ग़रीब परिवार से आने वाले युवक ने कंपनी पर वेतन हड़पने का लगाया आरोप, क्षेत्रीय अपर आयुक्त से न्याय की गुहार

✍️ भागीरथी यादव 

 

ग़रीब युवक का वेतन हड़पने का गंभीर आरोप, NTPC विभाग से मिला आश्वासन भी बेअसर—ठेकेदार ने अकाउंट से वापस ले लिए 2,36,629 रुपये

 

बिलासपुर/रायगढ़।

कोरबा दर्री – ग़रीब परिवार से आने वाले और बड़ी मुश्किलों से घर का खर्च चलाने वाले युवक निशांत सिंह ने ग्रीनएजर्स एनवायर सॉल्यूशंस एंड सर्विसेज कंपनी पर वेतन न देने के साथ-साथ भारी आर्थिक शोषण करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। लगातार वेतन न मिलने और भुगतान में मनमानी के बाद निशांत सिंह ने क्षेत्रीय अपर आयुक्त को प्रार्थना पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है।

काम किया, लेकिन वेतन नहीं मिला — उल्टा पैसे वापस ले लिए गए

निशांत सिंह नवंबर 2023 से कंपनी के

150 KLD STP BASED ON MBER TECHNOLOGY AT CISF COLONY, NTPC कोरबा

प्रोजेक्ट में साइट ऑपरेटर के पद पर कार्यरत था।
निशांत का परिवार पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहा है, और वेतन रोक दिए जाने से स्थिति और भी गंभीर हो गई है।

ठेकेदार ने अकाउंट में आए वेतन से भी पैसे वापस ले लिए — कुल 2,36,629 रुपये की कटौती

निशांत ने यह भी आरोप लगाया है कि कंपनी के ठेकेदार ने उसके बैंक अकाउंट में आए वेतन में से कई बार पैसे वापस ले लिए।

इन कटौतियों की कुल राशि ₹2,36,629 है, जो उसके लिए एक बड़ा आर्थिक नुकसान है।

निशांत के अनुसार—

 

> “मेहनत करने के बाद भी पूरा वेतन नहीं मिला। उल्टा मेरे खाते से बार-बार पैसे वापस ले लिए गए। यह खुली धोखाधड़ी है।”

निशांत ने इसके प्रमाण के तौर पर बैंक स्टेटमेंट और लेन-देन विवरण भी अधिकारियों को उपलब्ध कराए हैं।

NTPC के डीजीएम से फोन पर बात — कॉल रिकॉर्ड भी मौजूद

 

वेतन न मिलने पर निशांत ने NTPC O&M सिविल विभाग के डीजीएम सुजीत कुमार से फोन पर बात की थी।

फोन वार्ता के दौरान डीजीएम ने सहानुभूति जताते हुए कहा था कि—

> “अक्टूबर का वेतन दिला दिया जाएगा।”

लेकिन अब तक निशांत को एक भी महीने का पूरा वेतन नहीं मिला।

निशांत के पास इस बातचीत का कॉल रिकॉर्ड भी मौजूद है, जिससे उसका दावा और मजबूत होता है।

कंपनी पर लगातार धोखाधड़ी का आरोप

निशांत का कहना है कि कंपनी के अधिकारी झूठे बहाने बनाकर भुगतान टालते रहे।

उसने UPI रिकॉर्ड, बैंक स्टेटमेंट, चैट और कॉल रिकॉर्ड को प्रमाण के रूप में पेश किया है।