
✍️ भागीरथी यादव
कोरबा – 17 सितम्बर। बदलते मौसम का असर सबसे ज्यादा छोटे बच्चों पर देखने को मिल रहा है। इन दिनों अचानक मौसम के ठंडा-गर्म होने के कारण बच्चों में सर्दी, खांसी, जुकाम जैसी बीमारियाँ तेजी से फैल रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते इलाज और सावधानी न बरती जाए तो यह मामूली सर्दी-खांसी धीरे-धीरे निमोनिया का गंभीर रूप ले सकती है।
शहर के शासकीय व निजी अस्पतालों में पिछले कुछ दिनों में खांसी-जुकाम और बुखार से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ गई है। चिकित्सकों ने अभिभावकों को सतर्क करते हुए कहा है कि बच्चों को बदलते मौसम से बचाने के लिए उन्हें गर्म कपड़े पहनाएँ, ठंडी चीजों से परहेज कराएँ और किसी भी प्रकार के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि संक्रमण से बचाव के लिए स्वच्छता और पौष्टिक आहार पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। समय रहते सावधानी बरतने से निमोनिया जैसी गंभीर बीमारी से बच्चों को सुरक्षित रखा जा सकता है।
👉 चिकित्सकों की सलाह है कि माता-पिता किसी भी प्रकार की सर्दी-जुकाम को मामूली न समझें। शुरुआती लक्षणों पर तुरंत उपचार कराएँ, ताकि बच्चे गंभीर बीमारी से बच सकें।






