
✍️ भागीरथी यादव
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के जामुल थाना क्षेत्र में पुलिस ने साइबर अपराध के एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त किया है। पुलिस ने ‘म्यूल खातों’ (Mule Accounts) के जरिए अवैध लेनदेन करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह देश के विभिन्न राज्यों में सक्रिय साइबर ठगों को बैंकिंग सुविधाएं मुहैया कराता था।
मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी
19 फरवरी को जामुल पुलिस को सूचना मिली थी कि कुरूद स्थित सीसीएम मेडिकल कॉलेज रोड के पास कुछ संदिग्ध युवक दूसरों के बैंक खातों का उपयोग कर बड़े पैमाने पर संदिग्ध लेनदेन कर रहे हैं। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गुप्ता पीजी मकान के पास घेराबंदी की और चार आरोपियों को हिरासत में लिया।
बरामदगी और तकनीकी साक्ष्य
आरोपियों की तलाशी लेने पर उनके पास से भारी मात्रा में बैंकिंग और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए हैं:
बैंक दस्तावेज: 13 बैंक पासबुक, 7 चेकबुक और 18 एटीएम कार्ड।
इलेक्ट्रॉनिक उपकरण: 4 मोबाइल फोन और 12 सिम कार्ड।
नकद: 5,700 रुपये नगद।
म्यूल अकाउंट के जरिए फैला था जाल
शुरुआती जांच में पता चला है कि यह गिरोह कमीशन के लालच में आम लोगों के बैंक खाते (म्यूल अकाउंट) तैयार करता था। इन खातों का उपयोग साइबर ठगी की रकम को खपाने के लिए किया जाता था।
समन्वय पोर्टल पर जब जब्त खातों की जांच की गई, तो पता चला कि इनके जरिए केरल, कर्नाटक, बिहार और गुजरात में पहले ही साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
पुलिस ने निम्नलिखित आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है:
मोहम्मद अब्दुला राईन उर्फ अमन (24): निवासी छावनी, भिलाई।
हिंमाशू पटेल (31): निवासी सेक्टर-01, भिलाई।
पुट्टा राकेश बाबू (27): निवासी वेस्ट गोदावरी, आंध्र प्रदेश।
शुभम स्वाई (20): निवासी सुंदरगढ़, ओड़िशा।
कानूनी कार्रवाई
आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 317(2), और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस गिरोह के मुख्य सरगनाओं और अन्य राज्यों से जुड़े संपर्कों की तलाश कर रही है।
सावधानी नोट: म्यूल अकाउंट वे खाते होते हैं जिन्हें ठगी की रकम ट्रांसफर करने के लिए किराए पर लिया जाता है। लालच में आकर अपना खाता किसी को उपयोग के लिए न दें, वरना आप भी कानूनी मुश्किल में फंस सकते हैं।






