बेमेतरा में देश का सबसे ऊँचा 140 फीट बैम्बू टावर समर्पित, छत्तीसगढ़ बना ‘बांस तीर्थ’—मुख्यमंत्री ने किया ध्वजारोहण

✍️ भागीरथी यादव

 

बेमेतरा जिले के ग्राम कठिया में आज इतिहास रचा गया। “छत्तीसगढ़ बांस तीर्थ संकल्पना सम्मेलन” के तहत 140 फीट ऊँचे भारत के सबसे विशाल बैम्बू टावर का लोकार्पण हुआ। यह आयोजन न केवल बेमेतरा बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव और पहचान का भव्य क्षण बन गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव और कैबिनेट मंत्री श्री दयालदास बघेल की विशेष उपस्थिति ने पूरे माहौल को उत्साह से भर दिया।—

मुख्यमंत्री ने फहराया तिरंगा, कहा—”यह केवल संरचना नहीं, छत्तीसगढ़ की पहचान है”

 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 140 फीट ऊँचे बैम्बू टावर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया और कहा—

“यह टावर छत्तीसगढ़ की परंपरा, कौशल, नवाचार और असीम संभावनाओं का प्रतीक है।”

 

उन्होंने समारोह स्थल पर बनाए गए बांस उत्पाद निर्माण इकाइयों, प्रोसेसिंग सेंटरों और फैक्ट्रियों का निरीक्षण किया तथा कारीगरों से उनकी आजीविका और तकनीकों पर विस्तृत बातचीत की।

मुख्यमंत्री ने बांस रोपण कर पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन और बांस आधारित खेती को बढ़ावा देने की अपील की।

 

उन्होंने कहा कि बांस आधारित उद्योग आज ग्रामीण अर्थव्यवस्था, हस्तशिल्प, एग्रो इंडस्ट्री और आधुनिक निर्माण तकनीक के बड़े स्तंभ बन रहे हैं। राज्य सरकार किसानों, कारीगरों और युवाओं के लिए व्यापक रोजगार के नए अवसर पैदा कर रही है।

उपमुख्यमंत्री अरुण साव—“जल संकट के दौर में किसानों के लिए बांस सबसे मजबूत विकल्प”

 

उपमुख्यमंत्री ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि बेमेतरा जिला वर्षों से पानी की कमी का सामना कर रहा है। ऐसे में बांस की खेती किसानों के लिए आर्थिक मजबूती का नया मार्ग खोल सकती है।

उन्होंने कहा—

“बांस कम पानी में तेजी से बढ़ता है, मिट्टी को संजोता है और आज बाजार में इसकी मांग कई गुना बढ़ चुकी है। किसान पारंपरिक फसलों के साथ इसे अपनाकर अपनी आय दोगुनी कर सकते हैं।”

 

साव ने बताया कि बांस आधारित उद्योग प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोल रहे हैं।

कैबिनेट मंत्री दयालदास बघेल—“धान के विकल्प के रूप में बांस बड़े पैमाने पर लाभदायक”

 

मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि बेमेतरा जैसे जलअभाव वाले क्षेत्रों में बांस की खेती समय की मांग है।

“बांस जल संरक्षण के साथ ग्रामीणों के लिए स्थायी रोजगार पैदा करता है। किसानों को बांस की खेती से आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।”

 

उन्होंने किसानों से बांस के व्यावसायिक उपयोग और आर्थिक लाभों को समझकर इसे अपनाने का आग्रह किया।

कार्यक्रम में जनसमुदाय का उमड़ा सैलाब

 

इस ऐतिहासिक समारोह में

बेमेतरा विधायक दीपेश साहू

कलेक्टर रणबीर शर्मा

एसएसपी रामकृष्ण साहू

रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद रजक

जिलाध्यक्ष अजय साहू

महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री पाशा पटेल

पूर्व विधायक अवधेश चंदेल

तथा बड़ी संख्या में किसान, सरपंच, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण शामिल हुए।

बेमेतरा का यह ‘बांस तीर्थ’ अब छत्तीसगढ़ की पहचान बनकर उभर रहा है—एक ऐसे राज्य के रूप में, जो नवाचार, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के नए अध्याय लिख रहा है।