गया।
विपणन संघ को 11,200 करोड़ रुपए की अतिरिक्त सरकारी गारंटी भी दी गई।
इससे धान खरीदी व्यवस्था निर्बाध रूप से संचालित हो सकेगी।
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4. आवास योजनाओं में बड़े बदलाव—अविक्रित ईडब्ल्यूएस/एलआईजी भवन अब किसी भी आय वर्ग को बेचे जा सकेंगे
दीनदयाल आवास, अटल आवास, अटल विहार और नवा रायपुर मुख्यमंत्री आवास योजना के नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन किए गए—
(अ) तीन बार विज्ञापन के बाद भी यदि ईडब्ल्यूएस/एलआईजी भवन अविक्रित रह जाते हैं, तो उन्हें किसी भी आय वर्ग के व्यक्ति को बेचा जा सकेगा।
लेकिन ऐसे खरीदारों को सरकारी अनुदान नहीं मिलेगा।
(ब) अविक्रित भवनों को Bulk Purchase के रूप में भी बेचा जा सकेगा—
एकल व्यक्ति, सरकारी/अर्ध-सरकारी या निजी संस्थाएँ एक से अधिक भवन खरीद सकती हैं।
इन खरीदारों को भी अनुदान नहीं मिलेगा।
सरकार ने निर्देश दिया है कि इस प्रावधान का व्यापक प्रचार किया जाए, ताकि अधिक हितग्राही लाभ ले सकें।
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5. नवा रायपुर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ को लीज पर
मंत्रिपरिषद ने शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, नवा रायपुर को दीर्घकालीन संचालन व विकास कार्यों हेतु अनुबंध के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ को लीज पर देने का निर्णय लिया।
इससे—
राज्य के युवा खिलाड़ियों को उत्कृष्ट प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीकी सुविधाएँ मिलेंगी।
छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय–अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की संख्या बढ़ेगी।






